जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, 10 आतंकी गिरफ्तार, जेकेएलएफ और हुर्रियत को फिर से जिंदा करने की हो रही साजिश!

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जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन जेकेएलएफ और हुर्रियत को फिर से जिंदा करने की साजिश रचने वाले 10 पूर्व आतंकवादियों को एक साथ धर दबोचा है। बताया जा रहा है कि ये पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के इनपुट पर काम कर रहे थे।इन सभी लोगों को पुलिस ने 10 जुलाई को गिरफ्तार किया।

कश्मीर में आतंकी हिंसा और अलगाववादी एजेंडे का दुष्चक्र शुरू करने व हुर्रियत और जेकेएलएफ को फिर से खड़ा करने की पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के इशारे पर रविवार को लालचौक से कुछ ही दूरी पर कोठीबाग पुलिस स्टेशन के पास स्थित मोहम्मद यासीन बट ने ईद मिलन पार्टी का आयोजन किया था। मोहम्मद यासीन बट जेकेएलएफ का एक पुराना कमांडर है।मोहम्मद यासीन बट जेकेएलएफ का एक पुराना कमांडर है और टेरर फंडिंग के मामले में भी उससे पूछताछ हो चुकी है। उसने हुर्रियत कान्फ्रेंस, समेत विभिन्न अलगाववादी संगठनों के नेताओं के अलावा जेकेएलएफ के कुछ पुराने कमांडरों को बुलाया था।

पुलिस को इस बैठक की भनक लग गई और उसने दबिश देकर वहां मौजूद सभी को हिरासत में ले लिया।पूछताछ के दौरान पहली नजर में यह पता चला है कि वे जेकेएलएफ और हुर्रियत को फिर से एक्टिव करने की साजिश रच रहे थे। श्रीनगर के कोठीबाग पुलिस स्टेशन में इन सभी पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की धारा 10, 13 और आईपीसी की धारा 121 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच जारी और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी लोग अपने पाकिस्तान स्थित आकाओं के निर्देशन में इन संगठनों को फिर से जिंदा करने की साजिश रच रहे थे। शुरुआती जांच से पता चला है कि वे विदेश में मौजूद संस्थाओं के संपर्क में थे। उनमें से कुछ ऐसे कई समूहों के सदस्य थे, जो फारूक सिद्दीकी और जेकेएलएफ के राजा मुजफ्फर की अध्यक्षता वाले कश्मीर ग्लोबल काउंसिल की तरह अलगाववाद का प्रचार करते हैं।

जांच में पता चला कि 13 जून को एक बैठक हुई थी जिसमे ये सभी लोग शामिल थे। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनकी पहचान मोहम्मद यासीन, मोहम्मद रफीक, शम्सुद्दीन रहमानी के तौर पर हुई है। इसके अलावा जहांगीर अहमद, खुर्शीद भट्ट, शब्बीर डार, सज्जाद हुसैन,फिरदौस, हसन, सोहेल को भी गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर मौत बनकर आठ किमी दौड़ती रही बस, स्कूल बस की टक्कर से टीयूवी कार सवार छह लोगों की मौत, सीसीटीवी फुटेज में दिखा भयंकर ह

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 दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा में चल रही स्कूल बस की टक्कर से टीयूवी कार सवार छह लोगों की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा अकबरपुर बहरामपुर के पास थाना क्रासिंग रिपब्लिक क्षेत्र में मंगलवार सुबह छह बजे हुआ।

कार मेरठ से दिल्ली की तरफ जा रही थी और आरोपित बस चालक गाजीपुर में सीएनजी भरवाने के बाद गलत दिशा से क्रासिंग रिपब्लिक की ओर लौट रहा था।‌

बस खाली थी और चालक धर्मेंद्र के नशे में होने की भी बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपित चालक को हिरासत में ले लिया है। मृतकों में इंचौली (मेरठ) के नरेंद्र, अबिता, हिमांशु, दीपांशु, वंशिका व एक अन्य शामिल हैं। सभी खाटूश्याम दर्शन के लिए जा रहे थे।

आठ किलोमीटर गलत दिशा में मौत बनकर दौड़ती रही बस

डीएमई पर गलत दिशा में चलने वालों और प्रतिबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई के तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन ग्रेटर नोएडा के बाल भारती पब्लिक स्कूल की बस के चालक ने दिल्ली से डीएमई पर प्रवेश किया और आठ किलोमीटर तक गलत‌ दिशा में मौत बनकर दौड़ती रही। सुबह के समय पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आठ किलोमीटर के दायरे में कहीं भी बस को नहीं रोका गया।

