पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर बांग्लादेश की खिलीं बांछे, सुलझेगा दशकों पुराना तीस्ता जल विवाद?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत देश की सियासी गलियारों में ही चर्चा का विषय नहीं है। इस जीत पर पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों के भीतर भी कई तरह की चर्चा और विश्लेषण हो रहे हैं। इस बड़ी चुनावी जीत ने क्षेत्रीय कूटनीति और राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत मिल रहे है।

तीस्ता जल समझौते को लेकर जगी उम्मीद

बांग्लादेश की सत्ताधारी 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी' (बीएनपी) ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज करने पर भाजपा को औपचारिक रूप से अपनी बधाई दी है। इसके साथ ही बांग्लादेश ने भारत को लेकर बड़ी उम्मीद जताई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लंबे समय से अटके तीस्ता जल समझौते पर विचार किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के बीच संबंधों में सुधार की आस

वहीं, बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी के इस पूरे बयान में सबसे अहम बात तीस्ता जल बंटवारा संधि को लेकर कही गई है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है।

तीस्ता जल को लेकर बन गई थी सहमति

सितम्बर 2011 में बांग्लादेश और भारत के जल संसाधन मंत्रियों के बीच तीस्ता समझौते पर सहमति बन गई थी। उम्मीद थी कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण यह समझौता रुक गया। बता दें कि ममता बनर्जी को भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल विवाद को सुलझाने की कोशिशों में एक रुकावट के तौर पर देखा जाता रहा है।

शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बिगड़े रिश्ते

शेख हसीना सरकार के अगस्त 2024 में गिरने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, जो अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों, भारत में बांग्लादेश मिशन पर हमले, भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की मांग, ढाका में भारतीय दूतावास के सांस्कृतिक केंद्र पर हमले, वीजा सेवाओं में ठहराव, व्यापारिक सुविधाओं में कटौती, और भारत में टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट टीम के इनकार करने जैसी कई घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को निचले स्तर तक पहुंचा दिया था। हालांकि, बांग्लादेश में फ़रवरी में हुए आम चुनाव के बाद दोनों देशों ने संबंध सुधारने की कोशिशें शुरू की हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं।

अमित शाह चुनेंगे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री, बनाए गए पर्यवेक्षक, जेपी नड्‌डा को असम की जिम्मेदारी

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पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भाजपा ने अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी गई है। वहीं, असम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जल्द कोलकाता जाएंगे शाह

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा।

नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर चुनेंगे नेता

वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

पांच विधानसभा चुनावों में किसने कहां मारी बाजी, पूरे देश से लेफ्ट सरकार का सुपड़ा साफ

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पश्चिम बंगाल से लेकर असम, केरल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में टीएमसी को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें डीएमके या एआईएडीएमके नहीं होगी।

बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्ता का शिखर छू लिया। ममता बनर्जी की टीएमसी को एकतरफा हराकर भाजपा ने सबसे मुश्किल किला यानी बंगाल फतह कर लिया। बंगाल में भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी, पार्टी 80 सीट पर जीत दर्ज की।

तमिलनाडु के नतीजों ने किया हैरान

सबसे अधिस हैरानी तमिलनाडु में हुई। तमिलनाडु की सियासत में पहली बार किस्मत आजमा रहे थलापति विजय ने अपनी पार्टी टीवीके को जबरदस्त जीत दिलाई। चुनावी राजनीति में शानदार आगाज से विजय ने तमिलनाडु की सियासत में लंबे समय से दबदबा रखने वाले द्रमुक और अन्नाद्रमुक को बहुत पीछे छोड़ दिया है। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने राज्य के राजनीतिक समीकरण को हिलाकर रख दिया है। विजय की पार्टी टीवीके ने 100 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए 108 सीटों पर कब्जा जमाया है। मगर 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें हासिल करने से चूक गई। सरकार बनाने के लिए टीवीके को कम से कम 10 सीटों की दरकार होगी।

असम में तीसरी बार भाजपा सरकार

असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। असम में 126 सीटों पर चुनाव हुआ। भाजपा ने 89 पर चुनाव लड़ा और 82 सीटें जीतीं। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। उसकी जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 92.1% रहा।

