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May 10 2021, 15:01

-meeting
  

सोनिया गांधी ने माना कांग्रेस में चीजों के दुरुस्त करने की जरूरत, CWC की बैठक में अध्यक्ष के पद का चुनाव का फैसला

सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। बैठक में पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर एक बड़ा फैसला लिया। अगले महीने की 23 तारीख को कांग्रेस अध्यक्ष के पद का चुनाव किया जाएगा। साथ ही हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के नतीजों के बाद कांग्रेस में चीजों के दुरुस्त करने का फैसला लिया गया। 
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के संबोधन में सोनिया गांधी ने कहा, "हमें इन गंभीर झटकों का संज्ञान लेने की जरूरत है। यह कहना कम होगा कि हम बहुत निराश हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनावी हार के कारणों पर विचार करने के लिए एक छोटे समूह का गठन करना चाहती हैं और उससे बहुत जल्द रिपोर्ट ली जाए।"

केरल और असम में पार्टी की स्थित को समझना होगा
बैठक के संबोधन में सोनिया गांधी ने कहा,  ‘‘हमें ये समझना होगा कि हम केरल और असम में मौजूदा सरकारों को हटाने में विफल क्यों रहे तथा बंगाल में हमारा खाता तक क्यों नहीं खुला? सोनिया ने आगे कहा, ‘‘जब हम बीते 22 जनवरी को मिले थे तो हमने फैसला किया था कि कांग्रेस के अध्यक्ष का चुनाव जून के मध्य तक पूरा हो जाएगा। चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने चुनाव कार्यक्रम तय किया है। वेणुगोपाल कोविड-19 और चुनाव नतीजों पर चर्चा के बाद इसे पढ़ेंगे।'

मोदी सरकारी की गलती की भारी कीमत चुका रहा है देश
सोनिया गांधी ने बैठक में कहा कि पिछले चार हफ्तों में कोरोना वायरस की स्थिति काफी भयावह हुई है। वहीं शासन की विफलताएं और भी कठिन हो गई हैं। सोनिया गांधी ने कहा कि वैज्ञानिकों की सलाह को पूरी तरह नकारा गया और यह देश मोदी सरकार की गलती की भारी कीमत चुका रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मदद के लिए कहा शुक्रिया
सोनिया गांधी ने बैठक में आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हमारी सहायता के लिए आगे आए। सोनिया गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस की ओर से मैं सभी देशों और संस्थानों को धन्यवाद देना चाहती हूं। इसके अलावा सोनिया गांधी ने कहा कि जब हम सब कोविड-19 से व्यस्त हैं तो ऐसे में यह बैठक चुनाव नतीजों पर चर्चा के लिए बुलाई गई है।

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May 10 2021, 13:54

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हिमंत बिस्वा सरमा बने असम के 15वें मुख्यमंत्री, 13 अन्य विधायकों ने भी मंत्रि पद की शपथ


हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को असम के 15वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। शपथग्रहण समारोह में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ ही कई अन्य नेता भी मौजूद थे। सरमा को असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने शपथ दिलाई।सरमा के साथ ही 13 अन्य विधायकों ने भी मंत्रिपद की शपथ ली। 

 
नए मंत्रियों की सूची में असम बीजेपी चीफ रंजीत कुमार दास, चंद्र मोहन पटवारी, परिमल शुक्लाबैद्य, रोनोज पेगु, संजय किशन, जोगन नोहन, अजंता नेयोग, अशोक सिंघल, पिजुष हजारिका, बिमल बोरा शामिल है। ये सभी बीजेपी विधायक हैं। इनके अलावा गठबंधन की पार्टी असम गण परिषद के अतुल बोरा और केशव महानता को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल के उरखाव ग्वारा ब्रह्मा को भी शामिल किया गया है। 


अतुल बोरा, परिमल शुक्लबैद्य, चंद्रमोहन पटवारी, केशव महानता, संजय किशन, जोगन मोहन और पिजूष हजारिका जहां सर्बानंद सोनोवाल के कैबिनेट में भी शामिल थे तो वहीं इनके अलावा बाकी सभी चेहरे नए हैं। अगले कुछ दिनों में सभी को मंत्रालय बांट दिए जाएंगे। इसके अलावा यह भी खबर है कि जल्द ही सरमा अपने कैबिनेट का विस्तार करेंगे और चार अन्य मंत्रियों को शामिल करेंगे।


