देवघर-अपनी मांगों को लेकर बैंक कर्मी ने एसबीआई साधना भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
देवघर: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आज देवघर स्थित भारतीय स्टेट बैंक, साधना भवन के समक्ष बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने पाँच दिवसीय बैंक कार्य सप्ताह सहित अपनी लंबित और न्यायोचित मांगों के समर्थन में एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम UFBU की देवघर इकाई के संयोजक एवं कर्मचारी संघ, पटना मंडल के अध्यक्ष मुन्ना कुमार झा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारी इसमें शामिल हुए और एकजुट होकर अपनी बात रखी। इस मौके पर भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के उपमहासचिव धीरज कुमार ने कहा कि आज बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। स्टाफ की कमी के कारण सीमित संसाधनों में अधिक काम करना पड़ रहा है, जिससे शारीरिक और मानसिक थकान बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब RBI, LIC और GIC जैसे संस्थानों में पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, तो बैंक कर्मियों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन (SBIOA) के सहायक महासचिव श्री विभु प्रकाश ने कहा— “बैंक अधिकारी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ जनता की सेवा करते हैं, लेकिन लगातार बढ़ता कार्यभार और लक्ष्य आधारित दबाव उनके निजी और पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग केवल सुविधा नहीं, बल्कि सम्मानजनक और संतुलित कार्य जीवन की जरूरत है।” कार्यक्रम में SBIOA के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार, सुरेंद्र कुमार (IOB), मुकेश कुमार सिंह (BOI), रोहित कुमार सिंह (BOI), ब्रजेश कुमार (Canara Bank) सहित विभिन्न बैंकों के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए और कर्मचारियों की मांगों को जायज बताया। इसके अलावा कई मुख्य प्रबंधक, अधिकारी और कर्मचारी शक्ति शेखर मिश्रा, ब्रजपति सहाय सहित बड़ी संख्या में बैंककर्मियों ने उपस्थित रहकर एकता और अनुशासन का परिचय दिया। UFBU ने कहा कि बैंक कर्मचारी वर्षों से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाते आ रहे हैं और सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले। यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
देवघर यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियन के आवाहन पर 30 दिसंबर की शाम को SBI साधना भवन के पास विरोध प्रदर्शन।
देवघर: भारतीय स्टेट बैंक, साधना भवन, देवघर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आज दिनांक 30 दिसंबर 2025 को देवघर स्थित भारतीय स्टेट बैंक, साधना भवन के समक्ष बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा पाँच दिवसीय बैंक कार्य सप्ताह लागू करने सहित अन्य लंबित एवं न्यायोचित मांगों के समर्थन में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम UFBU की देवघर इकाई के संयोजक एवं कर्मचारी संघ पटना मंडल के अध्यक्ष मुन्ना कुमार झा की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के उपमहासचिव  धीरज कुमार ने कहा कि बैंकों में स्टाफ की भारी कमी के कारण कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर कार्य-दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे शारीरिक एवं मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि RBI, LIC एवं GIC जैसे संस्थानों में जहाँ पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, वहीं बैंक कर्मियों को इससे वंचित रखना भेदभावपूर्ण है। कार्यक्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन (SBIOA) के आंचलिक सचिव श्री विभु प्रकाश, अध्यक्ष श्री मिथिलेश कुमार, सुरेंद्र कुमार (IOB), मुकेश कुमार सिंह (BOI), रोहित कुमार सिंह (BOI), ब्रजेश कुमार (Canara Bank) सहित विभिन्न बैंकों के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। इसके साथ ही मुख्य प्रबंधकगण— श्री शक्ति शेखर मिश्रा, श्री गौरव आनंद,ब्रज पति सहाय तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी संतोष, संदीप, अंशुमन, पंकज, राजेश, नयन, विजय सिन्हा, सुमन, राजेश सिन्हा, सुकृतिका, माधव, अंजली, निशी आनंद, शशि एक्का, हीरल शर्मा, सहित अमर, रविकांत, प्रवीण, अवधेश झा, केशव, सनी, अंशुमन, राजेश, आयुषी, कंचन, अमित कुमार, सुमित कुमार, रंजन, अविनाश कुमार (PNB), रोहित झा (PNB), अनूप पांडे, चंद्रशेखर, अरविंद बाजपेई, कनिष्क आनंद, कुमार शांतनु, काजल कुमार झा, प्रद्युम्न कुमार, मनीष कुमार राय, अजय जज़वारे ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी एकता का प्रदर्शन किया। UFBU ने बताया कि IBA द्वारा पाँच दिवसीय बैंकिंग की सिफारिश सरकार को भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी अनावश्यक देरी के विरोध में UFBU ने देशव्यापी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की घोषणा की है। UFBU का आगे का आंदोलनात्मक कार्यक्रम: • 04 जनवरी 2026 – सोशल मीडिया / ट्विटर अभियान • 05 जनवरी 2026 – सभी राज्य राजधानियों में धरना प्रदर्शन एवं हड़ताल की तिथि की घोषणा • 13 जनवरी 2026 – प्रेस मीट / प्रेस विज्ञप्ति • जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में – अखिल भारतीय बैंक हड़ताल UFBU ने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार एवं बैंक प्रबंधन की होगी। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं एकजुट वातावरण में संपन्न हुआ।
RBI ने बैंक खातों के लिए नए न्यूनतम बैलेंस नियम किए लागू, 31 दिसंबर 2025 से होंगे प्रभावी


मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक खातों से जुड़े न्यूनतम बैलेंस नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम 31 दिसंबर 2025 से पूरे देश में लागू होंगे, जिनका उद्देश्य नियमों में एकरूपता लाना और ग्राहकों को अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता देना है।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में बैंक खातों के लिए ₹3,000 और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ₹1,500 का औसत मासिक बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य होगा। इससे अलग-अलग बैंकों द्वारा लगाए जाने वाले अलग नियमों और मनमाने जुर्मानों पर रोक लगेगी।

इसके साथ ही RBI ने BSBD (Basic Savings Bank Deposit Account) यानी बुनियादी बचत बैंक जमा खाता को लेकर भी अहम निर्देश जारी किए हैं। सभी बैंकों को यह खाता बिना किसी न्यूनतम बैलेंस की शर्त के उपलब्ध कराना होगा। इस खाते में ग्राहकों को मुफ्त चेकबुक, पासबुक और असीमित डिजिटल लेनदेन (UPI, NEFT, RTGS, IMPS) की सुविधा मिलेगी।

RBI का कहना है कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को अचानक लगने वाले जुर्मानों से बचाना और बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है। नए प्रावधानों के तहत अब बैंकों को ग्राहकों को नियमित अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा, ताकि वे बैलेंस संबंधी नियमों से पहले ही अवगत रहें।
आपकी पूंजी—आपका अधिकार” अभियान के तहत अदावाकृत संपत्तियों के निपटान हेतु विशेष शिविर का सफल आयोजन

वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services – DFS), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय अभियान “आपकी पूँजी — आपका अधिकार” के अंतर्गत आज टाउन हॉल, हजारीबाग में एक व्यापक वित्तीय जागरूकता एवं सेवा शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के नागरिकों को Unclaimed Financial Assets की खोज, सत्यापन तथा दावा प्रक्रिया की जानकारी प्रदान करना एवं उन्हें उनकी वैध जमा राशि प्राप्त कराने में सहायता उपलब्ध कराना था।

जिले में अब तक 7.91 करोड़ रुपये का निपटान - आपकी पूंजी आपका अधिकार अभियान” के तहत 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक संचालित विशेष निपटान प्रक्रिया में जिले में अब तक लगभग ₹7.91 करोड़ की राशि का सफल निपटान किया गया है।

