भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

दस कदम, दस का दम’, पीएम मोदी के 3 देशों के दौरे से भारत को क्या मिला? बीजेपी ने गिनाई उपलब्धियां

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलेंड की यात्रा पर गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रविवार को प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी दी। पात्रा ने कहा कि इन यात्राओं से भारत को क्या हासिल हुआ, इसे आसान भाषा में समझाने के लिए उन्होंने 'दस कदम, दस का दम' के रूप में दस प्रमुख उपलब्धियां सामने रखीं।

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तीन देशों इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा की। इससे पहले उन्होंने सेशेल्स का भी दौरा किया था। इसी दौरान जापान के राष्ट्राध्यक्ष भी भारत आए थे। कुल मिलाकर इसका क्या नतीजा निकला? भारत को क्या हासिल हुआ? मैं आसान भाषा में दस अहम नतीजों के बारे में बताऊंगा 'दस कदम, दस का दम'।

पात्रा ने गिनाए ये 10 फायदेः-

1. हिंद महासागर-भारत-प्रशांत रणनीतिक गठबंधन।

2. रक्षा और समुद्री सहयोग।

3. महत्वपूर्ण खनिजों के संबंध में सहयोग।

4. ऊर्जा सुरक्षा।

5. आर्थिक और निवेश परिणाम।

6. प्रधान मंत्री को विशेष भाव और शिष्टाचार दिया गया।

7. सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक साझेदारी।

8. डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और शैक्षिक भागीदारी।

9. खेल।

10.लोगों से लोगों के रिश्ते.

भारत की हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक में बढ़त

संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का सबसे बड़ा परिणाम हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करना रहा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में समान सोच वाले देशों के साथ भारत की साझेदारी पहले से अधिक मजबूत हुई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को नई दिशा मिली है।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा की नई मजबूती

पात्रा ने बताया कि इन दौरों के दौरान रक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती मिली। समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे भारत की समुद्री क्षमताओं और सुरक्षा हितों को बल मिलेगा।

क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर बनी अहम सहमति

पात्रा ने कहा कि भविष्य की तकनीक और उद्योगों के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर भी महत्वपूर्ण सहमति बनी है। इससे भारत की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सकारात्मक प्रगति हुई है। इन समझौतों और सहयोग के माध्यम से भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को अधिक सुरक्षित और स्थिर बना सकेगा।

निवेश के क्षेत्र में उपलब्धि

बीजेपी नेता ने कहा कि आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। विभिन्न देशों के साथ व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री को मिले विशेष सम्मान का जिक्र

उन्होंने कहा कि जिन देशों का प्रधानमंत्री ने दौरा किया, वहां उन्हें विशेष सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वागत मिला। पात्रा के अनुसार, यह केवल प्रधानमंत्री का सम्मान नहीं बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर उसकी मजबूत होती साख का प्रतीक है।

सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम

पात्रा ने कहा कि भारत ने अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और साझा सभ्यतागत संबंधों को भी नई ऊर्जा देने का काम किया। विभिन्न देशों के साथ सांस्कृतिक सहयोग और पारंपरिक रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

डिजिटल और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल

पात्रा ने बताया कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण साझेदारियां बनी हैं। इससे तकनीकी सहयोग, नवाचार और शैक्षणिक आदान प्रदान को बढ़ावा मिलेगा तथा दोनों पक्षों के छात्रों और संस्थानों को लाभ पहुंचेगा।

खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति

संबित पात्रा ने कहा कि खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। खेलों के माध्यम से दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।

लोगों के बीच रिश्ते हे मजबूत

उन्होंने कहा कि इन विदेश यात्राओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ाना है। पर्यटन, शिक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक आदान प्रदान और सामाजिक संबंधों के माध्यम से भारत तथा साझेदार देशों के नागरिकों के बीच भरोसा और सहयोग पहले से अधिक मजबूत होगा। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं ने भारत की वैश्विक भागीदारी को नई गति देने का काम किया है।

