भारत और UAE के बीच रक्षा, ऊर्जा और गैस सप्लाई पर अहम समझौते, पीएम मोदी के अबूधाबी दौरे पर बड़ी डील

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धानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने पांच देशों के विदेशी दौरे के पहले चरण में यूएई की राजधानी अबू धाबी पहुंचे। अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र समेत अहम समझौतों पर मुहर

पीएम मोदी के शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी पहुंचने पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसें रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र समेत अहम समझौतों पर मुहर लगी है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक फ्रेमवर्क पर समझौता हुआ है।

कौन-कौन से समझौते हुए?

भारत और यूएई के बीच स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप पर समझौता हुआ। इससे रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग और मजबूत होगा। इसके अलावा, पेट्रोलियम रिजर्व को लेकर भी एमओयू साइन किया गया। दोनों देशों के बीच एलपीजी यानी रसोई गैस सप्लाई को लेकर भी समझौता हुआ है, जिससे भारत को ऊर्जा सुरक्षा में फायदा मिलेगा। सबसे बड़ा एलान निवेश को लेकर हुआ। यूएई ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में कुल पांच अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है।

पीएम मोदी बोले, मैं अपने दूसरे घर में आया हूं

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा, 'मैं आपसे फोन पर बात करता रहता था, लेकिन आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए मैं बहुत उत्सुक था।' उन्होंने राष्ट्रपति के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और कहा, 'जैसा कि आपने कहा - मैं अपने दूसरे घर में आया हूं। यह भावना मेरे लिए बहुत मायने रखती है।' मोदी ने हाल ही में भारत में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति यूएई की संवेदना के लिए भी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया।

पांच देशों की यात्रा पर रवाना हुए पीएम मोदी, आज यूएई के राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पांच देशों के दौरे पर रहेंगे। मोदी 5 देशों की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। पीएम मोदी अगले 6 दिनों में यूएई, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी कई विश्व नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरे का मकसद भारत की वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करना है। उनका पहला पड़ाव यूएई होगा, जहां वे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे।

क्या होगा यूएई यात्रा का मुख्य फोकस?

पीएम मोदी सबसे पहले यूएई जाएंगे। पीएम मोदी के संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे सहयोग के खास क्षेत्र पर बातचीत करेंगे।

यूएई भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्रोत

बता दें कि यूएई भारत की ऊर्जा सुरक्षा में एक अहम साझीदार रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल यूएई कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा स्रोत था, जिसने भारत की जरूरत का लगभग 11% हिस्सा पूरा किया। यूएई भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्रोत है, जो भारत की जरूरत का लगभग 40% हिस्सा पूरा करता है। लंबे समय के लिए सप्लाई के समझौते होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत हुई है। ऊर्जा सहयोग को बढ़ाना इस दौरे का एक अहम एजेंडा होगा।

दो अहम समझौते की उम्मीद

विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह दौरा अहम व्यापार और निवेश जुड़ाव को बढ़ावा देगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा खास फोकस क्षेत्र में से एक होगा और एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के क्षेत्र में दो अहम एमओयू होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यूएई पिछले 25 सालों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और कुल मिलाकर निवेश का सातवां सबसे बड़ा सोर्स रहा है। यूएई में 4.5 मिलियन से ज्यादा भारतीय रहते हैं, इसलिए यह दौरा उनके कल्याण के बारे में बात करने का भी एक मौका होगा।

यूएई के बाद नीदरलैंड का दौरा

अपनी यात्रा के दूसरे चरण में, प्रधानमंत्री नीदरलैंड का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे नीदरलैंड के किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे, साथ ही प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ भी बातचीत करेंगे। वार्ता में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, इनोवेशन, रक्षा और जल प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।

स्वीडन के साथ व्यापार बढ़ाने पर फोकस

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन जाएंगे। वहां वे अपने स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देश व्यापार और सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री यूरोपीय उद्योग जगत के बड़े मंच 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद रहेंगी।