300 से अधिक नागरिकों की सहभागिता शिविर में 300 से अधिक नागरिकों/ग्राहकों ने भाग लिया। बैंकों के विशेषज्ञों द्वारा अदावाकृत खातों, लंबित दावों और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्रदान की गई। अनेक लाभार्थियों को मौके पर ही दावा निपटान प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया। जिले के सभी प्रमुख बैंकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर अदावाकृत संपत्तियों की स्थिति जांच दावा दायर करने की प्रक्रिया आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी गई तथा नए दावों का स्वीकृति/स्वीकार

सेवाएँ प्रदान की गईं। मुख्य अतिथि का संबोधन - कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उप विकास आयुक्त, हजारीबाग श्री इश्तियाक अहमद ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान नागरिकों को उनके वित्तीय अधिकारों से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।

वरिष्ठ बैंक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम में निम्नलिखित वरिष्ठ बैंक अधिकारियों ने भाग लिया।

खिरोध चन्द्र साहू, उप-आंचलिक प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया श्री राजीव कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया,श्री भोला दानी, क्षेत्रीय प्रबंधक, झारखंड ग्रामीण बैंक,श्री एल. वेंकट जय कृष्णा, क्षेत्रीय प्रबंधक, केनरा बैंक,श्री रौशन चौधरी, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति,भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ अधिकारी,बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक,श्री प्रेम रंजन प्रसाद सिंह, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक साथ ही विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला समन्वयक एवं बड़ी संख्या में खाताधारी उपस्थित रहे।

जिले में 1.89 लाख अनक्लेम्ड खाते - अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) श्री किशोर कुमार ने बताया कि हजारीबाग जिले के 15 बैंकों में कुल 1,89,233 अनक्लेम्ड खाते हैं, जिनमें ₹75.35 करोड़ (31 अगस्त 2025 तक) की राशि जमा है। उन्होंने कहा कि DFS एवं बैंक मिलकर निपटान प्रक्रिया को त्वरित, सुगम एवं पारदर्शी बना रहे हैं।

RBI द्वारा जागरूकता का आह्वान - कार्यक्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक, झारखंड श्री प्रेम रंजन प्रसाद सिंह ने कहा कि यह अभियान वित्तीय जागरूकता एवं नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सरकारी विभागों के अदावाकृत खातों के त्वरित निपटान का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि

आम नागरिक उद्गम पोर्टल के माध्यम से अपनी अदावाकृत राशि की जानकारी ले सकते हैं।

लाभार्थी आवश्यक दस्तावेजों (आधार, पैन आदि) के साथ अपनी बैंक शाखा से संपर्क कर शीघ्र दावा निपटान करवा सकते हैं।

उन्होंने नागरिकों से अधिकाधिक भागीदारी का आग्रह किया और बताया कि वित्त मंत्रालय द्वारा प्रत्येक जिले में ऐसे शिविर वृहद स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं।

झारखंड मंत्रिपरिषद के 17 बड़े फैसले: देशी माँगुर 'राजकीय मछली' घोषित; नेतरहाट के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन; देवघर में ₹113 करोड़ से 4-सितारा ह


रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज, 12 नवंबर 2025 को झारखंड मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। इन फैसलों में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी कर्मचारियों के हित और राज्य प्रतीक से संबंधित कई बड़े निर्णय शामिल हैं।

राजकीय मछली की घोषणा और पर्यटन को बढ़ावा

राजकीय मछली: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के अनुरोध पर देशी माँगुर (Clarias magur) को झारखंड राज्य की "राजकीय मछली (State Fish)" घोषित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

देवघर में होटल: ₹113.97 करोड़ की अनुमानित लागत से होटल वैद्यनाथ विहार, देवघर का निर्माण, संचालन, रख-रखाव और प्रबंधन पी.पी.पी. (PPP) मोड पर 4 सितारा श्रेणी के होटल के रूप में करने के लिए स्वीकृति दी गई।

वित्तीय और विधायी मामले

शीतकालीन सत्र: षष्ठम झारखण्ड विधानसभा का चतुर्थ (शीतकालीन) सत्र 05.12.2025 से 11.12.2025 तक आहूत किए जाने संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम को स्वीकृति दी गई।

गारंटी मोचन निधि: गारंटी मोचन निधि (Guarantee Redemption Fund) के संचालन हेतु भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से प्राप्त अधिसूचना के प्रारूप पर सहमति दी गई।

सड़क निर्माण: गिरिडीह-जमुआ रोड (SH-13) के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण (कुल लम्बाई-28.44 कि.मी.) हेतु ₹133.01 करोड़ और सिमडेगा-रेंगारी-केरसई-बोलवा रोड (कुल लम्बाई 48.21 कि.मी.) के गुणवत्ता सुधार कार्य हेतु ₹29.76 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

लातेहार में लीज: चकला कोल परियोजना के लिए मे. हिण्डाल्को इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के साथ 147.05 एकड़ गैरमजरूआ आम/खास भूमि की 30 वर्षों के लिए सशुल्क लीज बंदोबस्ती को स्वीकृति दी गई।

शिक्षा और कार्मिक विभाग

पुरानी पेंशन: नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने की स्वीकृति दी गई।

STEM लैब: राज्य के सभी 24 जिलों के एक-एक मुख्यमंत्री उत्कृष्ठ विद्यालयों (CM SoE) में STEM Lab (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित प्रयोगशाला) के अधिष्ठापन की स्वीकृति दी गई।

पोलिटेकनिक कर्मी: विश्व बैंक सम्पोषित पोलिटेकनिक शिक्षा सुदृढ़ीकरण परियोजना के अंतर्गत संविदा के आधार पर नियुक्त शिक्षकेत्तर कर्मियों की सेवा नियमितीकरण को स्वीकृति दी गई।

कानून और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

वनरक्षी संवर्ग: वनरक्षी संवर्ग के 1315 पदों का प्रत्यर्पण कर प्रधान वनरक्षी के 1315 पदों के सृजन की स्वीकृति हेतु निर्गत अधिसूचना में संशोधन किया गया।

कानून कार्यान्वयन: तीन नए आपराधिक कानून के कार्यान्वयन हेतु Model Rules- e-Sakshya एवं e-Summons अधिसूचित किए जाने की स्वीकृति दी गई।

पुलिस नियमावली: झारखंड राज्य पुलिस रेडियो में अवर निरीक्षक, वितंतु संवर्ग और इंडिया रिजर्व बटालियन में आरक्षी के पद पर नियुक्ति हेतु अधिसूचित नियम में संशोधन को स्वीकृति दी गई।

अंत में, मंत्रिपरिषद ने झारखंड स्थापना दिवस, 2025 के राजकीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अल्प अवधि शेष रहने के कारण, सीमित निविदा प्रक्रिया द्वारा चयनित ऐजेंसी को उद्धरित न्यूनतम दर के सामान्य अनुमानित दर से लगभग पचास प्रतिशत अधिक पर कार्यादेश निर्गत करने की स्वीकृति भी दी।

23 जून को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन,विजेताओं को मंत्री करेंगे सम्मानित

लखनऊ । मद्यपान और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों को उजागर करने के उद्देश्य से मद्यनिषेध विभाग द्वारा 23 जून को लखनऊ में पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह प्रतियोगिता प्रातः 10:30 बजे से क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी कार्यालय परिसर, 27 अशोक मार्ग, लखनऊ में आयोजित होगी।

