राज्‍यपाल सह झारखंड विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष गंगवार ने किया कोल्‍हान और नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्ति

डॉ. अंजिला गुप्ता बनी कोल्हान विश्वविद्यालय क़ी कुलपति



रांची। राज्‍यपाल सह झारखंड विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष गंगवार ने कोल्‍हान और नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति कर दी है। इसका आदेश राज्‍यपाल के प्रधान सचिव डॉ नि‍तिन मदन कुलकर्णी ने 28 फरवरी, 2025 को जारी कर दिया। उपरोक्त नियुक्ति अभ्यर्थी के मूल संगठन से सतर्कता मंजूरी के अधीन है।

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जारी आदेश के मुताबिक वर्तमान में जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति के रूप में कार्यरत डॉ. अंजिला गुप्ता को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से कोल्हान विश्वविद्यालय (चाईबासा) का कुलपति नियुक्त किया गया है। वे कुलाधिपति की इच्छानुसार तीन वर्षों से अनधिक अवधि के लिए पद पर रहेंगी।

डॉ. दिनेश कुमार सिंहनीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति बनाये गए

डॉ. दिनेश कुमार सिंह को नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (मेदिनीनगर, पलामू) का कुलपति नियुक्त किया गया है। डॉ सिंह वर्तमान में जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (पंतनगर) में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्षों से अनधिक अवधि के लिए पद पर बने रहेंगे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बच्चों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का लिए कुल 28,945 प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के बीच टैब वितरण किया


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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन सभागार में बच्चों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का लिए टैब का वितरण किया. कुल 28,945 प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के बीच टैब वितरण किया गया. इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय रिपोर्ट कार्ड का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया. इसके अलावा शिक्षकों के लिए सत्तत क्षमता विकास कार्यक्रम की भी शुरुआत हुई.

इस अवसर पर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि आज डिजिटलाइजेशन ने हर एक क्षेत्र को प्रभावित किया है. 

खेती-बाड़ी से लेकर हर व्यवसाय में लोग डिजिटल माध्यम से जुड़ रहे हैं. इस कारण शिक्षा के क्षेत्र में हमने भी कदम बढ़ाया है. स्मार्ट क्लास में स्मार्ट बोर्ड की सहायता से बच्चों को शिक्षा दी जाती है.

इसी कड़ी में आज स्कूलों में टैब का वितरण किया जा रहा है. शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने भी संबोधित किया. उन्होंने आज के दिन को अत्यंत खुशी का दिन बताया. साथ ही शिक्षकों और बच्चों के बीच सूचना के अदान-प्रदान के लिए टैब को आवश्यक बताया. उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर बच्चे अपना भविष्य और बेहतरीन बनाएंगे. उन्होंने विद्यालय रिपोर्ट कार्ड को सरकार का बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया.

EPFO ने 2024-25 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज दर रखा बरकरार


सेवानिवृत्ति निधि निकाय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर शुक्रवार को बरकरार रखी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने फरवरी 2024 में EPF पर ब्याज दर को 2022-23 में 8.15 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 8.25 प्रतिशत कर दिया था.

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 EPFO ने मार्च 2022 में अपने सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के लिए 2021-22 के लिए EPF पर ब्याज को चार दशक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत पर ला दिया था, जो 2020-21 में 8.5 प्रतिशत थी.2020-21 के लिए EPF पर 8.10 प्रतिशत ब्याज दर थी. यह 1977-78 के बाद से सबसे कम है, जब EPF ब्याज दर आठ प्रतिशत थी.

एक सूत्र ने बताया, ‘‘ EPFO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBt) ने शुक्रवार को अपनी बैठक में 2024-25 के लिए EPF पर 8.25 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है. वित्त वर्ष 2020-21 के लिए EPF जमा पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर का फैसला CBT ने मार्च 2021 में किया था. CBT के फैसले के बाद 2024-25 के लिए EPF जमा पर ब्याज दर को सहमति के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा जाएगा.

सरकार के अनुमोदन के बाद, 2024-25 के लिए EPF पर ब्याज दर EPFO के सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के खातों में जमा की जाएगी. EPFO वित्त मंत्रालय के माध्यम से सरकार द्वारा अनुमोदन के बाद ही ब्याज दर प्रदान करता है.

