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Oct 16 2020, 09:09

भारत का चीन को स्पष्ट संदेश, देश में आंतरिक मामलों में दखल ना दे चीन 
  

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भारत ने चीन से स्पष्ट कहा है कि लद्दाख और जम्म-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न अंग रहे हैं. चीन के पास भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है. भारतीय विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन ने कहा है कि वो भारत द्वारा स्थापित लद्दाख को भारतीय सीमा के तौर पर मान्यता नहीं देता है.

  


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ऑनलाइन ब्रीफिंग के दौरान कहा कि लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न अंग है. चीन के पास भारत के आंतरिक मामलों में बयान देने का कोई अधिकार नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि कोई भी देश भारत के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे क्योंकी वो भी भारत से ऐसी दखल की उम्मीद नहीं करते हैं. 

गौरतलब है कि जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सामरिक रूप से निर्मित महत्वपूर्ण 44 प्रमुख पुलों का उद्घाटन किया था तब चीन ने कहा था कि वो भारत द्वारा स्थापित लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को वैध नहीं मानता है. इस वर्ष की शुरुआत से ही भारत और चीन बीच गलवान घाटी में दोनों देशों के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद सीमा पर तनाव का माहौल बना हुआ है. 



चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा था कि चीन लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के तथाकथित केंद्र शासित प्रदेश को भारत का अवैध कब्जा मानता है. साथ ही कहा था कि चीन विवादित सीमा क्षेत्रों में सैन्य निगरानी के उद्देश्य से बुनियादी ढांचे के निर्माण के विरोध में हैं.

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Oct 15 2020, 19:41

क्या फिर कश्मीर का माहौल बिगाड़ने की हो रही कोशिश ? फारूख अबदुल्ला के घर पर गुपकार समझौते पर बनी भविष्य की रणनीति
  

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जम्मू कश्मीर में क्या पक रहा है ? क्या फिर से कश्मीर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है ? जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के घर पर सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी उपस्थित हुईं। 

  

आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) और 35 ए बहाल करवाने व राज्य के एकीकरण के लिए कश्मीर केंद्रित राजनीतिक दलों ने आपस में हाथ मिला लिए हैं। फारूख अब्दुल्ला ने जम्मू -कश्मीर के विशेष दर्जे के संबंध में 'गुपकार घोषणा’ पर भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए अपने आवास पर बैठक बुलाई। 
बैठक में कई राजनीतिक दल हुई मौजूद
नेशनल कांफ्रेंस के मुखिया फारूख अब्दुल्ला के घर हुई बैठक में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस एवं अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कई राजनीतिक दलों के नेता यहां मौजूद हैं। महबूबा मुफ्ती, सज्जाद गनी लोन और कम्युनिस्ट नेता यूसुफ तारिगामी शामिल हुए ।

समझौते का नाम गुपकार से बदलकर 'पीपल एलायंस गुपकार समझौता'
करीब दो घंटे तक चली इस बैठक के बाद फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि सभी पार्टियों ने इस समझौते का नाम गुपकार से बदलकर 'पीपल एलायंस गुपकार समझौता' करने पर आम सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। जम्मू-कश्मीर की समस्या का समाधान राजनीतिक है। आगे की रणनीति के लिए हम फिर बैठक करेंगे। 
क्या है गुपकार घोषणा
बता दें कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने से एक दिन पहले यानी 4 अगस्त 2019 को अपने गुपकार रोड़ वाले आवास पर कश्मीरी नेताओं की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर की पहचान, स्वायत्तता और उसके विशेष दर्जे को संरक्षित करने के लिए वे मिलकर प्रयास करेंगे। इस प्रस्ताव पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अलावा पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और कुछ छोटे दल शामिलों ने भी हस्ताक्षर किए। नेशनल कांफ्रेंस ने इस बैठक के बाद हुई घोषणा को गुपकार घोषणा करार दिया था।

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     @India  एक साल बाद सियासत तेज
    अब करीब एक साल नजरबंदी में रहने के बाद अब फारूख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती बाहर आ चुके हैं। ऐसे में जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली और राज्य के एकीकरण के मुद्दे पर फारूख और महबूबा मुफ्ती ने हाथ मिला लिए हैं। 
    आपलोगों को याद होगा अभी हाल ही में फारूख अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल करने की मांग को लेकर चीन से समर्थन लेने की बात कही थी। वहीं दूसरी ओर महबूबा मुफ्ती ने रिहा होने के बाद बयान दिया था कि जो दिल्ली ने हमसे छीना है वो हम वापस लेकर रहेंगे और काले दिन के काले इतिहास को मिटाएंगे। इतना ही नहीं फारूक अब्दुल्ला ने तो यहां तक कहा था कि चीन अनुच्छेद 370 वापस दिलाने में उनकी मदद कर सकता है। 
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Oct 15 2020, 19:11