10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी

केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई है। केरलम में कांग्रेस ने 114 में से 63 सीटें अपने नाम की है। हालांकि सीएम पिनाराई विजयन अपनी सीट धरमदम से जीत गए, लेकिन राज्य में एलडीएफ की करारी हार हुई। एलडीएफ सरकार के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे हैं। इनमें स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज, परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार, उद्योग मंत्री पी राजीव, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु, खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान और देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन शामिल हैं।

पुडुचेरी में रंगासामी पांचवीं बार सीएम बनेंगे

एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के सीएम बनेंगे। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतीं। वो पहली बार 2001 में सीएम बने थे। उनकी सरकार के 2 मंत्रियों लक्ष्मीनारायणन और चंद्रा प्रियंगा को हार का सामना करना पड़ा है।

बंगाल चुनाव में बीजेपी की सुनामी, रूझानों में 180 के पार, ममता बनर्जी का किला ढहा

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार भारतीय जनता पार्टी की सुनामी आती दिख रही है। बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत हासिल करती दिख रही है। वोटों की शुरुआती गिनती में कड़े मुकाबले के बाद अब हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं और बीजेपी ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए सियासी समीकरण पूरी तरह उलट दिए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 183 सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत से काफी आगे निकल चुकी है, जबकि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी महज 93 सीटों पर सिमटती दिख रही है।

ममता बनर्जी और सुबेंदु अधिकारी कके बीच कड़ा मुकाबला

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर और नंदीग्राम सीट पर सभी की नजरें हैं। भवानीपुर पर ममता बनर्जी और बीजेपी उम्मीदवार सुबेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला है। हालांकि, यहां दोनों नेताओं के बीच कड़ी टक्कर नजर आ रही है। रुझानों में कभी सुबेंदु अधिकारी तो कभी ममता बनर्जी लीड करते नजर आ रहे हैं। पहले ममता बनर्जी आगे चल रही थीं, लेकिन अब सुबेंदु अधिकारी लीड कर रहे हैं, जबकि नंदीग्राम में भी सुबेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए हैं।

मोदी मैजिक के आगे ममता कका दांव फेल

पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार जिस तरह से चुनाव प्रचार किया और उनके साथ जिस तरह से लोग जुड़ते नजर आए, विपक्ष के दिमाग में तभी से खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई। चाहे झारग्राम में पीएम मोदी ने एक दुकान में जालमुड़ी खरीद कर खाई हो या फिर कोलकाता के पास हावड़ा में हुगली नदी में बोटिंग की हो, विपक्ष के नेताओं ने उनपर कटाक्ष करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। लेकिन, पीएम मोदी बंगाल के लोगों का मूड भांप चुके थे। मॉर्निंग वॉक के दौरान भी लोगों ने उन्हें जिस तरह से अपने बीच देखकर प्रतिक्रिया दी, उससे साफ लगा कि अब बंगाल की जनता के मन से ममता बनर्जी का प्रभाव धूमिल हो चुका है और वह बदलाव के लिए वोट डालने का मन बना चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में रुझानों में भाजपा को बहुमत, 157 सीटों पर आगे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ होने लगी है। शुरुआती रुझान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिल गया है। बीजेपी ने 147 का जादुई आंकड़े को छू लिया है। टीएमसी पिछड़ती नजर आ रही है।

सुबह 10 बजे तक के रुझान में भारतीय जनता पार्टी 147, तृणमूल कांग्रेस 107, कांग्रेस 3 सीट पर बढ़त बनाई हुई है। हालांकि चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक बीजेपी 38 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 18 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्टा 1 सीट पर आगे चल रही है।

बंगाल में बीजेपी में जश्न शुरू

पश्चिम बंगाल में शुरूआती रूझानों के बाद बीजेपी में जश्न मनाया जा रहा है। सुबेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले राउंड में वह दो हजार से पीछे थे लेकिन सेकंड राउंड तक हिंदू-मुस्लिम हो गया। मैं आपको पहले दिन से बता रहा हूं कि पश्चिम बंगाल में चुनाव कैसे होता है, सबको पता है। मोयना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार अशोक डिंडा ने कहा कि बंगाल के लोग बेवकूफ नहीं हैं। यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।

