उत्‍तराखंड के सबसे बड़े टिहरी बांध की झील से बढ़ रहा भूस्‍खलन का खतरा, गंगोत्री हाईवे सहित घरों पर पड़ी दरार

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उत्‍तराखंड के सबसे बड़े टिहरी बांध की झील से चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में भूधंसाव बढ़ता जा रहा है। भूधंसाव और भूस्खलन से हवाई पट्टी के समीप गंगोत्री हाईवे सहित कई सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों और आवासीय भवनों के निकट दरारों का खतरा मंडराने लगा है।

जल्द ही क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों सहित विभिन्न संगठनों की ओर से चिन्यालीसौड़ नगर क्षेत्र की भूगर्भीय जांच की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल पुनर्वास निदेशक एवं जिलाधिकारी टिहरी सहित टीएचडीसी के महानिदेशक से मिलेगा।

गंगोत्री हाईवे पर पांच किमी क्षेत्र में भूधंसाव

उत्तरकाशी जनपद के नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के अंतर्गत सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण हवाई पट्टी से चीन सीमा की हवाई दूरी 122 किमी है। यहां आए दिन वायु सेना की टुकड़ियां हवाई अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए आती रहती हैं।

हवाई पट्टी से करीब 500 मीटर की दूरी पर गंगोत्री हाईवे के पीपलमंडी, चिन्यालीसौड़, नागनीसौड़ और बड़ेथी तक का लगभग पांच किमी क्षेत्र में भूधंसाव हो रहा है। यहां कई स्थानों पर आधे से एक फुट तक जमीन धंस रही है।

इससे ऊर्जा निगम, वन विभाग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मेरी माता स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर, राजकीय आदर्श इंटर कालेज, बिजल्वाण मोहल्ला, चिन्यालीसौड़ बाजार आदि समेत आवासीय भवनों के एक बड़े भूभाग में तेजी से भूधंसाव होने से लोग परेशान हैं।

नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शूरवीर रांगड़ ने बताया कि राष्ट्रहित में ऊर्जा उत्पादन के लिए बनी टिहरी बांध परियोजना की झील से चिन्यालीसौड़ मुख्यालय सहित आसपास के प्रभावित 16 गांवों के तटवर्ती हिस्सों में भूधंसाव हो रहा है।

फिर से दरारें पड़ने लगी

टीएचडीसी की ओर से प्रभावित क्षेत्र के कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य किया गया, लेकिन क्षेत्र में फिर से दरारें पड़ने लगी हैं।

*lकवि कुमार विश्वास ने ठुकराया बीजेपी का ऑफर, एमएलसी बनाने में नहीं दिखाई दिलचस्पी

#kumar_vishwas_refused_offer_of_bjp_of_up_legislative_council_seat



मशहूर कवि कुमार विश्वास ने भाजपा की ओर से उन्हें दिए गए प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। दरअसल कवि कुमार विश्वास उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य (एमएलसी) बनने के बीजेपी के प्रस्ताव को ना कह दिया है। कवि कुमार विश्वास उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य मनोनीत होना नहीं चाहते हैं। बता दें कि विधान परिषद में मनोनीत कोटे की छह सीटों में लेखक, कवि, सांस्कृतिक कलाकार सहित अन्य क्षेत्र से लोगों को मनोनीत करने का प्रावधान है। उधर, परिषद की छह सीटों पर मनोनयन बीते दस महीने से अटका ही हुआ है।

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भाजपा और प्रदेश सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि कुमार विश्वास को एमएलसी नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया गया था। सूत्रों की मानें तो कुमार विश्वास ने राष्ट्रीय राजनीति में जाने की बात कहकर उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। कुमार विश्वास प्रदेश की राजनीति नहीं करना चाहते हैं। उनकी दिलचस्पी राष्ट्रीय राजनीति में है। लिहाजा उन्होंने एमएलसी बनने का प्र स्ताव स्वीकार नहीं किया है। भाजपा में उनके कुछ करीबी मित्र उन्हें मनाने का प्रयास भी कर रहे हैं।

