पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन, पीएम मोदी ने कहा-भारत-फ्रांस संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे

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फ्रांस की राजधानी पेरिस में रविवार को देश का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। पीएम मोदी भी रविवार को पेरिस में बने स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए जुड़े। संबोधित किया। मंदिर के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि पेरिस में बना यह भव्य मंदिर सदियों तक दोनों देशों के बीच सहयोग और अवसरों के प्रतीक के रूप में खड़ा रहेगा।

13 दिनों तक चला महोत्सव

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रविवार को बीएपीएस अक्षरधाम संस्थान के गुरु महंतस्वामी महाराज ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को पूरा किया। इसमें यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया से आए संतों, भक्तों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। 13 दिनों तक चले इस महोत्सव में 40 से अधिक देशों से लोग शामिल हुए।

14 रथों में निकली यात्रा

प्रतिष्ठा से पहले पेरिस में एक भव्य नगर यात्रा निकाली गई। यात्रा में 14 सुसज्जित रथों पर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां सजाई गईं। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। यात्रा एफिल टावर और एकोल मिलिटेर से होते हुए प्लास द ला कॉनकॉर्ड तक पहुंची। यात्रा ने फ्रांस में भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म का नया अध्याय खोल दिया।

भारतीय वास्तुकला के साथ फ्रांसीसी आधुनिक तकनीक का मेल

यह मंदिर 5000 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला है। ऊपरी तल पर पारंपरिक मंदिर और नीचे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में हवेली बनाई गई है। मंदिर का निर्माण प्राचीन भारतीय वास्तुकला और वैदिक शिल्पशास्त्र के आधार पर किया गया है। इसमें फ्रांसीसी आधुनिक तकनीक का भी सुंदर मेल देखने को मिलता है।

भारत-फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे-पीएम मोदी

पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन समारोह को प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'हाल के वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। मेरे मित्र राष्ट्रपति (इमैनुएल) मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं। टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में भारत और फ्रांस नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।'

देशों के बीच आध्यात्मिक संबंधों का एक नया अध्याय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'हम 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में भी मना रहे हैं। यह रणनीतिक साझेदारी इसलिए खास है क्योंकि यह हमारे लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों की मजबूत नींव पर आधारित है।मोदी ने कहा कि पेरिस से पुडुचेरी स्थित श्री अरविंद आश्रम तक 'द मदर' की आध्यात्मिक यात्रा ने भारत और फ्रांस के असंख्य साधकों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि कई दशक पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे जिससे इस्कॉन के माध्यम से दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू हुआ।'

मेलोनी बनीं इटली की सबसे लंबे समय तक रहने वाली पीएम, पीएम मोदी ने दी बधाई

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने राजनीतिक में एक खास मुकाम हासिल किया है।मेलोनी ने देश के द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को बधाई दी। पीएम मोदी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

पीएम मोदी ने दी सफलता के लिए शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट में लिखा, ‘मेरी मित्र प्रधानमंत्री मेलोनी को इटली के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाली प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई। यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इटली की जनता के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है।’ उन्होंने कहा, ‘उनकी दोस्ती ने भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं दोनों देशों के लोगों के लिए समृद्ध भविष्य बनाने हेतु हमारे करीबी सहयोग को आगे बढ़ाने का इंतजार कर रहा हूं। आने वाले वर्षों में उनकी निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।’

जुलाई में पीएम मोदी ने रचा था इतिहास

इससे पहले जुलाई में मेलोनी ने भी प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसर बनाने के लिए साथ काम करने की इच्छा भी जताई थी। उस समय सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्‍स’ पर मेलोनी ने लिखा था, ‘पीएम मोदी को बधाई, जो आज भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। हाल के हफ्तों में रोम में उनसे फिर मुलाकात करना खुशी की बात रही। हमने मिलकर एक ऐसी विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है, जो भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमारे देशों और हमारे लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।’

मेलोनी की सरकार ने लगातार 1,413 दिन पूरे किए

जॉर्जिया मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला था। उनकी सरकार ने आज लगातार 1,413 दिन पूरे कर लिए हैं और बेनिटो मुसोलिनी की तानाशाही के बाद इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गई है। जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' इस मौके पर दक्षिणी इटली के बारी शहर में एक रैली कर रही है जिसमें हजारों समर्थकों के जुटे हैं। जॉर्जिया मेलोनी एड्रियाटिक सागर के नजारे वाले मंच से रैली को संबोधित करेंगी। इस रैली का नारा है 'सबसे स्थिर सरकार, एक मजबूत इटली'।

SCO समिट में पीएम मोदी ने पुतिन-जिनपिंग से की मुलाकात, ग्रुप फोटो में शहबाज को किया नजरअंदाज

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किर्गिस्तान के बिश्केक के 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की बैठक हो रही है। यहां पर चीन-रूस और भारत एक साथ एक मंच पर इकट्ठा हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत समूह के दूसरे नेताओं से गर्मजोशी से मुलाकात की और बात की। लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं।

बिश्केक में SCO नेताओं की ग्रुप फोटो के दौरान क्या हुआ?