झारमुड़ी बांटे जा रहे

भबानीपुर में जयश्री राम के नारे गूंजने लगे हैं। झारमुड़ी बंटनी शुरू हो गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटनी भी शुरू कर दी है। बीजेपी का बंगाल में अपनी जीत का भरोसा हो गया है। सुवेंदु अधिकारी के जयाकारे लग रहे हैं।

क्या बंगाल से ममता दीदी की विदाई तय, 4 मई को आ रही नई सरकार?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल 294 सीटों पर दो चरणों में वोट डाले गए। पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ। मतगणना 4 मई को होगी। इस बीच दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ गए हैं। एग्जिट पोल की मानें तो बंगाल से दीदी की विदाई तय हो गई है।

बंगाल की जनता चाहती है बदलाव?

बंगाल के रण में इस बार ममता बनर्जी का जादू चलता नहीं दिख रहा है। प्रमुख एग्जिट पोल्स ने साफ कर दिया है कि बंगाल की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है। 2021 में जिस भाजपा को दीदी ने पटखनी दी थी, वही भाजपा 2026 में सुनामी बनकर लौटती दिख रही है।

टीएमसी वाली राजनीति का युग अब अंत की ओर है?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने के लिए जो दांव चल रही थीं, वे उलटे पड़ गए हैं। इन आंकड़ों ने न केवल टीएमसी के कैंप में सन्नाटा पसरा दिया है, बल्कि राजनीतिक पंडितों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या बंगाल में दशकों पुरानी वामपंथी और फिर टीएमसी वाली राजनीति का युग अब अंत की ओर है?

क्या कह रहे एग्जिट पोल के आंकड़े

जेवीसी के एग्जिट पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। टीएमसी को 131 से 152 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 138 से 159 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस के खाते में 0 से 2 सीटें जाने का अनुमान है, जबकि वाम दलों और अन्य के खाते में कोई सीट जाती नहीं दिख रही है। वहीं, जनमत पोल्स के एग्जिट पोल में टीएमसी को 195 से 205 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 80 से 90 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 1 से 3 सीटें मिलने की संभावना है। वाम दलों को 0 से 1 सीट और अन्य के खाते में 3 से 5 सीटें जा सकती हैं। वहीं पीपुल्स इनसाइट के एग्जिट पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। टीएमसी को 138 से 150 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 144 से 154 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस के खाते में 0 से 1 सीट और वाम दलों को भी 0 से 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।

सर्वे नतीजों में बदलते तो...

अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो टीएमसी के लिए सत्ता में वापसी मुश्किल हो सकती है। अगर ये सर्वे नतीजों में बदलते हैं, तो भाजपा के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक जीत होगी।

पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

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पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

बंगाल चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आज, राजनीतिक दलों में झोंकी पूरी ताकत

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन है। बीजेपी, टीएमसी, वामदल और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दल सोमवार को प्रचार में पूरी ताकत झोकेंगे। सभी सक्रिय राजनीतिक दलों के बड़े नेता आज कई रैलियों को संबोधित करेंगे। बता दें कि बंगाल में 29 अप्रैल आखिरी चरण के लिए वोट डाले जाएंगे।

पीएम मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ की ताबड़तोड़ रैलियां

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले आज सियासी गतिविधियां चरम पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैरकपुर में सुबह 11:45 बजे विजय संकल्प सभा को संबोधित करेंगे, जहां से वह पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज ताबड़तोड़ कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वह सुबह 10:30 बजे बेहाला में रोड शो करेंगे, इसके बाद दोपहर 12:15 बजे चंदननगर विधानसभा क्षेत्र में दूसरा रोड शो करेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनाव प्रचार में पूरी तरह सक्रिय हैं। वे सुबह 11:45 बजे कल्याणी और दोपहर 3:25 बजे दमदम में रोड शो करेंगे। इसके अलावा, योगी दोपहर 2 बजे धनेखली और शाम 4:10 बजे राजारहाट गोपालपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बढ़ा तनाव

29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। मतदान से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। कुल चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पार्टियों के बीच टकराव और भी तेज होता जा रहा है।इस बीच राज्य से चुनावी हिंसा की घटनाएं भी लगातार आ रही है।

