बृजभूषण के शोषण की मैं भी विक्टिम”, विनेश फोगाट ने लगाया गंभीर आरोप, जारी किया भावुक वीडियो

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भारतीय कुश्ती में एख बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ओलिंपियन विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। विनेश पोगाट ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं।

पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी-विनेश

विनेश ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए कहा, 'जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेस्लिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेस्लिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं।'

मैं भी बृजभूषण के शोषण पीड़ित-विनेश

विनेश ने आगे कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा।' उन्होंने कहा, आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है।'

पहचान उजागर करने की वजह बताई

विनेश फोगाट ने कहा कि 'वह पहले इस मामले में अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहती थीं, क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन कहती है कि किसी भी पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह उसकी गरिमा और सम्मान से जुड़ा मामला है। लेकिन आज कुछ परिस्थितियों के कारण मैं आप सबको कुछ बताना चाहती हूं।' विनेश फोगाट ने खुलासा किया कि उनकी पहचान उजागर करने की सबसे बड़ी वजह WFI का गोंडा, उत्तर प्रदेश में रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल कराने का फैसला है। दरअसल, गोंडा में 'सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट' होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रतियोगिता बृजभूषण शरण सिंह के निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्ष मुकाबले की उम्मीद करना मुश्किल है।

सरकार और खेल मंत्रालय पर भी साधा निशाना

विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं।

3 साल पहले बृजभूषण पर लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप

बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था

विनेश फोगाट ने किया संन्यास से वापसी का ऐलान, ओलंपिक के अखाड़े में फिर आएंगी नजर

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भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट ने अखाड़े में वापसी का एलान कर दिया है। विनेश ने 2028 में होने वाले लॉस लॉस एंजिल्स ओलंपिक में खेलने की घोषणा की है। फोगाट ने संन्यास से वापसी का एलान करते हुए कहा कि वह अब अपना अधूरा ओलंपिक में मेडल का सपना पूरा करने के लिए 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी करेंगी। बता दें कि 2024 में विनेश फाइनल में पहुंचने के बाद भी पदक नहीं जीत सकी थीं। फाइनल में विनेश डिस्क्वालिफाई हो गई थीं।

विनेश बोलीं- मुझे अब भी यह खेल पसंद

विनेश ने अपने सोशल मीडिया पर इसका जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'लोग पूछते रहे कि क्या पेरिस अंत था। बहुत समय तक, मेरे पास इसका जवाब नहीं था। मुझे मैट से, प्रेशर से, उम्मीदों से, यहां तक कि अपने सपनों से भी दूर जाने की जरूरत थी। सालों में पहली बार, मैंने खुद को सांस लेने दिया। मैंने अपने सफर के बोझ को समझने के लिए समय लिया- उतार-चढ़ाव, दिल टूटना, त्याग, मेरे वो रूप जिन्हें दुनिया ने कभी नहीं देखा। और कहीं उस सोच में, मुझे सच मिला, मुझे अब भी यह खेल पसंद है। मैं अब भी मुकाबला करना चाहता हूं।'

कुश्ती को लेकर मेरा जोश कभी खत्म नहीं हुआ-विनेश

विनेश फोगाट ने लिखा है कि अनुशासन, दिनचर्या, संघर्ष यह सब मेरे अंदर बसा है। चाहे मैं कितनी भी दूर चली जाऊं, मेरा एक हिस्सा मैट पर ही रह गया। कुश्ती को लेकर मेरा जोश कभी खत्म नहीं हुआ। मैं अब यहां निडर दिल और कभी न झुकने वाली भावना के साथ LA28 की ओर वापस कदम बढ़ा रही हूं। इस बार मैं अकेली नहीं चल रही हूं। मेरा बेटा मेरी टीम में शामिल हो रहा है। लॉस एंजिल्स ओलंपिक के इस सफर में मेरा छोटा सा चीयरलीडर।

अयोग्य घोषित होने पर किया था संन्यास का ऐलान

तीन बार की ओलंपियन रह चुकीं विनेश फोगाट ने एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते हैं। 2024 पेरिस ओलंपिक में फाइनल से ठीक एक रात पहले विनेश फोगाट को ओवरवेट पाए जाने पर डिस्क्वालीफाई कर दिया गया था, जिसके बाद गोल्ड मेडल बाउट में उतर तक नहीं पाई थी। 50 किलोग्राम वर्ग के स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले 100 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण वह अयोग्य घोषित हो गई थी। विनेश ने इसे अपने खिलाफ बड़ी साजिश बताया था। गुस्से में आकर उन्होंने कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर दिया था।

सियासी ‘दंगल’ में विनेश को मिला जीत का पहला ‘मेडल’, जुलाना में बीजेपी के कैप्टन योगेश को किया चित

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पहलवानी से सन्यास लेकर राजनीति के आखाड़े में कदम रखने वाली विनेश फोगाट ने हरियाणा के विधानसभा चुनाव में भी अपना दलवा दिखाया है। जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार विनेश फोगाट ने जीत हासिल की।विनेश फोगाट ने 6015 वोटों की बढ़त से जीत दर्ज की है। उन्होंने कुल 65080 वोट प्राप्त किए, जबकि भाजपा के कैप्टन योगेश बैरागी को 59065 वोट मिले। 

विनेश फोगाट की इस जीत को क्षेत्र में कांग्रेस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने भाजपा के मजबूत उम्मीदवार को कड़ी टक्कर देते हुए यह जीत हासिल की है। विनेश फोगाट और बीजेपी के कैप्टन योगेश में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। शुरुआती दौर के रुझानों में खूब उथलपुथल देखी गई। हालांकि, छठें राउंड की गिनती के बाद विनेश लगातार बढत बनाए रखी।

इस सीट से कांग्रेस ने पहलवान विनेश फोगाट को टिकट देकर चुनावी रण को दंगल में तब्दील कर दिया था। वहीं, बीजेपी ने कैप्टन योगेश बैरागी, जो कि एक दलित चेहरा है उन पर दांव खेला। इसके अलावा इस सीट पर इंडियन नेशनल दल ने सुरेंद्र लाठर, आम आदमी पार्टी से कविता देवी समेत कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। 

जींद की जुलाना में मुकाबला जाट बनाम ब्राह्मण पर आकर टिक गया था। पिछली बार 25 हजार वोटों से जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस ने इस बार ओलंपियन विनेश फोगाट को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस विनेश के जाट चेहरे और सेलेब्रिटी स्टेटस को भुनाया। दूसरी तरफ भाजपा ने योगेश बैरागी को मैदान में उतारकर ओबीसी वोटों को साधने का प्रयास किया।

