पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक का ठीकरा भारत पर फोड़ा, शहबाज के सलाहकार ने उगला जहर

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को बलूच विद्रोहियों ने एक यात्री ट्रेन को हाईजैक कर लिया, जिसमें 500 से अधिक लोग सवार थे। अब पाकिस्तान ने ट्रेन हाईजैक का ठीकरा भारत पर फोड़ा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने ट्रेन हाईजैक को लेकर भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पाकिस्तान, जो आतंकवादियों का सबसे सुरक्षित पनाहगाह है, जहां दर्जनों आतंकी संगठन फल-फूल रहे हैं, उसने भारत के खिलाफ हमेसा से जहर उगला है। अब जबकि पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक की जिम्मेदारी खुद बलूट विद्रोही ले चुके हैं, शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा है कि ट्रेन अपहरण कांड के पीछे भारत के हाथ हैं।

राणा सनाउल्लाह ने डॉन से बात करते हुए कहा है कि अफगानिस्तान के अंदर से भारत इन्हें ऑपरेट कर रहा है। राणा सनाउल्लाह से डॉन के एंकर ने पूछा था कि क्या अफगानिस्तान के अंदर तहरीक-ए-तालिबान से बलूचों को मदद मिलती है, क्या इनके आपस में संबंध हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए राणा सनाउल्लाह ने कहा कि ये इंडिया कर रहा है। इसमें कोई शक नहीं है। और उसके बाद उन्हें सेफ हेवन अफगानिस्तान में मिला है।

राणा सनाउल्लाह ने आरोप लगाते हुए कहा कि हां, भारत दोनों (टीटीपी और बीएलए) का समर्थन कर रहा है और उनके पास अफगानिस्तान जैसा सुरक्षित ठिकाना है। अफगानिस्तान में घात लगाने की सुविधा होने के कारण उनके ऑपरेशन बढ़ गए हैं। तालिबान के सत्ता में आने से पहले ये घात लगाने की सुविधा उनके पास नहीं थी। हमने अफगानिस्तान को सरकार के स्तर पर कहा है कि वह यह सब बंद करे, नहीं तो हम वहां आकर इन घात लगाने वालों को निशाना बनाएंगे।

मंगलवार को एक सुरंग में बलूच आतंकवादियों की ओर से एक यात्री ट्रेन पर हमला किया गया। नौ डिब्बों में लगभग 500 यात्रियों को लेकर जफर एक्सप्रेस ट्रेन क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी। इसी दौरान हमला किया गया। जिनमें से सामान्य नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को रिहा कर दिया गया है और पाकिस्तानी सेना के जवानों, खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों और पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों को बंधक बनाकर रखा गया है। सुरक्षा बलों ने अभी तक 16 विद्रोहियों को मारने का दावा किया है, जबकि बलूचों ने 30 से ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवानों को मारने का दावा किया है। वहीं, बलूच विद्रोहियों ने 214 यात्रियों को बंधक बनाने का भी दावा किया है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस आने वाले हैं भारत, टैरिफ और इमिग्रेशन पर मचे हड़कंप के बीच दौरा कितना अहम?

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अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जल्द भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उपराष्ट्रपति जे डी वेंस इस महीने के अंत में भारत की यात्रा कर सकते हैं। उनके साथ उनकी पत्नी अमेरिका की सेकंड लेडी उषा वेंस भी दौरे पर आएंगी। बता दें कि उषा वेंष भारतीय मूल की हैं।अमेरिका का उपराष्ट्रपति बनने के बाद जेडी वेंस की यह दूसरी विदेश यात्रा होगी। वेंस ने पिछले महीने फ्रांस और जर्मनी की अपनी पहली विदेश यात्रा की थी।

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अमेरिकी मीडिया आउटलेट पॉलिटिको ने अपनी रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है। पॉलिटिको की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वेंस अपनी पत्नी उषा वेंस के साथ इस महीने के अंत में भारत की यात्रा करेंगे। अखबार ने योजना की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है। भारत यात्रा के दौरान टैरिफ और आप्रवासन के मुद्दे पर बात हो सकती है।

इससे पहले पेरिस एआई एक्शन समिट के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने परिवार के साथ पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान पीएम मोदी को उन्होंने दयालु बताया था। पीएम मोदी ने जेडी वेंस के बच्चों को उपहार भी दिया था।