24 परगना में बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प

उत्तर 24 परगना में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई है। यह झड़प पुलिस और सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी में हुई। बीजेपी नेता का दावा है कि इस झड़प में बमबारी और गोलीबारी भी हुई। जिसमें सीआईएसएफ के जवान को भी गोली लगी है।

जगद्दल में बमबाजी और फायरिंग से तनाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले जगद्दल में रविवार रात राजनीतिक तनाव हिंसा में बदल गया। विरोधी दलों के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान देसी बम फेंके गए और गोलीबारी की खबरें सामने आईं, जिसमें CISF का एक जवान घायल हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार और तृणमूल कांग्रेस पार्षद मनोज पांडे अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। भाजपा नेता अर्जुन सिंह के पहुंचते ही हालात बिगड़ गए और झड़प हिंसक हो गई। घटना घोषपारा रोड तक फैल गई, जहां दोनों पक्षों में हाथापाई हुई। बमबाजी और फायरिंग से इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग

23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में भारी उत्साह देखने को मिला। राज्य में 92।35 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो बेहद अहम मानी जा रही है।

बंगाल में बंपर वोटिंग, दोपहर 3 बजे तक 78.77 प्रतिशत मतदान, तमिलनाडु में अब तक 70% पड़े

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देश के दो प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 78.77% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है, जो भारी उत्साह को दर्शाता है। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक साथ हो रहे चुनाव में अब तक 70% मतदान दर्ज किया गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों राज्यों में मतदाता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

आसनसोल में भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी पर पथराव

हिंसा के बीच बंगाल में बंपर वोटिंग हुई है। कई जगहों से हिंसा की खबरें आ रही हैं। आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर कथित तौर पर पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रहमत नगर इलाके में हुई, जिसमें गाड़ी के शीशे टूट गए। इसके बाद अग्निमित्रा पॉल ने हिरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच की जा रही है।

दक्षिण दिनाजपुर और झारग्राम में सर्वाधिक वोटिंग

बीरभूम- 80.22

झारग्राम - 81.4

दक्षिण दिनाजपुर - 81.49

मालदा -76.22

पूर्वी मेदिनीपुर- 78.94

उत्तर दिनाजपुर - 77.3

पश्चिम बर्धमान -75.44

दार्जीलिंग - 76.5

अलीपुरद्वार- 77.5

पुरुलिया - 75.94

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए 152 सीटों पर वोटिंग जारी, बूथों पर लंबी कतार

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वोटिंग हो रही है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा में वोटिंग हो रही है। इस बार बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के बीच है। इस बार चुनाव सिर्फ दो चरणों में कराए जा रहे हैं, जबकि 2021 में आठ और 2016 में छह चरणों में मतदान हुआ था।

शाम पांच बजे तक मतदान

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुई और शाम पांच बजे तक चलेगी। सुबह 7 बजे से ही दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जैसे उत्तर के जिलों से लेकर मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली तक मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।

कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में

पहले चरण में बंगाल के कुल 3,60,77,171 वोटर्स वोट करेंगे। पंजीकृत सभी 3,60,77,171 मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 4,025 है, जबकि 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 2,04,618 है। कुल 43 अनिवासी भारतीय मतदाता हैं, और 69,468 सेवारत मतदाता हैं। पहले चरण में होने वाले इन 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 1,311 है, जबकि महिला उम्मीदवारों की संख्या 167 है।

पीएम मोदी की खास अपील

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सभी नागरिक पूरे उत्साह और ताकत के साथ मतदान करें, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके। उन्होंने खास तौर पर राज्य के युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी भागीदारी न सिर्फ चुनाव को मजबूत बनाएगी, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाएगी। 

सुरक्षा को लेकर निर्वाचन आयोग सख्त

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे 23 अप्रैल को सुबह छह बजे से मतदान समाप्त होने तक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से बाहर नहीं जाएं। अधिकारी ने बताया कि एक दिशानिर्देश के अनुसार, उम्मीदवारों को मतदान के समय अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही रहना चाहिए और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से बचना चाहिए जिससे चुनावी प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पर बांग्लादेश की खिलीं बांछे, सुलझेगा दशकों पुराना तीस्ता जल विवाद?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत देश की सियासी गलियारों में ही चर्चा का विषय नहीं है। इस जीत पर पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टियों के भीतर भी कई तरह की चर्चा और विश्लेषण हो रहे हैं। इस बड़ी चुनावी जीत ने क्षेत्रीय कूटनीति और राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत मिल रहे है।