क्या विनेश फोगाट जीत पाएंगी चुनावी “दंगल”, जुलाना से कैप्टन योगेश ने बनाई बढ़त

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हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है। शुरूआती रूझानों में कांग्रेस बीजेपी को पछाड़ती दिख रही थी। हालांकि अब बाजी पलट गई है। हरियाणा में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनती दिख रही है। इस बीच कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। पहलवानी से सन्यास लेकर राजनीति के आखाड़े में कदम रखने वाली विनेश फोगाट जो कांग्रेस का बड़ा चेहरा हैं, पिछड़ती दिख रही है।

विनेश फोगाट ने शुरुआती चरण से बढ़त बनाए रखा था। विनेश अपने प्रतिद्वंदी बीजेपी के कैप्टन योगेश बैरागी से आगे चल रहीं थीं। हालांकि, जल्द ही बाजी पलट गई।

जुलाना के चुनावी दंगल में बीजेपी के कैप्टन योगेश बैरागी ने कांग्रेस प्रत्याशी पहलवान विनेश फोगाट के खिलाफ अपनी बढ़त बना ली है। वे तेजी से इस बढ़त को मजबूत भी करते जा रहे हैं। बीजेपी के बैरागी ने चौथे राउंड में कांग्रेस प्रत्याशी विनेश फोगाट से 3641 वोटों की बढ़त बना ली है। शुरुआती रुझान के बाद से बैरागी लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। इससे बीजेपी जहां उत्साहित है वहीं कांग्रेस खेमे में निराशा छाने लगी है।

बता दें कि 2005 के बाद से जीत न सकी कांग्रेस ने इस बार ओलंपियन विनेश फोगाट को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस को विनेश के जाट चेहरे और सेलिब्रिटी स्टेटस का सहारा है। दूसरी तरफ भाजपा ने योगेश बैरागी को मैदान में उतारकर ओबीसी वोटों को साधने का प्रयास किया है।

नाडा ने विनेश फोगाट को जारी किया नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला

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हरियाणा चुनाव में दांव आजमा रही भारतीय दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट मुश्किलों में घिरती नजर आ रही हैं। चुनाव प्रचार के बीच विनेश की परेशानी बढ़ती दिख रही है। विनेश फोगाट को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) की ओर से एक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में 14 दिन के अंदर जवाब मांगा है।नाडा ये नोटिस डोप टेस्ट के लिए तय समय और स्थान पर एथलीट के नहीं मिलने की स्थिति में जारी करता है क्योंकि इसे नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

नाडा ने अपने नोटिस में पहलवान से राजनेता बनीं विनेश को बताया कि उन्होंने अपने रहने के स्थल की जानकारी नहीं बताने की गलती की है क्योंकि वह नौ सितंबर को सोनीपत के खरखौदा गांव में अपने घर पर डोप जांच के लिए उपलब्ध नहीं थीं। विनेश ने पेरिस ओलंपिक में फाइनल में जगह बनाने के बावजूद अधिक वजन होने के कारण पदक नहीं हासिल करने की निराशा के बाद खेल से संन्यास की घोषणा की थी। विनेश और उनके साथी पहलवान बजरंग पूनिया हाल में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए और वह जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से आगामी हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं।

नाडा के नोटिस में कहा गया है, आपको डोपिंग रोधी नियमों के अंतर्गत रहने के स्थल की जानकारी संबंधित जरूरतों का पालन करने में स्पष्ट विफलता के बारे में सूचित करने के लिए एक औपचारिक नोटिस दिया जाता है। इस मामले पर अंतिम फैसला लेने से पहले आपको इस पर सफाई देने के लिए कहा जाता है। इसमें कहा गया, एक डोप नियंत्रण अधिकारी (डीसीओ) को आपकी जांच के लिए उस समय उस दिन उस स्थल पर भेजा गया था लेकिन वह ऐसा करने में असमर्थ रहा क्योंकि आप उस जगह पर मौजूद नहीं थीं।

विनेश को या तो इस उल्लघंन को स्वीकार करना होगा या यह सबूत देना होगा कि वह उस स्थान पर लगभग 60 मिनट तक मौजूद थीं। पर यहां यह जिक्र किया जा सकता है कि ठहरने की जगह संबंधित विफलता डोपिंग रोधी नियम का उल्लंघन नहीं है। कोई खिलाड़ी अगर 12 महीने में तीन बार स्थल की जानकारी संबंधित नियमों का उल्लघंन करता है तो ही नाडा एथलीट पर कोई एक्शन ले सकता है।

'मैं उनकी जगह होता तो देश से माफी मांगता...', विनेश फोगाट को लेकर योगेश्वर दत्त का बड़ा बयान
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पहलवानों के प्रदर्शन से लेकर पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट के डिस्क्वालिफाई होने और फिर कांग्रेस में शामिल होने पर रेसलर और बीजेपी नेता योगेश्वर दत्त की प्रतिक्रिया आई है। ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने विनेश फोगाट की आलोचना की है। योगेश्वर दत्त ने कहा कि ओलंपिक में डिस्क्वालिफाई होने पर विनेश फोगाट को माफी मांगनी चाहिए कि उनसे गलती हुई। मेडल का नुकसान हुआ।

योगेश्वर दत्त ने कहा कि विनेश ने पेरिस ओलंपिक में अयोग्य करार दिए जाने के बाद बाहर हो जाने की जिम्मेदारी नहीं ली, बल्कि अपनी अयोग्यता के लिए दूसरों को दोषी ठहराया। लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले योगेश्वर ने कहा कि अगर उन्हें अयोग्य घोषित किया जाता तो वह पूरे देश से माफी मांगते। योगेश्वर दत्त ने कहा कि राजनीति में जाना सबकी अपनी मर्जी है। लेकिन, देश को सच्चाई पता चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में डिस्क्वालिफाई होने पर विनेश फोगाट को माफी मांगनी चाहिए कि उनसे गलती हुई। मेडल का नुकसान हुआ।

वहीं साजिश के सवाल पर योगेश्वर दत्त ने कहा कि उन्हें ओलंपिक खेलों से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें पूरे देश के सामने माफी मांगनी चाहिए थी कि उन्होंने गलतियां की हैं। हालांकि, इसके बजाय उन्होंने इसे एक साजिश करार दिया। हर कोई जानता है कि अयोग्यता सही कॉल थी। वे एक ग्राम वजन अधिक होने पर भी एथलीटों को अयोग्य घोषित कर देते हैं। पूरे देश में गलत माहौल बनाया गया। ये परसेप्शन बनाया गया कि विनेश फोगाट के साथ गलत हुआ। इसी तरह पहलवानों के आंदोलन में भी गलत तरीके से लोगों को इकट्ठा गया।

