मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से झारखंड विधानसभा की महिला विधायकों ने की मुलाकात,अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर दी शुभकामनाएं


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मुख्यमंत्री ने महिला विधायकों से कहा- झारखंड विधानसभा में आपकी उपस्थिति मात्र से ही नारी शक्ति को मिलता है बल

रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में झारखंड विधानसभा की महिला सदस्यगणों (विधायक) ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी महिला मंत्री एवं विधायकगणों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड विधानसभा में आपकी उपस्थिति मात्र से ही नारी शक्ति को बल मिलता है। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, आप सभी सदन में महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सशक्तिकरण की आवाज हैं।

 आधी आबादी की भागीदारी से ही देश, राज्य और समाज का होगा सर्वांगीण विकास_ 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी की भागीदारी से ही देश, राज्य और समाज के सर्वांगीण विकास का रास्ता खुलता है। हमारी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में झारखंड मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना जैसी कई योजनाओं के माध्यम से आधी आबादी को सशक्त बनाया जा रहा है।

 महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल कर राज्य का बढ़ाया है मान- सम्मान*

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे इस बात का गर्व है कि झारखंड की महिलाओं ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल समेत अनेकों क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल कर रही हैं। महिलाएं अपने मंजिल और मुकाम को हासिल करने में कामयाब हों, इसके लिए सरकार पूरा सहयोग करने को तैयार है। एक बार फिर आप सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बहुत-बहुत बधाई।

 इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक डॉ नीरा यादव, विधायक लुइस मरांडी, विधायक सविता महतो, विधायक रागिनी सिंह, विधायक ममता देवी, विधायक पूर्णिमा दास साहू, विधायक श्वेता सिंह और विधायक मंजू कुमारी मौजूद थी.

पीवीयूएन लिमिटेड ने गेगड़ा गांव में किसानों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया आयोजन

 

 झारखंड के ग्रामीण परिदृश्य में, जहां किसान मेहनत से अपनी आजीविका चलाते हैं, वहां जानकारी सबसे बहुमूल्य फसल साबित हो सकती है। इसी सोच के साथ, पीवीयूएन लिमिटेड ने आज गेगड़ा गांव में किसानों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।  

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यह पहल किसानों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई थी। बीते कुछ हफ्तों में, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची के कृषि (ऑनर्स) के अंतिम वर्ष के छात्रों ने पीवीयूएनएल की सामुदायिक विकास टीम के साथ मिलकर एक व्यापक आवश्यकता मूल्यांकन सर्वेक्षण किया। 

सर्वेक्षण में पाया गया कि किसानों को फसल चक्र, आधुनिक सिंचाई तकनीकों, जैविक खेती के तरीकों, तथा जैविक खाद और उर्वरक बनाने की जानकारी नहीं थी। इसके अलावा, कई किसान सरकारी सब्सिडी और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाओं से अनजान थे।  

आज गेगड़ा के खेत एक जीवंत कक्षा में बदल गए। युवा और बुजुर्ग किसान, पुरुष और महिलाएं, सभी उत्सुकता और उम्मीद के साथ एकत्र हुए। कृषि प्रशिक्षुओं, स्थानीय कृषि मित्रों और पीवीयूएनएल के कर्मचारियों ने उन्हें सरल और प्रभावी सिंचाई तकनीकों से अवगत कराया, जिससे जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। जैविक खेती पर आयोजित सत्रों ने किसानों को स्थायी कृषि विधियों की जानकारी दी, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटे।  

पीवीयूएनएल ने किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं पर विस्तृत जानकारी देने के लिए सूचनात्मक पुस्तिकाएं भी वितरित कीं, जिनमें योजनाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया था।  