बीजेपी चीफ जेपी नड्डा के साथ ही शपथग्रहण समारोह में नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय के मुख्यमंत्री शामिल हुए थे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी समारोह में मौजूद थे।

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May 10 2021, 10:11

-update
  

देश में पांच दिनों के बाद कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों में मामूली गिरावट,  कुल 3.66 लाख मामले आए सामने, 3751 की मौत

देश में कोरोना वायरस के मामलों में रविवार को थोड़ी गिरावट आई है। रविवार को संक्रमितों की संख्या चार लाख से कम दर्ज की गई।पांच दिन बाद देश में 4 लाख से कम नए मामले आने से लोगों ने राहत की थोड़ी सी सांस ली है। पिछले 24 घंटे में कुल 3 लाख 66 हजार 902 मामले सामने आए। वहीं, मौत के आंकड़े भी कुछ कम हुए हैं। रविवार को 3,751 लोगों ने अपनी जान गंवाई। 

एक दिन में 3.53 लाख लोग स्वस्थ हुए
वहीं देश में कोरोना से रविवार को एक दिन में 3.53 लाख लोग स्वस्थ हुए। इससे सक्रिय मामलों में कमी आई। देश में सक्रिय मरीजों की संख्या लगातार बढ़कर 37 लाख 41 हजार 368 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.76 प्रतिशत है, जबकि संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की दर 82.15 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, एक दिन में 3,53,680 और मरीजों के ठीक होने के साथ अब तक स्वस्थ हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1 करोड़ 86 लाख 65 हजार 266 हो गई है 

71.75 फीसदी मामले 10 राज्यों से
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में कोरोना से कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 2 लाख 46 हजार 146 हो गई। देश में मृत्युदर 1.09 प्रतिशत है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि पिछले 24 घंटे में आए 3 लाख 66 हजार 317 मामलों में से 71.75 फीसदी, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली समेत 10 राज्यों से हैं। सूची के अन्य 10 राज्यों में केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और हरियाणा हैं। 

कुल 30.22 करोड़ नमूनों की जांच
कुल 30.22 करोड़ नमूनों की जांच पूरे देश में की गई हैं, जबकि दैनिक कोविड-19 संक्रमण दर 21.64 प्रतिशत है। 20 राज्यों में 10 लाख की आबादी पर मृत्यु राष्ट्रीय औसत (176) से कम है, जबकि 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह राष्ट्रीय स्तर से अधिक है।

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     @India  टीके की 16.94 करोड़ खुराकें दी जा चुकी है
    देश में अब तक टीके की 16.94 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं। मंत्रालय ने कहा कि देश में दी गई टीके की कुल खुराकों का 66.78 प्रतिशत महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, केरल, बिहार और आंध्र प्रदेश में ही दिया गया है। 18 से 44 वर्ष की आयु समूह के 17,84,869 लोगों को टीके की पहली खुराक दी गई है। 
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May 09 2021, 15:59

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अब '6 फीट की दूरी' कोरोना से बचने के लिए काफी नहीं, हवा में मौजूद वायरस से हो सकते हैं संक्रमित

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ने आफत मचा रखा है। वैज्ञानिकों से लेकर बड़े-बड़े शोधकर्ता इस जानलेवा वायरस पर रिसर्च कर रहे हैं। इसी कड़ी में कोरोना वायरस पर एक स्टडी के बाद यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने शुक्रवार (7 मई) को पुष्टि की है कि कोरोना वायरस हवा के जरिये (एरोसोल ट्रांसमिशन) भी फैलता है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर लोग एक-दूसरे से दो क्या छह फीट की दूरी पर भी खड़े होते हैं तो भी वे हवा में मौजूद वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।

