भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 समझौतों पर बनी सहमति, पीएम मोदी बोले-एफटीए मील का पत्थर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर हैं। न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड को स्वाभाविक साझेदार बताया और दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच अहम समझौतौं पर आदान-प्रदान हुआ, जिसका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।

रक्षा और व्यापार समेत 18 समझौतों पर हस्ताक्षर

पीएम मोदी और कीवी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने रिश्तों को औपचारिक रूप से सामरिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया और इसके लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी: रोडमैप 2030’ को मंजूरी दी। इसके साथ ही रक्षा, व्यापार, खेल, पशुपालन, आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग समेत कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच इन समझौतों पर सहमति

1- भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं की बैठक में भारत-न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए 2030 तक एक रोडमैप पर सहमति जताई। इसमें संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। इससे भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को दिशा देने के लिए एक व्यवस्थित रोडमैप मिलता है।

2- भारत के रक्षा मंत्रालय और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच समुद्री सहयोग पर मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट पर सहमति बनी। इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।

3- भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी के मामलों में सहगोय के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति बनी है।

4- भारतीय नेवी और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के आपसी लॉजिस्टिक्स सहायता पर सहमति बनी है। यह दोनों बलों के बीच रसद सहायता को आसान बनाता है।

5- भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति बनी। इससे दोनों देश आतंकवाद रोधी बातचीत और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

6- भारत के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के बीच सहयोग का समझौता। यह आपदा की तैयारी, उससे निपटने और उबरने की क्षमता में सहयोग को बढ़ावा देगा।

7- पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र में भी समझौता हुआ है, जो तकनीकी सहयोग, जानकारी का आदान-प्रदान और बेहतरीन तौर-तरीकों को बढ़ावा देगा। इसका लक्ष्य किसानों को फायदा पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

8- पर्यटन क्षेत्र में मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट के तहत दोनों तरफ से पर्यटन और लोगों के बीच आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिया जाएगा।

9- भारत-न्यूजीलैंड ने खेल पर संयुक्त कार्य योजना पर सहमति जताई है, जिसमें खेलों को बढावा दिया जाएगा। इसमें हाई-परफॉर्मेंस खेल, खेल विज्ञान और खेल चिकिस्ता शामिल है।

10- गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) के विकास के लिए NMHC और न्यूजीलैंड मैरीटाइम म्यूजिमय के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति।

11- भारत के संस्कृति मंत्रालय और न्यूजीलैंड के संस्कृति और विरासत मंत्रालय के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता हुआ है। इसके तहत कला, विरासत और सांस्कृतिक पहलों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

12- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 35000 करोड़ रुपये या 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही व्यवसायों के लिए नए अवसर, निर्यात को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा की जाएंगी।

13- दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा पर बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके तहत समुद्री क्षेत्र में सहयोग, समन्वय और जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करना शामिल है।

14- न्यूजीलैंड ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव के तहत समुद्री सुरक्षा को एक प्राथमिकता वाले स्तंभ के रूप में चुना है। इसके तहत अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जा सकेगा।

15- न्यूजीलैंड ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में शामिल हुआ। यह बायोफ्यूल पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा।

16- कीवी फ्रूट एक्शन प्लान की स्थापना। इसके तहत नागालैंड व उत्तराखंड में कीवी के उत्पादन के लिए 2 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगें।

17- नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च, गोवा और यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी, न्यूजीलैंड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे अंटार्कटिक क्षेत्र की समझ विकसित करने में संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

18- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, कुंडली और मैसी यूनिवर्सिटी, न्यूजीलैंड के बीच MoU पर हस्ताक्षर। इसके तहत शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार किए जाएगा।

पीएम मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े प्रम्बानन मंदिर पहुंचे, बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुस्लिम देश इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर के दौरे पर पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। पीएम मोदी ने भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित लगभग 1,000 साल पुराने हिंदू मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी बोले-'भव्य प्रम्बानन मंदिर

पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे हेलीकॉप्टर की खिड़की से वे प्रम्बानन मंदिर का नजारा देख रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा-'भव्य प्रम्बानन मंदिर!' वहीं एक अन्य वीडियो में पीएम मोदी मंदिर में अन्य लोगों के साथ प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।

मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापना में भारत करेगा सहयोग

पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापना परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच आशय पत्र यानि लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका है।

मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मंगलवार को कहा था कि योग्याकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो के संग मिलकर प्रम्बानन मंदिर की संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का मौका मिला। मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।

मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य उकेरा गया

इंडोनेशिया में 10वीं सदी में बना भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। इसके केंद्र में तीन प्रमुख मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य को उकेरा गया है। ये मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित हैं। इसके अलावा तीन अन्य मंदिर इन देवताओं के वाहनों को समर्पित हैं।

इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, जानें क्यों अहम है ये यात्रा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के त्रिपक्षीय दौरे के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें होंगी। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण समझौतों और घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी

तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद इन कीमती विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना लेख साझा किया और कहा, ‘अगले कुछ दिनों में मैं इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। इन मीटिंग का मकसद अहम विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।’

इंडोनेशिया से होगी दौरे की शुरूआत

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत 6 से करेंगे। पीएम मोदी 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा की शुरूआत इंडोनेशिया से करेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा भी करेंगे।

8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न का दौरा

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे। मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। यहां मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। क्वॉड के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं।

चार दशक बाद भारतीय पीएम का न्यूजीलैंड दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे, जिनमें पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

भारत-अमेरिका की दोस्ती वैश्विक भलाई की ताकत…”यूएस की 250वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का ट्रंप को संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी जनता को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को वैश्विक भलाई के लिए एक मजबूत ताकत बताया है। साथ ही उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की है।

दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी नहीं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, '1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों को आपके ऐतिहासिक 250वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं।' उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास भी है।

अमेरिका के लिए समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना

प्रधानमंत्री ने कहा कि यही मूल्य भारत-अमेरिका की मित्रता को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बनाते हैं। उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले 250 वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद जताई।

आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम

इस अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी अमेरिकी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मिशन ने अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका “वी द पीपल”, स्वतंत्रता, आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हैं। वहीं, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुदर्शिनी को अमेरिका भेजा है।

पीएम मोदी सेशेल्स रवाना, 11 साल में दूसरा दौरा, राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो गए। 27 से 29 जून तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने किया पोस्ट

सेशेल्स रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि सेशेल्स के लिए निकल रहा हूं, जहां मैं उनके नेशनल डे समारोह में हिस्सा लूंगा. इस साल, यह और भी खास है क्योंकि यह गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन है। उन्होंने आगे लिखा कि सेशेल्स एक कीमती समुद्री पड़ोसी है और हमारे विजन महासागर में एक अहम पार्टनर है। इसके साथ ही ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने में भी सहायक है। मैं अपने दोस्त, सेशेल्स रिपब्लिक के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ बातचीत का इंतजार कर रहा हूं। मुझे इस विजिट के दौरान सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने का सम्मान मिला है। मैं वहां भारतीय समुदाय से मिलने को भी उत्सुक हूं।

भारत-सेशेल्स डिप्लोमैटिक रिश्तों के लिए अहम है दौरा*

इस दौरे के दौरान, पीएम मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ बातचीत करेंगे ताकि द्विपक्षीय सहयोग के पूरे दायरे का रिव्यू किया जा सके और आपसी हितों के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके। प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बनेंगे, इसके अलावा वे द्वीपीय देश में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। यह दौरा इसलिए अहम है क्योंकि भारत और सेशेल्स डिप्लोमैटिक रिश्तों की शुरुआत की 50वीं सालगिरह मना रहे हैं, जो आपसी भरोसे, साझा डेमोक्रेटिक मूल्यों, अलग-अलग तरह के लोगों के लिए सम्मान और लोगों के बीच गहरे रिश्तों पर आधारित हैं।

मोदी कैबिनेट में जल्द हो सकता है बड़ा फेरबदल, TMC-शिवसेना के बागियों को मिलेगा इनाम?

