मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की एक और उपलब्धि: छत्तीसगढ़ बना देश में जीएसटी राजस्व वृद्धि दर में अग्रणी राज्य

रायपुर-  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने कुल ₹16,390 करोड़ का जीएसटी राजस्व संग्रह कर देशभर में सबसे अधिक 18 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को जीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर स्थापित करती है। इस क्रम में महाराष्ट्र 16% और तमिलनाडु 15% की वृद्धि दर के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

मार्च 2025 में पहली बार ₹2000 करोड़ से अधिक का मासिक संग्रह

मार्च 2025 में छत्तीसगढ़ को SGST मद में ₹1,301.09 करोड़ की प्राप्ति हुई, जो कि मार्च 2024 की तुलना में 72 प्रतिशत अधिक है। यह पहली बार है जब राज्य ने SGST संग्रह में ₹1000 करोड़ का आंकड़ा पार किया है।

मार्च 2025 में ही IGST मद में ₹756.73 करोड़ प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार मार्च 2025 में कुल जीएसटी संग्रह ₹2,057.82 करोड़ रहा, जो मार्च 2024 के ₹1,443.66 करोड़ की तुलना में 43 प्रतिशत की प्रभावशाली मासिक वृद्धि दर्शाता है। जीएसटी आने के बाद छत्तीसगढ़ ने पहली बार एक माह में कुल जीएसटी राजस्व में 2000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया है।

बेहतर प्रशासन, तकनीक का समावेश और सतत निगरानी से मिली ऐतिहासिक सफलता

यह उल्लेखनीय प्रगति राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर वाणिज्यिक कर विभाग में किए गए व्यापक सुधार, नवाचार और नई कार्यसंस्कृति का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वाणिज्यिक कर मंत्री ओ. पी. चौधरी के मार्गदर्शन में विभाग ने जीएसटी प्रशासन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने हेतु निर्णायक कदम उठाए हैं।

नॉन-फाइलर्स पर नियंत्रण

रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों की निरंतर निगरानी एवं संवाद के माध्यम से अनुपालना दर में बड़ा सुधार हुआ है। नॉन-फाइलर्स की संख्या 15 प्रतिशत से घटकर मात्र 6 प्रतिशत रह गई है।

फर्जी पंजीकरण की जांच

28,000 से अधिक व्यवसायों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिनमें से 4, 252 फर्मों, जो कुल फर्मों का लगभग 15% है, को फर्जी पाया गया। इससे कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगा और कर अनुपालना में वृद्धि हुई।

डेटा एनालिटिक्स आधारित कार्रवाई

वर्षभर में डेटा एनालिटिक्स के आधार पर 313 मामलों में लेखा पुस्तकों की जांच कर ₹45.13 करोड़ की वसूली की गई।

वहीं, 77 प्रतिष्ठानों की तलाशी/निरीक्षण से ₹47.35 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई।

सेक्टर विश्लेषण और इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय

जीएसटी विभाग द्वारा सेक्टर आधारित विश्लेषण और इंटर डिपार्टमेंटल डेटा का उपयोग करते हुए 49 संभावित कर अपवंचन क्षेत्रों की पहचान की गई जिससे ₹101 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया।

सरकारी विभागों से बेहतर अनुपालन

मार्च 2025 में किए गए विशेष प्रयासों के तहत शासकीय विभागों द्वारा जीएसटीआर-7 रिटर्न दाखिल करवाकर इनके सप्लायर्स से ₹37 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व एकत्रित किया गया।

व्यापक व्यापारी संपर्क अभियान

राज्य भर में ऐसे 36,847 व्यापारियों से संपर्क किया गया, जिन्होंने या तो शून्य रिटर्न दाखिल किया था या व्यवसाय में नकारात्मक वृद्धि दर्शाई थी, जिससे कर अनुपालन में बढ़ोतरी सुनिश्चित हुई। इन सभी ठोस और तकनीक आधारित उपायों का प्रत्यक्ष परिणाम है कि छत्तीसगढ़ आज देश में जीएसटी वृद्धि में शीर्ष स्थान पर है।

भविष्य के लिए डिजिटल और एआई-आधारित रणनीति तैयार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के मार्गदर्शन में जीएसटी विभाग अब डिजिटल ट्रैकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली और उन्नत अनुपालन तंत्र को लागू कर, आने वाले वर्षों में भी छत्तीसगढ़ को देश में अग्रणी स्थिति में बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

"छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर आधारित सुशासन की पहचान है। हमारी सरकार ने टैक्स प्रशासन को जनकेंद्रित और टेक्नोलॉजी-संचालित बनाकर यह सिद्ध किया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो राजस्व भी बढ़ता है और विश्वास भी। हम इसी गति को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का मॉडल बनाएंगे।"

विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की कमी, बढ़ सकते हैं इन रोगों के मरीज, डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लिखा

रायपुर-  हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कमी है. इस समस्या को दूर करने एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (एएचपीआई) छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य सचिव, संचालक एवं मुख्य औषधि नियंत्रक को पत्र लिखा है. डॉ. गुप्ता ने कहा, हेपेटाइटिस बी के संक्रमण को रोकने का वैक्सीन ही एकमात्र विकल्प है. वैक्सीन की कमी से छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में क्रोनिक लिवर रोग और लिवर कैंसर के मरीजों में वृद्धि हो सकती है. उन्होंने इस गंभीर विषय को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में भी लाया है.

एएचपीआई छत्तीसगढ़ चैप्टर के महासचिव अतुल सिंघानिया ने बताया कि इस विषय पर डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य सचिव आईएसएस अमित कटारिया, स्वास्थ्य संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ल और मुख्य औषधि नियंत्रक को पत्र लिखा है. उन्होंने हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की भारी कमी की वजह से सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए उत्पन्न हो रहे बड़े जोखिम से अवगत कराया है और इसका तत्काल समाधान निकालने की मांग की है.

पत्र में डॉ. गुप्ता ने लिखा है कि यह वैक्सीन हेपेटाइटिस बी के संक्रमण को रोकने का एकमात्र विकल्प है, विशेषकर नवजात शिशुओं, स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों जैसे उच्च जोखिम वाले समूहों में. संक्रमित माताओं से नवजात शिशुओं में हेपेटाइटिस बी के संक्रमण को रोकने के लिए टीका महत्वपूर्ण है. नवजात बच्चों को जीवन में क्रोनिक लिवर रोग विकसित होने का खतरा होता है. संक्रमित रक्त और शारीरिक तरल पदार्थों के लगातार संपर्क में रहने के कारण स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को हेपेटाइटिस बी होने का जोखिम अधिक होता है. हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन उनकी पहुंच में न होने से न केवल उनका स्वास्थ्य जोखिम में पड़ता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का समग्र कार्य भी प्रभावित होता है.

उच्च जोखिम वाले व्यक्ति डायलिसिस कराने वाले, किडनी की बीमारी वाले व्यक्तियों और अक्सर रक्त या शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने वाले लोगों को भी हेपेटाइटिस बी होने का जोखिम अधिक होता है. इस कारण इन उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों में व्यापक संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है. डॉ. गुप्ता के अनुसार यदि हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की कमी जारी रहती है तो छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में क्रोनिक लिवर रोग और लिवर कैंसर के मरीजों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है. ये दोनों ही बीमारियां उच्च मृत्यु दर के साथ प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियां है, जिनका समाधान एक प्रमुख हेपेटाइटिस बी है. स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बढ़ते बोझ के कारण उपचार लागत, अस्पताल में भर्ती होने और अधिक उन्नत चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता हो सकती है. इसके अतिरिक्त संक्रमण में वृद्धि होने की वजह से पहले से ही मरीजों का अत्यधिक दबाव झेल रही स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर और अधिक दबाव डाल सकती है.

डॉ. गुप्ता ने कहा कि वैक्सीन उत्पादन और वितरण में तेजी लाने, कमजोर और उच्च जोखिम वाले समूहों तक वैक्सीन की पहुंच को प्राथमिकता देने जैसे कदम उठाने से इस समस्या का समाधान हो सकता है. डॉ. गुप्ता ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और राष्ट्र के समग्र कल्याण के सर्वोत्तम हित में हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की इस कमी को सर्वोच्च प्राथमिकता में हल करने का अनुरोध उच्चाधिकारियों से किया है. बता दें कि एएचपीआई के राष्ट्रीय डायरेक्टर जनरल डॉ. गिरिधर ज्ञानी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को को पत्र के माध्यम से इस संबंध में अवगत कराया है, जिससे विषय की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