क्या भारत के साथ संबंध सुधारना चाहता नेपाल, पीएम ओली ने उप-प्रधानमंत्री ईश्वर पोखरियाल को रक्षा मंत्री के पद से हटा
  

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नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने बुधवार को कैबिनेट में फेरबदल करते हुए अपने सबसे भरोसेमंद और देश के उप-प्रधानमंत्री ईश्वर पोखरियाल को रक्षा मंत्री के पद से हटा दिया। ओली के इस कदम को भारत के साथ संबंध को बेहतर बनाने के प्रयासों के तहत जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें कि ईश्वर पोखरियाल पीएम ओली के मंत्रिमंडल में भारत के सबसे बड़े आलोचकों में से रहे हैं।  

  

पीएम ओली का ये कदम ऐसे वक्त उठाया है जब भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे 3 नवंबर को नेपाल के दौरे पर जा रहे हैं। बता देंकि जिस दिन भारतीय थल सेना अध्यक्ष के नेपाल दौरे की सार्वजनिक घोषणा की गई उसी दिन अचानक पीएम ओली ने रक्षा मंत्री से उनका मंत्रालय छीन लिया। भारतीय सेना प्रमुख के नेपाल दौरे तक ओली ही रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले हैं।

इस साल मई के महीने में जनरल नरवणे ने तिब्बत में कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के लिए बनाए गए 80 किलोमीटर लंबे लिपुलेख मार्ग को लेकर नेपाल की प्रतिक्रिया के पीछे चीन का हाथ बताया था। ईश्वर पोखरियाल ने गोरखा सैनिकों को उकसाने की मांग की थी जो दशकों से भारतीय सेना का अभिन्न अंग रहे हैं। पोखरियाल ने कहा था कि जनरल नरवाने की टिप्पणी ने "नेपाली गोरखा सेना के जवानों की भावनाओं को आहत किया है, जो भारत की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर देते हैं।" उन्होंने  यह दावा करते हुए कि भारतीय सेना में गोरखा सैनिक जनरल नरवणे की टिप्पणी पर अपने वरिष्ठों का सम्मान नहीं करेंगे। मंत्री द्वारा अन्य अपमानजनक टिप्पणी भी की गई थी।

भारत से सीमा विवाद के बीच रक्षा मंत्री रहते हुए ईश्वर पोखरेल ने नेपाली सेना के प्रमुख को जबरन कालापानी भेजा था, जबकि नेपाली सेना का स्पष्ट मानना था कि भारत के साथ कूटनीतिक या राजनीतिक विवाद में सेना को ना घसीटा जाए। राष्ट्रपति विद्या भंडारी जो कि इससे पहले रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं, उन्होंने सेना को विवाद में घसीटने और सेना पर मनगढ़ंत आरोप लगाने वाले मंत्री को हटाए जाने के लिए लगातार दबाव बनाया था।

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Oct 15 2020, 19:08

दिल्ली की हवा में घुलने लगा है प्रदूषण का ज़हर 
  

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नई-दिल्ली 

  

सर्दिया आने वाली है ,और दिल्ली का आसमान धुंधलाने लगा है। प्रदूषण का ज़हर धीरे -धीरे दिल्ली की हवाओ में घुलने लगा है। दिल्ली के प्रदूषण की सबसे बड़ी वज़ह पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब में पराली जलना है। पराली से उठता धुआँ दिल्ली की हवा को जानलेवा बना देता है। 

पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को कहा कि सर्दियों के दौरान दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने लगी है। उन्होंने पंजाब को चेताते हुए कहा की पराली जलाकर प्रदूषण फैलाने से बाज आए पंजाब। आपको बता दे की दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। 

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा की पंजाब सरकार को ध्यान देना चाहिए कि वहां पराली ज़्यादा न जले। प्रदूषण बढ़ने में पराली की हिस्सेदारी 4% है। 

वही दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सरप्राइज विजिट के दौरान बुराड़ी के निर्माण स्थल पर प्रदूषण से संबंधित अनियमितताएं पाई। जिसकी वजह से PWD पर 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया । गोपाल राइ ने कहा की मैं कल भी इस साइट का मुआयना करूंगा और यदि उल्लंघन पाया गया तो डबल जुर्माना लगाया जाएगा।