विश्वास के ना बोलने के बाद अब बीजेपी कुछ और नामों को संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट में शामिल कर सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर द मांक हू बिकेम चीफ मिनिस्टर, द मांक हू ट्रांसफार्म उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी पास्ट, प्रजेंट एंड फ्यूचर के लेखक शांतुनू गुप्ता का नाम भी एमएलसी के पैनल में है। पीएम मोदी के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा के बेटे साकेत मिश्रा का नाम भी पैनल में है। ग्रेजुएट साकेत ने आईपीएस की नौकरी छोड़कर बैंक की नौकरी शुरू की थी। साकेत को पहले लोकसभा चुनाव लड़ाने की चर्चा भी रही है। इसके अलावा बीजेपी के तीन क्षेत्रीय अध्यक्षों का नाम इस पैनल में भेजा गया है।

युवाओं के लिए मौका, अग्निवीरवायु में भर्ती के लिए 31 मार्च तक कर सकते रजिस्ट्रेशन, इस वेबसाइट पर देखें नोटिफिकेशन


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भारतीय वायुसेना ने अग्निवीरवायु 02/2023 में भर्ती की तारीख़ों की घोषणा कर दी है। नई भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन 31 मार्च 2023 तक होगा। वहीं भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन 20 मई 2023 से शुरू किया जाएगा।

भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन आधिकारिक वेबसाइट https://agnipathvayu.cdac.in पर रिलीज़ किया गया है।

26 दिसंबर 2002 तथा 26 जून 2006 के बीच (दोनों तिथि को लेकर) जन्मे उम्मीदवार भारतीय वायु सेना के अग्निवीरवायु भर्ती 02/2023 के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले उन्हें 31 मार्च 2023 तक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद 20 मई 2023 से ऑनलाइन परीक्षा शुरू होगी।

अग्निवीरवायु भर्ती के लिए अविवाहित पुरुष और महिला उम्मीदवार रेजिस्ट्रेशन कर सकतें हैं।

उत्तराखंड के रामनगर में होगी जी-20 की पहली बैठक, ऋषिकेश में भी होंगी दो बैठकें, सीएम धामी ने की तैयारियों की समीक्षा


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उत्तराखंड में आगामी 28 से 30 मार्च के बीच रामनगर में जी-20 की पहली बैठक होगी। इस बैठक को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पंतनगर एयरपोर्ट पर अधिकारियों के साथ तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की।

सीएम धामी ने कहा कि यह बैठक हमारे राज्य के लिए बहुत फायदेमंद साबि होगी। पहले दिन (28 मार्च) को राउंड टेबल मीटिंग होगी। जिसमें 70 विदेशी और 30 भारतीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

ऋषिकेश में होंगी दो बैठकें

बता दें कि 25 से 27 मई के बीच वर्किंग ग्रुप ऑन एंटी करप्शन की दूसरी बैठक ऋषिकेश में होगी। यहां 20 देशों के 200 प्रतिनिधि तीन दिन तक भ्रष्टाचार रोकने की चुनौतियों, उनके समाधान पर मंथन करेंगे। तीसरी बैठक 26 से 28 जून के बीच होनी है। यह वर्किंग ग्रुप ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी। इसमें देश-दुनिया के इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों, नई तकनीकों आदि पर चर्चा की जाएगी।

दिल्ली शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने 14 दिन बढ़ाई न्यायिक हिरासत

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दिल्ली शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली आबकारी नीति केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई वाले मामले में मनीष सिसोदिया की 14 दिनों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। अब वो 3 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। मनीष सिसोदिया फिलहाल ईडी की हिरासत में हैं और उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।

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सीबीआई केस में न्यायिक हिरासत खत्म होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया। मामले में सीबीआई ने कहा है कि जांच अभी भी जारी है और अहम मोड़ पर हैं। बता दें कि मनीष सिसोदिया 22 मार्च तक ईडी की हिरासत में हैं।

