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Nov 25 2021, 12:22

विधानसभा चुनाव के बाद होगी यूपी बोर्ड परीक्षा, जनवरी में होगा प्री-बोर्ड का आयोजन

  


लखनऊ- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी विधानसभा चुनाव के बाद ही कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए यूपी बोर्ड परीक्षा 2022 आयोजित करेगा। हालांकि बोर्ड जनवरी में प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा।

विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस साल हाई स्कूल और इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 51 लाख से ज्यादा छात्रों ने आवेदन किया है। कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए 27 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है, और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए 23 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है।

  

पहले, बोर्ड फरवरी-मार्च में परीक्षा आयोजित करता था। हालांकि इस बार विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च में होंगे, जिसके लिए स्कूलों में मतदान केंद्र बनाए जाएंगे और ड्यूटी के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसलिए यूपी बोर्ड ने 2022 की बोर्ड परीक्षा विधानसभा चुनाव के बाद ही कराने का फैसला किया है। 

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Nov 25 2021, 12:21

 *बरेली के बड़े नेता की भतीजी कन्नौज में प्रेमी के घर मिली, परिजनों को बिना बताए चली गई थी, पुलिस बरामद कर लाई*

  


बरेली/कन्नौज- बरेली में रहने वाले सत्तापक्ष के बड़े नेता की भतीजी कन्नौज के कस्बा तिर्वा में प्रेमी के घर मिली। बताया जा रहा है कि नेता की भतीजी का फेसबुक के जरिए युवक से प्रेम-प्रसंग हुआ था। वह परिजनों को बिना बताए प्रेमी के घर पहुंच गई। बरेली सर्विलांस टीम ने युवक के घर दबिश देकर युवती को बरामद कर परिवार वालों को सौंप दिया।

कन्नौज में तिर्वा कस्बे के जवाहर नगर (शुक्ला कालोनी) में रहने वाले 20 वर्षीय युवक की बरेली में रहने वाले भाजपा के बड़े नेता की 16-17 वर्षीय भतीजी से फेसबुक पर करीब एक माह पहले दोस्ती हो गई थी। दोनों व्हाट्सएप पर बात करने के साथ वीडियो कॉल भी करते थे। सोमवार को किशोरी युवक के घर आ गई। उधर, सत्ता पक्ष के नेता का दबाव पड़ने पर बरेली सर्विलांस और क्राइम ब्रांच टीम ने गोपनीय ढंग से किशोरी की तलाश शुरू कर दी। लोकेशन के आधार पर बरेली सर्विलांस और क्राइम ब्रांच टीम ने तिर्वा कस्बे में दबिश दी। करीब तीन घंटे की खोजबीन के बाद पुलिस टीम ने किशोरी को युवक के घर से तलाश कर लिया। इसके बाद पुलिस टीम किशोरी और युवक को साथ ले गई।

  

*घर तलाशना हुआ मुश्किल तो फोटो से हुई जानकारी*
सर्विलांस टीम लोकेशन के आधार पर युवक का घर तलाशने में असफल हुई तो वह कोतवाली तिर्वा पहुंची। यहां मौजूद कुछ लोगों को उन्होंने युवक की फोटो दिखाई तो पहचान हो गई। इसके बाद टीम ने घर पर दबिश दी।

*गोपनीय ढंग से चला अभियान*
जनप्रतिनिधि की साख को नुकसान न हो, इस लिहाज से बरेली पुलिस ने गोपनीय ढंग से अभियान चलाया। उन्होंने तिर्वा पुलिस को सिर्फ उत्तर प्रदेश पुलिस के परिचय पत्र दिखाए। यहां तक कि बड़े अधिकारियों को भी जानकारी नहीं दी। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि बरेली पुलिस के आने की सूचना उन्हें नहीं मिली है। 

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Nov 25 2021, 10:36

ग्रीनपार्क में भिड़ने जा रही रहाणे और विलियमसन की सेना, यहां न्यूजीलैंड से कभी नहीं हारा भारत

  