प्रतियोगिता पूर्णतः निःशुल्क होगी, जिसमें किसी भी आयु वर्ग के छात्र, छात्राएं, पुरुष व महिलाएं भाग ले सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी 21 जून, 2025 की सायंकाल तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। प्रतियोगिता स्थल पर चार्ट पेपर विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि पोस्टर निर्माण की अन्य सामग्री प्रतिभागियों को स्वयं लानी होगी।

प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को 26 जून, 2025 को "मादक पदार्थों का दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार विरोधी अन्तर्राष्ट्रीय दिवस" के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 11 बजे अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान, विपिन खंड, गोमती नगर स्थित प्रेक्षागृह (निकट RBI) में आयोजित होगा, जहां आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे।

क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य जनमानस को नशे के खिलाफ जागरूक करना है। प्रतियोगिता से संबंधित जानकारी के लिए रमेश कुमार (मो. 9453955789), बृजमोहन (मो. 7985635716, 9305328050) तथा श्रीमती नीतू वर्मा (मो. 7355381437) से संपर्क किया जा सकता है।

लखनऊ के HCBL को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द, RBI की एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई

लखनऊ। रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया ने लखनऊ स्थित HCBL को-ऑपरेटिव बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह एक महीने के भीतर दूसरी बार है जब केंद्रीय बैंक ने किसी सहकारी बैंक पर सख्त कदम उठाया है। खबर सुनने के बाद से ग्राहकों में भगदड़ मची हुई है।

RBI ने स्पष्ट किया है कि HCBL बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और भविष्य में आय की संभावनाएं भी नगण्य हैं, इसलिए बैंक को चलाना जनहित में नहीं है। इसी के चलते बैंक 19 मई, 2025 से अपना सारा बैंकिंग कारोबार बंद कर देगा।

केंद्रीय बैंक ने उत्तर प्रदेश के सहकारिता आयुक्त और रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि वे बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करें और एक लिक्विडेटर नियुक्त करें। इसके साथ ही बैंक को तुरंत प्रभाव से जमा राशि स्वीकार करने या लौटाने जैसे सभी बैंकिंग कार्यों को बंद करने का आदेश दे दिया गया है।

RBI ने यह भी जानकारी दी कि बैंक के लाइसेंस रद्द होने के बावजूद जमाकर्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) की ओर से प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम 5 लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा। बैंक के लगभग 98.69% जमाकर्ता अपनी पूरी जमा राशि DICGC से प्राप्त कर सकेंगे।

RBI के अनुसार, 31 जनवरी, 2025 तक DICGC पहले ही ₹21.24 करोड़ का भुगतान कर चुका है। इससे पहले 16 अप्रैल, 2025 को RBI ने अहमदाबाद के कलर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस भी इसी कारण से रद्द किया था—अपर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं न होना। यह लगातार दूसरी बार है जब RBI ने सहकारी बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और जमाकर्ताओं के हित में कठोर कदम उठाया है।

टैरिफ वॉर ने फिर मचाया शेयर बाजार में घमासान, सेंसेक्स में बड़ी गिरावट; RBI के फैसले पर नजर

अमेरिका और चीन के बीच भड़के टैरिफ वॉर ने एक बार फिर दुनियाभर के बाजारों में हलचल मचा दी है. जहां भारत में बाजार और निवेशकों की नजर आज RBI के फैसले पर है वहीं, चीन पर 104 फीसदी टैरिफ वाला बयान बाजार में एक बार फिर घमासान मचा दिया है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन पर लगाए गए टैरिफ पर जवाबी कार्रवाई करते हुए चीन ने अमेरिका पर 34% टैरिफ लगाया था. ट्रंप ने 8 अप्रैल तक इसे वापस लेने को कहा था जिसे चीन ने नहीं माना. अब अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले सामान पर 104% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. चीन पर टैरिफ का असर आज भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है.

सेंसेक्स में 250 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है वहीं निफ़्टी में भी जोरदार गिरावट देखी जा रही है. बाजार खुलते ही फार्मा सेक्टर के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने ग्लोबल और घरेलू शेयर बाजारों में हलचल मचा दी है. अब ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि RBI ब्याज दरों में 0.25% की कटौती करेगा, लेकिन अगर यह कटौती 0.5% तक पहुंची तो यह बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव सरप्राइज साबित हो सकता है.

सेंसेक्स निफ़्टी का हाल

कारोबारी हफ्ते के तीसरे दिन शेयर बाजार रेड जोन में खुला. बीएसई पर सेंसेक्स 409 अंकों की गिरावट के साथ 73,817.30 पर ओपन हुआ. वहीं, एनएसई पर निफ्टी 0.34 फीसदी की गिरावट के साथ 22,460.30पर खुला. इस गिरावट के साथ निवेशकों की दौलत में भी गिरावट आई है. बाजार पर सबसे ज्यादा असर चीन पर टैरिफ एक्शन, फार्मा सेक्टर में टैरिफ धमकी और रिजर्व बैंक के आने वाले फैसले का है.

फार्मा सेक्टर का हाल

ट्रंप ने चीन पर एक्शन के बाद कहा है कि अमेरिका जल्द ही फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर भारी टैरिफ लगाने जा रहा है. अब तक फार्मा सेक्टर को US की रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी से छूट मिली हुई थी, लेकिन अब इस पॉलिसी का दायरा बढ़ाया जा सकता है.

भारतीय फार्मा कंपनियों पर असर

भारत अमेरिका को दवाओं का सबसे बड़ा सप्लायर है. ऐसे में ट्रंप के इस फैसले का सीधा असर भारतीय फार्मा कंपनियों पर पड़ेगा. Sun Pharma, Lupin, Dr. Reddy’s, Aurobindo Pharma और Gland Pharma जैसी कंपनियां अमेरिकी बाजार पर काफी निर्भर हैं और उनके शेयर बुधवार को दबाव में नजर आए.

अमेरिकी बाजार में गिरावट

मंगलवार को लगातार चौथे दिन अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट रही. एसएंडपी 500 लगभग एक साल में पहली बार 5,000 से नीचे बंद हुआ. सूचकांक अब 19 फरवरी को अपने रिकॉर्ड हाई से 18.9% नीचे है, जो कि 20% की गिरावट के करीब है जो एक मंदी का संकेत दे रहा है. वहीं, डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 320 अंक गिरकर 37,645.59 पर बंद हुआ. एसएंडपी 500 1.57% गिरकर 4,982.77 पर बंद हुआ.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 14 प्रस्ताव को मिली मंजूरी

मंत्रिपरिषद की हुई बैठक जाने जल संसाधन विभाग, स्कूली शिक्षा और स्वास्थ्य बीमा के लिए क्या है खास

रांची : झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक। जिसमें कुल 14 प्रस्ताव स्वीकार किए गए। मंत्रीपरिषद की हुई बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं। विशेष जानकारी देते हुए मंत्रिमंडल के प्रधान सचिव वंदना दंडल ने बताया कि जल संसाधन विभाग में लिपिक पद से संबंधित नियमावली को मान्यता दी गई है। वहीं, वाणिज्य कर विभाग मूल्य कर में संशोधन कर 4 प्रतिशत से बढ़कर 12% तक कर दिया गया है। झारखंड को निवेशक केंद्र बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गठित उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के स्पेन व स्वीडन यात्रा तथा इससे संबंधित व्यय की स्वीकृति दी गई। 19 से 27 अप्रैल तक प्रतिनिधिमंडल स्वीडन व स्पेन के दौरे पर जायेगा।

