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Jun 16 2022, 17:39

पैगंबर टिप्पणी: अदालत ने विरोध प्रदर्शन नियंत्रण से बाहर होने पर केंद्रीय बलों को बुलाने को कहा

कोलकाता. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ की गई विवादास्पद टिप्पणी पर किसी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई हिंसा न हो.

अदालत ने सरकार से यह भी कहा कि वह जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बलों को बुलाये. शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक और निजी संपत्तियों में तोड़फोड़ की जिसके बाद हावड़ा जिले और राज्य में कुछ अन्य स्थानों पर नौ और 10 जून को कई घंटे के लिए रास्ते और ट्रेन की पटरियों को अवरुद्ध कर दिया गया था. कई जनहित याचिकाओं में याचिकाकर्ताओं द्वारा सेना या केंद्रीय बलों की तैनाती के अनुरोध के बाद अदालत ने यह आदेश पारित किया. उक्त याचिकाओं में आशंका व्यक्त की गई थी कि हिंसक विरोध की घटनाएं फिर से हो सकती हैं.

मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति आर भारद्वाज ने निर्देश दिया, ‘‘हम राज्य के अधिकारियों को अग्रिम रूप से जमीनी स्थिति का आकलन करने और केंद्रीय बलों को बुलाने के लिए कदम उठाने का निर्देश देते हैं....'' पीठ ने राज्य के अधिकारियों को हिंसा और संपत्ति की तोड़फोड़ की घटनाओं के वीडियो फुटेज एकत्रित करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए त्वरित कदम उठाने का निर्देश भी दिया.

याचिकाकर्ताओं ने बुधवार को जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान आरोप लगाया था कि शांतिपूर्ण सभा की आड़ में बड़ी सभा हो रही है जिसमें भड़काऊ नारे लगाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि तोड़फोड़ के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है. अदालत ने 13 जून को भी उम्मीद जतायी थी कि राज्य के अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे कि कोई अप्रिय घटना न हो और शांति बनी रहे. उसने कहा था कि अगर राज्य पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रहती है तो केंद्रीय बलों को बुलाने के लिए कदम उठाए जाएंगे.


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Jun 16 2022, 17:37

विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के सात विधायकों का निलंबन वापस लिया

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सात विधायकों का निलंबन वापस ले लिया. उन्होंने सदन में भाजपा के दो विधायकों द्वारा पेश किये गए अलग-अलग प्रस्तावों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया. दोपहर बाद विधानसभा की कार्यवाही शुरु होते ही विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल से प्रस्ताव की अंतिम दो पंक्तियां पढ़ने के लिये कहा, जिसमें अधिकारी और चार अन्य विधायकों मनोज तिग्गा, नरहरि महतो, मिहिर गोस्वामी और शंकर घोष के खिलाफ निलंबन आदेश वापस लेने का अनुरोध किया गया था.

इसके बाद बनर्जी ने संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी से विचार-विमर्श किया और उन्होंने भी विधायकों का निलंबन वापस लेने की बात कही. भाजपा की एक और विधायक शिखा चटर्जी ने सदन में दूसरा प्रस्ताव पढ़ा, जिसमें विधायक मिहिर गोस्वामी और सुदीप मुखोपाध्याय का निलंबन वापस लेने का अनुरोध किया गया था. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों के खिलाफ निलंबन आदेश वापस लेने पर सहमति जतायी.

दरअसल, 28 मार्च को विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा विधायकों के बीच झड़प हो गई थी, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारी और चार अन्य विधायकों को निलंबित कर दिया था. मार्च की शुरुआत में सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान गलत आचरण के लिये गोस्वामी और घोष को निलंबित कर दिया गया था.


