इटखोरी के प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर का होगा जीर्णोद्धार,500 करोड़ की मास्टर प्लान तैयार


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(झारखंड डेस्क)

चतरा: इटखोरी का प्राचीन धार्मिक स्थल मां भद्रकाली पर श्रद्धालूओं को असीम आस्था है।अब सरकार भी इस मंदिर के भव्यता और पर्यटन महत्व को बढ़ाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है।

इस मंदिर के जीर्णोद्धार करने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा 500 करोड़ की लागत से योजना तैयार की है।सरकार का इस कदम से इस मंदिर की भव्यता बढ़ेगी और पूरे झारखंड के लिए यह एक मील का पत्थर साबित होगा ।

इटखोरी का ऐतिहासिक महत्व

यह क्षेत्र पुरातात्विक महत्व और प्राचीन अवशेष को लेकर हमेशा चर्चा में रहा है।यह भद्रकाली मंदिर काफी पुराना है।जिसकी ऐतिहासिकता को लेकर हमेशा चर्चा होती रही है।इस ओर सरकार का ध्यान कई अवसरों पर  दिलाया जाता रहा है।इसके वाबजूद इस दिशा में अभी तक ठोस कदम नही उठाया गया।इसके लिए मास्टर प्लान भी बने लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण यह फाइल ऑफिस के अलमारी में धूल फांकती रही।लेकिन अभी सरकार इस दिशा में फिर पहल शुरू की ओर इसके विकास और जीर्णोद्धार के लिये योजना भी बनाने का निर्देश दिया है।अब देखना है कि यह धरातल पर कितना उतड़ पाता है।

9 वीं 10वीं शताब्दी में यह मंदिर एक समृद्ध धार्मिक स्थल था

यह सर्व विदित है कि 9वीं 10वीं शताब्दी कालखंड में मां भद्रकाली मंदिर परिसर एक समृद्ध धार्मिक स्थल था। यहां के मठ मंदिर विकसित शिल्प कला से बने थे। इसका प्रमाण मंदिर के म्यूजियम में आज भी मौजूद हैं।

कलाकृतियों से सुसज्जित पत्थरों से त्रिरथ पद्धति से नागर शैली में बनाए गए थे मंदिर

रेड सेंडस्टोन को तराश कर बनाई गई कलाकृतियों से सुसज्जित पत्थरों से यहां उस कालखंड में मंदिरों का निर्माण हुआ था। यहां के मठ और मंदिर त्रिरथ पद्धति से नागर शैली में बनाए गए थे। इस बात की पुष्टि भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण के द्वारा भी की जा चुकी है।

12 वीं 13 वीं शताब्दी तक विकसीत था यह मंदिर

पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 9वीं-10वीं शताब्दी कालखंड से लेकर 12 वीं 13 वीं शताब्दी तक यह पवित्र स्थल काफी विकसित था। एक विध्वंस के बाद यह धार्मिक नगरी पूरी तरह ध्वस्त होकर दुनिया की नजरों से ओझल हो गई।

चरवाहों ने विध्वंस में तबाह हुई इस धार्मिक नगरी की खोज की

18 वीं शताब्दी में चरवाहे ने खोजी विध्वंस धार्मिक नगरी

18 वीं शताब्दी कालखंड में जंगल में पशु चराने वाले चरवाहों ने विध्वंस में तबाह हुई इस धार्मिक नगरी की खोज की। इसके बाद शुरू हुआ इस स्थल को पुनस्थापित करने का अनवरत सिलसिला जो आज तक जारी है। मां भद्रकाली मंदिर परिसर के विकास में 1968,1983, 2007 तथा 2015 काफी महत्वपूर्ण साबित हुए हैं।

1968 के बाद फिर मंदिर परिसर का हुआ विकास

1968 में चोरी होने के बाद मां भद्रकाली की प्रतिमा की वापसी से क्षेत्र के लोगों में माता के प्रति काफी आस्था बढ़ गई। इसके बाद लोगों ने धीरे-धीरे मंदिर परिसर का विकास करना शुरू किया।

