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Nov 16 2020, 12:18

अब पेड़ा को लेकर छिड़ी बहस, लेखक शुनाली खुल्लर श्रॉफ ने बताया मुगलों की मिठाई
  


अभी पिछले साल तक रसगुल्ला को लेकर ओड़िशा और बंगाल में जंग छिड़ी हुई थी। खैर इस मामले में ओड़िशा के पक्ष में फैसला आ गया है, लेकिन अब एक और मिठाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। 
दरअसल लेखक शुनाली खुल्लर श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर पेठा को लेकर एक आर्टिकल शेयर किया है। इस आर्टिकल में उन्होंने दावा किया कि इस मिठाई का आविष्कार मुगलों ने किया था, इसलिए इसका श्रेय उन्हें ही जाना चाहिए। शुनाली खुल्लर ने कहा है कि “शाहजहाँ ने अपने रसोइयों को ताजमहल की तरह कुछ शुद्ध और श्वेत बनाने का आदेश दिया और इस तरह से पेठा का अवतरण हुआ। 
दूसरी ओर रिपोर्ट के मुताबिक प्रसिद्ध शिक्षाविद्, समीक्षक और इतिहासकार पुष्पेश पंत ने कहा है, “पेठा गरीब आदमी की मिठाई है और उसका कोई शाही संबंध नहीं है। इसमें दूध या मावा नहीं होता है। यह लौकी और बहुत सारी चीनी के साथ बनाया जाता है, जो कि शाही व्यंजन का संकेत नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि पेठा झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड सहित आगरा से जोड़े जाने के बावजूद भारत के विभिन्न हिस्सों में मिलता है।
उन्होंने कहा, “भारत के कुछ हिस्सों के लोग फलों के ओला कहते हैं और ओला का मुरब्बा नामक कुछ तैयार करते हैं।” वे कहते हैं, “मुरब्बा का मतलब है एक संरक्षण। उन्होंने इसे चीनी सिरप में डुबोया और इसे महीनों तक संरक्षित रखा और इसलिए इसे ओला का मुरब्बा कहा।” 
आगे उन्होंने कहा, “आगरा वह स्थान था जहाँ लोग दूर-दूर की यात्रा के दौरान या रेलगाड़ियों को बदलते समय भोजन प्राप्त कर सकते थे। आज की तुलना में ट्रेनें धीमी और लंबी थीं। लोग पूड़ी और सूखी आलू की सब्जी खाते थे। पेठा बच्चों को खुश रखने और ऊर्जा के स्तर को उच्च रखने के लिए एक सर्वोत्कृष्ट नाश्ता बन गया। चूँकि इसमें खोआ नहीं होता, इसलिए इसे मथुरा के पेड़ा से ज्यादा पसंद किया जाता था। यह यात्रियों के लिए एक उपहार देने वाला विकल्प भी था।”
इन दिनों इतिहास के साथ छेड़छाड़ करके का जैसे प्रचलन चल पड़ा है। अब इतिहासिक धरोहर और व्यक्तियों से लेकर खान-पान तक को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है। हाल ही में कुछ ऐसा ही जलेबी को लेकर हुआ था। इससे पहले बिरयानी को लेकर भी इसी तरह का दावा किया गया था।

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Nov 16 2020, 11:21

आठ महीने बाद मुंबई में आज से खुले धार्मिक स्थल, सुबह से बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे लोग
  


मुंबई - महाराष्ट्र में आज से श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक स्थल खोल दिये हैं. सरकार के आदेश के बाद आज से सभी धार्मिक स्थल खुल गये, जिसके बाद काफी संख्या में यहां पर लोग दर्शन करने के लिए आ रहे हैं. बता दें कि कोरोना महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के चलते 24 मार्च से सभी धार्मिक स्थल बंद थे और महाराष्ट्र में सभी धार्मिक स्थल पिछले आठ महीने से बंद थे. सरकार के आदेश के बाद सुबह चार बजे ही सिद्धी विनायक मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए  दर्शन  के लिए खोल दिया गया था. इसके बाद सुबह से काफी संख्या में श्रद्धालु लाइन में लगे हुए थे.

