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Jun 15 2022, 19:16

प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली मामले की जांच के लिए एसआइटी के गठन का आदेश

कोलकाता. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति मामले में भ्रष्टाचार की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली की एकल पीठ ने बुधवार को उक्त निर्देश देते हुए कहा कि आगामी दो दिनों के अंदर सीबीआई को एसआईटी का गठन करना होगा और टीम में शामिल अधिकारियों के नाम के बारे में कोर्ट को जानकारी देनी होगी. 17 जून को मामले की अगली सुनवाई होनी है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि कम से कम 10 से 12 अधिकारियों को मिलाकर एसआईटी का गठन होना चाहिए.

दरअसल शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के जरिए नियुक्ति में भ्रष्टाचार को देखते हुए हुए 269 लोगों को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश कोर्ट ने पहले ही दे दिया है. सीबीआई जांच की गति को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए न्यायमूर्ति ने कहा कि नवंबर की शुरुआत में मैंने जांच के आदेश दिए थे. मैं चाहता हूं कि भ्रष्टाचार के पीड़ित जो लोग हैं उन्हें नौकरी मिले लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

जो भी मास्टरमाइंड है उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए अगर ऐसा नहीं हुआ तो भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा. अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है. कार्रवाई करिए. बाग कमेटी की रिपोर्ट आपके हाथ में है. उसके बावजूद आपने आज तक कुछ नहीं किया. यह स्वीकार्य नहीं है. मैं नहीं चाहता कि सारदा की तरह इस मामले में भी कुछ ना हो.


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Jun 15 2022, 17:38

बड़े भाई की हत्या कर थाने पहुंचा छोटा भाई, किया आत्मसमर्पण

कोलकाता. महानगर के बांसद्रोणी थाने में मंगलवार रात को ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी तब चौंक पड़े, जब अचानक एक व्यक्ति थाने में पहुंचा और ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों से कहा, “ साहब, मैंने अपने घर में बड़े भाई का कत्ल कर दिया है. तकिये से उनका गला घोंट दिया है. घर पर जाकर भाई के शव को कब्जे में लीजिए और मुझे गिरफ्तार कीजिए. पहले पुलिसवालों को यह मजाक लगा, पर एकाधिक बार उस व्यक्ति के ऐसा कहने पर उसे पुलिसकर्मियों ने थाने में बिठाया. फिर एक पुलिस टीम को व्यक्ति के बताये गये पते पर भेजा, तो बस सच निकली. घर में बिस्तर पर एक व्यक्ति का शव पड़ा था.

पुलिस सूत्रों की मानें, तो मृतक की पहचान देवाशीष चक्रवर्ती (48) के रूप में हुई है. वह बांसद्रोणी थानाक्षेत्र के निरंजनपल्ली के निवासी थे. थाने में सरेंडर करनेवाले का नाम शुभाशीष चक्रवर्ती (45) बताया गया है. इस घटना के बाद पुलिस ने बड़े भाई की हत्या के आरोप में शुभाशीष को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ने ऐसा क्यों किया, इस बाबत उससे पूछताछ की जा रही है. प्राथमिक पूछताछ में पता चला कि चक्रवर्ती भाइयों की मां की हाल में मौत हो गयी है. देवाशीष अक्सर बीमार रहते थे. मां की मौत के बाद बीमार बड़े भाई के इलाज का खर्च शुभाशीष नहीं उठा पा रहा था. पुलिस को आरोपी ने बताया कि इसी परेशानी से तंग आकर उसने मंगलवार देर रात को घर में बड़े भाई का गला घोंट दिया.

पुलिस सूत्रों पर यकीन करें, तो आरोपी शुभाशीष सच कह रहा है या फिर किसी साजिश के तहत वह कत्ल के आरोप को खुद पर ले रहा है, पुलिस इसकी हकीकत का पता लगाने में लगी है. शुभाशीष के घर के आसपास रहनेवालों के अलावा पुलिस उसके परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है. इधर, देवाशीष के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.


