स्वतंत्रता दिवस पर Gen Z को बड़ी सौगात, पीएम मोदी ने किया फ्री ऑनलाइन कोचिंग और AI ट्रेनिंग का ऐलान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति और नई पीढ़ी की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारत का विकास तभी संभव है, जब देश के हर बेटे और बेटी को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिले। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा, एआई, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और खेलों में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है।

फ्री ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान

पीएम मोदी ने कहा, युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में कोचिंग क्लासेज की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच हर परिवार को लगता है कि अगर बच्चे को कोचिंग नहीं भेजा गया तो उसका भला नहीं हो सकता। इसी सोच को बदलने के लिए हमने छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है।

एक साल में एक करोड़ लोगों को एआई ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को एआई स्किल देने, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क खड़ा करने और 5 से 15 वर्ष के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने के लिए गांव-गांव व स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट चलाने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है।

हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे-पीएम मोदी

स्टार्टअप इंडिया के चलते देश में लगातार नए स्टार्टअप खड़े हो रहे हैं। मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि आप सपने लेकर आगे आइए, हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे। सस्ते डेटा ने युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है और उन्हें नई ताकत दी है। इसी दिशा में स्किल इंडिया को आगे बढ़ाया गया है और खेलो इंडिया का भी विस्तार किया गया है। इन पहलों ने युवाओं के लिए सीखने, कौशल विकसित करने और अपनी प्रतिभा को आगे ले जाने के नए रास्ते खोले हैं।

पीएम मोदी ने लाल किला से दिया 'शक्ति की सप्त धारा' का फॉर्मूला, जानें क्या है सरकार का प्लान

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आज पूरे देश आजादी का जश्न मना रहा है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘विकसित भारत’ का संकल्प दोहराया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने 'शक्ति की सप्त धारा' की घोषणा की है। यह वह सात संकल्प हैं, जिसका लक्ष्य तय करके भारत को 2047 तक विकसित बनाने का मोदी सरकार ने संकल्प लिया है।

देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं। जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी।

सप्त धारा की पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर

पीएम मोदी ने कहा, सप्त धारा की पहली शक्ति है- मैन्युफैक्चरिंग पावर। सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा। उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए। डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है। इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा। हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों। जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा। वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं। हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए।

सप्त धारा की दूसरी कृषि और खाद्य उत्पादन

पीएम मोदी ने सप्त धारा की दूसरी शक्ति कृषि और फूड प्रोडक्शन को बताया है। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में देश को आगे बढ़ना होगा। पीएम मोदी के मुताबिक दुनिया के बाजार खुल रहे हैं, हमें वहां पहुंचना है। 'हमें खेत से लेकर एक्सपोर्ट मार्केट तक जाना होगा। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों से लेकर मसालों तक हमारे पास सबकुछ है, जिन्हें ग्लोबल ब्रांड बनाना है। हमारे किसान केमिकल फ्री खेती को बल देंगे, तो दुनिया में इनकी मांग और बढ़ने वाली है।

तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरी सप्तधारा की तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार। उभरती हुई तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही हैं। इसलिए देश को दुनिया के लिए बाजार बनाना है। हमें नवाचार का केंद्र बनना है। अब भारत को डिजिटल सार्वजनिक तकनीक को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाना है।

गति शक्ति चौथी शक्ति

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, सप्तधारा की चौथी शक्ति है- गतिशक्ति। यह गतिशक्ति हमें देश में निर्बाध संपर्क चाहिए। हमें आधुनिक सड़क चाहिए, मल्टीमॉडल संपर्क चाहिए। बंदरगाहों को विकास और संवर्धन की दिशा में बढा़ना होगा।

पांचवी रक्षा शक्ति

पांचवी शक्ति है- रक्षा शक्ति। रक्षा में आत्मनिर्भर होना, दुनिया ने समझ लिया इसके बिना कोई चारा नहीं है। हमें रक्षा के क्षेत्र में भी बाजार बनना होगा। हमें रक्षा उत्पादों की श्रृंखला बनना होगा। ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम को देखना होगा।

छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति

छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति। हमें हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। दुनिया जब ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करती है तो हम इस ओर आगे बढ़ते हैं। हमारी समुद्री तटरखेा बहुत मजबूत है। इसमें हम आगे बढ़ सकते हैं।

