मैथिली ठाकुर ने लालू को धृतराष्ट्र, तेजस्वी को दुर्योधन कहा, मचा हंगामा

पटना। बिहार विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक Maithili Thakur ने अपने भाषण से सदन में हलचल मचा दी। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “तमसो मा ज्योतिर्गमय” से अपनी बात की शुरुआत की और कहा कि बिहार अब अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ रहा है।

उनके भाषण के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

‘जंगलराज’ बनाम विकास की राजनीति

मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय था जब बिहार को ‘जंगलराज’ कहा जाता था। उस दौर में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

कई सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर थीं

स्कूलों में ताले लटके रहते थे

बजट तो आता था, लेकिन जमीन पर असर नहीं दिखता था

गरीब परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई मुश्किल थी

उन्होंने कहा कि उस दौर के हालात के गवाह आज विपक्ष में बैठे नेता भी हैं।

लालू पर सीधा हमला, तेजस्वी पर भी टिप्पणी

अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav की तुलना महाभारत के ‘धृतराष्ट्र’ से की।

उन्होंने कहा कि उस समय के ‘राजा’ को बिहार रूपी हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी, बल्कि उन्हें केवल अपने ‘दुर्योधन’ की फिक्र थी।

इसी क्रम में उन्होंने Tejashwi Yadav को ‘दुर्योधन’ बताया। इस टिप्पणी के बाद आरजेडी विधायकों ने कड़ा विरोध किया और सदन में जमकर नोकझोंक हुई।

नीतीश मॉडल और साइकिल योजना का जिक्र

मैथिली ठाकुर ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बिहार अब विकास और शिक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

18 को शपथ ग्रहण होगा…”, नतीजों से पहले तेजस्वी का बड़ा दावा, एग्जिट पोल पर जमकर निकाली भड़ास

#tejashwi_yadav_calls_bihar_chunav_polls_media_narrative

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बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आने वाले हैं। इससे पहले एग्जिट पोल जरूर सामने आ चुका है। लगभग सारे एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार लौटती दिख रही है। इस बीच विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राजद प्रमुख तेजस्वी यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जनता ने रिकॉर्ड मतदान किया है और इस बार पूरा बिहार बदलाव के मूड में है। साथ ही तेजस्वी ने सरकार बनाने का दावा किया।

तेजस्वी ने बताई शपथ ग्रहण की तारीख

एग्जिट पोल सामने आने के बाद महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरा तेजस्वी यादव ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार बनने का दावा किया है। आरजेडी नेता ने कहा, हमने पहले भी कहा था कि 14 तारीख को नतीजे होंगे और 18 को शपथ ग्रहण होगा, यह निश्चित तौर पर होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने इस बार पूरी मजबूती से बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा है।

तेजस्वी बोले-1995 जैसे हालात

आरजेडी नेता ने आगे कहा कि इस बार लोगों का उत्साह और समर्थन 1995 से भी बेहतर देखने को मिला है। जनता ने भारी मतदान कर मौजूदा सरकार के खिलाफ वोट दिया है। यह जनता का स्पष्ट जनादेश है कि अब बिहार में बदलाव तय है। 1995 जैसे हालात बन चुके हैं, अब कहीं कोई ‘इफ एंड बट’ की गुंजाइश नहीं बची है

एग्जिट पोल पर मीडिया पर जमकर भड़के तेजस्वी

एग्जिट पोल के दावों पर तेजस्वी ने जमकर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने कहा कि इस बार एनडीए में आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुई कि सीएम का चेहरा कौन होगा? यह वही गोदी मीडिया है जिन लोगों ने सर्वे दिखाया कि पाकिस्तान में इस्लामाबाद, लाहौर, कराची पर कब्जा हो गया है। यह वही सर्वे है जिन्होंने घुसपैठियों सबको भी बिहार में घुसा दिया था। गोदी मीडिया प्रोपेगेंडा फैला रही है।

