मलेशिया दौरे के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, रवानगी से पहले भारतीय समुदाय को लेकर कही ये बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। पीएम मोदी के मलेशिया दौरे के दौरान भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। यह यात्रा मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर हो रही है, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, आर्थिक व नवाचार सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।

मलेशिया रवानगी से पहले पीएम मोदी ने कहा, ''भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है।'' उन्होंने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं।'' उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है।''

मलेशिया में भव्य स्वागत की तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है। कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम है ‘वेलकम मोदी जी’। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यहां 750 से ज्यादा कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है। रिकॉर्ड के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी।

क्यों खास है यह दौरा?

पीएम मोदी के इस दौरे का मकसद व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है। अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है। पीएम मोदी इस दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ मंच भी आयोजित होगा।

हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

भारत ने ईयू के साथ की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- मदर ऑफ ऑल डील्स

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भारत और यूरोपीय यूनियन (यूई) के लिए आज का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक है। आज दोनों पक्षों के बीच फ्री ट्रेड डील हुई है। इसे व्यापार जगत की सबसे बड़ी संधियों में से एक माना जा रहा है। इस समझौते की अहमियत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "मदर ऑफ ऑल डील्स" (अब तक का सबसे ऐतिहासिक समझौता) करार दिया है। मंगलवार को पीएम मोदी ने समझौता का एलान करते हुए कहा कि यह साझेदारी दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी की मिसाल है। यह समझौता वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।"

समझौते के पूरा होने की घोषणा राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में की गई, जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री मोदी ने की, जिसमें वॉन डेर लेयेन और कोस्टा मौजूद थे। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता से दोनों देशों के बीच संबंधों की समग्र दिशा में महत्वपूर्ण विस्तार होने की उम्मीद है क्योंकि यह विविध क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोलेगा।

ये ट्रेड डील साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट-पीएम मोदी

मोदी ने यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी में इसका ऐलान किया। मोदी ने कोस्टा और वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा किया है। 27 जनवरी को भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ यह एफटीए साइन किया है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नए इनोवेशन पार्टनरशिप बनेंगी और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होंगी। यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है।"

डील को रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार समझौते को व्यापक रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा, जिसमें रक्षा, सुरक्षा और गतिशीलता के लिए व्यापक ढांचा शामिल है। उन्होंने कहा, "रक्षा वह आधार है जो हमारे रिश्ते को नया आकार दे रहा है। आतंकवाद-रोधी, समुद्री और साइबर सुरक्षा सहयोग मजबूत होगा। हमारी रक्षा कंपनियां सह-उत्पादन और सह-विकास के लिए नए अवसर तलाशेंगी।"

उर्सुला वॉन ने कहा- हमने कर दिखाया

यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के बाद कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, हमने कर दिखाया। हमने मदर ऑफ ऑल डील्स डिलीवर की है।" यूरोप भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील अटकी

दोनों पक्षों के बीच यह डील ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर बातचीत अटकी हुई है। माना जा रहा है कि अमेरिका को निर्यात में होने वाले नुकसान की भरपाई यूरोप से की जा सकती है।

77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी ने पहनी मरून पगड़ी, जानिए क्या है संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर रंगीन पगड़ी पहनने का अपना ट्रेडिशन इस साल भी जारी रखा। इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी की खास पगड़ी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पीएम मोदी का ये पहनावा सांस्कृतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और विरासत को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पर जाकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी की वेशभूषा की बात करें तो उन्होंने गहरे नीले रंग का कुर्ता पहना। उन्होंने इस पर आसमानी रंग की जैकेट पहनी। सफेद चूड़ीदार पायजामे के साथ पारंपरिक काले जूतों ने पीएम मोदी के लुक को पूरा किया।

पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई

प्रधानमंत्री ने आज के खास मौके पर मरून रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई की गई है। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग पर सुनहरे रंग की शानदार कढ़ाई देखने को मिली। साफे के आखिरी हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का मिश्रण देखने को मिला।

पहली भी पीएम की पगड़ी ने खींचा है लोगों का ध्यान

इससे पहले के गणतंत्र दिवस समारोहों में भी प्रधानमंत्री मोदी की पगड़ी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती रही है। बता दें कि 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में पीएम मोदी ने चमकीले लाल और पीले रंग का बंधेज साफा पहना था, जो राजस्थानी और गुजराती संस्कृति से जुड़ा एक पारंपरिक टाई-डाई कपड़ा है, जिसे उन्होंने सफेद कुर्ते-पायजामे और भूरे रंग की बंदगला जैकेट के साथ पहना था।