6 दिन की यात्रा के बाद लौटे दिल्ली

बता दें कि पीएम मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की 6 दिन की यात्रा के बाद दिल्ली लौट आए हैं। तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर इस महीने की 6 से 8 तारीख तक इंडोनेशिया का दौरा किया है। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय चर्चा की और साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 समझौतों पर बनी सहमति, पीएम मोदी बोले-एफटीए मील का पत्थर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर हैं। न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड को स्वाभाविक साझेदार बताया और दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच अहम समझौतौं पर आदान-प्रदान हुआ, जिसका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।

रक्षा और व्यापार समेत 18 समझौतों पर हस्ताक्षर

पीएम मोदी और कीवी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने रिश्तों को औपचारिक रूप से सामरिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया और इसके लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी: रोडमैप 2030’ को मंजूरी दी। इसके साथ ही रक्षा, व्यापार, खेल, पशुपालन, आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग समेत कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच इन समझौतों पर सहमति

1- भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं की बैठक में भारत-न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए 2030 तक एक रोडमैप पर सहमति जताई। इसमें संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। इससे भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को दिशा देने के लिए एक व्यवस्थित रोडमैप मिलता है।

2- भारत के रक्षा मंत्रालय और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच समुद्री सहयोग पर मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट पर सहमति बनी। इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।

3- भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी के मामलों में सहगोय के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति बनी है।

4- भारतीय नेवी और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के आपसी लॉजिस्टिक्स सहायता पर सहमति बनी है। यह दोनों बलों के बीच रसद सहायता को आसान बनाता है।

5- भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति बनी। इससे दोनों देश आतंकवाद रोधी बातचीत और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

6- भारत के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के बीच सहयोग का समझौता। यह आपदा की तैयारी, उससे निपटने और उबरने की क्षमता में सहयोग को बढ़ावा देगा।

7- पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र में भी समझौता हुआ है, जो तकनीकी सहयोग, जानकारी का आदान-प्रदान और बेहतरीन तौर-तरीकों को बढ़ावा देगा। इसका लक्ष्य किसानों को फायदा पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

8- पर्यटन क्षेत्र में मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट के तहत दोनों तरफ से पर्यटन और लोगों के बीच आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिया जाएगा।

9- भारत-न्यूजीलैंड ने खेल पर संयुक्त कार्य योजना पर सहमति जताई है, जिसमें खेलों को बढावा दिया जाएगा। इसमें हाई-परफॉर्मेंस खेल, खेल विज्ञान और खेल चिकिस्ता शामिल है।

10- गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) के विकास के लिए NMHC और न्यूजीलैंड मैरीटाइम म्यूजिमय के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति।

11- भारत के संस्कृति मंत्रालय और न्यूजीलैंड के संस्कृति और विरासत मंत्रालय के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता हुआ है। इसके तहत कला, विरासत और सांस्कृतिक पहलों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

12- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 35000 करोड़ रुपये या 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही व्यवसायों के लिए नए अवसर, निर्यात को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा की जाएंगी।

13- दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा पर बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके तहत समुद्री क्षेत्र में सहयोग, समन्वय और जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करना शामिल है।

14- न्यूजीलैंड ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव के तहत समुद्री सुरक्षा को एक प्राथमिकता वाले स्तंभ के रूप में चुना है। इसके तहत अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जा सकेगा।

15- न्यूजीलैंड ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में शामिल हुआ। यह बायोफ्यूल पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा।

16- कीवी फ्रूट एक्शन प्लान की स्थापना। इसके तहत नागालैंड व उत्तराखंड में कीवी के उत्पादन के लिए 2 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगें।

17- नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च, गोवा और यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी, न्यूजीलैंड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे अंटार्कटिक क्षेत्र की समझ विकसित करने में संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

18- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, कुंडली और मैसी यूनिवर्सिटी, न्यूजीलैंड के बीच MoU पर हस्ताक्षर। इसके तहत शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार किए जाएगा।

पीएम मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े प्रम्बानन मंदिर पहुंचे, बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुस्लिम देश इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर के दौरे पर पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। पीएम मोदी ने भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित लगभग 1,000 साल पुराने हिंदू मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी बोले-'भव्य प्रम्बानन मंदिर

पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे हेलीकॉप्टर की खिड़की से वे प्रम्बानन मंदिर का नजारा देख रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा-'भव्य प्रम्बानन मंदिर!' वहीं एक अन्य वीडियो में पीएम मोदी मंदिर में अन्य लोगों के साथ प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।

मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापना में भारत करेगा सहयोग

पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापना परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच आशय पत्र यानि लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका है।

मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मंगलवार को कहा था कि योग्याकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो के संग मिलकर प्रम्बानन मंदिर की संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का मौका मिला। मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।

मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य उकेरा गया

इंडोनेशिया में 10वीं सदी में बना भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। इसके केंद्र में तीन प्रमुख मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य को उकेरा गया है। ये मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित हैं। इसके अलावा तीन अन्य मंदिर इन देवताओं के वाहनों को समर्पित हैं।

इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, जानें क्यों अहम है ये यात्रा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के त्रिपक्षीय दौरे के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें होंगी। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण समझौतों और घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी

तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद इन कीमती विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना लेख साझा किया और कहा, ‘अगले कुछ दिनों में मैं इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। इन मीटिंग का मकसद अहम विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।’

इंडोनेशिया से होगी दौरे की शुरूआत

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत 6 से करेंगे। पीएम मोदी 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा की शुरूआत इंडोनेशिया से करेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा भी करेंगे।

8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न का दौरा

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे। मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। यहां मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। क्वॉड के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं।

चार दशक बाद भारतीय पीएम का न्यूजीलैंड दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे, जिनमें पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

भारत-अमेरिका की दोस्ती वैश्विक भलाई की ताकत…”यूएस की 250वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का ट्रंप को संदेश

#usindependencedaypmmodicongratulatedonald_trump

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी जनता को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को वैश्विक भलाई के लिए एक मजबूत ताकत बताया है। साथ ही उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की है।

दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी नहीं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, '1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों को आपके ऐतिहासिक 250वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं।' उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास भी है।

अमेरिका के लिए समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना

प्रधानमंत्री ने कहा कि यही मूल्य भारत-अमेरिका की मित्रता को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बनाते हैं। उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले 250 वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद जताई।

आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम

इस अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी अमेरिकी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मिशन ने अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका “वी द पीपल”, स्वतंत्रता, आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हैं। वहीं, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुदर्शिनी को अमेरिका भेजा है।

पीएम मोदी सेशेल्स रवाना, 11 साल में दूसरा दौरा, राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो गए। 27 से 29 जून तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने किया पोस्ट

सेशेल्स रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि सेशेल्स के लिए निकल रहा हूं, जहां मैं उनके नेशनल डे समारोह में हिस्सा लूंगा. इस साल, यह और भी खास है क्योंकि यह गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन है। उन्होंने आगे लिखा कि सेशेल्स एक कीमती समुद्री पड़ोसी है और हमारे विजन महासागर में एक अहम पार्टनर है। इसके साथ ही ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने में भी सहायक है। मैं अपने दोस्त, सेशेल्स रिपब्लिक के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ बातचीत का इंतजार कर रहा हूं। मुझे इस विजिट के दौरान सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने का सम्मान मिला है। मैं वहां भारतीय समुदाय से मिलने को भी उत्सुक हूं।

भारत-सेशेल्स डिप्लोमैटिक रिश्तों के लिए अहम है दौरा*

इस दौरे के दौरान, पीएम मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ बातचीत करेंगे ताकि द्विपक्षीय सहयोग के पूरे दायरे का रिव्यू किया जा सके और आपसी हितों के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके। प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बनेंगे, इसके अलावा वे द्वीपीय देश में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। यह दौरा इसलिए अहम है क्योंकि भारत और सेशेल्स डिप्लोमैटिक रिश्तों की शुरुआत की 50वीं सालगिरह मना रहे हैं, जो आपसी भरोसे, साझा डेमोक्रेटिक मूल्यों, अलग-अलग तरह के लोगों के लिए सम्मान और लोगों के बीच गहरे रिश्तों पर आधारित हैं।

मोदी कैबिनेट में जल्द हो सकता है बड़ा फेरबदल, TMC-शिवसेना के बागियों को मिलेगा इनाम?

