ये सरकार जाएगी, फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत', राहुल गांधी का हमला

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। विपक्ष लगातार सीईसी पर हमलावर है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच विपक्षी गठबंधन लगातार हमलावर है।इसी बीच लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए एक बार फिर ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉम एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत।' राहुल गांधी का यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आया है।

मौजूदा सरकार को हटाना जरूरी-राहुल गांधी

इससे पहले शुक्रवार को राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार से भी कहीं ज़्यादा गंभीर समस्या है और इसके लिए मौजूदा सरकार को हटाना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर विपक्ष ने पिछले कुछ दिनों की तरह ही दबाव बनाना जारी रखा, तो सरकार गिर जाएगी। गांधी ने संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सांसदों से कहा था कि विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों ने इस सरकार की नींव हिला दी है और अब वह डरी हुई है।

राष्ट्रपति से मिला विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल

वहीं, शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका से जुड़ी अपनी चिंताओं को उठाया।

नाना पाटेकर के निधन से फिल्म से लेकर राजनीति जगत में शोक की लहर, पीएम मोदी ने भी जताई संवेदना

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दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन की खबर से शोक की लहर दौड़ गई है। 75 साल की उम्र में एक्टर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पीएम मोदी ने संवेदना जताई

अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदना जताई है। पीएम मोदी ने कहा,'नाना पाटेकर जी जैसी तीव्रता, अनोखापन और दमदार मौजूदगी बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है। उन्होंने हर किरदार में अद्भुत विविधता और रचनात्मकता का परिचय दिया और हमें ऐसे पात्र दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। उन्हें उनके बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी सराहा जाता था। वे अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे।

कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। खुद के साथ नाना की तस्वीर शेयर करते हुए अमित शाह ने लिखा, 'भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर का निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पांच दशकों से अधिक समय तक, अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली और दमदार संवाद अदायगी से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। चाहे गंभीर सामाजिक मुद्दे हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस भी किरदार को निभाया, उसमें जान डाल दी।'

नाना पाटेकर के निधन पर सीएम योगी ने जताया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर शोक जताया। उन्होंने लिखा- 'प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी, ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।'

अक्षय कुमार का भावुक पोस्ट

अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर उनकी एक तस्वीर के साथ लिखा- 'ये बहुत दुखद है कि अब नाना जी नहीं रहे। नाना उन दुर्लभ कलाकारों में थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उनकी आवाज, अभिनय की गहराई और हर किरदार में दिखने वाली ईमानदारी उन्हें सबसे अलग बनाती थी। अक्षय ने बताया कि उन्हें नाना के साथ ‘वेलकम’ और हाल ही में ‘हाउसफुल 5’ में काम करने का मौका मिला। उन्होंने लिखा कि इन फिल्मों के सेट की कई यादें हमेशा उनके दिल के करीब रहेंगी।'

शेखर सुमन के शो पर आने वाले थे पाटेकर

नाना पाटेकर की मौत की खबर पर रिएक्शन देते हुए शेखर सुमन ने बातचीत में कहा- सुबह सुबह ये मनहूस खबर। मेरी तीन-चार दिनों से उनसे बात हो रही थी, वो मेरे शो में आना चाहते थे। मेरी परसों ही उनसे बात हुई, उन्‍होंने कहा कि वो अभी गोवा में शूट कर रहे हैं। शूट खत्‍म कर के आऊंगा तो तुम्‍हारे शो में आता हूं, वो बिल्कुल ठीक थे। तबीयत खराब जैसी कोई बात नहीं थी। वह पहले 1-2 अक्‍टूबर को ही आने वाले थे। लेकिन फिर उनका मैसेज आया कि शूट‍िंग खत्‍म कर के आऊंगा।

कौन हैं वह भारतीय पायलट जिसकी पीएम मोदी ही नहीं नेतन्याहू तक ने की तारीफ, जानें कैसी बचाई सैकड़ों की जान

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फ्लाईदुबई विमान में अपनी जान की बाजी लगाकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की पूरी दुनिया कायल हो गई है। बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को हाईजैक कर क्रैश करने की कोशिश की गई। आरोपी सह-पायलट ही था, लेकिन विमान के भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने आरोपी की साजिश को नाकाम कर दिया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है।

कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की है। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा ''कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।''

नेतन्याहू ने की कैप्टन मच्छार की तारीफ

अपनी जान दांव पर लगाकर भारतीय पायलट ने पूरे 180 यात्रियों की जान बचाई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट को सुरक्षित लैंड कराने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की जा रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है। नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो बताया है। नेतन्याहू ने कहा, ''मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई। उन्होंने एक बड़ी त्रासदी को होने से रोक दिया। वह एक सच्चे नायक हैं।'' भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन आजार ने भी भारतीय पायलट की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती की दुआ भी की है।

फ्लाइट में क्या हुआ था?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने बुधवार 30 सितम्बर को स्थानीय समयानुकार सुबह 6:49 बजे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। शुरुआत में ढाई घंटे तक सब कुछ सामान्य था और विमान सऊदी अरब के ऊपर पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। इसके बाद कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे को चाकू मारा और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। और विमान के सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