  

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प्रसाद चढ़ाने की है मनाही
मंदिर ट्रस्ट के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत एक घंट में सिर्फ 100 लोगों को ही गणपति बप्पा के दर्शन करने की इजाजत दी जा रही है. इसके अलावा प्रसाद चढ़ाने की मनाही है. श्रद्धालुओं से सोशल डिस्टेंसिग का पूरा पालन कराया जा रहा है. सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक प्रत्येक घंटे मंदिर परिसर में सैनिटाइजेशन किया जाएगा. एक दिन में सिर्फ एक हजार भक्त ही सिद्धी विनायक मंदिर में प्रवेश कर पायेंगे.

मास्क के बिना प्रवेश की इजाजत नहीं
सिद्धिविनायक मंदिर में बिना मास्क के प्रवेश की इजाजत नहीं है. सरकार ने अपने गाइडलाइन में कहा है कि बिना मास्क के मंदिर परिसर में कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता है. इसके साथ ही जिस व्यक्ति के शरीर का तापमान सामान्य नहीं होगा उसे भी मंदिर में प्रवेश करने की परमिशन नहीं दी जायेगी.

दर्शन के लिए एप से होगी एडवांस बुकिंग
मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के मुताबिक बप्पा के दर्शन करने के लिए एक मोबाइल एप डेवलप किया गया है. इसके माध्यम से श्रद्धालु गणपति के दर्शन करने लिए अपना समय पहले ही बुक कर सकते हैं. ऑनलाइन बुकिंग करने के लिए श्रद्धालुओं को श्री सिद्धिविनायक मंदिर एप इंस्टॉल करना होगा. इसमें उन्हें अपनी जानकारी भरनी होगी. फिर उन्हें एक समय दिया जायेगा. इसके बाद निर्धारित समय के लिए एक क्यूआर कोड दिया जायेगा. फिर श्रद्धालु जाकर दर्शन कर सकते हैं.

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     @India  वहीं  सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने पहुंचे एक श्रद्धालु ने कहा कि में बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे इस साल गणपति जी के दर्शन करने का मौका मिला. मैं बहुत खुश हूं. साथ ही उन्होंने बताया कि मंदिर में कोविड-19 से सुरक्षा के लिए तमाम तरह के उपाय किये गये हैं. 
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Nov 16 2020, 11:17

पश्चिम बंगाल में सामने आया लव-जिहाद का मामला, दक्षिण 24 परगना में एक मुस्लिम शख्स ने नाबालिग हिंदू लड़की को अगवा कर किया निकाह
  


पश्चिम बंगाल से एक मुस्लिम शख्स द्वारा एक नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण का एक और मामला सामने आया है।राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग उर्फ बाल आयोग के हस्तक्षेप के बाद बंगाल पुलिस और गुजरात पुलिस के संयुक्त अभियान में दिवाली से दो दिन पहले लड़की को बचाया गया।

  

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14 साल की लड़की पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के जिबंतला गांव की निवासी है। बताया जा रहा है कि लड़की 6 अक्टूबर को लापता हो गई थी। जिसके बाद आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) और 366A (नाबालिग लड़की की खरीद) के तहत जिबंतला पुलिस स्टेशन एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले को मिशन मुक्ति फाउंडेशन नामक एक नई दिल्ली स्थित संस्था ने उठाया था, जिसने तब NCPCR के हस्तक्षेप की मांग की थी।

बाल आयोग के दबाव के बाद लड़की को गुजरात के राजकोट जिले के जेतपुर से खोजा गया। अंततः उसे 12 नवंबर को पश्चिम बंगाल और राजकोट पुलिस की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा एक संयुक्त अभियान में बचाया गया। साथ ही 28 साल के अपहरणकर्ता सोहिदुल रहमान को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि लड़की को दिवाली से एक दिन पहले 13 नवंबर को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया गया था। 