सातवीं शक्ति है भारत की सॉफ्ट पावर

'सातवीं शक्ति है- भारत की सॉफ्ट पावर। भारत की सॉफ्ट पावर की ताकत है। आज योग ने दुनिया को भारत से जोड़कर रखा है। जिस भारत के पास आयुर्वेद हो, आस्था के केंद्र हों। हमारी फिल्में हों, हैंडलूम हों, हमारी गेमिंग हों।

पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर फहराया तिरंगा, आजादी के वीर सपूतों को किया नमन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने सभी स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश इस साल वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। इस मौके पर लाल किला से पहली बार वंदे मातरम भी गूंजा। इस मौके पर हजारों की संख्‍या में मौजूद लोगों ने जन-गण-मन और वंदे मातरम का गायन किया।

देश को आजादी देने वाले महान विभूतियों को नमन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला से कहा, देश आज उन महान सपूतों का स्मरण करती है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग, बलिदान की पराकाष्ठा को अपने तप, त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर अपनी पूरी जिंदगी खपा दी। पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, बलिदान की परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धा पूर्वक नमन करता हूं।

पीएम मोदी ने किया वंदे मातरम का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज सबके लिए ऐतिहासिक पल भी है। आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है। आज जब देश के लोग वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है।

पूरा देश बाढ़ पीड़ितो के साथ-पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई है, जिससे कई लोग प्रभावित हुए हैं। मैं प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें फ्रेजाइल-5 में डंप कर दिया था। उन हालात के बीच भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से अब हम आगे बढ़ रहे हैं। पिछले 12 वर्ष में रक्षा उद्योग 4 गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 7 गुना बढ़ा। रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, डिजिटल-इनोवेशन की दुनिया में हमने अपना परचम लहराया। इंटरनेट कंज्यूमर चार गुना बढ़े, डिजिटल ट्रांजैक्शन करीब 100 गुना बढ़े। हर काम लगभग 15 गुना औसत से बढ़ा।

2047 तक 'विकसित भारत' बनाना बड़ा सपना- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक 'विकसित भारत' बनाना। इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है। भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है।

छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला है- पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला। हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है। जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है।

पीएम मोदी के खिलाफ राहुल के बयान पर भड़की भाजपा, निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी की तस्वीर शेयर कर पूछा सवाल

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बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। साथ ही उन पर ‘अभद्र और अशोभनीय’ भाषा का इस्तेमाल करने व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को कम करने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी के विदेशी नेताओं को गले लगाने पर राहुल का बयान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन में विदेशी नेताओं को गले लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। उन्होंने दावा किया कि यह नीति सिर्फ नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित है। इसी दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने मेलोनी का जिक्र किया तो राहुल गांधी हंस पड़े। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस को 'जोकरों का झुंड' भी कहा, जिन्हें भारत की कोई समझ नहीं है।

बांसुरी स्वराज ने बताया-एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन

बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने जिस तरह की असभ्य, भद्दी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, उससे वे विपक्ष के नेता कम और एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन ज्यादा लग रहे थे। वे हल्की और छिछोरी बातें कर रहे थे।'

इंदिरा गांधी के क्यूबा यात्रा की तस्वीर पर उठाया सवाल

वहीं, बीजेपी के झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर क्यूबा यात्रा के दौरान इंदिरा गांधी का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में इंदिरा गांधी से क्यूबा के राष्ट्रपति फिडेल कास्त्रो गले मिल रहे हैं। निशिकांत दुबे ने इस वीडियो-फोटो को शेयर करते हुए पूछा कि राहुल गांधी आप बताएं इसे गले पड़ने को जठराग्नि कहते हैं कि कामाग्नि?

राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत दी। जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी, आप कब बड़े होंगे। भारत को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की जरूरत होती है न कि नौसिखिया ड्रामेबाजी की। लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना साबित करता है कि आप अपनी समझ से बाहर की बातें कर रहे हैं।

विभाजन विभीषिका दिवस पर पीएम मोदी का भावुक पोस्ट, बोले-लोगों ने अपनों को खोया, भारी पीड़ा सही*

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस, संघर्ष और जिजीविषा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन करता हूं, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया।

पीएम मोदी का भावुक पोस्ट

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि आज हम 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मना रहे हैं। हम उन सभी लोगों के साहस को याद करते हैं जो विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह इतिहास का वह दौर था जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं, परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खो दिया और भारी पीड़ा सही।

एकजुटता का दिया संदेश

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इन मुश्किलों से उबरते हुए लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी फिर से बनाई, चुनौतियों को कामयाबी में बदला और देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया। उनकी जीवन-यात्राएं हमें इंसानी जब्जे की ताकत की याद दिलाती हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि यह दिन हमारे देश में आपसी सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को अधिक मजबूत करे और हम सब मिलकर 'विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में काम करें।

14 अगस्त को मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

भारत 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाता है, ताकि 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी जा सके। भारत को 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। हर साल 15 अगस्त को मनाया जाने वाला स्वतंत्रता दिवस किसी भी देश के लिए खुशी और गर्व का अवसर होता है। हालांकि, आजादी की इस खुशी के साथ विभाजन का गहरा दर्द भी जुड़ा था। नए आजाद भारतीय राष्ट्र के जन्म के साथ ही विभाजन की हिंसा और त्रासदी सामने आई, जिसने लाखों लोगों के मन पर गहरे और कभी न मिटने वाले घाव छोड़ दिए।

एनडीए के 'मंगल मिलन' में पीएम नरेंद्र मोदी ने लहाराया तिरंगा, एकजुटता का दिया संदेश

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राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों की मंगल बैठक 'वंदे मातरम' नारे के साथ शुरू हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य नेता तिरंगा लहराते नजर आए।

नई दिल्ली में मंगलवार को संसद पुस्तकालय में ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एनडीए की मंगल मिलन बैठक में अलग ही नजारा देखने को मिला। पीएम मोदी की अगुवाई में वहां मौजूद सभी सांसदों ने तिरंगा लहराया। गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी समेत तमाम नेता तिरंगा लहराते नजर आए।

वंदे मातरम् के नारे लगाए गए

इस दौरान वहां वंदे मातरम् के नारे लगाए गए। 15 अगस्त से पहले आखिरी मंगलवार को हुई बैठक में सभी सांसदों ने एक साथ तिरंगा लहराया और वंदे मातरम् के नारे लगाए। पूरा हॉल देशभक्ति से सराबोर दिखाई दे रहा था। बता दें कि देशभर में दस से सत्रह अगस्त तक तिरंगा यात्रा का आयोजन हो रहा है। इस दौरान मंगल मिलन बैठक में भी अनोखा नजारा देखने को मिला।

'मंगल मिलन' बैठक का मकसद क्या है?

'मंगल मिलन' बैठक वास्तव में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का बदला हुआ नाम है। इसका मकसद रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देना और गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है। संसद सत्र के दौरान रोजाना सदन की रणनीति तैयार करने और अलग-अलग दलों के बीच सहमति बनाने के अलावा, 'मंगल मिलन' बैठक एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाने का माध्यम भी है।

विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी से मिले शरद पवार और सुप्रिया सुले, तस्वीरों से सियासी खलबली

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संसद का मानसून सत्र चल रहा है। सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे शरद पवार ने बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने शरद पवार का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस मौके पर सुप्रिया सुले भी उनके साथ रहीं। शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने राजनीति को गरमा दिया है।

संसद में हुई मुलाकात की तस्वीरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शरद पवार का स्वागत करते दिखाई दिए। दूसरी तस्वीर में दोनों नेता हंसते हुए बातचीत कर रहे थे। हाथ में कुछ कागज लेकर पहुंचे शरद पवार ने पीएम मोदी को कुछ पत्र भी सौंपे। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई? अभी इसका ब्योरा सामने नहीं आया है

एनडीए में जाने की लग रही हैं अटकलें

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पिछले कई दिनों से शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने या अजित पवार गुट के साथ फिर से एक होने की अटकलें लगातार तेज हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास से आई तस्वीरों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। दोनों नेताओं की मुस्कुराते हुए बातचीत करती तस्वीरों ने सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे INDIA गठबंधन की बेचैनी बढ़ा दी।