बता दें कि जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस के माता-पिता कृष चिलुकुरी और लक्ष्मी चिलुकुरी 1970 के दशक के अंत में भारत से अमेरिका चले गए थे। ऐसे में उषा वेंस की अमेरिका की द्वितीय महिला के रूप में भारत की यह यात्रा अपने पैतृक देश की पहली यात्रा होगी। उषा और जेडी की मुलाकात येल लॉ स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। उषा एक मुकदमेबाज हैं और उन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन जी रॉबर्ट्स और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट के तत्कालीन अमेरिकी अपील कोर्ट के जज ब्रेट कैवनौघ के लिए क्लर्क का काम भी किया है। उनके पास येल विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री भी है, जहाँ वे गेट्स कैम्ब्रिज स्कॉलर थीं।

गोल्ड स्मगलिंग केसःरान्या राव की शादी में महंगे गिफ्ट देने वालों को क्यों तलाश रही सीबीआई?

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कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव से जुड़े गोल्ड स्मगलिंग केस में जांच जारी है। मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अपने हाथ में ले लिया है और जांच तेज कर दी है। इस सिलसिले में अधिकारियों ने बेंगलुरु में कई जगहों पर छापेमारी की। रान्या के घर और कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरियाज डेवलपमेंट बोर्ड के ऑफिस की तलाशी ली गई। इसके अलावा सीबीआई की टीम उस होटल पहुंची जहां रान्या की शादी हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई रान्या राव की शादी की फुटेज और मेहमानों की लिस्ट को बारीकी से चेक कर रही थी। दरअसल, उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने रान्या को महंगे गिफ्ट दिए थे।

कई हाई प्रोफाइल लोगों के शामिल होने की आशंका

सोना तस्करी मामले में जांच टीम को शक है कि अकेले रान्या ही नहीं बल्कि कई बड़े लोग शामिल हैं, आने वाले समय में कई हाई प्रोफाइल वाले नाम सामने आने की उम्मीद है। सीबीआई ने डीआरआई से मिली जानकारी के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के बाद एक पहले अपनी जांच शुरु की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीबीआई का ध्यान एक्ट्रेस की शादी में आए मेहमानों की सूची पर है ताकि पता लगाया जा सके कि एक्ट्रेस को उनकी शादी में किसने महंगे उपहार दिए। एजेंसी महंगे गिफ्ट देने वालों और स्मगलिंग के धंधों के बीच संभावित कनेक्शन की तलाश कर रही है।

एयरपोर्ट पर तैनात प्रोटोकॉल अधिकारियों को भी नोटिस

सीबीआई ने कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव से जुड़े सोने की तस्करी मामले में बेंगलुरु एयरपोर्ट पर तैनात चार प्रोटोकॉल अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों को राज्य सरकार की तरफ से अप्वाइंट किया गया था। सूत्रों की माने तो सीबीआई ने इन अधिकारियों से भी पूछताछ की है। अधिकारी इस बात की जांच में जुटे हुए हैं कि कहीं एयरपोर्ट को कोई अधिकारी इस पूरी तस्करी में शामिल तो नहीं है, जो रान्या और उसके जैसे कई और लोगों की मदद कर रहा हो।

बीजेपी सरकार आने दो, मुस्लिम विधायकों को उठाकर बाहर फेंक देंगे” सुवेंदु अधिकारी का विवादित बयान

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पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर सियासी पारा अभी से ही चढ़ गया है। इस बीच बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी अगली सरकार बनने पर मुस्लिम विधायकों को विधानसभा से बाहर फेंक देगी। अधिकारी के बयान पर राजनीति गरमा गई है।

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पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच हमेशा से तनाव के हालात देखे गए हैं। दोनों दलों के बीच कई बार तीखी नोंकझोंक देखने को मिलती है।खास तौर पर नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले रहते हैं। यही वजह है कि उन्हें कई बार सदन से बाहर तक कर दिया गया है। पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुवेंदु अधिकारी को 17 फरवरी को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था और वो अब पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित हो चुके हैं। इस बीच सुवेंदु अधिकारी नो मुसलमानों को लेकर तीखा बयान दिया है।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद मुस्लिम विधायकों को शारीरिक रूप से विधानसभा से बाहर फेंक देंगे। उन्होंने राज्य की ममता सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि यह सरकार सांप्रदायिक प्रशासन चला रही है औरउन्होंने इसे मुस्लिम लीग का दूसरा रूप भी करार दिया था। उन्होंने कहा, बंगाल की जनता इस बार इस सरकार को उखाड़ फेकेंगी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने इस बयान का विरोध किया है। टीएमसी ने इसे नफरत फैलाने वाला भाषण बताया। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, संसद या विधानसभा में बहस और तर्क हो सकते हैं। लेकिन किसी विशेष समुदाय के विधायकों को निशाना बनाना संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है। यह खतरनाक, भड़काऊ और अनैतिक है। यह एक आपराधिक अपराध भी है।