अमित शाह पर साधा निशाना

तेजस्वी ने कहा कि जो सर्वे दिखाया जा रहा है अगर उनसे सैंपल साइज पूछा जाए तो कोई जवाब नहीं है। कोई सैंपल साइज के बारे में नहीं बता रहा है। सैंपल हो या सर्वे हो इसका मानक क्या है? यह भी नहीं बताया जा रहा है। पीएमओ से जो तय होकर के आता है। जो अमित शाह अपने कलम से लिख करके देते हैं, वही मीडिया वाले बताते और बोलते हैं।

72 लाख लोगों ने नीतीश को बचाने के लिए वोट नहीं दिया-तेजस्वी

आरजेडी नेता ने आगे कहा कि 2020 की तुलना इस बार के मतदान से की जाए तो 72 लाख लोगों ने इस बार ज्यादा मतदान किया है। तेजस्वी ने कहा कि अगर 72 लाख को 243 विधानसभा सीटों में बांट दिया जाए तो 29,500 के आसपास हर विधानसभा में वोट बढ़े हैं। यह वोट नीतीश कुमार को बचाने के लिए नहीं पड़े हैं, यह सरकार को बदलने के लिए वोट पड़े हैं। सरकार बदलने जा रही है। इतने लोगों परिवर्तन के लिए वोट किया है। 16-17% लोग सीएम नीतीश कुमार सीएम के रूप में देखना चाहते थे।

तेजस्वी यादव होंगे महागठबंधन के सीएम फेस, 2 डिप्टी CM भी बनेंगे, अशोक गहलोत का बड़ा ऐलान

#tejashwiyadavcmcandidateannouncedinmahagathbandhan

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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने अपनी एकता और चुनावी रणनीति का प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को पटना में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्ष की ओर से तेजस्वी यादव सीएम के उम्मीदवार होंगे।उन्होंने मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम बनाने का समर्थन किया। अशोक गहलोत ने तेजस्वी यादव को सीएम कैंडिडेट बनाने का ऐलान करते हुए कहा कि बीजेपी अब अपना मुख्यमंत्री के बारे में बताए।

तेजस्वी यादव महागठबंधन का चेहरा

बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्य में बहुप्रतीक्षित प्रेस कांफ्रेंस कर बिहार की जनता को बड़ा संदेश दिया। इस संयुक्त प्रेस वार्ता में महागठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं ने भाग लिया और अपनी-अपनी बात रखी। इस दौरान पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर लीडर अशोक गहलोत ने ऐलान करते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और वे मुख्यमंत्री के चेहरे होंगे।

मुकेश सहनी होंगे डिप्टी सीएम फेस

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि इंडिया गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में एनडीए को अच्छी टक्कर दी। पिछले चुनाव में महागठबंधन मामूली वोटों के अंतर से पीछे रह गए। एनडीए संवैधानिक संस्थाओं को दुरुपयोग कर खेला करना चाहताा है। यह लोग चुनाव जीतने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। इस चुनाव में अगले मुख्यमंत्री के रूप में हमलोग तेजस्वी यादव को चुनते हैं। वह नौजवान हैं। जो कहते हैं करते हैं। अब तक जो वादे किए, उसमें खड़े उतरे। इसलिए महागठबंधन ने फैसला लिया है कि हमलोगों का मुख्यमंत्री चेहरा तेजस्वी यादव ही होंगे। वहीं अशोक गहलोत ने कहा कि मुकेश सहनी की पार्टी महागठबंधन के प्रमुख दलों में से एक हैं। उनकी छवि को देखते हुए महागठबंधन उन्हें डिप्टी सीएम का फेस घोषित करता है।

तेजस्वी ने क्या कहा?

वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि गठबंधन के सभी दलों ने उन पर भरोसा जताया है। वह जनता और अपने सहयोगियों के विश्वास पर खरा उतरेंगे। उन्होंने कहा कि इस बीस साल की निक्कमी सरकार को हम उखाड़ फेंकेंगे और बिहार के लोगों को विकास और न्याय देंगे। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन नेताओं ने बार-बार बैठकें की हैं और हर निर्णय सोच-समझकर लिया गया है।

बिहार चुनाव से पहले लालू परिवार को बड़ा झटका, आईआरसीटीसी भ्रष्टाचार केस में चलेगा केस