हालांकि मुश्किल हालात में भी कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू के कई वार झेलने के बावजूद गजब की हिम्मत दिखाते हुए विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोला। जिसके बाद विमान में सवार दो ऑफ ड्यूटी इस्राइली पायलट और अन्य यात्रियों ने हमलावर को काबू किया और 174 यात्रियों को ले जा रहे विमान को क्रैश होने से बचा लिया। इस घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका सऊदी अरब के ताबुक में एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

सीमा पर शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के ले जरूरी शर्त’, पीएम मोदी और जिनपिंग मुलाकात में हुई ये बातें

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में ब्रिक्स समिट से अलग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक की। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। मुलाकात के दौरान चीन के साथ संबंधों को लेकर भारत की चिंताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के संबंध में विदेश मंत्रालय चीनी पक्ष की ओर से जारी बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब दिया।

पीएम मोदी ने कहा-एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता जरूरी

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के साथ भारत के रिश्तों को लेकर अपनी चिंताएं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने रखीं। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की मूल चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने यह बयान चीन की ओर से जारी किए गए उस विवरण के जवाब में दिया, जिसमें कहा गया था कि पीएम मोदी ने तिब्बत और ताइवान को लेकर भारत की स्थिति में बदलाव नहीं होने की बात कही है। चीन के मुताबिक, मोदी ने यह भी कहा कि भारत अपनी जमीन पर किसी को चीन विरोधी गतिविधियां करने की अनुमति नहीं देता।

रिश्ते आगे बढ़ाने की बुनियाद सीमा पर शांति-पीएम मोदी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को तीन पारस्परिक सिद्धांतों- आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता से निर्देशित होना चाहिए।

ताइवान और तिब्बत पर भारत का रुख

तिब्बत और ताइवान को लेकर भारत की स्थिति लगातार एक जैसी रही है। भारत ने करीब 16 साल पहले सार्वजनिक रूप से अपनी ‘वन चाइना पॉलिसी’ को दोहराना बंद कर दिया था। ‘वन चाइना पॉलिसी’ का मतलब है कि दुनिया में एक ही संप्रभु चीन है और ताइवान को चीन का हिस्सा माना जाता है। भारत ताइवान के साथ व्यापार, निवेश, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में संबंध बनाए रखता है। तिब्बत को लेकर भी भारत तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र को चीन का हिस्सा मानता है। 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान भारत और चीन के बीच संबंधों और सहयोग को लेकर एक समझौता हुआ था। इसमें भारत ने कहा था कि वह अपनी जमीन से चीन विरोधी गतिविधियों की अनुमति नहीं देगा।

पीएम मोदी-शी जिनपिंग

पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात पिछले हफ्ते नई दिल्ली में हुए 18वें BRICS सम्मेलन से इतर हुई थी। शी जिनपिंग 12 सितंबर को भारत पहुंचे थे। जिनपिंग करीब 7 साल बाद भारत आए। गलवान घाटी में 2020 में हुई हिंसक झड़प के बाद यह उनकी पहली नई दिल्ली यात्रा थी। इसी दौरान पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। जिसमें दोनों देसों के संबंधों पर बातचीत हुई।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी को फिर बताया ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’, बोले- अमेरिकी दबाव के सामने कर रहे सरेंडर

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने के संभावित व्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी भुगतान कंपनियों के दबाव में आकर देश की शून्य व्यापारी छूट दर नीति को बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने एक्स पर किए एक पोस्ट में आरोप लगाया कि सरकार ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर चुपचाप एमडीआर ( Merchant Discount Rate)लगाने का रास्ता खोल रही है। राहुल गांधी के मुताबिक, ऐसे लेनदेन की संख्या भले ही यूपीआई के कुल लेनदेन का करीब 5% हो, लेकिन इनका हिस्सा कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में लगभग 65% है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ग्राहक से सीधे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, तो दुकानदार पर लगने वाली फीस का बोझ आखिरकार किसकी जेब पर पड़ेगा।

राहुल बोले- अप्रत्यक्ष रूप से ग्राहक की जेब पर पड़ेगा भार

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि सरकार भले ही कह रही हो कि आम ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन व्यापारी पर लगने वाली फीस का असर अंततः ग्राहकों पर ही पड़ सकता है। उनके मुताबिक, दुकानदार इस अतिरिक्त लागत को वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में शामिल कर सकते हैं और इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से इसका भार ग्राहक की जेब पर पड़ेगा।

अमेरिकी कंपनियों के दबाव का भी लगाया आरोप

राहुल गांधी ने अपने बयान में अमेरिकी भुगतान कंपनियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-एमडीआर नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ऐसी नीति की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिससे यूपीआई पर शुल्क लगाने का रास्ता खुल सकता है।

बीजेपी ने कांग्रेस के दावे को बताया गलत

वहीं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर राहुल गांधी और कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि 2,000 रुपये से ऊपर के UPI भुगतान पर 0.5% टैक्स या चार्ज लगाने का कोई सरकारी आदेश नहीं है। उनके मुताबिक, 5,000 रुपये के भुगतान पर 25 रुपये और 10,000 पर 50 रुपये वसूले जाने की बात काल्पनिक 0.5% दर के आधार पर कही जा रही है।

ब्रिक्स समिट से पहले पीएम मोदी का खास संदेश, पुतिन सुबह-सुबह पहुंचे दिल्ली, प्रधानमंत्री से होगी मुलाकात