हर बार चर्चा में रहती है पीएम मोदी की पगड़ी

हर साल पीएम मोदी का गणतंत्र दिवस का पहनावा चर्चा का विषय बन जाता है। उनकी पगड़ी हमेशा ही लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है। बीते कुछ वर्षों में पीएम मोदी ने राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और अन्य राज्यों की पगड़ियां और टोपियां पहनी हैं। इन सभी का अपना सांस्कृतिक महत्व रहा है।

प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचने के पर मरून रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई की गई है। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग पर सुनहरे रंग की शानदार कढ़ाई देखने को मिली। साफे के आखिरी हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का मिश्रण देखने को मिला।

भारत ने विविधता को ताकत में बदला, सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, CSPOC में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के 61 स्पीकर्स और ऑफिसर्स शामिल हैं। संविधान सदन में आयोजित इस समारोह में पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर कभी संदेह किया गया। लेकिन आज वही लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। यही वजह है कि भारत न सिर्फ स्थिर है बल्कि तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबका स्वागत करता हूं। जिस स्थान पर आप सभी बैठे हैं वो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। गुलामी के आखिरी वर्षों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी तब इसी सेंटल हॉल में भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई। 75 सालों तक ये इमारत भारत की संसद रही। यहां अनेक चर्चाएं हुई, अनेक फैसले लिए गए। अब इसको संविधान सदन का नाम दिया गया है।

डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में हो रही है। इस बार इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय इफेक्टिव डिलीवरी ऑफ पर्लियामेंट्री डेमोक्रेसी है। भारत ने डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया। भारत ने साबित किया कि डमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन और डेमोक्रेटिक प्रॉसेस, डेमोक्रेसी को स्टेबिलिटी, स्पीड और स्केल तीनों देते हैं।

भारत में लोकतंत्र को लेकर गंभीर संदेह था-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, आज के वैश्विक संदर्भ में बहुत प्रासंगिक है। जब भारत आजाद हुआ था, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात पर गंभीर संदेह था कि इतनी ज़्यादा विविधता वाले देश में लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। भारत ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया और अपनी विविधता को अपने लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया। एक और आशंका यह थी कि अगर लोकतंत्र किसी तरह बच भी गया, तो भारत विकास के मामले में कुछ खास नहीं कर पाएगा।

हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा की भारत की राष्ट्रपति देश की पहले नागरिक, एक महिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। आज, भारतीय महिलाएं न केवल लोकतंत्र में भाग ले रही हैं बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। आपमें से कई लोग भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र के रूप में जानते हैं। वास्तव में, हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण है। उदाहरण के तौर पर, 2024 में हुए भारत के आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास थे। लगभग 98 करोड़ नागरिकों ने वोट के लिए पंजीकरण कराया। यह संख्या कुछ महाद्वीपों की जनसंख्या से भी अधिक है। चुनावों में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से अधिक राजनीतिक पार्टियां भाग लीं। महिलाओं के मतदान में भी रिकॉर्ड भागीदारी देखी गई।

सभी देशों के विकास में योगदान का प्रयास-पीएम मोदी

कॉमनवेल्थ देशों की कुल जनसंख्या का लगभग 50 फीसदी हिस्सा भारत में बसता है। हमारा प्रयास रहा है कि भारत सभी देशों के विकास में अधिक से अधिक योगदान करे। कॉमनवेल्थ के सतत विकास लक्ष्यों में स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर रहे हैं। भारत सभी साथियों से सीखने का निरंतर प्रयास करता है। हमारा ये भी प्रयास होता है कि हमारे अनुभव अन्य कॉमनवेल्थ साझेदारों के भी काम आए। आज दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में वैश्विक दक्षिण के लिए भी नए रास्ते बनाने का समय है।

पीएम मोदी ने ‘दोस्त’ नेतन्याहू को लगाया फोन, इन मुद्दों पर हुई बात

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वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद बने हालात के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक दूसरे पर फोन पर बात की है। इस महत्वपूर्ण बातचीत का ब्योरा पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दिया है।

पीएम मोदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "अपने दोस्त, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके खुशी हुई। उन्हें और इजराइल के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। हमने आने वाले साल में भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही हमने क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और आतंकवाद से ज्यादा मजबूती से लड़ने के अपने साझा संकल्प को दोहराया।

वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई ये बातचीत ऐसे समय हुई है, जब पूरी दुनिया की वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल मची हुई हैं। इतिहास में पहली बार किसी देश के राष्ट्रपति को उसके देश में घुसकर गिरफ्तार किया गया है और विदेशी धरती पर ले जाकर उसके खिलाफ केस चलाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कमांडो फोर्स भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अरेस्ट कर लिया है। मादुरो पर ट्रंप ने अमेरिका में ड्रग्स और गन अवैध रूप से भेजने का आरोप लगाया है।

बीते साल दिसंबर में हुई थी बातचीत

इससे पहले बीते साल दिसंबर के दूसरे सप्ताह इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को फोन किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर बातचीत की थी। इस बाचतीच में भी दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी दोहराई थी। दो टूक कहा था कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मोगैंबो खुश हुआ...', रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप के बयान पर भड़के खरगे, पीएम मोदी पर कसा तंज*

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रूस से भारत द्वारा की जा रही कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। खरगे ने सोमवार को हिंदी फिल्म के एक चर्चित डायलॉग का जिक्र करते हुए कटाक्ष करते हुए कहा 'ट्रंप मोदी को लेकर यह कहना चाह रहे हैं कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'।

देश ने आपको पीएम सिर हिलाने के लिए नहीं चुना-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर सोमवार को पीएम मोदी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, मैं नहीं समझ पा रहा कि मोदी ट्रंप के सामने क्यों झुक रहे हैं। यह देश के लिए ठीक नहीं है। आपको देश के लिए खड़ा होना चाहिए। देश ने आपको प्रधानमंत्री सिर हिलाने के लिए नहीं चुना। खरगे ने कहा, 'मिस्टर इंडिया फिल्म का एक डायलॉग है कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'। इसी तरह ट्रंप ने कहने की कोशिश की है कि मोगैम्बो खुश हुआ। इस तरह की सोच रखने वाले डराने की कोशिश करते हैं, तो भारत झुकने वाला नहीं है।

क्या था ट्रंप का बयान

दरअसल खड़गे का बयान ट्रम्प के दावे पर आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि रूस से तेल आयात पर अमेरिकी नाराजगी के बाद भारत ने तेल खरीद घटाई, क्योंकि मोदी मुझे (ट्रम्प) खुश करना चाहते थे। रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'वे (भारत) मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वह अच्छे व्यक्ति हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।

दुनिया ट्रंप के सामने नहीं झुकेगी- खरगे

खड़गे ने ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें वे बार-बार भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने की बात कहते हैं। खड़गे बोले, ट्रंप कम से कम 70 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच शांति कराई। क्या इसका मतलब है कि दुनिया उनके आगे झुक जाए? दुनिया नहीं झुकेगी।

दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मिले सीएम योगी, यूपी में मंत्रिमंडल फेरबदल पर कयास

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उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बदलाव को लेकर अटकलें जारी है। इन सबके बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को दिल्ली पहुंचे। यहां सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष मुलाकात की। जिसके बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं और तेज हो चली हैं।

करीब एक घंटे चली बातचीत

मंत्रिमंडल के विस्तार पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। नये वर्ष पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी के बीच पहली मुलाकात करीब एक घंटे की रही।

कैबिनेट विस्‍तार को लेकर अहम मंत्रणा

मुलाकात के दौरान पीएम मोदी के पास एक टैबलेट था तो सीएम के हाथ में फाइल। माना जा रहा है कि यूपी कैबिनेट विस्‍तार को लेकर दोनों के बीच अहम मंत्रणा हुई है। कहा जा रहा है कि इस कैबिनेट रिशफल में उन लोगों को तवज्‍जो दी जा सकती है जो जमीनी स्‍तर पर काम कर सकें। कुछ राज्‍यमंत्रियों का भी प्रमोशन हो सकता है।

नितिन नवीन से भी मिलेंगे योगी

पीएम से मिलने के बाद सीएम योगी नवनियुक्त कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले काफी वक्त से यूपी में मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चा चल रही है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी कैबिनेट में विस्तार से बीजेपी सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश करेगी।

पीएम मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर जताया शोक, पुरानी तस्वीरें शेयर कर दी श्रद्धांजलि

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया का निधन हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने 10 साल पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं। साथ ही उन्होंने खालिदा जिया के योगदान को याद किया है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उनके परिवार और बांग्लादेश के सभी लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे।'