लखनऊ। कानपुर के ग्रीनपार्क के मैदान में गुरुवार सुबह दस बजे भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे और किवी कप्तान केन विलियमसन की सेना आमने सामने उतरने वाली है। किवी टीम टी-20 सीरीज की हार का बदला लेने की फिराक में है तो भारतीय टीम विश्वकप चैंपियनशिप की हार बदला लेने उतरने जा रही है। वहीं ग्रीनपार्क में अबतक न्यूजीलैंड से भारतीय टीम कभी नहीं हारी है तो रहाणे की कप्तानी में अभी तक खेले गए पांच मुकाबलों में भारतीय टीम को हार नहीं मिली है।

ग्रीनपार्क स्टेडियम में भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट मैच को सुबह से चहल कदमी शुरू है। दर्शक स्टेडियम में एंट्री के लिए कतार लगा चुके हैं तो बीसीसीआइ और यूपीसीए के पदाधिकारी समेत पुलिस प्रशासन के अफसर भी पहुंच गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए हर गेट पर इंतजाम किया गया है। कप्तान अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम अपने अजेय रिकार्ड को बरकरार रखने के लिए उतरेगी। यह टेस्ट मैच कप्तान रहाणे के साथ कोच राहुल द्रविड़ की कोचिंग की भी परीक्षा लेगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार का बदला लेने के लिए टीम इंडिया पूरी तैयारी के साथ उतरेगी।

  

रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम ने पांच मुकाबले खेले हैं, इसमें चार में टीम को जीत मिली, जबकि एक मुकाबला ड्रा रहा। ग्रीनपार्क में भारतीय टीम पहली बार नए कप्तान अङ्क्षजक्य रहाणे व कोच राहुल द्रविड़ के साथ उतरेगी। टेस्ट में भारत और न्यूजीलैंड का मुकाबला ग्रीनपार्क में तीन बार हो चुका है। वर्ष 1976 में खेला गया टेस्ट मैच ड्रा रहा था। इसके बाद भारत ने 1999 में न्यूजीलैंड को आठ विकेट और वर्ष 2016 में 197 रनों से पराजित किया था। ग्रीनपार्क में रहाणे एक वनडे और एक टेस्ट मैच खेल चुके हैं। वहीं, कोच के रूप में टीम के साथ आए राहुल द्रविड़ ने बतौर खिलाड़ी ग्रीनपार्क में पांच टेस्ट और दो एकदिवसीय मुकाबले खेले हैं, जिसमें एक शतक व तीन अर्धशतक लगाए हैं।

भारत की स्थिति
मजूबती : बल्लेबाजी मजबूत है। घरेलू मैदानों पर गेंदबाजों का अच्छा प्रदर्शन
कमजोरी : शीर्ष खिलाड़ी केएल राहुल, रोहित शर्मा, विराट शर्मा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर टीम में नहीं हैं।

न्यूजीलैंड की स्थिति
मजबूती : केन विलियमसन और रास टेलर के रूप में स्पिन के खिलाफ बेहतर बल्लेबाज टीम में हैं। गेंदबाज टिम साउदी और नील वैगनर परेशानी पैदा कर सकते हैं।
कमजेारी : टीम में मिशेल सेंटनर को छोड़कर कोई भी बेहतर स्पिनर नहीं है जो भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम पर प्रभाव छोड़ सके। 

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Nov 25 2021, 10:35

यूपी में सीधी भर्ती प्रक्रिया से होगी न‍ियुक्‍त‍ियां, शैक्षणिक व गैर शैक्षणि‍क पदों के सृजन का शासनादेश जारी

  


लखनऊ- शासन ने लखनऊ के पिपरसंड में निर्माणाधीन यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फारेंसिक साइंसेज के संचालन के लिए निदेशक समेत शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक संवर्ग के 131 पदों का सृजन कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका बढ़ाने के लिए लगातार गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में इंस्टीट्यूट के पदों का सृजन कर भर्ती के लिए नियमावली बनाने का निर्देश दिया गया है। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक अगस्त को इस इंस्टीट्यूट का शिलान्यास किया था। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि इंस्टीट्यूट के लिए शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक संवर्ग के कुल 131 पदों का सृजन किया गया है, जिसका शासनादेश जारी कर दिया गया है। इन पदों पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर तथा सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्तियां होंगी।

  

यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फारेंसिक साइंसेज के संचालन के लिए निदेशक, अतिरिक्त निदेशक, प्रशासनिक अधिकारी, वित्त अधिकारी, पुस्तकालय सहायक, लेखाधिकारी, अकाउंटेंट, कैंपस सुपरवाइजर व सुरक्षा अधिकारी के एक-एक पद सृजित किये गये हैं। जबकि उप निदेशक, सहायक लेखाधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर के दो-दो पद सृजित किये गये हैं। इसके अलावा असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पांच, प्रोफेसर के तीन, एसोसिएट प्रोफेसर के छह, असिस्टेंट प्रोफेसर के 16, वैज्ञानिक अधिकारी के पांच, वैज्ञानिक सहायक के छह, वरिष्ठ सहायक के आठ, कनिष्ठ सहायक के 16, प्रयोगशाला सहायक के 14, स्टैनो के चार, कंप्यूटर आपरेटर के तीन, रिकार्ड कीपर के चार पदों का सृजन किया गया है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति के लिए गांधीनगर (गुजरात) स्थित राष्ट्रीय विधि विज्ञान विश्वविद्यालय के मानक के आधार पर शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक संवर्ग की नियमावली तैयार कर आगे की कार्यवाही की जायेगी। वहीं चतुर्थ श्रेणी के 20 पद व वाहन चालक के छह पद भी सृजित किये गये हैं, जिन्हें ठेके के माध्यम से भरा जाएगा। उल्लेखनीय है कि लखनऊ के पिपरसंड में लगभग 50 एकड़ भूमि पर इंस्टीट््यूट का निर्माण कराया जा रहा है। यहां लगभग पांच एकड़ भूमि पर डीएनए के सेंटर आफ एक्सीलेंस की भी स्थापना होगी। 

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Nov 25 2021, 10:09

'हाथी' की चाल पर अभी भी सस्‍पेंस बरकरार? बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने तैयार किया नया प्लान

  

   

लखनऊ- उत्तर प्रदेश में 2022 की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को चुनावों को लेकर एक समीक्षा बैठक की। बसपा ने इससे पहले यूपी में ब्राह्मण सम्मेलन भी किए हैं, लेकिन फिर भी यूपी की इस चुनावी लड़ाई में बसपा का कोई खास प्रभाव दिख नहीं रहा है. आपको बता दें कि 2022 के चुनावों में भाजपी की सीधी टक्कर सिर्फ समाजवादी पार्टी से ही दिखाई दे रही है. 

  

ब्राह्मणों के भरोसे बसपा की नैया?
दरअसल आगामी चुनावों से पहले बसपा अध्यक्ष मायावती की पार्टी के पुराने सदस्य लगातार उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं. अब तो बसपा में मायावती के बाद सतीश चंद्र मिश्र ही नेता के तौर पर दिखाई पड़ते हैं. बसपा के कई बड़े नेता हाल फिलहाल सपा में शामिल हो चुके हैं और ऐसा तब है जब बसपा अध्यक्ष मायावती की रैलियां अभी यूपी में शुरू भी नहीं हुई हैं. जबकि भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों चुनाव कैंपेन शुरू कर चुके हैं. मौजूदा राजनीति को समझते हुए बसपा अब आकाश आनंद और कपिल मिश्र को आगे कर रही है. बता दें कि आकाश आनंद मायावती के भतीजे हैं तो कपिल मिश्र बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र के बेटे हैं. इसेक जरिए बसपा यूपी के ब्राह्मण मतदाताओं को साथ लाने की कोशिश कर रही है।

जातीय समीकरण बैठाने में नाकाम बसपा
गौरतलब है कि यूपी में बसपा का मूल वोट बैंक दलित जाति को ही माना जाता है. यूपी में लगभग 21% दलित मतदाता हैं जिनमें से लगभग 12-13% बीएसपी का मूल वोट माना जाता है. हालांकि दलित की अन्य जातियां बीजेपी और सपा में बंट चुकी हैं. मायावती के इन 12-13% वोटों के बारे में कहा जाता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों लेकिन यह वोट हर हाल में मायावती के नाम पर ही वोट करता है. लेकिन मायावती के साथ इस बार मुस्लिम,पिछड़ा और अन्य वोट जुड़ते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं. शायद यही कारण है कि बीएसपी के 50 से ज्यादा ओबीसी नेता सपा में शामिल हो चुके हैं. हाल ही में बीएसपी के 6 विधायक भी सपा में शामिल हुए. जिसमें ओबीसी और मुस्लिम विधायक शामिल थे. 