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नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा है। सम्मेलन से पहले दुनिया भर के नेताओं का दिल्ली आना शुरू हो गया है। ब्रिक्स समिट 2026 में शामिल होने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंच गए हैं। । दिग्गजों के आगमन से पहले दिल्ली को अभेद्य किला में तब्दील कर दिया गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले संदेश जारी किया है।

पीएम मोदी ने ब्रिक्‍स सम्‍मेलन से पहले कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश जारी किया है। उन्होंने लिखा, ''अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता ब्रिक्स समिट के लिए जुटेंगे. पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।'' पीएम मोदी ने संस्कृत के एक श्लोक भी ज़िक्र किया है, जिसका मतलब है-''मनुष्य को सदैव सज्जनों के साथ रहना और उनकी संगति करनी चाहिए। सज्जनों के साथ ही विचार-विमर्श और मैत्रीपूर्ण व्यवहार करना चाहिए क्योंकि परस्पर सदभाव, संवाद और मैत्रीपूर्ण संबंध, शांति और सहयोग को सुदृढ़ करते हैं।''

पुतिन पहुंचे भारत, जिनपिंग का इंतजार

इधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। अपनी यात्रा के दौरान, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करेंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। अब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत अन्‍य नेताओं का इंतजार है।

ब्रिक्स समिट में इन मुद्दों पर चर्चा होगी

नई दिल्ली का भारत मंडपम इस हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल समिट की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है। यह कार्यक्रम 12 से 13 सितंबर तक दुनिया भर के प्रतिनिधियों और नेताओं को एक मंच पर लाएगा। बैठक में ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों के नेता शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शिखर सम्मेलन में नेता ब्रिक्स के भीतर सहयोग को मजबूत करने से जुड़े साझा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। सदस्य देश और अन्य आमंत्रित प्रतिनिधि वैश्विक तथा क्षेत्रीय मामलों पर भी अपने विचार साझा करेंगे। इन मुद्दों को लेकर देशों के बीच आपसी महत्व के विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

ब्रिक्‍स में कौन-कौन देश हैं शामिल

ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ब्रिक्स पार्टनर देशों में; बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम; शामिल हैं। भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 1 जनवरी को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। साल 2026 भी एक अहम पड़ाव है क्योंकि ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है।

पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन, पीएम मोदी ने कहा-भारत-फ्रांस संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे

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फ्रांस की राजधानी पेरिस में रविवार को देश का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। पीएम मोदी भी रविवार को पेरिस में बने स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए जुड़े। संबोधित किया। मंदिर के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि पेरिस में बना यह भव्य मंदिर सदियों तक दोनों देशों के बीच सहयोग और अवसरों के प्रतीक के रूप में खड़ा रहेगा।

13 दिनों तक चला महोत्सव

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रविवार को बीएपीएस अक्षरधाम संस्थान के गुरु महंतस्वामी महाराज ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को पूरा किया। इसमें यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया से आए संतों, भक्तों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। 13 दिनों तक चले इस महोत्सव में 40 से अधिक देशों से लोग शामिल हुए।

14 रथों में निकली यात्रा

प्रतिष्ठा से पहले पेरिस में एक भव्य नगर यात्रा निकाली गई। यात्रा में 14 सुसज्जित रथों पर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां सजाई गईं। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। यात्रा एफिल टावर और एकोल मिलिटेर से होते हुए प्लास द ला कॉनकॉर्ड तक पहुंची। यात्रा ने फ्रांस में भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म का नया अध्याय खोल दिया।

भारतीय वास्तुकला के साथ फ्रांसीसी आधुनिक तकनीक का मेल

यह मंदिर 5000 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला है। ऊपरी तल पर पारंपरिक मंदिर और नीचे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में हवेली बनाई गई है। मंदिर का निर्माण प्राचीन भारतीय वास्तुकला और वैदिक शिल्पशास्त्र के आधार पर किया गया है। इसमें फ्रांसीसी आधुनिक तकनीक का भी सुंदर मेल देखने को मिलता है।

भारत-फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे-पीएम मोदी

पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन समारोह को प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'हाल के वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। मेरे मित्र राष्ट्रपति (इमैनुएल) मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं। टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में भारत और फ्रांस नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।'

देशों के बीच आध्यात्मिक संबंधों का एक नया अध्याय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'हम 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में भी मना रहे हैं। यह रणनीतिक साझेदारी इसलिए खास है क्योंकि यह हमारे लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों की मजबूत नींव पर आधारित है।मोदी ने कहा कि पेरिस से पुडुचेरी स्थित श्री अरविंद आश्रम तक 'द मदर' की आध्यात्मिक यात्रा ने भारत और फ्रांस के असंख्य साधकों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि कई दशक पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे जिससे इस्कॉन के माध्यम से दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू हुआ।'

मेलोनी बनीं इटली की सबसे लंबे समय तक रहने वाली पीएम, पीएम मोदी ने दी बधाई

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने राजनीतिक में एक खास मुकाम हासिल किया है।मेलोनी ने देश के द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को बधाई दी। पीएम मोदी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

पीएम मोदी ने दी सफलता के लिए शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट में लिखा, ‘मेरी मित्र प्रधानमंत्री मेलोनी को इटली के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाली प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई। यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इटली की जनता के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है।’ उन्होंने कहा, ‘उनकी दोस्ती ने भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं दोनों देशों के लोगों के लिए समृद्ध भविष्य बनाने हेतु हमारे करीबी सहयोग को आगे बढ़ाने का इंतजार कर रहा हूं। आने वाले वर्षों में उनकी निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।’

