अविश्वास प्रस्ताव पर 8 से होगी चर्चा, पीएम मोदी 10 अगस्त को देंगे जवाब

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मणिपुर मुद्दे पर संसद में हंगामा जारी है। इस बीच केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बड़ी अपडेट है। लोकसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की तारीख तय हो गई है। अविश्वास प्रस्ताव पर 3 दिन चर्चा होगी, जो 8 से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलेगी।आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को जवाब देंगे।

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दरअसल, विपक्ष मणिपुर मुद्दे पर संसद में चर्चा और प्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रहा है। इसी के लिए विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया ताकि अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार के मुखिया होने के नाते प्रधानमंत्री संसद में जवाब दें।

बता दें कि 26 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियमों के तहत आवश्यक 50 से अधिक सांसदों की गिनती के बाद केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि बहस का समय वह तय करेंगे और सदन को बतायेंगे. स्पीकर ने कहा था कि उन्हें सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए गोगोई से नोटिस मिला है।

लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित हुए पीएम मोदी, मंच पर एक तरफ दिखे अजित तो दूसरी तरफ शरद पवार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र नोदी को पुणे में लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पवार मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। शरद पवार चूंकि इस कार्यक्रम के चीफ गेस्ट थे, इसलिए पीएम मोदी को सम्मानित करने की जिम्मेदारी भी उन्होंने ही उठाई। इस दौरान एक ही मंच पर शरद पवार और अजीत पवार मौजूद रहे। इस समारोह में राज्यपाल और सीएम एकनाथ शिंदे भी शामिल हुए। पीएम मोदी ने इसे अविस्मरणीय क्षण बताया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने पुरस्कार के साथ मिलने वाली राशि को नमामि गंगे परियोजना में दान देने की घोषणा की।

लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए काफी अहम और भावुक करने वाला है। पुणे की भूमि आदर की भूमि है, मैंने यहां के मंदिर का आशीर्वाद लिया। पीएम मोदी ने कहा कि आज जो सम्मान मिला है, यह मेरे लिए काफी खास है। जब भी कोई अवॉर्ड मिलता है तो उसके साथ हमारी जिम्मेदारी भी जुड़ जाती है। पीएम मोदी बोले कि जिनके नाम में गंगाधर है, उनके अवॉर्ड की जो ईनाम राशि मुझे दी गई है मैं वो नमामि गंगे प्रोजेक्ट में दे रहा हूं। लोकमान्य तिलक जी ने स्वतंत्रता आंदोलन की पूरी दिशा बदल दी थी, जब अंग्रेज कहते थे कि भारतवासी देश चलाने के लायक नहीं है, तब उन्होंने स्वराज का नारा दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि लोकमान्य गंगाधर तिलक में युवाओं को पहचानने की कला थी, उन्होंने ही वीर सावरकर को पहचाना। तिलक चाहते थे कि वीर सावरकर विदेश जाकर पढ़ाई करें और वापस आकर देश की सेवा करें। वीर सावरकर के लिए तिलक जी ने सिफारिश की थी, उन्होंने राष्ट्र निर्माण को बढ़ावा दिया।पीएम मोदी ने कहा कि आज अगर हम विदेशी आक्रांताओं के नाम पर बनी सड़क का नाम बदलते हैं, तो कुछ लोगों को मिर्ची लग जाती है लेकिन आजादी से पहले सरदार साहब ने लोकमान्य गंगाधर तिलक की मूर्ति लगाने के लिए अंग्रेजों को चुनौती दे दी थी।

बता दें कि आज 1 अगस्त को लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि होती है। इस मौके पर तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट की ओर से लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। ये सम्मान इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया।

धरती के ऑर्बिट से निकला चंद्रयान-3, अब चंद्रमा की ओर भर रहा उड़ान, पांच अगस्त का दिन है खास

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मिशन चंद्रयान-3 ने अपनी सफलता का एक चरण और पूरा कर लिया है। उसने पृथ्वी की आर्बिट के सभी चक्कर अपने तय समय में पूरे कर लिए हैं और अब इसरो ने उसको चंद्रमा के रास्ते की तरफ इजेक्ट कर दिया है।चंद्रयान-3 धरती की कक्षा से निकलने के बाद अब 5 अगस्त को चंद्रमा की ऑर्बिट में पहुंच जाएगा।इसके बाद 23 अगस्त को चंद्रमा पर उतरेगा।

