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Jul 23 2022, 17:30

क्या है पश्चिम बंगाल का शिक्षक भर्ती घोटाला? जिसने राजनीति में ला दिया भूचाल, जानिए पूरा मामला

डेस्क: शिक्षक भर्ती घोटाले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है. ममता बनर्जी सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी को शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है. चटर्जी को करीब 26 घंटे की पूछताछ के बाद अरेस्ट किया गया. ईडी ने उनकी एक करीबी अर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में लिया है जिनके घर से भारी रकम बरामद हुई है. जानते हैं क्या है यह घोटाला.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) हाईकोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है. वहीं, ईडी इस मामले से संबंधित कथित धनशोधन की तफ्तीश में जुटा है.

क्या है पूरा मामला?

राज्य के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तहत शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर नियुक्तियों के लिए स्कूल सेवा आयोग ने 2016 में परीक्षा आयोजित की थी. इस परीक्षा के तहत 20 उम्मीदवारों का चयन होना था.

परीक्षा के परिणाम नवंबर 2017 में आए - सिलीगुड़ी की बबीता सरकार का नाम टाप 20 उम्मीदवारों में शामिल था. बबीता 20वें नंबर पर थी

लेकिन आयोग ने यह सूची रद्द कर दी. बाद में दोबारा लिस्ट निकली उसमें बबीता का नाम वेटिंग लिस्ट में चला गया.

नई लिस्ट में बबीता 21वे नंबर पर आ गई और पहले नंबर पर परेश अधिकारी जो उस वक्त विधायक थे (फिलहाल शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री हैं), की बेटी अंकिता अधिकारी का नाम आ गया.

इस नई लिस्ट आने के बाद बबीता सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

हाई कोर्ट ने आयोग से दोनों की नंबर शीट मांगी जिससे खुलासा हुआ कि 16 नंबर कम पाने के बावजूद मंत्री जी की बेटी का नाम टॉप पर आ गया और 21 नंबर पर बबिता सरकार आ गई.

कलकत्ता हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि अंकिता अधिकारी को नौकरी से हटाया जाए और उनको जितना वेतन मिली है वो वसूला जाए. वेतन वसूल कर पैसा बबिता सरकार को दिया जाए और उसे नौकरी पर रखा गाए।

आदालत ने एक जांच आयोग बैठा दिया. अदालत ने पहले इस कथित घोटाले की जांच के लिए न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) रंजीत कुमार बाग की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में घोटाले में शामिल तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की थी.

मामला हाईकोर्ट को सौंपा गया

बाग समिति ने ग्रुप-डी और ग्रुप-सी पदों पर नियुक्तियों में अनियमितता पाई थी. समिति ने कहा था कि ग्रुप-सी में 381 और ग्रुप-डी में 609 नियुक्तियां अवैध रूप से की गई थीं.

राज्य स्कूल सेवा आयोग के चार पूर्व शीर्ष अधिकारियों और पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की सिफारिश की थी.

अदालत ने समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दिया.

पार्थ चटर्जी थे घोटाले के वक्त शिक्षा मंत्री

अभी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पद पर काबिज पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब कथित घोटाला हुआ था. CBI उनसे पहले भी दो बार पूछताछ कर चुकी है. पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी. शुक्रवार (23 जुलाई) को पश्चिम बंगाल के दो मंत्रियों-पार्थ चटर्जी और परेश अधिकारी के घरों पर भी छापेमारी की गई.

ED ने आर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में लिया है जो पार्थ चटर्जी की करीबी बताई जा रही हैं. ईडी ने एक बयान में कहा कि अर्पिता मुखर्जी के आवास पर बरामद 20 करोड़ रुपये "उक्त एसएससी घोटाले के अपराध की आय होने का संदेह है". छोटे समय के लिए अभिनेत्री रह चुकीं अर्पिता मुखर्जी 2019 और 2020 में पार्थ चटर्जी की दुर्गा पूजा समिति के प्रचार अभियानों का चेहरा थीं.