आगामी सर्दियों के मौसम के मद्देनज़र, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने गुरूवार से दिल्ली-एनसीआर में निरीक्षण के लिए 50 टीमों को तैनात किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देशों के अनुपालन के लिए फील्ड पर टीमों को तैनात करने के लिए कहा है।

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Oct 15 2020, 19:07

कारगिल से कश्मीर को जोड़ने वाली जोजिला टनल का निर्माण शुरू,ख़त्म हुआ तीस साल का इंतज़ार
  

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लद्दाख के कारगिल इलाके को कश्मीर घाटी से जोड़ने के लिए जोजिला टनल का निर्माण आज से शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पहले विस्फोट का बटन दबाकर की। इस टनल की लंबाई 14.15 किलोमीटर है।  यह परियोजना द्रास व कारगिल सेक्टर से गुजरने के कारण अपने भौगोलिक और राजनैतिक दृस्टि से काफी महत्वपूर्ण है। 

  

इसे आल वेदर रोड की तर्ज़ पर बनाया जा रहा है।  इस टनल के निर्माण के बाद लद्दाख की राजधानी लेह और जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बीच पूरे साल आवागमन करना संभव हो पाएगा और दोनों के बीच के सफर में तकरीबन 3 घंटे का समय कम लगेगा।

11,578 फुट की ऊंचाई पर जोजिला दर्रे में नवंबर से अप्रैल तक छह महीने भारी बर्फबारी होने के कारण श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन बंद रहता है।इसे वाहन चलाने के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक हिस्से के तौर पर पहचाना जाता है। 

इस टनल का निर्माण पूरा होने पर श्रीनगर और लेह के बीच पूरे साल संपर्क बना रहेगा। जिसका लाभ इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो पायेगा।  लद्दाख, गिलगित और बाल्टिस्तान क्षेत्रों में हमारी सीमाओं पर चल रही भारी सैन्य गतिविधियों को देखते हुए इसकी बेहद अहम भूमिका होगी।

ख़त्म हुआ 30 साल का इंतज़ार

करीब 30 साल से कारगिल, द्रास और लद्दाख क्षेत्रों की जनता जोजिला टनल के निर्माण की मांग उठा रही थी। इसके निर्माण से एनएच-1 पर बर्फीले तूफानों से होने वाले हादसों से भी बचाव हो पाएगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यूपीए सरकार ने इसके निर्माण के प्रयास चालू किए थे। लेकिन तीन बार टेंडर निकाले जाने पर भी कोई कंपनी नहीं मिली ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई, 2018 में इस परियोजना की नींव राखी टनल निर्माण की जिम्मेदारी आईएलएंडएफएस को सौंपी गई। लेकिन कंपनी दिवालिया घोषित हो गई। जिसके कारण 15 जनवरी, 2019 को उसका कांट्रेक्ट रद्द कर दिया गया।

इस साल फरवरी में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने परियोजना की समीक्षा की और दोनों सड़क एक ही टनल में बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इसके चलते पहले 10,643 करोड़ रुपये के कुल खर्च वाले इस प्रोजेक्ट की लागत कम हो गई।

इसके बाद 4509,5 करोड़ रुपये का टेंडर डालने वाली मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। अब प्रोजेक्ट की कुुल लागत 6808.63 करोड़ रुपये बैठेगी यानी सरकार को करीब 3835 करोड़ रुपये की बचत होगी।

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Oct 15 2020, 19:03

एक्टर विवेक ओबरॉय के मुंबई स्थित घर बंगलूरू पुलिस का छापा
  

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मुंबई - अभिनेता विवेक ओबरॉय के घर पर बंगलूरू पुलिस ने छापेमारी की। दोपहर एक बजे बंगलूरू पुलिस के दो इंस्पेक्टर विवेक ओबेरॉय के मुंबई के जुहू स्थित घर पहुंचे और छापेमारी की। पुलिस विवेक ओबरॉय के साले आदित्य अलवा के मामले की जांच कर रही है।
छापेमारी को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ‘आदित्य अलवा फरार है। इस मामले में जानकारी मिली थी, कि अलवा, विवेक ओबेरॉय घर में छुपा है। आदित्य को ढूंढ़ने को लेकर यह छापेमारी है। मामले में कोर्ट से वारंट लिया गया है और क्राइम ब्रांच की टीम बंगलूरू से मुंबई पहुंची।‘
 