योगेश्वर की यह टिप्पणी विनेश के भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और उसकी अध्यक्ष पीटी उषा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद आई है। फोगाट ने संयुक्त रजत पदक के लिए खेल पंचाट (सीएएस) में अपील के दौरान पर्याप्त कानूनी समर्थन नहीं देने के लिए आईओए की आलोचना की थी। विनेश और भारतीय वकीलों के अथक प्रयासों के बावजूद, खेल पंचाट यानी सीएएस ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया था। विनेश ने कहा था कि भारत सरकार और आईओए को उनके मामले को दायर करने और समर्थन करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी। उन्होंने कहा था कि उनके केस दायर करने के बाद ही आईओए के तरफ से मदद आई थी। हालांकि, बाद में विनेश के इस बयान का हरीश साल्वे ने खंडन किया था।

बता दें कि पेरिस ओलंपिक में भारत को विनेश फोगाट के डिसक्वालीफाई होने के बाद एक बड़ा झटका लगा था और अब उसके अगले ही दिन विनेश फोगाट ने संन्यास का ऐलान कर दिया। पहली बार महिला कुश्ती के फाइनल में पहुंची विनेश फोगाट से भारत को गोल्ड मेडल की आस थी। लेकिन, फाइनल मैच के दिन उनको ओवरवेट होने की वजह से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। विनेश फोगाट का वजन 50 किलोग्राम की सीमा से 100 ग्राम अधिक पाया गया था और इस तरह उन्हें प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के नियमों के अनुसार उन्हें अंतिम स्थान दिया गया। इसके कुछ दिन बाद विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया ने राजनीति के अखाड़े में उतरते हुए कांग्रेस का हाथ थाम लिया था।
विनेश फोगाट और पूनिया कांग्रेस के मोहरे थे’ बृजभूषण शरण सिंह के बयान में कितनी सच्चाई?

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ओलंपियन विनेश फोगट और बजरंग पुनिया कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद पार्टी की तरफ से विनेश को जुलाना से टिकट भी दे दिया गया है। वहीं, पूनिया को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।फोगट और पुनिया के कांग्रेस में शामिल होने के एक बाद भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने विनेश फोगट और बजरंग पुनिया को मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया।

बृजभूषण सिंह ने यौन उत्पीड़न के विरोध प्रदर्शन के दो प्रमुख चेहरे फोगाट और पुनिया के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘वे चेहरे थे… वे मोहरे थे। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, कांग्रेस और कांग्रेस परिवार ने उन्हें मोहरों की तरह इस्तेमाल किया।’ उन्होंने कहा कि, ‘यह सब भारतीय कुश्ती महासंघ पर नियंत्रण पाने और बीजेपी की विचारधारा पर हमला करने के लिए रची गई साजिश थी। उन्होंने कहा कि विनेश और बजरंग के कांग्रेस में शामिल होने के बाद यह बात सच साबित हुई कि उनके खिलाफ महिला पहलवानों का आंदोलन कांग्रेस की साजिश थी। राहुल की यह टीम, कांग्रेस इस तरह का काम करती रहती है।’ अब सवाल है कि बृज भूषण शरण सिंह के बयान का आधार क्या? भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख की बातों में कितनी सच्चाई है?

वहीं भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा, यह तो होना ही था। पूरे देश में सबको पता है कि यह आंदोलन कांग्रेस के इशारे पर हो रहा था और उसके पूरे कर्ता-धर्ता दीपेंद्र हुड्डा और पूरी हुड्डा फेमिली थी। इसकी चिंगारी हरियाणा से लगाई गई। इस धरने की नींव उसी दिन पड़ गई थी जिस दिन हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे बृजभूषण सिंह की तारीफ़ की थी और कहा था कि कुश्ती सुरक्षित हाथों में है। यह ओलंपिक का साल था और आंदोलन करके जो पांच छह मेडल आने वाले थे, उसे भी डिस्टर्ब किया गया।

विनेश के साथ ही बजरंग पुनिया ने हरियाणा के चुनावी घमासान के बीच कांग्रेस का दामन थामा। इस दौरान व‍िनेश ने कांग्रेस में शाम‍िल होने की वजह बताई। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने और अन्य महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आवाज उठाई, तो दुर्भाग्य की बात रही कि बीजेपी ने हमारा साथ देना जरूरी नहीं समझा। इस मुश्किल वक्त में किसी ने हमारा साथ दिया, तो वो कांग्रेस ही थी, इसलिए हमने कांग्रेस में शाम‍िल होने का फैसला किया।

अब सवाल है क्या कांग्रेस ने चुनावी फायदे के लिए पहलवानों के प्रदर्शन को सियासी रंग दिया? विनेश फोगाट के कांग्रेस का दामन थामने और चुनावी मैदान में उतरने से राजनीतिक परिस्थिति पर कितना असर पड़ेगा, ये आने वाले वक़्त में पता चलेगा। लेकिन हरियाणा की राजनीति पर क़रीबी नज़र रखने वालों की मानों तो ओलंपिक खेलों के बाद विनेश के पक्ष में बने सेंटीमेंट का कांग्रेस को फायदा होगा। हरियाणा में किसान पहले से ही कांग्रेस के साथ हैं। पहलवानों के विरोध प्रदर्शन को किसानों ने समर्थन दिया था। विनेश की छवि एक किसान की बेटी की है। ऐसे में विनेश को टिकट देने से किसानों के बीच कांग्रेस की छवि और पुख़्ता होगी और इससे राज्य में अन्य क्षेत्रों में भी उसे फायदा मिलेगा।

विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को राहत, रेलवे ने मंजूर किया इस्तीफा
#vinesh_punia_resignations_accepted_by_indian_railways

भारतीय रेलवे ने भारत के पूर्व पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।पिछले दिनों दोनों पहलवानों ने रेलवे से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद दोनों कांग्रेस में शामिल हो गए थे। रेलवे ने इस मामले में विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, अब रेलवे ने विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को बड़ी राहत दे दी है और दोनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही विनेश और पुनिया के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है।

दरअसल, चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, जब तक विनेश फोगाट का इस्तीफा रेलवे मंजूर नहीं कर लेता और उन्हें एनओसी नहीं दे देता है। तब तक वो चुनाव नहीं लड़ सकती हैं। कानून कहता है कि अगर कोई शख्स किसी सरकारी पद पर बैठा है और अगर वो चुनाव लड़ना चाहता है तो सबसे पहले उसे इस्तीफा देकर विभाग से एनओसी लेनी पड़ती है। नामांकन के वक्त एनओसी को भी डॉक्यूमेंट में लगाना पड़ता है तभी रिटर्निंग ऑफिसर आवेदन को स्वीकार करेगा। उत्तर रेलवे का कहना है कि कारण बताओ नोटिस सेवा नियमावली का हिस्सा है।