रायपुर: ट्रेन पटरी से उतरी… हावड़ा-मुंबई मेन लाईन बाधित

रायपुर-  रायपुर के उरकुरा में मालगाड़ी के पटरी से की खबर है. हादसे के बाद रायपुर रेल मंडल के अधिकारी मौके पर पहुंच रहे है. रेलवे के सूत्रों के मुताबिक हादसा हावड़ा-मुंबई मेन लाईन 823/25 (किलोमीटर क्रमांक) के पास होना बताया जा रहा है. रायपुर रेल मंडल के अधिकारियों ने इस डिरेलमेंट की पुष्टि की है. हालांकि इस कारण से कौन-कौन से ट्रेनें प्रभावित होगी ये अधिकारी अभी स्पष्ट नहीं कर रहे है.

रायपुर रेल मंडल से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उरकुरा आरएसडी मेन लाइन पर मालगाड़ी के दो खाली वैगन बीएटीपी पटरी से उतरे. रायपुर रेल मंडल ने तत्परता से रेल लाइन चालू कर दी गई. अधिकारियों के मुताबिक ये डिरेलमेंट 15 .23 बजे हुई. आंशिक समय के लिए अपलाइन की गाड़ियों को बिलासपुर में नियंत्रित किया गया.

16.30 बजे मिडिल लाइन से ट्रेनों का परिचालन चालू कर दिया गया, रेलवे ने दावा किया है कि यात्री गाड़ियों की सुविधा प्रभावित नहीं हुई है यात्री गाड़ियों का आवागमन जारी है. वहीं तत्काल मौके पर अपर मंडल रेल प्रबंधक बजरंग अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधन अवधेश कुमार त्रिवेदी ने घटनास्थल का जायजा लिया.

वक्फ बोर्ड कानून पर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती का बयान, कहा- मोदी सूझबूझ वाले नेता हैं, सोच-समझकर फैसले लेते हैं

रायपुर- पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती बीते दो दिनों से रायपुर प्रवास पर हैं. यहां पर आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल और धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूझबूझ वाले नेता हैं और सोच-समझकर फैसले लेते हैं. मुस्लिम समुदाय को धन और संपत्ति की कमी न हो, इसके लिए उन्हें वक्फ बोर्ड के माध्यम से सुविधाएं दी गई हैं, लेकिन वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को सबके लिए बराबर देखा जाए.

वहीं धर्मांतरण पर सख्त रुख अपनाते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म को सही से समझ लिया जाता, तो धर्मांतरण जैसी समस्या कभी उत्पन्न नहीं होती. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण का सीधा अर्थ हिंदू धर्म को समाप्त करना है और यह हिंदुओं की दुर्बलता का परिणाम है.

शंकराचार्य ने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में ऐसे मुख्यमंत्री भी हुए हैं, जिन्होंने हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाने की भावना से अन्य क्षेत्रों के मुसलमानों को बसाने का कार्य किया. उन्होंने राजनीति को सत्ता का लोभ बताते हुए कहा कि आज के कई राजनेताओं को राजनीति की सही परिभाषा तक नहीं मालूम. उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को दूषित करार दिया और इसे सुधारने की आवश्यकता जताई.

रायपुर नगर निगम के 9 जोन में अध्यक्षों का चुनाव कल, दोपहर 12 बजे से शुरू होगी प्रक्रिया

रायपुर- नगर निगम रायपुर के 9 जोन में अध्यक्षों का कल यानी 3 अप्रैल को चुनाव होगा. निगम मुख्यालय के सामान्य सभा सभागार में दोपहर 12 बजे से इसके लिए कार्रवाई शुरू होगी. निगम आयुक्त विश्वदीप ने निर्वाचन के लिए निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी को नियुक्त किया है. निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने के बाद संविक्षा की जाएगी. संविक्षा सही पाए जाने पर अभ्यर्थियों के नाम का प्रकाशन किया जाएगा. इसके बाद अभ्यर्थियों के पास 12:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे. 1 बजे से 1: 30 बजे तक मतदान होगा. तत्काल बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा की जाएगी.

छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 48 (क) के अंतर्गत्त नगर पालिक निगम रायपुर की 10 वार्ड समितियों में से जोन क्रमांक 2 को छोड़कर वार्ड समिति (जोन) अध्यक्ष का निर्वाचन 3 अप्रेल 2025 की समस्त कार्यवाही के लिए नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी अपर आयुक्त द्वय पंकज के. शर्मा और विनोद पांडेय के निर्देशन पर्यवेक्षण में निर्वाचन की कार्यवाही संपन्न करवाने का आदेश जारी किया है. आदेश के अनुसार वार्ड समिति जोन क्रमांक 01 के लिए जोन 01 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 03 के लिए जोन 03 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 04 के लिए जोन 04 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक के लिए जोन 05 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 06 के लिए जोन 06 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 07 के लिए जोन 07 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 08 के लिए जोन 08 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 09 के लिए जोन 09 आयुक्त एवं वार्ड समिति जोन क्रमांक 10 के लिए जोन 10 आयुक्त को निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है.

वार्ड समिति के अध्यक्ष के निर्वाचन की कार्यवाही नगर पालिक निगम रायपुर महात्मा गांधी सदन मुख्यालय के चतुर्थ तल स्थित सामान्य सभा सभागार में कराया जाना है. आदेशित किया गया है कि निर्वाचन की तारीख समय एवं स्थान की सूचना जोन अंतर्गत आने वाले वार्डो के निर्वाचित पार्षदों को दी जाए. साथ ही सर्वसाधारण की जानकारी के लिए सूचना पटल पर चस्पा किया जाए.

छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 48 (क) के अंतर्गत वार्ड समिति के जोन अध्यक्ष के विहित रीति से निर्वाचन के लिए अनुसूची अनुसार निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 3 अप्रैल 2025 को दोपहर 12 बजे निगम मुख्यालय के सामान्य सभा सभागार में वार्ड समिति के जोन अध्यक्ष के लिए निर्वाचन की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी. दोपहर 12 बजे से 12: 15 बजे तक नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किया जाएगा. दोपहर 12:15 बजे से 12:45 बजे तक प्रस्तुत नाम निर्देशन पत्रों की संविक्षा और सही पाए गए नाम निर्देशन अभ्यर्थियों के नाम प्रकाशन होगा. दोपहर 12:45 बजे से 1:00 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ले सकेंगे. इसके बाद दोपहर 1 बजे से 1: 30 बजे तक मतदान (यदि आवश्यक हो) तत्काल बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा होगी. साथ ही कार्रवाई वृत्त का लेखन किया जाएगा.

शराब घोटाला: कोर्ट ने EOW का आवेदन किया मंजूर, 7 अप्रैल तक कस्टोडियल रिमांड पर रहेंगे पूर्व आबकारी मंत्री लखमा

रायपुर- छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ के शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम पूछताछ करेगी। बीते मंगलवार को EOW ने विशेष कोर्ट में लखमा के प्रोडक्शन वारंट की मांग करते हुए आवेदन दायर किया था, जिसे मंजूरी मिल गई। कोर्ट ने लखमा को 7 अप्रैल तक कस्टोडियल रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है।

बता दें कि कस्टोडियल रिमांड के दौरान लखमा से शराब घोटाले के विभिन्न पहलुओं पर गहन पूछताछ होगी। सूत्रों के मुताबिक, उनसे मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्धों को भी जल्द तलब किया जा सकता है। EOW और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस घोटाले की परतें खोलने में जुटे हैं, जिससे कई और बड़े नाम सामने आने की संभावना है। मामले में आगे क्या खुलासे होते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

इससे पहले कोर्ट ने EOW को 19 और 20 मार्च को पूछताछ करने के इजाजत दी थी, जिसके बाद आशंका जताई जा रही थी की ईओडब्ल्यू कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है।

सचिन पायलट ने की लखमा से मुलाकात

गौरतलब है कि बुधवार यानी 19 मार्च को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर कवासी लखमा से मुलाकात की। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विधायक देवेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ में रेलवे भर्ती और प्रशिक्षण को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की प्राथमिकता