जुलाई में पीएम मोदी ने रचा था इतिहास

इससे पहले जुलाई में मेलोनी ने भी प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसर बनाने के लिए साथ काम करने की इच्छा भी जताई थी। उस समय सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्‍स’ पर मेलोनी ने लिखा था, ‘पीएम मोदी को बधाई, जो आज भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। हाल के हफ्तों में रोम में उनसे फिर मुलाकात करना खुशी की बात रही। हमने मिलकर एक ऐसी विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है, जो भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमारे देशों और हमारे लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।’

मेलोनी की सरकार ने लगातार 1,413 दिन पूरे किए

जॉर्जिया मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला था। उनकी सरकार ने आज लगातार 1,413 दिन पूरे कर लिए हैं और बेनिटो मुसोलिनी की तानाशाही के बाद इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गई है। जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' इस मौके पर दक्षिणी इटली के बारी शहर में एक रैली कर रही है जिसमें हजारों समर्थकों के जुटे हैं। जॉर्जिया मेलोनी एड्रियाटिक सागर के नजारे वाले मंच से रैली को संबोधित करेंगी। इस रैली का नारा है 'सबसे स्थिर सरकार, एक मजबूत इटली'।

SCO समिट में पीएम मोदी ने पुतिन-जिनपिंग से की मुलाकात, ग्रुप फोटो में शहबाज को किया नजरअंदाज

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किर्गिस्तान के बिश्केक के 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की बैठक हो रही है। यहां पर चीन-रूस और भारत एक साथ एक मंच पर इकट्ठा हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत समूह के दूसरे नेताओं से गर्मजोशी से मुलाकात की और बात की। लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं।

बिश्केक में SCO नेताओं की ग्रुप फोटो के दौरान क्या हुआ?

ग्रुप फोटो के दौरान जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं उनमें प्रधानमंत्री मोदी को सबसे ज्यादा गर्मजोशी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मिलते देखा गया है। ग्रुप फोटो से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जब सभी राष्ट्र प्रमुख मंच पर इकट्ठा हो रहे थे, तो प्रधानमंत्री मोदी को देखकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रुक गए। दोनों ने प्रधानमंत्री मोदी से हाथ मिलाया। इस दौरान पुतिन और पीएम मोदी के बीच गर्मजोशी दिखाई दी। ग्रुप फोटो के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं। यहां एक बार फिर उनकी किरकिरी हुई। प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति जिनिपिंग के साथ बातचीत करते हुए वहां से बाहर की ओर चले गए।

पाकिस्तान ने अपनी पोस्ट से पीएम मोदी की फोटो हटाई

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एससीओ ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई वैश्विक नेताओं की तस्वीरों को हटा दिया गया।

किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की बैठक

इससे पहले PM मोदी ने SCO समिट के दौरान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ बैठक की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-किर्गिस्तान के आपसी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।

भारत की जीडीपी हुई 7.8% तो पीएम मोदी ने कांग्रेस को कोसा, जयराम रमेश ने भी पर साधा निशाना

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अप्रैल-जून तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर उम्मीद से कहीं बेहतर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर को लेकर देशवासियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर निराशा का माहौल बनाने वाले आलोचकों पर तीखा तंज कसा है।

पीएम मोदी इस वक्त एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए बिश्केक में हैं। पीएम मोदी ने वहां से इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की सामूहिक शक्ति, संकल्प और मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया गंभीर आर्थिक अनिश्चितताओं और मंदी के दबाव से जूझ रही है, तब भारत की यह तेज रफ्तार देश के मजबूत बुनियादी ढांचे और अदम्य आर्थिक सामर्थ्य का जीता-जागता सबूत है। यह प्रदर्शन साबित करता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम और ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “मेरे देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। 7.8% की विकास दर – पूरा देश खुशी से भरा हुआ है। मैं देश के लोगों को उनके संकल्प और मेहनती स्वभाव के लिए बधाई देता हूं; यह हमारी सामूहिक ताकत को दिखाता है। दुनिया संघर्षों में फंसी हुई है; हर तरफ से युद्ध की खबरें आ रही हैं और दुनिया संकटों से घिरी हुई है। सप्लाई चेन बुरी तरह बाधित हुई। इसके बावजूद भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है।”

विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने कहा कि “एक तरफ भारत तमाम वैश्विक चुनौतियों को पार करते हुए आगे बढ़ रहा है, वहीं देश के भीतर कुछ लोग निराशा और झूठ का माहौल बनाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी चुनौतियों के बीच भारत ने 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की है। हमें इस गति को बनाए रखना होगा। हमें आगे बढ़ते रहना होगा, और इसके लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनना जरूरी है।”

जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों पर केन्द्र को घेरा

वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।जयराम रमेश ने कहा कि ये आंकड़े अर्थव्यवस्था में घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के निजी निवेश को लेकर बेहद कमजोर धारणा को नहीं दर्शाते। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता भरोसा बेहद सुस्त है और नवंबर 2025 से लगातार गिरावट की ओर है। कांग्रेस नेता ने कहा कि घरेलू जरूरत की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि शिक्षित बेरोजगारी चिंताजनक स्तर पर है।

ये सरकार जाएगी, फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत', राहुल गांधी का हमला