विनेश फोगाट ने रेलवे को भेजे गए अपने इस्तीफे में कहा था कि वह वर्तमान में रेलवे लेवल-7 के तहत ओएसडी/स्पोर्ट्स के पद पर कार्यरत हैं। विनेश ने कहा था कि वह अपने पारिवारिक परिस्थितियों/व्यक्तिगत कारणों की वजह से ओएसडी/खेल के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हैं।

बता दें कि विनेश फोगाट को कांग्रेस की तरफ से जुलाना विधानसभा सीट से टिकल मिला है। जुलाना सीट पर कांग्रेस लंबे समय से जीत का इंतजार कर रही है। कांग्रेस को इस सीट पर आखिरी बार 2005 में जीत मिली थी। पार्टी की गिरती साख को संवारने के लिए पार्टी ने विनेश फोगाट को उम्मीदवार बनाकर बड़ा दांव खेला है। और बजरंग पूनिया को किसान कांग्रेस को वर्किंग चेयरमेन बनाया गया है।
विनेश फोगाट पर बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर कांग्रेस का पलटवार किया, जानें क्या कहा

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हरियाणा में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गहमागहमी बड़ गई है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है। इस बीच कांग्रेस ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर पलटवार किया है।विनेश फोगाट को कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर अब कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है।

शुक्रवार को पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया कांग्रेस में शामिल हुए थे। विनेश को कांग्रेस ने हरियाणा के जुलाना से विधायकी का टिकट भी सौंप दिया है। इस पर बृजभूषण शरण सिंह ने विनेश पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वे महिला खिलाड़ियों के सम्मान में नहीं बैठे थे बल्कि राजनीति के लिए बैठे थे। बृजभूषण के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, ये आज की बात नहीं है। आज़ादी के आंदोलन में भी कांग्रेस अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ खड़ी थी और ये उसके साथ खड़े थे। पवन खेड़ा ने कहा कि जो ग़लत करता है भाजपा उसके साथ होती है और वो भाजपा के साथ होता है। जिसके साथ ग़लत होता है कांग्रेस उसके साथ लड़ती है उसकी आवाज़ उठाती है इसीलिए वे कांग्रेस को पसंद करते हैं।

वहीं, हरियाणा कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हरियाणा की बेटी के लिए बीजेपी के दुराचारी सांसद की ये भाषा बता रही कि भाजपा हमारी बेटियों को कभी न्याय नहीं दिलवाएगी। विनेश फौगाट हो या बबीता फौगाट, ये हरियाणा की बेटियां हैं. सबको राजनीति में आने का हक है। लेकिन इस वजह से दुराचारियों को अनर्गल टिप्पणियां करने का कोई हक नहीं।'

इससे पहले महिला पहलवान विनेश फोगाट के शुक्रवार को कांग्रेस शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुये भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि यह बात सत्य साबित हुयी कि उनके खिलाफ महिला पहलवानों का आंदोलन कांग्रेस प्रायोजित था। गोंडा के डुमरियाडीह स्थित एक निजी विद्यालय में स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम में पूर्व सांसद ने अपने संबोधन में कहा, मेरे खिलाफ जब महिला पहलवानों ने आरोप लगाए थे, मैंने तभी बोल दिया था कि यह कांग्रेस की साजिश है। हरियाणा के बड़े नेता दीपेंद्र हुड्डा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा हमारे खिलाफ साजिश कर रहे हैं।

बता दें कि महिला पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था। इसे लेकर महिला पहलवानों सहित कई पहलवानों ने दिल्ली में धरना भी दिया था।

'वो खिलाड़ियों का नहीं कांग्रेस का आंदोलन था...'विनेश फोगाट के कांग्रेस में शामिल होने पर बोले बृजभूषण शरण सिंह

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हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इस पर कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि ‘अब ये साफ़ हो गया है कि खिलाड़ियों के आंदोलन के पीछे कांग्रेस थी’।उन्होंने कहा कि विनेश और बजरंग ने राजनीति के लिए बेटियों का इस्तेमाल किया, बेटियों को बदनाम किया। वे बेटियों के सम्मान के लिए नहीं लड़ रहे थे, वे राजनीति के लिए लड़ रहे थे।

गोंडा में भारतीय पहलवान विनेश फोगट और बजरंग पुनिया के कांग्रेस में शामिल होने पर पूर्व कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह ने हमला बोला है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'लगभग दो साल पहले, 18 जनवरी को इन खिलाड़ियों ने एक साजिश शुरू की थी। जिस दिन यह सब शुरू हुआ, मैंने कहा था कि यह एक राजनीतिक साजिश थी। इसमें कांग्रेस शामिल थी, दीपेंद्र हुड्डा और भूपिंदर हुड्डा भी शामिल थे। पूरी पटकथा लिखी गई, यह खिलाड़ियों का आंदोलन नहीं है। अब लगभग दो साल बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस इस नाटक में शामिल थी।'

पूर्व डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इनके कारण हरियाणा की बेटियों को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। इसके लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं, इसके लिए भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा और ये प्रदर्शनकारी जिम्मेदार हैं। वे उस दिन क्या जवाब देंगे जब यह साबित हो जाएगा कि जिस घटना के आरोप लगाए जा रहे हैं, उस दिन मैं दिल्ली में मौजूद नहीं था? उन्होंने राजनीति के लिए बेटियों का इस्तेमाल किया, बेटियों को बदनाम किया। वे बेटियों के सम्मान के लिए नहीं लड़ रहे थे, वे राजनीति के लिए लड़ रहे थे।

भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, 18 जनवरी को जब जंतर मंतर पर प्रदर्शन हुआ था तो तमाम लोगों को लगा था कि शायद इसमें सच्चाई है। महिलाओं के साथ, बेटियों के साथ बदतमीज़ी हुई है, आज वे लोग अभी छले महसूस कर रहे हैं। ये पूछने पर कि, पहलवानों के विरोध प्रदर्शन की वजह से ओलंपिक में भी कहीं न कहीं इसका नुकसान हुआ, उसकी भरपाई कौन करेगा? बृजभूषण ने बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट पर कई आरोप लगाए।

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि "हरियाणा खेल के क्षेत्र में भारत का सिरमौर है। जिस तरह से इन लोगों ने कुश्ती गतिविधियों को लगभग 2.5 साल तक रोक दिया, क्या यह सच नहीं है कि बजरंग एशियाई खेलों में बिना ट्रायल के चले गए? मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो कुश्ती के विशेषज्ञ हैं, मैं विनेश फोगट से पूछना चाहता हूं कि क्या कोई खिलाड़ी एक दिन में दो भार श्रेणियों में ट्रायल दे सकता है? क्या वजन मापने के बाद 5 घंटे के लिए ट्रायल रोके जा सकते हैं?... आप कुश्ती नहीं जीते, आप धोखाधड़ी करके वहां गए थे। भगवान ने आपको उसी की सजा दी है।"