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केंद्र की मोदी सरकार कैबिनेट में जल्द ही फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (28 जून) या सोमवार (29 जून) को अपने मंत्रिपरिषद में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

तीसरे कार्यकाल में अब तक कोई फेरबदल नहीं

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अभी तक मंत्रिपरिषद में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। जबकि तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो चुके हैं। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद मंत्रिपरिषद विस्तार की संभावना जताई जा रही है। सबसे बड़ा घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में हुआ, जहां तृणमूल कांग्रेस के 20 लोक सभा सांसद टूट कर अलग हो गए और उन्होंने एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया है। दूसरा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम महाराष्ट्र में हुआ है, जहां शिवसेना यूबीटी के छह सांसद शिवसेना शिंदे में विलय कर रहे हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।

टीएमसी और शिवसेना के एक बागियों को मिलेगी जगह

माना जा रहा है शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट रैंक के साथ शामिल किया जा सकता है। वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों में काकोली घोष, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी राय के नामों पर भी विचार चल रहा है। इनमें से किसी एक को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

नए चेहरों को मिल सकती है जगह

माना जा रहा है कि प्रस्तावित फेरबदल में कुछ नए चेहरों को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव हो सकता है। भाजपा सरकार में शामिल कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके बदले सरकार में अपेक्षाकृत युवा नेताओं को अवसर देकर नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार करने की कोशिश की जा सकती है। सिर्फ सरकार ही नहीं, बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में भी व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर कम से कम दो महिला उपाध्यक्षों की नियुक्ति कर सकती है।

जी7 सम्मेलन में आज पीएम मोदी-ट्रंप की अहम मुलाकात, क्‍या भारत-अमेरिका तनाव होगा कम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 देशों के सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। आज मंगलवार को सम्मेलन के दूसरे दिन उन्होंने मजबूती से भारत का पक्ष रखा। जी7 देशों की बैठक से इतर पीएम मोदी आज शाम करीब 6.15 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।

16 महीने के बाद आमने-सामने की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज फ्रांस में द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच फरवरी 2025 के बाद यानि करीब 16 महीने के बाद आमने-सामने की बैठक होनी है। इन 16 महीने में भारत अमेरिका के बीच के संबंध 20 साल पीछे जा चुके हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ संबंध काफी खराब कर लिए हैं।

तीन भारतीयों की मौत का मुद्दा अहम

मोदी-ट्रंप के बीच बैठक उस वक्त हो रही है जब अमेरिकी सेना ने एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया जिसमें तीन भारतीय मारे गये हैं और भारत सरकार पर अमेरिका को सख्त संदेश देने का दबाव है। आज की बैठक में भी यह मुद्दा छाया रह सकता है। कारण कि भारत ने पहले ही इस मसले पर अमेरिका के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा दिया है। इसके अलावा ट्रेड से लेकर ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया संघर्ष पौर तमाम दूसरे द्विपक्षीय मसलों पर बातचीत होगी।

पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा

इससे पहले जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ़्रांस में जी-7 सम्मेलन के दौरान सुरक्षित समुद्री रास्तों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से भारत के मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। साथ ही होर्मु स्ट्रेट में समुद्री व्यापाार में आई बाधा की वजह से पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। इस संघर्ष में भारत के कई नागरिकों को जान गंवानी पड़ी है। पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सामूहिक दायित्व है। इसलिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी ताकि नाविक बिना डर के काम कर सकें।

अमेरिका का नाम ना लेने पर विपक्ष हमलावर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओर से समुद्री में नाविकों की 'सुरक्षा का मुद्दा उठाने के तरीके' पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी के भाषण के एक अंश को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''जी-7 मीटिंग में अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देश का सिर झुका दिया। उनका कायराना बयान इस देश के साथ एक भद्दा मज़ाक है। हमारे लोगों का अपमान है। हिन्दुस्तान के तीन नाविकों की अमेरिका ने क्रूर हत्या कर दी और नरेंद्र मोदी अमेरिका का नाम लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उन्होंने कई सिविलियन्स को जान गंवानी पड़ी कह कर छोड़ दिया। मृतकों का नाम आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया, परनाला सुरेश था है। इतना सम्मान तो देना चाहिए था। जो अपने देश का ना हुआ वह किसका होगा? लानत है मोदी जी!''