एलिवेटेड रोड के पास से डीएमई पर प्रवेश‌‌ करते समय पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। हालांकि यातायात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी सुबह आठ बजे से शुरू होती है।

हालांकि अलग-अलग थानों की पीसीआर व लैपर्ड के गश्त के दावे किए जाते हैं, लेकिन कौशांबी, इंदिरापुरम, क्रासिंग रिपब्लिक व विजयनगर थाने के भी किसी पुलिसकर्मी ने इसके बारे में सूचना नहीं दी। हादसा इतना भीषण हुआ कि कार का काट-काटकर शव निकालने पड़े।

एडीसीपी यातायात रामानंद कुशवाहा का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। बस चालक की गलती से हादसा हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट से सरकार को बड़ा झटका, ईडी निदेशक संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाने पर उठाया सवाल, 15 दिनों के भीतर नई नियुक्ति का निर्देश

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सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को करारा झटका लगा है।सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) डायरेक्टर एस के मिश्रा को मिले सेवा विस्तार को गलत करार दिया है।कोर्ट ने ईडी के निदेशक संजय मिश्रा के कार्यकाल को घटा दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि संजय मिश्रा का कार्यकाल 31 जुलाई तक ही रहेगा। बता दें कि केंद्र सरकार ने लगातार तीसरे बार संजय मिश्रा के कार्यकाल को बढ़ा दिया था।इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

15 दिनों के भीतर ईडी के नए डायरेक्टर की नियुक्ति का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी के डायरेक्टर को एक और एक्सटेंशन देना अवैध बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ईडी डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा का तीसरी बार कार्यकाल नहीं बढ़ेगा। कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि मिश्रा को 31 जुलाई तक दफ्तर खाली करना होगा। साथ ही कोर्ट ने सरकार से 15 दिनों के भीतर ईडी के नए डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए कहा है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने ईडी और सीबीआई प्रमुखों को 5 साल का कार्यकाल देने के लिए सीवीसी, डीएसपीई अधिनियमों में संशोधन की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है।

तीसरी बार बढ़ाया गया था कार्यकाल

बता दें कि संजय कुमार मिश्रा को नवंबर 2018 में प्रवर्तन निदेशालय के पूर्णकालिक प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था। केंद्र सरकार ने सबसे पहले 2020 में उनको एक साल का सेवा विस्तार दिया था। तब उन्हें 18 नवंबर, 2021 तक एक साल के लिए उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था। फिर 2021 में कार्यकाल समाप्त होने से एक दिन पहले ही उन्हें दोबारा सेवा विस्तार दिया गया। ये दूसरी बार था। वहीं, 17 नवंबर 2022 को संजय कुमार मिश्रा का दूसरा सेवा विस्तार खत्म होने से पहले ही कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने एक वर्ष (18 नवंबर 2022 से 18 नवंबर 2023 तक) के लिए तीसरे सेवा विस्तार को मंजूरी दे दी थी।

यूसीसी को लेकर उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान, कहा- सबके लिए कानून और अधिकार समान होना भी जरूरी, हिंदू, सिख, ईसाई, दलित किसी को कोई छूट ना मिले

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देश भर में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बहस जारी है। संभावना है कि इसी महीने शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार इसे सदन में पेश कर सकती है। हालांकि, मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे हैं, वहीं राजनीतिक दलों की राय इसे लेकर बंटी हुई है। इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने यूसीसी पर अपनी राय जाहिर की है।उन्होंने कहा कि यह यूनिफॉर्म सिविल कोड है इसलिए सबके लिए कानून और अधिकार समान होना भी जरूरी है। वरना लगेगा कि किसी खास समूह या समुदाय को निशाना बनाकर इसे लागू किया गया है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यूसीसी में सभी धर्मों और जातियों के लिए समान कानून और अधिकार होने चाहिए, न ही कोई छूट होनी चाहिए, फिर वह हिंदू, सिख, ईसाई, दलित या कोई भी हो। नहीं तो लगेगा कि इसे खास समुदाय और मुसलमान एवं मुस्लिम पर्सनल लॉ को निशाना बनाने के लिए लाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब समान अधिकार और कानून है।