#modicabinetreshuffleexpansionpossible

केंद्र की मोदी सरकार कैबिनेट में जल्द ही फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (28 जून) या सोमवार (29 जून) को अपने मंत्रिपरिषद में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

तीसरे कार्यकाल में अब तक कोई फेरबदल नहीं

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अभी तक मंत्रिपरिषद में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। जबकि तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो चुके हैं। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद मंत्रिपरिषद विस्तार की संभावना जताई जा रही है। सबसे बड़ा घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में हुआ, जहां तृणमूल कांग्रेस के 20 लोक सभा सांसद टूट कर अलग हो गए और उन्होंने एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया है। दूसरा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम महाराष्ट्र में हुआ है, जहां शिवसेना यूबीटी के छह सांसद शिवसेना शिंदे में विलय कर रहे हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।

टीएमसी और शिवसेना के एक बागियों को मिलेगी जगह

माना जा रहा है शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट रैंक के साथ शामिल किया जा सकता है। वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों में काकोली घोष, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी राय के नामों पर भी विचार चल रहा है। इनमें से किसी एक को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

नए चेहरों को मिल सकती है जगह

माना जा रहा है कि प्रस्तावित फेरबदल में कुछ नए चेहरों को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव हो सकता है। भाजपा सरकार में शामिल कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके बदले सरकार में अपेक्षाकृत युवा नेताओं को अवसर देकर नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार करने की कोशिश की जा सकती है। सिर्फ सरकार ही नहीं, बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में भी व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर कम से कम दो महिला उपाध्यक्षों की नियुक्ति कर सकती है।

जी7 सम्मेलन में आज पीएम मोदी-ट्रंप की अहम मुलाकात, क्‍या भारत-अमेरिका तनाव होगा कम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 देशों के सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। आज मंगलवार को सम्मेलन के दूसरे दिन उन्होंने मजबूती से भारत का पक्ष रखा। जी7 देशों की बैठक से इतर पीएम मोदी आज शाम करीब 6.15 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।

16 महीने के बाद आमने-सामने की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज फ्रांस में द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच फरवरी 2025 के बाद यानि करीब 16 महीने के बाद आमने-सामने की बैठक होनी है। इन 16 महीने में भारत अमेरिका के बीच के संबंध 20 साल पीछे जा चुके हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ संबंध काफी खराब कर लिए हैं।

तीन भारतीयों की मौत का मुद्दा अहम

मोदी-ट्रंप के बीच बैठक उस वक्त हो रही है जब अमेरिकी सेना ने एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया जिसमें तीन भारतीय मारे गये हैं और भारत सरकार पर अमेरिका को सख्त संदेश देने का दबाव है। आज की बैठक में भी यह मुद्दा छाया रह सकता है। कारण कि भारत ने पहले ही इस मसले पर अमेरिका के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा दिया है। इसके अलावा ट्रेड से लेकर ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया संघर्ष पौर तमाम दूसरे द्विपक्षीय मसलों पर बातचीत होगी।

पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा

इससे पहले जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ़्रांस में जी-7 सम्मेलन के दौरान सुरक्षित समुद्री रास्तों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से भारत के मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। साथ ही होर्मु स्ट्रेट में समुद्री व्यापाार में आई बाधा की वजह से पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। इस संघर्ष में भारत के कई नागरिकों को जान गंवानी पड़ी है। पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सामूहिक दायित्व है। इसलिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी ताकि नाविक बिना डर के काम कर सकें।

अमेरिका का नाम ना लेने पर विपक्ष हमलावर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओर से समुद्री में नाविकों की 'सुरक्षा का मुद्दा उठाने के तरीके' पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी के भाषण के एक अंश को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''जी-7 मीटिंग में अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देश का सिर झुका दिया। उनका कायराना बयान इस देश के साथ एक भद्दा मज़ाक है। हमारे लोगों का अपमान है। हिन्दुस्तान के तीन नाविकों की अमेरिका ने क्रूर हत्या कर दी और नरेंद्र मोदी अमेरिका का नाम लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उन्होंने कई सिविलियन्स को जान गंवानी पड़ी कह कर छोड़ दिया। मृतकों का नाम आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया, परनाला सुरेश था है। इतना सम्मान तो देना चाहिए था। जो अपने देश का ना हुआ वह किसका होगा? लानत है मोदी जी!''

