झारखंड के 48 नगर निकायों में से 35 नगर निकायों के मतदाताओं का सर्वे पूरा, सर्वे का रिपोर्ट सौंपी गई राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को

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रांची-झारखंड के कुल 48 नगर निकायों में 35 नगर निकायों ने 28 फरवरी तक ओबीसी सर्वेक्षण कर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को रिपोर्ट सौंप दी है. जबकि, 13 निकायों की रिपोर्ट आनी शेष है. 

वहीं, राज्य के 15 जिलों में 30 नगर निकायों ने ओबीसी सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया है. धनबाद, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, लातेहार, चतरा, दुमका, पाकुड़, रामगढ़, जामताड़ा, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, पश्चिम सिंहभूम व गढ़वा के नगर निकायों ने पिछड़ा वर्ग आयोग को रिपोर्ट सौंप दी है.

पांच निकायों ने सर्वे पूरा

तीन जिलों गोड्डा, साहेबगंज व सरायकेला-खरसावां के आठ में से पांच निकायों ने सर्वे पूरा कर आयोग को रिपोर्ट दे दी है. इन जिलों के तीन निकायों में ओबीसी सर्वेक्षण अभी जारी है. इन निकायों ने तीन मार्च तक आयोग को रिपोर्ट सौंपने की बात कही है, जबकि रांची, बोकारो, हजारीबाग, कोडरमा, देवघर व खूंटी समेत कुल छह जिलों ने एक भी नगर निकाय में सर्वे का कार्य पूरा नहीं किया है. इन निकायों ने आयोग को 10 मार्च तक रिपोर्ट देने को आश्वस्त किया है.

लोहरदगा नगर परिषदक्षेत्र में 41.32% हैं पिछड़े वर्ग के मतदाता

लोहरदगा नगर परिषद क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग के 17,798 मतदाता हैं, जबकि निकाय में मतदाताओं की कुल संख्या 43,070 है. पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं का कुल प्रतिशत 41.32 है. वहीं, निकाय में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की कुल संख्या 6,856 है. जो कुल मतदाताओं की संख्या का 15.92 प्रतिशत है.

झारखंड में मैट्रिक हिंदी और विज्ञान की परीक्षा दोबारा,इंटर की तिथि भी तय परीक्षा की तिथि हुई घोषित,


 

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रांची: झारखंड में मैट्रिक की हिंदी और विज्ञान की पुनर्परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गयी है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि हिंदी की परीक्षा सात मार्च को और विज्ञान की परीक्षा आठ मार्च को होगी. प्रश्न पत्र आउट (पेपर लीक) होने के बाद दोनों परीक्षाएं रद्द कर दी गयी थीं. इसके बाद अब इन परीक्षाओं के लिए नयी तारीख की घोषणा की गयी है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने दोबारा परीक्षा की तारीखों की घोषणा कर दी है. पेपर लीक केस में झारखंड की कोडरमा पुलिस ने गिरिडीह जिले से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पिछले दिनों पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद जैक बोर्ड ने दोनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया था. इसके साथ ही कार्रवाई भी की गयी थी. गिरिडीह से पेपर लीक हुआ था. यहां मजदूर बनकर आरोपियों ने पेपर लीक किया था.

प्रैक्टिकल परीक्षाओं की तारीख भी घोषित

जैक बोर्ड ने मैट्रिक और इंटर की प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षा की तिथि भी घोषित कर दी है. मैट्रिक की प्रायोगिक परीक्षा 10 से 25 मार्च तक संबंधित विद्यालय में होगी. इंटर की प्रायोगिक परीक्षा भी 10 से 25 मार्च तक होगी. प्रायोगिक परीक्षाएं संबंधित स्कूल/कॉलेज द्वारा ली जायेंगी. स्कूल/कॉलेज प्रायोगिक परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन का अंक ऑनलाइन अपलोड करेंगे. परीक्षा का अंक 11 से 26 मार्च तक अपलोड होगा.

11वीं बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भरने के लिए जैक ने दिया मौका

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने 11वीं बोर्ड परीक्षा-2025 का फॉर्म भरने के लिए अभ्यर्थियों को एक और अवसर दिया है. अभ्यर्थी बिना विलंब शुल्क के सात मार्च तक फार्म भर सकेंगे, जबकि विलंब शुल्क के साथ आठ मार्च से लेकर 12 मार्च तक परीक्षा आवेदन जमा किया जा सकेगा. उल्लेखनीय है कि 11वीं परीक्षा के लिए जैक की ओर से पूर्व में भी अभ्यर्थियों से फार्म भरवाया गया है.