EPFO ने 2024-25 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज दर रखा बरकरार

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सेवानिवृत्ति निधि निकाय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर शुक्रवार को बरकरार रखी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने फरवरी 2024 में EPF पर ब्याज दर को 2022-23 में 8.15 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 8.25 प्रतिशत कर दिया था.

 EPFO ने मार्च 2022 में अपने सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के लिए 2021-22 के लिए EPF पर ब्याज को चार दशक के निचले स्तर 8.1 प्रतिशत पर ला दिया था, जो 2020-21 में 8.5 प्रतिशत थी.2020-21 के लिए EPF पर 8.10 प्रतिशत ब्याज दर थी. यह 1977-78 के बाद से सबसे कम है, जब EPF ब्याज दर आठ प्रतिशत थी.

एक सूत्र ने बताया, ‘‘ EPFO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBt) ने शुक्रवार को अपनी बैठक में 2024-25 के लिए EPF पर 8.25 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है. वित्त वर्ष 2020-21 के लिए EPF जमा पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर का फैसला CBT ने मार्च 2021 में किया था. CBT के फैसले के बाद 2024-25 के लिए EPF जमा पर ब्याज दर को सहमति के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा जाएगा.

सरकार के अनुमोदन के बाद, 2024-25 के लिए EPF पर ब्याज दर EPFO के सात करोड़ से अधिक ग्राहकों के खातों में जमा की जाएगी. EPFO वित्त मंत्रालय के माध्यम से सरकार द्वारा अनुमोदन के बाद ही ब्याज दर प्रदान करता है.

धनबाद होकर चलेगी कोलकाता-श्रीगंगानगर स्पेशल ट्रेन, खाटू श्याम के भक्तों को सुविधा, 40 स्टेशनों पर रुकेगी


धनबाद :- धनबाद होकर कोलकाता से श्रीगंगानगर के लिए स्पेशल ट्रेन चलेगी। श्रीगंगानगर से पांच व कोलकाता से नौ मार्च को चलने वाली ट्रेन प्रयागराज, आगरा व मथुरा होकर चलेगी।रिंगस होकर चलने वाली इस ट्रेन से खाटू श्याम दरबार तक पहुंचने का भी विकल्प मिल सकेगा।

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मार्च के पहले पखवाड़े में ट्रेनों में यात्रियों की लंबी सूची के मद्देनजर वनवे स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही बुकिंग भी शुरू हो गई है। दोनों ओर से अब गिनती की ही सीटें शेष हैं।

टाइम टेबल

04731 श्रीगंगानगर-कोलकाता स्पेशल पांच मार्च को श्रीगंगानगर से रात 11:00 बजे रवाना होगी। 

सात मार्च की रात 8:40 पर धनबाद तथा आठ मार्च की सुबह 8:50 पर कोलकाता पहुंचेगी।

04732 कोलकाता-श्रीगंगानगर स्पेशल नौ मार्च को कोलकाता से सुबह 9:05 पर रवाना होगी। 

दोपहर 3:05 पर धनबाद तथा 11 मार्च को दिन 11:45 पर श्रीगंगानगर पहुंचेगी।

धनबाद से कोलकाता पहुंचने में लगेंगे 12 घंटे 05 मिनट

स्पेशल ट्रेन से धनबाद से कोलकाता पहुंचने में 12 घंटे 05 मिनट लगेंगे।

श्रीगंगानगर से रात 8:40 पर धनबाद आगमन व 8:45 पर प्रस्थान करेगी।

कोलकाता पहुंचने का समय अगले दिन सुबह 8:50 है। अन्य ट्रेनों से धनबाद से कोलकाता पहुंचने में पांच से छह घंटे ही लगते हैं।

स्पेशल की यात्रा अवधि नियमित ट्रेनों की तुलना में दोगुनी होगी। वापसी में कोलकाता से धनबाद की यात्रा छह घंटे में ही पूरी होगी। धनबाद से बर्द्धमान पहुंचने में लगभग तीन घंटे के बजाय स्पेशल ट्रेन से पांच घंटे 50 मिनट लगेंगे।