मायावती के रवैये में बड़ा बदलाव
ऐसे में मायावती के सामने इस बार चुनौतियां बहुत ज्यादा हैं क्योंकि जो नेता सपा से बच जा रहे हैं उन्हें बीजेपी छोड़ने को तैयार नहीं है. यही कारण है कि मायावती अपने अंदाज में बड़ा परिवर्तन ला रही हैं. परिवर्तनों की बात करें तो बीएसपी अध्यक्ष मायावती चुनावी समीक्षा बैठक कर रही हैं, पत्रकारों से पहली बार बातचीत कर रही हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हो चुकी हैं. साथ ही मायावती मीडिया पर लगा रही हैं कि बीएसपी को लड़ाई में कमजोर दिखाया जा रहा है. इन आरोपों के साथ मायावती ने बीएसपी का एक फोल्डर भी जारी किया है, जिसमें 2007-12 के दौरान उनकी सरकार के कामकाज की जानकारी है और अपने काडर तक इसे पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

पार्टी के अस्तित्व का चुनाव
आपको बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी 19 सीटें जीती थी. इसके अलावा 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी अपना खाता भी खोल पाने में नाकाम रही थीं. हालांकि 2019 के आम चुनावों में सपा से गठबंधन करने पर 10 सीटें बीएसपी ने जीतीं. लेकिन अब बुआ और बबुआ की राहें अलग हैं और बुआ की पार्टी से अखिलेश लगातार बड़े नेताओं को तोड़ने में जुटे हैं. ऐसे में मायावती अपने मूल वोट बैंक को बचाने के साथ-साथ कुछ ब्राह्मण मतदाताओं पर काम कर रही हैं. इसके अलावा बीएसपी की कोशिश यह भी होगी कि जहां बीजेपी और सपा के लोगों का टिकट कटे, उन मजबूत लोगों के बीएसपी टिकट दिया जाए. लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है कि मायावती के लिए यह चुनाव अपनी पार्टी के भविष्य का भी चुनाव होगा. इसलिए मायावती वोट बैंक को बचाने के साथ-साथ पार्टी में नए चेहरे के तौर पर आकाश आनंद को आगे कर रही हैं। 

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Nov 25 2021, 09:49

'हाथी' की चाल पर अभी भी सस्‍पेंस बरकरार? बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने तैयार किया नया प्लान

  

   

लखनऊ- उत्तर प्रदेश में 2022 की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को चुनावों को लेकर एक समीक्षा बैठक की। बसपा ने इससे पहले यूपी में ब्राह्मण सम्मेलन भी किए हैं, लेकिन फिर भी यूपी की इस चुनावी लड़ाई में बसपा का कोई खास प्रभाव दिख नहीं रहा है. आपको बता दें कि 2022 के चुनावों में भाजपी की सीधी टक्कर सिर्फ समाजवादी पार्टी से ही दिखाई दे रही है. 

  

ब्राह्मणों के भरोसे बसपा की नैया?
दरअसल आगामी चुनावों से पहले बसपा अध्यक्ष मायावती की पार्टी के पुराने सदस्य लगातार उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं. अब तो बसपा में मायावती के बाद सतीश चंद्र मिश्र ही नेता के तौर पर दिखाई पड़ते हैं. बसपा के कई बड़े नेता हाल फिलहाल सपा में शामिल हो चुके हैं और ऐसा तब है जब बसपा अध्यक्ष मायावती की रैलियां अभी यूपी में शुरू भी नहीं हुई हैं. जबकि भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों चुनाव कैंपेन शुरू कर चुके हैं. मौजूदा राजनीति को समझते हुए बसपा अब आकाश आनंद और कपिल मिश्र को आगे कर रही है. बता दें कि आकाश आनंद मायावती के भतीजे हैं तो कपिल मिश्र बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र के बेटे हैं. इसेक जरिए बसपा यूपी के ब्राह्मण मतदाताओं को साथ लाने की कोशिश कर रही है।