एनसीपीसीआर के एक अधिकारी ने मामले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अपहरणकर्ता रहमान 7 महीने पहले लड़की के संपर्क में आया था। रहमान फोन पर लड़की की चाची से बात करता था। एक दिन चानी के बजाय लड़की ने फोन उठाया। जिसके बाद दोनों के बीच नियमित रूप से बात होने लगी। कुछ हफ्ते पहले, रहमान ने उसे निकाह का प्रस्ताव दिया और 7 नवंबर को, वह उसे अपने साथ राज्य से बाहर ले गया। अधिकारी ने बताया कि लड़की ने एक काउंसलर के साथ बातचीत के दौरान खुलासा किया कि रहमान ने उसके साथ निकाह किया था।

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Nov 16 2020, 10:08

आसियान देशों ने किया दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक समझौते पर हस्ताक्षर, कोरोना महामारी की मार से तेजी से उबरने में की जताई उम्मीद
  


करीब एक साल से पूरा विश्व कोरोना माहामारी से जूझ रहा है। इसी बीच 14 एशियाई देशों ने विश्व के सबसे बड़े व्यापारिक गुट के गठन पर सहमति जताई।आसियान के सदस्य देशों ने रविवार को दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। एशिया में कई देशों को उम्मीद है कि इस समझौते से कोरोना महामारी की मार से तेजी से उबरने में मदद मिलेगी।  
क्षेत्रीय समग्र आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) पर 10 देशों के दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियन) के वार्षिक शिखर सम्मेलन के इतर रविवार को वर्चुअल तरीके से हस्ताक्षर किए गए। आसियान के 10 देशों के अलावा चीन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। मेजबान देश वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक ने कहा, ''मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आठ साल की कड़ी मेहनत के बाद हम आधिकारिक तौर पर आरसीईपी वार्ताओं को हस्ताक्षर तक लेकर आ पाए हैं। फुक ने कहा, ''आरसीईपी वार्ताओं के पूरा होने के बाद इस बारे में मजबूत संदेश जाएगा कि बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को समर्थन देने में आसियान की प्रमुख भूमिका रहेगी। यह दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है। इससे क्षेत्र में एक नया व्यापार ढांचा बनेगा, व्यापार सुगम हो सकेगा और कोविड-19 से प्रभावित आपूर्ति श्रृंखला को फिर से खड़ा किया जा सकेगा।

विश्व का सबसे बड़ा व्यापार समझौता
बता दें कि इस समझौते में शामिल देशों की कुल आबादी 2.1 अरब है। दुनिया की कुल जीडीपी का आरसीईपी में शामिल देशों की हिस्सेदारी 30 फीसदी के आसपास है, जो विश्व का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। हालांकि, इसमें चीन का आधिपत्य है। आसियान के दस देशों में इंडोनेशिया, मलयेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, बुर्नेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया हैं। इस साझेदारी का लक्ष्य कम शुल्क, विभिन्न सेवाओं में व्यापार को खोलना और निवेश को प्रोत्साहित करना है ताकि उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं विश्व के अन्य राष्ट्रों के मुकाबले खड़ी हो सकें। इस करार से सदस्य देशों के बीच व्यापार पर शुल्क और नीचे आएगा।

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     @India  आरसीईपी ने भारत को पर्यवेक्षक सदस्य तौर पर आमंत्रित किया
    समझौते पर हस्ताक्षर के बाद भारत आरसीईपी में कभी भी पर्यवेक्षक सदस्य के तौर पर शामिल हो सकता है। आरसीईपी ने भारत को पर्यवेक्षक सदस्य तौर पर आमंत्रित किया है। भविष्य में पूर्णकालिक सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए जगह भी छोड़ी है। जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने कहा कि उनकी सरकार समझौते में भविष्य में भारत की वापसी की संभावना समेत स्वतंत्र व निष्पक्ष आर्थिक क्षेत्र के विस्तार को समर्थन देती है और उन्हें इसमें अन्य देशों से भी समर्थन मिलने की उम्मीद है। 
    
    आरसीईपी से अलग हुआ भारत 
    भारत आरसीईपी की नींव डालने वाले 16 देशों में शामिल था, लेकिन पिछले साल उसने इससे खुद को अलग कर लिया। इसकी वजह भारत ने बढ़ते व्यापार घाटे को बताया था और कहा था कि आरसीईपी में शामिल होने का मतलब है भारत के बाजारों में चीनी सामानों की भरमार। इससे भारत की आंतरिक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। 
    