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Jun 15 2022, 16:24

उच्च प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन करने की अनुमति

कोलकाता. उच्च प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले परीक्षार्थियों को कलकत्ता हाई कोर्ट ने प्रदर्शन की अनुमति दे दी है. पुलिस उन्हें अनुमति नहीं दे रही थी जिसके बाद नौकरी चाहने वालों ने हाईकोर्ट में आवेदन किया था जिसे बुधवार को स्वीकृति दे दी गई है. 112 लोगों ने संयुक्त हस्ताक्षर कर हाईकोर्ट के पास याचिका लगाई थी.

न्यायमूर्ति शम्पा सरकार ने कहा कि मातंगिनी हाजरा की मूर्ति के पास याचिकाकर्ता शांतिपूर्वक तरीके से विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर सकते हैं. यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक चलने वाला है.

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में एसएससी के जरिए शिक्षकों की नियुक्ति और प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली की सीबीआ जांच के आदेश हाईकोर्ट से हो चुके हैं. अब अपर प्राइमरी के शिक्षकों की नियुक्ति में भी भ्रष्टाचार का दावा कर इन याचिकाकर्ताओं का आंदोलन निश्चित तौर पर राज्य शिक्षा विभाग की मुश्किलें बढ़ाने वाला है.


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Jun 15 2022, 16:22

विधानसभा से भाजपा सदस्यों का बर्हिगमन

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को विपक्षी भाजपा सदस्यों ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बयान की मांग करते हुए सदन से बहिर्गमन किया. सदन में प्रश्नकाल जैसे ही समाप्त हुआ, भारतीय जनता पार्टी के एक सदस्य ने खड़ा होकर चुनाव-बाद हिंसा और एक भाजपा नेता के विवादित बयान के परिणामस्वरूप राज्य में अशांति की हालिया स्थिति पर सरकार से बयान की मांग की. उनके साथ सदन में मौजूद भाजपा के अन्य सदस्य भी अपने-अपने स्थान पर खड़े हो गये.

भाजपा सदस्यों ने पूछा कि आखिरकार मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चुप्पी क्यों साध रखी है? बाद में, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा 2019 की तरह ही इस बार भी पूरी तरह विफल होगी, जिन्होंने उस वक्त भी आम चुनावों से पहले सभी विपक्षी नेताओं को एकजुट करने का प्रयास किया था. उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 2024 में भी भारी बहुमत से सत्ता में आएगा.


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Jun 15 2022, 16:18

बंगाल में हिंसक प्रदर्शनों पर हाईकोर्ट ने कहा : शांति बहाल रखना राज्य की जिम्मेवारी

कोलकाता. इस्लाम के प्रवर्तक पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ दिल्ली में भाजपा नेताओं की कथित टिप्पणी को लेकर पश्चिम बंगाल में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि कोई चाहे किसी भी पार्टी में क्यों ना हो लेकिन शांति सुनिश्चित करना सबकी जिम्मेवारी होनी चाहिए. मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ में राज्य सरकार ने हिंसा की घटनाओं को संभालने और की गई कार्रवाई के बाबत रिपोर्ट पेश की है. इसके बाद कोर्ट ने कहा कि शांति सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए हर किसी को सहयोग करना होगा.

पिछले हफ्ते अल्पसंख्यक समुदाय के हजारों लोगों ने सड़कों पर उतर कर कई जगह आगजनी, तोड़फोड, लूटपाट और हिंसा की थी. इसके खिलाफ छह याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल हुई थीं. इन सभी मामलों में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दो दिनों के अंदर रिपोर्ट देने का आदेश सोमवार को दिया था. उसी के मुताबिक बुधवार को राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में रिपोर्ट सौंप दी है. राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि हावड़ा में पांच जगहों पर हिंसा की घटनाएं हुईं. इसे लेकर 17 प्राथमिकी दर्ज हुई है और 99 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इससे अलावा हावड़ा ग्रामीण इलाके में नौ प्राथमिकी हुई है और 38 लोग गिरफ्तार किए गए हैं.