दुर्भाग्य :धनबाद भले एम्स और हवाईअड्डा से रहा मरहूम पर जमशेदपुर से रांची के बीच चलेगी 700 किलोमीटर प्रति घंटे वाली हाइपरलूप ट्रैन

धनबाद :धनबाद का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि हर सुविधाओं से यह जिला महफूज होता जा रहा है। एम्स और हवाई अड्डा हाथ से जाने के बाद भी यह शहर अभी तक उसकी बाट ही जोह रहा है। और तो और यहां से एक भी वंदे भारत ट्रेन की सीधी सेवा मयस्सर नहीं हो पायी है जबकि झारखंड के और जिले इसका लाभ ले रहे हैं। चालू विधानसभा सत्र में भी किसी भी विधायक द्वारा यहां एयरपोर्ट की जमीन के लिए आवाज नहीं उठाई जा रही है। धनबाद की भले हीं उपेक्षा हो रही है पर झारखंड के कुछ हिंस्सों पर सरकार मेहरबान है।

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 इस बीच खबर मिली है कि आइआइटी मद्रास के सफल परीक्षण के बाद जमशेदपुर से रांची के बीच हाइपरलूप का सपना साकार होने के आसार बढ़ गये हैं. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इसका सपना देखा था.

सपना अब बनेगा हकीकत


टाटा से रांची के बीच हाई-स्पीड यात्रा का सपना जल्द ही हकीकत बन सकता है. भारतीय रेलवे के सहयोग से आइआइटी मद्रास द्वारा किये गये सफल हाइपरलूप परीक्षण के बाद इस प्रोजेक्ट की संभावनाएं और मजबूत हो गयी है. टाटा स्टील भी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सक्रिय रूप से शामिल है.

आइआइटी मद्रास ने किया सफल परीक्षण


आइआइटी मद्रास ने 422 मीटर लंबे हाइपरलूप ट्रैक पर पहली टेस्टिंग पूरी कर ली है. इस परीक्षण में 700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पॉड्स को दौड़ाने की संभावना का अध्ययन किया गया. रेल मंत्रालय की आर्थिक मदद से विकसित इस प्रोटोटाइप को हाइपरलूप तकनीक की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है.

टाटा स्टील भी कर रही है काम


हाइपरलूप प्रोजेक्ट में टाटा स्टील भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. 29 दिसंबर 2022 को टाटा स्टील और ट्यूटर हाइपरलूप ने मिलकर आइआइटी मद्रास के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत हाइपरलूप टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर विकसित किया जायेगा. टाटा स्टील, स्टील और कंपोजिट मैटेरियल के डिजाइन और विकास में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग कर रहा है, ताकि हाइपरलूप को वास्तविकता में बदला जा सके.

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दिया था प्रस्ताव


टाटा से रांची के बीच हाइपरलूप परियोजना की नींव 2017 में रखी गयी थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट सिस्टम की घोषणा की थी. उनका लक्ष्य 2019 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का था, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया. उन्होंने बेलारूस की एक कंपनी से हाईस्पीड ट्रेन टेक्नोलॉजी पर चर्चा करने की बात कही थी. हालांकि, सरकार बदलने के बाद इस योजना पर ज्यादा काम नहीं हो पाया, लेकिन अब रेलवे मंत्रालय और टाटा स्टील की सक्रिय भागीदारी से इस परियोजना के फिर से साकार होने की उम्मीद बढ़ गयी है.

क्या है हाइपरलूप...?


टाटा से रांची के बीच हाइपरलूप का सपना होगा साकार! आइआइटी मद्रास के सफल परीक्षण से बढ़ी उम्मीदें 2

हाइपरलूप एक बेलनाकार, खोखला ट्रैक होता है, जिसमें ऐरोडायनैमिक पॉड्स या कैप्स्यूल बेहद तेज गति से चलते हैं. यह तकनीक भविष्य के परिवहन साधनों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है और यात्रा के समय को काफी कम कर सकती है.

झारखंड के लिए क्या होगा फायदा..?