वहीं, कल्याण विभाग द्वारा आवासीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में भी फैसला लिया गया है। राज्य के सरकारी माध्यमिक और प्लस टू विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने लगभग 8,900 पदों की बहाली और 1,373 माध्यमिक आचार्य पदों के सृजन का भी निर्णय लिया है। वहीं, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से झारखंड ग्रास रूट इंटर्नशिप सभी पंचायत में आयोजित किये जाएंगे और ₹10000 इंटर्नशिप के लिए दिए जाएंगे। मंत्रिमंडल के द्वारा स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में अस्पतालों के बेहतर प्रबंधन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को मानक के अनुरूप करने के लिए 'अस्पताल प्रबंधन हेतु मार्ग-निर्देश करने की स्वीकृति दी गई।

 झारखण्ड अवर शिक्षा सेवा संवर्ग (प्राथमिक शाखा) के पदाधिकारियों को राज्य शिक्षा सेवा वर्ग -2 (निरीक्षी शाखा) के पद पर भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति की स्वीकृति दी गई।

स्व० सरयू प्रसाद चौधरी, भूतपूर्व झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक 197/03) के सेवावधि से संबंधित अवधियों, जिसे विभागीय आदेश संख्या 4817 दिनांक 16.08.2011 द्वारा पेंशन एवं उपादान के भुगतान के प्रयोजनार्थ गणना हेतु झारखण्ड सेवा संहिता के नियम 236 के तहत असाधारण अवकाश के रूप स्वीकृत किया गया है, को LPA No. 487/2022 झारखण्ड राज्य बनाम राहुल शंकर में दिनांक 13.अगस्त 2024 को पारित न्यायादेश के आलोक में कर्तव्य अवधि मानते हुए वेतन भुगतान से संबंधित प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई।

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य हेतु तत्कालिक व्यवस्था के तहत् Service procurement के आधार पर अंशकालीन शिक्षकों से कार्य लिए जाने की अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

 दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के दूरसंचार अधिनियम, 2023 के आलोक में अधिसूचना संख्या-534 दिनांक 17 सितंबर.2024 द्वारा अधिसूचित दूरसंचार (मार्ग के अधिकार) नियम, 2024 को लागू करने की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड मूल्यवर्द्धित कर की प्राप्ति में वृद्धि के उदेश्य से झारखण्ड मूल्यवर्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा-57 (1) के आलोक में झारखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 एवं झारखण्ड मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 के अन्तर्गत खनन (Mining) एवं विनिर्माण कार्य (Industries) में निबंधित करदेय व्यक्तियों / डीलर्स द्वारा High Speed Diesel के राज्यान्तर्गत Bulk Purchase के क्रम में मूल्यवर्द्धित कर में Partial Concession कर मूल्यवर्धित कर को "22 प्रतिशत अथवा 12.50 रू0 प्रति लीटर, जो अधिक हो" को संशोधित कर "15 प्रतिशत" करने पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB) से Urban Infrastructure Development Fund (UIDF) अन्तर्गत योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु ऋण आहरण के क्रम में NHB द्वारा उपलब्ध कराये गये RBI के पक्ष में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाला अपरिवर्तनीय प्राधिकार पत्र प्रारूप एवं NHB के ऋण स्वीकृति पत्र एवं उससे संबंधित नियम शर्तों पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्यान्तर्गत सरकारी माध्यमिक विद्यालय शिक्षक (TGT) संवर्ग (सप्तम वेतनमान् स्तर, L/7, रु. 44,900-1,42,400/-) तथा सरकारी +2 विद्यालय शिक्षक (PGT) संवर्ग (सप्तम वेतनमान् स्तर, L/8, रु. 47,600-1,51,100/-) के क्रमशः रिक्त 9,470 एवं 797 पद में से क्रमशः 8,650 एवं 250 पद, कुल 8,900 पदों का प्रत्यर्पण एवं 510 सरकारी +2 विद्यालयों में माध्यमिक आचार्य (Secondary Acharya) संवर्ग (सप्तम वेतनमान् स्तर, L/6, रु. 35,400-1,12,400/-) के आवश्यकता आधारित 1373 माध्यमिक आचार्य (Secondary Acharya) पदों के पदसृजन की स्वीकृति दी गई।

पंचम राज्य वित्त आयोग के प्रथम प्रतिवेदन पर कृत अंतरिम कार्रवाई पर मंत्रिपरिषद् की कार्योपरान्त स्वीकृति दी गई।

पंचम राज्य वित्त आयोग के प्रथम प्रतिवेदन एवं अनुवर्ती कार्रवाई संबंधी व्याख्यात्मक ज्ञापन को विधान सभा के पटल पर रखने हेतु कार्योपरान्त मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

रिपोर्टर जयंत कुमार

किसानों को सस्ता और आसान ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार की नई पहल

संशोधित ब्याज सहायता योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर 3 लाख से 5 लाख की गई

हज़ारीबाग: केंद्रीय बजट 2025-26 में भारत के अन्नदाता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे सरकार की कृषि विकास और उत्पादकता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। कृषि को दस प्रमुख विकासात्मक क्षेत्रों में शामिल किया गया है, जो भारत की आर्थिक प्रगति को गति देने वाला एक महत्वपूर्ण इंजन है।

केंद्रीय बजट 2025-26 घोषणाओं के कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए 01 मार्च, 2025 को “कृषि और ग्रामीण समृद्धि पर बजट के बाद वेबिनार” ;(Post-Budget Webinar on Agriculture & Rural Prosperity) आयोजित किया गया। 

उद्घाटन भाषण माननीय प्रधान मंत्री द्वारा दिया गया और कृषि और किसान कल्याण विभाग (DoA&FW) के विभिन्न विभागों के सचिवों की अध्यक्षता में किया गया।

प्रतिभागियों में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ-साथ आरबीआई (RBI), नाबार्ड (NABARD), अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी-SCB), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी-RRB), राज्य सहकारी और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (एसटीसीबी और डीसीसीबी- StCB and DCCB), राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियां (एसएलबीसी- SLBC), कृषि विकास केंद्र (केवीके-KVK) और देश के कोने-कोने से आए किसान शामिल थे।

जैसा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2024 में भी बताया गया है, 31.3.2024 तक 7.75 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी-KCC) खाते हैं। अल्पकालिक ऋण जरूरतों को पूरा करके केसीसी योजना ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केसीसी-संशोधित ब्याज अनुदान योजना (केसीसी-एमआईएसएस KCC-MISS) किसानों को 4 प्रतिशत की प्रभावी रियायती ब्याज दर पर ऋण दे रही है।

किफायती ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जमानत-मुक्त KCC ऋण को ₹1.6 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख कर दिया है। 

एक बड़े कदम के रूप में, केंद्रीय बजट 2025-26 ने संशोधित ब्याज सहायता योजना (MISS) के तहत ऋण सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया है। इस कदम से छोटे और सीमांत किसानों पर वित्तीय तनाव कम होने के साथ-साथ कृषि में अधिक निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे फसल उत्पादन, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए किसानों की बढ़ी हुई कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी।

सरकार ने पिछले दशकों में MISS के माध्यम से किसानों को 1.44 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। इन पहलों के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य 2023-24 में कृषि अल्पकालिक ऋण को 9.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2029-30 तक 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इन उपायों के ज़रिए सरकार न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण की सुलभता बढ़ा रही है, बल्कि किसानों को वित्तीय स्वतंत्रता भी दे रही है। जैसे-जैसे यह पहल पूरे देश में लागू होगी, इसमें भारत में कृषि ऋण को फिर से परिभाषित करने की क्षमता है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि समय पर और किफ़ायती ऋण उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।