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इन ईडी के छापों को केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा अपने राजनीतिक विरोधियों को "परेशान" करने के लिए एक "चाल" बताया और इस मुद्दे में किसी भी भूमिका से इनकार किया. दूसरी तरफ बीजेपी (BJP) ने दावा किया है कि सीबीआई और ईडी "सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं."


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Jul 23 2022, 16:43

अरुणाचल प्रदेश से लापता 19 मजदूरों में से सात का चला पता, असम के रहने वाले थे सभी

डेस्क: अरुणाचल प्रदेश में कुरुंग कुमे जिले से 13 जुलाई को लापता हुए असम के 19 निर्माण मजदूरों में से सात का पता लगा लिया गया है और उन्हें बचा लिया गया है। उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है। IAF के हेलिकॉप्टर अभी खोज और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। बाकी 12 मजदूरों की तलाश अब भी जारी है। रेस्क्यू से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जिन मजदूरों को तलाशा गया है वे बहुत कमजोर पाए गए हैं।

बता दें कि चीनी सीमा से लगते अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे जिले में 19 मजदूर 13 जुलाई को लापता हो गए थे. जिनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। ये मजदूर भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जिले के दामिन सबडिवीजन के सुदूर हुरी इलाके में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के तहत एक परियोजना के लिए सड़क निर्माण में काम करते थे। इन्हें एक स्थानीय निजी ठेकेदार ने काम पर रखा था। ये सभी मजदूर असम के रहने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री किरिन रिजिजू के लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

जानकारी के अनुसार, ये सभी ईद पर घर जाना चाहते थे, लेकिन इन्हें ठेकेदार ने छुट्टी नहीं दी। मजदूर ठेकेदार को बिना सूचित किए पांच जुलाई की रात को शिविर से निकल पड़े। बाद में पता चला कि वे लापता हो गए। स्थानीय लोगों ने खुद ही उनकी पहले काफी खोजबीन की, लेकिन जब किसी तरह कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को इसकी जानकारी दी।

एसपी अभिमन्यु पोसवाल ने बताया कि जंगल में हमें कुछ निशान मिले थे। उन्होंने बताया कि कहीं पर कुछ जूते मिले हैं तो कहीं पर भोजने करने के निशान भी मिले हैं। हालांकि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस हर बिंदुओं पर काम कर रही है।


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Jul 23 2022, 16:05

हिमालय पर सूख गए हैं 50 प्रतिशत झरने, चेतावनी- अब न सुधरे तो देर हो जाएगी

डेस्क: प्रकृति के मामले में जितना ज्यादा मानवीय हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा है, उतना ही प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला भी बढ़ रहा है। विशेषकर हिमालयी क्षेत्रों में मानवीय दखल ने प्रकृति को कुछ ज्यादा ही नाराज कर दिया है। पिछले कुछ महीनों में इसकी बानगी भी देखने को मिली है। फिर चाहें अमरनाथ गुफा मंदिर में बदलों के फटने से 15 यात्रियों की मौत हो या फिर मणिपुर के नोनाी में 30 जून को हुआ भूस्खलन, जिसमें 56 लोग काल के मुंह में समा गए थे।

इसके अलावा भी अलग-अलग क्षेत्रों में भूस्खलन या अन्य आपदाएं देखने को मिली हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के कारण कई प्रमुख सड़कें वर्तमान में अवरुद्ध हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालय स्वाभाविक रूप से भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं, क्योंकि यहां नए पहाड़ हैं जो अभी भी बढ़ रहे हैं और भूकंपीय रूप से बहुत सक्रिय हैं।

साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर एंड पीपल (SANDRP) के समन्वयक हिमांशु ठक्कर ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने बताया कि खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ गया है, क्योंकि भूस्खलन, बाढ़ और बादल की घटनाएं ज्यादा विनाशकारी होती जा रही हैं। उन्होंने बताया, बिना सोचे-समझे नदियों पर बांध, जल विद्युत परियोजनाओं, राजमार्गों, खनन, वनों की कटाई, इमारतों, अनियमित पर्यटन और तीर्थयात्रा के कारण पहाड़ों की नाजुकता बढ़ गई है। इससे खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा, हम पर्यावरणीय प्रभाव का ईमानदारी से आकलन नहीं करते हैं, न ही हम पहाड़ों की वहन क्षमता को ध्यान में रखते हैं। हमारे पास हिमालय के लिए एक विश्वसनीय आपदा प्रबंधन प्रणाली भी नहीं है।

भूस्खलन, बाढ़ और मिट्टी के कटाव से कृषि भूमि प्रभावित होने से पहाड़ियों में खाद्य सुरक्षा खतरे में है। पहले हमारे पासघने जंगल थे, जो बरसात में पानी को जमीन में रिसने में मदद करते थे जो मानसून के बाद झरनों के रूप में उपलब्ध होते थे। अब जंगलों के कटने से बारिश का पानी बह जाता है। इसलिए, झरने गायब होते जा रहे हैं। अगस्त 2018 में नीति आयोग ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इसके मुताबिक, भारतीय हिमालयी क्षेत्र (IHR) में लगभग 50 प्रतिशत झरने सूख रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया था कि पूरे भारत करीब पाँच मिलियन झरने हैं, जिनमें से लगभग तीन मिलियन अकेले भारतीय हिमालयी क्षेत्र में हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 200 मिलियन से अधिक लोग झरनों पर निर्भर हैं।


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Jul 23 2022, 15:31

वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की विदाई पर किताबों का होगा विमोचन, तस्वीरों में दिखेगा राष्ट्रपति भवन का सफर

डेस्क: देश की नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का चुनाव हो चुका है। 25 जुलाई को वह शपथ ग्रहण करेंगी और इसी के साथ वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा। इसके ठीक एक दिन पहले यानी 24 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भारत के सभी राष्ट्रपतियों की यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से दर्शाने वाली तीन पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। 

अधिकारियों ने बताया, तीनों पुस्तकों का विमोचन राष्ट्रपति भवन में होगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर सभी पुस्तकों का विमोचन करेंगे। इस कार्यक्रम मे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। 

कार्यक्रम के दौरान पहली पुस्तक- 'मूड्स, मोमेंट एंड मेमोरीज' का विमोचन होगा। इसमें 1950 से 2017 तक के राष्ट्रपतियों की यात्रा को दिखाया जाएगा। वहीं दूसरी पुस्तक- 'द फर्स्ट सिटिजन' में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कार्यकाल का सचित्र रिकॉर्ड है। वहीं तीसरी किताब- 'इंटरप्रेटिंग जियोमेट्री फ्लोरिंग ऑफ राष्ट्रपति भवन', 1912 में भारत के वायसराय के निवास के लिए सर एडविन लुटियन द्वारा डिजाइन किए गए फर्श पैटर्न का एक अनूठा भंडार है। यह 1929 तक चली।

अधिकारियों ने बताया राष्ट्रपति कोविंद भारत के लोगों के लिए राष्ट्रपति भवन को और अधिक खोलने के अपने प्रयास, राष्ट्रपति भवन के दृश्य व इतिहास को साझा करना चाहते हैं। इसलिए किताब 'मूड, मोमेंट्स एंड मेमोरीज़...' उस मिशन का एक हिस्सा है। यह फोटो संग्रह पूर्व राष्ट्रपतियों की ऐसी झलक पेश करता है जो आम जनता के सामने कम ही आई है।


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Jul 23 2022, 14:50

कोरोना अपडेट: 21 हजार से ज्यादा नए केस मिले, सक्रिय केस डेढ़ लाख के पार, 67 मौतें