नॉर्वे और फिर इटली की यात्रा

स्वीडन के बाद पीएम मोदी नॉर्वे पहुंचेंगे। यहां, 19 मई को ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भी शामिल होंगे। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 19 से 20 मई तक इटली जाएंगे, जहां वह प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से मुलाकात करेंगे। भारत और इटली के बीच हाल के वर्षों में रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है।

पीएम मोदी ने 50 फीसदी कम किया अपना काफिला, दूसरे मंत्रियों और विभागों को बड़ा संदेश

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष थमता नहीं दिख रहा है। ऐसे में पूरी दुनिया में ईंधन संकट की आहट है। इस हालात से निपटने के लिए भारत में भी तैयारी शुरू हो चुकी। इसी क्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों देश से ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी। इस बीच पीएम मोदी ने बड़ा कदम उठाते हुए ना केवल दूसरे मंत्रियों और सरकारी विभागों को बल्कि आम जनता को भी बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

एसपीजी को 50 प्रतिशत गाड़ियों को कम करने का निर्देश

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा के लिए तैनात विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) को अपने काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने एसपीजी को यह भी कहा है कि जहां तक हो सके, बिना नई गाड़ियां खरीदे, उनके काफिले में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को शामिल किया जाए।

मंत्रालय और अन्य विभाग भी खर्च में करने जा रहे कटौती

संकेत मिल रहे हैं कि मंत्रालय और विभाग आने वाले दिनों में खर्च में कटौती के उपाय अपनाने की तैयारी कर रहे हैं, जिनमें कर्मचारियों को मेट्रो का अधिक उपयोग करने, कार पूलिंग को अपनाने और बड़े आयोजनों से बचने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है।

सीएम योगी के काफिले में भी 50 फीसदी की कटौती

सीएम योगी ने भी पीएम की अपील पर अमल किया हैं। उन्होंने मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव की बैठक में ये निर्देश दिया कि उनकी और अन्य मंत्रियों की फ्लीट में 50 फीसदी की कमी तत्काल प्रभाव से की जाए। उन्होंने काफिले से गैरजरूरी वाहनों को हटाए जाने के निर्देश दिए हैं।

हैदराबाद से पीएम मोदी ने की थी अपील

पीएम मोदी ने हाल ही में हैदराबाद दौरे के दौरान देशवासियों से ईंधन की खरीद कम करने और सोने की खरीद एक साल तक नहीं करने की अपील की थी। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने काफिले को घटना ये इशारा है कि सरकार के अन्य विभाग इस दिशा में कदम उठाएं और जल्द से जल्द इस दिशा में काम करें।

सोमनाथ अमृत महोत्सव में पीएम नरेंद्र मोदी हुए शामिल, बोले-दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती

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गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस मौके पर पीएम मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव को संबोधित किया।

सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अभी कुछ ही महीने पहले मैं यहां आया था, तब हम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे थे। प्रथम विध्वंस के 1,000 वर्ष बाद भी सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व और आज इस आधुनिक स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष, हम केवल दो आयोजनों का हिस्सा भर नहीं बनें, हमें हजार वर्षों की अमृत यात्रा को अनुभव करने का शिवजी ने मौका दिया है।

सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना कोई साधारण अवसर नहीं-पीएम मोदी

मोदी ने कहा, 75 साल पहले आज के ही दिन सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना... ये कोई साधारण अवसर नहीं था। अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था तो, 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत सिर्फ आजाद ही नहीं हुआ, बल्कि अपने प्राचीन गौरव को फिर से हासिल करने की राह पर भी आगे बढ़ चुका है।

आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई, 1998 यानी आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। देश ने 11 मई को पहले 3 परमाणु परीक्षण किए। हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा। दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है, उसकी ये हैसियत, जो परमाणु परीक्षण करें।

हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, इतिहास के लंबे कालखंड में इस मंदिर ने अनेक आक्रमण झेले। महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी जैसे अनेक आक्रांता आए। लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर का वैभव मिटाने का प्रयास किया। वो सोमनाथ को एक भौतिक ढांचा मानकर उससे टकराते रहे। बार-बार इस मंदिर को तोड़ा गया। ये बार-बार बनता रहा। हर बार उठ खड़ा होता रहा! क्योंकि तोड़ने वालों को मालूम नहीं था कि हमारे राष्ट्र का वैचारिक सामर्थ्य क्या है। हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग हैं। उसके भीतर बैठी आत्मा अविनाशी है। और शिव तो सर्वात्मा हैं।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी नसीहत तो भड़के राहुल, बोले- ये नाकामी के सबूत हैं, अखिलेश यादव ने भी घेरा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीयों से खर्च में कटौती के उपाय अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने लोगों को सोने की खरीद से बचने, विदेश यात्रा टालने और घर से काम करने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने तेल, खाद और पेट्रोल डीजल के उपयोग में कटौती करने की अपील की। अब पीएम मोदी की इस अपील पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुरी तरह भड़क गए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के वश की बात नहीं है।

देश चलाना कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं-राहुल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्‍ट कर कहा, ‘मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं, ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं’।

पीएम मोदी की अपील पर बिफरे अखिलेश

वहीं, दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर पलटवार किया है। अखिलेश ने एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए कहा कि ‘देश का सबसे बड़ा संकट खुद भाजपा सरकार बन चुकी है। पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग, सोने की खरीद से बचने और अन्य प्रतिबंधात्मक अपीलों को सरकार की आर्थिक विफलता का संकेत बताया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा नेताओं ने हजारों चार्टर फ्लाइट्स और आलीशान सुविधाओं का उपयोग किया, लेकिन अब आम जनता से संयम बरतने की अपील की जा रही है’। बयान में कहा गया कि ‘सरकार की नीतियों के कारण महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी बढ़ी है। साथ ही भाजपा की विदेश नीति और आर्थिक प्रबंधन को भी निशाने पर लेते हुए कहा गया कि सरकार ने देश की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति से भटककर जनता पर आर्थिक बोझ डाला है’। 

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कह कि खाने के तेल की खपत कम करने से लोगों की सेहत भी बेहतर होगी और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा, खाने के तेल के आयात पर देश को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। अगर हर परिवार खाने के तेल का इस्तेमाल कम कर दे, तो यह देशभक्ति में बड़ा योगदान होगा। इससे देश के खजाने की सेहत भी सुधरेगी और परिवार के हर सदस्य की सेहत भी बेहतर होगी। उन्होंने रासायनिक खाद के आयात पर पड़ने वाले दबाव का भी जिक्र किया। प्रधानमत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में विदेश से रासायनिक खाद खरीदता है। उन्होंने किसानों से इसके उपयोग को कम करने की अपील की। उन्होंने कहा, कृषि क्षेत्र में भी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। हम विदेश से रासायनिक खाद आयात करते हैं। हमें इसका उपयोग आधा करना चाहिए और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और हमारी जमीन व धरती माता भी सुरक्षित रहेंगी।

पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक, बेंगलुरु में काफिले के रूट पर मिला विस्फोटक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के दौरे पर हैं। पीएम मोदी के बेंगलुरु दौरे से पहले रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उनके संभावित रूट के पास विस्फोटक सामग्री मिली। पीएम मोदी के संभावित रूट पर जिलेटिन की छड़ें बरामद की गई हैं।

सड़क पर मिली जिलेटिन स्टिक

पुलिस को कग्गलीपुरा इलाके के थाथागुनी क्षेत्र में, आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग के निकट कुछ जिलेटिन स्टिक बरामद हुईं। बताया जा रहा है कि सुबह एक व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में फोन कर चेतावनी दी कि एचएएल क्षेत्र और आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर के आसपास विस्फोट हो सकते हैं।

बड़ा संभावित खतरा टला

इस कॉल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं और दोनों स्थानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, एचएएल हवाई अड्डे के पास कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन कनकपुरा रोड पर जिलेटिन स्टिक्स बरामद हुई। जिलेटिन स्टिक्स एक पुल के पास कंपाउंड वॉल के किनारे फेंकी गई थीं। जैसे ही विस्फोटक मिलने की सूचना मिली, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विस्फोटक सामग्री प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले ही बरामद कर ली गई थी, जिससे एक बड़ा संभावित खतरा टल गया।