तीस्ता जल समझौते को लेकर जगी उम्मीद

बांग्लादेश की सत्ताधारी 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी' (बीएनपी) ने पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज करने पर भाजपा को औपचारिक रूप से अपनी बधाई दी है। इसके साथ ही बांग्लादेश ने भारत को लेकर बड़ी उम्मीद जताई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लंबे समय से अटके तीस्ता जल समझौते पर विचार किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के बीच संबंधों में सुधार की आस

वहीं, बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी के इस पूरे बयान में सबसे अहम बात तीस्ता जल बंटवारा संधि को लेकर कही गई है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है।

तीस्ता जल को लेकर बन गई थी सहमति

सितम्बर 2011 में बांग्लादेश और भारत के जल संसाधन मंत्रियों के बीच तीस्ता समझौते पर सहमति बन गई थी। उम्मीद थी कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण यह समझौता रुक गया। बता दें कि ममता बनर्जी को भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल विवाद को सुलझाने की कोशिशों में एक रुकावट के तौर पर देखा जाता रहा है।

शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बिगड़े रिश्ते

शेख हसीना सरकार के अगस्त 2024 में गिरने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे, जो अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों, भारत में बांग्लादेश मिशन पर हमले, भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की मांग, ढाका में भारतीय दूतावास के सांस्कृतिक केंद्र पर हमले, वीजा सेवाओं में ठहराव, व्यापारिक सुविधाओं में कटौती, और भारत में टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट खेलने से बांग्लादेश क्रिकेट टीम के इनकार करने जैसी कई घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को निचले स्तर तक पहुंचा दिया था। हालांकि, बांग्लादेश में फ़रवरी में हुए आम चुनाव के बाद दोनों देशों ने संबंध सुधारने की कोशिशें शुरू की हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं।

अमित शाह चुनेंगे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री, बनाए गए पर्यवेक्षक, जेपी नड्‌डा को असम की जिम्मेदारी

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पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भाजपा ने अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी गई है। वहीं, असम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जल्द कोलकाता जाएंगे शाह

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा।

नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर चुनेंगे नेता

वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

पांच विधानसभा चुनावों में किसने कहां मारी बाजी, पूरे देश से लेफ्ट सरकार का सुपड़ा साफ

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पश्चिम बंगाल से लेकर असम, केरल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में टीएमसी को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें डीएमके या एआईएडीएमके नहीं होगी।

बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्ता का शिखर छू लिया। ममता बनर्जी की टीएमसी को एकतरफा हराकर भाजपा ने सबसे मुश्किल किला यानी बंगाल फतह कर लिया। बंगाल में भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी, पार्टी 80 सीट पर जीत दर्ज की।

तमिलनाडु के नतीजों ने किया हैरान

सबसे अधिस हैरानी तमिलनाडु में हुई। तमिलनाडु की सियासत में पहली बार किस्मत आजमा रहे थलापति विजय ने अपनी पार्टी टीवीके को जबरदस्त जीत दिलाई। चुनावी राजनीति में शानदार आगाज से विजय ने तमिलनाडु की सियासत में लंबे समय से दबदबा रखने वाले द्रमुक और अन्नाद्रमुक को बहुत पीछे छोड़ दिया है। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने राज्य के राजनीतिक समीकरण को हिलाकर रख दिया है। विजय की पार्टी टीवीके ने 100 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए 108 सीटों पर कब्जा जमाया है। मगर 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें हासिल करने से चूक गई। सरकार बनाने के लिए टीवीके को कम से कम 10 सीटों की दरकार होगी।

असम में तीसरी बार भाजपा सरकार

असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। असम में 126 सीटों पर चुनाव हुआ। भाजपा ने 89 पर चुनाव लड़ा और 82 सीटें जीतीं। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। उसकी जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 92.1% रहा।

