*खत्म होने वाला है इंतजार! गर्भ गृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख आई सामने, जानें कब होगी स्थापना*

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रामलला के दर्शन का इंतजार कर रहे करोड़ों लोगों के लिए अच्‍छी खबर है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्‍थायी गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्‍ठा किए जाने की तारीख को लेकर बड़ी खबर मिल रही है। योगी सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने एक ट्वीट कर राम भक्तों को जानकारी दी है कि अगले साल 22 जनवरी को रामलला विराजमान होंगे। हालांकि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अभी इस तारीख पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की योजना है कि जनवरी 2024 तक रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भव्य गर्भगृह में कर दी जाए।इसको देखते हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने काशी के विद्वानों से प्राण प्रतिष्ठा की तीन शुभ तिथि मांगी थीं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा के मुहूर्त के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने काशी के दिग्गज विद्वान गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ से तीन मुहूर्त मांगे थे। 15 जनवरी से 25 जनवरी 2024 के भीतर यह मुहूर्त निकालने को कहा गया था। गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ ने 22 जनवरी 2024 का मुहूर्त निकाला है। इसके अलावा उन्होंने फरवरी में भी एक मुहूर्त निकालकर ट्रस्ट को बताया।

बताया जा रहा है कि रामलला की पुरानी और नई दोनों प्रतिमाओं को राम मंदिर में स्‍थापित करने की योजना है।22 जनवरी को राम मंदिर के गर्भ गृह में पूरे विधि विधान और पूजा पाठ के साथ रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, जिसके बाद राम मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा और भक्त यहां भगवान राम के दर्शन कर सकेंगे।

इन दिनों राम मंदिर के गर्भगृह का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसके बाद अब गर्भगृह का आकार भी दिखने लगा है। गर्भगृह के लिए बनाए गए पिलरों का काम पूरा हो गया है और अब छत की ढलाई का काम शुरू हो गया। श्री रामजन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक गर्भगृह को पूरा करने के लिए सितंबर महीने तक का समय तय किया गया है जबकि अक्टूबर माह तक मंदिर का प्रथम तल बनकर तैयार हो जाएगा। प्रथम तल में राम दरबार होगा, जबकि दूसरा तल खाली रहेगा। इसे मंदिर की ऊंचाई बढ़ाने के लिए तैयार किया जाएगा।

नैनीताल हाईकोर्ट के तीन नए न्यायाधीशों ने ली शपथ, शपथग्रहण के दौरान तालियों से गूंज उठा समारोह

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उत्तराखंड हाईकोर्ट के तीन नए जज राकेश थपलियाल व पंकज पुरोहित तथा विवेक भारती शर्मा शुक्रवार को औपचारिक रूप से नियुक्त हो गए। राष्ट्रपति की नियुक्ति, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के नोटिफिकेशन के बाद नवनियुक्त न्यायाधीशों को राज्यपाल की सहमति पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी की ओर से पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण समारोह में हाईकोर्ट के न्यायाधीशगण, बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।

चीफ जस्टिस कोर्ट में सुबह दस बजे चीफ जस्टिस विपिन सांघी ने जस्टिस राकेश थपलियाल, पंकज पुरोहित, विवेक भारती शर्मा को शपथ दिलाई। इससे पहले रजिस्ट्रार जनरल अनुज कुमार संगल की ओर से राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति पत्र, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के नोटिफिकेशन, राज्यपाल गुरमीत सिंह की ओर से मुख्य न्यायाधीश को शपथ के लिए अधिकृत करने से संबंधित पत्र का वाचन किया। उसके बाद शपथ दिलाई गई।

शपथग्रहण के दौरान समारोह तालियों से गूंज उठा। इस अवसर पर वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी, न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा सहित महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत, वरिष्ठ अधिवक्ता वीबीएस नेगी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रभाकर जोशी, प्रमुख सचिव न्याय नरेंद्र दत्त, डीएम धीराज गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट सहित पदमश्री अनिल जोशी आदि उपस्थित थे।