देश में शनिवार को लगातार तीसरे दिन 21 हजार से ज्यादा नए कोरोना केस मिले हैं। बीते 24 घंटे में 67 और लोगों ने महामारी के आगे हार मान ली। शनिवार को सक्रिय केस में 618 की बढ़ोतरी हुई और ये बढ़कर 1,50,100 हो गए। दैनिक संक्रमण दर 4.46 फीसदी दर्ज की गई। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह 8 बजे अपडेट आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में 21,411 नए संक्रमित मिले हैं। हालांकि, इस दौरान 20,726 लोग महामारी से उबर गए। बीते तीन दिनों से रोज 21 हजार से ज्यादा नए संक्रमित मिल रहे हैं। 

आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 618 की वृद्धि हुई है। वहीं, संक्रमण की दैनिक और साप्ताहिक दर 4.46 प्रतिशत दर्ज की गई है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,31,92,379 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.20 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 201.68 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण से देश में जिन 67 और मरीजों की मौत हुई है, उनमें से 32 केरल, सात पश्चिम बंगाल, छह महाराष्ट्र, तीन-तीन गुजरात और उत्तर प्रदेश, दो-दो असम, बिहार, झारखंड व मेघालय तथा एक-एक मरीज छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, मध्य प्रदेश, मिजोरम, पुडुचेरी, सिक्किम और तमिलनाडु के हैं।

इस महामारी से देश में अभी तक कुल 5,25,997 लोग जान गंवा चुके हैं। इनमें से 1,48,051 मरीजों की मौत महाराष्ट्र, 70,366 की केरल, 40,132 की कर्नाटक, 38,032 की तमिलनाडु, 26,298 की दिल्ली, 23,559 की उत्तर प्रदेश और 21,307 मरीजों की मौत पश्चिम बंगाल में हुई है।


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Jul 23 2022, 14:35


प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी को किया गिरफ्तार, उनके करीबी के घर से मिले थे 20 करोड़ रुपए नकद

प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि उन्हें शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में अरेस्ट किया गया है। एक दिन पहले ही उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर पर भी ईडी के छापे में करीब 20 करोड़ रुपये मिलने का दावा हुआ था। 

 ईडी के अधिकारियों ने कथित शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में चटर्जी से शुक्रवार को रातभर पूछताछ की। इसके बाद आज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जब यह कथित घोटाला हुआ था, तब चटर्जी राज्य के शिक्षा मंत्री थे। प्रवर्तन निदेशालय इस घोटाले में कथित रूप में शामिल लोगों के खिलाफ धनशोधन संबंधी पहलू की जांच कर रहा है।

पार्थ चटर्जी अभी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री हैं। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार 25 अप्रैल को और दूसरी बार 18 मई को पूछताछ की गई थी। पश्चिम बंगाल के शिक्षा राज्यमंत्री अधिकारी से भी सीबीआई पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा उनकी बेटी स्कूल शिक्षक की अपनी नौकरी गंवा चुकी हैं।

मंत्री की करीबी सहयोगी के घर मिले 20 करोड़ रुपये

जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर पर भी ईडी ने छापा मारा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान ईडी ने करीब 20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। इस कार्रवाई की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें 500 रुपये और 2000 रुपये के नोटों का एक बड़ा पहाड़ देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अर्पिता के अलावा ईडी ने कई और ठिकानों पर छापे मारे हैं। इस सूची में मंत्री पार्थ चैटर्जी, माणिक भट्टाचार्य, आलोक कुमार सरकार, कल्याण मॉय गांगुली जैसे नाम शामिल बताए गए हैं।


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Jul 23 2022, 14:30

अवैध खनन के खिलाफ आत्मदाह की कोशिश करने वाले साधु का निधन, इलाज के दौरान हुई मौत

डेस्क: राजस्थान के भरतपुर जिले में अवैध खनन के खिलाफ आत्मदाह की कोशिश करने वाले साधु विजय दास का देर रात दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया. दिवंगत साधु विजय भरतपुर के डीग इलाके में अवैध खनन माफियाओं का विरोध कर रहे थे और उन्होंने खुद की जान देने की कोशिश की थी. घायल साधु को गुरुवार को गंभीर हालत में नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उपखंड अधिकारी संजय गोयल ने साधु विजय दास के निधन की पुष्टि की है.