1983 में ऐतिहासिक सहस्त्र चंडी महायज्ञ के आयोजन से इस स्थल को अपनी एक पहचान मिली। पहले मां भद्रकाली विकास समिति तथा इसके बाद मां भद्रकाली मंदिर प्रबंधन समिति के सौजन्य से विध्वंस में ध्वस्त हुए मंदिरों को पुनस्थापित किया गया।

2007 में वन विभाग ने कराए कई विकास कार्य

2007 में पर्यटन विभाग के द्वारा निर्गत एक करोड़ साठ लाख रुपए की राशि से वन विभाग ने मंदिर परिसर में विकास के कई काम किए। वहीं 2015 में शुरू हुए इटखोरी महोत्सव के माध्यम से मंदिर परिसर में अनवरत विकास का एक महा अनुष्ठान ही शुरू कर दिया गया।

महोत्सव का आयोजन शुरू होने के बाद तत्कालीन राज्य सरकार ने सनातन, बौद्ध एवं जैन धर्म की इस संगम स्थली को विकसित करने का बीड़ा उठाया। इसके तहत मंदिर परिसर में तीन करोड़ रुपये की लागत से डाक बंगला, ढाई करोड़ रुपए की लागत से विद्युत की व्यवस्था की गई।

साढ़े चार करोड़ की लागत से अत्याधुनिक म्यूजियम का निर्माण

साथ ही साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक म्यूजियम का भी निर्माण शुरू किया गया। लेकिन राज्य में सरकार बदलने के बाद मां भद्रकाली मंदिर परिसर में पर्यटन विकास के लिए बनाए गए मास्टर प्लान योजना की फाइल संदूक में बंद हो गई।

जबकि मास्टर प्लान के तहत मंदिर परिसर में 200 करोड़ रुपए की लागत से दुनिया का सबसे ऊंचा प्रेयर व्हील, मेगा प्लाजा गेट, आडिटोरियम, रिवर फ्रंट आदि का निर्माण किया जाना है।

रांची:झारखंड के नवनियुक्त माननीय राज्यपाल श्री सीपी राधाकृष्णन जी से पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने शिष्टाचार मुलाकात की।


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रांची:- झारखंड के नवनियुक्त माननीय राज्यपाल श्री सीपी राधाकृष्णन जी से पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री रघुवर दास ने शिष्टाचार मुलाकात की। 

उन्होंने कहा कि झारखंड के विकास प्रति उनकी रुचि और सकारात्मकता देख कर काफी प्रभावित हुआ। मुझे पूर्ण विश्वास है कि उनके अनुभव और विजन का लाभ झारखंड को मिलेगा।

ब्रेकिंग: रांची- झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स ने आंदोलन स्थगित कर बंद को लिया वापस

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रांची: चेंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है कि पिछले कुछ दिनों से चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से चल रही आंदोलन को वापस लिया गया है।

बताया गया कि सीएम आवास पर झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद बंद वापस लेने का फैसला लिया गया।

बैठक में सीएम के प्रतिनिधि के रुप में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विनय चौबे हुए शामिल कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, कांग्रेस और जेएमएम के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुए।

बैठक में सरकार की ओर से सकारात्मक रास्ता निकालने का दिया गया भरोसा । सकारात्मक भरोसा मिलने के बाद झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स ने बंद को चौथे दिन लिया वापस।

सीएम हेमंत सोरेन ने पहाड़ी मंदिर में बाबा भोलेनाथ की पूजा अर्चना की, भव्य शिव बारात को किया विदा

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रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन महाशिवरात्रि के अवसर पर ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर राज्य और राज्य वासियों की उन्नति, सुख शांति और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। इस मौके पर उन्होंने भव्य शिव बारात को विदा किया और लोगों को इस महापर्व की शुभकामनाएं दी।

 वर्षों से चली आ रही है परंपरा और मजबूत हो 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा अर्चना में शामिल होने के लिए लाखों श्रद्धालुओं का पहुंचना हमारी वर्षों से चली आ रही धार्मिक आस्था का परिचायक है । आने वाली पीढ़ी भी इस परंपरा को अक्षुण्ण और मजबूती के साथ आगे बढ़ाए, हम बाबा भोलेनाथ से यह कामना करते हैं।

 इस अवसर पर शिव बारात आयोजन केंद्रीय महासमिति की ओर से मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

सोशल मीडिया पर लाइक पाने के लिए एक लड़की ने लगा दिया प्लेन के 180 यात्री के जीवन को दाव पर,कैसे जानने के लिए पढे पूरी खबर...!