यदि टाटा से रांची के बीच हाइपरलूप का प्रोजेक्ट साकार होता है, तो झारखंड में यातायात के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आयेगा. इससे न सिर्फ लोगों का समय बचेगा, बल्कि उद्योगों और व्यापार को भी नई गति मिलेगी. साथ ही, यह प्रोजेक्ट झारखंड को आधुनिक परिवहन तकनीक में अग्रणी बना सकता है.

क्या होगा अगला कदम...?


आइआइटी मद्रास के परीक्षण के बाद अब हाइपरलूप पॉड्स की उच्च गति पर टेस्टिंग की जायेगी.उसके बाद, रेलवे मंत्रालय और टाटा स्टील इस तकनीक को व्यावहारिक बनाने की दिशा में आगे कदम बढ़ायेंगे. यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो आने वाले वर्षों में टाटा से रांची के बीच हाइपरलूप चलने का सपना सच हो सकता है.

राज्‍यपाल सह झारखंड विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष गंगवार ने किया कोल्‍हान और नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्ति

डॉ. अंजिला गुप्ता बनी कोल्हान विश्वविद्यालय क़ी कुलपति



रांची। राज्‍यपाल सह झारखंड विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष गंगवार ने कोल्‍हान और नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति कर दी है। इसका आदेश राज्‍यपाल के प्रधान सचिव डॉ नि‍तिन मदन कुलकर्णी ने 28 फरवरी, 2025 को जारी कर दिया। उपरोक्त नियुक्ति अभ्यर्थी के मूल संगठन से सतर्कता मंजूरी के अधीन है।

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जारी आदेश के मुताबिक वर्तमान में जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति के रूप में कार्यरत डॉ. अंजिला गुप्ता को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से कोल्हान विश्वविद्यालय (चाईबासा) का कुलपति नियुक्त किया गया है। वे कुलाधिपति की इच्छानुसार तीन वर्षों से अनधिक अवधि के लिए पद पर रहेंगी।

डॉ. दिनेश कुमार सिंहनीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति बनाये गए

डॉ. दिनेश कुमार सिंह को नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (मेदिनीनगर, पलामू) का कुलपति नियुक्त किया गया है। डॉ सिंह वर्तमान में जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (पंतनगर) में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्षों से अनधिक अवधि के लिए पद पर बने रहेंगे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बच्चों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का लिए कुल 28,945 प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के बीच टैब वितरण किया


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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन सभागार में बच्चों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का लिए टैब का वितरण किया. कुल 28,945 प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के बीच टैब वितरण किया गया. इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय रिपोर्ट कार्ड का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया. इसके अलावा शिक्षकों के लिए सत्तत क्षमता विकास कार्यक्रम की भी शुरुआत हुई.

इस अवसर पर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि आज डिजिटलाइजेशन ने हर एक क्षेत्र को प्रभावित किया है. 

खेती-बाड़ी से लेकर हर व्यवसाय में लोग डिजिटल माध्यम से जुड़ रहे हैं. इस कारण शिक्षा के क्षेत्र में हमने भी कदम बढ़ाया है. स्मार्ट क्लास में स्मार्ट बोर्ड की सहायता से बच्चों को शिक्षा दी जाती है.

इसी कड़ी में आज स्कूलों में टैब का वितरण किया जा रहा है. शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने भी संबोधित किया. उन्होंने आज के दिन को अत्यंत खुशी का दिन बताया. साथ ही शिक्षकों और बच्चों के बीच सूचना के अदान-प्रदान के लिए टैब को आवश्यक बताया. उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर बच्चे अपना भविष्य और बेहतरीन बनाएंगे. उन्होंने विद्यालय रिपोर्ट कार्ड को सरकार का बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया.

EPFO ने 2024-25 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज दर रखा बरकरार


सेवानिवृत्ति निधि निकाय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर शुक्रवार को बरकरार रखी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने फरवरी 2024 में EPF पर ब्याज दर को 2022-23 में 8.15 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 8.25 प्रतिशत कर दिया था.

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 EPFO ने मार्च 2022 में अपने सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के लिए 2021-22 के लिए EPF पर ब्याज को चार दशक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत पर ला दिया था, जो 2020-21 में 8.5 प्रतिशत थी.2020-21 के लिए EPF पर 8.10 प्रतिशत ब्याज दर थी. यह 1977-78 के बाद से सबसे कम है, जब EPF ब्याज दर आठ प्रतिशत थी.

