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Apr 03 2020, 11:36

कोरोना काल में तबलीगी जमात के कारण उठ रहे कई सवाल
Part 1

क्या जेहाद का तरीका बदल गया है  ?
क्या जेहाद के नाम पर दहशत फैलाने का तरीका बदल गया है ?
क्या आत्मघाती हमले का तरीका बदल गया है?
ये सवाल उस वक्त उठने लाजमी हो जाते हैं जब दुनिया कोरोना से कराह रही होती है, लोग मर रहे होते हैं। इसी बीच हजारों लोगों का धर्म के नाम पर जमावड़ा लगता है, यानी तबलीगी जमात होती है। ये जानते हुए कि कोरोना वायरस एक मनुष्य से दूसरे में तेजी से संक्रमित होने वाली बीमारी है। ये जानते हुए तबलीगी जमात खत्म होने के बाद उसमें शामिल सैकड़ों लोग बिना किसी सूचना के चुपचाप पूरे देश में फैल जाते हैं। बाद में धीरे धीरे देश भर की अलग अलग मस्जिदों से इन्हें पकड़ा जाता है। पकड़े गए लोगों में ज्यादातर विदेशी मुसलमान शामिल होते हैं। 

और फिर अचानक कोरोना के मामलों में तेजी से इजाफा होता है। तबलीगी जमात में शामिल 400 से भी ज्यादा लोगों में कोरोना संक्रमण पाया जाता है। जिसके बाद से दिल्ली के निजामुद्दिन में स्थित मरकज को संदेह की नजर से देखाना लाजमी हो जाता है, और ये संदेह कई तरह के सवाल पैदा कर रहा है। 

क्या इन संक्रमित लोगों ने जानबूझकर जमात की और बीमारी को खुद के अंदर पाला ?
 
कोरोना के फैलाव की वजह से फरवरी से ही देश में लोगों को सोशल डिस्टेंट मेंटेन करने का निर्देश दिया जा रहा था। बावजूद इसके 1 से 15 मार्च के बीच मरकज में  करीब 6 हजार लोगों का जमावड़ा लगा रहा। इसे बाद की तारीख में कुछ लोग अपने अपने जगह के लिए रवाना हो गए, लेकिन तब भी 2000 से ज्यादा लोग मरकज में जमे रहे। हालांकि मामले के सामने आने के बाद ये दलीलें दी गई कि लॉकडाउन की वजह से वे नहीं जा सके। अगर ऐसी बात थी तो प्रशासन से मदद क्यों नहीं मांगी गई ? जब सरकार ने विदेशों में फंसे अपने लोगों को एयरलिफ्ट कराया, पाकिस्तानी छात्रों को भी मदद देने को तैयार थी, तो क्या अपने देश में फंसे लोगों की मदद नहीं की जाती। लेकिन मदद की बात तो दूर हजारों की संख्या में लोगों के जमा होने की बात छुपायी गई।

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     @India  एक आम सी बात करते हैं जब भी कोई बीमार होता है, डॉक्टर के पास जाता है। खासकर ऐसे वक्त में जब बीमारी का खतरा बढ़ा हुआ है। बावजूद इसके जमात में शामिल लोगों ने वायरस से संक्रमण की बात डॉक्टर को बतानी तो दूर, एहतियात भी नहीं बरता, और समुह में एक साथ हजारों की संख्या में रहें, और ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमित करने के बाद पूरे देश में फैल गए। 
    
    क्या धर्म प्रचार के बहाने वायरस का प्रचार किया गया
    
    जमात में हिस्सा लेने वाले 5,000 से ज्यादा लोगों को पृथक तौर पर रखा गया है। इनमें से कुछ लोगों को राज्यों के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया गया है। इसके साथ ही गुजरात, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित अन्य जगहों पर 2,000 अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है। इस सूची में विदेशी भी शामिल हैं, जबकि ऐसे कुछ लोगों की भी पहचान की है जो दिल्ली से अपने अपने गृह नगर नहीं लौटे हैं।जिस तरह के मामले सामने आए हैं, उसके बाद गृहमंत्रालय का साफ कहना है कि मामलों में इतनी बढ़ोतरी तबलीगी जमात के कारण हुई है। 
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Apr 03 2020, 11:25

