हजारीबाग: कोर्रा थाना क्षेत्र में दो छात्रों की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका।

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हजारीबाग जिले के कोर्रा थाना क्षेत्र में बीते दो दिनों में दो छात्रों की मौत की घटनाओं से सनसनी फैल गई है। वहीं, चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के तेलियाडीह गांव में 24 घंटों के भीतर हुई दो दर्दनाक घटनाओं ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।

पहली घटना में गांव के युवक सोनू का क्षत-विक्षत शव जबरा पार्क के पास तालाब से बरामद हुआ था। इस घटना का गम अभी ताजा ही था कि अब उसी गांव के छात्र श्रवण कुमार ने हजारीबाग के धोबिया तालाब स्थित एक लॉज में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

सूत्रों के अनुसार, श्रवण कुमार हजारीबाग में रहकर डिफेंस की तैयारी कर रहा था और हाल ही में होली की छुट्टियां मनाकर गांव से लौटा था। मंगलवार को उसका शव लॉज में फंदे से झूलता मिला, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

श्रवण कुमार की मौत को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि वह आत्महत्या नहीं कर सकता। वहीं, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

गांव में दहशत और आक्रोश

एक ही गांव के दो छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत है। परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत प्रमंडल स्तरीय पीएमएफ़एमई महोत्सव का किया गया आयोजन।


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हजारीबाग के कर्ज़न ग्राउंड में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत प्रमंडल स्तरीय महोत्सव का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड सरकार के उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने किया।

इस महोत्सव में 14 जिलों की 80 से अधिक वित्त पोषित इकाइयों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। मंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करना है।

उपायुक्त नैन्सी सहाय ने इसे उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर बताया। योजना के तहत 10 लाख तक की सब्सिडी, 40,000 रुपये की प्रारंभिक पूंजी, और बैंक ऋण सुविधा उपलब्ध है। अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।

झारखंड विधानसभा में शिक्षा और पर्यावरण पर हंगामा, विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से मांगा जवाब

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झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रदीप प्रसाद ने शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कोचिंग संस्थानों की अनियमितता और वन संरक्षण की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि झारखंड में हजारों कोचिंग संस्थान बिना सरकारी मान्यता के संचालित हो रहे हैं और छात्रों से मनमाने तरीके से फीस वसूल रहे हैं। सरकार ने दिशा-निर्देश बनाने की बात कही, लेकिन विधायक ने पूछा कि आखिर इन्हें लागू कब किया जाएगा?

वन संरक्षण के मुद्दे पर भी विधायक ने सवाल उठाए कि झारखंड में जंगलों का क्षेत्रफल लगातार क्यों घट रहा है? सरकार ने 96 लाख पौधे लगाने की बात कही, लेकिन विधायक ने इसे आँकड़ों की बाजीगरी बताया।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भाजपा सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।

केरेडारी: शमशान घाट पर विवाद गहराया।


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हज़ारीबाग: केरेडारी प्रखंड के चट्टी बरियातू पंचायत के बरियातू गांव में शमशान घाट को लेकर विवाद अब सुर्खियों में है। मामला तब सामने आया जब एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस के एमडीओ कंपनी और संबंधित ठेकदारों द्वारा शमशान घाट की जमीन पर कब्जा करने और मोटी रकम लेकर डील करने का मामला सामने आया।

मृतक के परिजनों के अनुसार, तीन महीने पहले बरियातू गांव निवासी रूपलाल साव की अचानक मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी एतवरीया देवी और उनके पड़ोसी खेमलाल साव और कैला साव ने बताया कि शव को जलाने के लिए पूर्व में निर्धारित शमशान घाट पर जाना था, लेकिन शमशान घाट की जमीन पर कोयला खनन के कारण वह स्थल अब उपयोग के लायक नहीं रहा।

इसके बाद कंपनी ने अन्य जगह शमशान घाट के लिए जमीन दी, लेकिन उस जमीन का भी खनन कर दिया गया। जब हुलास साव की मौत हुई, तो परिजनों और ग्रामीणों ने शव को जलाने के लिए पूर्व निर्धारित शमशान घाट पर रखने की कोशिश की, लेकिन कंपनी के सुरक्षा इंचार्ज डीएसपी द्वारा शव जलाने के लिए खैर पावर में स्थान देने की बात की गई, जिसे ग्रामीणों ने विरोध किया।

मामले को रफा-दफा करने के लिए मृतक के परिजनों को दस हजार रुपये दिए गए। इस दौरान यह भी सामने आया कि मैनेजिंग ठेकदारों द्वारा शमशान घाट की जमीन के खनन के लिए कंपनी से मुआवजा लिया गया था।