ग्रुप फोटो के दौरान जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं उनमें प्रधानमंत्री मोदी को सबसे ज्यादा गर्मजोशी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मिलते देखा गया है। ग्रुप फोटो से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जब सभी राष्ट्र प्रमुख मंच पर इकट्ठा हो रहे थे, तो प्रधानमंत्री मोदी को देखकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रुक गए। दोनों ने प्रधानमंत्री मोदी से हाथ मिलाया। इस दौरान पुतिन और पीएम मोदी के बीच गर्मजोशी दिखाई दी। ग्रुप फोटो के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं। यहां एक बार फिर उनकी किरकिरी हुई। प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति जिनिपिंग के साथ बातचीत करते हुए वहां से बाहर की ओर चले गए।

पाकिस्तान ने अपनी पोस्ट से पीएम मोदी की फोटो हटाई

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एससीओ ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई वैश्विक नेताओं की तस्वीरों को हटा दिया गया।

किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की बैठक

इससे पहले PM मोदी ने SCO समिट के दौरान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ बैठक की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-किर्गिस्तान के आपसी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।

भारत की जीडीपी हुई 7.8% तो पीएम मोदी ने कांग्रेस को कोसा, जयराम रमेश ने भी पर साधा निशाना

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अप्रैल-जून तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर उम्मीद से कहीं बेहतर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर को लेकर देशवासियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर निराशा का माहौल बनाने वाले आलोचकों पर तीखा तंज कसा है।

पीएम मोदी इस वक्त एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए बिश्केक में हैं। पीएम मोदी ने वहां से इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की सामूहिक शक्ति, संकल्प और मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया गंभीर आर्थिक अनिश्चितताओं और मंदी के दबाव से जूझ रही है, तब भारत की यह तेज रफ्तार देश के मजबूत बुनियादी ढांचे और अदम्य आर्थिक सामर्थ्य का जीता-जागता सबूत है। यह प्रदर्शन साबित करता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम और ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “मेरे देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। 7.8% की विकास दर – पूरा देश खुशी से भरा हुआ है। मैं देश के लोगों को उनके संकल्प और मेहनती स्वभाव के लिए बधाई देता हूं; यह हमारी सामूहिक ताकत को दिखाता है। दुनिया संघर्षों में फंसी हुई है; हर तरफ से युद्ध की खबरें आ रही हैं और दुनिया संकटों से घिरी हुई है। सप्लाई चेन बुरी तरह बाधित हुई। इसके बावजूद भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है।”

विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने कहा कि “एक तरफ भारत तमाम वैश्विक चुनौतियों को पार करते हुए आगे बढ़ रहा है, वहीं देश के भीतर कुछ लोग निराशा और झूठ का माहौल बनाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी चुनौतियों के बीच भारत ने 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की है। हमें इस गति को बनाए रखना होगा। हमें आगे बढ़ते रहना होगा, और इसके लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनना जरूरी है।”

जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों पर केन्द्र को घेरा

वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।जयराम रमेश ने कहा कि ये आंकड़े अर्थव्यवस्था में घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के निजी निवेश को लेकर बेहद कमजोर धारणा को नहीं दर्शाते। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता भरोसा बेहद सुस्त है और नवंबर 2025 से लगातार गिरावट की ओर है। कांग्रेस नेता ने कहा कि घरेलू जरूरत की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि शिक्षित बेरोजगारी चिंताजनक स्तर पर है।

एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी-पुतिन और जिनपिंग, SCO में मुलाकात, दुनियाभर की टिकी नजरें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे किर्गिस्तान में मोदी वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बार फिर एक साथ नजर आने वाले हैं। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले महीने नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में भी तीनों नेता एक बार फिर साथ नजर आ सकते हैं।

मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी की पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात तय है। करीब 50 मिनट निर्धारित इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मोदी-पुतिन की बातचीत में ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा हो सकता है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरक का बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऐसे में दोनों नेता तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा कर सकते हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत के लिए रूसी ऊर्जा आपूर्ति अहम है।

पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर दुनिया की नजर

पीएम मोदी की इससे इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। बिश्केक में दुनिया की नजर मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर रहेगी। एससीओ के इतर यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में सीमा विवाद, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी-जिनपिंग की मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिल्ली में सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित बड़ी मुलाकात से ठीक पहले होगी।

भारत के लिए क्यों अहम है?

मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य अहम खनिजों का बड़ा भंडार है। भारत लंबे अर्से से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वह नए व्यापार के साथ ही परिवहन मार्ग भी विकसित करने पर काम कर रहा है।

क्या है एसओसी ?