सिसोदिया के वकील ने उनकी रिमांड अवधि बढ़ाने की ईडी के अनुरोध का विरोध करते हुए कहा था कि तथाकथित अपराध से अर्जित आय पर जांच एजेंसी कुछ नहीं बोल रही है, जबकि मामले के केंद्र में यही है। उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने का कोई तुक नहीं है और सिसोदिया की पूर्व की सात दिवसीय हिरासत के दौरान उनका सामना केवल चार लोगों से कराया गया।ईडी ने नौ मार्च को सिसोदिया को तिहाड़ जेल में गिरफ्तार किया था। यहां वे दिल्ली सरकार की 2021-22 के लिए आबकारी नीति बनाने और उसे लागू करने में कथित भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद से बंद हैं।

राहुल गांधी पर जमकर बरसे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, कहा-1975 को छोड़ कर भारत में कभी नागरिक अधिकारों का हनन नहीं हुआ

#hardeep_singh_puri_on_rahul_gandhi 

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कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के लंदन वाले बयान को लेकर बीजेपी लगातार कांग्रेस और राहुल पर निशाना साध रही है। अब केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति देश के बाहर जाता है तो उसे बोलने की आजादी है, लेकिन इस आजादी के साथ उत्तरदायित्व की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र हैं लेकिन राहुल गांधी ब्रिटेन जाकर कहते हैं कि भारतीय लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। 

आरोप लगाने वालों को आत्ममंथन की जरूरत-पुरी

हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने देश की गलत छवि पेश की। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्रिक देश है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे आरोप लगाने वालों को आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारत में अल्पसंख्यकों को लेकर सवाल खड़े कर रहे है, जबकि मैं खुद अल्पसंख्यक समुदाय से आता हूं। मैंने कभी ऐसा महसूस नहीं किया। पुरी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट में चुनाव हुए और वहां हमारी जीत हुई।

जून 1975 को छोड़ कर भारत में कभी नागरिक अधिकारों का हनन नहीं हुआ-पुरी

केन्द्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के खुद को संसद का सदस्य होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताने पर कहा कि उनका ऐसा कहना ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जून 1975 को छोड़ कर भारत में कभी नागरिक अधिकारों का हनन नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि 1975 के साथ 2009 में पीएम मनमोहन सिंह ने सिविल लिबर्टी को रोकने की कोशिश की थी।

संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए माफी मांगने की जरूरत-पुरी

आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री ने मांग की कि कांग्रेस नेता को इस मुद्दे को खत्म करने के लिए अपनी टिप्पणी के लिए स्पष्ट रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, आगे बढ़ने के लिए मुझे लगता है कि इसे बंद करने की जरूरत है और यह तभी बंद होगा जब वह माफी मांगेंगे। और, उन्हें स्पष्ट रूप से माफी मांगनी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि संसद में गतिरोध कैसे खत्म होगा, पुरी ने कहा, यह फैसला तो उन्हें (गांधी को) करना है। उन्होंने कहा, उन्हें स्पष्ट रूप से माफी मांगनी चाहिए और कहना चाहिए कि उन्होंने गलती की और इसलिए वह माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा, मेरी समझ है कि इससे संसद के कामकाज का मार्ग प्रशस्त होगा।

बता दें कि कि राहुल गांधी ने हाल ही में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में अपने एक व्याख्यान में कहा था कि भारत में लोकतंत्र खतरे में है। विपक्षी नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में मुकदमा पंजीकृत किए गए हैं जो बनते ही नहीं हैं। मीडिया और न्यायपालिका पर कब्जा हो गया है। दलित और अल्पसंख्यकों तथा आदिवासियों पर हमले किए जा रहे हैं।राहुल गांधी ने ये भी दावा किया था कि संसद में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता और उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं। राहुल गांधी के विदेश में दिए इस बयान को लेकर भाजपा उन्हें घेर रही है और विदेश में भारतीय लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगा रही है।