इन स्टेशनों पर ठहराव

बर्द्धमान, दुर्गापुर, आसनसोल, धनबाद, पारसनाथ, गया, डीडीयू, मीरजापुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर सेंट्रल, इटावा, टुंडला, आगरा फोर्ट, मथुरा, डींग, गोविंदगढ़, अलवर, राजगढ़, बांदीकुई, दौसा, खतिपुरा, जयपुर, चौमू सामीद, रिंगस, सीकर, रशीदपुर खोरी, लक्ष्मणगढ़ सीकर, फतेहपुर शेखावटी, चुरू, रतनगढ़, राजलदेसर, श्रीडुंगरगड़, नापसार, बीकानेर, लालगढ़, लुनकरनसर, सूरतगढ़, जैतसर व राासिंहनगर।

अप्रैल-मई के अलग-अलग दिनों में बदले मार्ग से चलेगी दुरंतो एक्स.

धनबाद होकर चलने वाली सियालदह-बीकानेर दुरंतो व हावड़ा-बीकानेर साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस अप्रैल-मई के अलग-अलग दिनों में मार्ग परिवर्तन कर चलाई जाएगी।

रेलवे की ओर से जारी सूचना में बताया गया कि उत्तर पश्चिमी रेलवे के मोलीसर-चुरु स्टेशन के बीच दोहरीकरण के कारण मोलिसर, जुहारपुरा, दिपलसर तथा चुरु स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग किया जएगा।

19 अप्रैल से सात जून तक ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। इनमें धनबाद होकर चलने वाली ट्रेनों का अप्रैल व मई में मार्ग बदलेगा।

टुंडी विधायक मथुरा महतो ने गंगापुर लिलोरी मंदिर के जीर्णोद्धार का मामला विधानसभा में उठाया

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धनबाद : टुंडी विधानसभा के राजगंज स्थित गंगापुर लिलोरी मंदिर के जीर्णोद्धार का मामला जेएमएम विधायक मथुरा महतो ने विधानसभा में उठाया। 

विधायक ने सदन को बताया कि यहां पर हर दिन हजारों लोग पूजा करने के लिए पहुंचते हैं।

साथ ही यहां विवाह भी होता है। मंदिर परिसर के आसपास मूलभूत सुविधाओं का आभाव है। उन्होंने विभागीय मंत्री को इस पर ध्यान देने का आग्रह किया

झारखंड पर CAG की रिपोर्ट राज्य का हेल्थ गड़बड़, विपक्ष ने घेरा सरकार को, विपक्ष के सवाल पर मंत्री ने कहा सब ठीक है

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रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : झारखंड विधानसभा में 27 फरवरी को पेश की गई कैग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन के लेखापरीक्षा में सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा अधिकारियों, नर्सों और पैरामेडिक्स की भारी कमी का पता चला है। CAG की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड सरकार कोविड के दी गयी राशि को खर्च नहीं कर पायी थी। झारखंड विधानसभा में पेश CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर लूट का आरोप लगाया है।सदन के बाहर चौथे दिन पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने कैग के रिपोर्ट के बाद कहा कि बड़ा दुर्भाग्य है झारखंड के लिए कि यहां के जनता को क्या लाभ मिल पाया या नहीं। सरयू राय ने मुख्यमंत्री से CAG रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री पर कार्रवाई की मांग की है।

झारखंड के ही मंत्री हफ़ीजुल हसन ने कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में जितना जरूरत था हमने खर्च किया। कही भी ऐसा नहीं था कोविड की दवाइयां कमी हुई। हमें ऐसा नहीं लगा कि स्वास्थ्य में कहीं कमी की है सारा इंतजाम हमारी सरकार ने किया था। 

बरहाल कैग की रिपोर्ट में 2020-21 और 2021-22 के दौरान निरीक्षण वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों में 65 प्रतिशत से लेकर 95 प्रतिशत तक आवश्यक दवाओं की कमी का भी पता चला है। देखनेवाली बात होगी कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

उपायुक्त ने दिया निर्देश गर्मी से पूर्व मिशन मोड में खराब पड़ें चापाकलों व जलमीनारों को करें दुरूस्त

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बोकारो: समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त विजया जाधव ने जिले में संचालित विभिन्न पेयजलापूर्ति योजनाओं की प्रगति कार्य की समीक्षा की। मौके पर अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, डीएसओ शालीनी खालखो, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता चास/तेनुघाट राम प्रवेश राम,सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