इन अधिवक्ताओं व रजिस्ट्रार जनरल को सितंबर 2020 में जज बनाये जाने की संस्तुति उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली कॉलिजियम ने सिफारिश की थी । हाईकोर्ट के कॉलिजियम की संस्तुति संबंधित फाइल अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुप्रीम कोर्ट की कॉलिजियम ने हाल ही में इस पर अपनी मुहर लगाते हुए केंद्र सरकार को भेज दी थी।

हाईकोर्ट में लंबे समय से जजों के पद रिक्त चल रहे हैं । जिन्हें भरे जाने की मांग हाईकोर्ट के अधिवक्ता कर रहे थे। सीनियर अधिवक्ता राकेश थपलियाल मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के जबकि अधिवक्ता पंकज पुरोहित गोपेश्वर चमोली जिले के मूल निवासी हैं। थपलियाल 2014 से केंद्र सरकार के उच्च न्यायालय में असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्य कर रहे हैं जबकि अधिवक्ता पुरोहित पूर्व में उप महाधिवक्ता रह चुके हैं।दोनों अधिवक्ता राज्य बनने के बाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं।

हायर ज्यूडिशियल सर्विसेज 2005 बैच के टॉपर विवेक भारती शर्मा 4 अप्रैल 2022 से रजिस्ट्रार जनरल हैं और दिल्ली के मूल निवासी हैं। वह उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी भवाली के निदेशक, राज्यपाल के कानूनी सलाहकार, पिथौरागढ़ व पौड़ी गढ़वाल के जिला जज, अध्यक्ष वाणिज्यक कर न्यायाधिकरण देहरादून के अध्यक्ष के अलावा हरिद्वार, रुड़की, हल्द्वानी व नैनीताल के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुके हैं। तीन न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद हाईकोर्ट में जजों की संख्या आठ हो जाएगी, जबकि मुख्य न्यायाधीश सहित पदों की संख्या 11 है।

कांग्रेस के 'जहरीले सांप' के बाद बीजेपी विधायक के बिगड़े बोल, सोनिया गांधी को बताया ‘विषकन्या’

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कर्नाटक में सियासी माहौल इस वक्त काफी गर्म है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच प्रदेश का सियासी माहौल “विषाक्त” होता जा रहा है। पार्टी नेताओं की बदजुबानी अपने चरम पर पहुंच गई है।बीते दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को जहर उगलने वाला सांप बताया था। जिसके बाद जहां बीजेपी विधायक बासनगौड़ा ने सोनिया गांधी को 'विषकन्या' कहकर संबोधित किया है।

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कर्नाटक में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं आरोप-प्रत्यारोप का हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है।कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे पहले प्कधानमंत्री मोदी को “जहरीला सांप” कहा। जिसके बाद बीजेपी विधायक यतनाल ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को विषकन्या कहकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

सोनिया गांधी को चीन-पाकिस्तान का एजेंट बताया

यतनाल ने कोप्पल में एक जनसभा के दौरान कहा कि पूरी दुनिया ने पीएम मोदी को माना। अमेरिका ने एक समय उन्हें वीजा देने से मना कर दिया था। बाद में उन्होंने रेड कार्पेट बिछाया और पीएम मोदी का स्वागत किया। खरगे के 'जहरीला सांप' वाले बयान का पलटवार करते हुए विधायक ने कहा कि अब वे (खरगे) उनकी (पीएम मोदी की) तुलना सांप से कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वे जहर उगलेंगे। जिस पार्टी में आप (खरगे) नाच रहे हैं, क्या सोनिया गांधी विषकन्या हैं? उन्होंने यह तक कह डाला कि सोनिया ने चीन और पाकिस्तान के साथ उनके एजेंट के रूप में काम किया। 

भूपेश बघेल ने खड़े किए सवाल

सोनिया गांधी को लेकर दिए गए इस बयान को लेकर बिना देर किए कांग्रेस भी बीजेपी पर हमलावार हो गई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से दिए गए बयान का बीजेपी ने पूरे देश में विरोध किया। सीएम भूपेश ने कहा कि फिर भी कांग्रेस अध्यक्ष ने बड़प्पन दिखाते हुए अपने शब्द वापस लिया। आज उनकी ही पार्टी के विधायक द्वारा सोनिया गांधी को विषकन्या कहा गया है। इस पर पीएम मोदी और अमित शाह क्या कहते हैं देश की जनता यह जानना चाहती है।