देवघर-अपनी मांगों को लेकर बैंक कर्मी ने एसबीआई साधना भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
देवघर: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आज देवघर स्थित भारतीय स्टेट बैंक, साधना भवन के समक्ष बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने पाँच दिवसीय बैंक कार्य सप्ताह सहित अपनी लंबित और न्यायोचित मांगों के समर्थन में एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम UFBU की देवघर इकाई के संयोजक एवं कर्मचारी संघ, पटना मंडल के अध्यक्ष मुन्ना कुमार झा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारी इसमें शामिल हुए और एकजुट होकर अपनी बात रखी। इस मौके पर भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के उपमहासचिव धीरज कुमार ने कहा कि आज बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। स्टाफ की कमी के कारण सीमित संसाधनों में अधिक काम करना पड़ रहा है, जिससे शारीरिक और मानसिक थकान बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब RBI, LIC और GIC जैसे संस्थानों में पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, तो बैंक कर्मियों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन (SBIOA) के सहायक महासचिव श्री विभु प्रकाश ने कहा— “बैंक अधिकारी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ जनता की सेवा करते हैं, लेकिन लगातार बढ़ता कार्यभार और लक्ष्य आधारित दबाव उनके निजी और पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग केवल सुविधा नहीं, बल्कि सम्मानजनक और संतुलित कार्य जीवन की जरूरत है।” कार्यक्रम में SBIOA के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार, सुरेंद्र कुमार (IOB), मुकेश कुमार सिंह (BOI), रोहित कुमार सिंह (BOI), ब्रजेश कुमार (Canara Bank) सहित विभिन्न बैंकों के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए और कर्मचारियों की मांगों को जायज बताया। इसके अलावा कई मुख्य प्रबंधक, अधिकारी और कर्मचारी शक्ति शेखर मिश्रा, ब्रजपति सहाय सहित बड़ी संख्या में बैंककर्मियों ने उपस्थित रहकर एकता और अनुशासन का परिचय दिया। UFBU ने कहा कि बैंक कर्मचारी वर्षों से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाते आ रहे हैं और सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले। यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
देवघर यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियन के आवाहन पर 30 दिसंबर की शाम को SBI साधना भवन के पास विरोध प्रदर्शन।
देवघर: भारतीय स्टेट बैंक, साधना भवन, देवघर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर आज दिनांक 30 दिसंबर 2025 को देवघर स्थित भारतीय स्टेट बैंक, साधना भवन के समक्ष बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा पाँच दिवसीय बैंक कार्य सप्ताह लागू करने सहित अन्य लंबित एवं न्यायोचित मांगों के समर्थन में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम UFBU की देवघर इकाई के संयोजक एवं कर्मचारी संघ पटना मंडल के अध्यक्ष मुन्ना कुमार झा की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी संघ के उपमहासचिव  धीरज कुमार ने कहा कि बैंकों में स्टाफ की भारी कमी के कारण कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर कार्य-दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे शारीरिक एवं मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि RBI, LIC एवं GIC जैसे संस्थानों में जहाँ पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, वहीं बैंक कर्मियों को इससे वंचित रखना भेदभावपूर्ण है। कार्यक्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन (SBIOA) के आंचलिक सचिव श्री विभु प्रकाश, अध्यक्ष श्री मिथिलेश कुमार, सुरेंद्र कुमार (IOB), मुकेश कुमार सिंह (BOI), रोहित कुमार सिंह (BOI), ब्रजेश कुमार (Canara Bank) सहित विभिन्न बैंकों के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। इसके साथ ही मुख्य प्रबंधकगण— श्री शक्ति शेखर मिश्रा, श्री गौरव आनंद,ब्रज पति सहाय तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी संतोष, संदीप, अंशुमन, पंकज, राजेश, नयन, विजय सिन्हा, सुमन, राजेश सिन्हा, सुकृतिका, माधव, अंजली, निशी आनंद, शशि एक्का, हीरल शर्मा, सहित अमर, रविकांत, प्रवीण, अवधेश झा, केशव, सनी, अंशुमन, राजेश, आयुषी, कंचन, अमित कुमार, सुमित कुमार, रंजन, अविनाश कुमार (PNB), रोहित झा (PNB), अनूप पांडे, चंद्रशेखर, अरविंद बाजपेई, कनिष्क आनंद, कुमार शांतनु, काजल कुमार झा, प्रद्युम्न कुमार, मनीष कुमार राय, अजय जज़वारे ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी एकता का प्रदर्शन किया। UFBU ने बताया कि IBA द्वारा पाँच दिवसीय बैंकिंग की सिफारिश सरकार को भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी अनावश्यक देरी के विरोध में UFBU ने देशव्यापी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की घोषणा की है। UFBU का आगे का आंदोलनात्मक कार्यक्रम: • 04 जनवरी 2026 – सोशल मीडिया / ट्विटर अभियान • 05 जनवरी 2026 – सभी राज्य राजधानियों में धरना प्रदर्शन एवं हड़ताल की तिथि की घोषणा • 13 जनवरी 2026 – प्रेस मीट / प्रेस विज्ञप्ति • जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में – अखिल भारतीय बैंक हड़ताल UFBU ने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार एवं बैंक प्रबंधन की होगी। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं एकजुट वातावरण में संपन्न हुआ।
RBI ने बैंक खातों के लिए नए न्यूनतम बैलेंस नियम किए लागू, 31 दिसंबर 2025 से होंगे प्रभावी


मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक खातों से जुड़े न्यूनतम बैलेंस नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम 31 दिसंबर 2025 से पूरे देश में लागू होंगे, जिनका उद्देश्य नियमों में एकरूपता लाना और ग्राहकों को अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता देना है।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में बैंक खातों के लिए ₹3,000 और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ₹1,500 का औसत मासिक बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य होगा। इससे अलग-अलग बैंकों द्वारा लगाए जाने वाले अलग नियमों और मनमाने जुर्मानों पर रोक लगेगी।

इसके साथ ही RBI ने BSBD (Basic Savings Bank Deposit Account) यानी बुनियादी बचत बैंक जमा खाता को लेकर भी अहम निर्देश जारी किए हैं। सभी बैंकों को यह खाता बिना किसी न्यूनतम बैलेंस की शर्त के उपलब्ध कराना होगा। इस खाते में ग्राहकों को मुफ्त चेकबुक, पासबुक और असीमित डिजिटल लेनदेन (UPI, NEFT, RTGS, IMPS) की सुविधा मिलेगी।

RBI का कहना है कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को अचानक लगने वाले जुर्मानों से बचाना और बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है। नए प्रावधानों के तहत अब बैंकों को ग्राहकों को नियमित अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा, ताकि वे बैलेंस संबंधी नियमों से पहले ही अवगत रहें।
आपकी पूंजी—आपका अधिकार” अभियान के तहत अदावाकृत संपत्तियों के निपटान हेतु विशेष शिविर का सफल आयोजन

वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services – DFS), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय अभियान “आपकी पूँजी — आपका अधिकार” के अंतर्गत आज टाउन हॉल, हजारीबाग में एक व्यापक वित्तीय जागरूकता एवं सेवा शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के नागरिकों को Unclaimed Financial Assets की खोज, सत्यापन तथा दावा प्रक्रिया की जानकारी प्रदान करना एवं उन्हें उनकी वैध जमा राशि प्राप्त कराने में सहायता उपलब्ध कराना था।

जिले में अब तक 7.91 करोड़ रुपये का निपटान - आपकी पूंजी आपका अधिकार अभियान” के तहत 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक संचालित विशेष निपटान प्रक्रिया में जिले में अब तक लगभग ₹7.91 करोड़ की राशि का सफल निपटान किया गया है।