यूएस-ईरान समझौते का पीएम मोदी ने किया स्वागत, बोले-शांति और स्थिरता बहाली में मिलेगी मदद

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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का एलान हो गया है, जिससे पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। अमेरिका-ईरान के बीच समझौते पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आई हैं। ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के नेताओं ने भी प्रतिक्रियाएं दीं है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए घोषित शांति समझौते का स्वागत किया है।

अमेरिका-ईरान समझौते पर क्या बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस कदम की प्रशंसा की है। पीएम मोदी ने सोमवार को एक्स पर लिखा, "मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनियाभर में गंभीर आर्थिक अड़चन पैदा हुई और कई देशों में लोगों की जान गई। भारत को उम्मीद है कि इस सहमति के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और नेविगेशन और व्यापार की आज़ादी सुनिश्चित होगी।" इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि 'बाक़ी बचे मुद्दों पर भी' होने वाली बातचीत 'एक टिकाऊ और अंतिम समझौते' तक पहुंचेगी।

ट्रंप ने किया शांति समझौते का ऐलान

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ पर पोस्ट कर ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन चुकी है। स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर साइन किए जाएंगे। इसमें अमेरिका से जेडी वेंस और ईरान से अराघची और गालिबफ शामिल होंगे। 60 दिनों के सीजफायर के दौरान समझौते पर दोनों देशों के बीच बातचीत होगी। इसमें ईरान पर लगे प्रतिबंधों, फ्रीज फंड को रिलीज करने से लेकर परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। जब तक फाइनल समझौता लागू नहीं हो जाता, अस्थायी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी।

अमेरिका के आज्ञाकारी नौकर की तरह कर रहे हैं काम”, राहुल गांधी की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोराद हमला बोला है। राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का 'आज्ञाकारी नौकर' तक बता दिया।

आज्ञाकारी नौकर की तरह आदेश मान लेते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।

तीन भारतीयों की मौत के बाद भड़के राहुल गांधी

बता दें कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी खाड़ी में हुई घटना के बाद आई है। दरअसल, ओमान की खाड़ी (डुक्म) में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का शिकार हो गया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। MT सेटेबेलो नाम का यह जहाज बुधवार को निशाना बना, क्योंकि अमेरिका ने आरोप लगाया था कि वह बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।

प्यासे को एक गिलास पानी जरूर दें...प्रचंड गर्मी में पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील

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पूरे देश में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। खासकर पूरा उत्तर भारत चिलचिलाती धूप और लू के थेपेड़ों से परेशान है। कई इलाकों में पारा 47 के आसपास पहुंच गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सावधानी बरतने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की अपील की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अदिकांश हिस्सों में तापमान को देखते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों तक अपनी बात पहुंचाई है और इसकी चपेट में आने से बचने के लिए सभी सावधानी बरतने का अनुरोध किया है। पीएम मोदी ने एक के बाद एक कई एक्स पोस्ट किए हैं।

लोगों को हाइड्रेटेड रहने की सलाह

पीएम मोदी ने कहा, ‘देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें।

प्यासे को पानी पिलाने की अपील

ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूंगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।

सतर्कता बरतने की सलाह

प्रधानमंत्री ने आगे लिखा है, अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ दें, जिससे शरीर को राहत मिल सके। बच्चे, बुज़ुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह स्थिति हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।

'हीट वेव' की चेतावनी

बता दें कि इन दिनों नौतपा चल रहा है। 25 मई से 2 जून तक का समय भीषम गर्म रहेगा। मौसम विभाग ने साफ तौर पर 'हीट वेव' यानी लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही दोपहर और शाम के समय तेज सतही हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 मई को हवा में नमी का स्तर अधिकतम 40 प्रतिशत और न्यूनतम 25 प्रतिशत रहने का अनुमान है। विभाग ने दोपहर और शाम दोनों समय तेज गर्म हवाओं के साथ लू चलने की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 समझौतों पर बनी सहमति, पीएम मोदी बोले-एफटीए मील का पत्थर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर हैं। न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड को स्वाभाविक साझेदार बताया और दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच अहम समझौतौं पर आदान-प्रदान हुआ, जिसका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।