टीम गठित कर सभी पूर्ण योजनाओं का भौतिक निरीक्षण करें

उपायुक्त ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति कार्य की समीक्षा की। इस दौरान पूर्ण योजनाओं को पंचायतों को हैंड ओवर करने की कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने पेयजल एवं पंचायती राज विभाग को समन्वय स्थापित कर टीम गठित कर सभी पूर्ण योजनाओं का भौतिक निरीक्षण करते हुए आगामी 07 मार्च तक हैंडओवर करने को कहा। जिस मुखिया या जल सहिया के द्वारा हैंड ओवर लेने में दिलचस्पी नहीं ली जाएगी, उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मुखिया का वित्तीय क्षमता सीज की जाएगी।

योजनाओं में कोई बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके विरूद्ध होगी कार्रवाई

डीसी ने योजनाओं के धीमी रफ्तार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसी, संवेदक को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने खराब प्रदर्शन और धीमी रफ्तार पर संबंधित एजेंसी, संवेदक को नोटिस निर्गत करते हुए कार्रवाई के लिए अनुशंसा करने को कहा। समीक्षा क्रम में पंचायत के मुखिया द्वारा योजनाओं के संचालन में दिलचस्पी नहीं लेने की बात सामने आई। इस पर उपायुक्त ने सरकार की योजनाओं को धरातल पर लाने में अगर कोई बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके विरूद्ध भी कार्रवाई होगी। उन्होंने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को यह संदेश नीचे तक ले जाने की बात कहीं।

खराब चापाकलों की शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित कार्रवाई करें

समीक्षा क्रम में 14 वे. वित्त आयोग के तहत सोलर व लघु जलमीनार के खराब पड़े जलापूर्ति योजना को दुरूस्त करने को कहा। उन्होंने संबंधित पंचायत के मुखिया व पंचायत सचिव को वैसे जलमीनार जहां सोलर प्लेट डैमेज, मोटर खराब, हैंड पंप (पेयजल विभाग के अलावा अन्य मद से निर्मित) खराब आदि हुआ है, उसे दुरुस्त करने का कार्य करें। उपायुक्त ने संबंधित सहायक अभियंता व कनीय अभियंता को लंबे समय से पेजयलापूर्ति बाधित होने की किसी तरह की शिकायत प्राप्त नहीं हो, इसे सुनिश्चित करने की बात कहीं, खराब चापाकलों की शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित कार्रवाई करें।

विभागों से लंबित एनओसी की भी उपायुक्त ने समीक्षा की

कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता ने जल सहियाओं द्वारा पोर्टल पर खराब चापाकलों एवं मरम्मती के बाद दुरुस्त चापाकलों की फोटो अपलोड की जानी है, जो नहीं हो रही है, जिससे कार्य निष्पादन में परेशानी हो रही है। इस पर उपायुक्त ने जल सहियाओं का प्रखंडवार कार्यशाला शिड्यूल करने को संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया। 

बैठक में पेयजलापूर्ति पाइप अधिष्ठापन को लेकर विभिन्न विभागों से लंबित एनओसी की भी उपायुक्त ने समीक्षा की। समीक्षा में राष्ट्रीय राज मार्ग, वन विभाग एवं पथ प्रमंडल विभाग से संबंधित एनओसी को अविलंब विभाग को समर्पित करने को कहा। उन्होंने मिशन मोड में खराब पेयजलापूर्ति व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने को कहा।

प्रोग्रेसिव कंस्ट्रक्शन एजेंसी को नोटिस कर कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश

सिंगल विलेज स्किम (एसवीएस) के दौरान विभिन्न प्रखंडों में पेयजल विभाग की सोलर जलापूर्ति योजना के खराब इकाईयों को दुरूस्त करने को कहा। उन्होंने नावाडीह प्रखंड के मुंगो रंगामाटी के सोलर पैनल दुरुस्त करने, मोटर दुरुस्त करने के लिए एम.एस आरती कंस्ट्रक्शन नावाडीह के पोखरिया व चपरी के सोलर पैनल दुरुस्त करने, मोटर दुरुस्त करने के लिए एम.एस अधिर प्रसाद चौधरी, नावाडीह के पोखरिया के सोलर पैनल दुरुस्त करने, मोटर दुरुस्त करने के लिए श्री तेज नारायण तिवारी, पेटरवार के उलगढ़ा में मोटर दुरुस्त करने के लिए एमएस प्रोग्रेसिव कंस्ट्रक्शन एजेंसी आदि को नोटिस कर कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।