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

ॉ#countrysfirsthydrogentrainpmmodiwillflagoftoday

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

दस कदम, दस का दम’, पीएम मोदी के 3 देशों के दौरे से भारत को क्या मिला? बीजेपी ने गिनाई उपलब्धियां

#whatdidindiagainfrompmmodiforeignvisits

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलेंड की यात्रा पर गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रविवार को प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी दी। पात्रा ने कहा कि इन यात्राओं से भारत को क्या हासिल हुआ, इसे आसान भाषा में समझाने के लिए उन्होंने 'दस कदम, दस का दम' के रूप में दस प्रमुख उपलब्धियां सामने रखीं।

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तीन देशों इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा की। इससे पहले उन्होंने सेशेल्स का भी दौरा किया था। इसी दौरान जापान के राष्ट्राध्यक्ष भी भारत आए थे। कुल मिलाकर इसका क्या नतीजा निकला? भारत को क्या हासिल हुआ? मैं आसान भाषा में दस अहम नतीजों के बारे में बताऊंगा 'दस कदम, दस का दम'।

पात्रा ने गिनाए ये 10 फायदेः-

1. हिंद महासागर-भारत-प्रशांत रणनीतिक गठबंधन।

2. रक्षा और समुद्री सहयोग।

3. महत्वपूर्ण खनिजों के संबंध में सहयोग।

4. ऊर्जा सुरक्षा।

5. आर्थिक और निवेश परिणाम।

6. प्रधान मंत्री को विशेष भाव और शिष्टाचार दिया गया।

7. सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक साझेदारी।

8. डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और शैक्षिक भागीदारी।

9. खेल।

10.लोगों से लोगों के रिश्ते.

भारत की हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक में बढ़त

संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का सबसे बड़ा परिणाम हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करना रहा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में समान सोच वाले देशों के साथ भारत की साझेदारी पहले से अधिक मजबूत हुई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को नई दिशा मिली है।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा की नई मजबूती

पात्रा ने बताया कि इन दौरों के दौरान रक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती मिली। समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे भारत की समुद्री क्षमताओं और सुरक्षा हितों को बल मिलेगा।

क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर बनी अहम सहमति

पात्रा ने कहा कि भविष्य की तकनीक और उद्योगों के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर भी महत्वपूर्ण सहमति बनी है। इससे भारत की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सकारात्मक प्रगति हुई है। इन समझौतों और सहयोग के माध्यम से भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को अधिक सुरक्षित और स्थिर बना सकेगा।

निवेश के क्षेत्र में उपलब्धि

बीजेपी नेता ने कहा कि आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। विभिन्न देशों के साथ व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री को मिले विशेष सम्मान का जिक्र

उन्होंने कहा कि जिन देशों का प्रधानमंत्री ने दौरा किया, वहां उन्हें विशेष सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वागत मिला। पात्रा के अनुसार, यह केवल प्रधानमंत्री का सम्मान नहीं बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर उसकी मजबूत होती साख का प्रतीक है।

सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम

पात्रा ने कहा कि भारत ने अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और साझा सभ्यतागत संबंधों को भी नई ऊर्जा देने का काम किया। विभिन्न देशों के साथ सांस्कृतिक सहयोग और पारंपरिक रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

डिजिटल और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल

पात्रा ने बताया कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण साझेदारियां बनी हैं। इससे तकनीकी सहयोग, नवाचार और शैक्षणिक आदान प्रदान को बढ़ावा मिलेगा तथा दोनों पक्षों के छात्रों और संस्थानों को लाभ पहुंचेगा।

खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति

संबित पात्रा ने कहा कि खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। खेलों के माध्यम से दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।

लोगों के बीच रिश्ते हे मजबूत

उन्होंने कहा कि इन विदेश यात्राओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ाना है। पर्यटन, शिक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक आदान प्रदान और सामाजिक संबंधों के माध्यम से भारत तथा साझेदार देशों के नागरिकों के बीच भरोसा और सहयोग पहले से अधिक मजबूत होगा। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं ने भारत की वैश्विक भागीदारी को नई गति देने का काम किया है।

6 दिन की यात्रा के बाद लौटे दिल्ली

बता दें कि पीएम मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की 6 दिन की यात्रा के बाद दिल्ली लौट आए हैं। तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर इस महीने की 6 से 8 तारीख तक इंडोनेशिया का दौरा किया है। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय चर्चा की और साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 समझौतों पर बनी सहमति, पीएम मोदी बोले-एफटीए मील का पत्थर