अब यह समस्या उत्पन्न हो गई है कि यदि भविष्य में कोई व्यक्ति मरता है, तो शव को जलाने के लिए शमशान घाट कहां होगा, क्योंकि शमशान घाट की जमीन को मौखिक सहमति के तहत ठेकदारों ने कंपनी को बेच दी है। इस पूरे मामले में कंपनी और ठेकदारों के बीच हुई डील की चर्चा भी जोरों पर है, और अब गांववाले यह सवाल उठा रहे हैं कि शमशान घाट की समस्या का समाधान क्या होगा।

डीडीसी ने ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं के प्रगति की समीक्षा


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हज़ारीबाग़ : उपायुक्त नैंसी सहाय के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त इश्तियाक अहमद की अध्यक्षता में सोमवार को ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मनरेगा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं राज्य सरकार के द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक की गई। समाहरणालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में उपविकास आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना, अम्बेडकर आवास योजना, अबुआ आवास योजना, मनरेगा अंतर्गत बिरसा कूप संवर्धन योजना, डोभा, आंगनबाड़ी योजना की प्रगति, बिरसा हरित ग्राम योजना, बागवानी योजना, वीर शहिद पोटो हो खेल विकास योजना, पीड़ी जेनरेसन, जिओ टैगिंग, जनमन योजना, पंचायती राज, एबीपीएस की स्तिथि, जेएसएलपीएस के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में उप विकास आयुक्त ने मनरेगा के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति में लक्ष्य के विरुद्ध कम प्रदर्शन करने वाले बीडीओ व बीपीओ पर अप्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कम प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों के बीडीओ को कार्य की प्रगति में सुधार करने और क्रियान्वित योजनाओं को ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी बीडीओ को मिट्टी मोरम और टीसीबी के कार्य को प्राथमिकता देते हुए कार्य करने और लक्ष्य प्राप्ति करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

उन्होंने सभी बीडीओ को निदेशित किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सही एवं योग्य लाभुको को ही इस योजना का लाभ मिले। बैठक में सभी बीडीओ को पीएम जनमन योजना के तहत संचालित योजनाओं को जल्द पूर्ण करने का निदेश दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त ने कहा कि सभी पदाधिकारी फील्ड विजिट कर संचालित योजनाओं की गुणवत्ता की जांच कीजिये और उसकी रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें। बैठक में डीडीसी इश्तियाक अहमद, डीआरडीए निदेशक मां देवप्रिया, जिला योजना पदाधिकारी पंकज तिवारी, सभी प्रखंड के बीडीओ, बीपीओ सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।

सांसद मनीष जायसवाल ने कोनार और तिलैया डैम के विस्थापितों और कोनार सिंचाई परियोजना का मुद्दा लोकसभा में उठाया


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हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने लगातार अपने संसदीय क्षेत्र से संबंधित जन-जरूरत से जुड़े मुद्दे को मुखरता से देश के सर्वोच्च सदन लोकसभा के पटल पर उठाते हुए समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का कार्य किया है। वर्तमान बजट सत्र के दौरान सोमवार को सांसद मनीष जायसवाल ने एक अत्यंत जरूरी मुद्दे को प्रमुखता से लोकसभा के पटल पर उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। सांसद मनीष जायसवाल ने लोकसभा के अध्यक्ष से कहा कि अध्यक्ष जी आपके माध्यम से सरकार का ध्यान झारखंड की एक बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना कोनार परियोजना पर आकृष्ट कराना चाहता हूं।

 आगे उन्होंने कहा कि इस तिलैया डैम और कोनार डैम का निर्माण 1955 में हुआ था। इन डैम के निर्माण से हजारों गांवों के लोग विस्थापित हुए जिसमें हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के चौपारण, बरही, विष्णुगढ़ और चंदवारा के बहुत सारे लोग शामिल हैं। विस्थापित हुए लोगों का आज तक पुनर्स्थापन नहीं हुआ। सांसद मनीष जायसवाल ने सदन के माध्यम से अपनी मांग रखते हुए सरकार से आग्रह किया कि तिलैया डैम और कोनार डैम के सभी विस्थापितों को अविलंब पुनर्स्थापन कराया जाय ।

सांसद मनीष जायसवाल ने आगे कहा कि कोनार डैम से नहर की योजना 1978 में चालू हुई जो 50 वर्ष बाद आज तक पूर्ण नहीं हो सका और एक भी गांव को इस योजना से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाया। उन्होंने मांग किया कि कोनार डैम के सिंचाई परियोजना को केंद्र सरकार संपूर्ण कराए, यहां हाइडल पॉवर लगाए और कोनार डैम क्षेत्र में टूरिज्म डेवलप करें ताकि लोगों को यहां रोजगार मिल सके। सांसद मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि इस सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के करीब 85 गांव को पानी मिलना था और लगभग 63 हज़ार एकड़ भूमि सिंचित होने का लक्ष्य था जो अबतक लंबित है ।