रक्षा और व्यापार समेत 18 समझौतों पर हस्ताक्षर

पीएम मोदी और कीवी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने रिश्तों को औपचारिक रूप से सामरिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया और इसके लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी: रोडमैप 2030’ को मंजूरी दी। इसके साथ ही रक्षा, व्यापार, खेल, पशुपालन, आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग समेत कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच इन समझौतों पर सहमति

1- भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं की बैठक में भारत-न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए 2030 तक एक रोडमैप पर सहमति जताई। इसमें संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। इससे भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को दिशा देने के लिए एक व्यवस्थित रोडमैप मिलता है।

2- भारत के रक्षा मंत्रालय और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच समुद्री सहयोग पर मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट पर सहमति बनी। इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।

3- भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी के मामलों में सहगोय के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति बनी है।

4- भारतीय नेवी और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के आपसी लॉजिस्टिक्स सहायता पर सहमति बनी है। यह दोनों बलों के बीच रसद सहायता को आसान बनाता है।

5- भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति बनी। इससे दोनों देश आतंकवाद रोधी बातचीत और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

6- भारत के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के बीच सहयोग का समझौता। यह आपदा की तैयारी, उससे निपटने और उबरने की क्षमता में सहयोग को बढ़ावा देगा।

7- पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र में भी समझौता हुआ है, जो तकनीकी सहयोग, जानकारी का आदान-प्रदान और बेहतरीन तौर-तरीकों को बढ़ावा देगा। इसका लक्ष्य किसानों को फायदा पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

8- पर्यटन क्षेत्र में मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट के तहत दोनों तरफ से पर्यटन और लोगों के बीच आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिया जाएगा।

9- भारत-न्यूजीलैंड ने खेल पर संयुक्त कार्य योजना पर सहमति जताई है, जिसमें खेलों को बढावा दिया जाएगा। इसमें हाई-परफॉर्मेंस खेल, खेल विज्ञान और खेल चिकिस्ता शामिल है।

10- गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) के विकास के लिए NMHC और न्यूजीलैंड मैरीटाइम म्यूजिमय के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति।

11- भारत के संस्कृति मंत्रालय और न्यूजीलैंड के संस्कृति और विरासत मंत्रालय के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता हुआ है। इसके तहत कला, विरासत और सांस्कृतिक पहलों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

12- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 35000 करोड़ रुपये या 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही व्यवसायों के लिए नए अवसर, निर्यात को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा की जाएंगी।

13- दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा पर बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके तहत समुद्री क्षेत्र में सहयोग, समन्वय और जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करना शामिल है।

14- न्यूजीलैंड ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव के तहत समुद्री सुरक्षा को एक प्राथमिकता वाले स्तंभ के रूप में चुना है। इसके तहत अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जा सकेगा।

15- न्यूजीलैंड ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में शामिल हुआ। यह बायोफ्यूल पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा।

16- कीवी फ्रूट एक्शन प्लान की स्थापना। इसके तहत नागालैंड व उत्तराखंड में कीवी के उत्पादन के लिए 2 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगें।

17- नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च, गोवा और यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी, न्यूजीलैंड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे अंटार्कटिक क्षेत्र की समझ विकसित करने में संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

18- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, कुंडली और मैसी यूनिवर्सिटी, न्यूजीलैंड के बीच MoU पर हस्ताक्षर। इसके तहत शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार किए जाएगा।

पीएम मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े प्रम्बानन मंदिर पहुंचे, बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुस्लिम देश इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर के दौरे पर पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। पीएम मोदी ने भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित लगभग 1,000 साल पुराने हिंदू मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी बोले-'भव्य प्रम्बानन मंदिर

पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे हेलीकॉप्टर की खिड़की से वे प्रम्बानन मंदिर का नजारा देख रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा-'भव्य प्रम्बानन मंदिर!' वहीं एक अन्य वीडियो में पीएम मोदी मंदिर में अन्य लोगों के साथ प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।

मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापना में भारत करेगा सहयोग

पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापना परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच आशय पत्र यानि लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका है।

मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मंगलवार को कहा था कि योग्याकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो के संग मिलकर प्रम्बानन मंदिर की संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का मौका मिला। मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।

मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य उकेरा गया

इंडोनेशिया में 10वीं सदी में बना भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। इसके केंद्र में तीन प्रमुख मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य को उकेरा गया है। ये मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित हैं। इसके अलावा तीन अन्य मंदिर इन देवताओं के वाहनों को समर्पित हैं।

इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, जानें क्यों अहम है ये यात्रा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के त्रिपक्षीय दौरे के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें होंगी। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण समझौतों और घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी

तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद इन कीमती विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना लेख साझा किया और कहा, ‘अगले कुछ दिनों में मैं इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। इन मीटिंग का मकसद अहम विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।’

इंडोनेशिया से होगी दौरे की शुरूआत

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत 6 से करेंगे। पीएम मोदी 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा की शुरूआत इंडोनेशिया से करेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा भी करेंगे।

8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न का दौरा

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे। मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। यहां मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। क्वॉड के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं।

चार दशक बाद भारतीय पीएम का न्यूजीलैंड दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे, जिनमें पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

भारत-अमेरिका की दोस्ती वैश्विक भलाई की ताकत…”यूएस की 250वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का ट्रंप को संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी जनता को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को वैश्विक भलाई के लिए एक मजबूत ताकत बताया है। साथ ही उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की है।

दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी नहीं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, '1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों को आपके ऐतिहासिक 250वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं।' उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास भी है।

अमेरिका के लिए समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना

प्रधानमंत्री ने कहा कि यही मूल्य भारत-अमेरिका की मित्रता को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बनाते हैं। उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले 250 वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद जताई।

आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम

इस अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी अमेरिकी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मिशन ने अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका “वी द पीपल”, स्वतंत्रता, आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हैं। वहीं, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुदर्शिनी को अमेरिका भेजा है।

पीएम मोदी सेशेल्स रवाना, 11 साल में दूसरा दौरा, राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो गए। 27 से 29 जून तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने किया पोस्ट

सेशेल्स रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि सेशेल्स के लिए निकल रहा हूं, जहां मैं उनके नेशनल डे समारोह में हिस्सा लूंगा. इस साल, यह और भी खास है क्योंकि यह गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन है। उन्होंने आगे लिखा कि सेशेल्स एक कीमती समुद्री पड़ोसी है और हमारे विजन महासागर में एक अहम पार्टनर है। इसके साथ ही ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने में भी सहायक है। मैं अपने दोस्त, सेशेल्स रिपब्लिक के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ बातचीत का इंतजार कर रहा हूं। मुझे इस विजिट के दौरान सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने का सम्मान मिला है। मैं वहां भारतीय समुदाय से मिलने को भी उत्सुक हूं।

भारत-सेशेल्स डिप्लोमैटिक रिश्तों के लिए अहम है दौरा*

इस दौरे के दौरान, पीएम मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ बातचीत करेंगे ताकि द्विपक्षीय सहयोग के पूरे दायरे का रिव्यू किया जा सके और आपसी हितों के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके। प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बनेंगे, इसके अलावा वे द्वीपीय देश में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। यह दौरा इसलिए अहम है क्योंकि भारत और सेशेल्स डिप्लोमैटिक रिश्तों की शुरुआत की 50वीं सालगिरह मना रहे हैं, जो आपसी भरोसे, साझा डेमोक्रेटिक मूल्यों, अलग-अलग तरह के लोगों के लिए सम्मान और लोगों के बीच गहरे रिश्तों पर आधारित हैं।

मोदी कैबिनेट में जल्द हो सकता है बड़ा फेरबदल, TMC-शिवसेना के बागियों को मिलेगा इनाम?