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Jun 16 2022, 17:36

मॉनसून के शुक्रवार तक पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी हिस्से की ओर बढ़ने के आसार

कोलकाता. बहुप्रतीक्षित दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के एक दिन के अंदर पश्चिम बंगाल स्थित गंगा के मैदानी हिस्सों की ओर बढ़ने के आसार हैं, जिससे इस इलाके समेत पूरे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल क्षेत्र में दिन और रात के तापमान और आर्द्रता के स्तर में कमी आएगी. मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी से तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलने के कारण उप-हिमालयी जिलों दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार में अगले पांच दिन में भारी से बहुत भारी स्तर की बारिश होने का अनुमान है.

मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के शुक्रवार तक पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी हिस्सों तथा राज्य के सभी उत्तरी जिलों की ओर बढ़ने का अनुमान है. विभाग ने कहा कि इसके धीरे-धीरे दक्षिण जिलों की ओर बढ़ने की उम्मीद है, जिसके चलते शुक्रवार और शनिवार को क्षेत्र में भारी बारिश होने का अनुमान है. विभाग ने कहा कि पुरुलिया जिले में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे से पिछले 24 घंटे के दौरान 30 मि.मी. बारिश दर्ज की गई जबकि गंगा के अन्य मैदानी इलाकों में मौसम व्यापक रूप से शुष्क रहा.

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी जिलों में बादल छाए रहने और छिटपुट बारिश होने से दिन और रात का तापमान अपेक्षाकृत कम रहा है. विभाग ने बृहस्पतिवार को कोलकाता में गरज के साथ बारिश होने और दिन का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है.


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Jun 16 2022, 17:34

सीबीआई जांच के आदेश को राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में दी चुनौती

कोलकाता: कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ द्वारा प्राथमिक शिक्षक भर्ती में अनियमितता घोटाले की सीबीआई जांच के आदेश को गुरुवार को एक खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी गई. न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय के आदेश के दो भाग हैं. 13 जून, 2022 को उनकी पीठ ने मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था.

हालांकि, आदेश की गंभीरता को देखते हुए, न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने सीबीआई को विशेष रूप से मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने के लिए कहकर अपने पहले के आदेश को आगे बढ़ाया था. अब, गुरुवार दोपहर, पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीबीपीई), जिसके अधिकारियों को इस तरह की अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, ने न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय द्वारा मामले में सीबीआई जांच के पूरे आदेश को चुनौती देते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार की खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया है.

डब्ल्यूबीबीपीई की चुनौती याचिका को स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति तालुकदार की पीठ ने कहा कि मामले में पहली सुनवाई 20 जून को होगी. अपनी याचिका में डब्ल्यूबीबीपीई ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया बिल्कुल पारदर्शी थी और प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं है.

13 जून को मामले में सीबीआई जांच का आदेश देते हुए, न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने 269 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति को तत्काल रद्द करने का निर्देश दिया, जिन्होंने कथित तौर पर सभी मानदंडों का उल्लंघन करते हुए नौकरी हासिल की है. आरोप है कि इसमें कुछ उम्मीदवारों ने योग्यता के अनुसार निर्धारित अंक हासिल नहीं किए और कुछ तो प्रवेश परीक्षा के लिए उपस्थित तक नहीं हुए. 15 जून को मामले की जांच के लिए सीबीआई को एसआईटी गठित करने का आदेश देते हुए न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने यह भी कहा था कि जब तक इस मामले की जांच-पड़ताल चल रही है, तब तक उक्त एसआईटी के सदस्यों को कोई अन्य जांच कार्य आवंटित नहीं किया जा सकता है या यहां तक कि इस मामले में जांच प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें कहीं स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है.

न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने पिछले साल नवंबर से अब तक कई सीबीआई जांच के आदेश जारी किए हैं. हालांकि उन्होंेने इससे पहले सुनवाई के दौरान इन सभी मामलों में जांच की प्रगति पर निराशा व्यक्त की थी. सीबीआई पहले से ही पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ स्कूल सर्विस कमीशन (डब्ल्यूबीएसएससी) भर्ती अनियमितता घोटाले की जांच कर रही है और इस मामले में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल के महासचिव पार्थ चटर्जी से भी पूछताछ की गई है.