जातीय समीकरण बैठाने में नाकाम बसपा
गौरतलब है कि यूपी में बसपा का मूल वोट बैंक दलित जाति को ही माना जाता है. यूपी में लगभग 21% दलित मतदाता हैं जिनमें से लगभग 12-13% बीएसपी का मूल वोट माना जाता है. हालांकि दलित की अन्य जातियां बीजेपी और सपा में बंट चुकी हैं. मायावती के इन 12-13% वोटों के बारे में कहा जाता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों लेकिन यह वोट हर हाल में मायावती के नाम पर ही वोट करता है. लेकिन मायावती के साथ इस बार मुस्लिम,पिछड़ा और अन्य वोट जुड़ते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं. शायद यही कारण है कि बीएसपी के 50 से ज्यादा ओबीसी नेता सपा में शामिल हो चुके हैं. हाल ही में बीएसपी के 6 विधायक भी सपा में शामिल हुए. जिसमें ओबीसी और मुस्लिम विधायक शामिल थे. 

मायावती के रवैये में बड़ा बदलाव
ऐसे में मायावती के सामने इस बार चुनौतियां बहुत ज्यादा हैं क्योंकि जो नेता सपा से बच जा रहे हैं उन्हें बीजेपी छोड़ने को तैयार नहीं है. यही कारण है कि मायावती अपने अंदाज में बड़ा परिवर्तन ला रही हैं. परिवर्तनों की बात करें तो बीएसपी अध्यक्ष मायावती चुनावी समीक्षा बैठक कर रही हैं, पत्रकारों से पहली बार बातचीत कर रही हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हो चुकी हैं. साथ ही मायावती मीडिया पर लगा रही हैं कि बीएसपी को लड़ाई में कमजोर दिखाया जा रहा है. इन आरोपों के साथ मायावती ने बीएसपी का एक फोल्डर भी जारी किया है, जिसमें 2007-12 के दौरान उनकी सरकार के कामकाज की जानकारी है और अपने काडर तक इसे पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

पार्टी के अस्तित्व का चुनाव
आपको बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी 19 सीटें जीती थी. इसके अलावा 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी अपना खाता भी खोल पाने में नाकाम रही थीं. हालांकि 2019 के आम चुनावों में सपा से गठबंधन करने पर 10 सीटें बीएसपी ने जीतीं. लेकिन अब बुआ और बबुआ की राहें अलग हैं और बुआ की पार्टी से अखिलेश लगातार बड़े नेताओं को तोड़ने में जुटे हैं. ऐसे में मायावती अपने मूल वोट बैंक को बचाने के साथ-साथ कुछ ब्राह्मण मतदाताओं पर काम कर रही हैं. इसके अलावा बीएसपी की कोशिश यह भी होगी कि जहां बीजेपी और सपा के लोगों का टिकट कटे, उन मजबूत लोगों के बीएसपी टिकट दिया जाए. लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है कि मायावती के लिए यह चुनाव अपनी पार्टी के भविष्य का भी चुनाव होगा. इसलिए मायावती वोट बैंक को बचाने के साथ-साथ पार्टी में नए चेहरे के तौर पर आकाश आनंद को आगे कर रही हैं। 

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Nov 24 2021, 20:42

खंडपीठ स्थापना के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आज ज्ञापन देंगे अधिवक्ता

  


आगरा। आगरा में उच्च न्यायालय खंडपीठ (हाईकोर्ट बेंच) स्थापना की मांग करने अधिवक्ता 25 नवंबर को आज जेवर जाएंगे। वे वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगरा में खंडपीठ स्थापना के संबंध में ज्ञापन सौंपेंगे। पत्रकारों को जानकारी देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अचल शर्मा भईये ने बताया कि यह निर्णय मंगलवार को दीवानी में बैठक करके लिया गया। 


बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अध्यक्ष आगरा बार एसोसिएशन प्रमोद शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनंदन शर्मा एवं वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शर्मा कप्तान आदि अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

  


अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री 25 नवंबर को जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे। इस दौरान अधिवक्ता भी पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा। इसमें जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना की मांग की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय में पत्राचार करके उनसे मिलने का समय लेने का प्रयास किया जाएगा।


वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शर्मा कप्तान ने बताया कि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू ने भी पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की बेंच बनाने संबंधी बात कही है। मंत्री द्वारा एक खेल कार्यक्रम में आगरा में हाईकोर्ट की खंडपीठ बनाने पर विचार करने के आश्वासन का हम स्वागत करते हैं। 

lucknow

Nov 24 2021, 20:41

सिविल अस्पताल के कर्मचारियों ने गरीब मजदूर की की आर्थिक मदद

  


लखनऊ। रोजी रोटी की तलाश में लखनऊ पहुंचे मजदूर की पत्नी की अचानक तबियत खराब हुई। आनन—फानन में पति ने अपनी पत्नी को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इमरजेंसी में मौजूद कर्मचारियों ने आर्थिक मदद कर उसे घर भेजा।    


जिला गाजीपुर के जमुनिया गांव निवासी पुनीतराम पत्नी सविता (३२) और चार बच्चियों समेत बुधवार को मजदूरी के तलाश में लखनऊ रेलवे स्टेशन पहुंचा था।  पुनीतराम के मुताबकि अचानक उसकी पत्नी की तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। वहां डाक्टरों नेउसे मृत धोषित कर दिया। पुनीतराम ने बताया कि उसके पास मृत शरीर को गजीपुर ले जाने के लिए पैसा नही है, बच्चे भूख से परेशान है।  इमरजेंसी के कर्मियों ने अस्पताल के अन्य कर्मियों के साथ आपस मे सहयोग कर धन की व्यवस्था की और शव वाहन की व्यवस्था की और मृत शरीर को परिवार के साथ गाजीपुर भिजवाया। इस दौरान इमरजेंसी के इंचार्ज चीफ फार्मेसिस्ट सुनील यादव ने कहा कि चिकित्सालय के कर्मचारी हमेशा जनता के दुख में भागीदारी करने को तत्पर हैं,उन्होंने सभी चिकित्सा कर्मियो का धन्यवाद दिया। 

lucknow

Nov 24 2021, 20:40

फीडिंग कार्यों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम

  


कन्नौज। फार्मों में गलती या किसी अन्य बीहड़ों पर सूचना न भरे होने के आधार पर फार्म को निरस्त न किया जायें। एईआरओ0 को सूचना होने के उपरांत भी उपस्थित न होने की दशा में कड़ी चेतावनी।
       
 उक्त सख्त निर्देश व चेतावनी आज जिलाधिकारी  राकेश कुमार मिश्र एवं अपर जिलाधिकारी गजेंद्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से तहसील तिर्वा छिबरामऊ एवं कन्नौज में मतदाता पंजीकरण के कार्यों का जायजा लेते हुए उपस्थित अधिकारियों को दिए। उन्होंने तहसील पर बीएलओ स्तर से आये कुल फार्मों का अवलोकन किया जिसमें महिला मतदाताओं के एवं 18 वर्ष पूर्ण करने वाले छात्र छात्राओं का प्रतिशत औसत से कम होने की दशा में शीघ्र कार्यवाही करते हुए मतदान प्रतिशत बढ़ाने हेतु विशेष अभियान में इस सप्ताह शत प्रतिशत रूप से सर्वे बीएलओ के माध्यम से कराकर फॉर्म 06, 07 व 08 को समय से फीडिंग कराये जाने के निर्देश दिए।
         