लॉकडाउन के नौवें दिन पीएम मोदी ने देश से मांगे 9 बजे, 9 मिनट, 5 अप्रैल को दिखेगी नई सामूहिकता

कोरोना वायरस के खिलाफ देश की जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से एक बार फिर अपील की है. शुक्रवार सुबह अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि वह इस रविवार यानी 5 अप्रैल को देशवासियों से नौ मिनट चाहते हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि रात को नौ बजे, नौ मिनट तक लोग अपने घरों से बाहर आएं और दीया, टॉर्च या फिर मोमबत्ती जलाएं. प्रकाश की इस ताकत से हम कोरोना वायरस के अंधकार को एक साथ आकर मात देंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि 5 अप्रैल को रात नौ बजे घर की लाइट बंद करके, घर के दरवाजे पर मोमबत्ती, दिया या फ्लैश लाइट जलाएं. पीएम मोदी ने कहा कि इस रविवार को हमें संदेश देना है कि हम सभी एक हैं. पीएम ने अपील करते हुए कहा कि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन ना करें.

शुक्रवार सुबह जारी किए गए वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि  मेरे प्यारे देशवासियों, कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ देशव्यापी लॉकडाउन को आज नौ दिन हो रहे हैं. इस दौरान आप सभी ने जिस प्रकार अनुशासन और सेवा भाव का परिचय दिया. शासन-प्रशासन और जनता जनार्दन ने इस स्थिति को अच्छे तरीके से संभालने का काम किया है.
पीएम ने कहा कि जिस प्रकार 22 मार्च रविवार के दिन लड़ाई लड़ने वाले हर किसी का धन्यवाद किया, वो भी आज सभी देशों के लिए मिसाल बन गया. आज कई देश इसको दोहरा रहे हैं. जनता कर्फ्यू दुनिया के लिए मिसाल बना, जिससे ये साबित हुआ कि देश एकजुट होकर लड़ाई लड़ सकता है.

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Apr 03 2020, 10:43

कोरोना के बारे में दारुल-उलूम फ़िरंगी महल ने ‘फ़तवा’ जारी किया.

दारुल उलूम फिरंगी महल लखनऊ से आज एक फ़तवा जारी किया है जिसमें कोरोना का टेस्ट और इलाज करवाना जरूरी और इस बीमारी को छुपाना अपराध बताया गया है। अपनी जान या किसी दूसरे की जान को खतरे में डालना इस्लाम में हराम बताया गया है: मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली

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Apr 03 2020, 09:50

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया देश को संबोधित,प्रकाश से दूर करें कोरोना रूपी अंधकार,पढ़िए क्या क्या कहा उन्होंने। 


राहुल सिन्हा

कोरोना महामारी के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश की जनता को संबोधित किया। संबोधन के दौरान उन्होंने देशवासियों की हौसला अफजाई की और रविवार को रात 9 बजे एक साथ प्रकाश उत्पन्न करने की अपील की। कहा कि हम अगर एक साथ मिलकर लड़े तो कोई भी जंग जीता जा सकता है।
संबोधन के दौरान सबसे पहले उन्होंने जनता को धनवाद दिया। उन्होंने कहा कि देशव्यापी लॉक डाउन को आज 9 दिन हो रहे हैं। इस दौरान आपने जिस प्रकार धैर्यता, अनुशासन और सेवाभाव का परिचय दिया है उसके लिए मैं सभी के प्रति आभार प्रकट करता हूं। जिस प्रकार 22 मार्च को आप सभी ने ताली और थाली बाजाकर एकता का परिचय देते हुए सेवा कर रहे लोगों को धन्यवाद दिया वो अभूतपूर्व है। अन्य देश भी भारत द्वारा किए गए कार्यों को दोहरा रहे हैैं चाहे वह लॉक डाउन हो या कुछ और।
 उन्होंने कहा कि घरों में रहने के दौरान खुद को अकेला ना समझें, हम सभी साथ हैं। देश की 130 करोड़ जनता इस लड़ाई में साथ है। लॉक डाउन के दौरान गरीब तबके के लोगों के बीच जो समस्या उत्पन्न हुई है उसे दूर करने की कोशिश करें। यथासंभव उनकी मदद करें।
इसके बाद उन्होंने कहा कि 5 अप्रैल यानी रविवार को फिर से अपनी एकजुटता का परिचय देना है और कोरोना रूपी अंधकार को प्रकाश से दूर करना है। मैं आप सभी से 9 मिनट मांगने आया। रविवार को आप सभी को रात 9:00 बजे अपने घरों की सारी लाइट बंद कर देनी है और अपने दरवाजे, छत या बालकनी पर 9 मिनट के लिए मोमबत्ती,दिया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाना है और इस प्रकाश से कोरोना रूपी अंधकार को दूर करना है।
उस उजाले में संकल्प लें कि हम अकेले नहीं है कोई भी अकेला नहीं है। आइए साथ मिलकर कोरोना को हराएं और भारत को विजयी बनाएं। 
चूंकि पिछली बार कई ऐसे वीडियो सामने आए थे जिसमें लोग भीड़ लगाकर ताली और थाली बजा रहे थे,इसलिए प्रधानमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि कोई भीड़ ना लगाएं। एक जगह इकट्ठा ना हो और सोशल डिस्टेंस का सख्ती से पालन करें।