बीजेपी इस समय सबसे कमजोर पार्टी-उमर

इस दौरान नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी में पड़ फूट को लेकर उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी इस समय सबसे कमजोर पार्टी हो चुकी है।उन्होंने कहा, बीजेपी इस समय अपने सबसे कमजोर दौर से गुजर रही है इसलिए वह एनडीए का पुनर्जागरण कर रही है और दूसरे दलों में फूट ड़ाल रही है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वह विपक्षी दलों को खत्म कर सकते हैं। 

आर्टिकल 370 पर सुनवाई होने होने पर जताई खुशी

वहीं, उन्होंने जम्मू-कश्मीर से हटाए गए आर्टिकल 370 को लेकर भी बयान दिया और कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि इस मुद्दे पर सुनवाई शुरू हो रही है। उमर ने कहा कि वह इस पर केंद्र की ओर से दर्ज की गई अर्जी पर कुछ नहीं कहेंगे, उस पर कोर्ट में जवाब दिया जाएगा

जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में निर्मला सीतारामन से दिल्ली और पंजाब के वित्त मंत्रियों की बहस, जानिए क्या है वजह?

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देश की राजधानी दिल्ली में जीएसटी की 50वीं बैठक में माहौल गरमा गया। मीटिंग के दौरान पंजाब और दिल्ली के वित्त मंत्रियों की केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारामन से बहस हो गई। बैठक के दौरान, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और दिल्ली के फाइनेंस मिनिस्टर आतिशी मार्लेना, निर्मला सीतारामन से भिड़ गए। सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि दिल्ली और पंजाब दोनों ही जीएसटी को पीएमएलए यानी मनी लांड्रिंग के तहत लाने का विरोध कर रहे हैं।बता दें कि दिल्ली और पंजाब दोनों ही राज्यों में आम आदमी पार्टी कि सरकार है।

दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 50वीं बैठक चल रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली और पंजाब जीएसटी को पीएमएलए यानी मनी लांड्रिंग के तहत लाने का विरोध कर रहे हैं। इसी दौरान दिल्ली की वित्त मंत्री और पंजाब के वित्त मंत्री की केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण से बहस हो गई। कहा जा रहा है कि इस बहस के बाद मीटिंग का माहौल काफी गरमा गया।

आम आदमी पार्टी की सरकार वाले राज्य दिल्ली और पंजाब में पीएमएलए को जीएसटी के अधीन लाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य के गृहमंत्रियों के बीच जोरदार बहस छिड़ी हुई है। बता दें कि दिल्ली सरकार एक लंबे समय से पीएमएलए को जीएसटी के अधीन लाए जाने का विरोध कर रही है।

उधर, दिल्ली में सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर- पोस्टिंग के अधिकार को लेकर केंद्र और आप सरकार के बीच विवाद चल रहा है। इस मामले में दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर केंद्र के अध्यादेश को चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई चल रही है।

नेपाल में सोलुखुभु से काठमांडू जा रहा हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार, 5 विदेशी नागरिकों समेत 6 लोग थे सवार

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नेपाल में मंगलवार सुबह एक हेलिकॉप्टर दादसे का शिकार हो या। जिसमें 5 विदेशी नागरिक समेत 6 लोग सवार थे।सोलुखुम्बु से राजधानी काठमांडू जा रहे इस हेलिकॉप्टर का संपर्क उड़ान के कुछ देर बाद ही टूट गया था, जिसके बाद अब इसके दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी आई है।

बताया गया है कि सुबह करीब 10 बजे इस हेलीकॉप्टर का संपर्क कंट्रोल टॉवर से टूट गया। इसके बाद से ही चॉपर की कोई जानकारी नहीं मिली है। द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, लापता हुए हेलिकॉप्टर का सुबह करीब 10:15 बजे नियंत्रण टावर से संपर्क टूट गया। त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के महाप्रबंधक प्रताप बाबू तिवारी के अनुसार, कॉल साइन 9एन-एएमवी वाला हेलिकॉप्टर उड़ान के 15 मिनट बाद संपर्क रहित हो गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस हेलिकॉप्टर में पांच मैक्सिकन नागरिक समेत कुल 6 लोग सवार थे। मंगलवार सुबह 10.10 मिनट पर मनांग एयर के इस हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी थी, इसके 15 मिनट बाद ही हेलिकॉप्टर का संपर्क टूट गया था।

धारा 370 हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 2 अगस्त से रोज होगी सुनवाई, शीर्ष अदालत ने सभी पक्षों से 27 जुलाई तक मांगे जवाब