#pmmodiinnewzealandagreementsbetweentwocountries_fta

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर हैं। न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड को स्वाभाविक साझेदार बताया और दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच अहम समझौतौं पर आदान-प्रदान हुआ, जिसका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।

रक्षा और व्यापार समेत 18 समझौतों पर हस्ताक्षर

पीएम मोदी और कीवी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने रिश्तों को औपचारिक रूप से सामरिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया और इसके लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी: रोडमैप 2030’ को मंजूरी दी। इसके साथ ही रक्षा, व्यापार, खेल, पशुपालन, आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग समेत कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच इन समझौतों पर सहमति

1- भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं की बैठक में भारत-न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए 2030 तक एक रोडमैप पर सहमति जताई। इसमें संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। इससे भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को दिशा देने के लिए एक व्यवस्थित रोडमैप मिलता है।

2- भारत के रक्षा मंत्रालय और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच समुद्री सहयोग पर मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट पर सहमति बनी। इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।

3- भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी के मामलों में सहगोय के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति बनी है।

4- भारतीय नेवी और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के आपसी लॉजिस्टिक्स सहायता पर सहमति बनी है। यह दोनों बलों के बीच रसद सहायता को आसान बनाता है।

5- भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति बनी। इससे दोनों देश आतंकवाद रोधी बातचीत और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

6- भारत के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के बीच सहयोग का समझौता। यह आपदा की तैयारी, उससे निपटने और उबरने की क्षमता में सहयोग को बढ़ावा देगा।

7- पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र में भी समझौता हुआ है, जो तकनीकी सहयोग, जानकारी का आदान-प्रदान और बेहतरीन तौर-तरीकों को बढ़ावा देगा। इसका लक्ष्य किसानों को फायदा पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

8- पर्यटन क्षेत्र में मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट के तहत दोनों तरफ से पर्यटन और लोगों के बीच आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिया जाएगा।

9- भारत-न्यूजीलैंड ने खेल पर संयुक्त कार्य योजना पर सहमति जताई है, जिसमें खेलों को बढावा दिया जाएगा। इसमें हाई-परफॉर्मेंस खेल, खेल विज्ञान और खेल चिकिस्ता शामिल है।

10- गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) के विकास के लिए NMHC और न्यूजीलैंड मैरीटाइम म्यूजिमय के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति।

11- भारत के संस्कृति मंत्रालय और न्यूजीलैंड के संस्कृति और विरासत मंत्रालय के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता हुआ है। इसके तहत कला, विरासत और सांस्कृतिक पहलों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

12- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 35000 करोड़ रुपये या 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही व्यवसायों के लिए नए अवसर, निर्यात को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा की जाएंगी।

13- दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा पर बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके तहत समुद्री क्षेत्र में सहयोग, समन्वय और जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करना शामिल है।

14- न्यूजीलैंड ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव के तहत समुद्री सुरक्षा को एक प्राथमिकता वाले स्तंभ के रूप में चुना है। इसके तहत अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जा सकेगा।

15- न्यूजीलैंड ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में शामिल हुआ। यह बायोफ्यूल पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा।

16- कीवी फ्रूट एक्शन प्लान की स्थापना। इसके तहत नागालैंड व उत्तराखंड में कीवी के उत्पादन के लिए 2 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगें।

17- नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च, गोवा और यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी, न्यूजीलैंड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे अंटार्कटिक क्षेत्र की समझ विकसित करने में संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

18- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, कुंडली और मैसी यूनिवर्सिटी, न्यूजीलैंड के बीच MoU पर हस्ताक्षर। इसके तहत शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार किए जाएगा।

पीएम मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े प्रम्बानन मंदिर पहुंचे, बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला

#indonesiasprambanantemplewherepmmodivisit_today

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुस्लिम देश इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर के दौरे पर पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। पीएम मोदी ने भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित लगभग 1,000 साल पुराने हिंदू मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी बोले-'भव्य प्रम्बानन मंदिर

पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे हेलीकॉप्टर की खिड़की से वे प्रम्बानन मंदिर का नजारा देख रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा-'भव्य प्रम्बानन मंदिर!' वहीं एक अन्य वीडियो में पीएम मोदी मंदिर में अन्य लोगों के साथ प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।

मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापना में भारत करेगा सहयोग

पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापना परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच आशय पत्र यानि लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका है।

मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मंगलवार को कहा था कि योग्याकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो के संग मिलकर प्रम्बानन मंदिर की संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का मौका मिला। मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।

मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य उकेरा गया

इंडोनेशिया में 10वीं सदी में बना भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। इसके केंद्र में तीन प्रमुख मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य को उकेरा गया है। ये मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित हैं। इसके अलावा तीन अन्य मंदिर इन देवताओं के वाहनों को समर्पित हैं।

इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, जानें क्यों अहम है ये यात्रा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के त्रिपक्षीय दौरे के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें होंगी। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण समझौतों और घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी

तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद इन कीमती विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना लेख साझा किया और कहा, ‘अगले कुछ दिनों में मैं इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। इन मीटिंग का मकसद अहम विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।’

इंडोनेशिया से होगी दौरे की शुरूआत

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत 6 से करेंगे। पीएम मोदी 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा की शुरूआत इंडोनेशिया से करेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा भी करेंगे।

8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न का दौरा

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे। मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। यहां मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। क्वॉड के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं।

चार दशक बाद भारतीय पीएम का न्यूजीलैंड दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे, जिनमें पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

भारत-अमेरिका की दोस्ती वैश्विक भलाई की ताकत…”यूएस की 250वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का ट्रंप को संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी जनता को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को वैश्विक भलाई के लिए एक मजबूत ताकत बताया है। साथ ही उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की है।

दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी नहीं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, '1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों को आपके ऐतिहासिक 250वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं।' उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास भी है।

अमेरिका के लिए समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना

प्रधानमंत्री ने कहा कि यही मूल्य भारत-अमेरिका की मित्रता को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बनाते हैं। उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले 250 वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद जताई।

आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम

इस अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी अमेरिकी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मिशन ने अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका “वी द पीपल”, स्वतंत्रता, आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हैं। वहीं, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुदर्शिनी को अमेरिका भेजा है।

पीएम मोदी सेशेल्स रवाना, 11 साल में दूसरा दौरा, राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो गए। 27 से 29 जून तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने किया पोस्ट

सेशेल्स रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि सेशेल्स के लिए निकल रहा हूं, जहां मैं उनके नेशनल डे समारोह में हिस्सा लूंगा. इस साल, यह और भी खास है क्योंकि यह गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन है। उन्होंने आगे लिखा कि सेशेल्स एक कीमती समुद्री पड़ोसी है और हमारे विजन महासागर में एक अहम पार्टनर है। इसके साथ ही ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने में भी सहायक है। मैं अपने दोस्त, सेशेल्स रिपब्लिक के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ बातचीत का इंतजार कर रहा हूं। मुझे इस विजिट के दौरान सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने का सम्मान मिला है। मैं वहां भारतीय समुदाय से मिलने को भी उत्सुक हूं।

भारत-सेशेल्स डिप्लोमैटिक रिश्तों के लिए अहम है दौरा*

इस दौरे के दौरान, पीएम मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ बातचीत करेंगे ताकि द्विपक्षीय सहयोग के पूरे दायरे का रिव्यू किया जा सके और आपसी हितों के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके। प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बनेंगे, इसके अलावा वे द्वीपीय देश में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। यह दौरा इसलिए अहम है क्योंकि भारत और सेशेल्स डिप्लोमैटिक रिश्तों की शुरुआत की 50वीं सालगिरह मना रहे हैं, जो आपसी भरोसे, साझा डेमोक्रेटिक मूल्यों, अलग-अलग तरह के लोगों के लिए सम्मान और लोगों के बीच गहरे रिश्तों पर आधारित हैं।

मोदी कैबिनेट में जल्द हो सकता है बड़ा फेरबदल, TMC-शिवसेना के बागियों को मिलेगा इनाम?