उत्तर 24 परगना के बारासात में तीन जगहों पर घटना हुई थी, जहां पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.

मुर्शिदाबाद में भी तीन जगहों पर हिंसक प्रदर्शनों के मामले में पांच प्राथमिकी दर्ज कर 18 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. मुर्शिदाबाद के जंगीपुर इलाके में एक जगह हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में तीन प्राथमिकी दर्ज कर 30 लोगों को पकड़ा गया है. नदिया जिले के कृष्णानगर में तीन जगहों पर हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामले में तीन प्राथमिकी दर्ज कर 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. खड़गपुर में एक जगह प्रदर्शन हुए थे जिसमें एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं. उत्तर 24 परगना के डायमंड हार्बर में एक प्राथमिकी दर्ज हुई है और 17 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. सियालदह में एक प्रदर्शन को लेकर एक प्राथमिकी हुई है और एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है. विधाननगर में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है लेकिन किसी को भी पकड़ा नहीं गया है.

राज्य सरकार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तमाम प्रदर्शन वाली जगहों की सीसीटीवी फुटेज एकत्रित की गई है और हंगामा करने वालों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है. पिछले 48 घंटों से कहीं किसी तरह का कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ है. हालांकि याचिकाकर्ता ने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर आम लोगों को मारा-पीटा गया, सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है. राज्य प्रशासन कड़ी कार्रवाई के बजाय खामोश तमाशा देख रहा था.

तोड़फोड़ और आगजनी की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी इसीलिए इसमें ठोस कार्रवाई के लिए कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए. इसके बाद मुख्य न्यायाधीशने कहा कि राज्य में शांति सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. याचिकाकर्ता हो या कोई और, कोई किसी भी पार्टी में हो, कोई भी विचारधारा हो लेकिन शांति सुनिश्चित करने में मदद करें. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता सौमेंद्र नाथ मुखर्जी ने कहा कि दूसरे राज्यों में बुलडोजर चल रहे हैं लेकिन हम लोग यहां ऐसा नहीं चाहते. हम लोग चाहते हैं कि जो भी कार्रवाई हो कानून के मुताबिक हो और उसी के मुताबिक होगी.


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Jun 14 2022, 15:30

पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित जिलों में स्थिति शांतिपूर्ण, भारी पुलिस बल तैनात

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित जिलों में मंगलवार को स्थिति शांतिपूर्ण रही, हालांकि इन इलाकों में अब भी पुलिस बलों की भारी तैनाती है. पुलिस ने यह जानकारी दी. पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में तनाव व्याप्त हो गया था. राज्य में नौ जून को हुई हिंसा के संबंध में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 42 मामले दर्ज किए गए हैं.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जावेद शमीम ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘ पश्चिम बंगाल में स्थिति शांतिपूर्ण बनी है और किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है. हमारे वरिष्ठ अधिकारी जिलों में मौजूद हैं.'' उन्होंने कहा कि हिंसा प्रभावित इलाकों में सोमवार रात पुलिसकर्मियों ने छापेमारी की और गश्त लगाई. कुछ और लोगों को गिरफ्तार भी किया गया. आरोपियों के खिलाफ हावड़ा, मुर्शिदाबाद, नादिया और उत्तर तथा दक्षिण 24 परगना जिलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है, जहां हिंसा हुई थी. हावड़ा, मुर्शिदाबाद के बेल्दंगा और नादिया के बेथुंदाहरी में 15 जून तक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हावड़ा में सोमवार से इंटरनेट सेवाएं फिर से शुरू कर दी गईं, लेकिन बेल्दंगा में 15 जून तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी. राज्य के गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बेथुंदाहरी में इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने पर फैसला वहां की स्थिति की समीक्षा के बाद किया जाएगा. इस बीच, किसी भी अप्रिय घटना और ट्रेन सेवाओं में व्यवधान से बचने के लिए राज्य के विभिन्न रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों को तैनात किया गया है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो निलंबित नेताओं द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध करने के लिए यहां एस्पलेनेड इलाके में अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के लिए कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं.