पाकिस्तान ट्रेन हाईजैकःसेना ने 100 से ज्यादा बंधकों को छुड़ाया, अब भी कैद में कई जिंदगियां

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया है। यह हाईजैक बलूच विद्रोहियों ने की है। पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक हुए 20 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन पाकिस्तानी सेना अब तक बलूच विद्रोहियों के कब्जे से इस जफर एक्सप्रेस ट्रेन को छुड़ा नहीं पाई है। इस ट्रेन में सवार लोगों को बचाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने पूरा जोर लगा दिया है। बलोच विद्रोहियों ने दावा किया है कि पाकिस्तान के 30 सैनिकों को मारा गया है। इस बीच पाकिस्तान सेना ने बड़ा एक्शन लिया है और 104 बंधकों को छुड़ा लिया है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार अभी भी 100 लोग हाईजैकर्स की कैद में हैं।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने बीएलए की ओर से बंधक बनाए गए 104 लोगों को बचा लिया है। बचाए गए लोगों में 58 पुरुष, 31 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं। साथ ही सुरक्षाकर्मी शेष यात्रियों को सुरक्षित बचाने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। सेना की अब तक की कार्रवाई में बीएलए के 23 लड़ाकों को मार गिराया गया, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

मालूम हो कि मंगलवार को क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस को बलूच लिबरेशन आर्मी ने हाईजैक कर लिया था। नौ डिब्बों वाली इस ट्रेन में लगभग 500 यात्री सवार थे। जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी तभी मंगलवार सुबह गुदलार और पीरू कोनेरी इलाकों के बीच उस पर गोलीबारी की गई। बलोच विद्रोहियों ने गुडालार और पीरू कुनरी के पहाड़ी इलाके में एक सुरंग के अंदर रोक लिया। आतंकियों के कब्जे के बाद इलाके में भारी गोलीबारी और धमाकों की आवाजें गूंज उठीं। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

बता दें कि डेढ़ महीने बंद रहने के बाद बीते अक्तूबर में ही क्वेटा-पेशावर मार्ग पर रेल यातायात बहाल हुआ था। इस मार्ग पर ट्रेनों को रॉकेटों, रिमोट कंट्रोल वाले बमों से निशाना बनाया जाता रहा है और हर बार बीएलए ने ही हमलों की जिम्मेदारी ली है। बलूचिस्तान की आजादी को लेकर लड़ रहे बीएलए को पाकिस्तान, ब्रिटेन और अमेरिका ने प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सूची में डाल रखा है। अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित बलूचिस्तान, पाकिस्तान की सरकार के लिए लगातार सिरदर्द बना हुआ है। नवंबर में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर धमाके में 26 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 62 घायल हुए थे।

भारत में मिलेगा स्टारलिंक का हाई स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट, जियो-स्पेसएक्स ने मिलाया “हाथ”

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भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू होने वाली है। एयरटेल के बाद अब स्टारलिंक ने मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो के साथ भी हाथ मिला लिया है। रिलायंस जियो ने अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क के स्पेसएक्स के साथ समझौता किया है। इसके तहत भारत में स्टारलिंक की इंटरनेट सेवाएं शुरू की जाएंगी।

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रिलायंस जियो ने 12 मार्च को ऐलान किया है कि कंपनी ने भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएँ शुरू करने के लिए एलन मस्क की स्पेसएक्स के साथ साझेदारी के लिए एक एग्रीमेंट पर साइन किए हैं। स्टारलिंक के साथ हुए इस करार की जानकारी रिलायंस जियो ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए दी है। जियो ने कहा कि भारत के हर नागरिक को सुलभ और तेज इंटरनेट प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्पेसएक्स के साथ यह सहयोग हमारे डिजिटल मिशन को और मजबूत करेगा।