बता दें कि आदित्य अलवा कर्नाटक के पूर्व मंत्री जीवराज अलवा के बेटे हैं। उन पर कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों को कथित तौर पर ड्रग्स सप्लाई करने के आरोप हैं। इस केस में क्राइम ब्रांच की टीम कन्नड़ अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी सहित कुछ ड्रग पेडलर्स को गिरफ्तार कर चुकी है। 

सैंडलवुड ड्रग रैकेट केस में चार सितंबर को रागिनी को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद रागिनी का पहला डोप टेस्ट कराया गया। जहां उन्होंने सैम्पल के साथ छेड़खानी करने का प्रयास किया। 
रागिनी द्विवेदी के अलावा कन्नड़ अभिनेत्री संजना गलरानी को भी गिरफ्तार किया गया। सैंडलवुड ड्रग रैकेट मामले में अब तक कई सितारों के नाम सामने आ चुके हैं।

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Oct 15 2020, 16:23

रूस में शुरूआती ट्रायल के बाद दूसरी कोरोना वैक्सीन ‘EpiVacCorona’ को दी मंजूरी, राष्‍ट्रपति पुतिन ने की घोषणा
  

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मास्‍को - रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने बुधवार को घोषणा की कि देश ने दूसरी कोरोना वायरस वैक्‍सीन ‘EpiVacCorona’ को शुरुआती ट्रायल के बाद मंजूरी दे दी है। इस वैक्‍सीन को साइबेरियन बॉयोटेक कंपनी ने विकसित किया है। पेप्टाइड आधारित यह वैक्‍सीन कोरोना से बचाव के लिए दो बार देनी होगी। इसे साइबेरिया में स्थित वेक्‍टर इंस्‍टीट्यूट ने बनाया है।

  

बताया जा रहा है कि दो सप्‍ताह पहले इसके शुरुआती अध्‍ययन के पूरा होने के बाद अब मंजूरी दी गई है। पुतिन ने बुधवार को टीवी पर दिए अपने बयान में कहा, 'देश के वायरोलॉजी एंड बॉयोटेक्‍नालॉजी सेंटर नोवोसिबिरस्‍क वेक्‍टर ने आज दूसरी कोरोना वायरस वैक्‍सीन को रज‍िस्‍टर किया है।' राष्‍ट्रपति पुतिन ने कहा क‍ि इस वैक्‍सीन के 100 लोगों पर किए गए शुरुआती ट्रायल सफल रहे हैं।

डेप्‍युटी पीएम ततयाना गोलिकोवा को वैक्‍सीन लगाई गई
मॉस्‍को टाइम्‍स के मुताबिक पुतिन ने बताया कि रूस की डेप्‍युटी पीएम ततयाना गोलिकोवा और उपभोक्‍ता सुरक्षा निगरानी संस्‍था की चीफ अन्‍ना पोपोवा को भी यह वैक्‍सीन लगाई गई है। इस वैक्‍सीन का दो महीने ट्रायल चला है और वैज्ञानिकों ने अभी तक इसके परिणामों को प्रकाशित नहीं किया है। गोलिकोवा ने पुतिन से कहा है कि देशभर में 40 हजार वालंटियर्स को EpiVacCorona वैक्‍सीन के अगले चरण के ट्रायल के लिए चुना जाएगा।

दिसंबर तक रूस की तीसरी कोरोना वैक्‍सीन को सरकारी अनुमति
गोलिकोवा ने यह भी बताया कि दिसंबर तक रूस की तीसरी कोरोना वायरस वैक्‍सीन को सरकारी अनुमति मिल जाएगी। उन्‍होंने कहा, 'वेक्‍टर की योजना है कि EpiVacCorona वैक्‍सीन के पहले 60 हजार डोज को जल्‍द से जल्‍द तैयार कर लिया जाए।'


पहली वैक्सीन भी रूस ने रजिस्टर कराया
रूस ने इससे पहले 11 अगस्त को दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-V को रजिस्टर कराया था। अब करीब दो महीने बाद रूस के वैज्ञानिकों ने एक बार फिर दूसरी वैक्सीन को भी रजिस्टर कराया है। रूसी अधिकारियों ने प्रारंभिक चरण के अध्ययन के बाद दूसरा कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इससे पहले अगस्त में कहा था कि उनके देश ने स्पुतनिक-V नाम की पहली कोरोना वैक्सीन रजिस्टर कर ली है। फिलहाल ये वैक्सीन अपने ट्रायल के आखिरी चरण में है। हालांकि, दुनिया के कई वैज्ञानिकों ने इस वैक्सीन को जल्दबाजी में उतारी गई वैक्सीन बताते हुए इसकी आलोचना भी की थी।