बृजभूषण के शोषण की मैं भी विक्टिम”, विनेश फोगाट ने लगाया गंभीर आरोप, जारी किया भावुक वीडियो

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भारतीय कुश्ती में एख बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ओलिंपियन विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। विनेश पोगाट ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं।

पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी-विनेश

विनेश ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए कहा, 'जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेस्लिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेस्लिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं।'

मैं भी बृजभूषण के शोषण पीड़ित-विनेश

विनेश ने आगे कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा।' उन्होंने कहा, आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है।'

पहचान उजागर करने की वजह बताई

विनेश फोगाट ने कहा कि 'वह पहले इस मामले में अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहती थीं, क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन कहती है कि किसी भी पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह उसकी गरिमा और सम्मान से जुड़ा मामला है। लेकिन आज कुछ परिस्थितियों के कारण मैं आप सबको कुछ बताना चाहती हूं।' विनेश फोगाट ने खुलासा किया कि उनकी पहचान उजागर करने की सबसे बड़ी वजह WFI का गोंडा, उत्तर प्रदेश में रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल कराने का फैसला है। दरअसल, गोंडा में 'सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट' होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रतियोगिता बृजभूषण शरण सिंह के निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्ष मुकाबले की उम्मीद करना मुश्किल है।

सरकार और खेल मंत्रालय पर भी साधा निशाना

विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं।

3 साल पहले बृजभूषण पर लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप

बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था

विनेश फोगाट ने किया संन्यास से वापसी का ऐलान, ओलंपिक के अखाड़े में फिर आएंगी नजर

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भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट ने अखाड़े में वापसी का एलान कर दिया है। विनेश ने 2028 में होने वाले लॉस लॉस एंजिल्स ओलंपिक में खेलने की घोषणा की है। फोगाट ने संन्यास से वापसी का एलान करते हुए कहा कि वह अब अपना अधूरा ओलंपिक में मेडल का सपना पूरा करने के लिए 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी करेंगी। बता दें कि 2024 में विनेश फाइनल में पहुंचने के बाद भी पदक नहीं जीत सकी थीं। फाइनल में विनेश डिस्क्वालिफाई हो गई थीं।

विनेश बोलीं- मुझे अब भी यह खेल पसंद

विनेश ने अपने सोशल मीडिया पर इसका जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'लोग पूछते रहे कि क्या पेरिस अंत था। बहुत समय तक, मेरे पास इसका जवाब नहीं था। मुझे मैट से, प्रेशर से, उम्मीदों से, यहां तक कि अपने सपनों से भी दूर जाने की जरूरत थी। सालों में पहली बार, मैंने खुद को सांस लेने दिया। मैंने अपने सफर के बोझ को समझने के लिए समय लिया- उतार-चढ़ाव, दिल टूटना, त्याग, मेरे वो रूप जिन्हें दुनिया ने कभी नहीं देखा। और कहीं उस सोच में, मुझे सच मिला, मुझे अब भी यह खेल पसंद है। मैं अब भी मुकाबला करना चाहता हूं।'

कुश्ती को लेकर मेरा जोश कभी खत्म नहीं हुआ-विनेश

विनेश फोगाट ने लिखा है कि अनुशासन, दिनचर्या, संघर्ष यह सब मेरे अंदर बसा है। चाहे मैं कितनी भी दूर चली जाऊं, मेरा एक हिस्सा मैट पर ही रह गया। कुश्ती को लेकर मेरा जोश कभी खत्म नहीं हुआ। मैं अब यहां निडर दिल और कभी न झुकने वाली भावना के साथ LA28 की ओर वापस कदम बढ़ा रही हूं। इस बार मैं अकेली नहीं चल रही हूं। मेरा बेटा मेरी टीम में शामिल हो रहा है। लॉस एंजिल्स ओलंपिक के इस सफर में मेरा छोटा सा चीयरलीडर।

अयोग्य घोषित होने पर किया था संन्यास का ऐलान

तीन बार की ओलंपियन रह चुकीं विनेश फोगाट ने एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते हैं। 2024 पेरिस ओलंपिक में फाइनल से ठीक एक रात पहले विनेश फोगाट को ओवरवेट पाए जाने पर डिस्क्वालीफाई कर दिया गया था, जिसके बाद गोल्ड मेडल बाउट में उतर तक नहीं पाई थी। 50 किलोग्राम वर्ग के स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले 100 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण वह अयोग्य घोषित हो गई थी। विनेश ने इसे अपने खिलाफ बड़ी साजिश बताया था। गुस्से में आकर उन्होंने कुश्ती से संन्यास का ऐलान कर दिया था।

सियासी ‘दंगल’ में विनेश को मिला जीत का पहला ‘मेडल’, जुलाना में बीजेपी के कैप्टन योगेश को किया चित

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पहलवानी से सन्यास लेकर राजनीति के आखाड़े में कदम रखने वाली विनेश फोगाट ने हरियाणा के विधानसभा चुनाव में भी अपना दलवा दिखाया है। जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार विनेश फोगाट ने जीत हासिल की।विनेश फोगाट ने 6015 वोटों की बढ़त से जीत दर्ज की है। उन्होंने कुल 65080 वोट प्राप्त किए, जबकि भाजपा के कैप्टन योगेश बैरागी को 59065 वोट मिले। 

विनेश फोगाट की इस जीत को क्षेत्र में कांग्रेस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने भाजपा के मजबूत उम्मीदवार को कड़ी टक्कर देते हुए यह जीत हासिल की है। विनेश फोगाट और बीजेपी के कैप्टन योगेश में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। शुरुआती दौर के रुझानों में खूब उथलपुथल देखी गई। हालांकि, छठें राउंड की गिनती के बाद विनेश लगातार बढत बनाए रखी।

इस सीट से कांग्रेस ने पहलवान विनेश फोगाट को टिकट देकर चुनावी रण को दंगल में तब्दील कर दिया था। वहीं, बीजेपी ने कैप्टन योगेश बैरागी, जो कि एक दलित चेहरा है उन पर दांव खेला। इसके अलावा इस सीट पर इंडियन नेशनल दल ने सुरेंद्र लाठर, आम आदमी पार्टी से कविता देवी समेत कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। 

जींद की जुलाना में मुकाबला जाट बनाम ब्राह्मण पर आकर टिक गया था। पिछली बार 25 हजार वोटों से जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस ने इस बार ओलंपियन विनेश फोगाट को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस विनेश के जाट चेहरे और सेलेब्रिटी स्टेटस को भुनाया। दूसरी तरफ भाजपा ने योगेश बैरागी को मैदान में उतारकर ओबीसी वोटों को साधने का प्रयास किया।