यह पहल न केवल किसानों को तकनीकी ज्ञान से सशक्त बना रही है, बल्कि समुदाय और पीवीयूएनएल के बीच सहयोग और विश्वास को भी मजबूत कर रही है। कार्यक्रम के समापन के साथ, किसान नई आशाओं और बेहतर कृषि तकनीकों की जानकारी के साथ अपने घर लौटे। यह पीवीयूएनएल के उस संकल्प को फिर से सिद्ध करता है—जब लोग पीवीयूएनएल तक नहीं आ सकते, तो पीवीयूएनएल खुद लोगों तक पहुंचेगा।

कानून व्यवस्था दुरुस्त होने का दम भरने वाली झारखंड सरकार के कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल


धनबाद में पूर्व विधायक सीता सोरेन और रांची में साधु पर हमला, जाने मंत्री और विधायक ने क्या कहा, डीजीपी ने कहा करवाई हो रही है

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रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार पर एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहा है। भाजपा नेत्री पूर्व विधायक सीता सोरेन बीते रात गुरुवार को कतरास के एक शादी समारोह से भाग लेकर लौट रही थी। इस दौरान उन पर जानलेवा हमले का प्रयास हुआ है। बताया जा रहा है कि धनबाद के सरायढेला में उनका पूर्व पीए देवाशीष घोष ने सीता सोरेन पर पिस्टल चलाने की कोशिश की। वही इस तरह की घटना के बाद कई तरह के सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं।

बीते दिनों एक और घटना घटी रांची स्थित चान्हो के आनंदशील आश्रम में बुधवार की देर रात अपराधियों ने साधु पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें एक की मौत हो गई वहीं दूसरे साढू का इलाज के दौरान अस्पताल में मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि लूटपाट की नीयत से आधा दर्जन हथियारबंद अपराधी कार और बाइक से आनंदशील आश्रम में घुसे और अंधाधुंध गोलियां चलाईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों की गिरफ्तारी भी की है।

वही आज रांची में एक और बड़ी घटना घटी, राँची के बरियातू रोड के सेंट्रल अकाडमी स्कूल के पास कोयला के बड़े ट्रांसपोर्टर बिपिन मिश्रा को अपराधियों ने गोली चलाई। घायलावस्था में उन्हें मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह मामला सदन में उठा और मंत्री इरफान अंसारी ने एकबार फिर कहा कि हमलोगों का कानून व्यवस्था सबसे अच्छा है। सभी की जानमाल की रक्षा करने के लिए हमारी सरकार बनी है। वहीं राज्य के पर्यटन मंत्रीराज्य की विधि व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह झारखंड भी एक राज्य है, जैसे अन्य राज्यों में घटनाएं होती है ,उसी तरह की घटनाएं यहां भी होती है ,लेकिन हेमन्त सोरेन की सरकार में त्वरित कार्रवाई होती है। 

 

राज्य की विधि व्यवस्था को खस्ताहाल बताते हुए जदयू विधायक पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा कि राज्य का सूचना तंत्र, स्पेशल ब्रांच और खुफिया विभाग पूरी तरह फेल है ,इसी वजह से अपराधी बेलगाम हो गए हैं। वहीं राजद विधायक और प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा कि सीता सोरेन पर हमले की जांच कराकर सरकार उचित फैसला लेगी।

झारखंड में खराब कानून व्यवस्था को लेकर माननीय विधायकों द्वारा सवाल खड़ा करने पर जब मीडियाकर्मियों ने राज्य के डीजीपी से सवाल किया तो उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि कार्रवाई चल रही है।

भाजपा नेत्री सीता सोरेन पर धनबाद में हुआ हमला, पूर्व पीए देवाशीष घोष की गिरफ्तारी


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रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची डेस्क : भाजपा नेत्री और पूर्व विधायक सीता सोरेन पर जानलेवा हमले का प्रयास हुआ है। घटना गुरुवार रात की है। सरायढेला थाना क्षेत्र के होटल सोनोटैल में बीती रात भाजपा नेत्री शह पूर्व विधायक सीता सोरेन पर उनके निजी सहायक देवाशीष मनोरंजन घोष ने हमला करने के नियत से पिस्टल तान दिया हंगामा के बाद मौके पर मौजूद सीआरपीएफ की टीम ने उसे पकड़ा फिर स्थानीय थाने की पुलिस पहुंची और मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बताया जा रहा है कि तुरंत मौके पर सुरक्षाकर्मी आ पहुंचे, जिससे सीता सोरेन को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचा। सुरक्षा गार्डों ने देवाशीष को धर दबोचा। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने पूर्व पीए को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को धनबाद कोर्ट में आरोपी को पेश किया गया। जहां से उसे न्याययिक हिरासत में भेज दिया गया।