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केंद्र की मोदी सरकार कैबिनेट में जल्द ही फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (28 जून) या सोमवार (29 जून) को अपने मंत्रिपरिषद में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

तीसरे कार्यकाल में अब तक कोई फेरबदल नहीं

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अभी तक मंत्रिपरिषद में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। जबकि तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो चुके हैं। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद मंत्रिपरिषद विस्तार की संभावना जताई जा रही है। सबसे बड़ा घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में हुआ, जहां तृणमूल कांग्रेस के 20 लोक सभा सांसद टूट कर अलग हो गए और उन्होंने एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया है। दूसरा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम महाराष्ट्र में हुआ है, जहां शिवसेना यूबीटी के छह सांसद शिवसेना शिंदे में विलय कर रहे हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।

टीएमसी और शिवसेना के एक बागियों को मिलेगी जगह

माना जा रहा है शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट रैंक के साथ शामिल किया जा सकता है। वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों में काकोली घोष, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी राय के नामों पर भी विचार चल रहा है। इनमें से किसी एक को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

नए चेहरों को मिल सकती है जगह

माना जा रहा है कि प्रस्तावित फेरबदल में कुछ नए चेहरों को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव हो सकता है। भाजपा सरकार में शामिल कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके बदले सरकार में अपेक्षाकृत युवा नेताओं को अवसर देकर नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार करने की कोशिश की जा सकती है। सिर्फ सरकार ही नहीं, बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में भी व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर कम से कम दो महिला उपाध्यक्षों की नियुक्ति कर सकती है।

जी7 सम्मेलन में आज पीएम मोदी-ट्रंप की अहम मुलाकात, क्‍या भारत-अमेरिका तनाव होगा कम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 देशों के सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। आज मंगलवार को सम्मेलन के दूसरे दिन उन्होंने मजबूती से भारत का पक्ष रखा। जी7 देशों की बैठक से इतर पीएम मोदी आज शाम करीब 6.15 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।

16 महीने के बाद आमने-सामने की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज फ्रांस में द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच फरवरी 2025 के बाद यानि करीब 16 महीने के बाद आमने-सामने की बैठक होनी है। इन 16 महीने में भारत अमेरिका के बीच के संबंध 20 साल पीछे जा चुके हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ संबंध काफी खराब कर लिए हैं।

तीन भारतीयों की मौत का मुद्दा अहम

मोदी-ट्रंप के बीच बैठक उस वक्त हो रही है जब अमेरिकी सेना ने एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया जिसमें तीन भारतीय मारे गये हैं और भारत सरकार पर अमेरिका को सख्त संदेश देने का दबाव है। आज की बैठक में भी यह मुद्दा छाया रह सकता है। कारण कि भारत ने पहले ही इस मसले पर अमेरिका के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा दिया है। इसके अलावा ट्रेड से लेकर ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया संघर्ष पौर तमाम दूसरे द्विपक्षीय मसलों पर बातचीत होगी।

पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा

इससे पहले जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ़्रांस में जी-7 सम्मेलन के दौरान सुरक्षित समुद्री रास्तों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से भारत के मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। साथ ही होर्मु स्ट्रेट में समुद्री व्यापाार में आई बाधा की वजह से पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। इस संघर्ष में भारत के कई नागरिकों को जान गंवानी पड़ी है। पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सामूहिक दायित्व है। इसलिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी ताकि नाविक बिना डर के काम कर सकें।

अमेरिका का नाम ना लेने पर विपक्ष हमलावर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओर से समुद्री में नाविकों की 'सुरक्षा का मुद्दा उठाने के तरीके' पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी के भाषण के एक अंश को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''जी-7 मीटिंग में अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देश का सिर झुका दिया। उनका कायराना बयान इस देश के साथ एक भद्दा मज़ाक है। हमारे लोगों का अपमान है। हिन्दुस्तान के तीन नाविकों की अमेरिका ने क्रूर हत्या कर दी और नरेंद्र मोदी अमेरिका का नाम लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उन्होंने कई सिविलियन्स को जान गंवानी पड़ी कह कर छोड़ दिया। मृतकों का नाम आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया, परनाला सुरेश था है। इतना सम्मान तो देना चाहिए था। जो अपने देश का ना हुआ वह किसका होगा? लानत है मोदी जी!''