परिसीमन बिल से भी जोड़कर देखा जा रहा

संसद के मानसून सत्र के दौरान शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तस्वीरें काफी कुछ कह रही हैं। दरअसल परिसीमन बिल पर बीजेपी को एनसीपी (SP) के 8 सांसदों का समर्थन चाहिए। इस मुलाकात को उससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। सुप्रिया सुले ने सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी की लिखित गारंटी मिलने पर इस बिल को सशर्त समर्थन देने के संकेत दिए हैं।

पेपर लीक राष्ट्रीय चिंता का विषय, इसे राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया चाहिए, पीएम मोदी का बड़ा बयान

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दिल्ली में आज एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। इसका नाम 'मंगल मिलन' दिया गया। पीएम मोदी भी इस बैठक में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने NEET परीक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पेपर लीक राजनीति का विषय नहीं है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद दी।

पेपर लीक की खबरें पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की खबरें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, NEET की दोबारा परीक्षा को प्राथमिकता दी गई, इसे सफलतापूर्वक आयोजित किया गया और बिना किसी देरी के नतीजे घोषित कर दिए गए।"

पेपर लीक को लेकर सख्त संदेश

किरेन रिजिजू के मुताबिक, पीएम मोदी ने पेपर लीक मामले पर विस्‍तार से बात की। पीएम मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक फिर से नहीं होना चाहिए। साथ ही किसी भी छात्र का भविष्‍य प्रभावित नहीं होना चाहिए। पीएम मोदी ने पेपर लीक में शामिल आरोपियों को सख्‍त से सख्‍त सजा दिलाने की भी बात कही है।

पेपर लीक दलगत राजनीति का मामला नहीं

पीएम मोदी ने कहा, "पेपर लीक सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं है। यह सिर्फ केंद्र का मामला नहीं है, हर एक राज्य में जहां-जहां पेपर लीक हो रहा है, जो लोग इस धंधे में लिप्त हैं, उनको सजा देने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। ये दलगत राजनीति का मामला नहीं है, ये पूरे देश का मामला है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो, इसके लिए सख्ती से कदम उठाए जाएं और सजा दिलाने के लिए मिलकर काम हो, ऐसा निर्देश पीएम मोदी ने दिया है।"

मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

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आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

स्वतंत्रता दिवस पर Gen Z को बड़ी सौगात, पीएम मोदी ने किया फ्री ऑनलाइन कोचिंग और AI ट्रेनिंग का ऐलान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति और नई पीढ़ी की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारत का विकास तभी संभव है, जब देश के हर बेटे और बेटी को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिले। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा, एआई, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और खेलों में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है।

फ्री ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान

पीएम मोदी ने कहा, युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में कोचिंग क्लासेज की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच हर परिवार को लगता है कि अगर बच्चे को कोचिंग नहीं भेजा गया तो उसका भला नहीं हो सकता। इसी सोच को बदलने के लिए हमने छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है।

एक साल में एक करोड़ लोगों को एआई ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को एआई स्किल देने, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क खड़ा करने और 5 से 15 वर्ष के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने के लिए गांव-गांव व स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट चलाने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है।

हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे-पीएम मोदी

स्टार्टअप इंडिया के चलते देश में लगातार नए स्टार्टअप खड़े हो रहे हैं। मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि आप सपने लेकर आगे आइए, हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे। सस्ते डेटा ने युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है और उन्हें नई ताकत दी है। इसी दिशा में स्किल इंडिया को आगे बढ़ाया गया है और खेलो इंडिया का भी विस्तार किया गया है। इन पहलों ने युवाओं के लिए सीखने, कौशल विकसित करने और अपनी प्रतिभा को आगे ले जाने के नए रास्ते खोले हैं।

पीएम मोदी ने लाल किला से दिया 'शक्ति की सप्त धारा' का फॉर्मूला, जानें क्या है सरकार का प्लान

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आज पूरे देश आजादी का जश्न मना रहा है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘विकसित भारत’ का संकल्प दोहराया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने 'शक्ति की सप्त धारा' की घोषणा की है। यह वह सात संकल्प हैं, जिसका लक्ष्य तय करके भारत को 2047 तक विकसित बनाने का मोदी सरकार ने संकल्प लिया है।

देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं। जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी।

सप्त धारा की पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर

पीएम मोदी ने कहा, सप्त धारा की पहली शक्ति है- मैन्युफैक्चरिंग पावर। सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा। उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए। डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है। इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा। हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों। जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा। वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं। हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए।