बता दे की सीता सोरेन गुरुवार को शादी समारोह में कतरास आयीं थीं इसके बाद रात्रि विश्राम हेतु होटल में ठहर रही थी उनकी सुरक्षा में सीआरपीएफ सहित पुलिस के जवान में मौजूद थे पूर्व विधायक के घायल होने की सूचना नहीं है। मामला विधानसभा चुनाव के दौरान फंड को लेकर हुए विवाद की बातें सामने आ रही है। वही इस तरह की घटना के बाद कई तरह के सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। हालांकि पुलिस पूरे मामले पर जांच पड़ताल करने की बात कह रही है।

सब रजिस्ट्रार के कार्यालय को एसडीएम कार्यालय में शिफ्ट करने के मामले में बोकारो डीसी ने कहा

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जनता के हित में शिफ्ट किया जा रहा है रजिस्ट्री ऑफिस, इसमें बहस का कोई मुद्दा नहीं

बोकारो : सब रजिस्ट्रार के कार्यालय को एसडीएम कार्यालय में शिफ्ट करने के मामले में डीसी विजया जाधव ने कहा है कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है. वरीय अधिकारियों के संज्ञान में जनता की सुविधाओं को ख्याल में रखकर ही ऑफिस शिफ्ट किया जा रहा है. 

उन्होंने कहा कि इसको लेकर किसी से कोई बहस नहीं हुई है.पुराना भवन है जर्जर और असुरक्षितडीसी ने कहा कि पहले का भवन काफी पुराना है साथ ही जर्जर भी हो गया है. उस भवन में मौजूद एसडीओ ऑफिस को आईटीआई मोड़ के निकट स्थित नए भवन में शिफ्ट किया जा चुका है. सिर्फ सब रजिस्टार का ऑफिस संचालित हो रहा है. सब रजिस्ट्रार ऑफिस में काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं. उसकी सुरक्षा के साथ-साथ आने जाने वालों की सुविधा भी आवश्यक है.

ग्राउंड फ्लोर पर है ऑफिस

नए भवन के ग्राउंड फ्लोर पर ही ऑफिस को शिफ्ट किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पूर्व के ऑफिस से नया ऑफिस मात्र 200 मीटर की दूरी पर है. इस स्थिति में किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने किसी से किसी भी प्रकार की नोंकझोंक या बहस से साफ इनकार किया है. डीसी ने कहा कि 10 मार्च से नए भवन में रजिस्ट्री होगी.

निर्माणाधीन सिरम टोली फ्लाई ओवर को लेकर आदिवासी समाज मानव श्रृंखला बनाकर सरकार को दिया संदेश

आदिवासी समाज के मानव श्रृंखला पर जाने सत्ता पक्ष और विपक्ष ने क्या कहा

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रांची : निर्माणाधीन सिरम टोली फ्लाई ओवर आदिवासी समाज के लिए परेशानी का सबब बन गया है। राजधानी रांची के सिरम टोली मुख्य सरना स्थल के द्वार पर रैंप के विरोध में शुक्रवार को आदिवासी समाज सड़क पर उतरा है।

उन्होंने कहा कि अगर रैंप वहां रहेगी तो समाज का जुलूस है वह सरना स्थल तक नहीं पहुंच पाएगी। मानव श्रृंखला बनाकर सरकार को संदेश देने की कोशिश की जा रही है। आदिवासी समाज के द्वारा यह मानव श्रृंखला हरमू रोड पुरानी रांची से विधानसभा तक बनाई गयी।

