33-डुमरी विधानसभा उपचुनाव को लेकर आज कुल 5 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन प्रपत्र किया दाखिल

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गिरिडीह:आज दिनांक 17.08.2023 को 33-डुमरी विधानसभा उपचुनाव को लेकर अनुमंडल कार्यालय, डुमरी में अंतिम दिन नाम निर्देशन प्रपत्रों की बिक्री की गई। इस दौरान निर्धारित समय 11 बजे पूर्वाह्न से लेकर 03 बजे अपराह्न तक निर्देशन प्रपत्र की बिक्री शून्य रही। जबकि पूर्व के निर्धारित तिथियों में कुल 08(आठ) नाम निर्देशन प्रपत्रों की बिक्री की गई।

इसके अलावा नाम निर्देशन प्रपत्रों को दाखिल करने हेतु निर्धारित तिथि में से आज अंतिम तिथि में समय 11 बजे पूर्वाह्न से 03 बजे अपराह्न तक कुल 05 (पांच) अभ्यर्थियों द्वारा नाम निर्देशन प्रपत्र दाखिल किया गया।

नाम निर्देशन प्रपत्रों को दाखिल करने वाले 05 (पांच) अभ्यर्थियों के नाम निम्नलिखित हैं: -

1. 02 सेट में जेएमएम पार्टी से बेबी देवी, पतिः जगरनाथ महतो, ग्रामः अलारगो, पोस्टः भण्डारीदह, थानाः चन्द्रपुरा, जिलाः बोकारो

2. 04 सेट में आजसू पार्टी से यशोदा देवी,पतिः दामोदर प्रसाद महतो, ग्रामः तुईयो, पोस्टः इसरी बाजार, जिलाः गिरिडीह

3. 01 सेट में निर्दलीय से रोशनलाल तुरी, पिताः जीवलाल तुरी, ग्रामः कंजकिरो, पोस्टः कंजकिरो, थानाः पेंक नारायणपुर, जिलाः बोकारो

4. 01 सेट में झारखण्ड पीपुल्स पार्टी से बैजनाथ महतो, पिताः रामेश्वर महतो, ग्रामः डुमरी, पोस्टः डुमरी, जिलाः गिरिडीह

5. 01 सेट में निर्दलीय से लैलुन निशा, पतिः अब्दुल मोबीन, ग्रामः हसैन नगर, पोस्टः इसरी बाजार, जिलाः गिरिडीह

अंततः नाम निर्देशन प्रपत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि तक कुल 08(आठ) उम्मीदवारों के द्वारा अपना नामांकन पर्चा भरा गया।

गिरिडीह:डुमरी उपचुनाव में नामांकन के अंतिम दिन इंडिया समर्थित उम्मीदवार बेबी देवी व एनडीए की यशोदा देवी ने नामांकन कराया


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गिरिडीह:33-डुमरी विधानसभा उपचुनाव के नामांकन के अंतिम डेट 17 अगस्त को जहां एक ओर अभ्यर्थियों के समर्थकों की भीड़ लगी है। वही आज दोपहर 12:30 बजे तक दिवंगत जगन्नाथ महतो की पत्नी इंडिया समर्थित उम्मीदवार बेबी देवी ने इस उपचुनाव में अपना नामांकन करा लिया।

वहीं दूसरी और वहीं दूसरी और एनडीए गठबंधन से आजसू पार्टी की उम्मीदवार यशोदा देवी शामिल हैं।जिन्होंने अपना नामांकन करा लिया।नामांकन कार्यालय परिषर के बाहर मुख्य रूप से दोनों दलों के समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी है। हालांकि नामांकन के अंतिम दिन आज 17 अगस्त को अपराह्न 3:00 बजे के बाद ही कुल नामांकित अभ्यर्थियों का पता चल पाएगा।

इस बीच असदुद्दीन ओवैसी के एआईएमआईएम पार्टी से लैलून निशा भी अपना नामांकन करवाने के लिए पहुंची है। बेबी देवी के साथ विधायक सरफराज अहमद, मथुरा महतो, बिनोद सिंह, सुदीप कुमार सोनु,लोकेश्वर महतो व जयलाल महतो, बेरमो विधायक जय मंगल सिंह,गोमिया पूर्व विधायक योगेंद्र महतो साथ में शामिल हैं।