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बिहार में विधानसभा चुनाव के बीच लैंड फॉर जॉब मामले में आरजेडी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। यानी, अब इन लोगों के खिलाफ इस मामले में मुकदमा चलेगा।

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कोर्ट ने माना- लालू की जानकारी में घोटाले की साजिश

दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और अन्य के खिलाफ आईआरसीटीसी केस में आरोप तय करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने माना कि लालू यादव की जानकारी में इस घोटाले की साजिश रची गई। कोर्ट ने कहा इस मामले में आरोपी व्यापक साजिश में शामिल थे। लालू फैमिली को इस मामले में फायदा पहुंचा। कॉन्ट्रेक्ट देने के बदले राबड़ी और तेजस्वी को बेहद कम कीमत पर जमीन मिली।

अलग-अलग धाराओं में आरोप तय

दिल्ली की कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ उनकी कथित भूमिका के आधार पर अलग-अलग धाराओं में आरोप तय किए थे। जिन धाराओं के तहत आरोप तय किए है, उनमें IPC 420, IPC 120B, प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(d) शामिल हैं। बता दें कि प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(d) सिर्फ लालू यादव पर लगी है। कोर्ट ने लालू यादव से पूछा क्या आप अपना अपराध मानते हैं तो लालू यादव समेत राबड़ी और तेजस्वी ने अपना अपराध मनाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुकदमे का सामना करेंगे। वहीं राबड़ी यादव ने कहा कि ये गलत केस है।

क्या है जॉब फॉर लैंड केस?

लालू यादव जब साल 2004 से 2009 के बीच केंद्र की यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे, सीबीआई का आरोप है कि उस समय रेलवे की ग्रुप डी नौकरियों के बदले कैंडिडेट्स से उनकी जमीन या संपत्ति को कम कीमतों पर लालू फैमिली के नाम पर करवा दिया गया था। इस मामले में सीबीआई ने मई 2022 में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी, बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, लालू की बेटी मीसा भारती समेत 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। जांच एजेंसी ने दावा किया कि पटना में कई जमीनें लालू फैमिली के सदस्यों और उनके करीबियों के नाम पर ट्रांसफर की गई थी।

मैथिली ठाकुर ने लालू को धृतराष्ट्र, तेजस्वी को दुर्योधन कहा, मचा हंगामा

पटना। बिहार विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक Maithili Thakur ने अपने भाषण से सदन में हलचल मचा दी। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “तमसो मा ज्योतिर्गमय” से अपनी बात की शुरुआत की और कहा कि बिहार अब अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ रहा है।

उनके भाषण के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

‘जंगलराज’ बनाम विकास की राजनीति

मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय था जब बिहार को ‘जंगलराज’ कहा जाता था। उस दौर में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

कई सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर थीं

स्कूलों में ताले लटके रहते थे

बजट तो आता था, लेकिन जमीन पर असर नहीं दिखता था

गरीब परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई मुश्किल थी

उन्होंने कहा कि उस दौर के हालात के गवाह आज विपक्ष में बैठे नेता भी हैं।

लालू पर सीधा हमला, तेजस्वी पर भी टिप्पणी

अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav की तुलना महाभारत के ‘धृतराष्ट्र’ से की।

उन्होंने कहा कि उस समय के ‘राजा’ को बिहार रूपी हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी, बल्कि उन्हें केवल अपने ‘दुर्योधन’ की फिक्र थी।

इसी क्रम में उन्होंने Tejashwi Yadav को ‘दुर्योधन’ बताया। इस टिप्पणी के बाद आरजेडी विधायकों ने कड़ा विरोध किया और सदन में जमकर नोकझोंक हुई।

नीतीश मॉडल और साइकिल योजना का जिक्र

मैथिली ठाकुर ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बिहार अब विकास और शिक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

18 को शपथ ग्रहण होगा…”, नतीजों से पहले तेजस्वी का बड़ा दावा, एग्जिट पोल पर जमकर निकाली भड़ास

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बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आने वाले हैं। इससे पहले एग्जिट पोल जरूर सामने आ चुका है। लगभग सारे एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार लौटती दिख रही है। इस बीच विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राजद प्रमुख तेजस्वी यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जनता ने रिकॉर्ड मतदान किया है और इस बार पूरा बिहार बदलाव के मूड में है। साथ ही तेजस्वी ने सरकार बनाने का दावा किया।