10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी

केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई है। केरलम में कांग्रेस ने 114 में से 63 सीटें अपने नाम की है। हालांकि सीएम पिनाराई विजयन अपनी सीट धरमदम से जीत गए, लेकिन राज्य में एलडीएफ की करारी हार हुई। एलडीएफ सरकार के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे हैं। इनमें स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज, परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार, उद्योग मंत्री पी राजीव, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु, खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान और देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन शामिल हैं।

पुडुचेरी में रंगासामी पांचवीं बार सीएम बनेंगे

एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के सीएम बनेंगे। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतीं। वो पहली बार 2001 में सीएम बने थे। उनकी सरकार के 2 मंत्रियों लक्ष्मीनारायणन और चंद्रा प्रियंगा को हार का सामना करना पड़ा है।

बंगाल चुनाव में बीजेपी की सुनामी, रूझानों में 180 के पार, ममता बनर्जी का किला ढहा

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार भारतीय जनता पार्टी की सुनामी आती दिख रही है। बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत

रुझानों में बीजेपी एकतरफा जीत हासिल करती दिख रही है। वोटों की शुरुआती गिनती में कड़े मुकाबले के बाद अब हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं और बीजेपी ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए सियासी समीकरण पूरी तरह उलट दिए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 183 सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत से काफी आगे निकल चुकी है, जबकि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी महज 93 सीटों पर सिमटती दिख रही है।

ममता बनर्जी और सुबेंदु अधिकारी कके बीच कड़ा मुकाबला

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर और नंदीग्राम सीट पर सभी की नजरें हैं। भवानीपुर पर ममता बनर्जी और बीजेपी उम्मीदवार सुबेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला है। हालांकि, यहां दोनों नेताओं के बीच कड़ी टक्कर नजर आ रही है। रुझानों में कभी सुबेंदु अधिकारी तो कभी ममता बनर्जी लीड करते नजर आ रहे हैं। पहले ममता बनर्जी आगे चल रही थीं, लेकिन अब सुबेंदु अधिकारी लीड कर रहे हैं, जबकि नंदीग्राम में भी सुबेंदु अधिकारी बढ़त बनाए हुए हैं।

मोदी मैजिक के आगे ममता कका दांव फेल

पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार जिस तरह से चुनाव प्रचार किया और उनके साथ जिस तरह से लोग जुड़ते नजर आए, विपक्ष के दिमाग में तभी से खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई। चाहे झारग्राम में पीएम मोदी ने एक दुकान में जालमुड़ी खरीद कर खाई हो या फिर कोलकाता के पास हावड़ा में हुगली नदी में बोटिंग की हो, विपक्ष के नेताओं ने उनपर कटाक्ष करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। लेकिन, पीएम मोदी बंगाल के लोगों का मूड भांप चुके थे। मॉर्निंग वॉक के दौरान भी लोगों ने उन्हें जिस तरह से अपने बीच देखकर प्रतिक्रिया दी, उससे साफ लगा कि अब बंगाल की जनता के मन से ममता बनर्जी का प्रभाव धूमिल हो चुका है और वह बदलाव के लिए वोट डालने का मन बना चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में रुझानों में भाजपा को बहुमत, 157 सीटों पर आगे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ होने लगी है। शुरुआती रुझान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिल गया है। बीजेपी ने 147 का जादुई आंकड़े को छू लिया है। टीएमसी पिछड़ती नजर आ रही है।

सुबह 10 बजे तक के रुझान में भारतीय जनता पार्टी 147, तृणमूल कांग्रेस 107, कांग्रेस 3 सीट पर बढ़त बनाई हुई है। हालांकि चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक बीजेपी 38 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 18 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्टा 1 सीट पर आगे चल रही है।

बंगाल में बीजेपी में जश्न शुरू

पश्चिम बंगाल में शुरूआती रूझानों के बाद बीजेपी में जश्न मनाया जा रहा है। सुबेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले राउंड में वह दो हजार से पीछे थे लेकिन सेकंड राउंड तक हिंदू-मुस्लिम हो गया। मैं आपको पहले दिन से बता रहा हूं कि पश्चिम बंगाल में चुनाव कैसे होता है, सबको पता है। मोयना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार अशोक डिंडा ने कहा कि बंगाल के लोग बेवकूफ नहीं हैं। यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।