एक सूत्र ने बताया, ‘‘ EPFO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBt) ने शुक्रवार को अपनी बैठक में 2024-25 के लिए EPF पर 8.25 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है. वित्त वर्ष 2020-21 के लिए EPF जमा पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर का फैसला CBT ने मार्च 2021 में किया था. CBT के फैसले के बाद 2024-25 के लिए EPF जमा पर ब्याज दर को सहमति के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा जाएगा.

सरकार के अनुमोदन के बाद, 2024-25 के लिए EPF पर ब्याज दर EPFO के सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के खातों में जमा की जाएगी. EPFO वित्त मंत्रालय के माध्यम से सरकार द्वारा अनुमोदन के बाद ही ब्याज दर प्रदान करता है.

EPFO ने 2024-25 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज दर रखा बरकरार

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सेवानिवृत्ति निधि निकाय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर शुक्रवार को बरकरार रखी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने फरवरी 2024 में EPF पर ब्याज दर को 2022-23 में 8.15 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 8.25 प्रतिशत कर दिया था.

 EPFO ने मार्च 2022 में अपने सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के लिए 2021-22 के लिए EPF पर ब्याज को चार दशक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत पर ला दिया था, जो 2020-21 में 8.5 प्रतिशत थी.2020-21 के लिए EPF पर 8.10 प्रतिशत ब्याज दर थी. यह 1977-78 के बाद से सबसे कम है, जब EPF ब्याज दर आठ प्रतिशत थी.

एक सूत्र ने बताया, ‘‘ EPFO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBt) ने शुक्रवार को अपनी बैठक में 2024-25 के लिए EPF पर 8.25 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है. वित्त वर्ष 2020-21 के लिए EPF जमा पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर का फैसला CBT ने मार्च 2021 में किया था. CBT के फैसले के बाद 2024-25 के लिए EPF जमा पर ब्याज दर को सहमति के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा जाएगा.

सरकार के अनुमोदन के बाद, 2024-25 के लिए EPF पर ब्याज दर EPFO के सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के खातों में जमा की जाएगी. EPFO वित्त मंत्रालय के माध्यम से सरकार द्वारा अनुमोदन के बाद ही ब्याज दर प्रदान करता है.

धनबाद होकर चलेगी कोलकाता-श्रीगंगानगर स्पेशल ट्रेन, खाटू श्याम के भक्तों को सुविधा, 40 स्टेशनों पर रुकेगी


धनबाद :- धनबाद होकर कोलकाता से श्रीगंगानगर के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी। श्रीगंगानगर से पांच व कोलकाता से नौ मार्च को चलने वाली ट्रेन प्रयागराज, आगरा व मथुरा होकर चलेगी।रिंगस होकर चलने वाली इस ट्रेन से खाटू श्याम दरबार तक पहुंचने का भी विकल्प मिल सकेगा।

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मार्च के पहले पखवाड़े में ट्रेनों में यात्रियों की लंबी सूची के मद्देनजर वनवे स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही बुकिंग भी शुरू हो गई है। दोनों ओर से अब गिनती की ही सीटें शेष हैं।

टाइम टेबल

04731 श्रीगंगानगर-कोलकाता स्पेशल पांच मार्च को श्रीगंगानगर से रात 11:00 बजे रवाना होगी। 

सात मार्च की रात 8:40 पर धनबाद तथा आठ मार्च की सुबह 8:50 पर कोलकाता पहुंचेगी।

04732 कोलकाता-श्रीगंगानगर स्पेशल नौ मार्च को कोलकाता से सुबह 9:05 पर रवाना होगी। 

दोपहर 3:05 पर धनबाद तथा 11 मार्च को दिन 11:45 पर श्रीगंगानगर पहुंचेगी।

धनबाद से कोलकाता पहुंचने में लगेंगे 12 घंटे 05 मिनट

स्पेशल ट्रेन से धनबाद से कोलकाता पहुंचने में 12 घंटे 05 मिनट लगेंगे।

श्रीगंगानगर से रात 8:40 पर धनबाद आगमन व 8:45 पर प्रस्थान करेगी।

कोलकाता पहुंचने का समय अगले दिन सुबह 8:50 है। अन्य ट्रेनों से धनबाद से कोलकाता पहुंचने में पांच से छह घंटे ही लगते हैं।