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इसरो के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान 3 को धरती की कक्षा से चंद्रमा की तरफ भेजा है। इसरो ने मंगलवार को चंद्रयान-3 अंतरिक्षयान को पृथ्वी की कक्षा से निकालकर सफलतापूर्वक चांद की कक्षा की तरफ रवाना किया। चंद्रयान 3 मिशन आज से उपग्रह पृथ्वी की कक्षा को छोड़कर चंद्रमा के पास जाने की यात्रा पर निकल पड़ा है। वैज्ञानिक भाषा में इसे ट्रांस लुनार इंजेक्शन कहा जाता है

इसरो ने बयान में कहा कि 'चंद्रयान-3 ने पृथ्वी की कक्षा का चक्कर पूरा कर लिया है और अब यह चांद की तरफ बढ़ रहा है।' इससे पहले चंद्रयान-3 अंडाकार कक्षा में घूम रहा था, जिसकी पृथ्वी से सबसे कम दूरी 236 किलोमीटर और सबसे ज्यादा दूरी 1,27,603 किमी थी।

इसरो ने बताया कि ISTRAC (ISRO Telemetry, Tracking and Command Network) सफलतापूर्वक पेरिजी फायरिंग की गई। जिसके बाद अंतरिक्षयान ने चांद की अपनी यात्रा शुरू कर दी है। अगल कदम चांद है। पांच अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 अंतरिक्षयान चांद की कक्षा में प्रवेश करेगा। इसके बाद 16 अगस्त तक अंतरिक्षयान चांद की कक्षा में चक्कर लगाएगा। 17 अगस्त को चंद्रमा की सतह से 100 किलोमीटर ऊपर प्रोपल्शन मॉड्यूल से लैंडर अलग होगा। 23 अगस्त को शाम 5.47 बजे चंद्रयान-3 को चांद की सतह पर लैंडिंग करनी है। 

चंद्रयान 3 मिशन आज से उपग्रह पृथ्वी की कक्षा को छोड़कर चंद्रमा के पास जाने की यात्रा पर निकल पड़ा है। वैज्ञानिक भाषा में इसे ट्रांस लुनार इंजेक्शन कहा जाता है।पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति का इस्तेमाल करते हुए उपग्रह को धीरे धीरे प्रथ्वी से दूर ले जाया जाता है और फिर एक समय आता है जब उपग्रह पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण के दायरे से बाहर जाने लगता है उसी वक्त उपग्रह के इंजन को फायर कर उसे उस दिशा में मोड़ दिया जाता है जहां से वह पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण दायरे से बाहर निकलकर चांद की ओर आगे बढ़ने लगता है।ये काम बहुत जटिल होता है क्योंकि इस गणना में जरा सी गलती से उपग्रह बाहरी अंतरिक्ष में कहीं भी खो सकता है। 

इसरो के हमारे वैज्ञानिकों ने सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, अब चंद्रयान 3 ने चंद्रमा की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है, जब उपग्रह चंद्रमा के गुरूत्वाकर्षण के दायरे में पहुंच जाएगा तब उसे चंद्रमा के पास ले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। अगर सब कुछ तय गणना के हिसाब से चला तो 23 अगस्त की शाम 5 बजकर 47 मिनिट पर चंद्रयान चांद की सतह पर पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।

इसरो ने 14 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर अपनी महत्वकांक्षी योजना चंद्रयान-3 अंतरिक्षयान को रवाना किया था। चंद्रयान-3 में लैंडर, रोवर और प्रोपल्शन मॉड्यूल हैं। लैंडर और रोवर चांद के दक्षिण ध्रुव पर उतरेंगे और 14 दिन तक वहां प्रयोग करेंगे। इस मिशन के जरिए इसरो पता लगाएगा कि चांद की सतह पर भूकंप कैसे आते हैं साथ ही चंद्रमा की मिट्टी का अध्ययन भी करेगा।

मिशन 2024 के लिए सासंदों को मोदी का मंत्र, “क्षेत्रीय मुद्दों और लोगों के बीच जाएं, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से दूर रहें”