जल्द बढ़ाए जा सकते हैं कोयले के दाम, कोल इंडिया ने दिए संकेत

#coal_india_said_price_of_coal_can_be_increased_soon 

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सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने आने वाले दिनों में कोयले के दाम बढ़ाने के संकेत दिए हैं। कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि कोयले के दाम जल्द ही बढ़ाए जा सकते हैं।प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि कोयले की कीमतें बढ़ाने के लिए फिलहाल मजबूत आधार मौजूद हैं उन्होंने कहा कि स्टेकहोल्डरों के साथ इस दिशा में बातचीत भी चल रही है। 

अग्रवाल ने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी 2025-26 तक एक अरब टन के अपने उत्पादन लक्ष्य को हासिल कर लेगी। उन्होंने कहा, 'कोयले की कीमतें बढ़ाने का मजबूत आधार है, क्योंकि पिछले पांच साल में ऐसा नहीं हुआ है। इस साल वेतन पर बातचीत भी हुई है, जिसका असर सीआईएल की वित्तीय स्थिति पर पड़ेगा, खासकर कुछ सहायक कंपनियों पर इसका असर पड़ेगा जहां श्रमशक्ति लागत बहुत अधिक है।

एमजंक्शन द्वारा आयोजित कोल मार्केट्स कॉन्फ्रेंस में अग्रवाल ने कहा, दाम नहीं बढ़ाने पर बहुत सारी समस्याएं पैदा हो जाएंगी। हितधारकों के साथ इस बारे में बात चल रही है और यह कदम जल्द ही उठाया जाएगा। एक अरब टन के उत्पादन लक्ष्य के बारे में उन्होंने कहा कि इसे 2025-26 तक हासिल कर लिया जाएगा, हालांकि लक्ष्य प्राप्ति देश की जरूरत और निजी क्षेत्र की वृद्धि पर निर्भर करेगी। उन्होंने बताया कि कंपनी भूमिगत कोयला उत्पादन को मौजूदा 2.5-3 करोड़ टन से बढ़ाकर 2030 तक 10 करोड़ टन करना चाहती है।

लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण कराने की मांग खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को बताया मूर्खतापूर्ण

#sc_refuses_to_hear_demand_for_registration_of_live_in_relationship  

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सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन की माँग वाली याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा है कि ऐसी याचिका से सुरक्षा को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है या फिर लिव-इन को रोकने की? दिल्ली में हुई श्रद्धा वॉकर की हत्या के बाद यह याचिका दायर की गई थी।

ऐसी याचिका हर्जाना लगा कर खारिज करनी चाहिए

चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जे बी पारडीवाला की बेंच के सामने जब यह मामला लगा तो उन्होंने इस पर हैरानी जताई।चीफ जस्टिस ने कहा, यह किस तरह की मांग है? आपको कैसे लगता है कि लोग ऐसे संबंध का रजिस्ट्रेशन करवाना चाहेंगे? ऐसी याचिका हर्जाना लगा कर खारिज करनी चाहिए।चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता के लिए पेश वकील से पूछा कि वह क्या चाहते हैं। लिव इन संबंधों का रजिस्ट्रेशन कहां होगा? वकील ने कहा कि केंद्र सरकार को इसके लिए व्यवस्था बनानी चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने याचिका को सुनने से मना करते हुए खारिज कर दिया।

याचिका में क्या कहा गया?

दरअसल, लिव इन रिलेशनशिप में हो रही हत्याओं का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है और इसमें लिव इन में रहने वाले जोड़ों का पंजीकरण अनिवार्य करने की मांग की गई थी। याचिका में सरकार को कड़े नियम और गाइडलाइन बनाने के आदेश देने की मांग की गई थी। लिव इन रिलेशनशिप में लगातार बढ़ते धोखे, झांसे और हिंसक अपराधों को रोकने के लिए ये याचिका दाखिल की गई है। याचिका में श्रद्धा वालकर और निक्की यादव हत्याकांड का हवाला दिया गया था। याचिका में कहा गया है कि श्रद्धा कभी निक्की यादव और कभी कोई लेकिन अब कोई और नहीं होना चाहिए।