सप्त धारा की दूसरी कृषि और खाद्य उत्पादन

पीएम मोदी ने सप्त धारा की दूसरी शक्ति कृषि और फूड प्रोडक्शन को बताया है। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में देश को आगे बढ़ना होगा। पीएम मोदी के मुताबिक दुनिया के बाजार खुल रहे हैं, हमें वहां पहुंचना है। 'हमें खेत से लेकर एक्सपोर्ट मार्केट तक जाना होगा। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों से लेकर मसालों तक हमारे पास सबकुछ है, जिन्हें ग्लोबल ब्रांड बनाना है। हमारे किसान केमिकल फ्री खेती को बल देंगे, तो दुनिया में इनकी मांग और बढ़ने वाली है।

तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरी सप्तधारा की तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार। उभरती हुई तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही हैं। इसलिए देश को दुनिया के लिए बाजार बनाना है। हमें नवाचार का केंद्र बनना है। अब भारत को डिजिटल सार्वजनिक तकनीक को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाना है।

गति शक्ति चौथी शक्ति

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, सप्तधारा की चौथी शक्ति है- गतिशक्ति। यह गतिशक्ति हमें देश में निर्बाध संपर्क चाहिए। हमें आधुनिक सड़क चाहिए, मल्टीमॉडल संपर्क चाहिए। बंदरगाहों को विकास और संवर्धन की दिशा में बढा़ना होगा।

पांचवी रक्षा शक्ति

पांचवी शक्ति है- रक्षा शक्ति। रक्षा में आत्मनिर्भर होना, दुनिया ने समझ लिया इसके बिना कोई चारा नहीं है। हमें रक्षा के क्षेत्र में भी बाजार बनना होगा। हमें रक्षा उत्पादों की श्रृंखला बनना होगा। ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम को देखना होगा।

छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति

छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति। हमें हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। दुनिया जब ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करती है तो हम इस ओर आगे बढ़ते हैं। हमारी समुद्री तटरखेा बहुत मजबूत है। इसमें हम आगे बढ़ सकते हैं।

सातवीं शक्ति है भारत की सॉफ्ट पावर

'सातवीं शक्ति है- भारत की सॉफ्ट पावर। भारत की सॉफ्ट पावर की ताकत है। आज योग ने दुनिया को भारत से जोड़कर रखा है। जिस भारत के पास आयुर्वेद हो, आस्था के केंद्र हों। हमारी फिल्में हों, हैंडलूम हों, हमारी गेमिंग हों।

पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर फहराया तिरंगा, आजादी के वीर सपूतों को किया नमन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने सभी स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश इस साल वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। इस मौके पर लाल किला से पहली बार वंदे मातरम भी गूंजा। इस मौके पर हजारों की संख्‍या में मौजूद लोगों ने जन-गण-मन और वंदे मातरम का गायन किया।

देश को आजादी देने वाले महान विभूतियों को नमन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला से कहा, देश आज उन महान सपूतों का स्मरण करती है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग, बलिदान की पराकाष्ठा को अपने तप, त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर अपनी पूरी जिंदगी खपा दी। पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, बलिदान की परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धा पूर्वक नमन करता हूं।

पीएम मोदी ने किया वंदे मातरम का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज सबके लिए ऐतिहासिक पल भी है। आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है। आज जब देश के लोग वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है।

पूरा देश बाढ़ पीड़ितो के साथ-पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई है, जिससे कई लोग प्रभावित हुए हैं। मैं प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें फ्रेजाइल-5 में डंप कर दिया था। उन हालात के बीच भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से अब हम आगे बढ़ रहे हैं। पिछले 12 वर्ष में रक्षा उद्योग 4 गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 7 गुना बढ़ा। रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, डिजिटल-इनोवेशन की दुनिया में हमने अपना परचम लहराया। इंटरनेट कंज्यूमर चार गुना बढ़े, डिजिटल ट्रांजैक्शन करीब 100 गुना बढ़े। हर काम लगभग 15 गुना औसत से बढ़ा।

2047 तक 'विकसित भारत' बनाना बड़ा सपना- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक 'विकसित भारत' बनाना। इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है। भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है।

छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला है- पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला। हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है। जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है।

पीएम मोदी के खिलाफ राहुल के बयान पर भड़की भाजपा, निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी की तस्वीर शेयर कर पूछा सवाल

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बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। साथ ही उन पर ‘अभद्र और अशोभनीय’ भाषा का इस्तेमाल करने व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को कम करने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी के विदेशी नेताओं को गले लगाने पर राहुल का बयान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन में विदेशी नेताओं को गले लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। उन्होंने दावा किया कि यह नीति सिर्फ नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित है। इसी दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने मेलोनी का जिक्र किया तो राहुल गांधी हंस पड़े। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस को 'जोकरों का झुंड' भी कहा, जिन्हें भारत की कोई समझ नहीं है।

बांसुरी स्वराज ने बताया-एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन

बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने जिस तरह की असभ्य, भद्दी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, उससे वे विपक्ष के नेता कम और एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन ज्यादा लग रहे थे। वे हल्की और छिछोरी बातें कर रहे थे।'

इंदिरा गांधी के क्यूबा यात्रा की तस्वीर पर उठाया सवाल

वहीं, बीजेपी के झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर क्यूबा यात्रा के दौरान इंदिरा गांधी का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में इंदिरा गांधी से क्यूबा के राष्ट्रपति फिडेल कास्त्रो गले मिल रहे हैं। निशिकांत दुबे ने इस वीडियो-फोटो को शेयर करते हुए पूछा कि राहुल गांधी आप बताएं इसे गले पड़ने को जठराग्नि कहते हैं कि कामाग्नि?

राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत दी। जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी, आप कब बड़े होंगे। भारत को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की जरूरत होती है न कि नौसिखिया ड्रामेबाजी की। लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना साबित करता है कि आप अपनी समझ से बाहर की बातें कर रहे हैं।

विभाजन विभीषिका दिवस पर पीएम मोदी का भावुक पोस्ट, बोले-लोगों ने अपनों को खोया, भारी पीड़ा सही*

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस, संघर्ष और जिजीविषा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन करता हूं, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया।

पीएम मोदी का भावुक पोस्ट

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि आज हम 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मना रहे हैं। हम उन सभी लोगों के साहस को याद करते हैं जो विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह इतिहास का वह दौर था जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं, परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खो दिया और भारी पीड़ा सही।

एकजुटता का दिया संदेश

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इन मुश्किलों से उबरते हुए लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी फिर से बनाई, चुनौतियों को कामयाबी में बदला और देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया। उनकी जीवन-यात्राएं हमें इंसानी जब्जे की ताकत की याद दिलाती हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि यह दिन हमारे देश में आपसी सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को अधिक मजबूत करे और हम सब मिलकर 'विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में काम करें।

14 अगस्त को मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

भारत 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाता है, ताकि 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी जा सके। भारत को 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। हर साल 15 अगस्त को मनाया जाने वाला स्वतंत्रता दिवस किसी भी देश के लिए खुशी और गर्व का अवसर होता है। हालांकि, आजादी की इस खुशी के साथ विभाजन का गहरा दर्द भी जुड़ा था। नए आजाद भारतीय राष्ट्र के जन्म के साथ ही विभाजन की हिंसा और त्रासदी सामने आई, जिसने लाखों लोगों के मन पर गहरे और कभी न मिटने वाले घाव छोड़ दिए।

एनडीए के 'मंगल मिलन' में पीएम नरेंद्र मोदी ने लहाराया तिरंगा, एकजुटता का दिया संदेश

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राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों की मंगल बैठक 'वंदे मातरम' नारे के साथ शुरू हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए के अन्य नेता तिरंगा लहराते नजर आए।

नई दिल्ली में मंगलवार को संसद पुस्तकालय में ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एनडीए की मंगल मिलन बैठक में अलग ही नजारा देखने को मिला। पीएम मोदी की अगुवाई में वहां मौजूद सभी सांसदों ने तिरंगा लहराया। गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी समेत तमाम नेता तिरंगा लहराते नजर आए।

वंदे मातरम् के नारे लगाए गए

इस दौरान वहां वंदे मातरम् के नारे लगाए गए। 15 अगस्त से पहले आखिरी मंगलवार को हुई बैठक में सभी सांसदों ने एक साथ तिरंगा लहराया और वंदे मातरम् के नारे लगाए। पूरा हॉल देशभक्ति से सराबोर दिखाई दे रहा था। बता दें कि देशभर में दस से सत्रह अगस्त तक तिरंगा यात्रा का आयोजन हो रहा है। इस दौरान मंगल मिलन बैठक में भी अनोखा नजारा देखने को मिला।

'मंगल मिलन' बैठक का मकसद क्या है?