होली और रमज़ान को देखते हुए हजारीबाग में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, फ्लैग मार्च जारी

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हज़ारीबाग: होली और रमज़ान को ध्यान में रखते हुए हजारीबाग जिले में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है। प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। जिले में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं, वहीं रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और रैपिड एक्शन पुलिस (RAP) के जवान भी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है। पुलिस पदाधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। हर संवेदनशील स्थान पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सोशल मीडिया पर भी साइबर टीम की पैनी नजर बनी हुई है ताकि भ्रामक सूचनाओं को रोका जा सके।

सांसद मनीष जायसवाल ने लोकसभा में उठाई हजारीबाग विस्थापितों की आवाज़

किया मुआवजा बढ़ाने और रोजगार देने की मांग

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हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने बुधवार को लोकसभा के बजट सत्र के दौरान देश के सर्वोच्च सदन में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के विस्थापितों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार से विस्थापित परिवारों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग में वर्षों से कोयला एवं ऊर्जा परियोजनाओं के कारण हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं। लेकिन आज भी ये परिवार अपने अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने लोकसभा में अपनी बात रखते हुए कहा कि हजारीबाग में सीसीएल और एनटीपीसी, दोनों सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां कार्यरत हैं।

 सीसीएल में प्रभावित परिवारों को रोजगार देने की नीति लागू है, लेकिन एनटीपीसी में अब तक ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने मांग की कि विस्थापितों को सीसीएल की तर्ज पर ही स्थायी रोजगार दिया जाए।

इसके साथ ही, सांसद मनीष जायसवाल ने मुआवजे की राशि बढ़ाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले अधिग्रहित भूमि का मुआवजा आज भी पुराने दर पर दिया जा रहा है, जो कि अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि बाजार मूल्य के अनुसार प्रभावित परिवारों को 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए, जिससे वे अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकें।

सांसद ने पुनर्वास नीति में बदलाव की भी मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान नीति के अनुसार केवल 2016 तक विस्थापित हुए परिवारों को ही लाभ मिल रहा है। यह अनुचित है और इसे समाप्त कर सभी पात्र परिवारों को पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विस्थापन के कारण लोगों की आजीविका छिन जाती है, जिससे उनका जीवन संकट में आ जाता है। इसलिए सरकार को ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे प्रभावित परिवारों को रोजगार भी मिले और पर्यावरण संतुलन भी बना रहे।

सांसद मनीष जायसवाल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पुनर्वास नीतियों को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाया जाए, ताकि हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के विस्थापितों को न्याय मिल सके।

हजारीबाग में शांति और सौहार्द्र बनाए रखने को लेकर बैठक आयोजित

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हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के आवास पर एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें हिंदू और मुस्लिम समुदाय के कई गणमान्य लोग उपस्थित हुए। बैठक में सद्भावना विकास मंच, अंजुमन इस्लामिया, एकता मंच सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जुम्मे की नमाज सभी लोग अपने-अपने मस्जिदों में शांतिपूर्वक अदा करेंगे और दोनों समुदाय आपसी सहयोग बनाए रखेंगे। किसी भी तरह की छोटी-मोटी गलतफहमी को मिल-बैठकर सुलझाने की सहमति बनी, जिससे प्रशासन पर अनावश्यक दबाव न बने और हजारीबाग की अमन-शांति बरकरार रहे।

पुलिस प्रशासन की ओर से अपील की गई कि सभी लोग शांति और सौहार्द्र बनाए रखें और किसी भी अफवाह से बचें। बैठक का मुख्य उद्देश्य हजारीबाग को एक मिल-जुलकर रहने वाला शांतिपूर्ण शहर बनाए रखना था, जिसमें सभी ने अपनी सकारात्मक भागीदारी दिखाई।

होली और रमजान को लेकर प्रशासनिक बैठक, शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश।


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हजारीबाग: होली और रमजान के मद्देनजर हजारीबाग समाहरणालय में मंगलवार को समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता हजारीबाग आयुक्त पवन कुमार और बोकारो प्रक्षेत्र के डीआईजी सुरेन्द्र कुमार झा ने की। बैठक में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करने, असामाजिक तत्वों की पहचान कर कार्रवाई करने और सभी थाना क्षेत्रों में शांति समिति बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती बरतने, कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

डीआईजी सुरेन्द्र कुमार झा ने सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तैयार करने और होलिका दहन स्थलों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही, अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा।

इस दौरान कोयला और बालू के अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए खनन टास्क फोर्स द्वारा नियमित छापेमारी करने का आदेश दिया गया। बैठक में उपायुक्त माधवी मिश्रा, एसएसपी हृदीप पी जनार्दनन, समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।