झारमुड़ी बांटे जा रहे

भबानीपुर में जयश्री राम के नारे गूंजने लगे हैं। झारमुड़ी बंटनी शुरू हो गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटनी भी शुरू कर दी है। बीजेपी का बंगाल में अपनी जीत का भरोसा हो गया है। सुवेंदु अधिकारी के जयाकारे लग रहे हैं।

क्या बंगाल से ममता दीदी की विदाई तय, 4 मई को आ रही नई सरकार?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल 294 सीटों पर दो चरणों में वोट डाले गए। पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ। मतगणना 4 मई को होगी। इस बीच दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ गए हैं। एग्जिट पोल की मानें तो बंगाल से दीदी की विदाई तय हो गई है।

बंगाल की जनता चाहती है बदलाव?

बंगाल के रण में इस बार ममता बनर्जी का जादू चलता नहीं दिख रहा है। प्रमुख एग्जिट पोल्स ने साफ कर दिया है कि बंगाल की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है। 2021 में जिस भाजपा को दीदी ने पटखनी दी थी, वही भाजपा 2026 में सुनामी बनकर लौटती दिख रही है।

टीएमसी वाली राजनीति का युग अब अंत की ओर है?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने के लिए जो दांव चल रही थीं, वे उलटे पड़ गए हैं। इन आंकड़ों ने न केवल टीएमसी के कैंप में सन्नाटा पसरा दिया है, बल्कि राजनीतिक पंडितों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या बंगाल में दशकों पुरानी वामपंथी और फिर टीएमसी वाली राजनीति का युग अब अंत की ओर है?

क्या कह रहे एग्जिट पोल के आंकड़े

जेवीसी के एग्जिट पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। टीएमसी को 131 से 152 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 138 से 159 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस के खाते में 0 से 2 सीटें जाने का अनुमान है, जबकि वाम दलों और अन्य के खाते में कोई सीट जाती नहीं दिख रही है। वहीं, जनमत पोल्स के एग्जिट पोल में टीएमसी को 195 से 205 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 80 से 90 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 1 से 3 सीटें मिलने की संभावना है। वाम दलों को 0 से 1 सीट और अन्य के खाते में 3 से 5 सीटें जा सकती हैं। वहीं पीपुल्स इनसाइट के एग्जिट पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। टीएमसी को 138 से 150 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 144 से 154 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस के खाते में 0 से 1 सीट और वाम दलों को भी 0 से 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।

सर्वे नतीजों में बदलते तो...

अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो टीएमसी के लिए सत्ता में वापसी मुश्किल हो सकती है। अगर ये सर्वे नतीजों में बदलते हैं, तो भाजपा के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक जीत होगी।

पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

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पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

बंगाल चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आज, राजनीतिक दलों में झोंकी पूरी ताकत

#westbengalassemblyelection2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन है। बीजेपी, टीएमसी, वामदल और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दल सोमवार को प्रचार में पूरी ताकत झोकेंगे। सभी सक्रिय राजनीतिक दलों के बड़े नेता आज कई रैलियों को संबोधित करेंगे। बता दें कि बंगाल में 29 अप्रैल आखिरी चरण के लिए वोट डाले जाएंगे।

पीएम मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ की ताबड़तोड़ रैलियां

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले आज सियासी गतिविधियां चरम पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैरकपुर में सुबह 11:45 बजे विजय संकल्प सभा को संबोधित करेंगे, जहां से वह पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी आज ताबड़तोड़ कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वह सुबह 10:30 बजे बेहाला में रोड शो करेंगे, इसके बाद दोपहर 12:15 बजे चंदननगर विधानसभा क्षेत्र में दूसरा रोड शो करेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनाव प्रचार में पूरी तरह सक्रिय हैं। वे सुबह 11:45 बजे कल्याणी और दोपहर 3:25 बजे दमदम में रोड शो करेंगे। इसके अलावा, योगी दोपहर 2 बजे धनेखली और शाम 4:10 बजे राजारहाट गोपालपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

दूसरे चरण की वोटिंग से पहले बढ़ा तनाव

29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। मतदान से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। कुल चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पार्टियों के बीच टकराव और भी तेज होता जा रहा है।इस बीच राज्य से चुनावी हिंसा की घटनाएं भी लगातार आ रही है।