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Oct 15 2020, 16:20

नवरात्री के पहले दिन से सिटी फ़ॉरेस्ट 'आनंद वन' लोगो का स्वागत करेगा
  

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देहरादून 

  

उत्तराखंड के पहले सिटी फ़ॉरेस्ट 'आनंद वन' को लोगो के लिए नवरात्रि के पहले दिन से खोल दिया जायेगा। आनंद वन झझरा फॉरेस्ट रेंज कॉम्प्लेक्स में विकसित किया गया है। इसे नेचर एजुकेशन सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। इसमें विभिन्न प्रजातियों के जीव-जन्तुओं और वनस्पतियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।  

इसका मकसद प्रकृति के माध्यम से राज्य के समृद्ध वनस्पतियों और जीवों के बारे में आगंतुकों को जानकारी देना है। इसमें उत्तराखण्ड की संस्कृति, शिल्प, देवस्थानों और परम्पराओं के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी।

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Oct 15 2020, 16:17

SC का ऐतिहासिक फैसला- बहू को है सास-ससुर के घर में रहने का अधिकार
  

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सुप्रीम कोर्ट ने बहू के पक्ष में आज एक ऐतिहासिक फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत बहू को अपने पति के माता-पिता के घर में रहने का अधिकार है. जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने तरुण बत्रा मामले में दो न्यायाधीशों की पीठ के फैसले को पलट दिया है.

  

गौरतलब है कि तरुण बत्रा मामले में दो जजों की बेंच ने कहा था कि कानून में बेटियां, अपने पति के माता-पिता के स्वामित्व वाली संपत्ति में नहीं रह सकती हैं. अब तीन सदस्यीय पीठ ने तरुण बत्रा के फैसले को पलटते हुए 6-7 सवालों के जवाब दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि पति की अलग-अलग संपत्ति में ही नहीं, बल्कि साझा घर में भी बहू का अधिकार है.

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Oct 15 2020, 16:16

हाथरस कांड: पीड़ित परिवार ने दिल्ली में ट्रायल की अपील की, SC ने सुरक्षित रखा फैसला
  

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सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हाथरस गैंगरेप कांड को लेकर सुनवाई हुई. इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को दी गई सुरक्षा के बारे में जानकारी सौंपी गई. पीड़ित परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वकील सीमा कुशवाहा पेश हुईं. उन्होंने अदालत से अपील की है कि इस केस का ट्रायल दिल्ली में ही होना चाहिए. जिसपर फैसला सुरक्षित रख लिया गया है. 

  

गुरुवार को सुनवाई शुरू होने पर सीमा कुशवाहा की ओर से मांग की गई कि सीबीआई की अपनी जांच की रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपनी चाहिए, साथ ही स्टेटस रिपोर्ट भी देनी चाहिए. इसके अलावा उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाना चाहिए. मामले की जांच पूरी होने के बाद केस का ट्रायल दिल्ली में ही होना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने अभी इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. सर्वोच्च अदालत ये बताएगी कि केस से जुड़ी सभी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट सुनेगी या फिर हाईकोर्ट. इसके अलावा ट्रायल दिल्ली में होगा या यूपी में ही होगा. इसके अलावा परिवार की सुरक्षा राज्य सरकार की एजेंसी करेगी या फिर केंद्रीय एजेंसी.

आपको बता दें कि हाथरस केस को लेकर एक सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में भी हो रही है. लेकिन यहां पर परिवार की सुरक्षा को लेकर याचिका दायर की गई थी. जिसपर पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार से जवाब मांगा था, अब सरकार ने अपना हलफनामा सौंप दिया है. 

अदालत में यूपी पुलिस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा को लेकर अदालत जो भी आदेश देगी, उसका पालन किया जाएगा. आरोपी और पीड़ित पक्ष के अलावा सुप्रीम कोर्ट में कुछ एनजीओ ने भी अपनी बात कहनी चाही लेकिन अदालत ने सभी को हाईकोर्ट जाने के लिए कह दिया. 

गौरतलब है कि इस मामले में अभी सीबीआई की जांच चल रही है. सीबीआई की टीम पिछले तीन दिनों से हाथरस में ही है और पीड़िता के परिवार से लेकर आरोपी के परिवार से सवाल कर रही है.