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2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बीजेपी एक्शन मोड में आ गई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार से एनडीए सांसदों के साथ मुलाकात का सिलसिला शुरू किया। एनडीए सांसदों के साथ मुलाकात के इस सिलसिले के तहत सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश के ब्रज, पश्चिम, कानपुर और बुंदेलखंड से आने वाले 42 सांसदों से मुलाकात की और फिर इसके बाद पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा से आने वाले एनडीए गठबंधन के 41 सांसदों के समूह के साथ अलग से मुलाकात की।इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को मिशन 2024 के लिए मंत्र दिए।पीएम मोदी ने सांसदों को ज्यादा से ज्यादा समय अपने क्षेत्रों में बिताने का सुझाव दिया ।

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अपने इलाके के गांव-कस्बों में जाकर प्रवास करने की सलाह

सूत्रों के मुताबिक, एनडीए सांसदों के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे जमीनी हालात को लेकर फीडबैक लिया। साथ हीप्रधानमंत्री ने सांसदों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में लोकल मुद्दों पर ज्यादा फोकस करने के साथ-साथ केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों को भी जनता तक पहुंचाने को कहा। जहां-जहां राज्य में भाजपा की सरकारें है, वहां डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने को कहा गया है। उन्होंने सांसदों से अपने-अपने इलाके के गांव-कस्बों में जाकर प्रवास करने और लोगों से बातचीत करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि सांसदों को लोगों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास करना चाहिए।

आगामी त्यौहारों पर एनडीए की तरफ से कार्यक्रम करने की सलाह

पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि राम मंदिर, धारा 370, विदेशों में देश की धूम जैसे मुद्दे देश का हर व्यक्ति जानता है। इसलिए सांसद अब अपने क्षेत्रों में गरीब कल्याण, आयुष्मान भारत, इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों जैसे केंद्र सरकार के कामकाज के बारे में लोगों से बात करें। पीएम ने कहा कि सभी सांसद मेरा माटी ,मेरा देश कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। इसके साथ ही आगामी त्यौहारों पर एनडीए की तरफ से कार्यक्रम करें।

इस तरह से नया वोटर ग्रुप तैयार करने की नसीहत

पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभ से लोगों की जिंदगियां बदली हैं। कई लोगों तक इन योजनाओं का पहुंचना अभी बाकी है, क्योंकि उन्हें इनकी जानकारियां नहीं हैं।ऐसे में उन्हें इन योजनाओं के बारे में बताएं समझाएं। उज्जवला योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास समेत कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनके जरिए लोगों को सीधा लाभ पहुंचा है और इसके लाभार्थी बीजेपी का नया वोटर ग्रुप बनकर उभरे हैं।

इस सुझाव में बीजेपी की कर्नाटक चुनाव से ली गई सीख दिखाई दे रही है। कर्नाटक चुनाव के दौरान पार्टी विपक्ष के दिए मुद्दों पर उलझ गई और क्षेत्रीय मुद्दों से दूर होती चली गई। इसके खामियाजे में बीजेपी को चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा। ऐसे में अब पीएम मोदी ने सांसदों को सलाह दी है कि वो क्षेत्रीय मुद्दों और लोगों के बीच जाएं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से दूर रहें।

सुबह चार बजे दिल्ली के आजादपुर सब्जी मंडी पहुंचे राहुल गांधी, विक्रेताओं की समस्याओं को सुना, सब्जियों की बढ़ती कीमतों पर जानी लोगों की राय

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भारत जोड़ो यात्रा के बाद से ही राहुल गांधी आम लोगों से मुलाकात और बातचीत करते अक्सर नजर आ जाते हैं। कांग्रेस नेता ने कुछ समय पहले ही ट्रक ड्राइवरों से मुलाकात की थी और दिल्ली से चंडीगढ़ तक की यात्रा ट्रक से ही की थी। वहीं, एक डिलीवरी बॉय के साथ स्कूटर की सवारी करते देखे गए थे। बीते दिनों दिल्ली के करोलबाग में एक मैकेनिक की वर्कशॉप भी पेचकस लेकर खुद बाइक रिपेयर करते दिखे थे। यही नहीं राहुल गाधी किसानों के साथ खेतों में फसल लगाने के गुर सूखते भी नजर आ चुके हैं। अगल-अलग समूह के लोगों से मिलने के क्रम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मंगलवार अलसुबह दिल्ली की आजादपुर मंडी पहुंचे।

