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May 21 2021, 16:33

पटना के आइजीआइएमएस में इंटर्न डॉक्टरों ने  मानदेय बढ़ाने के मांग को लेकर शुरू किया सांकेतिक हड़ताल
  


पटना के आइजीआइएमएस में इंटर्न डॉक्टर मानदेय बढ़ाने के मांग को लेकर शुरू किया सांकेतिक हड़ताल ।

कहा कोविड काल मे मरीजो का इलाज करते हुए अपनी मांग को रखेंगे जारी
 
इंटर्न डॉक्टरों ने कहा फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में दिन  रात हमलोग कर रहे इलाज अन्य राज्यो के तरह ही अलग से मिलना चाहिए मानदेय।

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May 21 2021, 16:31

राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की
  


पटना : प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा के निधन पर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।सुंदर लाल बहुगुणा चिपको आंदोलन के प्रणेता थे, उन्हें वृक्ष मित्र के रूप मे देश, दुनिया के लोग जानते थे।उन्होंने समाजसुधार के कई कार्य यथा भूदान, शराब विमुक्ति, दलित उत्थान मे विशेष रुचि ली थी।

वे कई पुस्तकों के रचिता भी थे।वे पदमश्री, पदमविभूषण जैसे श्रेष्ट पुरस्कारों के साथ कई पुरस्कारों से अलंकृत थे।इनके निधन से एक प्रख्यात पर्यावरण मित्र हमसब से बिछड़ गया है।ईश्वर उनकी आत्मा को चिर शांति दे।

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May 21 2021, 15:11

राजद की बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को सलाह, कहा-हवा-हवाई बयानबाजी से बचें डॉ.संजय जायसवाल
  


पटना  ; राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल को हवा-हवाई बयान बाजी से बचने की सलाह दी है। 
         
राजद प्रवक्ता ने कहा कि संजय जायसवाल जी जैसे जिम्मेवार व्यक्ति  को बेचैन आत्मा बने सुशील कुमार मोदी के हवा-हवाई राजनीतिक शैली का अनुकरण नहीं करना चाहिए। और कुछ भी बोलने से पहले उसके तथ्यों को जान लेना चाहिए। 
        
चितरंजन गंगन ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में काम करने की नसीहत दी गई है। यह नसीहत उन्हें अपने एनडीए के नेताओं  को देना चाहिए , जो बिहार में कहीं भी दिखाई नहीं पड़ रहे हैं। राजद प्रवक्ता ने कहा कि संजय जी शायद भूल रहे हैं कि नेता प्रतिपक्ष के निर्देश पर पुरे प्रदेश में राजद कार्यकर्ताओं द्वारा  "कोविड हेल्प सेन्टर " और " लालू भोजनालय " चलाया जा रहा है। संजय जी  खुद अपने क्षेत्र बेतिया में राजद कार्यकर्ताओं द्वारा किये जा रहे सहायता कार्यों को देख भी चुके हैं। जहाँ तक राघोपुर का सवाल है तो वहाँ कई-कई केन्द्र काफी पहले से चल रहा है। 
        
राजद प्रवक्ता ने कहा कि संजय जी यह भी भूल रहे हैं कि राघोपुर में जो अभी पीपा पुल है वह राजद शासनकाल की देन है। तेजस्वी जी अपने बीस महिने के शासनकाल में राघोपुर को जोड़ने वाली पटना - बिदूपुर सिक्स-लेन पुल को न केवल स्वीकृति दी बल्कि अपने शासनकाल में हीं उसका निर्माण कार्य भी शुरू करवा दिया। संजय जायसवाल जी ने अस्पताल खुलवाने की बात की है तो उन्हें जानना चाहिए कि तेजस्वी जी और तेजप्रताप जी के छोटे कार्यकाल में हीं राघोपुर क्षेत्र से सटे  वैशाली जिला के महुआ सहित राज्य  में छः  मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी गई और इसके लिए राशि भी विमुक्त कर दी गई। 
           
उन्होंने कहा कि संजय जायसवाल जी सुशील मोदी जी की तरह हवा-हवाई नेता नहीं हैं इसलिए उन्हें उनके पदचिन्हों पर नहीं चलना चाहिए।