खरगे ने दिया था यह बयान

बीते दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को जहर उगलने वाला सांप करार दिया था। खरगे ने कहा कि पीएम मोदी वो सांप हैं जिसे चखने भर से आप मर जाएंगे। खरगे ने पीएम मोदी को लेकर यह बयान कर्नाटक के हावेरी में एक जनसभा के दौरान दिया था। जिसके बाद अनुराग ठाकुर से लेकर अमित मालवीय तक कई बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई थी। ठाकुर ने कहा था कि कांग्रेस बुरी तरह से कर्नाटक चुनाव हार रही है। यही वजह है कि सत्ता पाने की बौखलाहट में कांग्रेस नेता उल्टे सीधे बयान दे रहे हैं।

*ब्रजभूषण की बढ़ेंगी मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट में बैकफुट पर आई दिल्ली पुलिस, दर्ज करेगी एफआईआर*

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दिल्ली पुलिस शीर्ष महिला पहलवानों द्वारा यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने पर सहमत हो गई है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पी एस नरसिम्हा की बेंच ने मामला सुना। केंद्र सरकार के पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि दिल्ली पुलिस शीर्ष महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों का संज्ञान लेकर बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने पर सहमत हो गई है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, हमने एफआईआर दर्ज करने का फैसला किया है, हम इसे आज दर्ज करेंगे।

दरअसल बीते कुछ दिनों से बृजभूषण के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर देश के कई बड़े पहलवान जंतर मंतर पर धरना दे रहे हैं। जिसमें विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, संगीता फोगाट जैसे कई बड़े नाम शामिल है।

सिब्बल ने महिला पहलवानों की सुरक्षा की भी मांग

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पहलवानों की तरफ से पेश हुए वकील कपिल सिब्बल ने सुरक्षा की मांग की। कपिल सिब्बल ने एक सीलबंद कवर सुप्रीम कोर्ट में पेश किया और उन्होंने मांग की वो एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित करें। सिब्बल ने दलील दी कि मुख्य आरोपी पर हत्या के मामले सहित कुल 40 केस दर्ज हैं और ऐसे में याचिका देने वालों की सुरक्षा का क्या होगा उन्हें इस बात की चिंता है।इस के अलावा सिब्बल ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की भी मांग की। 

पूर्व जज की निगरानी में जांच की मांग

इसपर सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि यह विषय दिल्ली पुलिस कमिश्नर पर छोड़ देना चाहिए सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में जांच होनी चाहिए। इसपर तुषार मेहता ने कहा कि अब यह मांग कुछ अधिक है। सॉलिसीटर जनरल ने इसपर कहा कि यह उचित नहीं है। हर मामले में सीधे कोर्ट की या पूर्व जज की निगरानी की मांग की जाती है। शायद खिलाड़ी खुद नहीं जानते कि उनके नाम पर कुछ और भी चल रहा है। पुलिस कमिश्नर ज़िम्मेदार अधिकारी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया था दिल्ली पुलिस को नोटिस

बता दें कि बीते कई दिनों से धरने पर बैठीं महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में मांग की गई थी कि भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। पहलवानों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। आज सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि वह आज इस मामले में एफआईआर दर्ज करेंगे। 

बृजभूषण पर महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण करने का आरोप है। जनवरी में बृजभूषण को लेकर खुलासा करने के बाद विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक सहित कई स्टार पहलवान धरने पर बैठ गए थे। खेल मंत्रालय ने इससे बाद जांच कमेटी बनाई, मगर 3 महीने बाद पहलवानों ने कहा कि उनकी शिकायत के बावजूद कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही और बीते दिनों पहलवान फिर से धरने पर बैठे गए।

*अतीक-अशरफ हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट का सवाल, यूपी सरकार से पूछा-दोनों को सीधे एंबुलेंस से अस्पताल के अंदर क्यों नहीं लाया गया?*

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अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में करवाने की मांग पर अदालत में सुनवाई जारी है।इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार से सवाल किया कि अतीक और अशरफ अहमद को एंबुलेंस में अस्पताल के गेट तक क्यों नहीं ले जाया गया।अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के हत्या मामले की जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। जस्टिस एस रविंद्र भट्ट और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ इस मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच करवाई जाए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से उठाए गए कदमों पर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।