हवा के सूक्ष्म कण में घंटों जीवित रह सकता है वायरस
डॉक्टर माइकल कहते हैं कि सीडीसी की नई सूचना के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बंद कमरे या दफ्तर कोरोना वायरस के प्रसार के लिए नया केंद्र हो सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि हवा में मौजूद सूक्ष्म कण में वायरस घंटों जीवित रह सकता है। ऐसे स्थान पर उसके जीवित रहने की संभावना अधिक है जहां खुली हवा नहीं पहुंचती है।

सांसों के जरिये व्यक्ति के अंदर पहुंच सकता है
सीडीसी का कहना है कि दूरी के बावजूद हवा में मौजूद वायरस के सूक्ष्म कण सांसों के जरिये व्यक्ति के अंदर पहुंच सकते हैं। हाल ही में प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल लैंसेट ने भी हवा में वायरस के संक्रमण की पुष्टि की थी। वर्जिनिया टेक्नोलॉजी की एरोसोल एक्सपर्ट प्रोफेसर लिन्से मार का कहना है कि कार्यस्थलों पर बहुत अधिक ध्यान देने की जरूरत है। एक संक्रमित कर्मचारी उस दफ्तर में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। वहीं, जॉर्ज वाशिंगटन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. डेविड माइकल ने कहा कि हवा के सूक्ष्म कणों में वायरस की मौजूदगी होती है। 

तेज हो सकती है संक्रमण की रफ्तार
यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के एरोसोल वैज्ञानिक डोनाल्ड मिल्टन ने कहा कि हवा के सूक्ष्म कणों में वायरस की मौजूदगी की बात चिंताजनक है। कार्यस्थलों को सुरक्षित करने पर जोर देना होगा, जिससे वायरस को यहां पर काम करने वाले लोगों के बीच फैलने का मौका न मिले। हवा में वायरस की मौजूदगी का मतलब है कि संक्रमण की रफ्तार और तेज हो सकती है।

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May 09 2021, 14:18

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सोनोवाल की जगह सरमा होंगे असम के नए सीएम, कांग्रेस में नहीं मिली थी तवज्जो, तो थामा था बीजेपी का दमन

असम में कई दिनों के राजनीतिक ऊहापोह के बाद हिमंत बिस्वा सरमा के असम के अगले मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। उन्हें असम बीजेपी के विधायक दल ने अपना नेता चुन लिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसकी जानकारी दी। इससे पहले निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार को ही राज्यपाल जगदीश मुखी को अपना इस्तीफा सौंपा था।

असम में बीते छह दिनों से नए मुख्यमंत्री को लेकर भाजपा नेतृत्व में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। इसका हल निकालने के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने शनिवार को निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हेमंत बिस्वा सरमा, को दिल्ली बुलाकर उनसे व्यापक चर्चा की। 
इधर सर्वानंद सोनोवाल ने रविववार को भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले ही राज्यपाल जगदीश मुखी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।इसके बाद से ही सरमा को सीएम पद सौंपने की अटकलें लगाई जा रही थी। हालांकि परंपरा के अनुसार राज्यपाल ने अगली सरकार के गठन तक सोनोवाल को पद पर बने रहने को कहा था। 

कांग्रेस में नहीं मिली तवज्जो
बता दें कि हेमंत विस्वा सरमा ने 1991 में कांग्रेस में अहम पद के साथ सियासत की शुरूआत की थी। 2001 में तरूण गोगोई के सीएम बनने पर सरमा को सुनहरा मौका भी मिला। 2002 में उन्हें कैबिनेट में जगह मिल गई। हालांकि तरूण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई के बढ़ते प्रभाव के बाद सरमा का कद घटने लगा।
असम में 2011 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में सरमा सबसे मजबूती से उभरे। बावजूद उन्हें तवज्जो नहीं मिली। जबकि गौरव गोगोई पार्टी के उभरते हुए नेता बन गए। लगातार पार्टी में अपनी गिरती स्थिति के बाद हेमंत विस्वा सरमा ने 2015 में कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद 2016 में उन्होंने बीजेपी को जबरदस्त जीत दिलाई और पार्टी में अहम पद हासिल किया। हालांकि उस वक्त भाजपा ने सरमा की जगह केन्द्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल को असम भेजने का फैसला किया।