पीएम मोदी ने खालिदा के योगदानों को किया याद

पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि 'बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर, बांग्लादेश के विकास के साथ-साथ भारत-बांग्लादेश संबंधों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुझे 2015 में ढाका में उनसे हुई अपनी गर्मजोशी भरी मुलाकात याद है। हमें उम्मीद है कि उनकी सोच और विरासत हमारी साझेदारी को आगे भी राह दिखाती रहेगी। उनकी आत्मा को शांति मिले।'

2015 में हुई थी पीएम मोदी और खालिदा जिया की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6-7 जून 2015 को बांग्लादेश की द्विपक्षीय यात्रा का थी। यह यात्रा मुख्य रूप से तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के निमंत्रण पर हुई थी। इसी यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विपक्षी नेता बेगम खालिदा जिया से मुलाकात थी। 7 जून 2015 को ढाका के पैन पैसिफिक सोनारगांव होटल में यह मुलाकात हुई। पीएम मोदी इसी होटल में ठहरे हुए थे। यह मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली थी। मुलाकात में खालिदा जिया ने बांग्लादेश में लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता जताई थी। उन्होंने पीएम मोदी से कहा था कि उनके देश में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने अपने देश में लोकतंत्र की बहाली में भारत से हस्तक्षेप की अपील की थी।

लंबे समय से बीमार थीं खालिदा

बता दें कि खालिदा जिया का निधन आज सुबह करीब छह बजे हुआ। उनके राजनीतिक दल- बीएनपी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में सुबह 6 बजे निधन होने की पुष्टि की। खालिदा लंबे समय से बीमार थीं। ढाका के एवरकेयर अस्पताल में खालिदा जिया का इलाज चल रहा था। उनको 23 नवंबर को भर्ती कराया गया था। जहां 11 दिसंबर को उनको वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया था।

केरल में चुनाव के चलते पीएम मोदी चर्च गए...”, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री क्यों कसा तंज?

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25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के एक चर्च की प्रार्थना में पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ, इस दौरान कुछ जगहों पर क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान हंगामे की खबरें भी सामने आई। कांग्रेस ने देश में कुछ स्थानों पर क्रिसमस से जुड़े कार्यक्रमों में कथित तौर पर व्यवधान डालने की घटनाओं की हवाला देते हुए पीएम मोदी को घेरा है।

मोदी के चर्च जाने को लेकर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चर्च जाने को लेकर सवाल उठाया है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि केरल में विधानसभा चुनाव होने के कारण पीएम मोदी गुरुवार सुबह चर्च गए। इस दौरान पीएम मोदी खास प्रार्थना सभा में भी शामिल हुए। हालांकि, प्रधानमंत्री अपने गुंडों को नहीं रोक पा रहे हैं।

संघ के जहरीले बीजों से निकली खरपतवार-खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि 'राम नवमी और हनुमान जयंती पर ये लोग मस्जिदों के बाहर जा कर डीजे बजाते हैं, उकसाने वाले गाने बजाते हैं। क्रिसमस पर ये लोग चर्च के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, सैंटाक्लॉस की टोपी खींचते हैं, तोड़फोड़ करते हैं। कौन हैं ये मूर्ख?' उन्होंने आरोप लगाया कि ये संघ की ओर से लगाए जहरीले बीजों से निकली खरपतवार है। यह गुंडे ना हिंदू धर्म के हो सकते हैं और ना ही भारतीय सभ्यता से इनका कोई नाता हो सकता है।'

दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही-खेड़ा

कांग्रेस नेता ने कहा कि इनकी हरकतों से दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही है। खेड़ा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री सुबह-सुबह खुद गिरजाघर चले गए क्योंकि केरल में चुनाव है। लेकिन अपने गुंडो को नहीं रोक पा रहे हैं या रोकना नहीं चाहते हैं। उनका कहना था कि हम दुनिया से कहना चाहते हैं कि उपद्रव करने वालों को देखकर यह धारणाा मत बनाइए कि हिंदू ऐसे होते हैं या भारतवासी ऐसे होते हैं। ये लोग बहुत कम संख्या में हैं जो प्रधानमंत्री के गुंडे हैं। इनसे निपटना हम जानते हैं। केरल में अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है।

मलेशिया दौरे के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, रवानगी से पहले भारतीय समुदाय को लेकर कही ये बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए। पीएम मोदी के मलेशिया दौरे के दौरान भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। यह यात्रा मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर हो रही है, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, आर्थिक व नवाचार सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।

मलेशिया रवानगी से पहले पीएम मोदी ने कहा, ''भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है।'' उन्होंने कहा, ''मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं।'' उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है।''

मलेशिया में भव्य स्वागत की तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है। कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम है ‘वेलकम मोदी जी’। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यहां 750 से ज्यादा कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे। आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है। रिकॉर्ड के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी।

क्यों खास है यह दौरा?