“ईडी तय करती है कौन किस पार्टी में जाएगा और कौन मंत्री बनेग”, शरद पवार के इन आरोपों को संजय राउत ने बताया बेहद गंभीर

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मुंबई में शिवसेना यूबीटी (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने बीजेपी पर एक बार फिर करारा हमला बोला है। संजय राउत ने कहा है कि चुनाव आयोग और सभी केंद्रीय एजेंसियों का इस मोदी सरकार में जमकर दुरुपयोग हो रहा है। संजय राउत ने शरद पवार ने ईडी के इस्तेमाल को लेकर दिए गए बयान का हवाला देते हुए निशाना साधा। संजय राउत ने यह भी कहा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने उन्हें बताया है कि केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी तय करती है कि कौन किस पार्टी में जाएगा? कौन मंत्री बनेगा यह भी ईडी तय करती है। यह पवार साहब का बहुत गंभीर बयान है।

संजय राउत ने पत्रकारों ने बातचीत में कहा- शरद पवार ने कल बताया कि कैसे शिवसेना को तोड़ा गया और पार्टी का चिन्ह और नाम भी उन्हें दे दिया गया। अब एनसीपी के साथ भी ठीक उसी तरह से हो सकता है। संजय राउत ने कहा कि चुनाव आयोग का अब यही काम रह गया है और इसी शर्त पर पार्टियां तोड़ी जा रही हैं।

संजय राउत ने कहा कि जिस पार्टी को बालासाहेब ठाकरे ने बनाया उस पार्टी का अधिकार आपने (चुनाव आयोग) किसी और (शिन्दे) को दे दिया। अब जिस एनसीपी को शरद पवार ने बनाया, उनके रहते उसका अधिकार आप किसी और को दे रहे हो। यह कौन सा न्याय या कानून है? जिस पार्टी को बालासाहेब ने बनाया उनके बेटे उद्धव के रहते वो पार्टी किसी ऐरे-ग़ैरे (शिंदे) को दे रहे हैं।संजय राउत ने कहा कि शरद पवार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके रहते उनके सामने उनकी ही पार्टी किसी और को सौंप रहे हैं। यह इस देश में हो रहा है। चुनाव आयोग समेत सभी सेंट्रल एंजेसियों का मिसयूज किया जा रहा है। 

बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले शरद पवार को लेकर भी राज्य की राजनीति में भूचाल मचा हुआ है। क्या शरद पवार महाविकास अघाड़ी को बाय-बाय कहने वाले हैं? क्या वो बीजेपी में जाने वाले हैं? चाचा-भतीजे के बीच आखिर क्या खिचड़ी पक रही है? इसे लेकर I.N.D.I.A. गठबंधन में हलटल मची हुई है।

गुलाम नबी आजाद का बड़ा बयान, कहा-हिंदू धर्म इस्लाम से पुराना, सभी मुसलमान पहले हिंदू ही थे

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वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने इस्लाम और कश्मीर को लेकर बड़ा बयान दिया है।इस वीडियो में गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर के लोगों से कह रहे हैं कि हिंदू धर्म इस्लाम से पुराना है और सभी मुसलमान पहले हिंदू ही थे।

कश्मीर के सभी लोग हिंदू धर्म से कन्वर्टेड-आजाद

ये वीडियो जम्मू कश्मीर के डोडा में एक पब्लिक मीटिंग का है। गुलाम नबी आजाद 9 अगस्त को यहां भाषण देने पहुंचे थे। इस दौरान गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि कश्मीर के सभी लोग हिंदू धर्म से कन्वर्ट होकर मुस्लिम बने हैं। आजाद ने कहा कि बाहर से चंद लोग ही आए होंगे, बाकी सब हिंदू ही हैं। खासकर कश्मीर के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर में तो आज से 600 साल पहले कोई मुसलमान नहीं था। यहां केवल कश्मीरी पंडित थे, सब कन्वर्ट होकर मुसलमान बन गए। गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि हम बाहर से नहीं आए हैं, हम इसी मिट्टी की पैदावार हैं हमें इसी मिट्टी में खत्म होना है।