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Apr 03 2020, 09:46

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया देश को संबोधित,प्रकाश से दूर करें कोरोना रूपी अंधकार,पढ़िए क्या क्या कहा उन्होंने। 


राहुल सिन्हा

कोरोना महामारी के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश की जनता को संबोधित किया। संबोधन के दौरान उन्होंने देशवासियों की हौसला अफजाई की और रविवार को रात 9 बजे एक साथ प्रकाश उत्पन्न करने की अपील की। कहा कि हम अगर एक साथ मिलकर लड़े तो कोई भी जंग जीता जा सकता है।
संबोधन के दौरान सबसे पहले उन्होंने जनता को धनवाद दिया। उन्होंने कहा कि देशव्यापी लॉक डाउन को आज 9 दिन हो रहे हैं। इस दौरान आपने जिस प्रकार धैर्यता, अनुशासन और सेवाभाव का परिचय दिया है उसके लिए मैं सभी के प्रति आभार प्रकट करता हूं। जिस प्रकार 22 मार्च को आप सभी ने ताली और थाली बाजाकर एकता का परिचय देते हुए सेवा कर रहे लोगों को धन्यवाद दिया वो अभूतपूर्व है। अन्य देश भी भारत द्वारा किए गए कार्यों को दोहरा रहे हैैं चाहे वह लॉक डाउन हो या कुछ और।
 उन्होंने कहा कि घरों में रहने के दौरान खुद को अकेला ना समझें, हम सभी साथ हैं। देश की 130 करोड़ जनता इस लड़ाई में साथ है। लॉक डाउन के दौरान गरीब तबके के लोगों के बीच जो समस्या उत्पन्न हुई है उसे दूर करने की कोशिश करें। यथासंभव उनकी मदद करें।
इसके बाद उन्होंने कहा कि 5 अप्रैल यानी रविवार को फिर से अपनी एकजुटता का परिचय देना है और कोरोना रूपी अंधकार को प्रकाश से दूर करना है। मैं आप सभी से 9 मिनट मांगने आया। रविवार को आप सभी को रात 9:00 बजे अपने घरों की सारी लाइट बंद कर देनी है और अपने दरवाजे, छत या बालकनी पर 9 मिनट के लिए मोमबत्ती,दिया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाना है और इस प्रकार से कोरोना रूपी अंधकार को दूर करना है।
उस उजाले में संकल्प लें कि हम अकेले नहीं है कोई भी अकेला नहीं है। आइए साथ मिलकर कोरोना को हराएं और भारत को विजयी बनाएं। 
चूंकि पिछली बार कई ऐसे वीडियो सामने आए थे जिसमें लोग भीड़ लगाकर ताली और थाली बजा रहे थे,इसलिए प्रधानमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि कोई भीड़ ना लगाएं। एक जगह इकट्ठा ना हो और सोशल डिस्टेंस का सख्ती से पालन करें।

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Apr 03 2020, 08:43

आज 9 बजे से पीएम मोदी करेंगे देश को संबोधित,कोरोना संकट पर करेंगे बात

आज 9 बजे से पी एम मोदी देश को संबोधित करेंगे।कोरोना संकट से गुजर रहे भारत,लॉक डाउन के कारण उत्पन्न स्थिति,  तबलीगी जमात के कारण कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्यां तथा देश को तीसरे.स्टेज में जाने से बचने के लिए वे आज देश की जनता को दे सकते हैं हिदायत।

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Apr 03 2020, 08:03

गाजियाबाद: आइसोलेशन वार्ड में बिना पैंट घूम रहे तबलीगी जमात के मरीज, DM-SSP से शिकायत

दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित तबलीगी जमात के मरकज में रहे लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने शुरू हुए तो पूरे देश में हड़कंप मच गया. यह खबर फैलते ही सभी राज्य सतर्क हो गए, क्योंकि हर प्रदेश से कई लोग जमात के उस कार्यक्रम में शामिल होने आए थे.