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। विपक्ष लगातार सीईसी पर हमलावर है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच विपक्षी गठबंधन लगातार हमलावर है।इसी बीच लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए एक बार फिर ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉम एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत।' राहुल गांधी का यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आया है।

मौजूदा सरकार को हटाना जरूरी-राहुल गांधी

इससे पहले शुक्रवार को राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार से भी कहीं ज़्यादा गंभीर समस्या है और इसके लिए मौजूदा सरकार को हटाना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर विपक्ष ने पिछले कुछ दिनों की तरह ही दबाव बनाना जारी रखा, तो सरकार गिर जाएगी। गांधी ने संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सांसदों से कहा था कि विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों ने इस सरकार की नींव हिला दी है और अब वह डरी हुई है।

राष्ट्रपति से मिला विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल

वहीं, शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका से जुड़ी अपनी चिंताओं को उठाया।

नाना पाटेकर के निधन से फिल्म से लेकर राजनीति जगत में शोक की लहर, पीएम मोदी ने भी जताई संवेदना

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दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन की खबर से शोक की लहर दौड़ गई है। 75 साल की उम्र में एक्टर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पीएम मोदी ने संवेदना जताई

अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदना जताई है। पीएम मोदी ने कहा,'नाना पाटेकर जी जैसी तीव्रता, अनोखापन और दमदार मौजूदगी बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है। उन्होंने हर किरदार में अद्भुत विविधता और रचनात्मकता का परिचय दिया और हमें ऐसे पात्र दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। उन्हें उनके बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी सराहा जाता था। वे अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे।

कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। खुद के साथ नाना की तस्वीर शेयर करते हुए अमित शाह ने लिखा, 'भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर का निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पांच दशकों से अधिक समय तक, अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली और दमदार संवाद अदायगी से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। चाहे गंभीर सामाजिक मुद्दे हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस भी किरदार को निभाया, उसमें जान डाल दी।'

नाना पाटेकर के निधन पर सीएम योगी ने जताया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर शोक जताया। उन्होंने लिखा- 'प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी, ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।'

अक्षय कुमार का भावुक पोस्ट

अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर उनकी एक तस्वीर के साथ लिखा- 'ये बहुत दुखद है कि अब नाना जी नहीं रहे। नाना उन दुर्लभ कलाकारों में थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उनकी आवाज, अभिनय की गहराई और हर किरदार में दिखने वाली ईमानदारी उन्हें सबसे अलग बनाती थी। अक्षय ने बताया कि उन्हें नाना के साथ ‘वेलकम’ और हाल ही में ‘हाउसफुल 5’ में काम करने का मौका मिला। उन्होंने लिखा कि इन फिल्मों के सेट की कई यादें हमेशा उनके दिल के करीब रहेंगी।'

शेखर सुमन के शो पर आने वाले थे पाटेकर

नाना पाटेकर की मौत की खबर पर रिएक्शन देते हुए शेखर सुमन ने बातचीत में कहा- सुबह सुबह ये मनहूस खबर। मेरी तीन-चार दिनों से उनसे बात हो रही थी, वो मेरे शो में आना चाहते थे। मेरी परसों ही उनसे बात हुई, उन्‍होंने कहा कि वो अभी गोवा में शूट कर रहे हैं। शूट खत्‍म कर के आऊंगा तो तुम्‍हारे शो में आता हूं, वो बिल्कुल ठीक थे। तबीयत खराब जैसी कोई बात नहीं थी। वह पहले 1-2 अक्‍टूबर को ही आने वाले थे। लेकिन फिर उनका मैसेज आया कि शूट‍िंग खत्‍म कर के आऊंगा।

कौन हैं वह भारतीय पायलट जिसकी पीएम मोदी ही नहीं नेतन्याहू तक ने की तारीफ, जानें कैसी बचाई सैकड़ों की जान

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फ्लाईदुबई विमान में अपनी जान की बाजी लगाकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की पूरी दुनिया कायल हो गई है। बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को हाईजैक कर क्रैश करने की कोशिश की गई। आरोपी सह-पायलट ही था, लेकिन विमान के भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने आरोपी की साजिश को नाकाम कर दिया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है।

कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की है। पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा ''कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद खतरनाक हालात और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। हम उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।''

नेतन्याहू ने की कैप्टन मच्छार की तारीफ

अपनी जान दांव पर लगाकर भारतीय पायलट ने पूरे 180 यात्रियों की जान बचाई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट को सुरक्षित लैंड कराने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की जा रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तक ने कैप्टन मच्छार की तारीफ की है। नेतन्याहू ने उन्हें सच्चा हीरो बताया है। नेतन्याहू ने कहा, ''मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई। उन्होंने एक बड़ी त्रासदी को होने से रोक दिया। वह एक सच्चे नायक हैं।'' भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन आजार ने भी भारतीय पायलट की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती की दुआ भी की है।

फ्लाइट में क्या हुआ था?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने बुधवार 30 सितम्बर को स्थानीय समयानुकार सुबह 6:49 बजे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। शुरुआत में ढाई घंटे तक सब कुछ सामान्य था और विमान सऊदी अरब के ऊपर पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। इसके बाद कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे को चाकू मारा और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। और विमान के सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

हालांकि मुश्किल हालात में भी कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू के कई वार झेलने के बावजूद गजब की हिम्मत दिखाते हुए विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोला। जिसके बाद विमान में सवार दो ऑफ ड्यूटी इस्राइली पायलट और अन्य यात्रियों ने हमलावर को काबू किया और 174 यात्रियों को ले जा रहे विमान को क्रैश होने से बचा लिया। इस घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका सऊदी अरब के ताबुक में एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