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की तरफ से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका के लेकर अहम निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत अब इस मामले की रोज सुनवाई करेगी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की पांच-जजों की पीठ ने अनुच्छेद 370 मामले में 2 अगस्त से रोज सुनवाई करने की बात कही है। इसी मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सभी पक्षकारों को 27 जुलाई तक अपने जवाब दाखिल करने को कहा है।

2 अगस्त से रोज होगी सुनवाई

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि याचिकाओं पर 2 अगस्त से सुनवाई शुरू करेंगे। सीजेआई ने कहा कि सोमवार और शुक्रवार को छोड़कर रोजाना साढ़े दस बजे से सुनवाई होगी। 

बाद में बदलाव की नहीं होगी अनुमति

अदालत ने कहा कि 27 जुलाई तक सभी पक्ष इस मामले में अपना जवाब दाखिल करा दें, उसके बाद कोई बदलाव कराने की अनुमति नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि सुनवाई शुरू होने से पहले ये भी बताया जाए कि किस पक्ष से कौन-कौन जिरह करेगा। 

केंद्र के नए हलफनामे पर विचार करने से भी इनकार

साथ ही शीर्ष अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान केंद्र के नए हलफनामे पर विचार करने से भी इनकार कर दिया। बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले केंद्र सरकार की तरफ से आर्टिकल 370 को लेकर एक हलफनामा दिया गया था। केंद्र ने जो नया हलफनामा दाखिल किया है, वो पिछले 4 साल में जम्मू-कश्मीर में स्थिति में आए सुधारों पर है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने का बचाव किया था। केंद्र ने सोमवार को शीर्ष अदालत से से कहा था कि यह कदम उठाये जाने के बाद जम्मू कश्मीर के पूरे क्षेत्र में ‘अभूतपूर्व’ शांति, प्रगति और समृद्धि देखने को मिली है। केंद्र ने कहा था कि कि आतंकवादियों की तरफ से सड़कों पर की जाने वाली हिंसा और अलगाववादी नेटवर्क अब ‘अतीत की बात’ हो चुकी है। हलफनामें में क्षेत्र की विशिष्ट सुरक्षा स्थिति का संदर्भ देते हुए केंद्र ने कहा था कि आतंकवादी-अलगाववादी एजेंडा से जुड़ी सुनियोजित पथराव की घटनाएं वर्ष 2018 में 1,767 थीं, जो घटकर 2023 में आज की तारीख में शून्य हो गई हैं। इसके साथ ही सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने के मामलों में 2018 की तुलना में 2022 में 65.9 प्रतिशत की कमी का भी जिक्र किया गया था।

 

2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किया गया था

बता दें कि 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किया था। जिसके बाद इसका जमकर विरोध हुआ था और सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं। इससे जुड़ी 20 से ज्यादा याचिकाएं लंबित हैं, जिन पर एक साथ चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच सुनवाई करेगी।

बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने चार्टशीट में लगाए गंभीर आरोप, जानें आरोप पत्र में क्या-क्या

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महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में बृजभूषण शरण सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में साफ कहा है कि बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और पीछा करने के अपराधों के लिए मुकदमा चलाया जा सकता था और सजा दी जा सकती थी।

चार्डशीट में कहा गया-सिंह पर मुकदमा चलाया जा सकता था

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में करीब 1000 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कहा गया है कि अब तक की जांच के आधार पर, सिंह पर मुकदमा चलाया जा सकता था। साथ ही उनको यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और पीछा करने जैसे अपराधों के लिए दंडित किया जा सकता था। 13 जून को दाखिल चार्जशीट में इस बात का भी उल्लेख है कि सिंह ने पहलवानों का बार-बार यौन उत्पीड़न करना जारी रखा। पुलिस ने इन्हीं बातों के आधार पर बृजभूषण पर सेक्शन 506 (आपराधिक धमकी), 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), 354 ए (यौन उत्पीड़न) और 354 डी (पीछा करना) सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

चार्जशीट में कुल 108 लोगों के बयान दर्ज

दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट के लिए कुल 108 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। जिन 6 महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी उनके समर्थन में 15 लोगों ने गवाही दी है। इन गवाही देने वालों में महिला पहलवानों के परिवार वाले भी शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बृजभूषण सिंह के साथ-साथ सभी गवाहों को समन जारी करने के लिए कहा था। इसी के बाद कोर्ट ने बृजभूषण सिंह को 18 जुलाई को अदालत में पेश होने को कहा है