इस नंबर पर करें शिकायत

उपायुक्त ने आमजनों से पेयजल की समस्या व शिकायत टोल फ्री नंबर 18003456502 पर दर्ज करने का अपील की। शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

होटल के कमरे में पंखे से लटका मिला लोन ब्रोकर का शव, 2 दिन से था लापता


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झारखंड : जामताड़ा के मैथन स्थित होटल मां काली दुर्गा निवास में एक चौंकाने वाली घटना घटी है। होटल के कमरा नंबर 206 के पास 53 वर्षीय लोन ब्रोकर प्रकाश सिंह का शव पंखे से लटका हुआ मिला। प्रकाश पिछले 2 दिनों से लापता थे। प्रकाश सिंह विभिन्न बैंकों से जुड़कर लोन ब्रोकर का काम करते थे। होटल के कमरे से बदबू आने पर कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। कमरे में पंखे का ब्लेड भी बुरी तरह मुड़ा हुआ था।

प्रकाश के पिता बसंत सिंह चित्तरंजन स्थित हिंदुस्तान केबल्स में काम करते थे। उनकी एक महीने पहले मौत हो गई थी। प्रकाश के 2 बेटे हैं, जिनमें से बड़ा बाहर नौकरी करता है और छोटा बेटा दिल्ली जाने वाला था। कुल्टी थाना के इंस्पेक्टर इंचार्ज लालटू पखीरा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि यह आत्महत्या है या हत्या। 

पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि प्रकाश होटल में क्यों ठहरे थे और उनके साथ कौन था।

केंद्र की झारखंड सरकार को दो-टूक: अवैध खनन रोकने के लिए बदलें अपने कानून


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नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने झारखंड में बढ़ते अवैध खनन पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से अपनी खनन नीति को केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप बनाने की सलाह दी है। आइए जानते हैं केंद्र सरकार ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को क्या-क्या सलाह दी है।

हलफनामे में मंत्रालय ने कहा, विशेष मूल्यांकन समिति (ईएसी) ने एनजीटी के पूर्व आदेश के आधार पर झारखंड में अवैध खनन से जुड़े मामलों की समीक्षा की है। इसमें पाया गया कि राज्य सरकार और झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दाखिल हलफनामों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव की जरूरत है। 

समिति ने सिफारिश की है कि झारखंड को अपनी रेत खनन नीति को सतत रेत खनन प्रबंधन दिशा-निर्देश (एसएसएमजी), 2016 और रेत खनन प्रवर्तन व निगरानी दिशा-निर्देश (ईएमजीएसएम), 2020 के अनुसार संशोधित करना चाहिए।

इसके अलावा, समिति ने कहा कि झारखंड में लघु खनिजों, रेत और बजरी के अलावा अन्य खनिजों के लिए जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जुलाई 2018 में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार होनी चाहिए। 

साथ ही, झारखंड खनन नीति 2017 को भी केंद्र सरकार की 2017 और उसके बाद की अधिसूचनाओं के आधार पर संशोधित करने की आवश्यकता है।

तकनीक अपनानी होगी

केंद्र ने कहा, झारखंड को एसएसएमजी 2016 के प्रावधानों के तहत आईटी और जीआईएस सक्षम निगरानी प्रणाली को लागू करना चाहिए। इसके तहत आरएफआईडी टैग, खनिजों/रेत परिवहन ट्रकों पर जीपीएस ट्रैकिंग, सभी स्टॉकयार्डों में सीसीटीवी के साथ वजन के लिए लगाए जाने वाले तौल पुल स्थापित करने चाहिए।

केंद्र ने कहा है कि अवैध खनन को रोकने के लिए सभी प्रमुख उपभोग केंद्रों के पास सीसीटीवी कैमरों के साथ चेकपॉइंट स्थापित किए जाने चाहिए ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि सभी परिवहन वाहनों के पास वैध परिवहन परमिट है या नहीं।