पीएम मोदी के इस दौरे का मकसद व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।प्रधानमंत्री मोदी की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है। अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है। पीएम मोदी इस दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ मंच भी आयोजित होगा।

हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

भारत ने ईयू के साथ की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- मदर ऑफ ऑल डील्स

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भारत और यूरोपीय यूनियन (यूई) के लिए आज का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक है। आज दोनों पक्षों के बीच फ्री ट्रेड डील हुई है। इसे व्यापार जगत की सबसे बड़ी संधियों में से एक माना जा रहा है। इस समझौते की अहमियत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "मदर ऑफ ऑल डील्स" (अब तक का सबसे ऐतिहासिक समझौता) करार दिया है। मंगलवार को पीएम मोदी ने समझौता का एलान करते हुए कहा कि यह साझेदारी दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी की मिसाल है। यह समझौता वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।"

समझौते के पूरा होने की घोषणा राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में की गई, जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री मोदी ने की, जिसमें वॉन डेर लेयेन और कोस्टा मौजूद थे। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता से दोनों देशों के बीच संबंधों की समग्र दिशा में महत्वपूर्ण विस्तार होने की उम्मीद है क्योंकि यह विविध क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोलेगा।

ये ट्रेड डील साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट-पीएम मोदी

मोदी ने यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी में इसका ऐलान किया। मोदी ने कोस्टा और वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा किया है। 27 जनवरी को भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ यह एफटीए साइन किया है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नए इनोवेशन पार्टनरशिप बनेंगी और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होंगी। यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है।"

डील को रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार समझौते को व्यापक रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा, जिसमें रक्षा, सुरक्षा और गतिशीलता के लिए व्यापक ढांचा शामिल है। उन्होंने कहा, "रक्षा वह आधार है जो हमारे रिश्ते को नया आकार दे रहा है। आतंकवाद-रोधी, समुद्री और साइबर सुरक्षा सहयोग मजबूत होगा। हमारी रक्षा कंपनियां सह-उत्पादन और सह-विकास के लिए नए अवसर तलाशेंगी।"

उर्सुला वॉन ने कहा- हमने कर दिखाया

यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के बाद कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, हमने कर दिखाया। हमने मदर ऑफ ऑल डील्स डिलीवर की है।" यूरोप भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील अटकी

दोनों पक्षों के बीच यह डील ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर बातचीत अटकी हुई है। माना जा रहा है कि अमेरिका को निर्यात में होने वाले नुकसान की भरपाई यूरोप से की जा सकती है।

77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी ने पहनी मरून पगड़ी, जानिए क्या है संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर रंगीन पगड़ी पहनने का अपना ट्रेडिशन इस साल भी जारी रखा। इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी की खास पगड़ी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पीएम मोदी का ये पहनावा सांस्कृतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और विरासत को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पर जाकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी की वेशभूषा की बात करें तो उन्होंने गहरे नीले रंग का कुर्ता पहना। उन्होंने इस पर आसमानी रंग की जैकेट पहनी। सफेद चूड़ीदार पायजामे के साथ पारंपरिक काले जूतों ने पीएम मोदी के लुक को पूरा किया।

पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई

प्रधानमंत्री ने आज के खास मौके पर मरून रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई की गई है। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग पर सुनहरे रंग की शानदार कढ़ाई देखने को मिली। साफे के आखिरी हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का मिश्रण देखने को मिला।

पहली भी पीएम की पगड़ी ने खींचा है लोगों का ध्यान

इससे पहले के गणतंत्र दिवस समारोहों में भी प्रधानमंत्री मोदी की पगड़ी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती रही है। बता दें कि 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में पीएम मोदी ने चमकीले लाल और पीले रंग का बंधेज साफा पहना था, जो राजस्थानी और गुजराती संस्कृति से जुड़ा एक पारंपरिक टाई-डाई कपड़ा है, जिसे उन्होंने सफेद कुर्ते-पायजामे और भूरे रंग की बंदगला जैकेट के साथ पहना था।