आजादपुर मंडी पहुंचे राहुल गांधी ने सब्जी विक्रेताओं, व्यापारियों व अन्य लोगों से मुलाकात की। इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें राहुल अपने कुछ बॉडीगार्ड के साथ मंडी की सैर करते नजर आए, इस दौरान उन्होनें सब्जियों के दाम पर लोगों से बात की।न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक वीडियो ट्वीट किया है।

पिछले दिनों आजादपुर मंदी का वीडियो हुआ था वायरल

तीन दिन पहले राहुल गांधी ने एक मीडिया चैनल का वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया था। इसमें आजादपुर मंडी के बाहर एक सब्जी विक्रेता ने बताया कि वह टमाटर खरीदने आया था कि ताकि उसे बेचकर पैसे कमा सके, लेकिन उसके पास टमाटर खरीदने लायक पैसे नहीं थे।वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी ने लिखा था कि देश को दो वर्गों में बांटा जा रहा है! एक तरफ सत्ता संरक्षित ताकतवर लोग हैं जिनके इशारों पर देश की नीतियां बन रही हैं और दूसरी तरफ है आम हिंदुस्तानी, जिसकी पहुंच से सब्जी जैसी बुनियादी चीज़ भी दूर होती जा रही है। हमें अमीर-गरीब के बीच बढ़ती इस खाई को भर, इन आंसुओं को पोंछना होगा।

किसानों के साथ पहुंचे थे खेत में

इससे पहले राहुल गांधी हरियाणा के सोनिपत में किसानों के साथ मुलाकात करते नजर आए थे।राहुल ने हरियाणा के सोनीपत में किसानों के साथ खेतों में धान की रोपाई की थी। उन्होंने ट्रैक्टर चलाकर खेत की जुताई भी की। इस दौरान किसानों और खेत मजदूरों के साथ खेती-किसानी पर बातचीत भी की थी।

मैकेनिक्स के साथ काम किया

खेती के गुर सीखने से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के एक गैरेज में पहुंचकर वहां के मैकेनिक्स के साथ काम किया। राहुल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फोटो पोस्ट करके इसकी जानकारी दी थी। एक फोटो में राहुल एक बाइक में स्क्रू ड्राइवर से पेच कसते दिखाई दिए थे।

ट्रक और स्कूटर की सवारी की

वहीं, मई के महीने में राहुल गांधी ने अंबाला से चंडीगढ़ का 50 किमी का सफर ट्रक से तय किया। राहुल ने इस दौरान ट्रक ड्राइवरों से बात की और उनकी समस्याएं भी सुनीं थी। इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बेंगलुरु में गिग वर्कर्स और डिलीवरी बॉय का काम करने वाले लोगों के साथ डोसा खाया। इस दौरान राहुल ने उन लोगों की जिंदगी के बारे में बातचीत की और एक डिलीवरी बॉय के स्कूटर की सवारी भी की।

नूंह हिंसा में 2 होमगार्ड्स समेत 3 की मौत, बवाल के बाद हरियाणा के 4 जिलों में धारा 144, गुरुग्राम और फरीदाबाद में स्कूल-कॉलेज बंद

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हरियाणा के नूंह जिले में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद की ओर से निकली एक शोभायात्रा के दौरान दो पक्षों में टकराव हो गया। नूंह में हुई हिंसा के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। नूंह में हुई हिंसा का असर दूसरे जिलों में भी देखा जा रहा है। जिसके बाद हरियाणा के 4 जिलों नूहं, फरीदाबाद, रेवाड़ी और गुरुग्राम में धारा 144 लगाई गई है। इसके अलावा फरीदाबाद और गुरुग्राम में मंगलवार को स्कूल बंद रहेंगे।

इस बीच खबर है कि गुरुग्राम में एक मस्जिद को आग के हवाले कर दिया गया है। इसमें 5 लोगों को गंभीर चोट आई है, जिसमें से 3 की हालत नाजुक बनी हुई है। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग पर काबू पाया। सेक्टर -57 में स्थित मस्जिद को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले किया था, जिसके बाद गुरुग्राम में भी धारा 144 लगा दी गई है। इस बीच प्रशासन के तरफ से दोनों पक्षों से शांति की अपील की गई है।