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Jun 15 2022, 19:16

प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली मामले की जांच के लिए एसआइटी के गठन का आदेश

कोलकाता. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति मामले में भ्रष्टाचार की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली की एकल पीठ ने बुधवार को उक्त निर्देश देते हुए कहा कि आगामी दो दिनों के अंदर सीबीआई को एसआईटी का गठन करना होगा और टीम में शामिल अधिकारियों के नाम के बारे में कोर्ट को जानकारी देनी होगी. 17 जून को मामले की अगली सुनवाई होनी है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि कम से कम 10 से 12 अधिकारियों को मिलाकर एसआईटी का गठन होना चाहिए.

दरअसल शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के जरिए नियुक्ति में भ्रष्टाचार को देखते हुए हुए 269 लोगों को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश कोर्ट ने पहले ही दे दिया है. सीबीआई जांच की गति को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए न्यायमूर्ति ने कहा कि नवंबर की शुरुआत में मैंने जांच के आदेश दिए थे. मैं चाहता हूं कि भ्रष्टाचार के पीड़ित जो लोग हैं उन्हें नौकरी मिले लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

जो भी मास्टरमाइंड है उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए अगर ऐसा नहीं हुआ तो भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा. अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है. कार्रवाई करिए. बाग कमेटी की रिपोर्ट आपके हाथ में है. उसके बावजूद आपने आज तक कुछ नहीं किया. यह स्वीकार्य नहीं है. मैं नहीं चाहता कि सारदा की तरह इस मामले में भी कुछ ना हो.


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Jun 15 2022, 17:38

बड़े भाई की हत्या कर थाने पहुंचा छोटा भाई, किया आत्मसमर्पण

कोलकाता. महानगर के बांसद्रोणी थाने में मंगलवार रात को ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी तब चौंक पड़े, जब अचानक एक व्यक्ति थाने में पहुंचा और ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों से कहा, “ साहब, मैंने अपने घर में बड़े भाई का कत्ल कर दिया है. तकिये से उनका गला घोंट दिया है. घर पर जाकर भाई के शव को कब्जे में लीजिए और मुझे गिरफ्तार कीजिए. पहले पुलिसवालों को यह मजाक लगा, पर एकाधिक बार उस व्यक्ति के ऐसा कहने पर उसे पुलिसकर्मियों ने थाने में बिठाया. फिर एक पुलिस टीम को व्यक्ति के बताये गये पते पर भेजा, तो बस सच निकली. घर में बिस्तर पर एक व्यक्ति का शव पड़ा था.

पुलिस सूत्रों की मानें, तो मृतक की पहचान देवाशीष चक्रवर्ती (48) के रूप में हुई है. वह बांसद्रोणी थानाक्षेत्र के निरंजनपल्ली के निवासी थे. थाने में सरेंडर करनेवाले का नाम शुभाशीष चक्रवर्ती (45) बताया गया है. इस घटना के बाद पुलिस ने बड़े भाई की हत्या के आरोप में शुभाशीष को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ने ऐसा क्यों किया, इस बाबत उससे पूछताछ की जा रही है. प्राथमिक पूछताछ में पता चला कि चक्रवर्ती भाइयों की मां की हाल में मौत हो गयी है. देवाशीष अक्सर बीमार रहते थे. मां की मौत के बाद बीमार बड़े भाई के इलाज का खर्च शुभाशीष नहीं उठा पा रहा था. पुलिस को आरोपी ने बताया कि इसी परेशानी से तंग आकर उसने मंगलवार देर रात को घर में बड़े भाई का गला घोंट दिया.

पुलिस सूत्रों पर यकीन करें, तो आरोपी शुभाशीष सच कह रहा है या फिर किसी साजिश के तहत वह कत्ल के आरोप को खुद पर ले रहा है, पुलिस इसकी हकीकत का पता लगाने में लगी है. शुभाशीष के घर के आसपास रहनेवालों के अलावा पुलिस उसके परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है. इधर, देवाशीष के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.