    आरसीईपी समझौता क्या है
    आरसीईपी समझौता 10 आसियान देशों और इसी क्षेत्र के 6 और बड़े देशों- भारत, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता है। इससे समझौते में शामिल 16 देशों के बीच बिना शुल्क या बेहद कम शुल्क पर व्यापार हो पाएगा। 
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Nov 15 2020, 18:29

आतंकी संगठन अलकायदा के टॉप आतंकी अब्दुल्ला अहमद अब्दुल्ला ढेर, घटना में इजराइल का हाथ होने की आशंका, पुष्टि नहीं
  


आतंकी संगठन अलकायदा के टॉप आतंकी अब्दुल्ला अहमद अब्दुल्ला उर्फ अबू मोहम्मद अल-मसरी को मार गिराया गया है। न्यू यॉर्क पोस्ट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल्ला अहमद अब्दुल्ला को मारने के पीछे इजरायल हो सकता है। वहीं, यह भी खबर है कि इजरायली कमांडरो का दस्ता मोसाद के कमांडरो ने आतंकी अब्दुल्ला अहमद अब्दुल्ला को मारा है। अब्दुल्ला अहमद अब्दुल्ला को उस वक्त निशाना बनाया गया जब वो तेहरान में एक बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहा था। अब्दुल्ला अहमद साल 1998 में दो अमेरिकी दूतावास में हुए हमले के मुख्य आरोपी का सहयोगी था। अमेरिकी दूतावास पर हमला उस वक्त अफ्रीका में हुआ था।
न्यू यॉर्क पोस्ट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल्ला अहमद अब्दुल्ला 7 नवंबर को मारा गया था। लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। उसे दो लोगों ने गोली मारी थी। फिलहाल अभी तक आतंकी संगठन अलकायदा की तरफ से किसी प्रकार की कोई पुष्टि नहीं की गई है।

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Nov 15 2020, 18:16

बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष का बड़ा बयान, कहा- आतंकियों का गढ़ बन रहा बंगाल
  


कोलकाता - बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने रविवार को एक बड़ा बयान दिया है। उनके मुताबिक, बंगाल धीरे-धीरे आतंकियों और देशद्रोहियों का केंद्र बनता जा रहा है। यहां की स्थिति कश्मीर से भी बदतर है। दिलीप घोष ने रविवार को उत्तरी 24 परगना जिले के बारानगर में एक भाजपा कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया, हाल ही में अलकायदा के छह आतंकियों को अलीपुरद्वार (उत्तर बंगाल) में गिरफ्तार किया गया है। उनका नेटवर्क बंगाल तक बढ़ गया है।

  

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बंगाल की स्थिति अब कश्मीर से भी बदतर- दिलीप घोष
भाजपा प्रमुख ने कहा, राज्य के कई स्थानों पर एक नेटवर्क बनाया गया है। यहां तक कि बांग्लादेश के नेता खालिदा जिया ने कहा है कि आतंकवादियों को भारत में प्रशिक्षित किया जा रहा है और अशांति पैदा करने के लिए बांग्लादेश भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा, बंगाल आतंकवादियों और देशद्रोहियों का केंद्र बन गया है। वे अन्य स्थानों से यहां आकर शरण ले रहे हैं। बंगाल की स्थिति अब कश्मीर से भी बदतर है।
दरअसल, हाल ही में एनआइए ने बंगाल के मुर्शिदाबाद, केरल, कर्नाटक से 11 अलकायदा आतंकियों को गिरफ्तार किया था। सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए आतंकियों ने कई राज खोले हैं, जिसके मुताबिक बंगाल में अलकायदा अब धीरे-धीरे पैर पसार रहा है। साथ ही, उनकी कई जगहों पर हमले को अंजाम देने की योजना है। कई नेता भी आतंकियों के निशाने पर हैं। बंगाल के मुर्शिदाबाद और मालदा से कुछ युवाओं के आतंकी संगठन में शामिल होने की भी खबर है। वहीं, बंगाल के साथ ही केरल में भी स्लीपर सेल एक्टिव हो गए हैं। 