रायपुर-  छत्तीसगढ़ में रेलवे में रिक्त पदों पर भर्ती और नए नियुक्त कर्मचारियों के तकनीकी प्रशिक्षण हेतु विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का महत्वपूर्ण मुद्दा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रेल मंत्री से भारतीय रेलवे, विशेषकर छत्तीसगढ़ में रिक्तियों की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी। साथ ही, उन्होंने इन रिक्तियों को भरने की समय-सीमा और नए भर्ती कर्मियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाया।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब देते हुए बताया कि भारतीय रेलवे में भर्ती एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें परिचालनिक और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाता है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 प्रतिबंधों में ढील देने के बाद रेलवे ने दो प्रमुख परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसमें 2.37 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया और 1,30,581 अभ्यर्थियों की भर्ती की गई।

रेल मंत्री ने बताया कि केंद्र में कांग्रेस के 10 वर्ष के कार्यकाल (2004-2014) में 4.11 लाख भर्तियां हुई थीं, वहीं भाजपा के 10 वर्ष के शासनकाल (2014-2024) में 5.2 लाख भर्तियां हुई हैं।

रेल मंत्रालय ने 2024 से समूह 'ग' पदों की भर्ती के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी। रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य या क्षेत्र के उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता नहीं दी जाती और न ही भर्ती प्रक्रिया को किसी राज्य तक सीमित किया जाता है।

इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में रेलवे कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बिलासपुर स्थित क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान और रायपुर, मिलाई, बिलासपुर, उसलापुर में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण केंद्र रेलवे कर्मचारियों की दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, तकनीकी कौशल को उन्नत करने के लिए पुनश्चर्या और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा, “छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रेलवे में रोजगार और उनके प्रशिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। रेलवे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता आवश्यक है ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उचित अवसर मिल सके। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत हूं कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को रेलवे में रोजगार के अधिक अवसर मिलें और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण प्राप्त हो।”

छत्तीसगढ़ में रेलवे भर्ती और प्रशिक्षण के लिए आवश्यक संसाधनों को सुदृढ़ करने के प्रयास जारी रहेंगे। इस दिशा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रेलवे मंत्रालय से विशेष ध्यान देने की अपील की है ताकि राज्य के युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

नक्सलियों ने शांति वार्ता के लिए जारी किया पत्र, गृहमंत्री शर्मा बोले – सरकार बातचीत करने तैयार

रायपुर- छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान को लेकर सरकार पूरी गंभीरता से प्रयासरत है. उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की सार्थक वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते कि इसके लिए कोई शर्त न हो. उन्होंने कहा कि यदि नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत के लिए इच्छुक हैं तो उन्हें अपने प्रतिनिधि और वार्ता की शर्तों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना होगा.

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वार्ता का स्वरूप आईएसआईएस जैसी किसी कट्टरपंथी विचारधारा की तर्ज पर नहीं हो सकता. यदि कोई चर्चा करना चाहता है तो उसे भारतीय संविधान की मान्यता स्वीकार करनी होगी. अगर संविधान को नकारते हैं और समानांतर व्यवस्था थोपने की कोशिश करते हैं तो वार्ता का कोई औचित्य नहीं रहता.

सरकार की नीति स्पष्ट – आत्मसमर्पण करें, पुनर्वास पाएं

उपमुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है. जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें इस नीति के तहत सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे. सरकार चाहती है कि जो लोग भटके हुए हैं, वे समाज में वापस आएं और एक व्यवस्थित जीवन जीएं.

संविधान का हर गांव में क्रियान्वयन

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते 1 से डेढ़ वर्षों में 40 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है, जहां पहले तक नक्सली कानून थोपने की कोशिश करते थे. उन्होंने कहा कि अब राज्य के सभी गांवों में तिरंगा लहराना और भारतीय संविधान का पालन करना अनिवार्य है. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यदि नक्सली वार्ता को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें अपनी ओर से वार्ता के लिए समिति बनानी चाहिए. अब यदि वे बातचीत करना चाहते हैं तो उन्हें स्पष्ट प्रस्ताव के साथ आगे आना होगा. शर्मा ने कहा कि सरकार का रुख साफ है, बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन हिंसा और खूनखराबे पर कोई समझौता नहीं होगा. नक्सलियों को हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करना होगा, तभी कोई सार्थक समाधान संभव है.

बता दें कि माओवादियों ने पत्र जारी कर संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों ने यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया है.

वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लोकसभा में हुआ पेश, मुस्लिम समुदाय में उत्साह, पटाखे फोड़कर जताई खुशी…

रायपुर-  वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा में पेश होने पर मुस्लिम समुदाय में काफी उत्साह देखा गया. समुदाय के लोगों ने घड़ी चौक पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. लोगों ने पटाखे फोड़कर एक-दूसरे को बधाई दी और कहा कि अल्पसंख्यकों के हित में यह एक बड़ा कदम है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए. साथ ही, उन्होंने विरोध करने वालों को कांग्रेसी मानसिकता का बताया और मोदी जी के समर्थन में नारे लगाए.

बीजेपी प्रवक्ता तौकीर रजा ने जानकारी देते हुए कहा कि सभी इस बिल के समर्थन में हैं, जबकि कांग्रेस इसका विरोध कर रही है. वे लोग नहीं चाहते कि ऐसा कठोर बिल बने, वे विपरीत माहौल बनाने के लिए इस बिल का विरोध कर रहे हैं. जब यह कानून बनेगा, तब उसकी स्थिति अलग होगी.

जो लोग पहले कानून का मजाक बनाते थे, उनके लिए मोदी जी ने इस बिल के जरिए एक सख्त कदम उठाया है. अतिक्रमण कर जमीनों पर कब्जा जमाने वालों को हटाने की कोशिश प्रधानमंत्री मोदी ने की है, और इसी उद्देश्य से वक्फ का यह बिल लाया गया है. राजस्व मामलों में कलेक्टर से बेहतर कोई नहीं समझ सकता, इसलिए इस बिल में उनकी भूमिका अहम होगी.

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए दो महिलाओं को समिति में शामिल करने का निर्णय स्वागत योग्य है. इसके अलावा, सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को भी इस बिल में शामिल किया गया है. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई थी, लेकिन उन्होंने इसे लागू करने की कोई कोशिश नहीं की. आज पीएम मोदी जो कहते हैं, वह कर के दिखाते हैं. 

हमारा नारा “सबका साथ, सबका विश्वास” इसी भावना को चरितार्थ करता है, और विकास की गाथा लिखने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस ने कभी भी अल्पसंख्यकों की शिक्षा और विकास के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए, लेकिन इस बिल का छत्तीसगढ़ में सभी ने स्वागत किया है.

डॉ. जाऊलकर अस्पताल का ये खेल आया सामने, मिला नोटिस

रायपुर- बड़े शॉपिंग कॉम्पलेक्स में पार्किंग की व्यवस्था पर सख्ती बरतते हुए नगर निगम अब जुर्माने के साथ ही व्यवस्था बहाल करने के लिए काम्पलेक्स मालिक व संचालकों को अल्टीमेटम दे रहा है. इसी अभियान के चलते चौबे कॉलोनी एरिया में स्थित डॉक्टर जाऊलकर द्वारा अपनी बिल्डिंग की पार्किंग में स्प्राउट हॉउस कैफे खोल दिया है. इसे संज्ञान में लेते हुए जोन कमिश्नरी ने एक दिन का अल्टीमेटम देकर उन्हें पार्किंग सुनिश्चित करने कहा है. वहीं समता कालोनी मुख्य मार्ग में 5 दुकानों बीकानेर स्वीट्स, गोली फास्ट फूड, अपना मार्ट, जूसी फैक्ट्री और पोहे वाला को पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सीलबंद कर दिया गया.

अभी शहर के चारों विधानसभा क्षेत्र में से केवल पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में विधायक राजेश मूणत की फटकार के बाद निगम का अमला हरकत में आया. इसी के चलते जोन 7 कमिश्नरी ने समता-चौबे कॉलोनी मेन रोड में सघन अभियान शुरू किया है. इसी प्रकार सुलभ दुग्ध भण्डार को पार्किंग की व्यवस्था अल्टीमेटम दिया और रोड की दूसरी ओर की दुकानों को भी पर्किंग व्यवस्था करने जोन 7 ने नोटिस दिया है. इसी प्रकार सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए कटोरा तालाब में पोहा पॉइंट दुकान को गन्दगी फैलाने पर तत्संबंधित दुकान के संचालक पर 5 हजार रुपए का जुर्माना किया और उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी गई.