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May 21 2021, 15:10

बिहटा स्थित ESIC अस्पताल में शुरु हुआ 140 बेड वाला कोविड केयर सेंटर, पटना के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को इलाज में होगी सुविधा : विवेक ठाकुर
  


पटना : भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद श्री विवेक ठाकुर ने बताया कि पटना के बिहटा स्थित ईएसआईसी हॉस्पिटल में डीआरडीओ द्वारा संचालित कोविड केयर अस्पताल में 100 ऑक्सीजन आईसीयू बेड और 40 वेंटिलेटर बेड शुरू कर दिया गया है।

विवेक ठाकुर ने बताया कि संसद के श्रम संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री भर्तृहरि महताब के प्रयास और भारत सरकार के श्रम सचिव व रक्षा सचिव के समन्वय से यहां 140 बेड शुरू हुआ। इससे अब पटना के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की सुविधा बढ़ जाएगी। विवेक ठाकुर ने इसके लिए केन्द्र की संवेदनशील सरकार को धन्यवाद दिया।

विवेक ठाकुर ने बताया कि बिहटा ईएसआईसी अस्पताल में कोरोना का एंटीजेन टेस्ट हो रहा है। श्रम सचिव ने वहाँ आरटी-पीसीआर जांच शुरू करने और लैब के निर्माण का भी निर्देश दे दिया है।


ज्ञात हो भाजपा सांसद विवेक ठाकुर संसद के श्रम सम्बंधी स्थायी समिति के सदस्य हैं। उन्होंने इस अस्पताल के सुचारू रूप से शुरू करने के लिए केंद्रीय स्तर पर पहल किया था। साथ हीं विवेक ठाकुर ने बिहटा ईएसआईसी अस्पताल के ब्रिगेडियर ईश्वर दास से बात कर कहा कि आगे किसी भी प्रकार की जरूरत या केंद्र सरकार या राज्य सरकार से समन्वय स्थापित करना हो तो मुझे बताएं।

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May 21 2021, 14:14

नीतीश सरकार आम आवाम को राहत देने के लिए दिन-रात कर रही है संघर्ष, लालू परिवार को सत्ता पाने की मची है छटपटाहट : उमेश सिंह कुशवाहा
  


पटना : कोरोना की दूसरी लहर में बिहार की राजनीति भी अपने चरम पर है। पक्ष और विपक्ष दोनो एक-दूसरे पर हमलावर है। प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद की ओर से लगातार प्रदेश की नीतीश सरकार और खासकर सीएम नीतीश पर हमले बोले जा रहे है। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से इसका जवाब दिया जा रहा है। 
इसी कड़ी में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने एक बार फिर से बयान जारी कर लालू और उनके परिवार को आड़े हाथों लिया है। कुशवाहा ने एक बयान जारी कर कहा है कि कोरोना के संकट काल में जहां प्रदेश की नीतीश सरकार आम आवाम को राहत देने के लिए दिन रात संघर्ष कर रही है तो दूसरी तरफ लालू-राबड़ी परिवार को सत्ता पाने की छटपटाहट मची है।

उमेश सिंह कुशवाहा ने अपने बयान में पूरे लालू परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस प्रकार से लालू राबरी का पूरा परिवार कोरोना महामारी के दौरान आम जनता के बीच से लापता रहे, उससे जनता के सामने असलियत उजागर हो गया है। उन्होंने कहा है लालू-राबड़ी के कुनबे ने 15 सालों में बिहार में लूट-खसोट मचा कर अकूत अवैध सम्पति इकठ्ठा की। इससे बिहारियों को देश-विदेश में भारी बदनामी और जलालत झेलनी पड़ी। ऐसे में लालू राबड़ी परिवार को अब बिहार की सत्ता कभी नसीब नहीं होने वाली है.