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केंद्र की मोदी सरकार कैबिनेट में जल्द ही फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (28 जून) या सोमवार (29 जून) को अपने मंत्रिपरिषद में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

तीसरे कार्यकाल में अब तक कोई फेरबदल नहीं

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अभी तक मंत्रिपरिषद में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। जबकि तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो चुके हैं। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद मंत्रिपरिषद विस्तार की संभावना जताई जा रही है। सबसे बड़ा घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में हुआ, जहां तृणमूल कांग्रेस के 20 लोक सभा सांसद टूट कर अलग हो गए और उन्होंने एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया है। दूसरा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम महाराष्ट्र में हुआ है, जहां शिवसेना यूबीटी के छह सांसद शिवसेना शिंदे में विलय कर रहे हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।

टीएमसी और शिवसेना के एक बागियों को मिलेगी जगह

माना जा रहा है शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट रैंक के साथ शामिल किया जा सकता है। वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों में काकोली घोष, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी राय के नामों पर भी विचार चल रहा है। इनमें से किसी एक को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

नए चेहरों को मिल सकती है जगह

माना जा रहा है कि प्रस्तावित फेरबदल में कुछ नए चेहरों को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव हो सकता है। भाजपा सरकार में शामिल कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके बदले सरकार में अपेक्षाकृत युवा नेताओं को अवसर देकर नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार करने की कोशिश की जा सकती है। सिर्फ सरकार ही नहीं, बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में भी व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर कम से कम दो महिला उपाध्यक्षों की नियुक्ति कर सकती है।

जी7 सम्मेलन में आज पीएम मोदी-ट्रंप की अहम मुलाकात, क्‍या भारत-अमेरिका तनाव होगा कम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 देशों के सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। आज मंगलवार को सम्मेलन के दूसरे दिन उन्होंने मजबूती से भारत का पक्ष रखा। जी7 देशों की बैठक से इतर पीएम मोदी आज शाम करीब 6.15 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।

16 महीने के बाद आमने-सामने की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज फ्रांस में द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच फरवरी 2025 के बाद यानि करीब 16 महीने के बाद आमने-सामने की बैठक होनी है। इन 16 महीने में भारत अमेरिका के बीच के संबंध 20 साल पीछे जा चुके हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ संबंध काफी खराब कर लिए हैं।

तीन भारतीयों की मौत का मुद्दा अहम

मोदी-ट्रंप के बीच बैठक उस वक्त हो रही है जब अमेरिकी सेना ने एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया जिसमें तीन भारतीय मारे गये हैं और भारत सरकार पर अमेरिका को सख्त संदेश देने का दबाव है। आज की बैठक में भी यह मुद्दा छाया रह सकता है। कारण कि भारत ने पहले ही इस मसले पर अमेरिका के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा दिया है। इसके अलावा ट्रेड से लेकर ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया संघर्ष पौर तमाम दूसरे द्विपक्षीय मसलों पर बातचीत होगी।

पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा

इससे पहले जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ़्रांस में जी-7 सम्मेलन के दौरान सुरक्षित समुद्री रास्तों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से भारत के मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। साथ ही होर्मु स्ट्रेट में समुद्री व्यापाार में आई बाधा की वजह से पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। इस संघर्ष में भारत के कई नागरिकों को जान गंवानी पड़ी है। पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सामूहिक दायित्व है। इसलिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी ताकि नाविक बिना डर के काम कर सकें।

अमेरिका का नाम ना लेने पर विपक्ष हमलावर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओर से समुद्री में नाविकों की 'सुरक्षा का मुद्दा उठाने के तरीके' पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी के भाषण के एक अंश को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''जी-7 मीटिंग में अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देश का सिर झुका दिया। उनका कायराना बयान इस देश के साथ एक भद्दा मज़ाक है। हमारे लोगों का अपमान है। हिन्दुस्तान के तीन नाविकों की अमेरिका ने क्रूर हत्या कर दी और नरेंद्र मोदी अमेरिका का नाम लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उन्होंने कई सिविलियन्स को जान गंवानी पड़ी कह कर छोड़ दिया। मृतकों का नाम आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया, परनाला सुरेश था है। इतना सम्मान तो देना चाहिए था। जो अपने देश का ना हुआ वह किसका होगा? लानत है मोदी जी!''