हर बार चर्चा में रहती है पीएम मोदी की पगड़ी

हर साल पीएम मोदी का गणतंत्र दिवस का पहनावा चर्चा का विषय बन जाता है। उनकी पगड़ी हमेशा ही लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है। बीते कुछ वर्षों में पीएम मोदी ने राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और अन्य राज्यों की पगड़ियां और टोपियां पहनी हैं। इन सभी का अपना सांस्कृतिक महत्व रहा है।

प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचने के पर मरून रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई की गई है। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग पर सुनहरे रंग की शानदार कढ़ाई देखने को मिली। साफे के आखिरी हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का मिश्रण देखने को मिला।

भारत ने विविधता को ताकत में बदला, सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, CSPOC में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के 61 स्पीकर्स और ऑफिसर्स शामिल हैं। संविधान सदन में आयोजित इस समारोह में पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर कभी संदेह किया गया। लेकिन आज वही लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। यही वजह है कि भारत न सिर्फ स्थिर है बल्कि तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबका स्वागत करता हूं। जिस स्थान पर आप सभी बैठे हैं वो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। गुलामी के आखिरी वर्षों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी तब इसी सेंटल हॉल में भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई। 75 सालों तक ये इमारत भारत की संसद रही। यहां अनेक चर्चाएं हुई, अनेक फैसले लिए गए। अब इसको संविधान सदन का नाम दिया गया है।

डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में हो रही है। इस बार इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय इफेक्टिव डिलीवरी ऑफ पर्लियामेंट्री डेमोक्रेसी है। भारत ने डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया। भारत ने साबित किया कि डमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन और डेमोक्रेटिक प्रॉसेस, डेमोक्रेसी को स्टेबिलिटी, स्पीड और स्केल तीनों देते हैं।

भारत में लोकतंत्र को लेकर गंभीर संदेह था-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, आज के वैश्विक संदर्भ में बहुत प्रासंगिक है। जब भारत आजाद हुआ था, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात पर गंभीर संदेह था कि इतनी ज़्यादा विविधता वाले देश में लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। भारत ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया और अपनी विविधता को अपने लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया। एक और आशंका यह थी कि अगर लोकतंत्र किसी तरह बच भी गया, तो भारत विकास के मामले में कुछ खास नहीं कर पाएगा।

हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा की भारत की राष्ट्रपति देश की पहले नागरिक, एक महिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। आज, भारतीय महिलाएं न केवल लोकतंत्र में भाग ले रही हैं बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। आपमें से कई लोग भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र के रूप में जानते हैं। वास्तव में, हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण है। उदाहरण के तौर पर, 2024 में हुए भारत के आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास थे। लगभग 98 करोड़ नागरिकों ने वोट के लिए पंजीकरण कराया। यह संख्या कुछ महाद्वीपों की जनसंख्या से भी अधिक है। चुनावों में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से अधिक राजनीतिक पार्टियां भाग लीं। महिलाओं के मतदान में भी रिकॉर्ड भागीदारी देखी गई।

सभी देशों के विकास में योगदान का प्रयास-पीएम मोदी

कॉमनवेल्थ देशों की कुल जनसंख्या का लगभग 50 फीसदी हिस्सा भारत में बसता है। हमारा प्रयास रहा है कि भारत सभी देशों के विकास में अधिक से अधिक योगदान करे। कॉमनवेल्थ के सतत विकास लक्ष्यों में स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर रहे हैं। भारत सभी साथियों से सीखने का निरंतर प्रयास करता है। हमारा ये भी प्रयास होता है कि हमारे अनुभव अन्य कॉमनवेल्थ साझेदारों के भी काम आए। आज दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में वैश्विक दक्षिण के लिए भी नए रास्ते बनाने का समय है।

पीएम मोदी ने ‘दोस्त’ नेतन्याहू को लगाया फोन, इन मुद्दों पर हुई बात

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वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद बने हालात के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक दूसरे पर फोन पर बात की है। इस महत्वपूर्ण बातचीत का ब्योरा पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दिया है।

पीएम मोदी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "अपने दोस्त, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके खुशी हुई। उन्हें और इजराइल के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। हमने आने वाले साल में भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही हमने क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और आतंकवाद से ज्यादा मजबूती से लड़ने के अपने साझा संकल्प को दोहराया।

वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई ये बातचीत ऐसे समय हुई है, जब पूरी दुनिया की वैश्विक राजनीतिक हालात में उथलपुथल मची हुई हैं। इतिहास में पहली बार किसी देश के राष्ट्रपति को उसके देश में घुसकर गिरफ्तार किया गया है और विदेशी धरती पर ले जाकर उसके खिलाफ केस चलाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कमांडो फोर्स भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अरेस्ट कर लिया है। मादुरो पर ट्रंप ने अमेरिका में ड्रग्स और गन अवैध रूप से भेजने का आरोप लगाया है।

बीते साल दिसंबर में हुई थी बातचीत

इससे पहले बीते साल दिसंबर के दूसरे सप्ताह इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को फोन किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर बातचीत की थी। इस बाचतीच में भी दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी दोहराई थी। दो टूक कहा था कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मोगैंबो खुश हुआ...', रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप के बयान पर भड़के खरगे, पीएम मोदी पर कसा तंज*

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रूस से भारत द्वारा की जा रही कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्रंप के बयान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। खरगे ने सोमवार को हिंदी फिल्म के एक चर्चित डायलॉग का जिक्र करते हुए कटाक्ष करते हुए कहा 'ट्रंप मोदी को लेकर यह कहना चाह रहे हैं कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'।

देश ने आपको पीएम सिर हिलाने के लिए नहीं चुना-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर सोमवार को पीएम मोदी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, मैं नहीं समझ पा रहा कि मोदी ट्रंप के सामने क्यों झुक रहे हैं। यह देश के लिए ठीक नहीं है। आपको देश के लिए खड़ा होना चाहिए। देश ने आपको प्रधानमंत्री सिर हिलाने के लिए नहीं चुना। खरगे ने कहा, 'मिस्टर इंडिया फिल्म का एक डायलॉग है कि 'मोगैम्बो खुश हुआ'। इसी तरह ट्रंप ने कहने की कोशिश की है कि मोगैम्बो खुश हुआ। इस तरह की सोच रखने वाले डराने की कोशिश करते हैं, तो भारत झुकने वाला नहीं है।

क्या था ट्रंप का बयान

दरअसल खड़गे का बयान ट्रम्प के दावे पर आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि रूस से तेल आयात पर अमेरिकी नाराजगी के बाद भारत ने तेल खरीद घटाई, क्योंकि मोदी मुझे (ट्रम्प) खुश करना चाहते थे। रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'वे (भारत) मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वह अच्छे व्यक्ति हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।

दुनिया ट्रंप के सामने नहीं झुकेगी- खरगे

खड़गे ने ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें वे बार-बार भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कराने की बात कहते हैं। खड़गे बोले, ट्रंप कम से कम 70 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक के बीच शांति कराई। क्या इसका मतलब है कि दुनिया उनके आगे झुक जाए? दुनिया नहीं झुकेगी।

दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मिले सीएम योगी, यूपी में मंत्रिमंडल फेरबदल पर कयास

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उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बदलाव को लेकर अटकलें जारी है। इन सबके बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को दिल्ली पहुंचे। यहां सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष मुलाकात की। जिसके बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं और तेज हो चली हैं।

करीब एक घंटे चली बातचीत

मंत्रिमंडल के विस्तार पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। नये वर्ष पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी के बीच पहली मुलाकात करीब एक घंटे की रही।

कैबिनेट विस्‍तार को लेकर अहम मंत्रणा

मुलाकात के दौरान पीएम मोदी के पास एक टैबलेट था तो सीएम के हाथ में फाइल। माना जा रहा है कि यूपी कैबिनेट विस्‍तार को लेकर दोनों के बीच अहम मंत्रणा हुई है। कहा जा रहा है कि इस कैबिनेट रिशफल में उन लोगों को तवज्‍जो दी जा सकती है जो जमीनी स्‍तर पर काम कर सकें। कुछ राज्‍यमंत्रियों का भी प्रमोशन हो सकता है।

नितिन नवीन से भी मिलेंगे योगी

पीएम से मिलने के बाद सीएम योगी नवनियुक्त कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले काफी वक्त से यूपी में मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चा चल रही है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी कैबिनेट में विस्तार से बीजेपी सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश करेगी।

पीएम मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर जताया शोक, पुरानी तस्वीरें शेयर कर दी श्रद्धांजलि

#khaledaziacondolencespmmodirecall2015_meet

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया का निधन हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने 10 साल पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं। साथ ही उन्होंने खालिदा जिया के योगदान को याद किया है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उनके परिवार और बांग्लादेश के सभी लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे।'