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रांची। आज नए जेनरेशन के लोगों को सोशल मीडिया पर लाइक कॉमेंट पाने के लिए लोग अपने जीवन के दाव पर लगा देते हैं । एक मामला सामने आया जिसमें रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट में गुरुवार की शाम एक अजीबो गरीब मामला सामने आया। इंडिगो एयरलाइंस की मुंबई से रांची आ रही फ्लाइट में ऐश्वर्या नामक लड़की विमान में सिगरेट पीते मिली। जिसके बाद लड़की को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक ऐश्वर्या जमशेदपुर की रहने वाली है। वह टॉयलेट में माचिस की तीली से सिगरेट जलाकर पी रही थी। इस दौरान वीडियो भी बना रही थी। वहीं, हवा में उड़ते विमान में धुएं की महक से विमान में उच्च तकनीक के लगे सेंसर से रेड लाइट जलने लगी। विमान के चालक और क्रू मेंबरों में अफरा-तफरी फैल गई।

इसके क्रू मेंबर विमान के टॉयलेट के पास पहुंचे लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। विमान दरवाजे को बाहर से भी खोलने का बटन रहता है। इसकी जानकारी क्रू मेंबरों को ही रहती है।

क्रू मेंबर ने दरवाजा खोला तो लड़की ने हड़बड़ा कर सिगरेट और माचिस की तीली को कमोड में फेंकने वाली थी, इससे पहले क्रू मेंबर ने टिशू पेपर के के जरिये सिगरेट और माचिस की तिल्ली को लेकर सुरक्षित रख लिया। 

एयरपोर्ट पर विमान के लैंड करते ही इंडिगो एयरलाइंस रांची मैनेजर मोहित आहूजा को घटना की जानकारी दी।

विमान के लैंड करते ही क्रू मेंबर ऐश्वर्या को लेकर एयरपोर्ट थाना ले गए और मामले की थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह को जानकारी दी। थाना में इंडिगो एयरलाइंस के रांची मैनेजर मोहित आहूजा के लिखित आवेदन पर ऐश्वर्या के विरुद्ध प्राथमिकी कराई।

मोहित आहूजा ने बताया कि फ्लाइट में कुल 180 यात्री सवार थे। हवा में उड़ रहे विमान में इस तरह की हरकत से यात्रियों सहित विमान में सवार क्रु मेंबर और चालक सभी के जान को खतरा था। साथ ही उन्होंने बताया कि विमान में उच्च जलन सील पेट्रोलियम ईंधन के रूप में विमान में था। इस तरह की लापरवाही बहुत बड़े खतरे को आमंत्रण था। विमान के सेंसर में रेड लाइट जलाकर अलर्ट किया और क्रू मेंबरों की मुस्तैदी से बड़ी घटना होने से बच गई।

ऐश्वर्या से थाना में महिला पदाधिकारी ने पूछताछ की। उसने बताया कि वह मुंबई बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान से मिलने गई थी और उससे मिलकर इंडिगो के फ्लाइट से रांची लौट रही थी। ऐश्वर्या ने यह भी बताया कि माचिस और सिगरेट अपने साथ लेकर विमान में सवार हुई थी। टॉयलेट में जाकर सिगरेट पीकर वीडियो बना रही थी। वीडियो को वह इंस्टाग्राम में डालती और जितने लाइक मिलते उससे उसे पैसे और प्रसिद्धि मिलती।

अब, एयरलाइन ऐश्वर्या को रेड कार्ड जारी कर प्रतिबंध लगाएगा। उसे भविष्य में किसी भी एयरलाइन से उसके इस तरह के व्यवहार और हरकत के कारण विमान से यात्रा करने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

राँची पुलिस के गिरफ्त से फरार कुख्यात अपराधी फरहान अंसारी उर्फ मैना को खेलगांव चौक के पास से पुलिस ने किया गिरफ्तार।


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 राँची पुलिस के गिरफ्त से फरार कुख्यात अपराधी फरहान अंसारी उर्फ मैना को खेलगांव चौक के पास से पुलिस ने किया गिरफ्तार। 