संजय गोयल ने बताया कि साधु विजय दास का शुक्रवार देर रात करीब 2 बजकर 30 मिनट पर निधन हो गया. साधु विजय दास का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के बाद उत्तर प्रदेश के बरसाना में ले जाया जाएगा. वहीं उनका अंतिम संस्कार होगा.

उल्लेखनीय है कि भरतपुर के डीग इलाके में अवैध खनन को बंद करने की मांग को लेकर साधु-संतों का आंदोलन चल रहा था. इस आंदोलन के दौरान बीते बुधवार को साधु विजय दास ने आत्मदाह की कोशिश की थी. घटना के तुरंत बाद विजय दास को गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के लिए एडमिट कराया गया था. फिर बाद में उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था.

बता दें कि आत्मदाह की कोशिश में साधु विजय दास का शरीर करीब 80 प्रतिशत तक जल गया था. दरअसल, राजस्थान के भरतपुर इलाके में अवैध खनन को लेकर साधु-संत पिछले डेढ़ साल से आंदोलन कर रहे हैं. जहां अवैध खनन हो रहा था उस जगह पर साधुओं दावा है कि धार्मिक जगह है. 84 कोस के परिक्रमा मार्ग में खनन वाली जगह है. साधु-संतों का दावा है कि खनन वाली जगह धार्मिक आस्था से जुड़ी है. खनन वाली जगह पर श्रद्धालु परिक्रमा करने आते हैं. साधु-संतों का 550 दिनों से धरना- प्रदर्शन जारी है.


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Jul 23 2022, 14:16

ममता बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन, कहा- भाजपा का दिमाग खराब, मुरमुरे पर भी लगा दिया GST, कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ बारिश में भी जमी रही

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एक दिन पहले ही साफ कर दिया था कि वृहद शहीद दिवस रैली केंद्र के मनमाने रवैये के खिलाफ है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस रैली में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करने और अपनी अखिल भारतीय विस्तार योजनाओं की घोषणा कर सकती है। रैली को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संबोधित किया। उन्होंने मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, भाजपा का दिमाग खराब हो गया है मुरमुरे पर भी जीएसटी लगा दिया। 

ममता बनर्जी ने कहा, भाजपा के पास कोई बुद्धिजीवी नहीं है। ममता बनर्जी को सुनने के लिए कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ बारिश में भी जमी रही। लोगों को जब अभिषेक बनर्जी संबोधित कर रहे थे, उस समय भारी बारिश हो रही थी, लेकिन न तो अभिषेक ने अपना भाषण बंद किया और न ही कार्यकर्ता रैली से हटे। बारिश में छतरी लेकर लोगों ने अभिषेक को सुना।


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Jul 23 2022, 14:15

दुनिया भर में फूड सिक्योरिटी को लेकर बना गतिरोध खत्म, युद्धरत

 यूक्रेन और रूस ने एक डील पर हस्ताक्षर करके दुनिया पर मंडरा रहे संकट को टाल दिया

 यूक्रेन और रूस ने एक डील पर हस्ताक्षर करके पूरी दुनिया पर मंडरा रहे संकट को टाल दिया है। दोनों युद्धरत देशों के बीच मिरर डील के जरिए रजामंदी बनी है कि कीव को काला सागर के रास्ते अनाज के एक्सपोर्ट को फिर से शुरू करने की अनुमति रहेगी। इस डील के बाद अब वो लाखों टन अनाज एक्सपोर्ट किया जा सकेगा, जो युद्ध के कारण यूक्रेन में फंसा हुआ है। बताते चलें कि रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद से दुनिया में अनाज की कमी नजर आने लगी जिसका असर बड़े पैमाने पर दिखने के अनुमान थे।