पीएम मोदी ने खालिदा के योगदानों को किया याद

पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि 'बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर, बांग्लादेश के विकास के साथ-साथ भारत-बांग्लादेश संबंधों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुझे 2015 में ढाका में उनसे हुई अपनी गर्मजोशी भरी मुलाकात याद है। हमें उम्मीद है कि उनकी सोच और विरासत हमारी साझेदारी को आगे भी राह दिखाती रहेगी। उनकी आत्मा को शांति मिले।'

2015 में हुई थी पीएम मोदी और खालिदा जिया की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6-7 जून 2015 को बांग्लादेश की द्विपक्षीय यात्रा का थी। यह यात्रा मुख्य रूप से तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के निमंत्रण पर हुई थी। इसी यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विपक्षी नेता बेगम खालिदा जिया से मुलाकात थी। 7 जून 2015 को ढाका के पैन पैसिफिक सोनारगांव होटल में यह मुलाकात हुई। पीएम मोदी इसी होटल में ठहरे हुए थे। यह मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली थी। मुलाकात में खालिदा जिया ने बांग्लादेश में लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता जताई थी। उन्होंने पीएम मोदी से कहा था कि उनके देश में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने अपने देश में लोकतंत्र की बहाली में भारत से हस्तक्षेप की अपील की थी।

लंबे समय से बीमार थीं खालिदा

बता दें कि खालिदा जिया का निधन आज सुबह करीब छह बजे हुआ। उनके राजनीतिक दल- बीएनपी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में सुबह 6 बजे निधन होने की पुष्टि की। खालिदा लंबे समय से बीमार थीं। ढाका के एवरकेयर अस्पताल में खालिदा जिया का इलाज चल रहा था। उनको 23 नवंबर को भर्ती कराया गया था। जहां 11 दिसंबर को उनको वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया था।

केरल में चुनाव के चलते पीएम मोदी चर्च गए...”, कांग्रेस ने प्रधानमंत्री क्यों कसा तंज?

#congresstauntspmmodiforvisitingchurch

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25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के एक चर्च की प्रार्थना में पहुंचे। वहीं दूसरी तरफ, इस दौरान कुछ जगहों पर क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान हंगामे की खबरें भी सामने आई। कांग्रेस ने देश में कुछ स्थानों पर क्रिसमस से जुड़े कार्यक्रमों में कथित तौर पर व्यवधान डालने की घटनाओं की हवाला देते हुए पीएम मोदी को घेरा है।

मोदी के चर्च जाने को लेकर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चर्च जाने को लेकर सवाल उठाया है। कांग्रेस नेता ने कहा है कि केरल में विधानसभा चुनाव होने के कारण पीएम मोदी गुरुवार सुबह चर्च गए। इस दौरान पीएम मोदी खास प्रार्थना सभा में भी शामिल हुए। हालांकि, प्रधानमंत्री अपने गुंडों को नहीं रोक पा रहे हैं।

संघ के जहरीले बीजों से निकली खरपतवार-खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि 'राम नवमी और हनुमान जयंती पर ये लोग मस्जिदों के बाहर जा कर डीजे बजाते हैं, उकसाने वाले गाने बजाते हैं। क्रिसमस पर ये लोग चर्च के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं, सैंटाक्लॉस की टोपी खींचते हैं, तोड़फोड़ करते हैं। कौन हैं ये मूर्ख?' उन्होंने आरोप लगाया कि ये संघ की ओर से लगाए जहरीले बीजों से निकली खरपतवार है। यह गुंडे ना हिंदू धर्म के हो सकते हैं और ना ही भारतीय सभ्यता से इनका कोई नाता हो सकता है।'

दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही-खेड़ा

कांग्रेस नेता ने कहा कि इनकी हरकतों से दुनिया भर में भारत की बदनामी हो रही है। खेड़ा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री सुबह-सुबह खुद गिरजाघर चले गए क्योंकि केरल में चुनाव है। लेकिन अपने गुंडो को नहीं रोक पा रहे हैं या रोकना नहीं चाहते हैं। उनका कहना था कि हम दुनिया से कहना चाहते हैं कि उपद्रव करने वालों को देखकर यह धारणाा मत बनाइए कि हिंदू ऐसे होते हैं या भारतवासी ऐसे होते हैं। ये लोग बहुत कम संख्या में हैं जो प्रधानमंत्री के गुंडे हैं। इनसे निपटना हम जानते हैं। केरल में अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित है।