सीमा पर शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के ले जरूरी शर्त’, पीएम मोदी और जिनपिंग मुलाकात में हुई ये बातें

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में ब्रिक्स समिट से अलग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक की। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। मुलाकात के दौरान चीन के साथ संबंधों को लेकर भारत की चिंताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के संबंध में विदेश मंत्रालय चीनी पक्ष की ओर से जारी बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब दिया।

पीएम मोदी ने कहा-एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता जरूरी

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के साथ भारत के रिश्तों को लेकर अपनी चिंताएं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने रखीं। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की मूल चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने यह बयान चीन की ओर से जारी किए गए उस विवरण के जवाब में दिया, जिसमें कहा गया था कि पीएम मोदी ने तिब्बत और ताइवान को लेकर भारत की स्थिति में बदलाव नहीं होने की बात कही है। चीन के मुताबिक, मोदी ने यह भी कहा कि भारत अपनी जमीन पर किसी को चीन विरोधी गतिविधियां करने की अनुमति नहीं देता।

रिश्ते आगे बढ़ाने की बुनियाद सीमा पर शांति-पीएम मोदी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को तीन पारस्परिक सिद्धांतों- आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता से निर्देशित होना चाहिए।

ताइवान और तिब्बत पर भारत का रुख

तिब्बत और ताइवान को लेकर भारत की स्थिति लगातार एक जैसी रही है। भारत ने करीब 16 साल पहले सार्वजनिक रूप से अपनी ‘वन चाइना पॉलिसी’ को दोहराना बंद कर दिया था। ‘वन चाइना पॉलिसी’ का मतलब है कि दुनिया में एक ही संप्रभु चीन है और ताइवान को चीन का हिस्सा माना जाता है। भारत ताइवान के साथ व्यापार, निवेश, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में संबंध बनाए रखता है। तिब्बत को लेकर भी भारत तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र को चीन का हिस्सा मानता है। 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान भारत और चीन के बीच संबंधों और सहयोग को लेकर एक समझौता हुआ था। इसमें भारत ने कहा था कि वह अपनी जमीन से चीन विरोधी गतिविधियों की अनुमति नहीं देगा।

पीएम मोदी-शी जिनपिंग

पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात पिछले हफ्ते नई दिल्ली में हुए 18वें BRICS सम्मेलन से इतर हुई थी। शी जिनपिंग 12 सितंबर को भारत पहुंचे थे। जिनपिंग करीब 7 साल बाद भारत आए। गलवान घाटी में 2020 में हुई हिंसक झड़प के बाद यह उनकी पहली नई दिल्ली यात्रा थी। इसी दौरान पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। जिसमें दोनों देसों के संबंधों पर बातचीत हुई।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी को फिर बताया ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’, बोले- अमेरिकी दबाव के सामने कर रहे सरेंडर

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने के संभावित व्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी भुगतान कंपनियों के दबाव में आकर देश की शून्य व्यापारी छूट दर नीति को बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने एक्स पर किए एक पोस्ट में आरोप लगाया कि सरकार ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर चुपचाप एमडीआर ( Merchant Discount Rate)लगाने का रास्ता खोल रही है। राहुल गांधी के मुताबिक, ऐसे लेनदेन की संख्या भले ही यूपीआई के कुल लेनदेन का करीब 5% हो, लेकिन इनका हिस्सा कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में लगभग 65% है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ग्राहक से सीधे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, तो दुकानदार पर लगने वाली फीस का बोझ आखिरकार किसकी जेब पर पड़ेगा।

राहुल बोले- अप्रत्यक्ष रूप से ग्राहक की जेब पर पड़ेगा भार

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि सरकार भले ही कह रही हो कि आम ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन व्यापारी पर लगने वाली फीस का असर अंततः ग्राहकों पर ही पड़ सकता है। उनके मुताबिक, दुकानदार इस अतिरिक्त लागत को वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में शामिल कर सकते हैं और इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से इसका भार ग्राहक की जेब पर पड़ेगा।

अमेरिकी कंपनियों के दबाव का भी लगाया आरोप

राहुल गांधी ने अपने बयान में अमेरिकी भुगतान कंपनियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-एमडीआर नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ऐसी नीति की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिससे यूपीआई पर शुल्क लगाने का रास्ता खुल सकता है।

बीजेपी ने कांग्रेस के दावे को बताया गलत

वहीं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर राहुल गांधी और कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि 2,000 रुपये से ऊपर के UPI भुगतान पर 0.5% टैक्स या चार्ज लगाने का कोई सरकारी आदेश नहीं है। उनके मुताबिक, 5,000 रुपये के भुगतान पर 25 रुपये और 10,000 पर 50 रुपये वसूले जाने की बात काल्पनिक 0.5% दर के आधार पर कही जा रही है।

ब्रिक्स समिट से पहले पीएम मोदी का खास संदेश, पुतिन सुबह-सुबह पहुंचे दिल्ली, प्रधानमंत्री से होगी मुलाकात

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नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा है। सम्मेलन से पहले दुनिया भर के नेताओं का दिल्ली आना शुरू हो गया है। ब्रिक्स समिट 2026 में शामिल होने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंच गए हैं। । दिग्गजों के आगमन से पहले दिल्ली को अभेद्य किला में तब्दील कर दिया गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले संदेश जारी किया है।