10 सदस्यों वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एशिया के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। जो 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। संगठन का मुख्य काम सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर साथ काम करना है।

एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी-पुतिन और जिनपिंग, SCO में मुलाकात, दुनियाभर की टिकी नजरें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे किर्गिस्तान में मोदी वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बार फिर एक साथ नजर आने वाले हैं। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले महीने नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में भी तीनों नेता एक बार फिर साथ नजर आ सकते हैं।

मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी की पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात तय है। करीब 50 मिनट निर्धारित इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मोदी-पुतिन की बातचीत में ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा हो सकता है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरक का बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऐसे में दोनों नेता तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा कर सकते हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत के लिए रूसी ऊर्जा आपूर्ति अहम है।

पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर दुनिया की नजर

पीएम मोदी की इससे इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। बिश्केक में दुनिया की नजर मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर रहेगी। एससीओ के इतर यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में सीमा विवाद, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी-जिनपिंग की मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिल्ली में सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित बड़ी मुलाकात से ठीक पहले होगी।

भारत के लिए क्यों अहम है?

मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य अहम खनिजों का बड़ा भंडार है। भारत लंबे अर्से से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वह नए व्यापार के साथ ही परिवहन मार्ग भी विकसित करने पर काम कर रहा है।

क्या है एसओसी ?

10 सदस्यों वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एशिया के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। जो 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। संगठन का मुख्य काम सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर साथ काम करना है।

पीएम मोदी उज्बेकिस्तान-किर्गिस्तान की यात्रा पर, बताया क्यों अहम है ये दौरा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिवसीय विदेश यात्रा के लिए शनिवार को रवाना हो गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी का 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दौरे पर होंगे। इस दौरान वह प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे और एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर दो दिन की द्विपक्षीय यात्रा के लिए आज ताशकंद पहुंचेंगे। वे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे। आगे की राह के लिए एजेंडा तय करेंगे। वे 'विकसित भारत 2047' और ' उज्बेकिस्तान-2030' के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर भी अपने चर्चा करेंगे।

पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि यह पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा होगा। इससे पहले उन्होंने 2015 में उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया के अन्य देशों का दौरा किया था और उसके बाद 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट में शामिल होने के लिए वहां गए थे। उनका यह दौरा दो दिन का है। इसके बाद 31 अगस्त को वह किर्गिस्तान दौरे पर रहेंगे।

किर्गिस्तान दौरे का कार्यक्रम

उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाएंगे। इस साल एससीओ की 25वीं वर्षगांठ है और इस साल का विषय है 'एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर'। बिश्केक में होने वाले आगामी एससीओ लीडरशिप समिट के कार्यक्रमों में 31 अगस्त को स्वागत भोज और अगले दिन समिट की मुख्य बैठक शामिल है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी अपना संबोधन देंगे। बिश्केक में समिट के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित करने की योजना है।

स्वतंत्रता दिवस पर Gen Z को बड़ी सौगात, पीएम मोदी ने किया फ्री ऑनलाइन कोचिंग और AI ट्रेनिंग का ऐलान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति और नई पीढ़ी की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारत का विकास तभी संभव है, जब देश के हर बेटे और बेटी को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिले। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा, एआई, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और खेलों में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है।

फ्री ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान

पीएम मोदी ने कहा, युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में कोचिंग क्लासेज की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच हर परिवार को लगता है कि अगर बच्चे को कोचिंग नहीं भेजा गया तो उसका भला नहीं हो सकता। इसी सोच को बदलने के लिए हमने छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है।

एक साल में एक करोड़ लोगों को एआई ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को एआई स्किल देने, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क खड़ा करने और 5 से 15 वर्ष के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने के लिए गांव-गांव व स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट चलाने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है।

हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे-पीएम मोदी

स्टार्टअप इंडिया के चलते देश में लगातार नए स्टार्टअप खड़े हो रहे हैं। मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि आप सपने लेकर आगे आइए, हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे। सस्ते डेटा ने युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है और उन्हें नई ताकत दी है। इसी दिशा में स्किल इंडिया को आगे बढ़ाया गया है और खेलो इंडिया का भी विस्तार किया गया है। इन पहलों ने युवाओं के लिए सीखने, कौशल विकसित करने और अपनी प्रतिभा को आगे ले जाने के नए रास्ते खोले हैं।

पीएम मोदी ने लाल किला से दिया 'शक्ति की सप्त धारा' का फॉर्मूला, जानें क्या है सरकार का प्लान

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आज पूरे देश आजादी का जश्न मना रहा है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘विकसित भारत’ का संकल्प दोहराया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने 'शक्ति की सप्त धारा' की घोषणा की है। यह वह सात संकल्प हैं, जिसका लक्ष्य तय करके भारत को 2047 तक विकसित बनाने का मोदी सरकार ने संकल्प लिया है।

देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं। जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी।

सप्त धारा की पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर

पीएम मोदी ने कहा, सप्त धारा की पहली शक्ति है- मैन्युफैक्चरिंग पावर। सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा। उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए। डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है। इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा। हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों। जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा। वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं। हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए।

सप्त धारा की दूसरी कृषि और खाद्य उत्पादन

पीएम मोदी ने सप्त धारा की दूसरी शक्ति कृषि और फूड प्रोडक्शन को बताया है। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में देश को आगे बढ़ना होगा। पीएम मोदी के मुताबिक दुनिया के बाजार खुल रहे हैं, हमें वहां पहुंचना है। 'हमें खेत से लेकर एक्सपोर्ट मार्केट तक जाना होगा। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों से लेकर मसालों तक हमारे पास सबकुछ है, जिन्हें ग्लोबल ब्रांड बनाना है। हमारे किसान केमिकल फ्री खेती को बल देंगे, तो दुनिया में इनकी मांग और बढ़ने वाली है।

तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरी सप्तधारा की तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार। उभरती हुई तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही हैं। इसलिए देश को दुनिया के लिए बाजार बनाना है। हमें नवाचार का केंद्र बनना है। अब भारत को डिजिटल सार्वजनिक तकनीक को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाना है।

गति शक्ति चौथी शक्ति

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, सप्तधारा की चौथी शक्ति है- गतिशक्ति। यह गतिशक्ति हमें देश में निर्बाध संपर्क चाहिए। हमें आधुनिक सड़क चाहिए, मल्टीमॉडल संपर्क चाहिए। बंदरगाहों को विकास और संवर्धन की दिशा में बढा़ना होगा।

पांचवी रक्षा शक्ति

पांचवी शक्ति है- रक्षा शक्ति। रक्षा में आत्मनिर्भर होना, दुनिया ने समझ लिया इसके बिना कोई चारा नहीं है। हमें रक्षा के क्षेत्र में भी बाजार बनना होगा। हमें रक्षा उत्पादों की श्रृंखला बनना होगा। ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम को देखना होगा।

छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति

छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति। हमें हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। दुनिया जब ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करती है तो हम इस ओर आगे बढ़ते हैं। हमारी समुद्री तटरखेा बहुत मजबूत है। इसमें हम आगे बढ़ सकते हैं।

सातवीं शक्ति है भारत की सॉफ्ट पावर

'सातवीं शक्ति है- भारत की सॉफ्ट पावर। भारत की सॉफ्ट पावर की ताकत है। आज योग ने दुनिया को भारत से जोड़कर रखा है। जिस भारत के पास आयुर्वेद हो, आस्था के केंद्र हों। हमारी फिल्में हों, हैंडलूम हों, हमारी गेमिंग हों।

पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर फहराया तिरंगा, आजादी के वीर सपूतों को किया नमन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने सभी स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश इस साल वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। इस मौके पर लाल किला से पहली बार वंदे मातरम भी गूंजा। इस मौके पर हजारों की संख्‍या में मौजूद लोगों ने जन-गण-मन और वंदे मातरम का गायन किया।

देश को आजादी देने वाले महान विभूतियों को नमन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला से कहा, देश आज उन महान सपूतों का स्मरण करती है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग, बलिदान की पराकाष्ठा को अपने तप, त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर अपनी पूरी जिंदगी खपा दी। पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, बलिदान की परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धा पूर्वक नमन करता हूं।

पीएम मोदी ने किया वंदे मातरम का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज सबके लिए ऐतिहासिक पल भी है। आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है। आज जब देश के लोग वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है।

पूरा देश बाढ़ पीड़ितो के साथ-पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई है, जिससे कई लोग प्रभावित हुए हैं। मैं प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें फ्रेजाइल-5 में डंप कर दिया था। उन हालात के बीच भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से अब हम आगे बढ़ रहे हैं। पिछले 12 वर्ष में रक्षा उद्योग 4 गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 7 गुना बढ़ा। रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, डिजिटल-इनोवेशन की दुनिया में हमने अपना परचम लहराया। इंटरनेट कंज्यूमर चार गुना बढ़े, डिजिटल ट्रांजैक्शन करीब 100 गुना बढ़े। हर काम लगभग 15 गुना औसत से बढ़ा।

2047 तक 'विकसित भारत' बनाना बड़ा सपना- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक 'विकसित भारत' बनाना। इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है। भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है।

छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला है- पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला। हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है। जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है।

पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन, पीएम मोदी ने कहा-भारत-फ्रांस संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे

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फ्रांस की राजधानी पेरिस में रविवार को देश का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। पीएम मोदी भी रविवार को पेरिस में बने स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए जुड़े। संबोधित किया। मंदिर के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि पेरिस में बना यह भव्य मंदिर सदियों तक दोनों देशों के बीच सहयोग और अवसरों के प्रतीक के रूप में खड़ा रहेगा।

13 दिनों तक चला महोत्सव

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रविवार को बीएपीएस अक्षरधाम संस्थान के गुरु महंतस्वामी महाराज ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को पूरा किया। इसमें यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया से आए संतों, भक्तों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। 13 दिनों तक चले इस महोत्सव में 40 से अधिक देशों से लोग शामिल हुए।

14 रथों में निकली यात्रा

प्रतिष्ठा से पहले पेरिस में एक भव्य नगर यात्रा निकाली गई। यात्रा में 14 सुसज्जित रथों पर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां सजाई गईं। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। यात्रा एफिल टावर और एकोल मिलिटेर से होते हुए प्लास द ला कॉनकॉर्ड तक पहुंची। यात्रा ने फ्रांस में भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म का नया अध्याय खोल दिया।

भारतीय वास्तुकला के साथ फ्रांसीसी आधुनिक तकनीक का मेल

यह मंदिर 5000 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला है। ऊपरी तल पर पारंपरिक मंदिर और नीचे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में हवेली बनाई गई है। मंदिर का निर्माण प्राचीन भारतीय वास्तुकला और वैदिक शिल्पशास्त्र के आधार पर किया गया है। इसमें फ्रांसीसी आधुनिक तकनीक का भी सुंदर मेल देखने को मिलता है।

भारत-फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे-पीएम मोदी

पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन समारोह को प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'हाल के वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। मेरे मित्र राष्ट्रपति (इमैनुएल) मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं। टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में भारत और फ्रांस नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।'

देशों के बीच आध्यात्मिक संबंधों का एक नया अध्याय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'हम 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में भी मना रहे हैं। यह रणनीतिक साझेदारी इसलिए खास है क्योंकि यह हमारे लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों की मजबूत नींव पर आधारित है।मोदी ने कहा कि पेरिस से पुडुचेरी स्थित श्री अरविंद आश्रम तक 'द मदर' की आध्यात्मिक यात्रा ने भारत और फ्रांस के असंख्य साधकों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि कई दशक पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे जिससे इस्कॉन के माध्यम से दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू हुआ।'

मेलोनी बनीं इटली की सबसे लंबे समय तक रहने वाली पीएम, पीएम मोदी ने दी बधाई

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने राजनीतिक में एक खास मुकाम हासिल किया है।मेलोनी ने देश के द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को बधाई दी। पीएम मोदी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

पीएम मोदी ने दी सफलता के लिए शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट में लिखा, ‘मेरी मित्र प्रधानमंत्री मेलोनी को इटली के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाली प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई। यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इटली की जनता के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है।’ उन्होंने कहा, ‘उनकी दोस्ती ने भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं दोनों देशों के लोगों के लिए समृद्ध भविष्य बनाने हेतु हमारे करीबी सहयोग को आगे बढ़ाने का इंतजार कर रहा हूं। आने वाले वर्षों में उनकी निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।’

जुलाई में पीएम मोदी ने रचा था इतिहास

इससे पहले जुलाई में मेलोनी ने भी प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसर बनाने के लिए साथ काम करने की इच्छा भी जताई थी। उस समय सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्‍स’ पर मेलोनी ने लिखा था, ‘पीएम मोदी को बधाई, जो आज भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। हाल के हफ्तों में रोम में उनसे फिर मुलाकात करना खुशी की बात रही। हमने मिलकर एक ऐसी विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है, जो भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमारे देशों और हमारे लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।’

मेलोनी की सरकार ने लगातार 1,413 दिन पूरे किए

जॉर्जिया मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला था। उनकी सरकार ने आज लगातार 1,413 दिन पूरे कर लिए हैं और बेनिटो मुसोलिनी की तानाशाही के बाद इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गई है। जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' इस मौके पर दक्षिणी इटली के बारी शहर में एक रैली कर रही है जिसमें हजारों समर्थकों के जुटे हैं। जॉर्जिया मेलोनी एड्रियाटिक सागर के नजारे वाले मंच से रैली को संबोधित करेंगी। इस रैली का नारा है 'सबसे स्थिर सरकार, एक मजबूत इटली'।

SCO समिट में पीएम मोदी ने पुतिन-जिनपिंग से की मुलाकात, ग्रुप फोटो में शहबाज को किया नजरअंदाज

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किर्गिस्तान के बिश्केक के 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की बैठक हो रही है। यहां पर चीन-रूस और भारत एक साथ एक मंच पर इकट्ठा हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत समूह के दूसरे नेताओं से गर्मजोशी से मुलाकात की और बात की। लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं।

बिश्केक में SCO नेताओं की ग्रुप फोटो के दौरान क्या हुआ?