तेजस्वी ने बताई शपथ ग्रहण की तारीख

एग्जिट पोल सामने आने के बाद महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरा तेजस्वी यादव ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार बनने का दावा किया है। आरजेडी नेता ने कहा, हमने पहले भी कहा था कि 14 तारीख को नतीजे होंगे और 18 को शपथ ग्रहण होगा, यह निश्चित तौर पर होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने इस बार पूरी मजबूती से बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा है।

तेजस्वी बोले-1995 जैसे हालात

आरजेडी नेता ने आगे कहा कि इस बार लोगों का उत्साह और समर्थन 1995 से भी बेहतर देखने को मिला है। जनता ने भारी मतदान कर मौजूदा सरकार के खिलाफ वोट दिया है। यह जनता का स्पष्ट जनादेश है कि अब बिहार में बदलाव तय है। 1995 जैसे हालात बन चुके हैं, अब कहीं कोई ‘इफ एंड बट’ की गुंजाइश नहीं बची है

एग्जिट पोल पर मीडिया पर जमकर भड़के तेजस्वी

एग्जिट पोल के दावों पर तेजस्वी ने जमकर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने कहा कि इस बार एनडीए में आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुई कि सीएम का चेहरा कौन होगा? यह वही गोदी मीडिया है जिन लोगों ने सर्वे दिखाया कि पाकिस्तान में इस्लामाबाद, लाहौर, कराची पर कब्जा हो गया है। यह वही सर्वे है जिन्होंने घुसपैठियों सबको भी बिहार में घुसा दिया था। गोदी मीडिया प्रोपेगेंडा फैला रही है।

अमित शाह पर साधा निशाना

तेजस्वी ने कहा कि जो सर्वे दिखाया जा रहा है अगर उनसे सैंपल साइज पूछा जाए तो कोई जवाब नहीं है। कोई सैंपल साइज के बारे में नहीं बता रहा है। सैंपल हो या सर्वे हो इसका मानक क्या है? यह भी नहीं बताया जा रहा है। पीएमओ से जो तय होकर के आता है। जो अमित शाह अपने कलम से लिख करके देते हैं, वही मीडिया वाले बताते और बोलते हैं।

72 लाख लोगों ने नीतीश को बचाने के लिए वोट नहीं दिया-तेजस्वी

आरजेडी नेता ने आगे कहा कि 2020 की तुलना इस बार के मतदान से की जाए तो 72 लाख लोगों ने इस बार ज्यादा मतदान किया है। तेजस्वी ने कहा कि अगर 72 लाख को 243 विधानसभा सीटों में बांट दिया जाए तो 29,500 के आसपास हर विधानसभा में वोट बढ़े हैं। यह वोट नीतीश कुमार को बचाने के लिए नहीं पड़े हैं, यह सरकार को बदलने के लिए वोट पड़े हैं। सरकार बदलने जा रही है। इतने लोगों परिवर्तन के लिए वोट किया है। 16-17% लोग सीएम नीतीश कुमार सीएम के रूप में देखना चाहते थे।

तेजस्वी यादव होंगे महागठबंधन के सीएम फेस, 2 डिप्टी CM भी बनेंगे, अशोक गहलोत का बड़ा ऐलान

#tejashwiyadavcmcandidateannouncedinmahagathbandhan

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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने अपनी एकता और चुनावी रणनीति का प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को पटना में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्ष की ओर से तेजस्वी यादव सीएम के उम्मीदवार होंगे।उन्होंने मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम बनाने का समर्थन किया। अशोक गहलोत ने तेजस्वी यादव को सीएम कैंडिडेट बनाने का ऐलान करते हुए कहा कि बीजेपी अब अपना मुख्यमंत्री के बारे में बताए।

तेजस्वी यादव महागठबंधन का चेहरा

बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्य में बहुप्रतीक्षित प्रेस कांफ्रेंस कर बिहार की जनता को बड़ा संदेश दिया। इस संयुक्त प्रेस वार्ता में महागठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं ने भाग लिया और अपनी-अपनी बात रखी। इस दौरान पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर लीडर अशोक गहलोत ने ऐलान करते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और वे मुख्यमंत्री के चेहरे होंगे।