जियो और स्पेसएक्स के बीच यह समझौता, दोनों कंपनियों को सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस प्रदान करने की अनुमति देता है। जियो अपने रिटेल आउटलेट और ऑनलाइन स्टोरफ्रंट दोनों के माध्यम से स्टारलिंक सर्विस और सॉल्युशन उपलब्ध कराएगा। कंपनी अपने फिजिकल स्टोर में स्टारलिंक उपकरण पेश करने और कस्टमर केयर स्थापित करने की योजना बना रही है।

रिलायंस जियो दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटर कंपनी में से एक है। वहीं, स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन टेक्नोलॉजी की मदद से इंटरनेट सर्विस देता है। दोनों कंपनियां मिलकर देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेंगे। इस पार्टनरशिप के बाद, भारत के रिमोट जगहों में हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं आसानी से मिल पाएंगी। इस पार्टनरशिप के बाद जियो के ग्राहक, जियो और रिलायंस के स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए से स्टारलिंक की सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

बता दें कि स्टारलिंक में हजारों लो अर्थ ऑर्बिट सेटेलाइट हैं और ये सेटेलाइट लेजर लिंक के जरिए एक-दूसरे से कनेक्ट होते हैं जिससे डेटा तेजी से ट्रांसमिट होता है। डेटा अगर तेजी से ट्रांसमिट होने से आप लोगों को हाई स्पीड इंटरनेट का फायदा मिलेगा। स्टारलिंक सर्विस इस्तेमाल करने के लिए एक छोटी सी डिवाइस को लगाने की जरूरत है जिसे स्टारलिंक टर्मिनल भी कहा जाता है। इस डिवाइस को सेटअप करने के बाद सैटेलाइट से इस डिवाइस में सिग्नल रिसीव होने लगते हैं जिससे लोगों को तेज इंटरनेट मिलता है।

केजरीवाल को बड़ा झटका, कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को दिया एफआईआर दर्ज करने का आदेश


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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मुश्किल एक बार फिर बढ़ती दिख रही है।राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अरविंद केजरीवाल और अन्य के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने के मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने शिव कुमार सक्सेना की अर्जी को स्वीकार्य किया। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को 18 मार्च को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

पूरा मामला साल 2019 में द्वारका में बड़े होर्डिंग लगाने का है। 2019 में की गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि केजरीवाल, पूर्व आप विधायक गुलाब सिंह और द्वारका की पार्षद रहीं नितिका शर्मा ने दिल्ली में विभिन्न जगहों पर बड़े आकार के होर्डिंग लगाकर जानबूझकर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया है। शिकायत में इन सबके खिलाफ एफआईआर की मांग की गई थी। कोर्ट ने माना कि केजरीवाल और अन्य नेताओं पर मामला बनता है। कोर्ट ने इस शिकायत को स्वीकार करते हुए पुलिस को 18 मार्च तक आदेश पर अमल को लेकर रिपोर्ट देने को कहा है।

बता दें कि इससे पहले फरवरी में केजरीवाल के खिलाफ हरियाणा के शाहबाद पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। यह एक्शन उनके उस बयान से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने हरियाणा पर यमुना नदी के पानी में ‘जहर’ मिलाने का आरोप लगाया था। दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद से केजरीवाल की मुसीबतें थमती नजर नहीं आ रही हैं। उनके लिए कानूनी चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं।

‘देश को इंडिया नहीं, भारत कहना चाहिए’, आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने फिर छेड़ी बहस


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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने एक बार फिर भारत बनाम इंडिया की बहस एक बार फिर छेड़ दी है। एक पुस्तक विमोचन के दौरान दत्तात्रेय होसबोले ने देश को दो नामों, भारत और इंडिया कहने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि अपने देश को इंडिया नहीं भारत कहना चाहिए।

दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि जी20 सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति आवास पर भोज के लिए भेजे गए निमंत्रण के दौरान ‘रिपब्लिक ऑफ भारत’ लिखा गया था। होसबोले ने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में जी-20 डिनर के दौरान देश को ‘भारत गणराज्य’ कहा था, तो फिर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं को अभी भी अंग्रेजी नाम क्यों रखना चाहिए। होसबोले ने जोर देकर कहा कि भारत सिर्फ एक भौगोलिक इकाई या संवैधानिक ढांचे से कहीं अधिक है। यह एक गहन दर्शन और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है।

पंचशील बालक इंटर कॉलेज के सभागार में सुरुचि प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक विमर्श भारत का के विमोचन के अवसर पर बोलते हुए होसबोले ने कहा, देश को इंडिया नहीं बल्कि भारत कहकर बुलाना चाहिए क्योंकि इंग्लिश में इंडिया है और भारतवासियों के लिए यह भारत। क्या ऐसा दुनिया में कहीं हो सकता है? 