ग्रुप फोटो के दौरान जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं उनमें प्रधानमंत्री मोदी को सबसे ज्यादा गर्मजोशी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मिलते देखा गया है। ग्रुप फोटो से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जब सभी राष्ट्र प्रमुख मंच पर इकट्ठा हो रहे थे, तो प्रधानमंत्री मोदी को देखकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रुक गए। दोनों ने प्रधानमंत्री मोदी से हाथ मिलाया। इस दौरान पुतिन और पीएम मोदी के बीच गर्मजोशी दिखाई दी। ग्रुप फोटो के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं। यहां एक बार फिर उनकी किरकिरी हुई। प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति जिनिपिंग के साथ बातचीत करते हुए वहां से बाहर की ओर चले गए।

पाकिस्तान ने अपनी पोस्ट से पीएम मोदी की फोटो हटाई

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एससीओ ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई वैश्विक नेताओं की तस्वीरों को हटा दिया गया।

किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की बैठक

इससे पहले PM मोदी ने SCO समिट के दौरान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ बैठक की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-किर्गिस्तान के आपसी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।

भारत की जीडीपी हुई 7.8% तो पीएम मोदी ने कांग्रेस को कोसा, जयराम रमेश ने भी पर साधा निशाना

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अप्रैल-जून तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर उम्मीद से कहीं बेहतर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर को लेकर देशवासियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर निराशा का माहौल बनाने वाले आलोचकों पर तीखा तंज कसा है।

पीएम मोदी इस वक्त एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए बिश्केक में हैं। पीएम मोदी ने वहां से इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की सामूहिक शक्ति, संकल्प और मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया गंभीर आर्थिक अनिश्चितताओं और मंदी के दबाव से जूझ रही है, तब भारत की यह तेज रफ्तार देश के मजबूत बुनियादी ढांचे और अदम्य आर्थिक सामर्थ्य का जीता-जागता सबूत है। यह प्रदर्शन साबित करता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम और ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “मेरे देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। 7.8% की विकास दर – पूरा देश खुशी से भरा हुआ है। मैं देश के लोगों को उनके संकल्प और मेहनती स्वभाव के लिए बधाई देता हूं; यह हमारी सामूहिक ताकत को दिखाता है। दुनिया संघर्षों में फंसी हुई है; हर तरफ से युद्ध की खबरें आ रही हैं और दुनिया संकटों से घिरी हुई है। सप्लाई चेन बुरी तरह बाधित हुई। इसके बावजूद भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है।”

विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने कहा कि “एक तरफ भारत तमाम वैश्विक चुनौतियों को पार करते हुए आगे बढ़ रहा है, वहीं देश के भीतर कुछ लोग निराशा और झूठ का माहौल बनाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी चुनौतियों के बीच भारत ने 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की है। हमें इस गति को बनाए रखना होगा। हमें आगे बढ़ते रहना होगा, और इसके लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनना जरूरी है।”

जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों पर केन्द्र को घेरा

वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।जयराम रमेश ने कहा कि ये आंकड़े अर्थव्यवस्था में घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के निजी निवेश को लेकर बेहद कमजोर धारणा को नहीं दर्शाते। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता भरोसा बेहद सुस्त है और नवंबर 2025 से लगातार गिरावट की ओर है। कांग्रेस नेता ने कहा कि घरेलू जरूरत की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि शिक्षित बेरोजगारी चिंताजनक स्तर पर है।

एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी-पुतिन और जिनपिंग, SCO में मुलाकात, दुनियाभर की टिकी नजरें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे किर्गिस्तान में मोदी वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बार फिर एक साथ नजर आने वाले हैं। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले महीने नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में भी तीनों नेता एक बार फिर साथ नजर आ सकते हैं।

मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी की पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात तय है। करीब 50 मिनट निर्धारित इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मोदी-पुतिन की बातचीत में ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा हो सकता है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरक का बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऐसे में दोनों नेता तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा कर सकते हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत के लिए रूसी ऊर्जा आपूर्ति अहम है।

पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर दुनिया की नजर

पीएम मोदी की इससे इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। बिश्केक में दुनिया की नजर मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर रहेगी। एससीओ के इतर यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में सीमा विवाद, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी-जिनपिंग की मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिल्ली में सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित बड़ी मुलाकात से ठीक पहले होगी।

भारत के लिए क्यों अहम है?

मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य अहम खनिजों का बड़ा भंडार है। भारत लंबे अर्से से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वह नए व्यापार के साथ ही परिवहन मार्ग भी विकसित करने पर काम कर रहा है।

क्या है एसओसी ?