मुकेश सहनी होंगे डिप्टी सीएम फेस

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि इंडिया गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में एनडीए को अच्छी टक्कर दी। पिछले चुनाव में महागठबंधन मामूली वोटों के अंतर से पीछे रह गए। एनडीए संवैधानिक संस्थाओं को दुरुपयोग कर खेला करना चाहताा है। यह लोग चुनाव जीतने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। इस चुनाव में अगले मुख्यमंत्री के रूप में हमलोग तेजस्वी यादव को चुनते हैं। वह नौजवान हैं। जो कहते हैं करते हैं। अब तक जो वादे किए, उसमें खड़े उतरे। इसलिए महागठबंधन ने फैसला लिया है कि हमलोगों का मुख्यमंत्री चेहरा तेजस्वी यादव ही होंगे। वहीं अशोक गहलोत ने कहा कि मुकेश सहनी की पार्टी महागठबंधन के प्रमुख दलों में से एक हैं। उनकी छवि को देखते हुए महागठबंधन उन्हें डिप्टी सीएम का फेस घोषित करता है।

तेजस्वी ने क्या कहा?

वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि गठबंधन के सभी दलों ने उन पर भरोसा जताया है। वह जनता और अपने सहयोगियों के विश्वास पर खरा उतरेंगे। उन्होंने कहा कि इस बीस साल की निक्कमी सरकार को हम उखाड़ फेंकेंगे और बिहार के लोगों को विकास और न्याय देंगे। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन नेताओं ने बार-बार बैठकें की हैं और हर निर्णय सोच-समझकर लिया गया है।

बिहार चुनाव से पहले लालू परिवार को बड़ा झटका, आईआरसीटीसी भ्रष्टाचार केस में चलेगा केस

#irctchotelscamcaseverdictonlalurabritejashwi

बिहार में विधानसभा चुनाव के बीच लैंड फॉर जॉब मामले में आरजेडी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। यानी, अब इन लोगों के खिलाफ इस मामले में मुकदमा चलेगा।

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कोर्ट ने माना- लालू की जानकारी में घोटाले की साजिश

दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और अन्य के खिलाफ आईआरसीटीसी केस में आरोप तय करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने माना कि लालू यादव की जानकारी में इस घोटाले की साजिश रची गई। कोर्ट ने कहा इस मामले में आरोपी व्यापक साजिश में शामिल थे। लालू फैमिली को इस मामले में फायदा पहुंचा। कॉन्ट्रेक्ट देने के बदले राबड़ी और तेजस्वी को बेहद कम कीमत पर जमीन मिली।

अलग-अलग धाराओं में आरोप तय

दिल्ली की कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ उनकी कथित भूमिका के आधार पर अलग-अलग धाराओं में आरोप तय किए थे। जिन धाराओं के तहत आरोप तय किए है, उनमें IPC 420, IPC 120B, प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(d) शामिल हैं। बता दें कि प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(d) सिर्फ लालू यादव पर लगी है। कोर्ट ने लालू यादव से पूछा क्या आप अपना अपराध मानते हैं तो लालू यादव समेत राबड़ी और तेजस्वी ने अपना अपराध मनाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुकदमे का सामना करेंगे। वहीं राबड़ी यादव ने कहा कि ये गलत केस है।

क्या है जॉब फॉर लैंड केस?

लालू यादव जब साल 2004 से 2009 के बीच केंद्र की यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे, सीबीआई का आरोप है कि उस समय रेलवे की ग्रुप डी नौकरियों के बदले कैंडिडेट्स से उनकी जमीन या संपत्ति को कम कीमतों पर लालू फैमिली के नाम पर करवा दिया गया था। इस मामले में सीबीआई ने मई 2022 में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी, बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, लालू की बेटी मीसा भारती समेत 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। जांच एजेंसी ने दावा किया कि पटना में कई जमीनें लालू फैमिली के सदस्यों और उनके करीबियों के नाम पर ट्रांसफर की गई थी।