300 से अधिक नागरिकों की सहभागिता शिविर में 300 से अधिक नागरिकों/ग्राहकों ने भाग लिया। बैंकों के विशेषज्ञों द्वारा अदावाकृत खातों, लंबित दावों और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्रदान की गई। अनेक लाभार्थियों को मौके पर ही दावा निपटान प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया। जिले के सभी प्रमुख बैंकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर अदावाकृत संपत्तियों की स्थिति जांच दावा दायर करने की प्रक्रिया आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी गई तथा नए दावों का स्वीकृति/स्वीकार

सेवाएँ प्रदान की गईं। मुख्य अतिथि का संबोधन - कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उप विकास आयुक्त, हजारीबाग श्री इश्तियाक अहमद ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान नागरिकों को उनके वित्तीय अधिकारों से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।

वरिष्ठ बैंक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम में निम्नलिखित वरिष्ठ बैंक अधिकारियों ने भाग लिया।

खिरोध चन्द्र साहू, उप-आंचलिक प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया श्री राजीव कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया,श्री भोला दानी, क्षेत्रीय प्रबंधक, झारखंड ग्रामीण बैंक,श्री एल. वेंकट जय कृष्णा, क्षेत्रीय प्रबंधक, केनरा बैंक,श्री रौशन चौधरी, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति,भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ अधिकारी,बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक,श्री प्रेम रंजन प्रसाद सिंह, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक साथ ही विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला समन्वयक एवं बड़ी संख्या में खाताधारी उपस्थित रहे।

जिले में 1.89 लाख अनक्लेम्ड खाते - अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) श्री किशोर कुमार ने बताया कि हजारीबाग जिले के 15 बैंकों में कुल 1,89,233 अनक्लेम्ड खाते हैं, जिनमें ₹75.35 करोड़ (31 अगस्त 2025 तक) की राशि जमा है। उन्होंने कहा कि DFS एवं बैंक मिलकर निपटान प्रक्रिया को त्वरित, सुगम एवं पारदर्शी बना रहे हैं।

RBI द्वारा जागरूकता का आह्वान - कार्यक्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक, झारखंड श्री प्रेम रंजन प्रसाद सिंह ने कहा कि यह अभियान वित्तीय जागरूकता एवं नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सरकारी विभागों के अदावाकृत खातों के त्वरित निपटान का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि

आम नागरिक उद्गम पोर्टल के माध्यम से अपनी अदावाकृत राशि की जानकारी ले सकते हैं।

लाभार्थी आवश्यक दस्तावेजों (आधार, पैन आदि) के साथ अपनी बैंक शाखा से संपर्क कर शीघ्र दावा निपटान करवा सकते हैं।

उन्होंने नागरिकों से अधिकाधिक भागीदारी का आग्रह किया और बताया कि वित्त मंत्रालय द्वारा प्रत्येक जिले में ऐसे शिविर वृहद स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं।

झारखंड मंत्रिपरिषद के 17 बड़े फैसले: देशी माँगुर 'राजकीय मछली' घोषित; नेतरहाट के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन; देवघर में ₹113 करोड़ से 4-सितारा ह


रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज, 12 नवंबर 2025 को झारखंड मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। इन फैसलों में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी कर्मचारियों के हित और राज्य प्रतीक से संबंधित कई बड़े निर्णय शामिल हैं।

राजकीय मछली की घोषणा और पर्यटन को बढ़ावा

राजकीय मछली: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के अनुरोध पर देशी माँगुर (Clarias magur) को झारखंड राज्य की "राजकीय मछली (State Fish)" घोषित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

देवघर में होटल: ₹113.97 करोड़ की अनुमानित लागत से होटल वैद्यनाथ विहार, देवघर का निर्माण, संचालन, रख-रखाव और प्रबंधन पी.पी.पी. (PPP) मोड पर 4 सितारा श्रेणी के होटल के रूप में करने के लिए स्वीकृति दी गई।

वित्तीय और विधायी मामले

शीतकालीन सत्र: षष्ठम झारखण्ड विधानसभा का चतुर्थ (शीतकालीन) सत्र 05.12.2025 से 11.12.2025 तक आहूत किए जाने संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम को स्वीकृति दी गई।

गारंटी मोचन निधि: गारंटी मोचन निधि (Guarantee Redemption Fund) के संचालन हेतु भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से प्राप्त अधिसूचना के प्रारूप पर सहमति दी गई।

सड़क निर्माण: गिरिडीह-जमुआ रोड (SH-13) के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण (कुल लम्बाई-28.44 कि.मी.) हेतु ₹133.01 करोड़ और सिमडेगा-रेंगारी-केरसई-बोलवा रोड (कुल लम्बाई 48.21 कि.मी.) के गुणवत्ता सुधार कार्य हेतु ₹29.76 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

लातेहार में लीज: चकला कोल परियोजना के लिए मे. हिण्डाल्को इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के साथ 147.05 एकड़ गैरमजरूआ आम/खास भूमि की 30 वर्षों के लिए सशुल्क लीज बंदोबस्ती को स्वीकृति दी गई।

शिक्षा और कार्मिक विभाग

पुरानी पेंशन: नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने की स्वीकृति दी गई।

STEM लैब: राज्य के सभी 24 जिलों के एक-एक मुख्यमंत्री उत्कृष्ठ विद्यालयों (CM SoE) में STEM Lab (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित प्रयोगशाला) के अधिष्ठापन की स्वीकृति दी गई।

पोलिटेकनिक कर्मी: विश्व बैंक सम्पोषित पोलिटेकनिक शिक्षा सुदृढ़ीकरण परियोजना के अंतर्गत संविदा के आधार पर नियुक्त शिक्षकेत्तर कर्मियों की सेवा नियमितीकरण को स्वीकृति दी गई।

कानून और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

वनरक्षी संवर्ग: वनरक्षी संवर्ग के 1315 पदों का प्रत्यर्पण कर प्रधान वनरक्षी के 1315 पदों के सृजन की स्वीकृति हेतु निर्गत अधिसूचना में संशोधन किया गया।

कानून कार्यान्वयन: तीन नए आपराधिक कानून के कार्यान्वयन हेतु Model Rules- e-Sakshya एवं e-Summons अधिसूचित किए जाने की स्वीकृति दी गई।

पुलिस नियमावली: झारखंड राज्य पुलिस रेडियो में अवर निरीक्षक, वितंतु संवर्ग और इंडिया रिजर्व बटालियन में आरक्षी के पद पर नियुक्ति हेतु अधिसूचित नियम में संशोधन को स्वीकृति दी गई।

अंत में, मंत्रिपरिषद ने झारखंड स्थापना दिवस, 2025 के राजकीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अल्प अवधि शेष रहने के कारण, सीमित निविदा प्रक्रिया द्वारा चयनित ऐजेंसी को उद्धरित न्यूनतम दर के सामान्य अनुमानित दर से लगभग पचास प्रतिशत अधिक पर कार्यादेश निर्गत करने की स्वीकृति भी दी।

23 जून को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन,विजेताओं को मंत्री करेंगे सम्मानित

लखनऊ । मद्यपान और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों को उजागर करने के उद्देश्य से मद्यनिषेध विभाग द्वारा 23 जून को लखनऊ में पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह प्रतियोगिता प्रातः 10:30 बजे से क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी कार्यालय परिसर, 27 अशोक मार्ग, लखनऊ में आयोजित होगी।