10 सदस्यों वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एशिया के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। जो 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। संगठन का मुख्य काम सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर साथ काम करना है।

एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी-पुतिन और जिनपिंग, SCO में मुलाकात, दुनियाभर की टिकी नजरें

#scosummit2026inkyrgyzstanpmmodixijinpingputinmeet

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे किर्गिस्तान में मोदी वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बार फिर एक साथ नजर आने वाले हैं। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले महीने नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में भी तीनों नेता एक बार फिर साथ नजर आ सकते हैं।

मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे हैं। यहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी की पुतिन से द्विपक्षीय मुलाकात तय है। करीब 50 मिनट निर्धारित इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मोदी-पुतिन की बातचीत में ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दा हो सकता है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरक का बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऐसे में दोनों नेता तेल और गैस की आपूर्ति, उर्वरकों की उपलब्धता और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा कर सकते हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच भारत के लिए रूसी ऊर्जा आपूर्ति अहम है।

पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात पर दुनिया की नजर

पीएम मोदी की इससे इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात होने की संभावना है। बिश्केक में दुनिया की नजर मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर रहेगी। एससीओ के इतर यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में सीमा विवाद, सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी-जिनपिंग की मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिल्ली में सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित बड़ी मुलाकात से ठीक पहले होगी।

भारत के लिए क्यों अहम है?

मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य अहम खनिजों का बड़ा भंडार है। भारत लंबे अर्से से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ सहयोग और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए वह नए व्यापार के साथ ही परिवहन मार्ग भी विकसित करने पर काम कर रहा है।

क्या है एसओसी ?

10 सदस्यों वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एशिया के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। जो 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने 2001 में एससीओ की स्थापना की थी। 2017 में भारत और पाकिस्तान एससीओ के पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। संगठन का मुख्य काम सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर साथ काम करना है।

पीएम मोदी उज्बेकिस्तान-किर्गिस्तान की यात्रा पर, बताया क्यों अहम है ये दौरा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिवसीय विदेश यात्रा के लिए शनिवार को रवाना हो गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी का 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दौरे पर होंगे। इस दौरान वह प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे और एससीओ के 26वें शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

पीएम मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर दो दिन की द्विपक्षीय यात्रा के लिए आज ताशकंद पहुंचेंगे। वे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे। आगे की राह के लिए एजेंडा तय करेंगे। वे 'विकसित भारत 2047' और ' उज्बेकिस्तान-2030' के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर भी अपने चर्चा करेंगे।

पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि यह पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा होगा। इससे पहले उन्होंने 2015 में उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया के अन्य देशों का दौरा किया था और उसके बाद 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट में शामिल होने के लिए वहां गए थे। उनका यह दौरा दो दिन का है। इसके बाद 31 अगस्त को वह किर्गिस्तान दौरे पर रहेंगे।

किर्गिस्तान दौरे का कार्यक्रम

उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाएंगे। इस साल एससीओ की 25वीं वर्षगांठ है और इस साल का विषय है 'एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर'। बिश्केक में होने वाले आगामी एससीओ लीडरशिप समिट के कार्यक्रमों में 31 अगस्त को स्वागत भोज और अगले दिन समिट की मुख्य बैठक शामिल है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी अपना संबोधन देंगे। बिश्केक में समिट के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित करने की योजना है।

स्वतंत्रता दिवस पर Gen Z को बड़ी सौगात, पीएम मोदी ने किया फ्री ऑनलाइन कोचिंग और AI ट्रेनिंग का ऐलान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति और नई पीढ़ी की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारत का विकास तभी संभव है, जब देश के हर बेटे और बेटी को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिले। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा, एआई, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और खेलों में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है।

फ्री ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान

पीएम मोदी ने कहा, युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में कोचिंग क्लासेज की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच हर परिवार को लगता है कि अगर बच्चे को कोचिंग नहीं भेजा गया तो उसका भला नहीं हो सकता। इसी सोच को बदलने के लिए हमने छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है।

एक साल में एक करोड़ लोगों को एआई ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को एआई स्किल देने, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क खड़ा करने और 5 से 15 वर्ष के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने के लिए गांव-गांव व स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट चलाने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं को संसाधनों की कमी न होने देने और उन्हें हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है।

हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे-पीएम मोदी

स्टार्टअप इंडिया के चलते देश में लगातार नए स्टार्टअप खड़े हो रहे हैं। मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि आप सपने लेकर आगे आइए, हम संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे। सस्ते डेटा ने युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है और उन्हें नई ताकत दी है। इसी दिशा में स्किल इंडिया को आगे बढ़ाया गया है और खेलो इंडिया का भी विस्तार किया गया है। इन पहलों ने युवाओं के लिए सीखने, कौशल विकसित करने और अपनी प्रतिभा को आगे ले जाने के नए रास्ते खोले हैं।

पीएम मोदी ने लाल किला से दिया 'शक्ति की सप्त धारा' का फॉर्मूला, जानें क्या है सरकार का प्लान