वही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा उमेश कुशवाहा ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने अपने शासनकाल में बिहार के माहौल को खौफ में बदल दिया था। उसे बिहार की जनता अब कभी भी दोहराना नहीं चाहती।

कुशवाहा ने कहा कि लालू प्रसाद अपने शासनकाल में गरीबों के उत्थान का केवल ढोंग करते रहे जिसके चलते गरीबों के उत्थान से विकास कोसों दूर चला गया, जिसे नीतीश सरकार ने अपने प्रयासों से पटरी पर लाया।

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May 21 2021, 11:45

बिहार में अब तेज हुआ लेटर पॉलिटिक्स : तेजस्वी द्वारा सीएम को लिखे पत्र का मंत्री विजेंद्र यादव पत्र लिखकर दिया जवाब  
  


पटना : कोरोना की दूसरी लहर में बिहार की राजनीति भी अपने चरम पर है। पक्ष और विपक्ष दोनो एक-दूसरे पर हमलावर है। वही अब प्रदेश में राजनीति  का एक नया ट्रेड पत्र के माध्यम से एक-दूसरे पर हमला करने की शुरुआत हुई है। 

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव किसी भी मौके पर राज्य सरकार को घेरने का मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं। इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा था। जिसका जवाब सीएम नीतीश कुमार की जगह उनके वरिष्ठ मंत्री विजेन्द्र यादव की ओर से दिया गया है।  


मंत्री विजेन्द्र यादव ने जवाबी पत्र में लिखा है।।।।प्रिय तेजस्वी प्रसाद यादव मुख्यमंत्री को संबोधित आपका पत्र प्राप्त हुआ। आपने इस पत्र में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत राज्य स्तर पर बजट में प्रावधानित राशि में से कोरोना महामारी के प्रसार की रोकथाम एवं उपचार हेतु स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत गठित कोरोना उन्मूलन कोष में राशि हस्तान्तरित करने के निर्णय के संबंध में कुछ बिन्दु उठाये हैं। उन बिन्दुओं पर स्थिति यह है।।।।।


मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की संशोधित मार्गदर्शिका 2014 के अनुसार इस योजना का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित क्षेत्रीय विकास लाने के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास है। इस योजना के लिए राशि का प्रावधान राज्य स्तर पर योजना एवं विकास विभाग के बजट में किया जाता है। यह योजना अपने वर्तमान स्वरूप में पूर्व में चलायी गयी विधायक ऐच्छिक कोष योजना से भिन्न है। विधानमंडल के  सदस्यगण इस योजनान्र्तगत किये जाने वाले आवश्यक कार्यों के बारे में सरकार को मात्र अपनी अनुशंसा प्रेषित कर सकते हैं।


स्पष्ट है कि विधानमंडल के सदस्यगण की अनुशंसाओं पर ही सम्पूर्ण राशि का व्यय करने का प्रावधान एवं बाध्यता नियमों में नहीं है। इस विषय में सरकार का निर्णय ही अन्तिम होता है। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से दो करोड़ रुपये प्रति विधानमंडल सदस्य की दर से सामंजित कर कोरोना उन्मूलन कोष में हस्तान्तरित करने के पश्चात् भी एक करोड़ रुपये प्रति विधानमंडल सदस्य की राशि उपलब्ध है जिसके अन्तर्गत विधानमंडल सदस्यगण अपनी अनुशंसा कर सकते हैं। इस बात को समझना होगा कि तीन करोड़ रुपये की सम्पूर्ण राशि की योजनाओं के लिए अनुशंसा करने का कोई विशेषाधिकार सदस्यों को नहीं है और इस बिन्दु पर कोई आपत्ति भी नहीं होनी चाहिए। क्योंकि राज्य सरकार ने कोरोना की स्थिति कोविड को महामारी पर नियंत्रण हेतु आवश्यक उपकरण एवंसुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।


राज्य के विभिन्न जिलों में वर्तमान समय में चिकित्सा महाविद्यालयों तथा जिला/अनुमंडल/प्रखंड स्तरीय अस्पतालों में अलग-अलग प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं एवं उपकरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। जिलों 

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     @Patna  जिलों में कोविड  रोग के प्रसार एवं गम्भीरता की स्थिति भी अलग-अलग है। अतः कोविड की महामारी से लड़ने हेतु किस जिले में कौन सी आवश्यकताएं है। इसका निर्णय एवं आवश्यकताओं की पूर्ति स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत गठित कोरोना उन्मूलन कोष से केन्द्रीयकृत ढंग से ही करना संभव एवं व्यवहारिक है।
    
    
    यह कहना सही नहीं है कि कोरोना महामारी के पहले चरण वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की निधि से ली गयी राशि का सदुपयोग नहीं हुआ है। वास्तव में महामारी के पहले चरण में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना मद से 181।4194 करोड़ रूपये की राशि कोरोना उन्मूलन कोष में हस्तान्तरित की गयी थी जिसके विरूद्ध 179।963 करोड़ रूपये का व्यय किया गया है। इन स्वीकृत योजनाओं से विभिन्न जिलों एवं चिकित्सा महाविद्यालय अस्पतालों में 50.0489 करोड़ रु० से आवश्यक सुविधाएं एवं उपकरण उपलब्ध कराया गया है।
    
    
    कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल, बिहटा को 23659 करोड़ रु० की राशि दी गयी है। जहां तक विधानमंडल के सदस्यों की अनुशंसा पर स्वास्थ्य संरचना, दवाओं एवं उपकरणों का क्रय जिला प्रशासन के माध्यम से कराने का प्रश्न है। यह विकल्प भी विधानमंडल के सदस्यों को उपलब्ध करा दिया गया है। 
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May 21 2021, 11:24

बाप ने हैवानियत की सारी हदों को किया पार, अपने ही दो बच्चों को धारदार हथियार से काटकर उतारा मौत के घाट
  


पटना :  जिले से एक हैवानियत की सारी हदों को पार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां मोकामा नगर थाना क्षेत्र के कन्हाईपुर गांव में एक बाप ने अपने ही दो बच्चों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी है। घटना के बाद इलाके में सनसनी का माहौल व्याप्त है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 

घटना के संबंध में बताया गया है कि आरोपी कन्हाईपुर गांव निवासी कालदेव महतो मानसिक रुप से विक्षिप्त है।  वह अपने पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। जिस कारण वह अक्सर अपनी पत्नी को मारता-पीटता करता रहता था। घटना के दो दिन पहले भी उसने पत्नी के साथ मारपीट की थी।

पतिन के मारपीट से तंग महिला अपने दोनों बच्चों को छोड़कर मायके चली गयी। इसके बाद आरोपी अपने दोनों बच्चों अंकित और अलीशा के साथ रहने लगा। आज सुबह तड़के जब दोनों बच्चे सोए हुए थे, तभी आरोपी ने उनपर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस आरोपी के घर पहुंची। दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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May 20 2021, 21:34

पटना : पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन कहा, फतुहा के क्षतिग्रस्त पुल का शीध्र किया जायेगा  मरम्मत
  

 
पटना : फतुहा में 1884 में निर्मित पुराने पुल पर एक 14 चक्के का ट्रक जो कोयला से लदा था क्षतिग्रस्त हो गया। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया की स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए इस पुल को समय समय पर देख रेख कर आवागमन के लिए चालू रखा गया था जिसमें दो पहिया वाहन का परिचालन किया जाता था। परंतु आज एक ट्रक जो कोयला से लदा था पुल पर चढ़ गया और पुल क्षतिग्रस्त हो गया। 

उन्होंने बताया कि इस पुल के बग़ल मे पुराने पटना बख़्तीयरपुर Highway पर 2 लेन का पुल है और नए पटना बख़्तीयरपुर Highway पर एक 4 लेन का पुल निर्मित है तथा भारी वाहन का आवागमन इसी से किया जाता है। स्थानीय लोगों की ज़रूरत को देखते हुए इस पुल से स्थानीय लोगों के दो चक्के के वाहन के लिए इस पुल का उपयोग किया जाता था। 

पथ निर्माण मंत्री ने बताया की शीघ्र ही इस पुल की मरम्मती कर ली जाएगी जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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May 20 2021, 21:10

DAP उर्वरक पर 140 प्रतिशत सब्सिडी से किसानों को नहीं देनी होगी अधिक कीमतें, केंद्र सरकार के ऐतिहासिक निर्णय से कृषकों को होगा फायदा : ड़िप्टी सीएम
  