रूस और यूक्रेन ने शुक्रवार को तुर्की और USA के साथ अलग-अलग समझौते कर लाखों टन यूक्रेनी अनाज और रूसी फूड और फर्टिलाइजर के एक्सपोर्ट का रास्ता साफ कर दिया। इसके साथ ही दुनिया भर में फूड सिक्योरिटी को लेकर बना गतिरोध खत्म हो गया। रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और यूक्रेन के बुनियादी ढांचा मंत्री ओलेक्संद्र कुब्राकोव ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतारेस और तुर्की के रक्षा मंत्री हुलुसी अकार के साथ इस सिलसिले में अलग-अलग समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

गुतारेस ने कहा कि यह उम्मीद की, संभावना की, दुनिया के लिए राहत की किरण है जिसकी काफी जरूरत थी। यह समझौता यूक्रेन को 2.2 करोड़ टन अनाज अनाज और अन्य एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करने में सक्षम बनाएगा। यह अनाज युद्ध के चलते काला सागर के बंदरगाहों पर फंसा हुआ है।

गुतारेस ने कहा कि ‘काला सागर पहल’ नाम की यह योजना काला सागर के तीन बंदरगाहों (ओडेसा, चोरनोमोर्स्क और युझनी) से भारी मात्रा में कमर्शियल फूड ग्रेंस के एक्सपोर्ट का रास्त साफ होगा।

गुतारेस ने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर खाद्यान्नों की कीमतों को स्थिर करने में मदद करेगा। यूक्रेन विश्व में गेहूं, मक्का और सूरजमुखी के तेल के सबसे बड़े निर्यातकों में शामिल है।


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Jul 23 2022, 13:56

अजीबोगरीब : कई देशों में पड़ गई इतनी गर्मी कि लड़के भी पहनने लगे नाइटी, ठंडी हवा पाने के लिए कर रहे ऐसी हरकत

पूरे युरोपिय देशों में लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण वहां के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई देशों में सड़कों पर लोगों को राहत देने के लिए फव्वारे लगाए जा रहे हैं तो कई देशों में दूसरे उपाय किए जा रहे हैं। इस बीच ट्विटर पर लोगों की सलाह है कि ढीला कॉटन या लिनन कपड़ा पहनना चाहिए जो हर किसी को आसानी से मिल सकता है। इसके लिए यूजर ने एक तस्वीर भी शेयर की, जिसके जरिए सुझाव दिया गया कि पुरुषों को नाइटी पहनना पसंद करना चाहिए।

ब्रिटेन देश के विभिन्न हिस्सों में भीषण लू के प्रकोप का सामना कर रहा है।

 राहत पाने के प्रयास में ट्विटर पर एक यूजर ने 'यूके हीटवेव में कैसे कूल रहें' टॉपिक पर लोगों को अजीबोगरीब तरीके से सलाह दी। फिलिपिनो के आस-पास मौजूद लोगों ने राहत पाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए। इसमें कुछ बहुत ही अनोखे और मजेदार हैं। ब्रिटेन में लोग चिलचिलाती गर्मी में ठंडक पाने का तरीका ढूंढ रहे हैं। ट्विटर पर लोगों की सलाह है कि ढीला कॉटन या लिनन कपड़ा पहनना चाहिए जो हर किसी को आसानी से मिल सकता है। 

इसके लिए यूजर ने एक तस्वीर भी शेयर की, जिसके जरिए सुझाव दिया गया कि पुरुषों को नाइटी पहनना पसंद करना चाहिए या जैसा कि इसे फिलीपींस में 'डस्टर ड्रेस' कहा जाता है।