होसबोले ने कहा यह उपनिवेशवाद की पहचान है। होसबाले ने इंडिया बनाम भारत के मुद्दे पर कहा कि ब्रिटिश शासन ने हमपर एक गहरी छाप छोड़ी है, जो अभी भी भारतीय चेतना को आकार दे रही है। उन्होंने मुगलों द्वारा आक्रमण के दौरान मंदिरों और गुरुकुलों के विनाश से लेकर अंग्रेजी को एक प्रमुख भाषा के रूप में लागू करने तक सांस्कृतिक उन्मूलन के ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला दिया।

होसबोले ने कहा कि मुगलों ने भारत पर आक्रमण किया, हमारे मंदिरों, गुरुकुलों, प्राचीन संस्कृति को नष्ट कर दिया, हम पर हावी हो गए, लेकिन इसने हमें अंग्रेजों की तरह हीन महसूस नहीं कराया। ब्रिटिश शासन ने हमें महसूस कराया कि वे हमसे बेहतर हैं। ‘अंग्रेजियत’ का विचार अभी भी कायम है। यही कारण है कि अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों का कारोबार यहां फल-फूल रहा है,” उन्होंने औपनिवेशिक युग की मानसिकता से बदलाव का आह्वान किया।

दुनिया में तीसरी सबसे गर्म फरवरी, समुद्री बर्फ में भी रिकॉर्ड गिरावट

जलवायु परिवर्तन की वजह से वैश्विक तापमान में लगातार बढ़ोतरी, बिगड़ती जा रही स्थिति

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रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव 

जलवायु परिवर्तन की वजह से वैश्विक तापमान में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। पिछले महीने फरवरी में भी ऐसी ही स्थिति बरकरार रही। यह तीसरा मौका है जब दुनिया ने इतनी गर्म फरवरी का सामना किया है। यूरोपियन कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) के अनुसार, पिछले महीना जलवायु इतिहास का अब तक का तीसरा सबसे गर्म फरवरी का महीना था। इस दौरान सतह के पास तापमान औद्योगिक काल से पहले 1850 से 1900 की तुलना में 1.59 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। यानी बढ़ता तापमान एक बार फिर डेढ़ डिग्री सेल्सियस की लक्ष्मण रेखा को पार कर गया है। फरवरी 2025 पिछले 20 महीनों में 19वां ऐसा महीना है जब वैश्विक तापमान औसत से डेढ़ डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। इस दौरान वैश्विक स्तर पर सतह के पास हवा का औसत तापमान 13.36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यदि 1991 से 2020 के बीच फरवरी के औसत तापमान की तुलना की जाए तो इस साल फरवरी का औसत तापमान 0.63 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इससे पहले फरवरी 2024 अब तक का सबसे गर्म फरवरी माह था और 2016 दूसरा सबसे गर्म फरवरी महीना था। साथ ही समुद्री बर्फ में भी रिकॉर्ड गिरावट आई है।

आइसलैंड, आल्प्स गर्म और यूरोप ठंडा

रिपोर्ट के अनुसार, बीते माह यूरोप का औसत तापमान 1991 से 2020 के औसत की तुलना में 0.40 डिग्री सेल्सियस अधिक था। इसके बावजूद यह यूरोप के 10 सबसे गर्म फरवरी के महीनों में शुमार नहीं था। हालांकि, इस दौरान उत्तरी फेनोस्कैंडिया, आइसलैंड और आल्प्स सामान्य से ज्यादा गर्म थे, जबकि पूर्वी यूरोप अपेक्षाकृत ठंडा रहा। वैश्विक स्तर पर आर्कटिक के ज्यादातर हिस्सों के साथ-साथ, दक्षिण-पश्चिमी अमेरिका, मैक्सिको, उत्तरी चिली, अर्जेंटीना और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया औसत से ज्यादा गर्म रहे, जबकि अमेरिका-कनाडा के कुछ हिस्से, कैस्पियन और पूर्वी भूमध्य सागर के पास के क्षेत्र और पूर्वी एशिया में तापमान सामान्य से कम रहा। दक्षिणी रूस, मंगोलिया, चीन और जापान के कुछ हिस्सों में भी तापमान अधिक रहा।