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     @India  बीजेपी ने घोषित नहीं किया था सीएम का नाम
    हालांकि इस बार बीजेपी ने असम में विधाननसभा चुनाव से पहले मुख्मंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की थी। जबकि 2016 में सोननोवाल को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था और चुनाव जीता था। इसके साथ ही पूर्वोत्तर में भदवा दल की पहली सरकार बनायी थी। इस बार भाजपा ने कहा था कि चुनाव के बाद ये फैसला लिया जाएगा कि असम का अगला सीएम कौन होगा। हालांकि उसी दौरान ये तय हो गया था कि असम में दोबारा सत्ता में आने पर सीएम की कुर्सी सरमा को ही मिलेगी। 
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May 09 2021, 13:33

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ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को फिर लिखा पत्र, अब कोरोना की जरूरी दवाओं और उपकरणों से टैक्स और ड्यूटी में छूट देने की मांग


कोरोना के बढ़ते कहर के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे कोविड-19 महामारी से लड़ने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और दवाइयों पर सभी तरह के करों और सीमा शुल्क में छूट देने का अनुरोध किया। इसके अलावा सीएम बनर्जी ने मोदी से स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा मजबूत करने और कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए उपकरण, दवाओं तथा ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने की भी मांग की है।


ममता बनर्जी ने लिखा है, 'बड़ी संख्या में संगठन, लोग और परोपकारी एजेंसियां ऑक्सीजन सिलेंडर, कंटेनर और कोविड संबंधित दवाएं दान देने के लिए आगे आई हैं। कई दान देनेवालों ने इन पर सीमा शुल्क, एसजीएसटी, सीजीएसटी, आईजीएसटी से छूट देने पर विचार करने के लिए राज्य सरकार का रुख किया है।'

बनर्जी का कहाना है, 'चूंकि इनकी कीमतें केंद्र सरकार के कार्य क्षेत्र में आती है तो मैं अनुरोध करती हूं कि इन सामान पर जीएसटी/सीमा शुल्क और अन्य ऐसे ही शुल्कों तथा करों से छूट दी जाए ताकि कोविड-19 महामारी के कुशल प्रबंधन में उपरोक्त जीवनरक्षक दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिल सके।'

इससे पहले शुक्रवार को भी ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी थी। बनर्जी ने पत्र में आरोप लगाया था कि बंगाल में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी राज्य के हिस्से की ऑक्सीजन को केंद्र सरकार अन्य राज्यों में डायवर्ट कर रही है।

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May 09 2021, 11:56

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टल गया पृथ्वी पर आ रहा बड़ा खतरा, हिंद महासागर में गिरा चीन के सबसे बड़े रॉकेट का मलबा

पृथ्वी पर आ रहा एक बड़ा खतरा टल गया है। चीन के सबसे बड़े रॉकेट ‘लांग मार्च 5बी’(Long March 5B) का मलबा आज धरती पर गिरा। रॉकेट लॉन्ग मार्च 5बी  का मलबा आज यानी रविवार को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर गया और इसके मालदीव के पास हिंद महासागर में गिरने की खबर है।  चीनी मीडिया के अनुसार, रॉकेट के अवशेष रविवार को हिंद महासागर में गिरे। उन्होंने कहा कि रॉकेट का ज्यादातर मलबा पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर नष्ट हो गया।
बता दें कि बीते दो दिनों से चीन का एक 21 टन वजनी विशालकाय रॉकेट अंतरिक्ष में अनियंत्रित हो गया था और यह पृथ्वी की ओर बढ़ रहा था। हिंद महासागर में मलबा गिरने से धरती पर बड़ा खतरा टल गया।  

अधिकांश मलबा वायुमंडल में जल गया
चीन के मैन्ड स्पेस इंजीनियरिंग कार्यालय ने बताया कि चीन के लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट के अवशेष बीजिंग के समयानुसार सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश कर गए और वे 72.47 डिग्री पूर्वी देशांतर और 2.65 डिग्री उत्तरी अक्षांश में समुद्र के एक खुले क्षेत्र में गिरे।साथ ही कहा गया कि अधिकांश मलबा वायुमंडल में जल गया था।