रोहिंग्या और घुसपैठियों को मतादाता बना कर तृणमूल ने बढ़ाया वोट बैंक
घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में रोहिंग्याओं और अन्य घुसपैठियों की प्रचुरता है, जिन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को अपना वोट दिया है। उन्होंने कहा, यह बहुत चिंताजनक है कि कुछ राजनीतिक दल आतंकवादियों और असामाजिक तत्वों को शरण दे रहे हैं। हालांकि, भाजपा नेता ने राज्य के लोगों में विश्वास व्यक्त किया कि उन्हें किस पार्टी को वोट देना है। भले ही अन्य सभी दल सामूहिक रूप से भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ें।

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Nov 15 2020, 17:16

एलओसी पर फायरिंग के बाद पाकिस्तान हाई कमीशन को किया तलब, भारत ने की कड़ी निंदा, कहा-निर्दोष नागरिकों की जान लेना दुखद
  


 
जम्मू कश्मीर के कई बॉर्डर इलाकों में पाकिस्तान की तरफ से किए गए सीजफायर के उल्लंघन के बाद पाकिस्तान हाई कमीशन के अधिकारी को भारत ने तलब किया। बीते दिनों जम्मू कश्मीर के कई बॉर्डर इलाकों में पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर के उल्लंघन के बाद पाकिस्तान हाई कमीशन के अधिकारी को भारत ने तलब कर विरोध दर्ज किया। भारत ने पाकिस्तानी हाई कमीशन अधिकारी से कहा कि दीपावली के त्योहार के दौरान पाक की तरफ से की गई गोलीबारी बहुत ही दुखद है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से की गई फायरिंग में बेगुनाह नागरिकों पर गोलीबारी की घटना बेहद दुखद है। पाकिस्तान की इस हरकत की भारत ने कड़ी निंदा की है। कहा कि त्योहार के दौरान भारतीय सीमाओं पर पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग की गई। भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज द अफेयर को बुलाया था। उनके सामने भारत ने पाकिस्तान की तरफ से की गई फायरिंग का मुद्दा और लगातार आतंकियों की घुसपैठ का मामला भी उठाया। भारत ने कहा कि पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों की मदद करके भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रही है। बता दें कि बीते दिनों जम्मू-कश्मीर के उरी, कमलकोट और पुलवामा जैसे बॉर्डर इलाकों पर पाकिस्तान की तरफ से दिवाली से 1 दिन पहले फायरिंग के दौरान भारतीय सेना के जवान शहीद हुए, तो वहीं दूसरी तरफ से नागरिकों की मौत की हो गई। बीते शुक्रवार को पाकिस्तान सेना की तरफ से एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन किया गया। जवाब में भारत ने कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी सेना के 3 कमांडो समेत 11 जवान मार गिराया। बता दें कि इस साल पाकिस्तान की तरफ से 4052 बार सीज फायर का उल्लंघन किया गया है।

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Nov 15 2020, 11:24

पाकिस्तान ने भारत पर लगाया आतंकवादी हमले में हाथ होने का आरोप
  


‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ ये कहावत पाकिस्तान पर एकदम सटीक बैठती है। दरअसल पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आतंकियों का पनाहगाह है, बावजूद उसने भारत पर आतंकवादी हमले में हाथ होने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने विदेश मंत्रालय में सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ''हमारे पास ऐसे तथ्य हैं, जिन्हें झुठलाया नहीं जा सकता। हम इन्हें डॉजियर के जरिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखेंगे।''

  

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कुरैशी ने दावा किया कि पाकिस्तान के डॉजियर जरिए जमात-उल-अहरार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, बलोच लिब्रेशन आर्मी, बलोच लिब्रेशन फ्रंट और बलोच रिपब्लिकन आर्मी समेत संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित संगठनों और भारत की खुफिया एजेंसियों के बीच कथित ''बढ़ती साठगांठ'' को उजागर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉजियर में 60 अरब अमेरिकी डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना को नुकसान पहुंचाने की भारत की कथित कोशिशों के सबूत भी शामिल होंगे।