क्या विनेश फोगाट जीत पाएंगी चुनावी “दंगल”, जुलाना से कैप्टन योगेश ने बनाई बढ़त

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हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है। शुरूआती रूझानों में कांग्रेस बीजेपी को पछाड़ती दिख रही थी। हालांकि अब बाजी पलट गई है। हरियाणा में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनती दिख रही है। इस बीच कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। पहलवानी से सन्यास लेकर राजनीति के आखाड़े में कदम रखने वाली विनेश फोगाट जो कांग्रेस का बड़ा चेहरा हैं, पिछड़ती दिख रही है।

विनेश फोगाट ने शुरुआती चरण से बढ़त बनाए रखा था। विनेश अपने प्रतिद्वंदी बीजेपी के कैप्टन योगेश बैरागी से आगे चल रहीं थीं। हालांकि, जल्द ही बाजी पलट गई।

जुलाना के चुनावी दंगल में बीजेपी के कैप्टन योगेश बैरागी ने कांग्रेस प्रत्याशी पहलवान विनेश फोगाट के खिलाफ अपनी बढ़त बना ली है। वे तेजी से इस बढ़त को मजबूत भी करते जा रहे हैं। बीजेपी के बैरागी ने चौथे राउंड में कांग्रेस प्रत्याशी विनेश फोगाट से 3641 वोटों की बढ़त बना ली है। शुरुआती रुझान के बाद से बैरागी लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। इससे बीजेपी जहां उत्साहित है वहीं कांग्रेस खेमे में निराशा छाने लगी है।

बता दें कि 2005 के बाद से जीत न सकी कांग्रेस ने इस बार ओलंपियन विनेश फोगाट को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस को विनेश के जाट चेहरे और सेलिब्रिटी स्टेटस का सहारा है। दूसरी तरफ भाजपा ने योगेश बैरागी को मैदान में उतारकर ओबीसी वोटों को साधने का प्रयास किया है।

नाडा ने विनेश फोगाट को जारी किया नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला

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हरियाणा चुनाव में दांव आजमा रही भारतीय दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट मुश्किलों में घिरती नजर आ रही हैं। चुनाव प्रचार के बीच विनेश की परेशानी बढ़ती दिख रही है। विनेश फोगाट को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) की ओर से एक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में 14 दिन के अंदर जवाब मांगा है।नाडा ये नोटिस डोप टेस्ट के लिए तय समय और स्थान पर एथलीट के नहीं मिलने की स्थिति में जारी करता है क्योंकि इसे नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

नाडा ने अपने नोटिस में पहलवान से राजनेता बनीं विनेश को बताया कि उन्होंने अपने रहने के स्थल की जानकारी नहीं बताने की गलती की है क्योंकि वह नौ सितंबर को सोनीपत के खरखौदा गांव में अपने घर पर डोप जांच के लिए उपलब्ध नहीं थीं। विनेश ने पेरिस ओलंपिक में फाइनल में जगह बनाने के बावजूद अधिक वजन होने के कारण पदक नहीं हासिल करने की निराशा के बाद खेल से संन्यास की घोषणा की थी। विनेश और उनके साथी पहलवान बजरंग पूनिया हाल में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए और वह जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से आगामी हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं।

नाडा के नोटिस में कहा गया है, आपको डोपिंग रोधी नियमों के अंतर्गत रहने के स्थल की जानकारी संबंधित जरूरतों का पालन करने में स्पष्ट विफलता के बारे में सूचित करने के लिए एक औपचारिक नोटिस दिया जाता है। इस मामले पर अंतिम फैसला लेने से पहले आपको इस पर सफाई देने के लिए कहा जाता है। इसमें कहा गया, एक डोप नियंत्रण अधिकारी (डीसीओ) को आपकी जांच के लिए उस समय उस दिन उस स्थल पर भेजा गया था लेकिन वह ऐसा करने में असमर्थ रहा क्योंकि आप उस जगह पर मौजूद नहीं थीं।

विनेश को या तो इस उल्लघंन को स्वीकार करना होगा या यह सबूत देना होगा कि वह उस स्थान पर लगभग 60 मिनट तक मौजूद थीं। पर यहां यह जिक्र किया जा सकता है कि ठहरने की जगह संबंधित विफलता डोपिंग रोधी नियम का उल्लंघन नहीं है। कोई खिलाड़ी अगर 12 महीने में तीन बार स्थल की जानकारी संबंधित नियमों का उल्लघंन करता है तो ही नाडा एथलीट पर कोई एक्शन ले सकता है।

'मैं उनकी जगह होता तो देश से माफी मांगता...', विनेश फोगाट को लेकर योगेश्वर दत्त का बड़ा बयान
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पहलवानों के प्रदर्शन से लेकर पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट के डिस्क्वालिफाई होने और फिर कांग्रेस में शामिल होने पर रेसलर और बीजेपी नेता योगेश्वर दत्त की प्रतिक्रिया आई है। ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने विनेश फोगाट की आलोचना की है। योगेश्वर दत्त ने कहा कि ओलंपिक में डिस्क्वालिफाई होने पर विनेश फोगाट को माफी मांगनी चाहिए कि उनसे गलती हुई। मेडल का नुकसान हुआ।

योगेश्वर दत्त ने कहा कि विनेश ने पेरिस ओलंपिक में अयोग्य करार दिए जाने के बाद बाहर हो जाने की जिम्मेदारी नहीं ली, बल्कि अपनी अयोग्यता के लिए दूसरों को दोषी ठहराया। लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले योगेश्वर ने कहा कि अगर उन्हें अयोग्य घोषित किया जाता तो वह पूरे देश से माफी मांगते। योगेश्वर दत्त ने कहा कि राजनीति में जाना सबकी अपनी मर्जी है। लेकिन, देश को सच्चाई पता चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में डिस्क्वालिफाई होने पर विनेश फोगाट को माफी मांगनी चाहिए कि उनसे गलती हुई। मेडल का नुकसान हुआ।

वहीं साजिश के सवाल पर योगेश्वर दत्त ने कहा कि उन्हें ओलंपिक खेलों से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें पूरे देश के सामने माफी मांगनी चाहिए थी कि उन्होंने गलतियां की हैं। हालांकि, इसके बजाय उन्होंने इसे एक साजिश करार दिया। हर कोई जानता है कि अयोग्यता सही कॉल थी। वे एक ग्राम वजन अधिक होने पर भी एथलीटों को अयोग्य घोषित कर देते हैं। पूरे देश में गलत माहौल बनाया गया। ये परसेप्शन बनाया गया कि विनेश फोगाट के साथ गलत हुआ। इसी तरह पहलवानों के आंदोलन में भी गलत तरीके से लोगों को इकट्ठा गया।