स्कूल-कॉलेज और इंटरनेट सेवा बंद

किसी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने के लिए जिले में 2 अगस्त तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। एहतियात के तौर पर गुरुग्राम, फ़रीदाबाद और पलवल जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को मंगलवार को बंद करने का आदेश दिया गया। वहीं पुलिस दंगाईयों के खिलाफ बड़ा एक्शन चला रही है। वीडियो के जरिए पुलिस दंगाईयों की पहचान करने में जुटी हुई है।

जुलूस में शामिल कम से कम चार कारों में लगाई गई आग

पुलिस के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद की ‘बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा’ को नूंह में खेड़ला मोड़ के पास युवकों के एक समूह ने रोका और पथराव करने लगे। एक अधिकारी ने बताया कि जुलूस में शामिल कम से कम चार कारों में आग भी लगा दी गई। कुछ पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।पुलिस ने कहा कि जलाए गए वाहन जुलूस का हिस्सा रहे लोगों और पुलिस के थे। एक वीडियो क्लिप में कम से कम चार कारों को जलते हुए देखा जा सकता है।एक अन्य कथित वीडियो में पुलिस की दो क्षतिग्रस्त कारें दिखाई दे रही हैं। क्लिप में गोलियों की आवाज भी सुनी जा सकती है।

विहिप के जुलूस पर हमला

दरअसल सोमवार को नूंह जिले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का जूलूस गुजर रहा था। इस दौरान भीड़ ने जुलूस को रोकने की कोशिश की। पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं। हिंसक भीड़ ने कई गाड़ियों को जला दिया। हिंसा में होमगार्ड के दो जवान और एक आम नागरिक की मौत हो गई । हिंसा की घटनाओं में कुल 45 लोग घायल हुए हैं। हिंसक भीड़ ने कुल 33 गाड़ियों में आग लगा दी। हिंसा के चलते सड़क पर घंटों तक आवागमन बाधित रहा।

महाराष्ट्र के ठाणे में दर्दनाक हादसा, समृद्धि हाईवे पर गर्डर लॉन्चर गिरने से 17 लोगों की मौत, पीएम ने जताया शोक

#17_people_died_many_injured_after_a_girder_launching_machine_collapsed

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महाराष्ट्र के ठाणे में कंस्ट्रक्शन साइट पर हुए हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई। ठाणे के शाहपुर के पास एक गर्डर लॉन्चिंग मशीन गिरने से यह हादसा हुआ। समृद्धि महामार्ग के निर्माण कार्य के दौरान ब्रिज से क्रेन यानी गर्डर मशीन नीचे गिर गई, जिसमें करीब 17 लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। बताया जा रहा है कि 10-15 लोग अब भी अंदर फंसे हो सकते हैं।मौके पर सर्च रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं, पीएम मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2- लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है।

एनडीआरएफ की दो टीमें राहत और बचाव में जुटी

ठाणे डिजास्टर कंट्रोल रूम के मुताबिक, देर रात करीब एक बजे कंट्रोल रूम को इस घटना की सूचना मिली कि रात करीब 12 बजे के आसपास सातगांव पुल, सरल अंबेगांव, शहापुर तालुका में समृद्धि हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा था। रेडी फ्लाई ओवर के हिस्से को क्रेन के जरिए उठाकर पिलर पर फिट किया जा रहा था, तभी गर्डर लॉन्चर अचानक गिर पड़ा।जिसकी चपेट में आने से 17 लोगों की मौत हो गई। जबकि, तीन लोग घायल हो गए। एनडीआरएफ की दो टीमें राहत और बचाव के काम में जुटी हुई हैं।