पीएम मोदी ने ब्रिक्‍स सम्‍मेलन से पहले कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश जारी किया है। उन्होंने लिखा, ''अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता ब्रिक्स समिट के लिए जुटेंगे. पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।'' पीएम मोदी ने संस्कृत के एक श्लोक भी ज़िक्र किया है, जिसका मतलब है-''मनुष्य को सदैव सज्जनों के साथ रहना और उनकी संगति करनी चाहिए। सज्जनों के साथ ही विचार-विमर्श और मैत्रीपूर्ण व्यवहार करना चाहिए क्योंकि परस्पर सदभाव, संवाद और मैत्रीपूर्ण संबंध, शांति और सहयोग को सुदृढ़ करते हैं।''

पुतिन पहुंचे भारत, जिनपिंग का इंतजार

इधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। अपनी यात्रा के दौरान, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करेंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। अब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत अन्‍य नेताओं का इंतजार है।

ब्रिक्स समिट में इन मुद्दों पर चर्चा होगी

नई दिल्ली का भारत मंडपम इस हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल समिट की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है। यह कार्यक्रम 12 से 13 सितंबर तक दुनिया भर के प्रतिनिधियों और नेताओं को एक मंच पर लाएगा। बैठक में ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों के नेता शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शिखर सम्मेलन में नेता ब्रिक्स के भीतर सहयोग को मजबूत करने से जुड़े साझा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। सदस्य देश और अन्य आमंत्रित प्रतिनिधि वैश्विक तथा क्षेत्रीय मामलों पर भी अपने विचार साझा करेंगे। इन मुद्दों को लेकर देशों के बीच आपसी महत्व के विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

ब्रिक्‍स में कौन-कौन देश हैं शामिल

ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ब्रिक्स पार्टनर देशों में; बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम; शामिल हैं। भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 1 जनवरी को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। साल 2026 भी एक अहम पड़ाव है क्योंकि ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है।

पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन, पीएम मोदी ने कहा-भारत-फ्रांस संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे

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फ्रांस की राजधानी पेरिस में रविवार को देश का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। पीएम मोदी भी रविवार को पेरिस में बने स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए जुड़े। संबोधित किया। मंदिर के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि पेरिस में बना यह भव्य मंदिर सदियों तक दोनों देशों के बीच सहयोग और अवसरों के प्रतीक के रूप में खड़ा रहेगा।

13 दिनों तक चला महोत्सव

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रविवार को बीएपीएस अक्षरधाम संस्थान के गुरु महंतस्वामी महाराज ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को पूरा किया। इसमें यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया से आए संतों, भक्तों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। 13 दिनों तक चले इस महोत्सव में 40 से अधिक देशों से लोग शामिल हुए।

14 रथों में निकली यात्रा

प्रतिष्ठा से पहले पेरिस में एक भव्य नगर यात्रा निकाली गई। यात्रा में 14 सुसज्जित रथों पर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां सजाई गईं। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। यात्रा एफिल टावर और एकोल मिलिटेर से होते हुए प्लास द ला कॉनकॉर्ड तक पहुंची। यात्रा ने फ्रांस में भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म का नया अध्याय खोल दिया।

भारतीय वास्तुकला के साथ फ्रांसीसी आधुनिक तकनीक का मेल

यह मंदिर 5000 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला है। ऊपरी तल पर पारंपरिक मंदिर और नीचे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में हवेली बनाई गई है। मंदिर का निर्माण प्राचीन भारतीय वास्तुकला और वैदिक शिल्पशास्त्र के आधार पर किया गया है। इसमें फ्रांसीसी आधुनिक तकनीक का भी सुंदर मेल देखने को मिलता है।

भारत-फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे-पीएम मोदी

पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन समारोह को प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'हाल के वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। मेरे मित्र राष्ट्रपति (इमैनुएल) मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं। टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में भारत और फ्रांस नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।'

देशों के बीच आध्यात्मिक संबंधों का एक नया अध्याय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'हम 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में भी मना रहे हैं। यह रणनीतिक साझेदारी इसलिए खास है क्योंकि यह हमारे लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों की मजबूत नींव पर आधारित है।मोदी ने कहा कि पेरिस से पुडुचेरी स्थित श्री अरविंद आश्रम तक 'द मदर' की आध्यात्मिक यात्रा ने भारत और फ्रांस के असंख्य साधकों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि कई दशक पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे जिससे इस्कॉन के माध्यम से दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू हुआ।'

मेलोनी बनीं इटली की सबसे लंबे समय तक रहने वाली पीएम, पीएम मोदी ने दी बधाई

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने राजनीतिक में एक खास मुकाम हासिल किया है।मेलोनी ने देश के द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को बधाई दी। पीएम मोदी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और आगे की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

पीएम मोदी ने दी सफलता के लिए शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट में लिखा, ‘मेरी मित्र प्रधानमंत्री मेलोनी को इटली के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाली प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई। यह उपलब्धि उनके नेतृत्व में इटली की जनता के विश्वास और भरोसे को दर्शाती है।’ उन्होंने कहा, ‘उनकी दोस्ती ने भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं दोनों देशों के लोगों के लिए समृद्ध भविष्य बनाने हेतु हमारे करीबी सहयोग को आगे बढ़ाने का इंतजार कर रहा हूं। आने वाले वर्षों में उनकी निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।’