”राहुल गांधी को हीरो बनाने में जुटी बीजेपी”, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बयान पर कांग्रेस का पलटवार

#mamta_banerjee_taunts_rahul।_gandhi 

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। बंगाल की सीएम ने बीजेपी और कांग्रेस पर एक साथ हमला बोला है। कांग्रेस के साथ बढ़ती दूरियों के बीच ममता बनर्जी ने कहा है कि बीजेपी राहुल गांधी को ‘हीरो’ बनाने की कोशिश कर रही है ताकि ज्वलंत मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके।साथ ही ममता बनर्जी ने ये भी कहा है कि राहुल गांधी विपक्ष के लीडर बने रहे तो पीएम मोदी को काई टारगेट नहीं कर सकता है।

ममता रविवार को मुर्शिदाबाद जिले में टीएमसी कार्यकर्ताओं को फोन पर संबोधित कर रही थीं। ममता ने राहुल गांधी के बहाने बीजेपी पर भी निशाना साधा।तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले में पार्टी की आंतरिक बैठक में कार्यकर्ताओं को फोन पर संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी बीजेपी से लड़ने में नाकाम रही है और पश्चिम बंगाल में भाजपा के साथ उसकी मौन सहमति है, जो बहुत कुछ इशारा करती है।

तृणमूल कांग्रेस के मुर्शिदाबाद जिला प्रमुख और सांसद अबू ताहिर ने मीडिया से बातचीत में कहा, हमारी पार्टी की अध्यक्ष ने फोन पर हमारी आंतरिक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा जानबूझकर राहुल गांधी को ‘हीरो’ बनाने की कोशिश कर रही है और उनकी टिप्पणी पर संसद की कार्यवाही को बाधित कर रही है।

अधीर रजंन का ममता बनर्जी पर तंज

ममता के इसी बयान पर सोमवार को कांग्रेस सांसद अधीर रजंन चौधरी ने कहा कि ममता सीबीआई-ईडी की रेड से बचना चाहती हैं, उनकी कोशिश पीएम मोदी को खुश करना है। चौधरी ने कहा कि ममता ये मोदी जी के आदेश पर कह रही हैं। ममता और पीएम मोदी में एक करार हुआ है। उनका मकसद कांग्रेस और राहुल गांधी को तबाह करना और इनकी छवि धूमिल करना है। उनका नारा बदल चुका है।

वन रैंक वन पेंशन पर केंद्र को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैनिकों के बकाया के लिए तय की तारीख

#supreme_court_order_orop_one_rank_one_pension 

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वन रैंक वन पेंशन के तहत पूर्व सैन्य कर्मियों के बकाया भुगतान पर केंद्र सरकार को एक बार फिर से झटका लगा है। वन रैंक वन पेंशन पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एरियर का भुगतान करने के लिए समयसीमा भी निर्धारित की है। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत बकाया भुगतान का नया फॉर्मूला भी दे दिया। 

सुप्रीम कोर्ट ने सशस्त्र सेनाओं के पेंशन योग्य परिवारों एवं वीरता पदक विजेताओं को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना के मुताबिक 30 अप्रैल 2023 तक एरियर देने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश जारी किया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि ऐसे योग्य पेंशनर्स जिनकी उम्र 70 साल से ज्यादा है उन्हें एरियर का भुगतान जून 2023 तक और इसके बाद योग्य पेंशनर्स को एरियर का भुगतान समान किस्तों में 30 अगस्त 2023, 30 नवंबर 2023 एवं 28 फरवरी 2024 को या उससे पहले करना होगा।

इसके पहले 13 मार्च को मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय से 20 जनवरी के उस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने को कहा था, जिसमें चार किस्तों में वन रैंक वन पेंशन के भुगतान करने की बात कही गई थी। कोर्ट ने कहा था, रक्षा मंत्रालय कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता है। इसपर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उसने पूर्व सैनिकों के बकाया एरियर का भुगतान एक किस्त में कर दिया है, लेकिन पूरी तरह से भुगतान करने के लिए और अधिक समय चाहिए।