करीब 200 फीट से क्रेन नीचे गिरी

जानकारी के मुताबिक, करीब 200 फीट से क्रेन नीचे गिरी, जिसके बाद चारों ओर चीख-पुकार मच गई। हादसे की वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि ओवरलोड होने के चलते यह हादसा हुआ। पुलिस के मुताबिक इस इलाके में समृद्धि महामार्ग के फेस-3 का काम तेजी से किया जा रहा था। पुल के खंभों पर ब्रिज बनाने वाली क्रेन मौजूद थी। ब्रिज के गर्डर को इस क्रेन के माध्‍यम से ऊपर लेजाकर जोड़ा जा रहा था। क्रेन करीब 200 फीट की ऊंचाई पर थी. तभी शाहपुर इलाके में मंगलवार तड़के यह मशीन अचानक नीचे गिर गई। पुल के नीचे बड़ी संख्‍या में मजदूर मौजूद थे, जो इसकी चपेट में आ गए। मशीन के गिरने की असल वजहों का पता नहीं चल सका है।

पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के प्रति अपनी शोक संवेदना जताई है। पीएम मोदी ने इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये और घायलों के इलाज के लिए 50-50 हजार रुपए अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया। यह राशि प्रधानमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। उधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।

बता दें कि मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग का पहला चरण पूरा हो चुका है और 11 दिसंबर, 2022 को इसका उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। नागपुर से मुंबई तक यह महामार्ग बनाया जा रहा है। पहले चरण के तहत नागपुर से शिरडी तक इसे शुरू किया जा चुका है। अन्‍य चरणों का काम अभी जारी है, जिसके तहत इसे शिरडी से मुंबई तक जोड़ा जाना है।

हरियाणा के नूंह में शोभायात्रा के दौरान पथराव-आगजनी और फायरिंग, धारा-144 लागू, इंटरनेट बंद

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हरियाणा के नूंह जिले में हिंसक झड़प के बाद तनाव फैल गया है। बताया जा रहा है कि, बृज मंडल यात्रा के दौरान दो गुटों में टकराव के बाद पथराव और फायरिंग हुई है।हिंसा में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखतेत हुए नूंह में इंटरनेट सेवा भी पूर्णतया बंद करने के आदेश टेलीकॉम कंपनियों को दिए गए हैं ताकि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी प्रकार की अफवाहें आदि ना फैलाई जा सकें।

जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक साल की भांति इस साल भी बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। जिसमें गुरुग्राम से भी सैकड़ों गाड़ियों में सवार विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भगवान शिव का जलाभिषेक करने नल हड शिव मंदिर मेवात में गए हुए थे।विश्व हिंदू परिषद और मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की तरफ से निकाली जा रही ब्रजमंडल यात्रा के दौरान बवाल हो गया।यात्रा के दौरान दो गुट आमने-सामने आ गए और दोनों में झड़प हो गई।

इंटरनेट और एसएमएस सर्विस पर रोक

झड़प के दौरान उग्र लोगों की ओर से कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया है। झड़प के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत की स्थिति बनी हुई है। तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स हालात को काबू करने में जुटी हुई है। हिंसक झड़प के बाद हरियाणा सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि नूंह में इंटरनेट और एसएमएस सर्विस पर रोक लगा दी गई है।

बवाल के बाद नूंह शहर में पसरा सन्नाटा

गुरुग्राम विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री यशवंत शेखावत की माने तो- यात्रा जैसे ही शिव मंदिर नल हड पहुंची, उसी दौरान शरारती तत्वों ने यात्रा पर पथराव शुरू कर दिया और कई गाड़ियों में भी आगजनी और तोड़फोड़ की है। बवाल के दौरान गोलीबारी से लेकर आगजनी की घटना हुई। कई सरकारी वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई तथा कुछ निजी वाहनों को भी भीड़ ने निशाना बनाया। पुलिस ने भी मामले को शांत करने के लिए फायरिंग की। घटना के बाद रूट को नूंह - होडल मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया है इसके अलावा नूंह शहर पूरी तरह से सुनसान है। इस घटना के बाद ज्यादातर बाजार बंद हो चुका है और लोग अपने घर जा चुके हैं।

मणिपुर मसले पर निर्मला सीतारमण का जोरदार हमला, कहा- घड़‍ियाली आंसू बहा रहा व‍िपक्ष

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मणिपुर हिंसा को लेकर सरकार और विपक्ष एक दूसरे के आमने-सामने हैं। विपक्ष मणिपुर हिंसा मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के साथ विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा है। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री और बीजेपी नेता न‍िर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर कड़ा हमला बोला है।निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया है कि विपक्ष मणिपुर के मामले में घड़ियाली आंसू बहा रहा है।