योगेश्वर की यह टिप्पणी विनेश के भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और उसकी अध्यक्ष पीटी उषा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद आई है। फोगाट ने संयुक्त रजत पदक के लिए खेल पंचाट (सीएएस) में अपील के दौरान पर्याप्त कानूनी समर्थन नहीं देने के लिए आईओए की आलोचना की थी। विनेश और भारतीय वकीलों के अथक प्रयासों के बावजूद, खेल पंचाट यानी सीएएस ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया था। विनेश ने कहा था कि भारत सरकार और आईओए को उनके मामले को दायर करने और समर्थन करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी। उन्होंने कहा था कि उनके केस दायर करने के बाद ही आईओए के तरफ से मदद आई थी। हालांकि, बाद में विनेश के इस बयान का हरीश साल्वे ने खंडन किया था।

बता दें कि पेरिस ओलंपिक में भारत को विनेश फोगाट के डिसक्वालीफाई होने के बाद एक बड़ा झटका लगा था और अब उसके अगले ही दिन विनेश फोगाट ने संन्यास का ऐलान कर दिया। पहली बार महिला कुश्ती के फाइनल में पहुंची विनेश फोगाट से भारत को गोल्ड मेडल की आस थी। लेकिन, फाइनल मैच के दिन उनको ओवरवेट होने की वजह से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। विनेश फोगाट का वजन 50 किलोग्राम की सीमा से 100 ग्राम अधिक पाया गया था और इस तरह उन्हें प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के नियमों के अनुसार उन्हें अंतिम स्थान दिया गया। इसके कुछ दिन बाद विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया ने राजनीति के अखाड़े में उतरते हुए कांग्रेस का हाथ थाम लिया था।
विनेश फोगाट और पूनिया कांग्रेस के मोहरे थे’ बृजभूषण शरण सिंह के बयान में कितनी सच्चाई?

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ओलंपियन विनेश फोगट और बजरंग पुनिया कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद पार्टी की तरफ से विनेश को जुलाना से टिकट भी दे दिया गया है। वहीं, पूनिया को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।फोगट और पुनिया के कांग्रेस में शामिल होने के एक बाद भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने विनेश फोगट और बजरंग पुनिया को मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया।

बृजभूषण सिंह ने यौन उत्पीड़न के विरोध प्रदर्शन के दो प्रमुख चेहरे फोगाट और पुनिया के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘वे चेहरे थे… वे मोहरे थे। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, कांग्रेस और कांग्रेस परिवार ने उन्हें मोहरों की तरह इस्तेमाल किया।’ उन्होंने कहा कि, ‘यह सब भारतीय कुश्ती महासंघ पर नियंत्रण पाने और बीजेपी की विचारधारा पर हमला करने के लिए रची गई साजिश थी। उन्होंने कहा कि विनेश और बजरंग के कांग्रेस में शामिल होने के बाद यह बात सच साबित हुई कि उनके खिलाफ महिला पहलवानों का आंदोलन कांग्रेस की साजिश थी। राहुल की यह टीम, कांग्रेस इस तरह का काम करती रहती है।’ अब सवाल है कि बृज भूषण शरण सिंह के बयान का आधार क्या? भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख की बातों में कितनी सच्चाई है?

वहीं भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा, यह तो होना ही था। पूरे देश में सबको पता है कि यह आंदोलन कांग्रेस के इशारे पर हो रहा था और उसके पूरे कर्ता-धर्ता दीपेंद्र हुड्डा और पूरी हुड्डा फेमिली थी। इसकी चिंगारी हरियाणा से लगाई गई। इस धरने की नींव उसी दिन पड़ गई थी जिस दिन हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे बृजभूषण सिंह की तारीफ़ की थी और कहा था कि कुश्ती सुरक्षित हाथों में है। यह ओलंपिक का साल था और आंदोलन करके जो पांच छह मेडल आने वाले थे, उसे भी डिस्टर्ब किया गया।

विनेश के साथ ही बजरंग पुनिया ने हरियाणा के चुनावी घमासान के बीच कांग्रेस का दामन थामा। इस दौरान व‍िनेश ने कांग्रेस में शाम‍िल होने की वजह बताई। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने और अन्य महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आवाज उठाई, तो दुर्भाग्य की बात रही कि बीजेपी ने हमारा साथ देना जरूरी नहीं समझा। इस मुश्किल वक्त में किसी ने हमारा साथ दिया, तो वो कांग्रेस ही थी, इसलिए हमने कांग्रेस में शाम‍िल होने का फैसला किया।

अब सवाल है क्या कांग्रेस ने चुनावी फायदे के लिए पहलवानों के प्रदर्शन को सियासी रंग दिया? विनेश फोगाट के कांग्रेस का दामन थामने और चुनावी मैदान में उतरने से राजनीतिक परिस्थिति पर कितना असर पड़ेगा, ये आने वाले वक़्त में पता चलेगा। लेकिन हरियाणा की राजनीति पर क़रीबी नज़र रखने वालों की मानों तो ओलंपिक खेलों के बाद विनेश के पक्ष में बने सेंटीमेंट का कांग्रेस को फायदा होगा। हरियाणा में किसान पहले से ही कांग्रेस के साथ हैं। पहलवानों के विरोध प्रदर्शन को किसानों ने समर्थन दिया था। विनेश की छवि एक किसान की बेटी की है। ऐसे में विनेश को टिकट देने से किसानों के बीच कांग्रेस की छवि और पुख़्ता होगी और इससे राज्य में अन्य क्षेत्रों में भी उसे फायदा मिलेगा।

विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को राहत, रेलवे ने मंजूर किया इस्तीफा
#vinesh_punia_resignations_accepted_by_indian_railways

भारतीय रेलवे ने भारत के पूर्व पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।पिछले दिनों दोनों पहलवानों ने रेलवे से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद दोनों कांग्रेस में शामिल हो गए थे। रेलवे ने इस मामले में विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, अब रेलवे ने विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को बड़ी राहत दे दी है और दोनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही विनेश और पुनिया के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है।

दरअसल, चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, जब तक विनेश फोगाट का इस्तीफा रेलवे मंजूर नहीं कर लेता और उन्हें एनओसी नहीं दे देता है। तब तक वो चुनाव नहीं लड़ सकती हैं। कानून कहता है कि अगर कोई शख्स किसी सरकारी पद पर बैठा है और अगर वो चुनाव लड़ना चाहता है तो सबसे पहले उसे इस्तीफा देकर विभाग से एनओसी लेनी पड़ती है। नामांकन के वक्त एनओसी को भी डॉक्यूमेंट में लगाना पड़ता है तभी रिटर्निंग ऑफिसर आवेदन को स्वीकार करेगा। उत्तर रेलवे का कहना है कि कारण बताओ नोटिस सेवा नियमावली का हिस्सा है।