फरहान अंसारी को इससे पहले सदर थाना की पुलिस ने 3 फरवरी को गिरफ्तार किया था। लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर थाना से फरार हो गया था। 

सदर थाना की पुलिस को 15 फरवरी की रात 8.30 बजे सूचना मिली थी कि अपराधी फरहान खेलगांव में धूम रहा है। इसी सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की।खेलगांव चौक पर पुलिस को देख फरहान भागने लगा।पुलिस ने उसे खदेड़ कर पकड़ा।

रांची : जस्टिस संजय कुमार मिश्रा झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किये गए


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रांची : जस्टिस संजय कुमार मिश्रा झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए हैं. इससे पहले संजय कुमार मिश्रा उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं. इसको लेकर विधि एवं न्याय मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है. 

जस्टिस संजय मिश्रा के पिता का नाम मारकंडा मिश्रा और माता का नाम ज्योतिर्मयी मिश्रा है. अपनी स्कूली शिक्षा इन्होंने टिकरा अपर प्राइमरी स्कूल में की है. वर्ष 1977 में पृथ्वीराज हाई स्कूल, बोलांगीर से हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा उत्तीर्ण की. 

1982 में बोलनगीर के राजेंद्र कॉलेज से अपना बीकॉम (ऑनर्स) पूरा किया. इससे आगे एमकॉम 1984 में दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरी की. फिर एलएलबी की पढ़ाई 1987 में विधि संकाय दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरा किया.

सीएम हेमन्त सोरेन से मिले केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी।


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रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं केंद्रीय कोयला तथा खान मंत्री प्रह्लाद जोशी की गरिमामयी उपस्थिति में आज झारखंड मंत्रालय में कोल इंडिया भारत सरकार की अनुषंगी कंपनी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) तथा ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर (एम.ओ.यू.) कार्यक्रम संपन्न हुआ। 

सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड्स (सी०सी०एल०) द्वारा CSR मद से रांची विश्वविद्यालय परिसर मोरहाबादी रांची में 5000 छात्र-छात्राओं की क्षमता वाले पुस्तकालय भवन (लाइब्रेरी) के निर्माण हेतु समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू .) की खास बातें..

सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड्स (सी०सी०एल०) द्वारा CSR मद से राँची विश्वविद्यालय परिसर, मोरहाबादी, राँची में लगभग 02 एकड़ भूमि पर 5000 अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की क्षमता वाले राज्य स्तरीय पुस्तकालय निर्माण हेतु 62,43,39,300/- (बासठ करोड़ तैतालीस लाख उन्चालीस हजार तीन सौ रुपये) मात्र से पुस्तकालय भवन का निर्माण करायी जायेगी, जो लगभग 11753 sq.mtr. क्षेत्र के G+5 भवन होगा। निर्माण कार्य लगभग 02 वर्ष में पूर्ण कर लिया जायेगा।

उक्त राज्य स्तरीय पुस्तकालय भवन में लिफ्ट ई रिसोर्स जनरल सेक्शन & जनरल सेक्शन, कॉन्फ्रेंस रूम, रेफरेंस बुक सेक्शन, इंस्टीट्यूटनाल डिजिटल रिपॉसीटरी , थीसिस, Dissertation, Report & Newspaper section, Digital Library section, Solar rooftop panels for power generation, STP Sewage treatment plant , Energy efficient lighting systems, Queue management, Double wall system considered to reduce heat gain, Sufficient Parking, modular furniture, Cubicles for group study, Meeting Rooms, Meditation Centre, Cafeteria / Canteen Mini auditorium की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

झारखण्ड राज्य जो Tribal बहुल राज्य के राजधानी राँची शहर में विभिन्न जिलों से अत्याधिक संख्या में छात्र-छात्राएँ यहाँ आकर अध्ययन करते हैं, जो उच्च शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा एवं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा (Civil services, State PSC, SSC, Railways etc.) की तैयारी भी कर रहे हैं, वे उक्त पुस्तकालय निर्माण होने से लाभान्वित होंगे। उक्त भवन के निर्माण के फलस्वरूप यह राज्य के लिये अद्वितीय शैक्षिक संस्था के रूप में विकसित होगा।

ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) द्वारा राज्य के गोड्डा जिला स्थित महागामा में 300 शैय्या की आधुनिक सुविधा युक्त अस्पताल निर्माण के समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू) की खास बातें..