यूपी में भी ऐसे लोगों की पहचान की गई और उनमें से कुछ को आइसोलेशन में रखा गया जबकि कुछ को क्वारनटीन किया गया. गाजियाबाद के एक अस्पताल में भी जमात में शामिल कुछ लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था. लेकिन उनकी हरकतें सामान्य नहीं बताई जा रही हैं. शिकायत के आधार पर उन सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है.

गाजियाबाद में जिला सरकारी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने घंटाघर कोतवाली में इस बारे में सूचना दी है. एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने पत्र लिखकर शिकायत की कि आइसोलेशन वार्ड में रखे गए कोरोना वायरस के संभावित मरीज जो तबलीगी जमात से ताल्लुक रखते हैं वो वार्ड में बिना कपड़ों के घूमते रहते हैं.

एमएमजी अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में रोके गए तथाकथित लोगों द्वारा अश्लील हरकतें करने, सहयोग ना करने आदि के संबंध में मुकदमा पंजीकृत करने हेतु थानाध्यक्ष को शिकायत दी गई थी. उसी क्रम में थाना कोतवाली गाजियाबाद में अपराध संख्या 288/20 आईपीसी की धारा 354, 294, 509, 269, 270 और 271 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है.

इसके अलावा पत्र में यह भी लिखा गया है कि जमाती मरीज स्टाफ नर्स के सामने अश्लील गाने सुनते हैं और गंदे-गंदे इशारे करते रहते हैं. इतना ही नहीं डॉक्टरों और नर्सों से वो लोग बीड़ी और सिगरेट की मांग भी कर रहे हैं.

दरअसल, बताया जा रहा है कि आइसोलेशन में रखे गए उन जमाती मरीजों की शिकायत अस्पताल की कुछ नर्सों ने जिला अस्पताल के सीएमएस से की थी. जिसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत दी है. वहीं इस शिकायत के बाद तबलीगी जमात से ताल्लुक रखने वाले मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है.

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Apr 03 2020, 07:22

वीडियो कॉन्फ्रेंस में हुई PM मोदी की राज्यों के मुख्य मंत्रियों से बात,कोरोना से निपटने के लिए मुख्य मंत्रियों  ने मांगा पैसे,पूछा क्या लॉक डाउन और बढ़ेगा...?

नई दिल्ली, कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई बातचीत में पी एम ने राज्यों की हालत का जानकारी लिया तथा कोरोना से निपटने की तैयारी पर चर्चा की ।

 इस  दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2500 करोड़ की मदद मांगां है।  इसके अलावे पंजाब समेत बाकी राज्यों ने भी केंद्र से आर्थिक मदद मांगा है।
   इस दौरान मुख्यमंत्रियों ने राज्यों ने केंद्र से मेडिकल किट, बकाये पैसे के साथ ही आर्थिक मदद की मांग की है. राज्यों ने केंद्र से पूछा कि लॉकडाउन कब तक लागू रहेगा?

    पश्चिम बंगाल की ही तरह पंजाब ने भी 60 हजार करोड़ के पुराने बकाये की मांग की है। इसके साथ ही पंजाब ने नए फसल के आने से पहले केंद्र सरकार से दो लाख मीट्रिक टन गेहूं को रखने की व्यवस्था करने की मांग की।

पश्चिम बंगाल और पंजाब की तरह बाकी राज्यों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोरोना से जंग लड़ने के लिए पर्सनल प्रोटेक्शन इक्वीपमेंट की सप्लाई की मांग की। साथ ही पुराने बकाया राशि  भी देने की मांग की गई है।  राज्यों ने पीएम मोदी से कहा कि इस बार लॉकडाउन की वजह से राजस्व कलेक्शन में कमी आएगी, इसकी भरपाई केंद्र को करनी चाहिए।