24 परगना में बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प

उत्तर 24 परगना में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई है। यह झड़प पुलिस और सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी में हुई। बीजेपी नेता का दावा है कि इस झड़प में बमबारी और गोलीबारी भी हुई। जिसमें सीआईएसएफ के जवान को भी गोली लगी है।

जगद्दल में बमबाजी और फायरिंग से तनाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले जगद्दल में रविवार रात राजनीतिक तनाव हिंसा में बदल गया। विरोधी दलों के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान देसी बम फेंके गए और गोलीबारी की खबरें सामने आईं, जिसमें CISF का एक जवान घायल हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार राजेश कुमार और तृणमूल कांग्रेस पार्षद मनोज पांडे अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। भाजपा नेता अर्जुन सिंह के पहुंचते ही हालात बिगड़ गए और झड़प हिंसक हो गई। घटना घोषपारा रोड तक फैल गई, जहां दोनों पक्षों में हाथापाई हुई। बमबाजी और फायरिंग से इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग

23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में भारी उत्साह देखने को मिला। राज्य में 92।35 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जो बेहद अहम मानी जा रही है।

बंगाल में बंपर वोटिंग, दोपहर 3 बजे तक 78.77 प्रतिशत मतदान, तमिलनाडु में अब तक 70% पड़े

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देश के दो प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 78.77% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है, जो भारी उत्साह को दर्शाता है। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक साथ हो रहे चुनाव में अब तक 70% मतदान दर्ज किया गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों राज्यों में मतदाता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

आसनसोल में भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी पर पथराव

हिंसा के बीच बंगाल में बंपर वोटिंग हुई है। कई जगहों से हिंसा की खबरें आ रही हैं। आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर कथित तौर पर पथराव की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रहमत नगर इलाके में हुई, जिसमें गाड़ी के शीशे टूट गए। इसके बाद अग्निमित्रा पॉल ने हिरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच की जा रही है।

दक्षिण दिनाजपुर और झारग्राम में सर्वाधिक वोटिंग

बीरभूम- 80.22

झारग्राम - 81.4

दक्षिण दिनाजपुर - 81.49

मालदा -76.22

पूर्वी मेदिनीपुर- 78.94

उत्तर दिनाजपुर - 77.3

पश्चिम बर्धमान -75.44

दार्जीलिंग - 76.5

अलीपुरद्वार- 77.5

पुरुलिया - 75.94

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए 152 सीटों पर वोटिंग जारी, बूथों पर लंबी कतार

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वोटिंग हो रही है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा में वोटिंग हो रही है। इस बार बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के बीच है। इस बार चुनाव सिर्फ दो चरणों में कराए जा रहे हैं, जबकि 2021 में आठ और 2016 में छह चरणों में मतदान हुआ था।

शाम पांच बजे तक मतदान

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुई और शाम पांच बजे तक चलेगी। सुबह 7 बजे से ही दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जैसे उत्तर के जिलों से लेकर मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली तक मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।

कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में

पहले चरण में बंगाल के कुल 3,60,77,171 वोटर्स वोट करेंगे। पंजीकृत सभी 3,60,77,171 मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 4,025 है, जबकि 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 2,04,618 है। कुल 43 अनिवासी भारतीय मतदाता हैं, और 69,468 सेवारत मतदाता हैं। पहले चरण में होने वाले इन 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 1,311 है, जबकि महिला उम्मीदवारों की संख्या 167 है।

पीएम मोदी की खास अपील

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सभी नागरिक पूरे उत्साह और ताकत के साथ मतदान करें, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके। उन्होंने खास तौर पर राज्य के युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी भागीदारी न सिर्फ चुनाव को मजबूत बनाएगी, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाएगी। 

सुरक्षा को लेकर निर्वाचन आयोग सख्त

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे 23 अप्रैल को सुबह छह बजे से मतदान समाप्त होने तक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से बाहर नहीं जाएं। अधिकारी ने बताया कि एक दिशानिर्देश के अनुसार, उम्मीदवारों को मतदान के समय अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही रहना चाहिए और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से बचना चाहिए जिससे चुनावी प्रक्रिया बाधित हो सकती है।