विनेश फोगाट ने रेलवे को भेजे गए अपने इस्तीफे में कहा था कि वह वर्तमान में रेलवे लेवल-7 के तहत ओएसडी/स्पोर्ट्स के पद पर कार्यरत हैं। विनेश ने कहा था कि वह अपने पारिवारिक परिस्थितियों/व्यक्तिगत कारणों की वजह से ओएसडी/खेल के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हैं।

बता दें कि विनेश फोगाट को कांग्रेस की तरफ से जुलाना विधानसभा सीट से टिकल मिला है। जुलाना सीट पर कांग्रेस लंबे समय से जीत का इंतजार कर रही है। कांग्रेस को इस सीट पर आखिरी बार 2005 में जीत मिली थी। पार्टी की गिरती साख को संवारने के लिए पार्टी ने विनेश फोगाट को उम्मीदवार बनाकर बड़ा दांव खेला है। और बजरंग पूनिया को किसान कांग्रेस को वर्किंग चेयरमेन बनाया गया है।
विनेश फोगाट पर बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर कांग्रेस का पलटवार किया, जानें क्या कहा

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हरियाणा में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गहमागहमी बड़ गई है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है। इस बीच कांग्रेस ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर पलटवार किया है।विनेश फोगाट को कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर अब कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है।

शुक्रवार को पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया कांग्रेस में शामिल हुए थे। विनेश को कांग्रेस ने हरियाणा के जुलाना से विधायकी का टिकट भी सौंप दिया है। इस पर बृजभूषण शरण सिंह ने विनेश पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वे महिला खिलाड़ियों के सम्मान में नहीं बैठे थे बल्कि राजनीति के लिए बैठे थे। बृजभूषण के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, ये आज की बात नहीं है। आज़ादी के आंदोलन में भी कांग्रेस अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ खड़ी थी और ये उसके साथ खड़े थे। पवन खेड़ा ने कहा कि जो ग़लत करता है भाजपा उसके साथ होती है और वो भाजपा के साथ होता है। जिसके साथ ग़लत होता है कांग्रेस उसके साथ लड़ती है उसकी आवाज़ उठाती है इसीलिए वे कांग्रेस को पसंद करते हैं।

वहीं, हरियाणा कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हरियाणा की बेटी के लिए बीजेपी के दुराचारी सांसद की ये भाषा बता रही कि भाजपा हमारी बेटियों को कभी न्याय नहीं दिलवाएगी। विनेश फौगाट हो या बबीता फौगाट, ये हरियाणा की बेटियां हैं. सबको राजनीति में आने का हक है। लेकिन इस वजह से दुराचारियों को अनर्गल टिप्पणियां करने का कोई हक नहीं।'

इससे पहले महिला पहलवान विनेश फोगाट के शुक्रवार को कांग्रेस शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुये भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि यह बात सत्य साबित हुयी कि उनके खिलाफ महिला पहलवानों का आंदोलन कांग्रेस प्रायोजित था। गोंडा के डुमरियाडीह स्थित एक निजी विद्यालय में स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम में पूर्व सांसद ने अपने संबोधन में कहा, मेरे खिलाफ जब महिला पहलवानों ने आरोप लगाए थे, मैंने तभी बोल दिया था कि यह कांग्रेस की साजिश है। हरियाणा के बड़े नेता दीपेंद्र हुड्डा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा हमारे खिलाफ साजिश कर रहे हैं।

बता दें कि महिला पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था। इसे लेकर महिला पहलवानों सहित कई पहलवानों ने दिल्ली में धरना भी दिया था।

'वो खिलाड़ियों का नहीं कांग्रेस का आंदोलन था...'विनेश फोगाट के कांग्रेस में शामिल होने पर बोले बृजभूषण शरण सिंह

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हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इस पर कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि ‘अब ये साफ़ हो गया है कि खिलाड़ियों के आंदोलन के पीछे कांग्रेस थी’।उन्होंने कहा कि विनेश और बजरंग ने राजनीति के लिए बेटियों का इस्तेमाल किया, बेटियों को बदनाम किया। वे बेटियों के सम्मान के लिए नहीं लड़ रहे थे, वे राजनीति के लिए लड़ रहे थे।

गोंडा में भारतीय पहलवान विनेश फोगट और बजरंग पुनिया के कांग्रेस में शामिल होने पर पूर्व कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह ने हमला बोला है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'लगभग दो साल पहले, 18 जनवरी को इन खिलाड़ियों ने एक साजिश शुरू की थी। जिस दिन यह सब शुरू हुआ, मैंने कहा था कि यह एक राजनीतिक साजिश थी। इसमें कांग्रेस शामिल थी, दीपेंद्र हुड्डा और भूपिंदर हुड्डा भी शामिल थे। पूरी पटकथा लिखी गई, यह खिलाड़ियों का आंदोलन नहीं है। अब लगभग दो साल बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस इस नाटक में शामिल थी।'

पूर्व डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इनके कारण हरियाणा की बेटियों को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। इसके लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं, इसके लिए भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा और ये प्रदर्शनकारी जिम्मेदार हैं। वे उस दिन क्या जवाब देंगे जब यह साबित हो जाएगा कि जिस घटना के आरोप लगाए जा रहे हैं, उस दिन मैं दिल्ली में मौजूद नहीं था? उन्होंने राजनीति के लिए बेटियों का इस्तेमाल किया, बेटियों को बदनाम किया। वे बेटियों के सम्मान के लिए नहीं लड़ रहे थे, वे राजनीति के लिए लड़ रहे थे।

भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, 18 जनवरी को जब जंतर मंतर पर प्रदर्शन हुआ था तो तमाम लोगों को लगा था कि शायद इसमें सच्चाई है। महिलाओं के साथ, बेटियों के साथ बदतमीज़ी हुई है, आज वे लोग अभी छले महसूस कर रहे हैं। ये पूछने पर कि, पहलवानों के विरोध प्रदर्शन की वजह से ओलंपिक में भी कहीं न कहीं इसका नुकसान हुआ, उसकी भरपाई कौन करेगा? बृजभूषण ने बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट पर कई आरोप लगाए।

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि "हरियाणा खेल के क्षेत्र में भारत का सिरमौर है। जिस तरह से इन लोगों ने कुश्ती गतिविधियों को लगभग 2.5 साल तक रोक दिया, क्या यह सच नहीं है कि बजरंग एशियाई खेलों में बिना ट्रायल के चले गए? मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो कुश्ती के विशेषज्ञ हैं, मैं विनेश फोगट से पूछना चाहता हूं कि क्या कोई खिलाड़ी एक दिन में दो भार श्रेणियों में ट्रायल दे सकता है? क्या वजन मापने के बाद 5 घंटे के लिए ट्रायल रोके जा सकते हैं?... आप कुश्ती नहीं जीते, आप धोखाधड़ी करके वहां गए थे। भगवान ने आपको उसी की सजा दी है।"