बेकाबू रॉकेट के पृथ्वी पर गिरने को लेकर थी चिंता
चीन के अंतरिक्ष में भेजे गए बड़े राकेट के अनियंत्रित होने के बाद उसके पृथ्वी पर गिरने के बारे में अंतरिक्ष विज्ञानी चिंतित थे। हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि रॉकेट का कचरा नुकसान नहीं पहुंचाएगा। इसके पृथ्वी के वातावरण में आने के दौरान ही अधिकांश हिस्सा जल जाएगा। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी की  भी अनियंत्रित राकेट पर निगरानी बनी हुई थई। 

चीन ने रॉकेट की मदद से अपने स्‍पेस स्‍टेशन का हिस्‍सा भेजा था
बता दें कि चीन ने लांग मार्च 5 बी राकेट अंतरिक्ष में भेजा था। जो अब नियंत्रण से बाहर हो गया है। चीन ने इस रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में बनाए जाने वाले अपने तियांगोंग स्‍पेस स्‍टेशन का पहला हिस्‍सा भेजा था। इस रॉकेट में 29 अप्रैल को दक्षिणी द्वीपीय प्रांत हैनान में विस्फोट हो गया था।
 
चीन ने कहा था चिंता करने की जरूरत नहीं
चीन ने कहा था कि उसके राकेट के मलबे से किसी को कोई खतरा नहीं है। यह पृथ्वी के वातावरण में आते ही जल जाएगा। ज्ञात हो कि चीन का यह बड़ा राकेट सौ फीट लंबा और 22 मीट्रिक टन वजन वाला था। 
इस पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की भी नजर रही। अमेरिका के स्पेस कमांड ने भी कहा है कि नुकसान होने की कम संभावना है। यदि कहीं भी नुकसान होता है तो इसकी भरपाई चीन को ही करनी पड़ेगी। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि इंसानों को खतरा होने की आशंका बहुत ही कम है। पृथ्वी का बड़े हिस्से में पानी है।

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May 09 2021, 11:39

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कोरोना के भारतीय और यूके वेरिएंट दोनों ही एक जैसे संक्रामक, स्टडी में किया गया दावा

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड, ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग की कार्यकारी एजेंसी ने कोरोनोवायरस सब-लिनीएज, इंडियन वैरिएंट के B.1.617.2 या डबल म्यूटेंट B.1.617 के साथ यूके स्ट्रेन B.1.1.7 की ट्रांसमिशन रेट के आधार पर तुलना की है। इस सब-लिनीएज को पहले ‘वैरिएंट ऑफ कॉन्सर्न’ घोषित किया गया था। यूके के अलावा, सब-लिनीएज B.1.617.2 महाराष्ट्र और भारत के अन्य हिस्सों में देखा गया है। हालांकि मुख्य वैरिएंट B.1.617.2 की उपस्थिति तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में स्थापित की जानी फिलहाल बाकी है। B.1.617 वैरिएंट तेलुगु राज्यों में मौजूद है। यूके वैरिएंट B.1.1.7 भी तेलुगु राज्यों में कुछ हद तक पाया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता का आकलन करने के लिए अपर्याप्त डाटा है।  रिपोर्ट में कहा गया है कि B.1.617.2 उपलब्ध डेटा के आधार पर भारत में तेजी से फैल गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि B.1.1.7 को कुछ हद तक बदल दिया गया है। प्रतिरूपित विकास अनुमान बताता है कि वैरिएंट कम से कम B.1.1.7 के रूप में ट्रांसमिसीबल है।

उत्तर भारत में वायरस का यूके स्ट्रेन का प्रभाव
उत्तर भारत में इस समय सबसे अधिक लोग वायरस के ब्रिटिश संस्करण से संक्रमित हैं। जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में वायरस का ‘डबल म्यूटेंट’ प्रकार (वायरस की आनुवांशिकी में दोहरा बदलाव) कहर बरपा रहा है। यह जानकारी राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (ACDC) के निदेशक सुजीत सिंह ने दी है।
सुजीत सिंह ने कहा कि सार्स कोव-2 वायरस के B.1.1.7 प्रकार (ब्रिटिश प्रकार) से देश में संक्रमित होने वाले लोगों के अनुपात में पिछले एक महीने में 50 प्रतिशत की कमी आई है। सिंह ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब (482 सैंपल), दिल्ली (516 सैंपल) सहित उत्तर भारत में वायरस का ब्रिटिश संस्करण प्रमुखता से लोगों को संक्रमित कर रहा है। जिसके बाद उसका असर तेलंगाना (192 सैंपल), महाराष्ट्र (83 सैंपल) और कर्नाटक (82 सैंपल) में देखा गया।