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माफिया ब्रदर्स की हत्या पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल पूछा, अतीक-अशरफ को सीधे एंबुलेंस से अस्पताल के अंदर क्यों नहीं लाया गया। इस सवाल के जवाब में कोर्ट में यूपी सरकार की तरफ से मौजूद वकील मुकुल रोहतगी ने कहा, हमने मामले की जांच किए जाने को लेकर एसआईटी बनाई है और हाईकोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में आयोग गठित कर मामले की जांच कर रहे हैं। रोहतगी के इस बयान पर याचिकाकर्ता ने बीच में ही टोकते हुए कहा, मैं 2017 से अब तक हुए एनकाउंटर की जांच की भी मांग कर रहा हूं।

इस दौरान उनसे कुछ तीखे सवाल पूछे गए। पीठ ने पूछा कि हत्यारों को कैसे पता की अतीक वहां आने वाला थाय़ ये भी पूछा गया कि एंबुलेंस को अस्पताल के अंदर क्यों नहीं लेकर जाया गया। आखिर क्यों अतीक-अशरफ की पैदल परेड कराई गई।

कोर्ट ने रोहतगी के इस बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए यूपी सरकार से आने वाले तीन हफ्तों के अंदर अतीक-अशरफ हत्याकांड की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपी सरकार हलफनामे में बताएगी कि किन परिस्थितियों में अतीक अशरफ की हत्या हुई। विकास दुबे एनकाउंटर की जांच के लिए गठित की गई जस्टिस बीएस चौहान की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने क्या कदम उठाए, इसकी जानकारी भी सरकार को देनी होगी।

जिया खान सुसाइड मामले में सूरज पंचोली को बड़ी राहत, सीबीआई की विशेष कोर्ट ने आरोपों से किया बरी

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जिया खान की आत्महत्या मामले में बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली के खिलाफ आज मुंबई में सीबीआई की विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सूरज पंचोली को सुसाइड नोट में लगाए गए सभी आरोपों से बरी कर दिया है। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से भी अभिनेता बरी हो गए हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस जिया खान मुंबई में अपने घर पर 3 जून 2013 को मृत पाई गई थी। एक्ट्रेस की सुसाइड मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने आज तकरीबन 10 साल बाद फैसला सुनाया।

पहले कोर्ट का फैसला जल्दी आने वाला था लेकिन जिया खान की मां राबिया ने कुछ लिखित चीज़ें जमा करने के लिए थोड़ा वक्त मांगा था। जिसके चलते कोर्ट ने अपना फैसाल 12:30 बजे तक के लिए रोक लिया था।सीबीआ ने सूरज पांचोली को जिया खान सुसाइड केस से पूरी तरह बरी कर दिया है। इस फैसले का इंतजार जिया खान की मां राबिया बड़ी बेसब्री के साथ कर रही थीं।उन्हें अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए था। हालांकि, उनके हाथ महज निराशा लगी है।

बता दें कि, बॉलीवुड अदाकारा जिया खान की लाश 3 जून 2013 के दिन उनके फ्लैट पर पायी गई थी। अभिनेत्री की लाश के पास छह पन्नों का सुसाइड नोट मिला था। बताया गया कि जिया खान ने मरने से पहले इसे खुद अपने हाथों से लिखा था। जिया की लाश के पास मिले सुसाइड नोट के अनुसार एक्टर सूरज पंचोली ने उन्हें सुसाइड के लिए उकसाया था, जो उस वक्त उनके बॉयफ्रेंड थे। इसके बाद मुंबई पुलिस ने 11 जून 2013 को बॉलिवुड एक्टर आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली को जिया को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।