उन्होंने मतदाता पंजीकरण कक्ष में चल रहे फॉर्म फीडिंग कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया एवं फीडिंग में तेजी लाये जाने के साथ ही ईआरओ नेट के माध्यम से बूथों का सत्यापन शत प्रतिशत पूर्ण कराये जाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने तहसील पर जमा हुए कुल फॉर्म 06, 07 व 08 में 18 वर्ष पूर्ण कर चुके छात्र एवं छात्राओं सहित महिला मतदाता को बढ़ाने हेतु प्राप्त फॉर्म का आंकड़ा संरक्षित करने के निर्देश संवंधित उपजिलाधिकारी को दिए। उन्होंने तहसील छिबरामऊ में पंजिका का अवलोकन किया जहां पर पंजिका पूर्ण न होने की दशा में कड़ी नाराजगी जताते हुए आज ही पंजिका पूर्ण कर कर पूर्ण ब्यौरे के साथ मुख्यालय उपस्थित होने के सख्त निर्देश तहसीलदार छिबरामऊ को दिए। उन्होंने फॉर्म निरस्तीकरण के संबंध में निर्देश दिये कि कोई भी फॉर्म यद्यपि ऑनलाइन अथवा ऑफ़लाइन माध्यम से प्राप्त फॉर्म में किसी भी सूचना के अभाव में, भाग संख्या आदि के न भरे होने की दशा में फॉर्म को निरस्त न करते हुए संवंधित फॉर्म को संबंधित बीएलओ के माध्यम से पूर्ण कराते हुए मतदाता पंजीकरण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने गरुण एप पर भी नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए।
       
 उन्होंने तहसील सदर में भी चल रहे मतदाता पंजिकरण कार्य का अवलोकन किया एवं पंजिका में अंकन की व्यवस्था सही पाई। उन्होंने इसी क्रम में मतदाता पंजीकरण के फर्मों के ऑनलाइन फीडिंग के साथ ही उसको प्रोसेस करते हुए वेबसाइट से निकली चेकलिस्ट पर संबंधित बीएलओ के साथ ही आवेदन कर्ता के भी हस्ताक्षर कर सुरक्षित किये जाने के निर्देश दिए। इस मौके पर संबंधित उपजिलाधिकारी, संबंधित तहसीलदार सहित अन्य तहसील कर्मचारी उपस्थित थे। 

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Nov 24 2021, 20:38

राजधानी में मिलें डेंगू 10 नए मरीज,5 घरों को नोटिस जारी 

  



लखनऊ। राजधानी में बुधवार को डेंगू 10 नए मरीज मिलें। यह मरीज इन्दिरानगर, अलीगंज, एनके रोड, टूडियागंज, चन्दरनगर, सिल्वर जुबली, रेडक्रास, बीकेटी,में पाये गये। सीएमओ के निर्देशानुसार  नगर मलेरिया इकाई एवं जिला मलेरिया अधिकारी की टीम ने बताया घर के आस-पास पानी जमा न होने, पानी से भरे हुए बर्तनों एवं टंिकयों को ढक कर रखने, कुछ समय अन्तराल पर कूलर को खाली करके साफ कपडे से पोछ कर सूखा एवं साफ करने के बाद ही पुनः प्रयोग में लाने, पूरी बाह के कपडे पहनने, बच्चों को घर से बाहर न निकलने एवं मच्छर रोधी क्रीम लगाने एवं मच्छरदानी में रहने तथा डेंगू एवं मच्छर जनित रोगो से बचाव के लिए ‘‘क्या करें, क्या न करें’’ सम्बन्धी स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गयी। 

वहीं खरिका प्रथम, आलमनगर, बालागंज, त्रिवेणीनगर, फैजुल्लागंज, इन्दिरानगर वार्ड के आस-पास के क्षेत्रों का दौरा किया गया। बुधवार को कुल 4077 घरों तथा विभिन्न मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया और कुल पांच घर में मच्छरजनित स्थितियां पाये जाने पर नोटिस जारी किया गया।

  


वहीं दूसरी तरफ 

जीका वायरस रोगियों के क्षेत्रान्तर्गत नगर सामुदायिक स्वासथ्य केन्द्र रेडक्रास,की टीम द्वारा सफदलबाग/कुर्मी टोला क्षेत्र में कुल 18 टीमों द्वारा 415 घरों में 2368 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया गया। सीएचसी चन्दरनगर, आलमबाग,की टीम द्वारा एलडीए कालोनी क्षेत्र में कुल 12 टीमों के माध्यम से द्वारा 181 घरों में 905 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया गया तथा आजादनगर क्षेत्र में कुल 12 टीमों के माध्यम से द्वारा 210 घरों में 1043 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान क्षेत्र में सोर्स रिडक्शन के अन्तर्गत नगर मलेरिया इकाई की टीम द्वारा एण्टी लार्वा का छिडकाव तथा नगर निगम की टीम द्वारा फांगिग का कार्य कराया गया।