'मंगल मिलन' बैठक वास्तव में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का बदला हुआ नाम है। इसका मकसद रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देना और गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है। संसद सत्र के दौरान रोजाना सदन की रणनीति तैयार करने और अलग-अलग दलों के बीच सहमति बनाने के अलावा, 'मंगल मिलन' बैठक एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाने का माध्यम भी है।

विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी से मिले शरद पवार और सुप्रिया सुले, तस्वीरों से सियासी खलबली

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संसद का मानसून सत्र चल रहा है। सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे शरद पवार ने बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने शरद पवार का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस मौके पर सुप्रिया सुले भी उनके साथ रहीं। शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने राजनीति को गरमा दिया है।

संसद में हुई मुलाकात की तस्वीरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शरद पवार का स्वागत करते दिखाई दिए। दूसरी तस्वीर में दोनों नेता हंसते हुए बातचीत कर रहे थे। हाथ में कुछ कागज लेकर पहुंचे शरद पवार ने पीएम मोदी को कुछ पत्र भी सौंपे। दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई? अभी इसका ब्योरा सामने नहीं आया है

एनडीए में जाने की लग रही हैं अटकलें

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पिछले कई दिनों से शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने या अजित पवार गुट के साथ फिर से एक होने की अटकलें लगातार तेज हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास से आई तस्वीरों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। दोनों नेताओं की मुस्कुराते हुए बातचीत करती तस्वीरों ने सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे INDIA गठबंधन की बेचैनी बढ़ा दी।

परिसीमन बिल से भी जोड़कर देखा जा रहा

संसद के मानसून सत्र के दौरान शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तस्वीरें काफी कुछ कह रही हैं। दरअसल परिसीमन बिल पर बीजेपी को एनसीपी (SP) के 8 सांसदों का समर्थन चाहिए। इस मुलाकात को उससे जोड़कर भी देखा जा रहा है। सुप्रिया सुले ने सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी की लिखित गारंटी मिलने पर इस बिल को सशर्त समर्थन देने के संकेत दिए हैं।

पेपर लीक राष्ट्रीय चिंता का विषय, इसे राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया चाहिए, पीएम मोदी का बड़ा बयान

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दिल्ली में आज एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई। इसका नाम 'मंगल मिलन' दिया गया। पीएम मोदी भी इस बैठक में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने NEET परीक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पेपर लीक राजनीति का विषय नहीं है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद दी।

पेपर लीक की खबरें पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की खबरें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, NEET की दोबारा परीक्षा को प्राथमिकता दी गई, इसे सफलतापूर्वक आयोजित किया गया और बिना किसी देरी के नतीजे घोषित कर दिए गए।"

पेपर लीक को लेकर सख्त संदेश

किरेन रिजिजू के मुताबिक, पीएम मोदी ने पेपर लीक मामले पर विस्‍तार से बात की। पीएम मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक फिर से नहीं होना चाहिए। साथ ही किसी भी छात्र का भविष्‍य प्रभावित नहीं होना चाहिए। पीएम मोदी ने पेपर लीक में शामिल आरोपियों को सख्‍त से सख्‍त सजा दिलाने की भी बात कही है।

पेपर लीक दलगत राजनीति का मामला नहीं

पीएम मोदी ने कहा, "पेपर लीक सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं है। यह सिर्फ केंद्र का मामला नहीं है, हर एक राज्य में जहां-जहां पेपर लीक हो रहा है, जो लोग इस धंधे में लिप्त हैं, उनको सजा देने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। ये दलगत राजनीति का मामला नहीं है, ये पूरे देश का मामला है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो, इसके लिए सख्ती से कदम उठाए जाएं और सजा दिलाने के लिए मिलकर काम हो, ऐसा निर्देश पीएम मोदी ने दिया है।"

मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

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आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।