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Jun 14 2022, 15:29

सीबीआई ने कोयला घोटाले में अभिषेक की पत्नी से पूछताछ की

कोलकाता: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित कोयले के अवैध खनन घोटाले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रूजीरा नरूला बनर्जी से दक्षिण कोलकाता स्थित उनके आवास पर मंगलवार की सुबह पूछताछ की. एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी . एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक महिला समेत सीबीआई के आठ सदस्यों की टीम सुबह करीब साढ़े 11 बजे बनर्जी के हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास ‘शांतिनिकेतन' पहुंची. यह दूसरा मौका है जब केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में रूजीरा से पूछताछ की है.

सीबीआई ने राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले पिछले साल फरवरी में उनसे पूछताछ की थी. उस दिन सीबीआई की टीम के पहुंचने से कुछ क्षण पहले ही, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक के आवास पर गई थी. सीबीआई के अधिकारी ने कहा, “हम श्रीमती (रूजीरा) बनर्जी के जवाबों से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए हम उनसे दोबारा पूछताछ कर रहे हैं.” सीबीआई ने रुजीरा नरूला बनर्जी की बहन मोनिका गंभीर, उनके पति और ससुर से भी पूछताछ की थी.

आरोप है कि आसनसोल के निकट कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाके में ईस्टर्न कोलफील्ड्स की पट्टों पर दी गई खदानों में कोयले का अवैध खनन किया गया. सीबीआई के अनुसार, जांच में 1,300 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन का संकेत मिला है, जिनमें से अधिकांश पैसा कई प्रभावशाली लोगों के पास गया. जांच में पता चला कि हवाला के जरिए इन प्रभावशाली लोगों के विदेशी बैंक खातों में पैसा जमा कराया गया था.


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Jun 14 2022, 15:27

राज्यों को जीएसटी मुआवजा अगले 3-5 वर्षों के लिए बढ़ाया जाए: अमित मित्रा

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अमित मित्रा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर उनसे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के साथ राज्यों को मिलने वाले मुआवजे को इस महीने के बाद अगले 3-5 साल के लिए जारी रखने का आग्रह किया है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के वित्त विभाग के प्रमुख मुख्य सलाहकार मित्रा ने कहा कि क्षतिपूर्ति व्यवस्था के विस्तार से राज्यों को बड़ी राहत मिलेगी. मित्रा ने सोमवार को दो पन्नों के पत्र में लिखा, ‘‘यह निराशाजनक और अशुभ संकेतों वाला है कि केंद्र ने जुलाई 2022 से राज्यों के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे को वापस लेने का फैसला किया है.

यदि ऐसा फैसला किया जाता है, तो यह जीएसटी को अपनाने की भावना के विपरीत है.'' उन्होंने कहा कि सभी राज्यों, सभी राजनीतिक दलों ने जीएसटी को इस शर्त पर अपनाने का फैसला किया था, कि केंद्र उन्हें पांच साल के लिए राजस्व नुकसान की भरपाई करेगा.

मित्रा ने आगे कहा कि लेकिन 2016 में जब उक्त निर्णय लिया गया था, तो किसी ने नहीं सोचा था कि दुनिया कोविड महामारी की चपेट में आ जाएगी और अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व तनाव में होगी.


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Jun 14 2022, 15:25

विधेयक पास कराने की वोटिंग में हुई त्रूटि,विधानसभा अध्यक्ष ने किया स्वीकार, दिये विभागीय जांच के आदेश

– मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति बनाने के लिए सोमवार को विधानसभा में पारित हुआ था विधेयक

कोलकाता. राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री को राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति बनाने के लिए सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में बिल पारित हुआ था, लेकिन उसके समर्थन व विरोध में पड़े वोट में त्रुटि पाई गई है. स्पीकर बिमान बनर्जी ने इसकी जांच का आदेश दिया है. पहले कहा गया था कि इस बिल के समर्थन में 182 व विरोध में 40 वोट पड़े हैं जबकि बाद में देखा गया कि इसके समर्थन में 167 जबकि विरोध में 55 वोट पड़े हैं.

