झारखंड के पत्रकारों के लिए भी पत्रकार सम्मान योजना चालू हो :शबाना खातून

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव शबाना खातून बीते दिनों सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रांची जाकर मिलीं। उन्होंने 18 से 20 वर्ष की महिलाओ को मंईयां सम्मान योजना पास करने पर सीएम को बधाई दिया। शबाना ने योजना में कई तरह की कमियों से महिलाओं को होने वाली परेशानी से सीएम को अवगत कराया।

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मौके पर शबाना ने सीएम से पत्रकारों के हित के लिए मंईयां योजना की तरह पत्रकारों को भी पत्रकार सम्मान योजना चालू करने की मांग किया। इसके अलावे छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड के पत्रकारों को भी सुरक्षा कानून लागू करने की मांग सीएम से किया। साथ ही पत्रकारों को टोल टैक्स फ्री करने, आवास योजना से जोड़ने, पत्रकार भविष्य निधि तथा पत्रकार परिवार कल्याण योजना की सुविधा देने की मांग किया।  

उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज के चौथे स्तंभ है। कठिन परिस्थिति में पत्रकार अपना दायित्व निभाते हैं, लेकिन सरकार के तरफ से सुरक्षा को लेकर कुछ भी नही है।जबकि पत्रकार सरकार और आम जनता के बीच सेतू का काम करता है। शबाना की मांग पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने पूर्व मंत्री सरयू राय के खिलाफ कराया मामल दर्ज

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने पूर्व मंत्री सरयू राय के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। बन्ना गुप्ता और पूर्व मंत्री सरयू राय के बीच लंबे अरसे से अनबन चल रही है। दोनों नेता आपस में एक दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते रहे हैं। इस तरह की खबरें हमेशा मीडिया में आती रही है। 

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इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने पूर्व मंत्री और वर्तमान जमशेदपुर पूर्वी से निर्दलीय विधायक सरयू राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। मंत्री बन्ना गुप्ता ने सरयू राय पर रघुवर दास सरकार में मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

अच्छी खबर, झारखंड के मुखिया को मिलेगा ₹5 हजार मानदेय, मंत्री इरफान अंसारी के साथ वार्ता के बाद बनी सहमति

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झारखंड प्रदेश मुखिया संघ की हड़ताल खत्म हो गई है। दरअसल पिछले कई दिनों से मुखिया संघ राजभवन के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठा था।

लेकिन अब ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री इरफान अंसारी से मुखिया संघ की वार्ता हो गई है। जिसमें 5 हजार रुपये मानदेय देने पर सहमति बनी है।

झारखंड के मुखियाओं को भी बिहार के तर्ज पर मानदेय दिया जाएगा। जल्द ही इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास भेजा जा सकता है। बता दें कि झारखंड के सारे मुखिया बीते 27 अगस्त से हड़ताल पर थे।

सुपुर्दे खाक हुआ शहीद सीआरपीएफ जवान शहनवाज का पार्थिव शरीर, अधिकारियों एवं जिला के अन्य पदाधिकारीयों ने शहीद को दी सलामी

बंदूक झुकाकर 8 जवानों ने 3 राउंड कुल 24 चक्र फायर कर शहीद को दी अंतिम सलामी

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साहेबगंज: शहीद सीआरपीएफ जवान मोहम्मद शाहनवाज आलम का पार्थिव शरीर छतीसगढ़, रायपुर से हवाई जहाज से रविवार की सुबह 8:45 बजे उड़ान भरा। कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट पर सुबह 10:05 बजे लैंड किया। फिर वहां से पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से रविवार की रात लगभग 9:40 बजे साहिबगंज शहर के कुलीपाड़ा मोहल्ला स्थित शहीद के घर पहुंचा।

इसके पूर्व जगह-जगह स्थानीय थाना पुलिस ने स्कॉट किया। इधर शहर के साक्षरता चौक पर जवान के स्वागत के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वहां जुटी लोगों की भीड़ ने शहनवाज ज़िंदाबाद, शहनवाज अमर रहे, अमर रहे, भारत माता की जय के नारे लगाए। कारकेट व सीआरपीएफ वाहन के पीछे हजारों बाइक में हाथों में राष्ट्रीय झंडा लिए शहनवाज के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन, पूर्वी फाटक, किदवई पथ, पुरानी साहिबगंज, नया टोला, बड़तल्ला होते हुए कुलीपाड़ा मेन रोड पहुंचा। जहां पहले से ही लोगों का हुजूम उसके इन्तज़ार में था। शहनवाज के पहुंचते ही एकबार फिर भारत माता की जय के नारों से आसमान गूंज उठा। 

यहां से सीआरपीएफ के जवान कैफीन लेकर शहनवाज के घर पहुंचे। जहां घर के बाहर स्वगत स्थल पर कैफीन रखा गया। शहनवाज की एक झलक पाने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। तिरंगे को सम्मान के साथ उसकी पत्नी को समर्पित किया गया। फिर यहां कैफीन खोल उसकी पत्नी, पुत्र, पिता, भाइयों व परिजनों को अंतिम दर्शन कराया गया। पत्नी रुखसाना खातून के आंसू रुक नहीं रहे थे। बार-बार कह रही थीं कि इतनी जल्दी चले गए अभी तो देश की रक्षा के लिए और लड़ना था। इधर 5 वर्षीय पुत्र मो शहजेब तबरेज, पिता शम्स तमरेज व भाइयों में मो हशमत तबरेज, मो सरफरोज़ आलम, मो सरफराज आलम की आंखों से आंसू जारी थे। भारत माता की जय के नारों के बीच हजारों लोगों ने उनके शव का अंतिम दीदार किया। देर रात तक सिलसिला चलता रहा।

 

धनबाद सीआरपीएफ के 154 बटालियन के सीओ सुनील दत्त त्रिपाठी व डीएसपी संजीव कुमार सनोज, सीआरपीएफ के अन्य अधिकारी ने सुबह पहुंचकर जायजा लिया। शहीद का जनाजा सुबह 8 बजे उसके कुलीपाड़ा स्थित घर से स्थानीय कब्रिस्तान की ओर प्रस्थान किया। फूलों व तिरंगे से सजे वाहन में शहनवाज का शव कुलीपाड़ा से निकला। पीछे 100 फिट तिरंगा लिए युवाओं व उसके पीछे हजारों लोगों का काफिला कब्रिस्तान के लिए रवाना हुआ। पूरा शहर हिंदुस्तान ज़िन्दाबाद, भारत माता की जय, देश की आर्मी ज़िंदाबाद, शहनवाज अमर रहे, अमर रहे के नारों से आसमान गूंज उठा। हर घर गली से लोग यात्रा के दर्शन कर रहे थे। जगह-जगह छतों व बालकोनी से लोगों ने अंतिम दर्शन किया। अंतिम यात्रा ग्रीन होटल, स्टेशन रोड, पटेल चौक, स्वामी विवेकानंद चौक, महात्मा गांधी चौक, चौक बाजार, एलसी रोड, पश्चिमी फाटक होते हुए कब्रिस्तान पहुंचा। यहां ईदगाह परिसर में सीआरपीएफ के 8 जवानों की टुकड़ी ने और सभी ने दो मिनट का मौन रखा। शस्त्र झुकाया, 3 चक्र कुल 24 गोली फायर के जवान को सलामी दी। 

इसके पूर्व उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह, सदर एसडीओ अंगार नाथ स्वर्णकार सहित सीआरपीएफ के सीओ, डीएसपी सहित परिजनों ने शहीद जवान के पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। फिर जनाजा को गुसुल देने के बाद नमाज अदा की गई। इसके बाद जनाजा को स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।

मंच पर बैठने को लेकर कांग्रेसियों ने आपस में की धक्का मुक्की,नाराज होकर प्रदेश अध्यक्ष बैठ गए हाल के बाहर

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झारखण्ड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे जमशेदपुर ।जमशेदपुर पहुंचने पर बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन सभागार में मंच में बैठने को लेकर कांग्रेसियों ने आपस में की धक्का मुक्की जिससे नाराज होकर प्रदेश अध्यक्ष हाल के बाहर आकर बैठ गए।

जमशेदपुर में संवाद आपके द्वारा कांग्रेस पार्टी की कार्यक्रम के दरमियान डॉ अजय कुमार के समर्थकों के द्वारा जमकर नारे बाजी हो रही है और साथ ही साथ नारा लगाया जा रहा है कि देखो देखो कौन आया शेर आया शेर आया पूर्वी की है यही पुकार डॉक्टर अजय कुमार डॉक्टर अजय कुमार कहने का मतलब यह है कि उनके समर्थ को द्वारा अलग कमान को बताने की कोशिश किया जा रहा है कि पूर्वी सीट से डॉक्टर अजय कुमार को चुनाव में टिकट दिया जाए.

जमशेदपुर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश पहुंचे जमशेदपुर कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत। बिस्टुपुर स्थित माइकल जॉन सभागार में कार्यकर्ताओं के साथ करेंगे सीधा संवाद। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भानु भाई पटेल डॉ अजय कुमार।

 पूर्व विधायक प्रदीप बालमुचू .

जमशेदपुर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार केशव महतो कमलेश जमशेदपुर पहुंचे जमशेदपुर पहुंचने पर जैसे ही बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन सभागार में पहुंचे माइकल जॉन के अंदर सभागार में आपस में कांग्रेस नेताओं के बीच में नारेबाजी हो रही थी देखते देखते आपस में धक्का मुर्गी होने लगी और जमकर नारेबाजी एक दूसरे पर करने लगे इस अवस्था को देखकर प्रदेश अध्यक्ष हाल के बाहर आकर बैठ गए। इसके बाद माहौल को शांत कराया गया । 

इसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई कार्यक्रम था कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद करने का। कार्यक्रम शुरू हुआ और आधे घंटे में कार्यक्रम समाप्ति हो गई जिसके बाद कांग्रेस नेता अजय सिंह ने कहा कि यह कांग्रेस की कलर नहीं है जिन लोगों के भी द्वारा इस तरीके से किया गया है वह अच्छी बात नहीं है।

 वही इंटक नेता चंद्रभान सिंह ने किया कि जिस तरीके से स्टेज के ऊपर में धक्का मुखी हो रही थी और यह नारेबाजी करने से किसी को टिकट नहीं मिलता। केशव महतो कमलेश से जब हमने बात की तो उनका कहना था कि कोई भी विवाद नहीं है कार्यकर्ताओं का हम है इसलिए मैं बाहर आकर बैठा है लेकिन तस्वीर में साफ देखा जा सकता है तो कैसे आपस में कांग्रेसी भिड़े हुए हैं।

धनबाद सोसायटी ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स और गायनोकोलॉजी ने सत्याग्रह का किया आयोजन

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धनबाद : आर.ज़ी.कर. मेडिकल कॉलेज कलकत्ता में हुई घटना का 9 सितंबर 2024 को एक माह पूरे हो जायंगे, अभी न तो सभी अपराधी की गिरफ्तारी हुई है और ना ही पीड़िता को न्याय मिली है। 

इस संदर्भ में पीड़िता को तत्काल न्याय मिले इसके लिए धनबाद सोसाइटी ऑफ़ ऑब्सटेट्रिक्स और गायनोकोलॉजी के द्वारा गांधी सेवा सदन स्थित गांधी के प्रतिमा के समक्ष 9 सिंतबर 2024 को दोपहर 3 बजे से 4 बजे तक एक सत्याग्रह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डीएसओजी के साथ आईएमए,रेड क्रॉस, इनर व्हील माइल स्टोन, डीबीए,जेपी आंदोलन आदि के अलावे दर्जनों संगठन के लोगों ने सैकड़ो की तादाद में एक स्वर में पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषी को सजा देने की मांग की।

 धनबाद सोसायटी ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गाइनोंकोलॉजी के डॉ.गायत्री सिंह, अध्यक्ष, डॉ. नेहा प्रियदर्शिनी सचिव,डॉ.प्रतिभा रॉय पूर्व अध्यक्ष,डॉ. रेनू उपाध्याय पूर्व सचिवडॉ. बी एन गुप्ता अध्यक्ष आईएमए,डॉ. राकेश इंदर सिंह सचिव आईएमए,डॉ.एस के दास,डॉ.अपर्णा करण, डॉ. श्रेया करन, डॉ. शिवानी झा,डॉ. डी पी भूषण,डॉ.राजकुमार सिंह,डॉ. रेखा रानी सिन्हा,डॉ.बी एन चौधरी, डॉ. मिहिर झा,डॉ. नीतू सहाय,डॉ. सीमा साहू,विधायक राज सिन्हा,पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय झा,कृष्णा अग्रवाल,डॉ. इला रॉय,डॉ.भाष्कर दास गुप्ता,डॉ.एम एम बन्दोपाध्याय,डॉ.प्रसून आनंद ( गोविंदपुर )डॉ. धीरज चौधरी,मुकेश सिंह,अनंत श्रीकृष्णा, डॉ. संजय साहू,डॉ. अर्पिता,निधि मुंजल, रश्मि सहाय,डॉ. मिहिर झा,डीसीडीए सेक्रेटरी धीरज कुमार दास, चंद्रशेखर गुप्ता,सुकांतो, राजेश सिंह,टिंक्कू, प्रकाश गोयल,अनुराग सैकड़ों लोग मौजूद थे।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचे धनबाद, संघ के नेताओं के साथ धैया में की बैठक

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धनबाद :बीजेपी के झारखंड प्रभारी शिवराज सिंह चौहान सोमवार को अचानक धनबाद पहुंचे और धैया में संघ के नेताओं के साथ बैठक की। 

 केंद्रीय मंत्री हेलीकॉप्टर से सुबह 8 बजे बरवाअड्डा हवाईअड्डा पहुंचे। जहां धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो, विधायक राज सिन्हा सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया।

 हवाईअड्डा पर ही केंद्रीय मंत्री ने भाजपा के नेताओं को संगठन मजबूत करने का निर्देश दिया। साथ ही पार्टी के भीतर के विवाद को भी निपटाने की बात कही गई। श्री चौहान हवाईअड्डा से सीधे धैया रोड में रहनेवाले आरएसएस के धनबाद महानगर व्यवस्था प्रमुख गोपी कटेसरिया के घर पहुंचे. केंद्रीय मंत्री दो घंटो तक संघ से जुड़े नेताओं के साथ मुलाकात कर बैठक की. सूत्रों नुसार बीजेपी के किसी भी नेता को वहा इजाजत नहीं थी. बीजेपी नेता हवाईअड्डा के आसपास ही इंतजार करते रहे। आरएसएस की बैठक में आने से पहले ही उन्हें रोक दिया गया था।

इधर समर्थक करते रहे इंतजार

पहले जानकारी मिली थी कि शिवराज सिंह चौहान संघ की बैठक में भाग लेने पूर्वी टुंडी प्रखंड के शंकरडीह जाएंगे. इस दौरान रास्ते में उनका स्वागत करने के लिए समर्थक इंतजार करते रहे लेकिन लगभग 11 बजे कृषि मंत्री फिर से बरवाअड्डा हवाईअड्डा पहुंचे और बीजेपी नेताओं से मुलाकात करने के बाद हेलीकॉप्टर से रांची निकल गए. एयरपोर्ट पर बीजेपी के महानगर जिलाध्यक्ष श्रवण राय, संजीव अग्रवाल, रागिनी सिंह, अमरेश सिंह, हरेंद्र सिंह सहित कई नेता मौजूद रहे।

झारखंड में एनडीए गठबंधन में शीट शेयरिंग को लेकर मचेगा घमासान,झारखंड मे इस घटक के कई दल ने पसरा झारखंड में पांव....?


रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : झारखंड विधानसभा के चुनाव को लेकर प्रमुख दलों ने जहां तैयारी तेज कर दी है, वहीं पार्टियों के बीच आपसी गठबंधन को लेकर कवायद भी चरम पर है। नए राजनीतिक घटनाक्रम में भाजपा छोड़कर अपनी अलग पार्टी भारतीय जन मोर्चा- (भाजमो) बना चुके सरयू राय ने जनता दल (यूनाइटेड) के साथ मिल गए है।

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 उनके जदयू में शामिल होने के बाद, ऐसे में सरयू की भाजपा से दूरी तथा जदयू से नजदीकी की स्थिति भी देखने वाली होगी। विधानसभा चुनाव को लेकर जदयू रणनीति बनाने में जुट गई है। जिसे लेकर आज रांची में जदयू की महत्वपूर्ण बैठक भी होनी है। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा शिरकत करेंगे।

 जहां सीटों को लेकर चर्चाएं होगी। जेडीयू के राज्यसभा सांसद खिरू महतो ने तो यहां तक कहा था कि पार्टी पूरे झारखंड में चुनाव लड़ने के हिसाब से तैयारी कर रही है। अगर पिछले चुनाव की बात करे तो 2019 में जेडीयू ने झारखंड में अकेले दम पर 40 और 2014 में 45 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन तब वह एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। 

सरयू राय के जदयू में शामिल होने से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आने की संभावना है। 

दूसरी ओर बीजेपी इंडिया गठबंधन की सरकार को सत्ता से हटाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है और उसने दो बड़े नेताओं- कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को राज्य में प्रभारी व सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा की सहयोगी जेडीयू ने जहां 11 सीटों पर दावेदारी ठोक दी है, वहीं जीतन राम मांझी की पार्टी हम भी कह रही है क‍ि वह भी झारखंड में चुनाव लड़ेगी।

 हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम पार्टी) झारखंड में 7 सीटो पर दावेदारी ठोक रही है। एनडीए का एक अन्य सहयोगी पार्टी लोजपा भी झारखंड में चुनाव लड़ने को तैयार है।

 चिराग पासवान ने यहां तक का डाली थी कि गठबंधन से अगर बात नहीं बनी तो हम स्वतंत्र ही चुनाव लड़ेंगे।

हालांकि सीटों के संबंध में अंतिम फैसला बीजेपी के बड़े नेताओं से बातचीत के बाद ही लिया जाएगा। झारखंड विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर एनडीए में फंसे पेंच को सुलझाने का काम असम के सीएम और बीजेपी के चुनाव सह प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा करेंगे। आज हेमंता भी रांची आ रहे है। 

संभवत आजसू और जदयू के साथ सीट शेयरिंग के मुद्दे पर गंभीर चर्चा होगी। भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा कि सीटों को लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं है झारखंड में जिस पार्टी का जनाधार होगा उससे सीट शेयरिंग किया जाएगा। 

अब भाजपा के दूसरे सहयोगी पार्टी आजसु की बात करें तो झारखंड में सुदेश महतो को लेकर भी बीजेपी की समस्या है, क्योंकि बीजेपी का तालमेल सुदेश महतो के साथ होता रहा है। ऐसे 2019 में भाजपा अकेले दम पर चुनाव लड़ी थी और नुकसान उठाना पड़ा था।

 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सुदेश महतो की पार्टी के साथ तालमेल किया था। सुदेश महतो अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं। नीतीश कुमार और सुदेश महतो जिस वोट बैंक के सहारे भाजपा के साथ तालमेल करना चाहते हैं, दोनों का सेम वोट बैंक कुर्मी ही है।

चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने के साथ ही बीजेपी के सामने एक बड़ी मुश्किल यह भी है कि मुख्यमंत्री का चेहरा आखिर कौन होगा क्या वह चंपई सोरेन को आगे करेंगे या बाबूलाल मरांडी को। भाजपा की उलझन यह है कि उसके पास राज्य में किसी ऐसे नेता का ना होना, जिसकी लोकप्रियता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टक्कर देती हो। हेमंत सोरेन झारखंड में प्रभावशाली आदिवासी समुदाय से आते हैं और इस समुदाय में उनकी पकड़ है। उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को दिशोम गुरु के नाम से जाने जाते है।

 दिशोम गुरु का मतलब होता है देश का गुरु। 5 महीने तक जेल में रहने के बाद हेमंत सोरेन ने बीजेपी के खिलाफ जबरदस्त किलेबंदी शुरू कर दी है।

आज मार्क्सवादी समन्वय समिति (एमसीसी) का भाकपा माले में होगा विलय


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दोनों पार्टियों के एक साथ आने से कोयलांचल का बढ़ेगा सियासी तापमान

धनबाद : जिस ऐतिहासिक मैदान गोल्फ ग्राउंड में साल 1972 में शिबू सोरेन, एके राय और बिनोद बिहारी महतो ने झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन किया था. एक बार फिर से वह मैदान चर्चा में है. 

कारण है मार्क्सवादी चिंतक कामरेड एके राय जिन्हें राजनीति का संत कहा जाता है, उनकी पार्टी मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस) का 9 सितंबर यानी आज भाकपा माले में विलय होने जा रहा है. इससे पहले एकता रैली कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान माले की ओर से भाजपा हटाओ-लूट हटाओ का नारा दिया गया.

दोनों पार्टियों के एक साथ आने से बढ़ेगी दावेदारी

बगोदर से भाकपा माले विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड अलग होने के बाद राज्य के लिए 9 सितंबर का दिन ऐतिहासिक होगा. मासस के माले में विलय से मजदूर और आम लोगों के हौसले को एक उड़ान मिलेगी. दोनों पार्टियों के एक साथ मंच पर आने के बाद धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा जैसे इलाकों में लाल झंडा की दावेदारी एक बार फिर से बढ़ जाएगी. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इस राज्य को और देश को सिर्फ लूटने का काम किया है. उन्हें भगाने के लिए यह विलय काफी महत्वपूर्ण है.

इन तीन सीटों पर महागठबंधन का असर

बता दें कि धनबाद के निरसा विधानसभा सीट पर मासस से अरूप चटर्जी के विधायक रह चुके हैं. अरूप चटर्जी यहां से हमेशा चुनाव लड़े हैं. हालांकि यहां वर्तमान में बीजेपी से अपर्णा सेन गुप्ता विधायक हैं. पिछले चुनाव में जेएमएम ने भी यहां से अपना प्रत्याशी उतारा था. वहीं, सिंदरी विधानसभा सीट पर मासस के पूर्व विधायक आनंद महतो भी चुनाव लड़ते आए हैं. इस बार बेटे बबलू महतो को चुनावी समर में उतारने की तैयारी चल रही है.

वहीं, गिरिडीह के राजधनवार सीट पर भाकपा माले से राजकुमार यादव चुनाव लड़ते आए हैं, जो पिछले चुनाव में हार गए. फिलहाल यहां बाबूलाल मरांडी बीजेपी से विधायक हैं. कुल मिलाकर बात करें तो इन तीन सीटों के लिए महागठबंधन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है. क्योंकि निरसा, राजधनवार और सिंदरी इन तीनों सीटों पर जेएमएम ने भी पिछले विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी दिया था, लेकिन तीनों पर जेएमएम को हार का सामना करना पड़ा था.

 क्योंकि निरसा और सिंदरी इन दो सीटों पर जेएमएम ने पिछले विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी दिया था.

धनबाद के विकास का सच:167 करोड़ रुपये की लागत से बने सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की बिल्डिंग और माइक्रोसर्जरी मशीन, धूल फांक रही है,


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 धनबाद में एयरपोर्ट नही के कारण नहीं आना चाहते कोई चिकित्सक

धनबाद :धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में सुपर स्पेशियलिटी शुरू होने के आसार नहीं दिख रहे हैं. अब उपकरणों के रख-रखाव में काफी लापरवाही बरती जा रही है. सुपर स्पेशियलिटी में विदेश से पहुंची लाखों की माइक्रोसर्जरी मशीन कबाड़ में तब्दील हो गयी है.

उल्लेखनीय है कि शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) परिसर में बने सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के शुरू होने का इंतजार धनबाद के लोग बेसब्री से कर रहे हैं. 167 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल की पूरी बिल्डिंग बनकर तैयार है. 

इसमें करोड़ों रुपये की अत्याधुनिक मशीनें भी पहुंच चुकी हैं, लेकिन मशीनों के रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही है. लाखों की लागत से अस्पताल के लिए पहुंची माइक्रोसर्जरी मशीन बिल्डिंग के बाहर पड़े-पड़े कबाड़ में तब्दील होती जा रही है.

 लगभग तीन माह पहले विदेश से ज़ीस पेन्टेरो कंपनी की अत्याधुनिक माइक्रोसर्जरी मशीन सुपर स्पेशियलिटी पहुंची है. तब से अबतक उक्त मशीन सुपर स्पेशियलिटी के बाहर खुले में पड़ी हुई है. बरसात के पानी से मशीन के कई पुर्जों में जंग लग चुकी है. लंबे समय से बिल्डिंग के बाहर रखी मशीन में मकड़ों ने अपना जाल बना लिया है. ऐसे में धनबाद के लोगों का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू होने का सपना साकार होता नहीं दिख रहा है.

स्पाइन एंड न्यूरो व रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में होता है मशीन का इस्तेमाल

चिकित्सकों के अनुसार माइक्रोसर्जरी मशीन का इस्तेमाल स्पाइन एंड न्यूरो सर्जरी में होता है. इसके अलावा प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में इस मशीन को इस्तेमाल में लाया जाता है. इसमें अपोक्रोमैटिक ऑप्टिक्स की सुविधा है, जो क्रिस्टल-क्लियर इमेज, शार्प डिटेल और प्राकृतिक रंग प्रदान करती है. मशीन में उच्च गति वाला ऑटो फोकस है, जो आवर्धन की परवाह किये बिना स्वचालित रूप से शार्प इमेज प्रदान करता है. इससे सर्जरी के दौरान चिकित्सकों को मदद मिलती है.

वर्तमान में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का हाल

2016 में इसका निर्माण शुरू हुआ था. 2021 में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. तबसे अबतक इस भवन को एसएनएमएमसीएच प्रबंधन हैंडओवर लेने से इनकार कर रहा है. नतीजा रख-रखाव के अभाव में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के विभिन्न वार्डों में धूल की मोटी परत जम गयी है. ओपीडी से लेकर इंडोर के विभिन्न विभागों में मकड़ों के जाले फैल गये हैं. कई हिस्सों में सिपेज आ चुकी है. हालांकि, बिल्डिंग का निर्माण करने वाली कंपनी समय-समय पर इसे दुरुस्त कर रही है.

मशीनों के रखे-रखे खराब होने की आशंका

सुपर स्पेशियलिटी के लिए लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मशीनें मंगवायी गयी हैं. इनमें से कई मशीनों को इंस्टॉल करने का कार्य लगभग दो साल पहले पूरा कर लिया गया है. लंबे समय से पड़े-पड़े इन मशीनों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है.

चार बार निकली बहाली, पर नहीं आये चिकित्सक

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए पहले से सरकार ने चिकित्सकों के 94 पद स्वीकृत किया है. अबतक चिकित्सकों की चार बार बहाली निकाली गयी है, लेकिन साक्षात्कार के लिए एक भी डॉक्टर नहीं पहुंचे. सुपर स्पेशियलिटी में एमसीएच और इससे समतुल्य पद के डॉक्टरों की बहाली होनी है. इसके अलावा प्रशिक्षित कर्मचारियों की भी बहाली होनी है. इसके लिए 300 से ज्यादा कर्मचारियों के पद सृजित किया गया है.

एयरपोर्ट नहीं होने की वजह से धनबाद आना नहीं चाहते चिकित्सक

धनबाद में एयरपोर्ट नहीं होना सुपर स्पेशियलिटी के लिए ग्रहण साबित हो रहा है. एयरपोर्ट नहीं होने के कारण ही चिकित्सक धनबाद आना नहीं चाहते हैं. धनबाद के चिकित्सक भी इस बात को मानते हैं.

सुपर स्पेशियलिटी शुरू होता तो मिलता इन सेवाओं का लाभ

अस्पताल की क्षमता 200 बेड की है. इसमें 160 जनरल और 40 आइसीयू बेड लगाये गये हैं.

अस्पताल में आठ माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित किये गये हैं.

अस्पताल में अलग से रेडियोलाॅजी और पैथोलॉजी की भी तैयारी की गयी है.