जुलाई में पीएम मोदी ने रचा था इतिहास

इससे पहले जुलाई में मेलोनी ने भी प्रधानमंत्री मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसर बनाने के लिए साथ काम करने की इच्छा भी जताई थी। उस समय सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्‍स’ पर मेलोनी ने लिखा था, ‘पीएम मोदी को बधाई, जो आज भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। हाल के हफ्तों में रोम में उनसे फिर मुलाकात करना खुशी की बात रही। हमने मिलकर एक ऐसी विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है, जो भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमारे देशों और हमारे लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।’

मेलोनी की सरकार ने लगातार 1,413 दिन पूरे किए

जॉर्जिया मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला था। उनकी सरकार ने आज लगातार 1,413 दिन पूरे कर लिए हैं और बेनिटो मुसोलिनी की तानाशाही के बाद इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गई है। जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' इस मौके पर दक्षिणी इटली के बारी शहर में एक रैली कर रही है जिसमें हजारों समर्थकों के जुटे हैं। जॉर्जिया मेलोनी एड्रियाटिक सागर के नजारे वाले मंच से रैली को संबोधित करेंगी। इस रैली का नारा है 'सबसे स्थिर सरकार, एक मजबूत इटली'।

SCO समिट में पीएम मोदी ने पुतिन-जिनपिंग से की मुलाकात, ग्रुप फोटो में शहबाज को किया नजरअंदाज

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किर्गिस्तान के बिश्केक के 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की बैठक हो रही है। यहां पर चीन-रूस और भारत एक साथ एक मंच पर इकट्ठा हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत समूह के दूसरे नेताओं से गर्मजोशी से मुलाकात की और बात की। लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं।

बिश्केक में SCO नेताओं की ग्रुप फोटो के दौरान क्या हुआ?

ग्रुप फोटो के दौरान जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं उनमें प्रधानमंत्री मोदी को सबसे ज्यादा गर्मजोशी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मिलते देखा गया है। ग्रुप फोटो से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जब सभी राष्ट्र प्रमुख मंच पर इकट्ठा हो रहे थे, तो प्रधानमंत्री मोदी को देखकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रुक गए। दोनों ने प्रधानमंत्री मोदी से हाथ मिलाया। इस दौरान पुतिन और पीएम मोदी के बीच गर्मजोशी दिखाई दी। ग्रुप फोटो के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शहबाज शरीफ की तरफ देखा तक नहीं। यहां एक बार फिर उनकी किरकिरी हुई। प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति जिनिपिंग के साथ बातचीत करते हुए वहां से बाहर की ओर चले गए।

पाकिस्तान ने अपनी पोस्ट से पीएम मोदी की फोटो हटाई

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एससीओ ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई वैश्विक नेताओं की तस्वीरों को हटा दिया गया।

किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की बैठक

इससे पहले PM मोदी ने SCO समिट के दौरान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ बैठक की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-किर्गिस्तान के आपसी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।

भारत की जीडीपी हुई 7.8% तो पीएम मोदी ने कांग्रेस को कोसा, जयराम रमेश ने भी पर साधा निशाना

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अप्रैल-जून तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर उम्मीद से कहीं बेहतर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर को लेकर देशवासियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर निराशा का माहौल बनाने वाले आलोचकों पर तीखा तंज कसा है।

पीएम मोदी इस वक्त एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए बिश्केक में हैं। पीएम मोदी ने वहां से इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की सामूहिक शक्ति, संकल्प और मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया गंभीर आर्थिक अनिश्चितताओं और मंदी के दबाव से जूझ रही है, तब भारत की यह तेज रफ्तार देश के मजबूत बुनियादी ढांचे और अदम्य आर्थिक सामर्थ्य का जीता-जागता सबूत है। यह प्रदर्शन साबित करता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम और ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “मेरे देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। 7.8% की विकास दर – पूरा देश खुशी से भरा हुआ है। मैं देश के लोगों को उनके संकल्प और मेहनती स्वभाव के लिए बधाई देता हूं; यह हमारी सामूहिक ताकत को दिखाता है। दुनिया संघर्षों में फंसी हुई है; हर तरफ से युद्ध की खबरें आ रही हैं और दुनिया संकटों से घिरी हुई है। सप्लाई चेन बुरी तरह बाधित हुई। इसके बावजूद भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है।”

विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने कहा कि “एक तरफ भारत तमाम वैश्विक चुनौतियों को पार करते हुए आगे बढ़ रहा है, वहीं देश के भीतर कुछ लोग निराशा और झूठ का माहौल बनाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी चुनौतियों के बीच भारत ने 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की है। हमें इस गति को बनाए रखना होगा। हमें आगे बढ़ते रहना होगा, और इसके लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनना जरूरी है।”

जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों पर केन्द्र को घेरा

वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।जयराम रमेश ने कहा कि ये आंकड़े अर्थव्यवस्था में घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के निजी निवेश को लेकर बेहद कमजोर धारणा को नहीं दर्शाते। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता भरोसा बेहद सुस्त है और नवंबर 2025 से लगातार गिरावट की ओर है। कांग्रेस नेता ने कहा कि घरेलू जरूरत की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि शिक्षित बेरोजगारी चिंताजनक स्तर पर है।