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Jun 15 2022, 16:24

उच्च प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन करने की अनुमति

कोलकाता. उच्च प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले परीक्षार्थियों को कलकत्ता हाई कोर्ट ने प्रदर्शन की अनुमति दे दी है. पुलिस उन्हें अनुमति नहीं दे रही थी जिसके बाद नौकरी चाहने वालों ने हाईकोर्ट में आवेदन किया था जिसे बुधवार को स्वीकृति दे दी गई है. 112 लोगों ने संयुक्त हस्ताक्षर कर हाईकोर्ट के पास याचिका लगाई थी.

न्यायमूर्ति शम्पा सरकार ने कहा कि मातंगिनी हाजरा की मूर्ति के पास याचिकाकर्ता शांतिपूर्वक तरीके से विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर सकते हैं. यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक चलने वाला है.

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में एसएससी के जरिए शिक्षकों की नियुक्ति और प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली की सीबीआ जांच के आदेश हाईकोर्ट से हो चुके हैं. अब अपर प्राइमरी के शिक्षकों की नियुक्ति में भी भ्रष्टाचार का दावा कर इन याचिकाकर्ताओं का आंदोलन निश्चित तौर पर राज्य शिक्षा विभाग की मुश्किलें बढ़ाने वाला है.


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Jun 15 2022, 16:22

विधानसभा से भाजपा सदस्यों का बर्हिगमन

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को विपक्षी भाजपा सदस्यों ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बयान की मांग करते हुए सदन से बहिर्गमन किया. सदन में प्रश्नकाल जैसे ही समाप्त हुआ, भारतीय जनता पार्टी के एक सदस्य ने खड़ा होकर चुनाव-बाद हिंसा और एक भाजपा नेता के विवादित बयान के परिणामस्वरूप राज्य में अशांति की हालिया स्थिति पर सरकार से बयान की मांग की. उनके साथ सदन में मौजूद भाजपा के अन्य सदस्य भी अपने-अपने स्थान पर खड़े हो गये.

भाजपा सदस्यों ने पूछा कि आखिरकार मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चुप्पी क्यों साध रखी है? बाद में, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा 2019 की तरह ही इस बार भी पूरी तरह विफल होगी, जिन्होंने उस वक्त भी आम चुनावों से पहले सभी विपक्षी नेताओं को एकजुट करने का प्रयास किया था. उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 2024 में भी भारी बहुमत से सत्ता में आएगा.


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Jun 15 2022, 16:18

बंगाल में हिंसक प्रदर्शनों पर हाईकोर्ट ने कहा : शांति बहाल रखना राज्य की जिम्मेवारी

कोलकाता. इस्लाम के प्रवर्तक पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ दिल्ली में भाजपा नेताओं की कथित टिप्पणी को लेकर पश्चिम बंगाल में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि कोई चाहे किसी भी पार्टी में क्यों ना हो लेकिन शांति सुनिश्चित करना सबकी जिम्मेवारी होनी चाहिए. मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ में राज्य सरकार ने हिंसा की घटनाओं को संभालने और की गई कार्रवाई के बाबत रिपोर्ट पेश की है. इसके बाद कोर्ट ने कहा कि शांति सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए हर किसी को सहयोग करना होगा.

पिछले हफ्ते अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों लोगों ने सड़कों पर उतर कर कई जगह आगजनी, तोड़फोड, लूटपाट और हिंसा की थी. इसके खिलाफ छह याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल हुई थीं. इन सभी मामलों में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दो दिनों के अंदर रिपोर्ट देने का आदेश सोमवार को दिया था. उसी के मुताबिक बुधवार को राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में रिपोर्ट सौंप दी है. राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि हावड़ा में पांच जगहों पर हिंसा की घटनाएं हुईं. इसे लेकर 17 प्राथमिकी दर्ज हुई है और 99 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इससे अलावा हावड़ा ग्रामीण इलाके में नौ प्राथमिकी हुई है और 38 लोग गिरफ्तार किए गए हैं.

उत्तर 24 परगना के बारासात में तीन जगहों पर घटना हुई थी, जहां पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.