महाराष्ट्र, दिल्ली समेत कई राज्यों में डबल म्यूटेंट का प्रभाव
उन्होंने बताया कि डबल म्यूटेंट जिसे B.1.617 के नाम से भी जाना जाता है प्रमुख रूप से महाराष्ट्र (721 सैंपल), पश्चिम बंगाल (124 सैंपल), दिल्ली (107 सैंपल) और गुजरात (102 सैंपल) को प्रभावित कर रहा है। सिंह ने बताया कि वायरस के दक्षिण अफ्रीकी प्रकार का मुख्य रूप से प्रभाव तेलंगाना और दिल्ली में देखने को मिला है, इसे जिसे B.1.315 के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि ब्राजीलियाई प्रकार केवल महाराष्ट्र में मिला और उसका अनुपात ना के बराबर है।

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May 09 2021, 11:18

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ड्रग्स कंट्रोलर ने दी डीआरडीओ की बनाई कोरोना की दवा के इमरजेंसी यूज को मंजूरी, क्लीनिकल ट्रायल में 2-DG के इस्तेमाल से मरीजों में देखी तेज रिकवरी

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच शनिवार को एक राहत भरी खबर आई। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने कोरोना के इलाज के लिए एक दवा के इमरजेंसी यूज को मंजूरी दे दी है। ये दवा डीआरडीओ के इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलायड साइंसेस (INMAS) और हैदराबाद सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्युलर बायोलॉजी (CCMB) के साथ मिलकर तैयार की है।इस दवा को अभी 2-deoxy-D-glucose (2-DG) नाम दिया गया है और इसकी मैनुफैक्चरिंग की जिम्मेदार हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डी लैबोरेट्रीज को दी गई है।

दवा कोरोना वायरस को रोकने में मददगार
दावा किया जा रहा है कि जिन मरीजों पर इसका ट्रायल किया गया, उनमें तेजी से रिकवरी देखी गई।साथ ही मरीजों की ऑक्सीजन पर निर्भरता भी कम हो गई। ये भी दावा है कि दवा के इस्तेमाल से मरीजों की कोरोना रिपोर्ट बाकी मरीजों की तुलना में जल्दी निगेटिव हो रही है।यानी, वो जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।
डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने अप्रैल 2020 में लैब में इस दवा पर एक्सपेरिमेंट किए थे।एक्सपेरिमेंट में पता चला था कि ये दवा कोरोना वायरस को रोकने में मदद करती है। इसके आधार पर DCGI ने मई 2020 में फेज-II ट्रायल्स करने की मंजूरी दी थी। 

फेज-IIa के ट्रायल 6 और फेज-IIb के ट्रायल 11 अस्पतालों में
देशभर के अस्पतालों में इस दवा का ट्रायल किया गया। फेज-IIa के ट्रायल 6 और फेज-IIb के ट्रायल 11 अस्पतालों में किए गए। 110 मरीजों को शामिल किया गया। ये ट्रायल मई से अक्टूबर के बीच किया गया था।जिन मरीजों पर इस दवा का ट्रायल किया गया, वो बाकी मरीजों की तुलना में कोरोना से जल्दी ठीक हुए।ट्रायल में शामिल मरीज दूसरे मरीजों की तुलना में 2.5 दिन पहले ठीक हो गए.