भारत में फसलों को नुकसान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि देश ने 2025 में अब तक की अपनी सबसे गर्म फरवरी का सामना किया। मौसम विज्ञानियों ने आशंका जताई है कि मध्य और उत्तरी भारत के प्रमुख गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में तापमान औसत से छह डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है जो फसलों के लिए नुकसानदायक है। बढ़ता तापमान गेहूं के साथ-साथ चना, मटर, मक्का, जौ, अलसी और सरसों के लिए भी परेशानी खड़ी कर सकता है। इस साल भारत में गर्मियों का आगाज कुछ पहले ही हो रहा है।

26 फरवरी 2025 को मुंबई में तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था जो सामान्य से करीब 5.9 डिग्री सेल्सियस अधिक था। इसकी वजह से समय से पहले हीटवेव की चेतावनी जारी करनी पड़ी। अन्य तटीय क्षेत्रों में भी तापमान 37 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया।

यूरोप में औसत से कम बारिश

फरवरी 2025 में यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। सप्ताह में एक या दो दिन कुछ घंटों के लिए होने वाली मध्यम से तीव्र बारिश एक-एक पखवाड़े के अंतर में हल्की बरसात के रूप में तब्दील हो गई। नतीजन मध्य और पूर्वी यूरोप, दक्षिण-पूर्वी स्पेन और तुर्की में मिट्टी में शुष्कता अधिक रही।

दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत में, जानें आपकी सांस तो हैं ना सुरक्षित?*


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#mostpollutedcityinthe_world

देश की राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास रहने वालों लोग खुद को सबसे प्रदूषित शहर में रहने वाला मानते हैं। ये सही भी है। हालांकि, भारत में केवल दिल्ली-एनसीआर ही प्रदूषित नहीं है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया को 20 सबसे प्रदूषित शहरों में 13 भारत के हैं। मेघालय का बर्नीहाट शीर्ष पर है। वहीं, दिल्ली सबसे प्रदूषित कैपिटल की कैटेगरी में टॉप पर है। स्विस एयर क्वालिटी टेक्नॉलॉजी कंपनी एक्यू एयर की 2024 की रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है।

ये हैं भारत के सबसे प्रदूषित शहर

रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के 20 देशों में भारत के 13 शहर जो सबसे प्रदूषित हैं, उनमें बर्नीहाट, दिल्ली, मुल्लांपुर (पंजाब), फरीदाबाद, लोनी, नई दिल्ली, गुरुग्राम, गंगानगर, ग्रेटर नोएडा, भिवाड़ी, मुजफ्फरनगर, हनुमानगढ़ और नोएडा शामिल हैं। इसके अलावा, भारत 2024 में दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में 5वें पायदान पर था। पहले स्थान पर चाड, दूसरे पर बांग्लादेश, तीसरे पर पाकिस्तान और चौथे पर कांगो रहा था। वायु प्रदूषण भारत में एक बड़ा खतरा बना हुआ है।

प्रदूषण में सुधार के बाद ऐसे हालात

2023 में हम तीसरे स्थान पर थे यानी पहले से दो स्थान नीचे आए हैं। मतलब भारत में पहले से प्रदूषण को लेकर कुछ सुधार हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में भारत में पीएम 2.5 के स्तर में 7% की गिरावट देखी गई। 2024 में पीएम 2.5 का स्तर औसतन 50.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जबकि 2023 में यह 54.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था। फिर भी, दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से 6 भारत में हैं। दिल्ली में लगातार प्रदूषण का लेवल हाई दर्ज किया गया। यहां पीएम 2.5 का सालाना औसत 91.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा।

क्या है पीएम 2.5

पीएम 2.5 हवा में मौजूद 2.5 माइक्रोन से छोटे सूक्ष्म प्रदूषण कणों को कहते हैं। ये कण फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ, हृदय रोग और यहां तक कि कैंसर भी हो सकता है। इसके स्रोतों में वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और लकड़ी या फसल अवशेषों का जलना शामिल है।

वायु प्रदूषण गंभीर समस्या

भारत में वायु प्रदूषण एक गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बना हुआ है, जिसकी वजह से लोगों की उम्र अनुमानित 5.2 वर्ष कम हो रही है। पिछले साल प्रकाशित लांसेट प्लैनेटरी हेल्थ अध्ययन के मुताबिक साल 2009 से साल 2019 तक भारत में हर साल करीब 15 लाख लोगों की मौत संभावित रूप से दीर्घकाल तक पीएम 2.5 प्रदूषण के संपर्क में रहने की वजह से हुई है।