जिया ने साल 2007 में अमिताभ बच्चन के साथ ‘निशब्द’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। बॉलीवुड में डेब्यू करने के दौरान जिया महज 21 साल की थीं. रामगोपाल वर्मा की इस फिल्म में जिया और अमिताभ के बीच रोमांटिक रिश्ता दिखाया गया था। जिया की एक्टिंग की काफी तारीफ हुई थी। इसके बाद जिया खान आमिर खान के साथ साल 2008 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘गजनी’ में नजर आई थीं। आमिर खान और असिन स्टारर इस फिल्म में जिया एक मेडिकल स्टूडेंट के रोल में थी। इसके बाद 2010 में जिया ने अपनी तीसरी और आखिरी फिल्म ‘हाउसफुल’ की थी। इस फिल्म में भी जिया ने अक्षय कुमार जैसे बड़े स्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर की थी और ये फिल्म भी हिट रही थी।

*देश में फिर कोरोना ने बढ़ाई टेंशन, 24 घंटे में 7,533 नए मामले दर्ज*

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देश में कोरोना के मामलों में उतार चढ़ाव का दौर जारी है।पिछले 24 घंटे में कोरोना के 7,533 नए मामले सामने आए हैं। गुरुवार से तुलना करें तो नए मामलों में 19 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को बीते 24 घंटे में 9,335 नए मामले सामने आए थे। यह आंकड़ा बुधवार को 9,629 था। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 44 और मरीजों की मौत के बाद देश में कोरोना वायरस संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 5,31,468 हो गई है। इनमें वे 16 लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से दम तोड़ने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या 57,410 से घटकर 53,852 रह गई है। उपचाराधीन मरीजों की यह संख्या कुल मामलों का 0.12 प्रतिशत है। वहीं, भारत में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.69 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 4,43,47,024 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत है।

*10 साल बाद एक्ट्रेस जिया खान को मिलेगा न्याय? जानें क्या है पूरा मामला*

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बॉलीवुड अभिनेत्री जिया खान आत्महत्या मामले में सीबीआइ की विशेष सीबीआइ अदालत शुक्रवार को फैसला सुना सकती है। अभिनेता सूरज पंचोली पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। जिया खान ने जुहू स्थित घर में आत्महत्या कर ली थी।

बॉलीवुड अदाकारा जिया खान की लाश 3 जून 2013 के दिन उनके फ्लैट पर पायी गई थी। अभिनेत्री की लाश के पास छह पन्नों का सुसाइड नोट मिला था। बताया गया कि जिया खान ने मरने से पहले इसे खुद अपने हाथों से लिखा था। जिया की लाश के पास मिले सुसाइड नोट के अनुसार एक्टर सूरज पंचोली ने उन्हें सुसाइड के लिए उकसाया था, जो उस वक्त उनके बॉयफ्रेंड थे। इसके बाद मुंबई पुलिस ने 11 जून 2013 को बॉलिवुड एक्टर आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली को जिया को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।

जिया खान की मृत्यु के बाद उनकी मां राबिया खान ने एक्टर सूरज पंचोली पर कई गंभीर आरोप लगाए। राबिया खान के अनुसार सूरज पंचोली ने उनकी बेटी को इतना परेशान कर दिया था कि उसके बाद मौत के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। राबिया खान के आरोपों के बाद यह मामला सीबीआई को दिया गया। जिया खान की मां राबिया खान के अनुसार उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं बल्कि उसकी हत्या हुई है

लगभग एक महीने जेल में बिताने के बाद 1 जुलाई 2013 को सूरज पंचोली को जमानत पर रिहा कर दिया गया। इस मामले में पुलिस की जांच से जिया खान की मां राबिया ख़ान संतुष्ट नहीं थी। उनका कहना था की यह मामला हत्या का है और इसकी जांच हत्या का मामला समझकर करनी चाहिए। जिया की मां की अर्जी पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने साल 2014 में मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को दे दी थी। साल 2015 में सीबीआई ने मामले को जांच कर कोर्ट में सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर थी। इसमें सूरज पंचोली पर एक्ट्रेस को खुदकुशी के लिए उकसाने की धारा 306 के तहत आरोप तय किये गये थे।

*प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के समर्थन में आए नीरज चोपड़ा, बोले- खिलाड़ियों को जल्द मिले न्याय*