देशभर के 27 अस्पतालों में फेज-III के ट्रायल्स हुए
दिसंबर 2020 से मार्च 2021 के बीच देशभर के 27 अस्पतालों में फेज-III के ट्रायल्स हुए। इस बार 220 मरीजों को इसमें शामिल किया गया। ये ट्रायल दिल्ली, यूपी, बंगाल, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में किए गए।जिन लोगों को 2-DG दवा दी गई, उनमें से 42% मरीजों की ऑक्सीजन की निर्भरता तीसरे दिन खत्म हो गई।लेकिन, जिन्हें दवा नहीं दी गई, ऐसे 31% मरीजों की ही ऑक्सीजन पर निर्भरता खत्म हुई।यानी, दवा से ऑक्सीजन की जरूरत भी कम हुई। एक अच्छी बात ये भी रही कि यही ट्रेंड 65 साल से ऊपर के बुजुर्गों में भी देखा गया।

  • India
     @India   दवा संक्रमित कोशिकाओं में जमा हो जाती
    ये दवा पाउडर के रूप में आती है, जिसे पानी में घोलकर लिया जाता है।ये दवा संक्रमित कोशिकाओं में जमा हो जाती है और वायरल सिंथेसिस और एनर्जी प्रोडक्शन कर वायरस को बढ़ने से रोकती है।इस दवा की खास बात ये है कि ये वायरस से संक्रमित कोशिकाओं की पहचान करती है। ये दवा ऐसे वक्त में बहुत कारगर साबित हो सकती है, जब देशभर में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। 
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May 09 2021, 10:45

-4133-deaths
  

हर दिन के साथ खौफनाक होता कोरोना का रूप, 24 घंटे में रिकॉर्ड 4133 लोगों की मौत, 4 लाख 9 हजार से ज्यादा नए मामले

और कितना कहर बरपाएगी कोरोना। देश लगातार भयावह स्थिति में पहुंच रहा है। कोरोना संक्रमण आंकड़ों में जिस तरह का उछाल है, वे बेहद खौफनाक है। लगातार चौथे दिन भारत में कोरोना के मामले चार लाख से ऊपर आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक तो पिछले 24 घंटे के दौरान देश में रिकॉर्ड 4133 लोगों की मौतें हुई हैं और इसी दौरान 4 लाख 09 हजार 300 नए मामले सामने आए हैं। 

चार लाख से ज्यादा आए केस
30 अप्रैल : 4,02,014

5 मई : 4,12,624

6 मई : 4,14,280

7 मई : 4,06,902

8 मई : 4,03,626

ठीक होने की दर गिरकर 81.90 फीसदी
नए जारी आंकड़ों के बाद देश में अब तक कुल 2 लाख 42 हजार 398 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। जबकि 2 करोड़ 22 लाख 95 हजार 911 लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं।  इधर बढ़ते मामलों के बीच स्वस्थ होने वाले मरीजों की दर में कमी ने संकट को और बढ़ा दिया है। देश में कोरोना से ठीक होने की दर गिरकर 81.90 फीसदी पर पहुंच गई। वहीं एक अप्रैल को मरीजों के ठीक होने की दर 93.89 फीसदी थी। 


रोजाना करीब एक लाख से ज्यादा सक्रिय मरीजों में इजाफा
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में रोजाना करीब एक लाख से ज्यादा सक्रिय मरीजों का इजाफा देखने का मिल रहा है। देश में इस समय 37.23 लाख से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। जबकि इनमें से 80.68 फीसदी मामले सिर्फ 12 राज्यों में हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 6.28 लाख, कर्नाटक में 5.48 लाख, केरल में 4.17 लाख, यूपी में 2.45 लाख और राजस्थान में 1.99 लाख सक्रिय मामले हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और बिहार में हैं।


दस राज्यों में 70.77 फीसदी कोरोना के नए मामले
पिछले 24 घंटे के दौरान देश के दस राज्यों में 70.77 फीसदी कोरोना के नए मामले सामने आए। इनमें सबसे ज्यादा 56,578 महाराष्ट्र में, 47,563 कर्नाटक में, 31,971 केरल में, 26,636 यूपी में कोरोना के मामले आए। इसके साथ ही तमिलनाडु, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और हरियाणा में भी कोरोना के नए मामलों में वृद्धि जारी है। 


3.29 करोड़ लोगों को लगा कोरोना का टीका
देश में अब तक 3.29 करोड़ लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। जो कुल जनसंख्या का 2.4 फीसदी है। वहीं सरकार की ओर से अब तक 16.5 करोड़ टीके की डोज उपलब्ध कराई गई है।