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आज पूरे देश आजादी का जश्न मना रहा है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘विकसित भारत’ का संकल्प दोहराया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने 'शक्ति की सप्त धारा' की घोषणा की है। यह वह सात संकल्प हैं, जिसका लक्ष्य तय करके भारत को 2047 तक विकसित बनाने का मोदी सरकार ने संकल्प लिया है।

देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं। जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी।

सप्त धारा की पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर

पीएम मोदी ने कहा, सप्त धारा की पहली शक्ति है- मैन्युफैक्चरिंग पावर। सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा। उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए। डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है। इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा। हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों। जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा। वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं। हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए।

सप्त धारा की दूसरी कृषि और खाद्य उत्पादन

पीएम मोदी ने सप्त धारा की दूसरी शक्ति कृषि और फूड प्रोडक्शन को बताया है। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में देश को आगे बढ़ना होगा। पीएम मोदी के मुताबिक दुनिया के बाजार खुल रहे हैं, हमें वहां पहुंचना है। 'हमें खेत से लेकर एक्सपोर्ट मार्केट तक जाना होगा। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों से लेकर मसालों तक हमारे पास सबकुछ है, जिन्हें ग्लोबल ब्रांड बनाना है। हमारे किसान केमिकल फ्री खेती को बल देंगे, तो दुनिया में इनकी मांग और बढ़ने वाली है।

तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरी सप्तधारा की तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार। उभरती हुई तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही हैं। इसलिए देश को दुनिया के लिए बाजार बनाना है। हमें नवाचार का केंद्र बनना है। अब भारत को डिजिटल सार्वजनिक तकनीक को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाना है।

गति शक्ति चौथी शक्ति

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, सप्तधारा की चौथी शक्ति है- गतिशक्ति। यह गतिशक्ति हमें देश में निर्बाध संपर्क चाहिए। हमें आधुनिक सड़क चाहिए, मल्टीमॉडल संपर्क चाहिए। बंदरगाहों को विकास और संवर्धन की दिशा में बढा़ना होगा।

पांचवी रक्षा शक्ति

पांचवी शक्ति है- रक्षा शक्ति। रक्षा में आत्मनिर्भर होना, दुनिया ने समझ लिया इसके बिना कोई चारा नहीं है। हमें रक्षा के क्षेत्र में भी बाजार बनना होगा। हमें रक्षा उत्पादों की श्रृंखला बनना होगा। ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम को देखना होगा।

छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति

छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति। हमें हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। दुनिया जब ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करती है तो हम इस ओर आगे बढ़ते हैं। हमारी समुद्री तटरखेा बहुत मजबूत है। इसमें हम आगे बढ़ सकते हैं।

सातवीं शक्ति है भारत की सॉफ्ट पावर

'सातवीं शक्ति है- भारत की सॉफ्ट पावर। भारत की सॉफ्ट पावर की ताकत है। आज योग ने दुनिया को भारत से जोड़कर रखा है। जिस भारत के पास आयुर्वेद हो, आस्था के केंद्र हों। हमारी फिल्में हों, हैंडलूम हों, हमारी गेमिंग हों।

पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर फहराया तिरंगा, आजादी के वीर सपूतों को किया नमन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने सभी स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश इस साल वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। इस मौके पर लाल किला से पहली बार वंदे मातरम भी गूंजा। इस मौके पर हजारों की संख्‍या में मौजूद लोगों ने जन-गण-मन और वंदे मातरम का गायन किया।

देश को आजादी देने वाले महान विभूतियों को नमन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला से कहा, देश आज उन महान सपूतों का स्मरण करती है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग, बलिदान की पराकाष्ठा को अपने तप, त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर अपनी पूरी जिंदगी खपा दी। पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, बलिदान की परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धा पूर्वक नमन करता हूं।

पीएम मोदी ने किया वंदे मातरम का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज सबके लिए ऐतिहासिक पल भी है। आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है। आज जब देश के लोग वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है।

पूरा देश बाढ़ पीड़ितो के साथ-पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई है, जिससे कई लोग प्रभावित हुए हैं। मैं प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें फ्रेजाइल-5 में डंप कर दिया था। उन हालात के बीच भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से अब हम आगे बढ़ रहे हैं। पिछले 12 वर्ष में रक्षा उद्योग 4 गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 7 गुना बढ़ा। रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, डिजिटल-इनोवेशन की दुनिया में हमने अपना परचम लहराया। इंटरनेट कंज्यूमर चार गुना बढ़े, डिजिटल ट्रांजैक्शन करीब 100 गुना बढ़े। हर काम लगभग 15 गुना औसत से बढ़ा।

2047 तक 'विकसित भारत' बनाना बड़ा सपना- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक 'विकसित भारत' बनाना। इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है। भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है।

छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला है- पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला। हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है। जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है।