ओपीडी क्षेत्र और अन्य संबंधित बुनियादी ढांचे के साथ एक जी+3 अस्पताल भवन का निर्माण किया जाएगा।

आईसीयू और अन्य सुविधाओं के साथ मल्टी स्पेशियलिटी मेडिकल यूनिट की होगी सुविधा।

अस्पताल की सभी सुविधाएं, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के साथ आवासीय भवन का निर्माण।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी को शॉल ओढ़ाकर स्वागत तथा सप्रेम स्मृति चिन्ह भेंट की। मौके पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को शॉल ओढ़ाकर उनका आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक महागामा दीपिका पांडे सिंह, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, खान सचिव अबू बकर सिद्दीकी, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सी.सी.एल.) के सीएमडी पी.एम. प्रसाद, डायरेक्टर पर्सनल हर्ष नाथ मिश्रा, जीएम सीएसआर एल. बालाकृष्णा, नोडल अधिकारी शंकर झा, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के वेलफेयर एवं सीएसआर जीएम बी.के. झा, सीएमडी ए.पी. पंडा, निदेशक कार्मिक आहूति स्वाईं सहित राज्य सरकार के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम हेमंत सोरेन की परिकल्पना लेने लगी मूर्तरूप, झारखण्ड का खेल की नर्सरी बनाने की दिशा में बढ़ते कदम

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सहाय स्पोर्ट्स राज्य स्तरीय चैंपियनशिप का हुआ आगाज

रांची: खेल और खिलाड़ियों के प्रति संजीदा मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की परिकल्पना अब मूर्तरूप लेने लगी है। खेल की नर्सरी बनने की दिशा में झारखण्ड ने कदम बढ़ा दिया है। इस कड़ी में राज्य के पांच आकांक्षी जिला पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, सिमडेगा और गुमला के खिलाड़ी पंचायत, ब्लॉक और ज़िला स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं और उस प्रतियोगिता में चयनित 520 खिलाड़ी सहाय राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में अपनी प्रतिभा दिखा रहें हैं। 

राजधानी के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 16 से 18 फरवरी तक आयोजित राज्य स्तरीय सहाय स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल में खिलाड़ी अपने हुनर का प्रदर्शन करे रहें हैं।

अच्छे खिलाड़ियों को मिलेगी प्राथमिकता

सहाय योजना का उद्देश्य प्रथम चरण में राज्य के नक्सल प्रभावित पांच जिलों के युवाओं को खेल के माध्यम से सामान्य जीवन शैली को अपनाने, उनके विकास और युवाओं के अंदर छुपी हुई खेल प्रतिभा को बाहर लाने का है। योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने चाईबासा से वर्ष 2021 में किया था।

 ताकि राज्य की छुपी हुई प्रतिभा को मंच दिया जा सके और इन खेल प्रतिभाओं के हुनर को प्रशिक्षण प्रदान कर और बेहतर बनाया जा सके। राज्य स्तरीय सहाय स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को खेल ट्रेनिंग सेंटर में प्राथमिकता देकर उन्हें तराशा जायेगा। 

खिलाड़ियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

इस प्रतियोगिता में विजेता रहने वाले खिलाड़ियों और टीम को राज्य सरकार प्रोत्साहन राशि से सम्मानित करेगी। इसके तहत फुटबॉल, हॉकी और वॉलीबॉल के विजेता टीम के प्रत्येक सदस्य को दस हजार रुपए एवं रनरअप टीम के प्रत्येक सदस्य को पांच हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान की जाएगी। वहीं एथलेटिक्स में प्रथम स्थान आने वाले को दस, द्वितीय स्थान आने वाले को सात हजार एवं तृतीय स्थान आने वाले को पांच हजार रुपए की सम्मानित राशि प्रदान की जाएगी।

क्या आप भी सुबह खाली पेट पीते हैं चाय, तो हो जाएं सावधान! जानिए खाली पेट चाय पीने से क्या-क्या होता है नुकसान..?