मुर्शिदाबाद में भी तीन जगहों पर हिंसक प्रदर्शनों के मामले में पांच प्राथमिकी दर्ज कर 18 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. मुर्शिदाबाद के जंगीपुर इलाके में एक जगह हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में तीन प्राथमिकी दर्ज कर 30 लोगों को पकड़ा गया है. नदिया जिले के कृष्णानगर में तीन जगहों पर हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामले में तीन प्राथमिकी दर्ज कर 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. खड़गपुर में एक जगह प्रदर्शन हुए थे जिसमें एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं. उत्तर 24 परगना के डायमंड हार्बर में एक प्राथमिकी दर्ज हुई है और 17 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. सियालदह में एक प्रदर्शन को लेकर एक प्राथमिकी हुई है और एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है. विधाननगर में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है लेकिन किसी को भी पकड़ा नहीं गया है.

राज्य सरकार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तमाम प्रदर्शन वाली जगहों की सीसीटीवी फुटेज एकत्रित की गई है और हंगामा करने वालों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है. पिछले 48 घंटों से कहीं किसी तरह का कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ है. हालांकि याचिकाकर्ता ने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर आम लोगों को मारा-पीटा गया, सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है. राज्य प्रशासन कड़ी कार्रवाई के बजाय खामोश तमाशा देख रहा था.

तोड़फोड़ और आगजनी की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी इसीलिए इसमें ठोस कार्रवाई के लिए कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए. इसके बाद मुख्य न्यायाधीशने कहा कि राज्य में शांति सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. याचिकाकर्ता हो या कोई और, कोई किसी भी पार्टी में हो, कोई भी विचारधारा हो लेकिन शांति सुनिश्चित करने में मदद करें. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता सौमेंद्र नाथ मुखर्जी ने कहा कि दूसरे राज्यों में बुलडोजर चल रहे हैं लेकिन हम लोग यहां ऐसा नहीं चाहते. हम लोग चाहते हैं कि जो भी कार्रवाई हो कानून के मुताबिक हो और उसी के मुताबिक होगी.


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Jun 14 2022, 15:30

पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित जिलों में स्थिति शांतिपूर्ण, भारी पुलिस बल तैनात

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित जिलों में मंगलवार को स्थिति शांतिपूर्ण रही, हालांकि इन इलाकों में अब भी पुलिस बलों की भारी तैनाती है. पुलिस ने यह जानकारी दी. पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में तनाव व्याप्त हो गया था. राज्य में नौ जून को हुई हिंसा के संबंध में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 42 मामले दर्ज किए गए हैं.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जावेद शमीम ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘ पश्चिम बंगाल में स्थिति शांतिपूर्ण बनी है और किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है. हमारे वरिष्ठ अधिकारी जिलों में मौजूद हैं.'' उन्होंने कहा कि हिंसा प्रभावित इलाकों में सोमवार रात पुलिसकर्मियों ने छापेमारी की और गश्त लगाई. कुछ और लोगों को गिरफ्तार भी किया गया. आरोपियों के खिलाफ हावड़ा, मुर्शिदाबाद, नादिया और उत्तर तथा दक्षिण 24 परगना जिलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है, जहां हिंसा हुई थी. हावड़ा, मुर्शिदाबाद के बेल्दंगा और नादिया के बेथुंदाहरी में 15 जून तक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हावड़ा में सोमवार से इंटरनेट सेवाएं फिर से शुरू कर दी गईं, लेकिन बेल्दंगा में 15 जून तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी. राज्य के गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बेथुंदाहरी में इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने पर फैसला वहां की स्थिति की समीक्षा के बाद किया जाएगा. इस बीच, किसी भी अप्रिय घटना और ट्रेन सेवाओं में व्यवधान से बचने के लिए राज्य के विभिन्न रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों को तैनात किया गया है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो निलंबित नेताओं द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध करने के लिए यहां एस्पलेनेड इलाके में अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के लिए कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं.