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May 21 2021, 09:09

इजरायल और हमास के बीच गाजा पट्टी में संघर्ष विराम पर दोनों पक्ष सहमत, 11 दिन से जारी यह विनाशकारी युद्ध होगा समाप्त
  


इजरायल और हमास के बीच गाजा पट्टी में संघर्ष विराम पर दोनों पक्ष सहमत हो गये हैं. 

शुक्रवार से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष समाप्त हो जाएगा. फ्लिस्तीन के इस्लामी गुट और मिस्र के राज्य टीवी ने कहा कि वर्षों से जारी इस घातक युद्ध को खत्म करना है. 

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने  कहा कि उनकी मिस्र द्वारा प्रस्तावित संघर्ष विराम के के मसौदे पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा कैबिनेट में अधिकांश लोगों ने युद्ध खत्म करने के लिए वोटिंग की और कहा कि आपसी सहमति से गाजा समस्या का समाधाना निकालना होगा. 

हालांकि अभी तक संघर्ष को खत्म करने के लिए समय की घोषणा नहीं की गयी है. 

जबकि हमास और मिस्र के ने कहा कि संघर्ष विराम की शुरूआत गुरुवार रात 2 बजे होगी. इसके साथ ही 11 दिनों से जारी संघर्ष समाप्त हो जाएगा. 

हालांकि युद्ध विराम की घोषणा के तुरंत बाद ही युद्ध विराम की उलटी गिनती शुरू होने से पहले ही हमास ने इजरायल के सीमावर्ती इलाकों में रॉकेट से हमला किया. खबर है कि इसके जवाब में इजरायल ने भी बम बरसाये हैं. इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. 

दोनों पक्षों के बीच जारी संघर्ष के कारण बढ़ रहे मौत के आंकड़ों के बीच वैश्विक समुदाय लगातार संघर्ष को खत्म करने की अपील कर रहा था.

 अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने भी नेतन्याहू से संघर्ष को खत्म करने की अपील की थी. जबकि मिस्र, कतर और संयुक्त राष्ट्र ने मध्यस्थता करने की बात कही थी. 

मध्य पूर्व के मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति शाम 5.45 मिनट पर बयान देने वाले थे. वहीं हमास ने कहा था कि संघर्ष की समाप्ति आपसी सहमति के साथ होगा. हमास प्रमुख इस्माइल हेनियाह के मीडिया सलाहकार ताहेर अल-नेनो ने कहा था कि हम फ्लिस्तीन इस समझौते को तबतक ही मानेगा जबतक इजरायल मानेगा. 
	 
मिस्र के राज्य टीवी ने बताया कि मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी ने इजरायल और फ्लिस्तीन में दो सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल भेजे थें, जिन्हें आदेश दिया गया था कि वो युद्ध विराम की दिशा में काम करें. वहीं हमास सशस्त्र विंग के प्रवक्ता अबू उबैदा ने एक टेलीविजन में कहा था कि भगवान की कृपा से हम दुश्मन को नुकसान पहुंचाने में सक्षम थे. उन्होंने कहा कि अगर इजरायल ने युद्ध विराम का उल्लंघन किया तो या युद्ध विराम के लागू होने से पहले गाजा पर हमला किया तो गाजा के रॉकेट पूरे इजरायल तक पहुंच जाएंगे.

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May 21 2021, 08:56


  


सोनिया गांधी ने लिखा पीएम मोदी को पत्र,किया आग्रह, जिन बच्चों की माता पिता इस कोरोना त्रासदी से गुजर गए सरकार उसकी शिक्षा की व्यवस्था नवोदय विद्यालय में करे

कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोरोना संक्रमण को लेकर पी एम मोदी को पत्र लिखा है।

 गुरुवार को सोनिया गांधी ने पीएम मोदी के नाम एक ऐसी चिट्ठी लिखी है, जिसमें उनके पति और देश के पूर्व पीएम दिवंगत राजीव गांधी का जिक्र हुआ है। 

दरअसल, सोनिया गांधी ने पीएम मोदी से एक आग्रह किया है। कोरोना की वजह से जिन लोगों का कारोबार पूरी तरह खत्म हो गया या किसी बच्चे के मां बाप इस महामारी का शिकार हो गए, उनके लिए नवोदय विद्यालयों में फ्री शिक्षा की व्यवस्था की जाए। यह मानवता की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

खास बात है कि सोनिया गांधी ने अपनी इस चिट्ठी में मोदी सरकार की आलोचना नहीं की है। कोई खरी खोटी बात या तंज भी नहीं कसा गया है। उन्होंने लिखा है,कि कोरोना संक्रमण ने देश में तहस नहस की स्थिति पैदा कर दी है। पीड़ितों को हृदय विदारक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी खबरें भी मिली हैं कि कोरोना संक्रमण के चलते किसी बच्चे के अभिभावकों में से कोई एक या दोनों मारे गए हैं। 

अब इन बच्चों के जीवन में सिवाय कष्ट के और कुछ नहीं बचा है। उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। उनके भविष्य, शिक्षा और करियर को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। इसके लिए राष्ट्र को कदम बढ़ाना होगा।

कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लिखा है, आप जानते हैं कि नवोदय विद्यालय की स्थापना मेरे पति राजीव गांधी की अहम विरासतों में एक है। उनका सपना था कि देश के ग्रामीण एवं दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। मौजूदा समय में देश के विभिन्न हिस्सों में 661 नवोदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले ऐसे बच्चे, जिनके मां-बाप की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई है या परिवार में खाने कमाने का कोई साधन नहीं बचा है, उनकी मदद बहुत जरूरी है। 

ऐसे बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाए। ऐसा कर हम उन्हें इस कष्ट की घड़ी में

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May 21 2021, 08:32

मिग 21 पंजाब में दुर्घटनाग्रस्त
  


चंडीगढ़ । पंजाब के मोगा में वायु सेना का लड़ाकू विमान मिग-21 गुरुवार रात दुर्घटनाग्रस्त हो गया। लड़ाकू विमान अपनी नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। इसी दौरान यह दुर्घटना हुई। समाचार एजेंसी एएनआई ने भारतीय वायु सेना के हवाले से  इस हादसे के बारे में जानकारी दी है।

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May 21 2021, 08:14

देश में सबसे ज्यादा कोरोना वायरस से प्रभावित शहर इंदौर में दूसरी लहर के दौरान संक्रमित  लोंगो से 50 फीसदी कम  की गई रिपोर्टिंग,इसका हुआ खुलासा
  


 देश में सबसे अधिक प्रभावित शहरों में एक इंदौर ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान कुल मामलों के लगभग 50 फीसदी कम रिपोर्टिंग की है. 


कोरोना वायरस से देश में सबसे अधिक प्रभावित शहरों में एक इंदौर ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान कुल मामलों के लगभग 50 फीसदी कम रिपोर्टिंग की है. 

यह खुलासा स्थानीय अधिकारियों द्वारा जमा किये गये आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण से हुआ है.  इसके लिए भारतीय अनुसंधान चिकित्सा परिषद (ICMR) और राज्य सरकार की तरफ से जारी रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया. 

ICMR पोर्टल पर जिला अधिकारियों द्वारा अपलोड किए गए आंकड़ों के अनुसार, इंदौर में 1 फरवरी 2021 से लेकर 14 मई 2021 के बीच, कुल 1,54,474 कोरोना संक्रमण से मामले सामने आये थे. जबकि इसी अवधि में जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक सिर्फ 77,353 लोगों ने की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी. 

दोनों के आंकड़ो में कुल 77,121 का फर्क सामने आया है. इसका मतलब यह है कि आंकड़ों को छिपाया गया है.

न्यूज़क्लिक के मुताबिक जिला अधिकारियों ने पिछले चार महीनों में 25 फीसदी से 60 फीसदी मामलों को छुपाया है. इंदौर में  अप्रैल के महीने सबसे अधिक  48,997 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आये. मार्च महीने में कुल 15,139 नये मामले सामने आये. फरवरी महीने में कुल 739 मामले सामने आये. जबकि 14 मई तक में इंदौर में 12,246  मामले सामने आये. 

इस डेटा में RT-PCR और रैपिड एंटीजन टेस्ट (RAT) दोनों के आंकड़े शामिल हैं. सैंपल कलेक्शन के आधार पर संबंधित अधिकारियों ने डेटा को आईसीएमआर पोर्टल पर अपलोड किया. एक पेशेंट आईडी तैयार की और इसे सरकार द्वारा अनुमोदित प्रयोगशालाओं में भेज दिया. स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में इंदौर में प्रतिदिन लगभग 7,000 से 8,000 परीक्षण किए जा रहे हैं. 

चौंकाने वाली बात यह है कि 23 से 29 अप्रैल के बीच, जब इंदौर में महामारी की दूसरी लहर के दौरान सबसे अधिक मामले सामने आये उस समय जिला अधिकारियों ने कुल 25,447 मामलों में से 12,778 मामलों को दर्ज नहीं किया. 

स्वास्थ्य अधिकारियों ने केवल 12,669 रोगियों के लिए डेटा जारी किया. हालांकि जन स्वास्थ्य अभियान के राज्य संयोजक अमूल्य निधि ने यह जरूर मानते हैं कि आंकड़ों को छिपाने से नीति निर्माण और स्थिति से निपटने के लिए बनायी जा रही योजना के कार्यान्वयन पर असर पड़ेगा. 

इंदौर के सीएमएचओ  डॉ भूरे सिंह सैत्य ने  कहा कि भारत सरकार के कोरोना टेस्ट प्रोटोकॉल के अनुसार सैंपल लेने के बाद  जिला स्वास्थ्य अधिकारी व्यक्ति का विवरण आईसीएमआर पोर्टल पर अपलोड करते हैं और एक पेशेंट  आईडी बनाते हैं.  इसके बाद सैंपल को सरकार द्वारा अनुमोदित प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है.  RT-PCR और रैपिड एंटीजन टेस्ट (RA

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May 20 2021, 19:53

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अब कोई भी घर बैठे ही कर सकेगा कोरोना संक्रमण की जांच, जानें कैसे कर सकते हैं कोविसेल्फ का इस्तेमाल

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का कहर जारी है। कोरोना संक्रमण के कहर के बीच लोगों को कोरोना जांच कराने में दिक्कतें आ रहीं हैं। हालांकि अब आपको ना तो स्वास्थ्य केंद्रों में जाने की आवश्यकता होगी और ना ही सैंपल कलेक्शन के लिए किसी को घर बुलाने की जरूरत है। आप खुद ही आसानी से कोरोना की जांच कर पाएंगे। 

दरअसल भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बुधवार को घर में ही कोविड जांच के लिए ‘कोविसेल्फ’ किट को मंजूरी दे दी है। इस जांच किट के जरिये अब कोई भी घर बैठे ही कोरोना संक्रमण की जांच कर सकता है।आईसीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने कहा है कि होम टेस्टिंग के लिए 1 कंपनी ने पहली ही आवेदन कर दिया है तो 3 अन्य कंपनियां पाइपलाइन में हैं। एक सप्ताह के भीतर 3 और कंपनियां होंगी, जो होम टेस्टिंग किट उपलब्ध कराएंगी।

कोविसेल्फ को लेकर एडवाईजरी जारी
जानकारी के मुताबिक, कोविसेल्फ नाम की यह टेस्ट किट एक रैपिड एंटीजेन टेस्ट (आरएटी) किट है। अब जब घर पर ही कोरोना टेस्टिंग किट को मंजूरी मिल गई है, तो आईसीएमआर ने कोविसेल्फ को लेकर एक एडवाईजरी जारी की है। इसमें किट को इस्तेमाल करने से लेकर तमाम दिशानिर्देश मौजूद हैं, जिसे आपको जानना बेहद जरूरी भी है।

देश की सात लाख से ज्यादा फार्मेसी पर मिलेगा किट
आईसीएमआर के मुताबिक, इस कोविसेल्फ किट के बाद अब लोग महज 250 रुपये खर्च कर घर पर ही कोविड टेस्ट कर सकते हैं। मायलैब के अनुसार अगले हफ्ते तक कोविसेल्फ किट देश की 7 लाख से ज्यादा दवा दुकानों पर मिलने लगेगा। इसके अलावा यह किट कंपनी के आनलाइन फार्मेसी पार्टनर के जरिए भी वितरित की जाएगी। कंपनी के प्रमुख सुजीत जैन के अनुसार कंपनी देश के 90 प्रतिशत इलाकों में इस किट को पहुंचाना चाहती है। 

दो मिनट में जांच, 15 मिनट में नतीजे
सुजीत जैन के अनुसार इस किट से मात्र दो मिनट में टेस्ट किया जा सकेगा, हालांकि नतीजे आने में 15 मिनट लगेंगे। आईसीएमआर ने कहा है कि इस सेल्फ टेस्ट किट का रिजल्ट पॉजिटिव आने पर आरटी-पीसीआर जांच कराने की जरूरत नहीं है। 

कौन कर सकता है खुद से जांच?
आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के मुताबिक, घर पर कोरोना जांच किट कोविसेल्फ किट का इस्तेमाल उन्हीं लोगों को करना चाहिए, जिनमें कोविड-19 के लक्षण हैं या फिर वे किसी लैब द्वारा कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए हों। इस जांच किट इस्तेमाल बार-बार और बिना सोचे समझे न करें।आईसीएमआर ने कहा कि घर पर जांच के लिए किट में दी गई गाइडलाइंस को ध्यानपूर्वक और आवश्यक रूप से पढ़ें, उसके बाद ही जांच करें।
	
मोबाइल एप की सहायता लें
सरकार की ओर से कोविसेल्फ मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर और एपल एप स्टोर पर मौजूद है, हालांकि खब

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     @India   हालांकि खबर लिखे जाने तक यह एप किसी भी स्टोर पर मौजूद नहीं था। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने बताया कि घर पर रैपिड एंटीजन टेस्ट एक मोबाइल एप के जरिए संपन्न होगा। भार्गव ने बताया कि एक कंपनी एप को डेवलप कर दिया है, जबकि अन्य तीन कंपनियां भी इस पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले आपको किसी दवा दुकान से टेस्ट किट खरीदना होगा। उसके बाद मोबाइल एप को डाउनलोड करना होगा। फिर टेस्ट करना होगा और टेस्ट की फोटो (किट सहित) इस एप पर अपलोड करना होगा।
    
    आपका डेटा रहेगा सुरिक्षत
    आपके मोबाइल फोन पर मौजूद ऐप का डाटा एक सुरक्षित सर्वर पर रहेगा, जो आईसीएम की कोविड-19 टेस्टिंग पोर्टल से जुड़ा है, जहां सभी डाटा को स्टोर किया जाएगा। एडवाइजरी में कहा गया है कि मरीज की जानकारी की पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।
    
    जांच में पॉजिटिव आने पर क्या करें?
    आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के मुताबिक, कोविसेल्फ टेस्ट किट की जांच में जो लोग पॉजिटिव पाए जाते हैं, उन्हें वास्तव में कोरोना पॉजिटिव ही समझा जाए। ऐसे में उन्हें दोबारा टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। वहीं पॉजिटिव आने वाले सभी लोगों को होम आइसोलेशन में रहने और आईसीएमआर एवं स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के तहत जारी कोरोना नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। वहीं ऐसे लोग जिनमें कोरोना के लक्षण हैं और वे कोविशसेल्फ किट की जांच में निगेटिव आए हैं, उन्हें आरटी-पीसीआर कराना चाहिए। ऐसा इसलिए जरूरी है क्योंकि माना जाता है कि कम वायरस लोड के कारण रैपिड एंटीजेन टेस्टिंग के जरिए कुछ मामलों में इसकी पुष्टि नहीं हो पाती है।
    
    बता दें कि कोरोना के लिए सेल्फ टेस्टिंग किट भारत के लिए नया है, लेकिन कई दूसरे देश पहले ही होम टेस्टिंग किट का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं। कोरोना की दूसरी लहर में भारत में मार्च-अप्रैल में रिकॉर्ड संख्या में केस सामने आए, टेस्टिंग फैसिलिटीज पर भी काफी दबाव है और लोगों को परिणाम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। 
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May 20 2021, 19:33

ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने का केंद्र का सुझाव,राजस्थान, महाराष्ट्र और तेलंगाना में महामारी घोषित
  


नई दिल्ली । भारत में ब्लैक फंगस के केस तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. खासकर कोरोना मरीज को हो रहा ये रोग बेहद ही घातक किस्म का है और तेजी से फैल रहा है। ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 20 मई को राज्यों से निवेदन किया है कि वो ब्लैक फंगस को महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत नोटिफाई कर सकते हैं। राजस्थान राज्य पहले ही ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर चुका है। महाराष्ट्र और तेलंगाना भी उसी राह पर चले हैं।

मंत्रालय ने कहा है कि- सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों को स्क्रीनिंग, डायग्नोस, बीमारी के उपचार के लिए अब स्वास्थ्य मंत्रालय और ICMR की गाइडलाइंस मानना होंगीं।

कोरोना संकट का हाहाकार अभी धीमा ही पड़ा था कि अब ब्लैक फंगस नाम का नया घातक रोग प्रकोप बढ़ाता जा रहा है. देश के टॉप डॉक्टर भी कह रहे हैं कि ये घातक होने के साथ-साथ तेजी से फैल रहा है. राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में भी ब्लैक फंगस का प्रकोप दिखने लगा है. सबसे ज्यादा केस नागपुर में आए हैं।

एम्स में न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर एमवी पद्म श्रीवास्तव का कहना है कि 'ब्लैक फंगस के केसों में तेजी से इजाफा हो रहा है. हमें अब रोजाना करीब ब्लैक फंगस के 20 मामले मिल रहे हैं। वहीं अब मामलों की संख्या 100 से ज्यादा हो चुकी है। हमने एम्स के ट्रॉमा सेंटर और झज्जर में अलग से म्यूकर वॉर्ड भी बनाया है।
ब्लैक फंगस इंफेक्शन से सबसे 

बड़ा डर ये है कि ये तेजी फैलता है और लोगों के आंखों की रोशनी चली जाती है या कुछ अंग काम करना बंद कर देते हैं। लेकिन यह 'ब्लैक फंगल इनफेक्शन' या Mucormycosis रहस्यमई नहीं है. यह केवल  दुर्लभ था।

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May 20 2021, 19:30

बंगाल घटनाक्रम पर जस्टिस मार्कण्डेय काटजू का बयान, गुंडई फलती है तो लोग समृद्ध भी होते हैं
  



नई दिल्ली। एक वकील था जो खुले आम कहता था- मुझे गुंडई फली है, ममता बनर्जी को भी फली है । 

सुप्रीम कोर्ट के र‍िटायर्ड जज मार्कण्‍डेय काटजू की यह उक्ति है। इसमें वह लिखते हैं क‍ि कोलकाता की हालिया घटना में ममता बनर्जी का सीबीआई दफ्तर जाना, धरना देना और तृणमूल कार्यकर्ताओं का हंगामा करना एक बार फ‍िर यह साब‍ित करता है क‍ि तृणमूल कांग्रेस को गुंडई फलती है।

बीते दिनों टीएमसी के चार नेताओं को गिरफ्तार किए जाने से नाराज होकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने कार्यकर्ताओं के साथ सीबीआई के कोलकाता स्थित दफ्तर के बाहर पहुंच गई जहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया।

जस्टिस काटजू कहते हैं
इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक वकील था जो खुलेआम कहा करता था, ” मुझको गुंडई फली है” (गुंडागर्दी ने मुझे समृद्ध बनाया है)। वह जजों को धमकाता था, डराता था। इसके बावजूद, या शायद इस वजह से, वह कानून के क्षेत्र में समृद्ध  हुआ और महत्वपूर्ण पदों को प्राप्त किया।

 इसी तरह, भारत में एक टीवी एंकर है, जिसे मैं लॉर्ड भो भो (कुख्यात लॉर्ड हॉ हॉ के नाम पर उसका नामकरण) कहता हूं, जो अपने शो पर चिल्लाता है, लोगों को धमकाता है, और दुर्व्यवहार करता है, लेकिन जिसके कारण वह और उसका चैनल समृद्ध हुआ है। ऐसा ही एक उदाहरण पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। वह अपने राजनीतिक जीवन में अपने लोकतंत्र,  ड्रामाबाज़ी, चीखना और चिल्लाना, और सड़क की हरकतों से समृद्ध हुई हैं। उन्‍‍‍‍‍‍होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में यह तरीका अपनाया है।

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May 20 2021, 18:26

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कोरोना संक्रमण के बीच ब्लैक फंगस साबित हो रहा जानलेवा, केन्द्र ने राज्यों से कहा-महामारी घोषित करें

भारत में कोरोना महामारी के बीच ब्लैक फंगस का खतरा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। खासकर कोरोना मरीज के लिए ये बीमैरी जानलेवा साबित हो रही है।ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से निवेदन किया है कि वो ब्लैक फंगस को महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत नोटिफाई कर सकते हैं। इसके साथ ही राज्यों से कहा गया है कि हर पुष्ट और संभावित केसों की जानकारी भी केंद्र सरकार को उपलब्ध कराई जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा है कि ब्लैक फंगस की वजह से कोरोना मरीजों में मृत्यु दर बढ़ रही है।  बता दें कि राजस्थान पहले ही ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर चुके हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने राज्यों को लिखे लेटर में कहा है कि हाल के दिनों में म्यूकरमाइकोसिस नाम का एक फंगल इन्फेक्शन नई चुनौती के रूप में सामने आया है। कई राज्यों में यह कोविड-19 के मरीजों में देखने को मिल रहा है, खासकर उन मरीजों में जिन्हें स्टेरॉयड थेरेपी दी गई और शुगर लेवल कंट्रोल में नहीं है। संयुक्त सचिव ने लेटर में लिखा, ''यह फंगल इन्फेक्शन कोविड 19 मरीजों को लंबे समय तक बीमारी और मौतों की वजह बन रहा है।''

मंत्रालय ने कहा है कि- सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों कोम्यूकरमाइकोसिस  स्क्रीनिंग, डायग्नोस, बीमारी के उपचार के लिए अब स्वास्थ्य मंत्रालय और ICMR की गाइडलाइंस मानना होगा।मंत्रालय ने कहा है कि ये सभी संस्थान सभी पुष्ट और संभावित केसों की जानकारी जिला स्तर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के जरिए चिकित्सा विभाग को देंगे। इसके बाद इन्हें इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रॉजेक्ट (IDSP) सर्विलांस सिस्टम में अपडेट किया जाएगा।

कोरोना संकट के अब ब्लैक फंगस नाम का नया घातक रोग प्रकोप बढ़ाता जा रहा है। देश के टॉप डॉक्टर भी कह रहे हैं कि ये घातक होने के साथ-साथ तेजी से फैल रहा है। राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में भी ब्लैक फंगस का प्रकोप दिखने लगा है। सबसे ज्यादा केस नागपुर में आए हैं।

एम्स में न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर एमवी पद्म श्रीवास्तव का कहना है कि 'ब्लैक फंगस के केसों में तेजी से इजाफा हो रहा है. हमें अब रोजाना करीब ब्लैक फंगस के 20 मामले मिल रहे हैं। वहीं अब मामलों की संख्या 100 से ज्यादा हो चुकी है। हमने एम्स के ट्रॉमा सेंटर और झज्जर में अलग से म्यूकर वॉर्ड भी बनाया है।'

बता दें कि ब्लैक फंगस इंफेक्शन से सबसे बड़ा डर ये है कि ये तेजी फैलता है और लोगों के आंखों की रोशनी चली जाती है या कुछ अंग काम करना बंद कर देते हैं।

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May 20 2021, 17:50

सिंगापुर सरकार ने श्री केजरीवाल के खिलाफ एंटी मिसइनफॉर्ममेशन कानून यानी प्रोटेक्शन फ्रॉम ऑनलाइन फॉल्सहुड एंड मैनिपुलेशन कानून  लागू किया
  


Desk : कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को " सिंगापुर वेरिएंट " बताने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान से ऐसा बवाल मचा कि भारत सरकार को सिंगापुर के सामने सफाई देनी पड़ी। उनके बयान पर विवाद के बाद भारत सरकार की सफाई से सिंगापुर ने संतोष तो जाहिर किया , मगर उसने गलत सूचना के प्रसार को रोकने लिए बड़ा कदम उठाया है। 

सिंगापुर सरकार ने श्री केजरीवाल के खिलाफ एंटी मिसइनफॉर्ममेशन कानून यानी प्रोटेक्शन फ्रॉम ऑनलाइन फॉल्सहुड एंड मैनिपुलेशन कानून  (Protection from Online Falsehoods & Manipulation- POFMA) लागू कर दिया है। दरअसल सिंगापुर में ऑनलाइन फैलाए जाने वाले झूठ को रोकने के लिए यह कानून है। यह गलत जानकारी को फैलने से रोकने के लिए बनाया गया है। 
 
सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने POFMA दफ्तर को फेसबुक , ट्विटर और स्थानीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सामान्य सुधार संबंधी निर्देश जारी करने को कहा है। इसका मतलब है कि इस कानून के लागू होने के बाद अब फेसबुक , ट्विटर और हार्डवेयर जोन डॉटकॉम समेत सोशल मीडिया कंपनियों को सिंगापुर में सभी एंड - यूजर्स को एक करेक्शन नोटिस भेजना होगा। इसका मतलब है कि सिंगापुर में अरविंद केजरीवाल के बयान से संबंधित कोई भी सूचना नहीं दिखाई जाएगी।
  
सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के मुताबिक इसके तहत अब सोशल मीडिया कंपनियों को सिंगापुर वेरिएंट के संबंध में झूठ को लेकर सभी एंड - यूजर्स को एक करेक्शन और स्पष्टिकरण देना होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यह बताना होगा कि कोरोना का कोई सिंगापुर वैरिएंट नहीं है और न ही इसका कोई साक्ष्य है कि कोई कोरोना वेरिएंट बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है।
 
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीते दिनों कहा था कि सिंगापुर में मिला नया स्ट्रेन भारत में तीसरी लहर का कारण बन सकता है , जिससे बच्चे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

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May 20 2021, 16:19

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पीएम की बैठक पर भड़की ममता बनर्जी, कहा- मुख्यमंत्रियों को कठपुतली बनाकर बिठाया गया, मुझे बोलने का नहीं मिला मौका

कोरोना संकट के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 10 राज्यों के मुख्यमंत्री और 54 जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हुईं। बैठक के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीएम मोदी पर निशाना साधा। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सिर्फ भाजपा के कुछ मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखी। बाकी राज्यों के मुख्यमंत्री चुपचाप बैठे रहे। यहां तक कि मैं भी नहीं बोल पाई। ममता ने कहा कि उन्होंने अपने डीएम को इसलिए नहीं भेजा कि वह खुद ही दवाओं और टीकाकरण की मांग रखेंगी, लेकिन उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया। 
 
मुख्यमंत्रियों को कठपुतली बनाकर बिठाया गया-ममता
मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों को कठपुतली बनाकर बिठाया गया मगर किसी को कुछ भी बोलने का अवसर नहीं दिया गया। कुछ भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों को बोलने दिया गया। हमें बोलने का एक चांस भी नहीं दिया गया। इससे चर्चा के दौरान हम अपमानित महसूस कर  रहे थे। 

केंद्र पर भेदभाव का आरोप
ममता बनर्जी ने केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में वैक्सीन की भारी कमी है। हम तीन करोड़ टीके की मांग रखने वाले थे, लेकिन कुछ बोलने नहीं दिया गया। इस महीने 24 लाख वैक्सीन देने का वादा किया गया था, लेकिन सिर्फ 13 लाख वैक्सीन दी गईं। वैक्सीन की कमी  के कारण कई टीकाकरण केंद्रों को बंद करना पड़ा है । ममता ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य में मांग के मुताबिक वैक्सीन नहीं भेजी इसलिए टीकाकरण की रफ्तार सुस्त पड़ी है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने 60 हजार करोड़ रुपये की वैक्सीन निजी स्तर पर खरीदी है।  

पीएम मोदी मुंह छुपाकर भाग गए-ममता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल को रेमडेसिविर इंजेक्शन भी नहीं दी गई, पीएम मोदी मुंह छुपाकर भाग गए। ममता बनर्जी ने कहा कि जब कोरोना केस बढ़े तो बंगाल में केंद्रीय टीम ने दौरा किया, लेकिन अब गंगा में शव मिलने के मामले सामने आ रहे हैं तो वहां टीम नहीं भेजी जा रही है। बंगाल में कोरोना पॉजिटिविटी की रेट कम हुई है। वहीं मृत्युदर 0.9% है। 

पीएम मोदी ने बैठक में क्या-क्या कहा
बता दें कि कोरोना के हालात और टीकाकरण को लेकर पीएम मोदी ने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक की। प्रधानमंत्री ने को कहा कि टीकाकरण की रणनीति को लेकर केंद्र सरकार, राज्यों से मिले सभी सुझावों को आगे बढ़ा रही है और इसे ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों को अगले 15 दिनों की, टीकों की खुराक की सूचना उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में टीकों की आपूर्ति आसान होगी और इससे टीकाकरण की