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण स्कीम को प्रदेशों सरकारों से लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें कोशिश करें कि पलायन को रोका जा सके, इसके साथ ही गरीबों को उनके खाते में पैसा और राशन मिल जाए। राज्य सरकारों ने केंद्र से लॉकडाउन को बढ़ाए जाने को लेकर सवाल पूछे। सरकारों ने पूछा कि क्या लॉकडाउन को बढ़ाने का प्लान है।

     मुख्यमंत्रियों से बात करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि राज्य सरकारों से बेहतरीन समन्वय स्थापित किया जा सके, क्योंकि कोरोना की लड़ाई हम सबको मिलकर लड़नी है। केंद्र सरकार हर कदम पर राज्य सरकार का साथ देगी। उन्होंने राज्यों के मेडिकल सुविधाओं के बारे में भी जाना। साथ ही क्वारनटीन सेंटर की हालत की विस्तृत रिपोर्ट ली।

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Apr 03 2020, 06:57

बंगलोर, में कोरोना से संवंधित डाटा संग्रह करने गयी आशा वर्कर पर मुस्लिम परिवार द्वारा हमला,

  वायरल वीडियो में हमले के शिकार हुई कृष्णबेनी बोलीं- मस्जिद से आई आवाज और वे मुझ पर लोग टूट पड़े

बंगलोर, कोरोना की भयावहता और सरकार द्वारा इसकी रोकथाम के सतत प्रयास की गंभीरता को लोग अभी भी नही समझ रहे हैं। जिसका उदाहरण है कि लोंगो द्वारा लगातार स्वास्थ्यकर्मी, चिकित्सको पर हमला तो जारी है। अब सम्भावित इलाके में कोरोना  संक्रमितों के सर्वे में लगाये गए आशाकर्मी पर भी हमला शुरू हो गया है ।

ताज़ा घटना  बेंगलुरु की है जहां कोरोना वायरस का सर्वे करने गयी आशाकर्मी पर हमाल किया गया।

   ये आशा वर्कर्स लोगों में कोरोना वायरस की जागरूकता फैलाने और सर्वे करने निकली थीं। एक इलाके में उनके ऊपर हमला किया गया। 

   कर्नाटक का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो आशा वर्कर का है जो कोरोना वायरस के प्रति लोगों को जागरूक करने निकली थी। उसके साथ अन्य स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी थे। वीडियो में आशा वर्कर बता रही है कि किस तरह उनके ऊपर हमला किया गया। वह घटना का जिक्र करते हुए रोने लगती है।

   इस आशा वर्कर का नाम कृष्णावेनी है। उसने बताया कि कर्नाटक के सादिक इलाके में हर घर में जाकर यह पता करने का निर्देश था कि किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लक्षण तो नहीं दिख रहे हैं। आशा कर्मियों को ऐसे व्यक्तियों के बारे में डाटा एकत्र करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।

मुस्लिम परिवार निकले बाहरऔर कर दिया हमला

कृष्णावेनी ने बताया कि वे लोग डाटा एकत्र करने गई थीं। तभी एक मस्जिद से अपील की गई कि डाटा एकत्र करने में सहयोग न करें। मस्जिद से अपील के बाद कई मुस्लिम परिवार के लोग बाहर आ गए और उनके साथ बदसलूकी करने लगे। उनके ऊपर हमला किया

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Apr 03 2020, 06:54

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्यां हुई 2069,इसमें 155 हुए ठीक,53 की हुई मौत

दिल्ली, पिछले 24 घंटों में कोरोना के 235 नए मामले सामने आए हैं। भारत में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2069 हो गई है (1860 सक्रिय मामले, 155 ठीक / डिस्चार्ज/ प्रवासी और 53 मृतक) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार उपरोक्त जानकारी दी गयी है ।

इसी तरह दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 141 केस नए आये हैं । जिसमें 182 कोरोना संक्रमित निजामुद्दीन मरकज में  शामिल हुए थे दिल्ली में मरीजों की संख्या बढकर 293 हो गयी 
है ।
महाराष्ट्र में 81 नए मरीज- आंकड़ा 416 पहुंचा। 
तमिलनाडु में 309 मरीज,जिसमें 264 दिल्ली के मरकज से लौटे लोग। मौलाना साद अब तक फरार।