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आज लोगों की एक आम कल्चर है।सुबह-सुबह उठ कर खाली पेट चाय की चुस्की लेने की।यह रोजमर्रा की जिन्दगी में आम लोगों की एक खास आदत बन गयी है।लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आप पर कितनी भारी पड़ रही है।

आज लोगों की पेट की गंभीर बीमारी एक आम बात हो गयी है इसके कारण क्या है इस पर अगर आप गौर फरमाएंगे तो जो बात सामने आएगी वह है ल खाली पेट दूध वाली चाय पीना।

क्या आप भी सुबह खाली पेट चाय पीते हैं, तो फिर समझ लीजिए आप अपना क्या-क्या नुकसान कर रहे हैं।

खाली पेट चाय पीने के नुकसान

'छोड़ जमाने की फ़िक्र यार, चल किसी नुक्क्ड़ पे चाय पीते है.' दरअसल, यह कोट्स इसलिए लिख रहे हैं क्योंकि ज्यादातर भारतीय चाय के शैकीन होते हैं. चाय के बिना कुछ लोगों की नींद नहीं खुलती, वहीं कुछ तो ऐसे हैं जिन्हें हर घंटे पर चाय पीने की आदत है. बारिश में चाय के साथ पकौड़े किसे पसंद नहीं होगा, कई बार तो लोग अपने मोहब्बत का इजहार भी चाय की टपरी पर कर दते हैं, हम भारतीय चाय के इतने ज्यादा शौकीन होते हैं. इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि यहां हर गली- मोहल्ले, नुक्कड़ में आपको चाय की दुकान जरूर मिल जाएगी. कुछ लोगों की तो आंख खुलते ही बिस्तर पर चाय न मिलें तो उनकी सुबह नहीं होती. लेकिन क्या आपको पता जिस चाय के प्यार में आप इस कदर डुबे हुए हैं वह आपके लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है. सिर्फ इतना ही नहीं खाली पेट चाय पीना तो सीधा आपके पेट पर असर करता है. 

डॉक्टर भी अक्सर मना करते हैं कि भूल से भी खाली पेट चाय पीना सेहत के लिए ठीक नहीं होता है.इसके शरीर पर कई साइड एफेक्ट होते हैं. खासकर,गर्मी के दिनों में खाली पेट चाय पीने से बचना चाहिए नहीं तो इसमें मौजूद कैफीन, एलथायनिन और थियोफाइलिन शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकती है. वैसे लोग जो सुबह-सुबह बेड पर बैठकर चाय की चुस्की लेना काफी पसंद करते हैं उनके लिए तो दूध वाली चाय काफी ज्यादा नुकसानदायक है. 

खाली पेट दूध वाली चाय न पिएं

कई लोगों को दूध वाली चाय ज्यादा पसंद होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं यह शरीर के ज्यादा नुकसानदायक है. इससे आप ज्यादा चिड़चिड़ापन और परेशान महसूस करते हैं. बेहतर यह होगा कि आप खाली पेट ग्रीन टी पिएं. 

लिवर पर पड़ता है बुरा असर

चाय पीने से लिवर पर खराब असर पड़ता है.खाली पेट चाय पीने से लिवर में मौजूद बाइल जूस एक्टिव हो जाती है. जिसकी वजह से चाय पीते ही जी घबराने लगता है. इससे आपको बैचेनी भी हो सकती है. 

भूख लगती है कम

दूध वाली चाय की तरह ब्लैक टी भी हेल्थ के लिए अच्छी नहीं मानी जाती है. इससे आपको बॉडी में सूजन, ब्लोटिंग की समस्या बढ़ सकती है. ज्यादा ब्लैक टी पीने से भूख भी कम लगने लगती है. 

कड़क चाय पीना भी हेल्थ के लिए ठीक नहीं

जिन लोगों को कड़क चाय पीना काफी ज्यादा पसंद होता है. उनके लिए यह बुरी खबर हो सकती है. कड़क चाय पीने से एक बात हमेशा दिमाग में रखें कि यह पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड फॉर्म करता है. इससे पेट में जख्म भी हो सकता है. इसका समय रहते इलाज नहीं करवाया गया को इससे अल्सर भी हो सकता है.