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विपक्ष चर्चा से भागता नजर आया-सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार संसद में मणिपुर हिंसा पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है, लेकिन विपक्ष ने ऐसा नहीं होने दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब चर्चा की बात आती है तो विपक्ष हंगामा कर देता है। वो खुद इस मामले पर चर्चा नहीं होने देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष मणिपुर मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा नहीं लेना चाहता। आज जब यह मुद्दा संसद में उठाया गया तो विपक्ष चर्चा से भागता नजर आया। विपक्ष के व्यवहार से दुखी हूं।

विपक्ष ने इस संवेदनशील मुद्दे का फायदा उठाया-सीतारण

उन्होंने कहा कि मणिपुर जैसे संवेदनशील मसला विपक्ष के लिए सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा है। आज यह साबित हो गया कि वे मणिपुर मुद्दे पर सिर्फ मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे। अगर उन्हें वास्तव में परवाह होती, तो वे इस पर चर्चा करते। उन्होंने कहा कि पहले कहते हैं कि वो इस मामले पर चर्चा चाहते हैं, फिर चर्चा नहीं होने देते। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मानसिकता भी उनके पहने काले कपड़ों की तरह हो चुकी है। सीतारमण ने कहा कि मणिपुर एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है, जिसका विपक्ष ने फायदा उठाया है।

बातचीत को संसद में रखे विपक्ष-सीतारमण

विपक्षी सांसदों के मणिपुर दौरे को लेकर निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये लोग मणिपुर होकर आए हैं, जहां उन्होंने लोगों से बातचीत की।अब हम सुनना चाहते हैं कि उन्होंने मणिपुर में लोगों से क्या बातचीत की और उन्हें क्या बताया गया। इसकी जानकारी उन्हें संसद में चर्चा कर देनी चाहिए।वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसा करने से कौन रोक रहा है?

मणिपुर मसले पर निर्मला सीतारमण का जोरदार हमला, कहा- घड़‍ियाली आंसू बहा रहा व‍िपक्ष

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मणिपुर हिंसा को लेकर सरकार और विपक्ष एक दूसरे के आमने-सामने हैं। विपक्ष मणिपुर हिंसा मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के साथ विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा है। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री और बीजेपी नेता न‍िर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर कड़ा हमला बोला है।निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया है कि विपक्ष मणिपुर के मामले में घड़ियाली आंसू बहा रहा है।

विपक्ष चर्चा से भागता नजर आया-सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार संसद में मणिपुर हिंसा पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है, लेकिन विपक्ष ने ऐसा नहीं होने दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब चर्चा की बात आती है तो विपक्ष हंगामा कर देता है। वो खुद इस मामले पर चर्चा नहीं होने देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष मणिपुर मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा नहीं लेना चाहता। आज जब यह मुद्दा संसद में उठाया गया तो विपक्ष चर्चा से भागता नजर आया। विपक्ष के व्यवहार से दुखी हूं।

विपक्ष ने इस संवेदनशील मुद्दे का फायदा उठाया-सीतारण

उन्होंने कहा कि मणिपुर जैसे संवेदनशील मसला विपक्ष के लिए सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा है। आज यह साबित हो गया कि वे मणिपुर मुद्दे पर सिर्फ मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे। अगर उन्हें वास्तव में परवाह होती, तो वे इस पर चर्चा करते। उन्होंने कहा कि पहले कहते हैं कि वो इस मामले पर चर्चा चाहते हैं, फिर चर्चा नहीं होने देते। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मानसिकता भी उनके पहने काले कपड़ों की तरह हो चुकी है। सीतारमण ने कहा कि मणिपुर एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है, जिसका विपक्ष ने फायदा उठाया है।

बातचीत को संसद में रखे विपक्ष-सीतारमण

विपक्षी सांसदों के मणिपुर दौरे को लेकर निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये लोग मणिपुर होकर आए हैं, जहां उन्होंने लोगों से बातचीत की।अब हम सुनना चाहते हैं कि उन्होंने मणिपुर में लोगों से क्या बातचीत की और उन्हें क्या बताया गया। इसकी जानकारी उन्हें संसद में चर्चा कर देनी चाहिए।वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसा करने से कौन रोक रहा है?