भाजपा की तरफ से दावा किया गया था कि विधानसभा में मौजूद उसके सभी 55 सदस्यों ने बिल के खिलाफ वोट दिया है, फिर विरोध में 40 वोट कैसे पड़े? दूसरी तरफ तृणमूल की ओर से कहा गया था कि सदन में उसके 182 सदस्य मौजूद थे और सभी ने बिल के समर्थन में वोट किया. रात को जब फिर से इसकी जांच की गई तो पाया गया कि बिल के समर्थन में 167 जबकि विरोध में 55 वोट पड़े. अब सवाल यह उठ रहा है कि जब सदन में तृणमूल के 182 सदस्य मौजूद थे तो उसके 15 विधायकों के वोट कहां गए? स्पीकर ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है.

गौरतलब है कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ को हटाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य संचालित 31 विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति बनाने का बिल भाजपा के भारी विरोध के बावजूद सोमवार को पारित हुआ था. राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) बिल-2022 को सदन में पेश करने के बाद कहा था कि मुख्यमंत्री को कुलाधिपति बनाने में ‘कुछ भी गलत नहीं’है.

उन्होंने सवाल किया था कि यदि केंद्रीय विश्वविद्यालय विश्वभारती के कुलाधिपति प्रधानमंत्री हैं तो मुख्यमंत्री राज्य के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति क्यों नहीं हो सकती? उन्होंने गुजरात का भी उदाहरण पेश किया था कि वहां भी जब नरेन्द्र मोदी सीएम थे तो उन्होंने भी राज्यपाल को कुलाधिपति के पद से हटाने की तैयारी की थी. बसु ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यपाल, मौजूदा कुलाधिपति हैं, जिन्होंने कई मौकों पर प्रोटोकाल का उल्लंघन किया है.


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Jun 13 2022, 17:34

'भीषण गर्मी' के कारण 26 जून तक बढ़ी सरकारी स्कूलों की छुट्टियां

कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य द्वारा संचालित और राज्य द्वारा सहायता प्राप्त स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां और 10 दिन के लिए बढ़ा दी है. ‘‘भीषण गर्मी'' के कारण अब सरकारी स्कूलों में छुट्टियां 26 जून तक रहेगी. राज्य के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मनीष जैन ने सोमवार को एक अधिसूचना में कहा कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. राज्य सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘भीषण गर्मी के कारण स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों की घोषणा करने के संबंध में सक्षम प्राधिकार ने गर्मियों की छुट्टियों की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है क्योंकि गर्मी और उमस के कारण कुछ लोंगों की मौत होने के मामले सामने आए हैं.''

यह नोटिस पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड को जारी किया गया है. स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां गर्मी और उमस के कारण अप्रैल मध्य से शुरू है. गौरतलब है कि इसके पहले 15 जून को ही स्कूलों को खोल दिया जाना था. लेकिन रविवार को उत्तर 24 परगना के पानीहाटी में आयोजित दही चूड़ा मेले में भीषण गर्मी की वजह से तीन लोगों की मौत हो गई. इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्कूलों के खुलने पर छात्रों की सेहत को लेकर चिंता जाहिर करते हुए शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु से बात की थी. उन्होंने इस पर आवश्यक कदम उठाने की बात कही थी. जिसके बाद सोमवार को गर्मी की छुट्टियां बढ़ाये जाने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है.

वहीं, सरकार के इस फैसले का शिक्षण संगठनों ने विरोध किया है. इस संबंध में बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने कहा कि राज्य सरकार ने 26 जून तक छुट्टियां बढ़ा कर सही नहीं किया है. राज्य सरकार को कुछ दिन रूकना चाहिए था. वहीं, 10 दिनों की छुट्टी देने की बजाय इस सप्ताह के अंत तक छुट्टी देनी चाहिए थी. राज्य सरकार के बार-बार इस प्रकार के कदम से लोगों का राज्य सरकार की शिक्षा व्यवस्था से विश्वास खत्म होता जा रहा है.