भारत के मुसलमान मूल रूप से हिंदू थे-आजाद

वीडियो में आजाद यह कहते हुए नजर आ रहे हैं, इस्लाम का जन्म 1500 साल पहले हुआ। भारत में कोई भी बाहरी नहीं है। हम सभी इस देश के हैं। भारत के मुसलमान मूल रूप से हिंदू थे। जो बाद में कनवर्ट हो गए।वीडियो में आजाद कहते हैं, हमने हिंदू-मुसलमान मिल के राज्य को ब्राह्मण, दलित, कश्मीरी को जब मिल के सबने इस घर को बनाना है, ये हमारा घर है, यहां कोई बाहर से नहीं आया। यही इसी मिट्टी की पैदावार, इसी मिट्टी में खत्म होना है। 

भाईचारा, शांति और एकता बनाए रखने का आग्रह

इस दौरान आजाद ने लोगों से भाईचारा, शांति और एकता बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा, ‘धर्म को राजनीति के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। लोगों को धर्म के नाम पर वोट नहीं देना चाहिए।

पिछले साल बनाई थी नई पार्टी

बता दें कि गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में गिने जाते थे। वह लंबे समय तक कांग्रेस में बड़े ओहदों पर रहे। केंद्र सरकार में मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली। गुलाम नबी जम्मू-कश्मीर के सीएम और राज्यसभा सांसद भी रहे। गुलाम नबी के राज्यसभा से रिटायर होते वक्त उनकी तारीफ करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी भावुक तक हो गए थे। पिछले साल अगस्त में उन्होंने कांग्रेस छोड़ अपनी डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी बना ली थी।

चीन ने अमेरिका को दिखाई आंख, ताइवान मुद्दे पर आग से ना खेलने के लिए किया आगाह

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ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तल्खियां लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में ताइवान के उपराष्ट्रपति विलियम लाई ने अमेरिका का दौरा किया था। इसे लेकर चीन नाराज है और वह लगातार अमेरिका के खिलाफ बयानबाजी कर रहा है।अब चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अमेरिका को आगाह किया है।चीन के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर चेतावनी देते हुए कहा कि ताइवान को लेकर आप आग से खेल रहे हैं।

ताइवान आंतरिक मामला, बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं- ली शांगफू

चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू ने रूस की धरती से अमेरिका और ताइवान को चेतावनी दी गई है।दरअसल, ली शांगफू ने रूस के मॉस्को में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि ताइवान का इस्तेमाल करके चीन को काबू करने की कोई भी कोशिश विफल होगी। ली शांगफू ने ये भी कहा कि ताइवान का चीन की मुख्य भूमि से मिलना अपरिहार्य है और इसे टाला नहीं जा सकता। चीनी रक्षा मंत्री ने कहा कि ताइवान चीन का आंतरिक मामला है और इसमें कोई भी बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं है।

चीन को काबू करने की कोशिश असफल होगी- ली शांगफू

ली शांगफू ने अपने बयान में कहा कि 'ताइवान को लेकर आग से खेलना और ताइवान की मदद से चीन को काबू करने की कोई भी कोशिश निसंदेह असफल होगी।

बता दें कि चीन ताइवान को अपने देश का हिस्‍सा बताता रहा है। वहीं, ताइवान का मानना है कि वो एक आजाद मुल्‍क है। इस मुद्दे पर चीन पहले भी कई मौकों पर तल्‍ख तेवर दिखाता रहा है।2022 अगस्त में अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव का पारा और चढ़ गया था।

चांद पर कदम रखने से बस एक कदम दूर है चंद्रयान 3, आज अलग होंगे लैंडर-प्रोपल्शन मॉड्यूल

#chandrayaan_3_set_to_propulsion_and_lander_module_separation

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मिसन मून यानी चंद्रयान-3 पर पूरे देश की ही नहीं दुनियाभर की निगाहें लगी हुई हैं। चंद्रयान 3 अब अपनी अंतिम छलांग लगाने को तैयार है। 17 अगस्त यानी आज से इसकी लैंडिंग से जुड़ी प्रक्रिया शुरू होगी।आज एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम दिया जाएगा। जी हां, अपने चंद्रयान-3 से प्रॉपल्शन और लैंडर मॉड्यूल अलग होगा। वे आगे की यात्रा अलग-अलग करेंगे। प्रॉपल्शन मॉड्यूल चांद की कक्षा में रहेगा। आगे अपना लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव इलाके में सॉफ्ट लैंडिंग के लिए कदम बढ़ाएगा।

इंजन फेल होने पर भी होगी लैंडिंग

इसरो द्वारा कहा गया है कि आज यानी 17 अगस्त को लैंडिंग माड्यूल, जिसमें लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान शामिल हैं, प्रोपल्शन माड्यूल से अलग हो जाएंगे। इसके बाद लैंडर-रोवर की गति घटाने का प्रयास किया जाएगा। 23 अगस्त को यान के लैंडर की चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराई जाएगी।इसरो प्रमुख एस सोमनाथ का कहना है कि चंद्र मिशन चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। अगर इसका इंजन फेल भी हो जाता है तो ऐसी स्थिति में भी चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग होगी

23 अगस्त को आएगी खुशखबरी

लैंडर के प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होने और 100 किमी x 30 किमी की कक्षा में प्रवेश करने के बाद सॉफ्ट लैंडिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लगभग 30 किमी की ऊंचाई पर लैंडर चंद्रमा की सतह तक नीचे जाने के लिए अपने थ्रस्टर्स का उपयोग करेगा। सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए इस नाजुक ऑपरेशन के लिए सटीक नियंत्रण और नेविगेशन की आवश्यकता होती है। 23 अगस्त को निर्धारित सॉफ्ट लैंडिंग का उद्देश्य लैंडर और रोवर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थापित करना है।

14 जुलाई को श्रीहरिकोटा से रवाना होने के बाद चंद्रयान-3 ने तीन हफ्तों में कई चरणों को पार किया। पांच अगस्त को पहली बार चांद की कक्षा में दाखिल हुआ था। इसके बाद 6, 9 और 14 अगस्त को चंद्रयान-3 ने अलग-अलग चरण में प्रवेश किया।चंद्रयान3 के धरती से चांद तक पहुंचने के अहम चरणः-

-14 जुलाई 2023: इसरो ने श्रीहरिकोटा से चंद्रयान-3 को लॉन्च किया. इसी दिन एलवीएम3 एम4 ने चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक चांद की यात्रा को शुरू करवाया।

-25 जुलाई 2023: लॉन्चिंग के बाद चंद्रयान-3 ने 4 अलग-अलग मैन्युवर पूरे किए और पृथ्वी की कक्षा को पीछे छोड़ा. इस दौरान चंद्रयान-3 को बड़े-बड़े धक्के दिए गए और उसे पृथ्वी की कक्षा से बाहर की ओर धकेला गया।

-1 अगस्त 2023: ये तारीख काफी अहम थी, क्योंकि इस दिन चंद्रयान-3 पृथ्वी की कक्षा से बाहर हुआ और चांद की कक्षा की ओर बढ़ा. यहां चंद्रयान-3 की दूरी 288*369328 किमी. थी।

-5 अगस्त 2023: चंद्रयान-3 ने यहां चांद की कक्षा में प्रवेश किया, ये पूरी तरह सफलता पूर्वक हुआ और चांद की कक्षा में अलग-अलग चरणों की शुरुआत हुई।

-9 अगस्त 2023: यहां से अलग-अलग मैन्युवर को परफॉर्म किया गया, यानी चरण दर चरण चंद्रयान-3 को चांद के करीब धकेलने और उसका वजन कम करने का काम किया गया।

-16 अगस्त 2023: चंद्रयान-3 ने अपना आखिरी मैन्युवर पूरा किया. अलग-अलग प्रक्रियाओं के बाद यह सबसे अंतिम मैन्युवर था, जिसके बाद अब पूरी कोशिश सफल लैंडिंग कराने की होगी।

-17 अगस्त 2023: लैंडिंग से जुड़ी अहम प्रक्रिया यहां शुरू होगी, प्रणोदन और लैंडर मॉड्यूल यहां से अलग-अलग होगा. लैंडर यहां से चांद की ओर बढ़ेगा और फिर सॉफ्ट लैंडिंग के अलग-अलग चरण पूरे होंगे।

गिरिडीह: डुमरी उपचुनाव हेतु नामांकन के अंतिम दिन लगेगा दिग्गजों का जमावड़ा

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गिरिडीह: इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार सह उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री बेबी देवी और एनडीए उम्मीदवार यशोदा देवी द्वारा नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने के दिन नामांकन की अंतिम तिथि 17 अगस्त को नामांकन पत्र दाखिल किया जायेगा।संभावना जतायी जा रही है कि बेबी देवी और यशोदा देवी के नामांकन पत्र दाखिल करने के समय इंडिया गठबंधन और एनडीए के कई बड़े नेता शिरकत करेंगे।

इस संबंध में झामुमो के डुमरी प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने बताया कि 17 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,मंत्री सत्यानंद भोक्ता, बादल प्रत्रलेख पार्टी के सचिव अभिषेक प्रसाद उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री बेबी देवी के नामांकन दाखिल करने के मौके पर उपस्थित रहेगें।

उन्होंने बताया कि नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री केबी हाई स्कूल के मैदान में एक चुनावी सभा को भी संबोधित करेंगे।मुख्यमंत्री

हेलीकॉप्टर से डुमरी पहुंचेगे।इसके लिये झारखंड इंटर कॉलेज के मैदान में हेलीपैड बनाया गया है।

इधर एनडीए गठबंधन के आजसू पार्टी उम्मीदवार यशोदा देवी के नामांकन दाखिल करने के मौके पर पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो, गिरिडीह सांसद चन्द्र प्रकाश चौधरी, गोमिया विधायक लंबोदर महतो, रामगढ़ विधायक सुनीता चौधरी के पहुंचने की सूचना है।

गिरिडीह: डुमरी उपचुनाव में अब तक की जा चुकी है कुल आठ नाम निर्देशन प्रपत्रों की बिक्री, 3 उम्मीदवारों ने किया प्रपत्र दाखिल


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गिरिडीह: 33-डुमरी विधानसभा उपचुनाव को लेकर नाम निर्देशन प्रपत्रों की बिक्री हेतु निर्धारित तिथि में से आज दिनांक 16.08.2023 को निर्धारित समय 11 बजे पूर्वाह्न से लेकर 03 बजे अपराह्न तक कुल दो (02) नाम निर्देशन प्रपत्र की बिक्री बैजनाथ महतो, पिता रामेश्वर महतो, सिमराडीह, डुमरी तथा लैलुन निशा, पति अब्दुल मोबीन, इसरी बाजार को की गई।

अब तक कुल 08(आठ) नाम निर्देशन प्रपत्रों की बिक्री की जा चुकी है। नाम निर्देशन प्रपत्रों को दाखिल करने हेतु निर्धारित तिथि में से आज दिनांक 16.08.2023 को समय 11 बजे पूर्वाह्न से 03 बजे अपराह्न तक नाम निर्देशन प्रपत्र दाखिल करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 02(दो) है, जो कि, क्रमशः कमल प्रसाद साहू, पिता भोला प्रसाद साहु, ग्राम बिरनी, थाना नावाडीह, जिलाः बोकारो के द्वारा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में कुल 03 सेटों में तथा अब्दुल मोबीन रिजवी, पिता रमजान अली,हुसैन नगर, इसरी बाजार, गिरिडीह के द्वारा कुल 01 सेट में एआईएमआईएम पार्टी से अपना नाम निर्देशन प्रपत्र दाखिल किया गया।

साथ ही जानकारी दी गई कि अब तक कुल 03(तीन) उम्मीदवारों के द्वारा नाम निर्देशन प्रपत्र दाखिल किया गया।

गिरिडीह: उसरी वाटर फॉल में डूबकर एक युवक की हुई मौत, बर्थडे पार्टी मनाकर वाटर फॉल गया था युवक

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गिरिडीह: जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत उसरी वाटर फॉल में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक युवक सत्यम कुमार धनवार थाना क्षेत्र का निवासी था। घटना सोमवार की बताई जा रही है।

परिजनों के मुताबिक सत्यम के किसी दोस्त के जन्मदिन की पार्टी गिरिडीह शहर में मनाई जा रही थी। इसलिए सत्यम अन्य लोगों के साथ लोकल ट्रेन से गिरिडीह शहर पहुंचा। शहर में बर्थडे पार्टी मनाने के बाद वह अपने दोस्तों के साथ उसरी फॉल चला गया। उन्होंने अपने दो साथियों के साथ वाटर फॉल में नहाने का निर्णय लिया।

बताया जाता है कि नहाने के क्रम में उन्होंने गहरे पानी में पानी का आनंद उठाने का निश्चित किया।लेकिन अचानक उनकी मौत की घटना घट गई। तीनों दोस्त डूबने लगे, जिसके परिणामस्वरूप दोस्तों में से दो बच गए, हालांकि सत्यम की मौत हो गई।

इस दुखद घटना के बाद, महतोडीह पिकेट की पुलिस त्वरित स्थानीय निवासियों की मदद करने पहुंची और सत्यम को सदर अस्पताल में पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी।

बदल गया नेहरू मेमोरियल का नाम, अब पीएम म्यूजियम एंड लाइब्रेरी के नाम से होगी पहचान, जानें क्या है कांग्रेस की प्रतिक्रिया

#nehru_memorial_renamed_as_pm_museum_and_library

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दिल्ली में स्थित नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय का नाम बदल दिया गया है। अब से यह प्रधानमंत्री म्यूजियम एंड सोसाइटी के नाम से जाना जाएगा।इसे लेकर पहले ही फैसला लिया जा चुका था, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इसे बदल दिया गया।जाहिर सी बात है कांग्रेस की इस पर जोरदार प्रतिक्रिया होगी।कांग्रेस महासचिव और पार्टी के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का नाम बदलने पर मोदी सरकार पर नेहरू की विरासत को नष्ट करने का आरोप लगाया है। 

बता दें कि जून महीने में नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी की एक विशेष बैठक में इसका नाम बदलकर प्राइम मिनिस्टर्स म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी करने का फैसला किया गया था।स्वतंत्रता दिवस पर नाम परिवर्तन को औपचारिक रूप दे दिया गया।पीएमएमएल के उपाध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश ने एक्स (ट्विटर) पर नाम बदलने की पुष्टि की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय (एनएमएमएल) अब 14 अगस्त, 2023 से प्रधान मंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) सोसायटी है, जो समाज के दायरे के लोकतंत्रीकरण और विविधीकरण के अनुरूप है। 

पीएम मोदी के पास डर और असुरक्षा का एक बड़ा पिटारा-जयराम रमेश

अब इसे लेकर कांग्रेस की तरफ से रिएक्शन सामने आया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है।नेहरू मेमोरियल का नाम बदलने को लेकर जयराम रमेश ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, आज से एक प्रतिष्ठित संस्थान को नया नाम मिल गया है, विश्व प्रसिद्ध नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय (एनएमएमएल) प्रधानमंत्री स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय बन गया है। पीएम मोदी के पास डर और असुरक्षा का एक बड़ा पिटारा है। 

उनका एकमात्र एजेंडा नेहरू और नेहरूवादी विरासत को नकारना-जयराम रमेश

खासतौर पर जब हमारे पहले और सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री की आती है, उनका एकमात्र एजेंडा नेहरू और नेहरूवादी विरासत को नकारना, विकृत करना, बदनाम करना और नष्ट करना है। उन्होंने N को मिटाकर उसकी जगह P डाल दिया है। वह पी वास्तव में संकीर्णता और अपमानित करने के लिए है।कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक और उदारवादी नींव रखने में नेहरू की योगदान को हम नहीं भूलने देंगे। नेहरू ने देश की आजादी के लिए अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि अब सब मोदी और उनके साथ काम करने वालों के हाथ में है। इन सब के बावजूद जवाहरलाल नेहरू की विरासत दुनिया के देखने के लिए जीवित रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को वह प्ररित करते रहेंगे। 

बता दें कि 1948 में तीन मूर्ति भवन देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का आधिकारिक आवास बन गया। वे यहां करीब 16 सालों तक रहें और यहीं उन्होंने अपनी आखिरी सांस भी ली थी। उनके निधन के बाद इस तीन मूर्ति भवन को उनकी याद में समर्पित कर दिया गया। इसके बाद से ही इसे पंडित नेहरू मेमोरियल के नाम से जाना जाने लगा। 15 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंहकी अध्यक्षता में एक विशेष बैठक हुई थी, जिसमें नेहरू मेमोरियल का नाम बदलने के फैसले पर मुहर लगी थी। बता दें राजनाथ सिंह नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी के उपाध्यक्ष हैं वहीं, प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष हैं। अब केंद्र सरकार ने इसका नाम नेहरू मेमोरियल से बदलकर पीएम म्यूजियम एंड सोसाइटी कर दिया है।