प्रतियोगिता पूर्णतः निःशुल्क होगी, जिसमें किसी भी आयु वर्ग के छात्र, छात्राएं, पुरुष व महिलाएं भाग ले सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी 21 जून, 2025 की सायंकाल तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। प्रतियोगिता स्थल पर चार्ट पेपर विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि पोस्टर निर्माण की अन्य सामग्री प्रतिभागियों को स्वयं लानी होगी।

प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को 26 जून, 2025 को "मादक पदार्थों का दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार विरोधी अन्तर्राष्ट्रीय दिवस" के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 11 बजे अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान, विपिन खंड, गोमती नगर स्थित प्रेक्षागृह (निकट RBI) में आयोजित होगा, जहां आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे।

क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य जनमानस को नशे के खिलाफ जागरूक करना है। प्रतियोगिता से संबंधित जानकारी के लिए रमेश कुमार (मो. 9453955789), बृजमोहन (मो. 7985635716, 9305328050) तथा श्रीमती नीतू वर्मा (मो. 7355381437) से संपर्क किया जा सकता है।

लखनऊ के HCBL को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द, RBI की एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई

लखनऊ। रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया ने लखनऊ स्थित HCBL को-ऑपरेटिव बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह एक महीने के भीतर दूसरी बार है जब केंद्रीय बैंक ने किसी सहकारी बैंक पर सख्त कदम उठाया है। खबर सुनने के बाद से ग्राहकों में भगदड़ मची हुई है।

RBI ने स्पष्ट किया है कि HCBL बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और भविष्य में आय की संभावनाएं भी नगण्य हैं, इसलिए बैंक को चलाना जनहित में नहीं है। इसी के चलते बैंक 19 मई, 2025 से अपना सारा बैंकिंग कारोबार बंद कर देगा।

केंद्रीय बैंक ने उत्तर प्रदेश के सहकारिता आयुक्त और रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि वे बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करें और एक लिक्विडेटर नियुक्त करें। इसके साथ ही बैंक को तुरंत प्रभाव से जमा राशि स्वीकार करने या लौटाने जैसे सभी बैंकिंग कार्यों को बंद करने का आदेश दे दिया गया है।

RBI ने यह भी जानकारी दी कि बैंक के लाइसेंस रद्द होने के बावजूद जमाकर्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) की ओर से प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम 5 लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा। बैंक के लगभग 98.69% जमाकर्ता अपनी पूरी जमा राशि DICGC से प्राप्त कर सकेंगे।

RBI के अनुसार, 31 जनवरी, 2025 तक DICGC पहले ही ₹21.24 करोड़ का भुगतान कर चुका है। इससे पहले 16 अप्रैल, 2025 को RBI ने अहमदाबाद के कलर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस भी इसी कारण से रद्द किया था—अपर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं न होना। यह लगातार दूसरी बार है जब RBI ने सहकारी बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और जमाकर्ताओं के हित में कठोर कदम उठाया है।

टैरिफ वॉर ने फिर मचाया शेयर बाजार में घमासान, सेंसेक्स में बड़ी गिरावट; RBI के फैसले पर नजर

अमेरिका और चीन के बीच भड़के टैरिफ वॉर ने एक बार फिर दुनियाभर के बाजारों में हलचल मचा दी है. जहां भारत में बाजार और निवेशकों की नजर आज RBI के फैसले पर है वहीं, चीन पर 104 फीसदी टैरिफ वाला बयान बाजार में एक बार फिर घमासान मचा दिया है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन पर लगाए गए टैरिफ पर जवाबी कार्रवाई करते हुए चीन ने अमेरिका पर 34% टैरिफ लगाया था. ट्रंप ने 8 अप्रैल तक इसे वापस लेने को कहा था जिसे चीन ने नहीं माना. अब अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले सामान पर 104% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. चीन पर टैरिफ का असर आज भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है.

सेंसेक्स में 250 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है वहीं निफ़्टी में भी जोरदार गिरावट देखी जा रही है. बाजार खुलते ही फार्मा सेक्टर के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने ग्लोबल और घरेलू शेयर बाजारों में हलचल मचा दी है. अब ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि RBI ब्याज दरों में 0.25% की कटौती करेगा, लेकिन अगर यह कटौती 0.5% तक पहुंची तो यह बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव सरप्राइज साबित हो सकता है.

सेंसेक्स निफ़्टी का हाल

कारोबारी हफ्ते के तीसरे दिन शेयर बाजार रेड जोन में खुला. बीएसई पर सेंसेक्स 409 अंकों की गिरावट के साथ 73,817.30 पर ओपन हुआ. वहीं, एनएसई पर निफ्टी 0.34 फीसदी की गिरावट के साथ 22,460.30पर खुला. इस गिरावट के साथ निवेशकों की दौलत में भी गिरावट आई है. बाजार पर सबसे ज्यादा असर चीन पर टैरिफ एक्शन, फार्मा सेक्टर में टैरिफ धमकी और रिजर्व बैंक के आने वाले फैसले का है.

फार्मा सेक्टर का हाल

ट्रंप ने चीन पर एक्शन के बाद कहा है कि अमेरिका जल्द ही फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर भारी टैरिफ लगाने जा रहा है. अब तक फार्मा सेक्टर को US की रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी से छूट मिली हुई थी, लेकिन अब इस पॉलिसी का दायरा बढ़ाया जा सकता है.

भारतीय फार्मा कंपनियों पर असर

भारत अमेरिका को दवाओं का सबसे बड़ा सप्लायर है. ऐसे में ट्रंप के इस फैसले का सीधा असर भारतीय फार्मा कंपनियों पर पड़ेगा. Sun Pharma, Lupin, Dr. Reddy’s, Aurobindo Pharma और Gland Pharma जैसी कंपनियां अमेरिकी बाजार पर काफी निर्भर हैं और उनके शेयर बुधवार को दबाव में नजर आए.

अमेरिकी बाजार में गिरावट

मंगलवार को लगातार चौथे दिन अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट रही. एसएंडपी 500 लगभग एक साल में पहली बार 5,000 से नीचे बंद हुआ. सूचकांक अब 19 फरवरी को अपने रिकॉर्ड हाई से 18.9% नीचे है, जो कि 20% की गिरावट के करीब है जो एक मंदी का संकेत दे रहा है. वहीं, डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 320 अंक गिरकर 37,645.59 पर बंद हुआ. एसएंडपी 500 1.57% गिरकर 4,982.77 पर बंद हुआ.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 14 प्रस्ताव को मिली मंजूरी

मंत्रिपरिषद की हुई बैठक जाने जल संसाधन विभाग, स्कूली शिक्षा और स्वास्थ्य बीमा के लिए क्या है खास

रांची : झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक। जिसमें कुल 14 प्रस्ताव स्वीकार किए गए। मंत्रीपरिषद की हुई बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं। विशेष जानकारी देते हुए मंत्रिमंडल के प्रधान सचिव वंदना दंडल ने बताया कि जल संसाधन विभाग में लिपिक पद से संबंधित नियमावली को मान्यता दी गई है। वहीं, वाणिज्य कर विभाग मूल्य कर में संशोधन कर 4 प्रतिशत से बढ़कर 12% तक कर दिया गया है। झारखंड को निवेशक केंद्र बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गठित उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के स्पेन व स्वीडन यात्रा तथा इससे संबंधित व्यय की स्वीकृति दी गई। 19 से 27 अप्रैल तक प्रतिनिधिमंडल स्वीडन व स्पेन के दौरे पर जायेगा।

वहीं, कल्याण विभाग द्वारा आवासीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में भी फैसला लिया गया है। राज्य के सरकारी माध्यमिक और प्लस टू विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने लगभग 8,900 पदों की बहाली और 1,373 माध्यमिक आचार्य पदों के सृजन का भी निर्णय लिया है। वहीं, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से झारखंड ग्रास रूट इंटर्नशिप सभी पंचायत में आयोजित किये जाएंगे और ₹10000 इंटर्नशिप के लिए दिए जाएंगे। मंत्रिमंडल के द्वारा स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में अस्पतालों के बेहतर प्रबंधन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को मानक के अनुरूप करने के लिए 'अस्पताल प्रबंधन हेतु मार्ग-निर्देश करने की स्वीकृति दी गई।

 झारखण्ड अवर शिक्षा सेवा संवर्ग (प्राथमिक शाखा) के पदाधिकारियों को राज्य शिक्षा सेवा वर्ग -2 (निरीक्षी शाखा) के पद पर भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति की स्वीकृति दी गई।

स्व० सरयू प्रसाद चौधरी, भूतपूर्व झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक 197/03) के सेवावधि से संबंधित अवधियों, जिसे विभागीय आदेश संख्या 4817 दिनांक 16.08.2011 द्वारा पेंशन एवं उपादान के भुगतान के प्रयोजनार्थ गणना हेतु झारखण्ड सेवा संहिता के नियम 236 के तहत असाधारण अवकाश के रूप स्वीकृत किया गया है, को LPA No. 487/2022 झारखण्ड राज्य बनाम राहुल शंकर में दिनांक 13.अगस्त 2024 को पारित न्यायादेश के आलोक में कर्तव्य अवधि मानते हुए वेतन भुगतान से संबंधित प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई।

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य हेतु तत्कालिक व्यवस्था के तहत् Service procurement के आधार पर अंशकालीन शिक्षकों से कार्य लिए जाने की अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

 दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के दूरसंचार अधिनियम, 2023 के आलोक में अधिसूचना संख्या-534 दिनांक 17 सितंबर.2024 द्वारा अधिसूचित दूरसंचार (मार्ग के अधिकार) नियम, 2024 को लागू करने की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड मूल्यवर्द्धित कर की प्राप्ति में वृद्धि के उदेश्य से झारखण्ड मूल्यवर्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा-57 (1) के आलोक में झारखण्ड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 एवं झारखण्ड मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 के अन्तर्गत खनन (Mining) एवं विनिर्माण कार्य (Industries) में निबंधित करदेय व्यक्तियों / डीलर्स द्वारा High Speed Diesel के राज्यान्तर्गत Bulk Purchase के क्रम में मूल्यवर्द्धित कर में Partial Concession कर मूल्यवर्धित कर को "22 प्रतिशत अथवा 12.50 रू0 प्रति लीटर, जो अधिक हो" को संशोधित कर "15 प्रतिशत" करने पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB) से Urban Infrastructure Development Fund (UIDF) अन्तर्गत योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु ऋण आहरण के क्रम में NHB द्वारा उपलब्ध कराये गये RBI के पक्ष में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाला अपरिवर्तनीय प्राधिकार पत्र प्रारूप एवं NHB के ऋण स्वीकृति पत्र एवं उससे संबंधित नियम शर्तों पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्यान्तर्गत सरकारी माध्यमिक विद्यालय शिक्षक (TGT) संवर्ग (सप्तम वेतनमान् स्तर, L/7, रु. 44,900-1,42,400/-) तथा सरकारी +2 विद्यालय शिक्षक (PGT) संवर्ग (सप्तम वेतनमान् स्तर, L/8, रु. 47,600-1,51,100/-) के क्रमशः रिक्त 9,470 एवं 797 पद में से क्रमशः 8,650 एवं 250 पद, कुल 8,900 पदों का प्रत्यर्पण एवं 510 सरकारी +2 विद्यालयों में माध्यमिक आचार्य (Secondary Acharya) संवर्ग (सप्तम वेतनमान् स्तर, L/6, रु. 35,400-1,12,400/-) के आवश्यकता आधारित 1373 माध्यमिक आचार्य (Secondary Acharya) पदों के पदसृजन की स्वीकृति दी गई।

पंचम राज्य वित्त आयोग के प्रथम प्रतिवेदन पर कृत अंतरिम कार्रवाई पर मंत्रिपरिषद् की कार्योपरान्त स्वीकृति दी गई।

पंचम राज्य वित्त आयोग के प्रथम प्रतिवेदन एवं अनुवर्ती कार्रवाई संबंधी व्याख्यात्मक ज्ञापन को विधान सभा के पटल पर रखने हेतु कार्योपरान्त मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

रिपोर्टर जयंत कुमार

किसानों को सस्ता और आसान ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार की नई पहल

संशोधित ब्याज सहायता योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर 3 लाख से 5 लाख की गई

हज़ारीबाग: केंद्रीय बजट 2025-26 में भारत के अन्नदाता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे सरकार की कृषि विकास और उत्पादकता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। कृषि को दस प्रमुख विकासात्मक क्षेत्रों में शामिल किया गया है, जो भारत की आर्थिक प्रगति को गति देने वाला एक महत्वपूर्ण इंजन है।

केंद्रीय बजट 2025-26 घोषणाओं के कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए 01 मार्च, 2025 को “कृषि और ग्रामीण समृद्धि पर बजट के बाद वेबिनार” ;(Post-Budget Webinar on Agriculture & Rural Prosperity) आयोजित किया गया। 

उद्घाटन भाषण माननीय प्रधान मंत्री द्वारा दिया गया और कृषि और किसान कल्याण विभाग (DoA&FW) के विभिन्न विभागों के सचिवों की अध्यक्षता में किया गया।

प्रतिभागियों में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ-साथ आरबीआई (RBI), नाबार्ड (NABARD), अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी-SCB), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी-RRB), राज्य सहकारी और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (एसटीसीबी और डीसीसीबी- StCB and DCCB), राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियां (एसएलबीसी- SLBC), कृषि विकास केंद्र (केवीके-KVK) और देश के कोने-कोने से आए किसान शामिल थे।

जैसा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2024 में भी बताया गया है, 31.3.2024 तक 7.75 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी-KCC) खाते हैं। अल्पकालिक ऋण जरूरतों को पूरा करके केसीसी योजना ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केसीसी-संशोधित ब्याज अनुदान योजना (केसीसी-एमआईएसएस KCC-MISS) किसानों को 4 प्रतिशत की प्रभावी रियायती ब्याज दर पर ऋण दे रही है।

किफायती ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जमानत-मुक्त KCC ऋण को ₹1.6 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख कर दिया है। 

एक बड़े कदम के रूप में, केंद्रीय बजट 2025-26 ने संशोधित ब्याज सहायता योजना (MISS) के तहत ऋण सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया है। इस कदम से छोटे और सीमांत किसानों पर वित्तीय तनाव कम होने के साथ-साथ कृषि में अधिक निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे फसल उत्पादन, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए किसानों की बढ़ी हुई कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी।

सरकार ने पिछले दशकों में MISS के माध्यम से किसानों को 1.44 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। इन पहलों के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य 2023-24 में कृषि अल्पकालिक ऋण को 9.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2029-30 तक 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इन उपायों के ज़रिए सरकार न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण की सुलभता बढ़ा रही है, बल्कि किसानों को वित्तीय स्वतंत्रता भी दे रही है। जैसे-जैसे यह पहल पूरे देश में लागू होगी, इसमें भारत में कृषि ऋण को फिर से परिभाषित करने की क्षमता है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि समय पर और किफ़ायती ऋण उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।