बृजभूषण सिंह को कोर्ट ने भेजा है समन

7 जुलाई को दिल्ली की राऊज एवेन्यू अदालत ने बीजेपी सांसद बृज भूषण सिंह को देश की प्रमुख महिला पहलवान खिलाड़ियों की तरफ से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में तलब किया था। राउज़ एवेन्यू अदालत की तरफ से जारी समन में उन्हें 18 जुलाई को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, सिंह के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी अदालत ने तलब किया है। तोमर पर IPC की धारा 109 (उकसाने वाले अधिकारी), 354, 354ए, 506 (आपराधिक धमकी) के तहत अपराध का आरोप लगाया गया है। 

पहलवानों के आरोप के बाद जांच कमेटी का किया गया था गठन

आपको बता दें कि इस साल के शुरुआत में बृजभूषण सिंह के खिलाफ कई पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया समेत दर्जनों पहलवान धरने पर बैठे थे और बृजभूषण सिंह को भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग कर रहे थे। पहलवानों की ओर से विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से एमसी मैरीकॉम के नेतृत्व में 6 सदस्यीय कमेटी का गठन जनवरी में किया। फरवरी में इसकी सुनवाई हुई। 24 अप्रैल को सरकार ने कमेटी की प्रमुख सिफारिशों के बारे में जानकारी दी, इसमें फेडरेशन की आतंरिक कमियों के बारे में जरूर कहा गया, लेकिन बृजभूषण शरण सिंह के आरोपों पर चुप्पी साध ली गई। 

कार्रवाई नहीं होने से दोबारा धरने पर लौटे थे पहलवान

बृजभूषण शरण सिंह पर कार्रवाई नहीं होने और कमेटी पर सवाल उठाने के बाद पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगट और बजरंग पुनिया 23 अप्रैल को फिर से प्रदर्शन के लिए जंतर मंतर लौट आए थे। यह प्रदर्शन लगभग 2 महीने तक चला। गृहमंत्री अमित शाह और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बैठक के बाद उन्होंने पिछले महीने अपना आंदोलन वापस लिया। उन्हें मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

बारिश और बाढ़ से उत्तर भारत के कई राज्यों में तबाही के हालात, 24 घंटे में अलग-अलग राज्यों में 40 से अधिक लोगों की मौत

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उत्तर भारत के कुछ राज्यों में पिछले दो दिनों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है।मूसलाधार बारिश और बाढ़ से उत्तर भारत के सात राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली में भारी तबाही हुई है। हिमाचल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। पहाड़ टूट रहे हैं और सड़कें बह रही हैं। मौसम का यह विकराल रूप कितना भयावह रहा है, इसकी गवाही मौसम विभाग के आंकड़े भी देते हैं। सिर्फ एक दिन का ही रिकॉर्ड देखें तो कुछ जगह पर सामान्य से 1000 फीसदी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 

9 और 10 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की वजह से बुरा हाल रहा। पहाड़ी इलाकों में नदियों ने रौद्र रूप लिया, पहाड़ से मलबा गिरा और कई जगह रास्ते बंद हो गए, पुल टूट गए इतना ही नहीं मकान के मकान ढह गए। सिर्फ पहाड़ ही नहीं मैदानी इलाके भी इस बारिश आफत बनकर बरसी। दिल्ली, चंडीगढ़, अंबाला समेत बड़े शहरों में बारिश की वजह से कई इलाके तालाब बन गए। दिल्ली में जगह-जगह बारिश की वजह से पानी भरा रहा, चंडीगढ़-अंबाला में भी गाड़ियों सड़कों पर तैरती नज़र आईं।

24 घंटे में विभिन्न राज्यों में 40 से अधिक मौतें

बारिश ने किस तरह कहर बरपाया है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को बीते 24 घंटे में विभिन्न राज्यों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हिमाचल में 20 लोगों की मौत हुई है। वहीं उत्तर प्रदेश में आठ मौतें हुईं। दिल्ली में बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो दिन में 5 लोगों की मौत हुई है। साथ ही 5 लोग घायल हुए हैं। वहीं, पंजाब में बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। पंजाब में बाढ़ और आपात हालात से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 5 टीमें तैनात कर दी गई हैं।

प्रभावित राज्यों में एनडीआरएफ की 39 टीमें तैनात

हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं, जिसके चलते हाइवे व आम सड़कें बंद कर दी गई हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे समेत 900 से अधिक सड़कें बंद हैं। हजारों लोग रास्तों में फंसे हैं। प्रभावित राज्यों में एनडीआरएफ की 39 टीमें तैनात की गई हैं। पंजाब में 14, हिमाचल में 12, उत्तराखंड में 8 और हरियाणा में 5 टीमें शामिल हैं।

हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटों के लिए रेड और ऑरेज अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों में हल्की से भारी बारिश की चेतावनी फिर जारी की है। इसी क्रम में मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए केलांग, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर, शिमला, सोलन, नाहन और किन्नौर जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है। यानी कि इन जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं चंबा, धर्मशाला, हमीरपुर और ऊना जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यानी कि इन जिलों में तेज बारिश की संभावना है।

दिल्ली में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है यमुना नदी

दिल्ली के ओल्ड रेलवे ब्रिज इलाके में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। पुल पर रेलवे और यातायात की आवाजाही रोक दी गई है। आज सुबह 8 बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना नदी का जलस्तर 206.32 मीटर दर्ज किया गया। दिल्ली में नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर 207.49 मीटर है।

15 जुलाई तक बारिश की संभावना

मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली में 15 जुलाई तक बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से हुई बातचीत में बताया कि मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के चलते भारी बारिश हो रही है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने चंडीगढ़ मौसम विभाग के वैज्ञानिक एके सिंह के हवाले से बताया है कि देश में इन दिनों मानसून के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ भी भारत में सक्रिय हो गया है, जिसके चलते भारी बारिश हो रही है।

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की की वोटिंग जारी, नतीजों के बीच भी बवाल, राज्यपाल ने हिंसा करने वालों को दी चेतावनी

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पश्चिम बंगाल में हुए पंचायत चुनाव की मतगणना शुरू हो गई है। मतों की काउंटिंग आठ बजे से जारी है। हालांकि कई मतगणना केंद्रों पर अभी तक काउंटिंग शुरू नहीं हुई है। मतगणना केंद्रों के बाहर भारी संख्या में पुलिस तैनात है। इस बीच, कई जगहों से फिर हिंसा की खबरें आ रही है।

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कानून तोड़ने वालों को राज्यपाल ने दी सख्त चेतावनी

राज्यपाल सीवी आनंद बोस दिल्ली से आज कोलकाता पहुंचे। कोलकाता पहुंचने पर राज्यपाल ने कहा कि हिंसा भविष्य को प्रभावित करेगी। हिंसा पर लगाम लगना जरूरी है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा है कि जो भी कानून को तोड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बंगाल में बंगाल में बढ़ती हिंसा के खिलाफ लगातार लड़ाई जारी रहेगी। आज राज्यपाल हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। राज्यपाल सीवी आनंद बोस भांगर और कैनिंग सहित दक्षिण 24 परगना जिले का दौरा करेंगे।

भाजपा समर्थकों के साथ मारपीट

उत्तर 24 परगना के बशीरहाट के हसनाबाद के रामपुरी में भाजपा समर्थकों के साथ मारपीट की खबर है। जानकारी के मुताबिक, उनके घरों में टीएमसी कार्यकर्ताओं की ओर से तोड़फोड़ करने के आरोप लगे हैं। 

बीरभूम के सीपीआईएम का प्रदर्शन

बीरभूम के किन्नाहार में सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। कथित तौर पर बीरभूम के किन्नाहार में सीपीआईएम एजेंटों को काउंटिंग में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। इसके विरोध में सीपीएम कार्यकर्ता सड़क पर टायर जलाकर रास्ता अवरुद्ध कर प्रदर्शन कर रहे हैं।

मालदा में लाठीचार्ज

मालदा में मतगणना केंद्र पर भारी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पंचायत समिति की 9730 सीटों में से 991 पर टीएमसी ने पहले ही जीत हासिल कर ली है।

इससे पहले शनिवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों की पंचायतों में आठ जुलाई को वोटिंग हुई थी। इस दौरान हिंसा में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। इसके बाद सोमवार यानि 10 जुलाई को 19 जिलों में कुल 696 बूथों पर फिर से मतदान कराया गया। मुर्शिदाबाद में सबसे अधिक 175 बूथों पर दोबारा मतदान हुआ। वहीं, मालदह की 109 बूथों पर दोबारा वोटिंग हुई. कूच बिहार में 53 बूथ और नादिया में 89 बूथों पर दोबारा मतदान हुआ। वहीं, उत्तर चौबीस परगना की 46 बूथों पर सोमवार को फिर से वोटिंग हुई। वहीं, पूर्वी मेदिनीपुर के 31 और हुगली की 29 बूथों पर जनता ने दोबारा वोटिंग की।