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भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लगभग तीन महीने बाद फिर से देश के अंतरराष्ट्रीय पहलवानों ने मोर्चा खोल दिया है। बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट सहित देश के शीर्ष पहलवानों का विरोध प्रदर्शन फिर से जंतर मंतर पर जारी है।सड़क पर उतरे देश के पहलवान सरकार से डब्ल्यूएफआई (भारतीय कुश्ती महासंघ) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने वाली निगरानी समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे रेसलर्स को भारत के लिए एथलीट्स में पहला गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा का साथ मिला है। नीरज चोपड़ा ने न्याय की मांग के लिए खिलाड़ियों के सड़क पर उतरने को लेकर अफसोस जाहिर किया है। नीरज चोपड़ा ने ट्वीट कर कहा, न्याय की मांग को लेकर हमारे खिलाड़ी सड़क पर हैं। यह देखकर मुझे दुख होता है। हमारे महान देश को गर्व दिलाने के लिए इन खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत की है।उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में हर व्यक्ति देश के सम्मान की रक्षा करने के लिए जिम्मेदार है। जो भी हो रहा है, वो नहीं होना चाहिए। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर ने कहा कि ये बहुत गंभीर मामला है और न्याय के लिए अधिकारियों को तेजी से एक्शन लेना चाहिए।

बता दें कि रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ एफ़आईआर और गिरफ़्तारी की मांग को लेकर को लेकर रेसलर्स जंतर मंतर पर बीते 6 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। ये खिलाड़ी जनवरी में भी जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। हालांकि तब सरकार की ओर से न्याय का आश्वासन मिलने के बाद खिलाड़ियों ने अपना प्रदर्शन वापस ले लिया था। लेकिन तीन महीने बाद भी मांगे पूरी नहीं होने के चलते खिलाड़ी दोबारा जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे।

मणिपुर में सीएम बीरेन के कार्यक्रम वाली जगह को भीड़ ने फूंका, धारा 144 लागू, इंटरनेट सर्विस भी सस्पेंड

#manipur_section_144_imposed_in_churachandpur_internet_service_suspended

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मणिपुर के चुराचांदपुर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर भीड़ ने तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस ने बताया कि गुरुवार रात करीब नौ बजे अनियंत्रित भीड़ ने इस घटना को अंजाम दिया गया। घटना के बाद, जिले में इंटरनेट पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही धारा 144 लागू कर दी गई है।दरअसल मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह चुराचांदपुर आने वाले थे। यहां उन्हें एक जिम का उद्घाटन करना था और एक जनसभा को संबोधित भी करना था।

सीएम के दौरे से पहले ही उनके कार्यक्रम स्थल पर भीड़ ने हमला बोल दिया और तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी।आक्रोशित भीड़ को आयोजन स्थल के अंदर कुर्सियों और अन्य सामान को भी तोड़ डाला और नवनिर्मित जिम के खेल उपकरणों में भी आग लगा दी। ये घटना गुरुवार की थी। इसके बाद जिले में इंटरनेट सर्विस बंद करने के साथ-साथ धारा 144 लगा दी गई है। वहीं, भीड़ के हमले के बाद पुलिस तुरंत एक्शन मोड में नजर आई और मौके पर पहुंचकर भीड़ को भगाया। हालांकि तब तक कार्यक्रम स्थल को नुकसान पहुंच चुका था। इससे पहले ही सैकड़ों कुर्सियों को आग के हवाले किया जा चुका था। 

वहीं, इस घटना के बाद से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है।स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर चुराचंदपुर प्रशासन ने जिले में सुरक्षा बढ़ा दी, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। जिसको देखते हुए पुलिस ने जिले में सुरक्षा बढ़ा दी है। 

जानकारी के मुताबिक घटना न्यू लमका की है। यहां भीड़ ने पीटी स्पोर्ट्स कॉम्पेल्क्स में बने ओपन जिम को भी आगे हवाले कर दिया था। इसके अलावा सद्भाव मंडप में आयोजित होने वाली जनसभा से पहले वेन्यू को नुकसान पहुंचाया गया। जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला आरक्षित वन क्षेत्र को खाली कराने केलिए चलाए जा रहे बेदखली अभियान से जुड़ा हुआ है जिसका किसान और आदिवासी निवासी पिछले काफी समय से विरोध कर रहे हैं। इसी के मद्दे नजक गुरुवार को बंद का आह्वान किया गया था।