झारखंड के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के काफिले में होगी अब स्कोडा सुपर्ब जानिये कितनी है कीमतें
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के पास अब नई गाड़ियां होगी। जानकारी के मुताबिक मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के सुरक्षा काफिले में नई गाड़ियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में पदवर्ग समिति द्वारा की गई अनुशंसा को मंजूरी मिल गई है।
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मुख्य सचिव की नई सवारी – स्कोडा सुपर्ब
जानकारी के मुताबिक झारखंड की मुख्य सचिव अब नई स्कोडा सुपर्ब की सवारी करेंगी। यह प्रीमियम सेडान आधुनिक सुविधाओं से लैस है और इसकी कीमत करीब 62.67 लाख रुपये बताई जा रही है।इसके अलावा, मुख्य सचिव के काफिले में दो नई महिंद्रा बोलेरो टॉप मॉडल को भी शामिल किया जाएगा। इन दोनों गाड़ियों की कुल कीमत लगभग 12.50 लाख रुपये प्रति गाड़ी होगी। इन वाहनों का उपयोग प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाएगा ताकि सरकारी अधिकारियों की आवाजाही को सुगम बनाया जा सके।
पदवर्ग समिति की सिफारिशें
इन गाड़ियों की खरीद का प्रस्ताव पदवर्ग समिति द्वारा दिया गया था, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्य सचिव करती हैं। इस समिति में वित्त सचिव, कार्मिक सचिव, विकास आयुक्त और योजना विकास सचिव भी शामिल हैं। समिति ने इन नई गाड़ियों की अनुशंसा सरकारी प्रशासन को अधिक कुशल बनाने के उद्देश्य से की है।
सीएम की सुरक्षा में शामिल होगी टोयोटा कैमरी
मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उनके काफिले में नई टोयोटा कैमरी को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। यह गाड़ी सुरक्षा के लिहाज से बेहतरीन मानी जाती है और इसकी कीमत करीब 54.61 लाख रुपये बताई जा रही है। सरकार की योजना के अनुसार, सुरक्षा काफिले में पुरानी गाड़ियों को हटाकर आधुनिक और सुरक्षित वाहनों को शामिल किया जाएगा।
पुरानी गाड़ियों की नीलामी
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि जो भी वाहन रद्दीकरण के योग्य माने जाएंगे, उन्हें नीलामी प्रक्रिया के तहत बेचा जाएगा और उससे प्राप्त धन कोषागार में जमा किया जाएगा। नीलामी की प्रक्रिया जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। यदि कोई वाहन जेम पोर्टल पर सूचीबद्ध नहीं होता है, तो झारखंड प्रोक्योरमेंट ऑफ गुड्स एंड सर्विस मैनुअल के तहत वित्त विभाग द्वारा खरीद प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
मंत्रिमंडल सचिवालय के लिए टोयोटा वेलफायर
इसके अतिरिक्त, झारखंड सरकार ने टोयोटा वेलफायर वाहन की खरीद की भी अनुशंसा की है। यह एक प्रीमियम एमपीवी है, जिसकी कीमत करीब 1.38 करोड़ रुपये से शुरू होती है। इस वाहन को मंत्रिमंडल सचिवालय के लिए खरीदा जाएगा ताकि महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों को अधिक सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
सरकार का उद्देश्य
झारखंड सरकार द्वारा इन वाहनों की खरीद का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को तेज, प्रभावी और सुरक्षित बनाना है। नई गाड़ियों की खरीद से सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा दलों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और उनकी आवाजाही अधिक सुगम होगी। साथ ही, पुराने वाहनों की नीलामी से सरकारी खजाने को भी लाभ होगा।
सरकार का यह कदम राज्य में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और आधुनिक सुरक्षा उपायों की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
Apr 01 2025, 11:09