स्पेशल की यात्रा अवधि नियमित ट्रेनों की तुलना में दोगुनी होगी। वापसी में कोलकाता से धनबाद की यात्रा छह घंटे में ही पूरी होगी। धनबाद से बर्द्धमान पहुंचने में लगभग तीन घंटे के बजाय स्पेशल ट्रेन से पांच घंटे 50 मिनट लगेंगे।

इन स्टेशनों पर ठहराव

बर्द्धमान, दुर्गापुर, आसनसोल, धनबाद, पारसनाथ, गया, डीडीयू, मीरजापुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर सेंट्रल, इटावा, टुंडला, आगरा फोर्ट, मथुरा, डींग, गोविंदगढ़, अलवर, राजगढ़, बांदीकुई, दौसा, खतिपुरा, जयपुर, चौमू सामीद, रिंगस, सीकर, रशीदपुर खोरी, लक्ष्मणगढ़ सीकर, फतेहपुर शेखावटी, चुरू, रतनगढ़, राजलदेसर, श्रीडुंगरगड़, नापसार, बीकानेर, लालगढ़, लुनकरनसर, सूरतगढ़, जैतसर व राासिंहनगर।

अप्रैल-मई के अलग-अलग दिनों में बदले मार्ग से चलेगी दुरंतो एक्स.

धनबाद होकर चलने वाली सियालदह-बीकानेर दुरंतो व हावड़ा-बीकानेर साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस अप्रैल-मई के अलग-अलग दिनों में मार्ग परिवर्तन कर चलाई जाएगी।

रेलवे की ओर से जारी सूचना में बताया गया कि उत्तर पश्चिमी रेलवे के मोलीसर-चुरु स्टेशन के बीच दोहरीकरण के कारण मोलिसर, जुहारपुरा, दिपलसर तथा चुरु स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग किया जएगा।

19 अप्रैल से सात जून तक ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। इनमें धनबाद होकर चलने वाली ट्रेनों का अप्रैल व मई में मार्ग बदलेगा।

टुंडी विधायक मथुरा महतो ने गंगापुर लिलोरी मंदिर के जीर्णोद्धार का मामला विधानसभा में उठाया

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धनबाद : टुंडी विधानसभा के राजगंज स्थित गंगापुर लिलोरी मंदिर के जीर्णोद्धार का मामला जेएमएम विधायक मथुरा महतो ने विधानसभा में उठाया। 

विधायक ने सदन को बताया कि यहां पर हर दिन हजारों लोग पूजा करने के लिए पहुंचते हैं।

साथ ही यहां विवाह भी होता है। मंदिर परिसर के आसपास मूलभूत सुविधाओं का आभाव है। उन्होंने विभागीय मंत्री को इस पर ध्यान देने का आग्रह किया

झारखंड पर CAG की रिपोर्ट राज्य का हेल्थ गड़बड़, विपक्ष ने घेरा सरकार को, विपक्ष के सवाल पर मंत्री ने कहा सब ठीक है

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रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : झारखंड विधानसभा में 27 फरवरी को पेश की गई कैग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन के लेखापरीक्षा में सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा अधिकारियों, नर्सों और पैरामेडिक्स की भारी कमी का पता चला है। CAG की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड सरकार कोविड के दी गयी राशि को खर्च नहीं कर पायी थी। झारखंड विधानसभा में पेश CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर लूट का आरोप लगाया है।सदन के बाहर चौथे दिन पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने कैग के रिपोर्ट के बाद कहा कि बड़ा दुर्भाग्य है झारखंड के लिए कि यहां के जनता को क्या लाभ मिल पाया या नहीं। सरयू राय ने मुख्यमंत्री से CAG रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री पर कार्रवाई की मांग की है।

झारखंड के ही मंत्री हफ़ीजुल हसन ने कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में जितना जरूरत था हमने खर्च किया। कही भी ऐसा नहीं था कोविड की दवाइयां कमी हुई। हमें ऐसा नहीं लगा कि स्वास्थ्य में कहीं कमी की है सारा इंतजाम हमारी सरकार ने किया था। 

बरहाल कैग की रिपोर्ट में 2020-21 और 2021-22 के दौरान निरीक्षण वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों में 65 प्रतिशत से लेकर 95 प्रतिशत तक आवश्यक दवाओं की कमी का भी पता चला है। देखनेवाली बात होगी कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।