पटना :  बिहार के उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने डी.ए.पी. उर्वरक पर सब्सिडी के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने कृषकों के कल्याण एवं उनके हितों की रक्षा हेतु डीएपी खाद पर 140 प्रतिशत सब्सिडी देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इससे हमारे कृषकों की हितरक्षा के साथ उन्हें कृषि उत्पादों का फायदा भी मिलेगा।
      
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डीएपी में इस्तेमाल होने वाले फास्फोरिक एसिड अमोनिया आदि की कीमतें 60 से 70 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं, जिसके चलते डीएपी खाद की एक बोरी की कीमत वर्तमान में 2400 प्रति बैग है।
       
तार किशोर प्रसाद ने कहा कि इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कृषकों के हित में उर्वरकों की कीमत के मुद्दे पर एक उच्च स्तरीय बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सब्सिडी देकर किसानों को पुरानी दर पर ही डीएपी खाद मुहैया कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने डीएपी खाद के लिए पूर्व निर्धारित सब्सिडी 500 रुपए प्रति बैग से 140 प्रतिशत बढ़ाकर 1200 रुपए प्रति बैग करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इससे किसानों को उनके उत्पादों के लागत मूल्य में कमी आएगी एवं उनकी आमदनी भी बढ़ेगी।
     
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कृषकों के हित के लिए सदैव संवेदनशील रही है। प्रगतिशील कृषि कानूनों के माध्यम से उनके हितों की रक्षा के लिए व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, परंतु कुछ लोगों द्वारा किसानों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के कुत्सित मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे, बिहार एवं भारत के किसान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सरकार के साथ हैं। कृषक हितैषी केंद्र सरकार अपने किसानों के स्वर्णिम भविष्य एवं उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हेतु सतत् प्रयत्नशील है।

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May 20 2021, 21:08

रासायनिक खाद पर सब्सिडी 1200 रुपये तक बढा कर केंद्र सरकार ने किसानों को दी बडी राहत :  सुशील कुमार मोदी
  


पटना : बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम व बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने केन्द्र सरकार द्वारा रासायनिक खाद पर सब्सिडी को बढ़ाकर 1200 रुपये किये जाने का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

सुशील मोदी ने अपने सोशल मीडिया के ट्वीटर पर ट्वीट किया है... केंद्र सरकार ने रासायनिक उर्वरक (डीएपी) की खरीद पर किसानों को मिलने वाली सब्सिडी को 500 रुपये प्रति बोरी से बढा कर 1200 रुपये प्रति बोरी कर दिया। 

सब्सिडी में 140 फीसद की वृद्धि से किसानों को पहले की तरह 1200 रुपये की दर पर ही डीएपी मिलता रहेगा। इसके लिए सरकार को 14 हजार 775 करोड रुपये अतिरिक्त खर्च करने पडेंगे। अन्तरराष्ट्रीय बाजार में रासायनिक उर्वरक के दाम में 60 से 70 फीसद तक वृद्धि हुई। सब्सिडी बढने से किसनों को महँगा डीएपी 1900 रुपये की दर पर नहीं खरीदना पड़ेगा। 

उन्होने आगे लिखा है.... केंद्र सरकार ने पांच दिन पहले किसान सम्मान निधि की 8वीं किस्त जारी कर  20 हजार 667 करोड रुपये 9 करोड़ किसानों के खाते में डाले। इससे बिहार के 77 लाख 58 हजार किसानों के खाते में कुल 1579 करोड़  51 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए। 

केंद्र सरकार ने बढे हुए समर्थन मूल्य पर 35 लाख किसानों से गेहूँ खरीदा। इसके एवज में 58 हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में डाले गए। पिछले साल 28 लाख किसानों से गेहूँ खरीदा गया था और 35 हजार करोड रुपये किसानों को दिये गए थे।

इस साल गेहूँ खरीद की राशि पिछले साल की तुलना में 42 फीसद ज्यादा है। इसमें से 66 फीसद राशि केवल हरियाणा- पंजाब के किसानों के खाते में गई।‌‌