यूएस-ईरान समझौते का पीएम मोदी ने किया स्वागत, बोले-शांति और स्थिरता बहाली में मिलेगी मदद

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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का एलान हो गया है, जिससे पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। अमेरिका-ईरान के बीच समझौते पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आई हैं। ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के नेताओं ने भी प्रतिक्रियाएं दीं है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए घोषित शांति समझौते का स्वागत किया है।

अमेरिका-ईरान समझौते पर क्या बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस कदम की प्रशंसा की है। पीएम मोदी ने सोमवार को एक्स पर लिखा, "मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनियाभर में गंभीर आर्थिक अड़चन पैदा हुई और कई देशों में लोगों की जान गई। भारत को उम्मीद है कि इस सहमति के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और नेविगेशन और व्यापार की आज़ादी सुनिश्चित होगी।" इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि 'बाक़ी बचे मुद्दों पर भी' होने वाली बातचीत 'एक टिकाऊ और अंतिम समझौते' तक पहुंचेगी।

ट्रंप ने किया शांति समझौते का ऐलान

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ पर पोस्ट कर ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन चुकी है। स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर साइन किए जाएंगे। इसमें अमेरिका से जेडी वेंस और ईरान से अराघची और गालिबफ शामिल होंगे। 60 दिनों के सीजफायर के दौरान समझौते पर दोनों देशों के बीच बातचीत होगी। इसमें ईरान पर लगे प्रतिबंधों, फ्रीज फंड को रिलीज करने से लेकर परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। जब तक फाइनल समझौता लागू नहीं हो जाता, अस्थायी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी।

अमेरिका के आज्ञाकारी नौकर की तरह कर रहे हैं काम”, राहुल गांधी की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोराद हमला बोला है। राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का 'आज्ञाकारी नौकर' तक बता दिया।

आज्ञाकारी नौकर की तरह आदेश मान लेते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।

तीन भारतीयों की मौत के बाद भड़के राहुल गांधी

बता दें कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी खाड़ी में हुई घटना के बाद आई है। दरअसल, ओमान की खाड़ी (डुक्म) में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का शिकार हो गया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। MT सेटेबेलो नाम का यह जहाज बुधवार को निशाना बना, क्योंकि अमेरिका ने आरोप लगाया था कि वह बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।

प्यासे को एक गिलास पानी जरूर दें...प्रचंड गर्मी में पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील

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पूरे देश में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। खासकर पूरा उत्तर भारत चिलचिलाती धूप और लू के थेपेड़ों से परेशान है। कई इलाकों में पारा 47 के आसपास पहुंच गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सावधानी बरतने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की अपील की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अदिकांश हिस्सों में तापमान को देखते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों तक अपनी बात पहुंचाई है और इसकी चपेट में आने से बचने के लिए सभी सावधानी बरतने का अनुरोध किया है। पीएम मोदी ने एक के बाद एक कई एक्स पोस्ट किए हैं।

लोगों को हाइड्रेटेड रहने की सलाह

पीएम मोदी ने कहा, ‘देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें।

प्यासे को पानी पिलाने की अपील

ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूंगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।

सतर्कता बरतने की सलाह

प्रधानमंत्री ने आगे लिखा है, अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ दें, जिससे शरीर को राहत मिल सके। बच्चे, बुज़ुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह स्थिति हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।

'हीट वेव' की चेतावनी

बता दें कि इन दिनों नौतपा चल रहा है। 25 मई से 2 जून तक का समय भीषम गर्म रहेगा। मौसम विभाग ने साफ तौर पर 'हीट वेव' यानी लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही दोपहर और शाम के समय तेज सतही हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 मई को हवा में नमी का स्तर अधिकतम 40 प्रतिशत और न्यूनतम 25 प्रतिशत रहने का अनुमान है। विभाग ने दोपहर और शाम दोनों समय तेज गर्म हवाओं के साथ लू चलने की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है।