आदिवासी समाज का कहना है कि मंत्री चमरा लिंडा के कहने के बावजूद कम नहीं रोका गया। क्या मुख्यमंत्री और मंत्री के कथन का कोई मोल नहीं है। आदिवासी समाज की कुदरसी मुंडा ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद रघुवर दास को छोड़ सभी मुख्यमंत्री आदिवासी ही रहे है फिर भी आदिवासी समाज उपेक्षित रहा है।

विशाल मानव श्रृंखला का यह मामला झारखंड विधानसभा तक पहुंचा। भाजपा विधायक नवीन जसवाल ने कहा आदिवासियों का आस्था की बात है। सरना स्थल पर लाखों लोग जुड़ते हैं। विकास के नाम पर विनाश का खेल चल रहा है। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पाण्डे ने कहा सारे मामलों को सरकार देख रही है। आदिवासियों की सरकार है जनहित में फैसला ली जाएगी। सरकार के संज्ञान में बाते है विचार विमर्श चल रहा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने की मुलाकात

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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड पुलिस एसोसिएशन, रांची, झारखंड के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी के साथ अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने भी झारखंड पुलिस एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट करने वालों में झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री राहुल कुमार मुर्मू, वरीय उपाध्यक्ष मोहम्मद महताब आलम, उपाध्यक्ष श्री रोहित कुमार रजक, महामंत्री श्री संजीव कुमार, वरीय संयुक्त सचिव श्री संतोष कुमार महतो एवं श्री राकेश कुमार पांडेय, संगठन सचिव श्री मंटू कुमार, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद कमाल,

श्री भागवत मुर्मू, श्री करण कुमार और श्री नितिन रवि, झारखंड पुलिस मेन्स एसोसिएशन के महामंत्री श्री रमेश उरांव, उपाध्यक्ष श्री देवचंद मुंडा, उपाध्यक्ष श्री परमेश्वर महतो, कोषाध्यक्ष श्री गुलाब महतो, सहायक महामंत्री श्री लालेश्वर राम, सहायक महामंत्री श्री तपेश्वर यादव, पूर्व मेन्स अध्यक्ष श्री नरेंद्र कुमार, पूर्व वरीय उपाध्यक्ष और श्री अखिलेश्वर पांडेय तथा झारखंड पुलिस एसोसिएशन, रांची शाखा के अध्यक्ष श्री आनंद राज खलखो, श्री अनीश कुजूर, श्री देवता चरण उपाध्याय एवं उपाध्यक्ष श्री ठाकुर दयाल महतो मौजूद थे।

सदन से भाजपा के वर्कआउट पर मंत्री शिल्पी ने क्यों कहा राज्य के किसानों से ज्यादा जरूरी नेता प्रतिपक्ष


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झारखंड विधानसभा बजट सत्र का आज आठवां कार्य दिवस था। सदन की कार्रवाई शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने सदन का वॉकआउट कर दिया। जिसका कारण उन्होंने बताया कि जहां सरकार झारखंड की महिलाओं को₹2500 दे रही है वहीं वृद्ध विकलांग और विधवा को मात्र ₹1000 पेंशन दे रही है इसे भी उसके समकक्ष देने का मांग भाजपा ने किया था।

जिसका जवाब देते हुए राज्य सरकार के मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भाजपा के लिए पहले अपना नेता प्रतिपक्ष चुनना ज्यादा जरूरी है राज्य के किसानों का हित उनके लिए नहीं है आवश्यक।

दरसल आज सदन में कृषि विभाग के बजट पर चर्चा होना था। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग में आवंटित बजट और वित्तीय वर्ष में कितनी राशि खर्च की गई इस पर चर्चा चली। कृषि मंत्री ने कहा कि भाजपा का सदन में गैर मौजूदगी यह दर्शाता है कि उन्होंने पहले पार्टी को प्राथमिकता दिया किसानों का हिट उनके लिए बाद में है।