वहीं, इधर भारत ने भी शनिवार को पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया है। भारत ने संघर्ष विराम उल्लंघनों और इस्लामाबाद द्वारा भारत में आतंकवादियों की घुसपैठ का लगातार समर्थन करने पर विरोध दर्ज कराया। भारत पहले भी पाकिस्तान में हुए आतंकवादी हमलों से उसे जोड़ने पर आपत्ति जता चुका है।

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Nov 15 2020, 10:43

कंगाली के कगार पर पहुंची पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था, CPEC परियोजना के लिए लेगा चीन से आर्थिक मदद
  


पाकिस्तान की आर्थिक हालत किसी से छुपी नहीं है। कंगाली के हालात में पहुंच चुके पाकिस्तान ने अपने मित्र चीन से ऋण लेने का फैसला लिया है। पाकिस्तान ने चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) की मेनलाइन -1 परियोजना के पैकेज- I के निर्माण के लिए चीन से 2.7 बिलियन अमरीकी डालर का ऋण लेने का फैसला किया है। पाकिस्तान शुरू में चीन से  6.1 बिलियन अमरीकी डॉलर में से केवल 2.73 बिलियन अमेरिकी डॉलर को मंजूरी देने का अनुरोध करेगा।
सरकारी अधिकारियों का हवाला देते हुए, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रिपोर्ट दी है कि एमएल -1 परियोजना पर वित्तपोषण समिति की छठी बैठक में ये फैसला लिया गया। इस परियोजना में पेशावर से कराची तक 1,872 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण और उन्नयन शामिल है।

पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पहले से ही खस्ताहाल हुई है, उसपर कोविड -19 महामारी ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक आर्थिक मामलों के मंत्रालय को औपचारिक रूप से अगले सप्ताह चीन को पत्र भेजने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि बीजिंग को अगले महीने के अंत तक अपने वित्त वर्ष की योजनाओं को अंतिम रूप देने की उम्मीद है।

सूत्रों ने पाकिस्तान के अखबार को बताया कि इस साल अप्रैल में, पाकिस्तान ने चीनी ऋण के लिए एक टर्म शीट साझा की थी, जिसमें 1 प्रतिशत ब्याज दर की मांग की गई थी। लेकिन चीन ने अभी तक औपचारिक रूप से अनुरोध का जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि अनौपचारिक रूप से चीनी अधिकारियों ने यह बताया कि ब्याज दर शब्द पत्रक में वर्णित एक से अधिक हो सकती है।

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Nov 15 2020, 10:19

नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम के उल्लंधन पर भारत सख्त, पाकिस्तानी राजनयिक को किया तलब
  


नई दिल्ली – पाक की नापाक हरकत का एक बार फिर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। दिवाली से एक दिन पहले नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से संघर्ष विराम का अकारण उल्लंघन किए जाने को लेकर शनिवार को पाकिस्तानी उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और कड़ी आपत्ति जाहिर की है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा निर्दोष नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने की कड़े शब्दों मे निंदा की और कहा कि पाकिस्तान की ओर से त्योहारों के समय नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी करके शांति भंग किया जाना और हिंसा भड़काना निंदनीय है। बयान में कहा गया कि  पाकिस्तान उच्चायोग के ‘चार्ज दी अफेयर्स’ को विदेश मंत्रालय द्वारा तलब किया गया था। उनके समक्ष पाकिस्तान के संघर्ष विराम का अकारण उल्लंघन करने को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। 


बता दें कि पाकिस्तानी सैनिकों ने शुक्रवार को जम्मू कश्मीर में उरी सेक्टर से लेकर गुरेज सेक्टर के बीच कई स्थानों पर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन किया जिसमें पांच सुरक्षाकर्मियों सहित 11 लोगों की मौत हो गई। भारतीय सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें पाकिस्तानी सेना के आठ सैनिक मारे गए और 12 अन्य घायल हो गए। इसके अलावा बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है।