झारखंड विधानसभा में कृषि बजट पर चली चर्चा आज, कृषि मंत्री ने तीन महत्वपूर्ण बातें कही

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रिपोर्टर जयंत कुमार

रांची : झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने 3 मार्च को राज्य का बजट सदन में पेश किया था। इसके बाद आज सदन के अंदर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग को लेकर बजट सत्र के दौरान विशेष चर्चा की गई। इस चर्चा से पहले ही भाजपा विधायकों ने सदन का वॉकआउट कर दिया था।

बता दे कि बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री ने कहा था कि बजट का फोकस ग्रामीण एवं कृषि विकास पर है। ग्रामीण विकास के लिए 9,841 करोड़ और कृषि क्षेत्र के लिए कुल 4,587 करोड़ 66 लाख 24 हजार रुपए की राशि निर्धारित की गई है। किसानों को कृषि यंत्रों के लिए 140 करोड़, तालाब निर्माण और डीप बोरिंग के लिए 203 करोड़, उद्यान विकास योजना के लिए 304 करोड़, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के लिए 255 करोड़, फसल बीमा के लिए 350 करोड़, कृषि उपज भंडारण के लिए 259 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड में मत्स्य और पशुपालन विभाग में वार्षिक बढ़ोतरी सबसे ज्यादा हुआ है। राज्य के लिए यह दो क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण है और इसे आगे भी हम वृहद स्तर पर विस्तार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था करते हुए बिरसा पक्का चेक टीम का निर्माण करने का प्रावधान किया गया है। बरसाती नदियों को मोड़कर खेतों तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।

किसानों के ऋण माफी को लेकर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि हम लोगों ने 50000 ऋण माफी से शुरुआत की थी आज किसानों को 2 लाख तक के ऋण माफ किया जा रहे हैं। सरकार ने अबतक राज्य के 4 लाख 72 हजार किसानों का ऋण माफ कर दिया है। इस पर सरकार ने करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किया। पशुपालन विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए मोबाइल वेट क्लिनिक का संचालन शुरू किया है।

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने ग्रामीण कृषि हाट निर्माण की योजना चालू वित्तीय वर्ष में रखी थी। इसके लिए सात करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था। गन्ना विकास की योजना भी कागजों पर ही रह गयी। इसके लिए पांच करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान था। वहीं अगर नियुक्तियां की बात करें तो विभाग में कई ऐसे पद है जो रिक्त पड़े हुए हैं।

रसोइया संयोजिका का 5 सूत्री मांगों को लेकर विधानसभा के समक्ष धरना, विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन बनना बंद करने का दिया अल्टीमेटम

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रिपोर्टर जयंत कुमार

रांची : सरकारी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाली रसोइया संयोजिका सरकार की वादाखिलाफी से खासे नाराज हैं। पिछले 20 सालों से लगातार अपनी मांगों को लेकर जगह-जगह धरना प्रदर्शन और आंदोलन करते नजर आए है। एक बार फिर राज्य सरकार के साथ हुए समझौते को लागू कराने की मांग को लेकर विधानसभा के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे है। अपनी मांगों को लेकर बीते 28 फरवरी से पांच दिवसीय आंदोलन के क्रम मे विधानसभा के समक्ष धरना प्रदर्शन कर सरकार से अविलंब समझौते को लागू करने की मांग आज भी जारी है।

आंदोलनरत रसोईया संयोजिका का कहना है कि सरकार के समझौता के तहत रसोईया को 1 हजार रुपए प्रतिमाह वृद्धि करने, 10 महीने के बजाय 12 महीने का मानदेय देने, साल में दो साड़ी सेट देने और रसोइया का स्थायी नियमावली जब तक नहीं बनता है, तब तक 60 साल की उम्र का बाध्यता समाप्त करने की बात कही गई थी, जिसे अभिलंब लागू की जाए। सरकार के वादा खिलाफी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अल्टीमेटम भी दे डाली। कहा कि अगर सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है तो विद्यालय में मध्यान्ह भोजन बनना बंद हो जाएगा।