एक संदिग्ध हिरासत में

पुलिस ने इस मामले में तुरंत एक्‍शन लेते हुए फोन करने वाले संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्ध को कोरामंगला इलाके के एक घर से दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

पहले भी कर चुका है धमकी भरे कॉल

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस व्यक्ति ने पहले भी बेंगलुरु में वीआईपी दौरों के दौरान इसी तरह के धमकी भरे कॉल किए थे। पिछले मामलों में, पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। हालांकि, इस बार मामला अधिक गंभीर है क्योंकि केवल धमकी नहीं दी गई थी, बल्कि वास्तविक विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।

चुनावी सरगर्मियों के बीच पीएम मोदी का दिखा नया अंदाज़, गंगटोक में युवाओं के साथ फुटबॉल खेलते दिखे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर सिक्किम में हैं। पीएम मोदी सोमवार शाम ही सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंचे थे। आज मंगलवार को पीएम मोदी सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस के समापन समारोह में शामिल होंगे। इससे पहले उन्होंने सुबह-सुबह राजधानी गंगटोक में युवाओं के साथ फुटबॉल खेला।

“नन्हे दोस्तों” के साथ फुटबॉल खेलते पीएम मोदी

युवाओं के साथ फुटबॉल खेलने की पीएम मोदी ने कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। पीएम मोदी ने एक पोस्ट में लिखा, 'गंगटोक की एक प्यारी सुबह, सिक्किम में अपने नन्हे दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने का मजा ही कुछ और है! उन्होंने कहा, स्पष्ट है कि इन युवाओं के साथ फुटबॉल का सत्र बेहद ऊर्जावान रहा!'

रोड शो की तस्वीरें भी साझा की

इससे पहले सोमवार शाम को सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंचे पीएम मोदी ने एक रोड शो भी किया था। पीएम मोदी ने हेलीपैड से लोकभवन तक रोड शो किया था। प्रधानमंत्री मोदी की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी थी। पीएम मोदी को देखने के लिए रोड शो के दौरान लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। लोगों के आशीर्वाद और स्नेह के लिए पीएम मोदी ने उनका आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने इस रोड शो की फोटोज़ और वीडियोज़ सोशल मीडिया पर शेयर किए।

4 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का करेंगे अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दूसरे दिन आज मंगलवार को राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन समारोह में भाग लेंगे और 4,000 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री मंगलवार को गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे, जिसे राज्य की समृद्ध पारिस्थितिक और पुष्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए विश्व स्तरीय ऑर्किड अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसके बाद, सुबह लगभग 10 बजे, पीएम मोदी पालजोर स्टेडियम में स्वर्ण जयंती समारोह के समापन समारोह में शामिल होंगे, जहां वे बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में फैली परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ और आधारशिला रखेंगे। वे सभा को संबोधित भी करेंगे।

यह जानकर राहत मिली कि ट्रंप सुरक्षित, डिनर पार्टी में फायरिंग पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

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व्हाइट हाउस के डिनर प्रोग्राम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग पर भारत की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को टैग कर आगे कहा कि यह जानकर राहत मिली कि वो और उनकी पत्नी ठीक हैं।

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'यह जानकर राहत मिली कि वाशिंगटन डीसी के एक होटल में हुई हालिया सुरक्षा घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सुरक्षित और स्वस्थ हैं। मैं उनकी निरंतर सुरक्षा और कुशल मंगल की कामना करता हूं। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।'

ट्रंप ने भी दी हमले की जानकारी

वहीं, इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक अपडेट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कन्फर्म किया कि स्थिति कंट्रोल में आ गई है और सिक्योरिटी एजेंसियों के तुरंत प्रतिक्रिया की तारीफ की। उन्होंने बताया कि संदिग्ध को पकड़ लिया गया है और कहा कि इवेंट को जारी रखने के बारे में कोई भी फैसला लॉ एनफोर्समेंट अथॉरिटीज करेंगी।

सुरक्षा बलों की तत्परता से टली बड़ी घटना

बता दें कि यह घटना उस समय हुई जब वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस संवाददाता डिनर चल रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति हथियारों और चाकू के साथ होटल की लॉबी में घुस गया और बॉलरूम की ओर बढ़ने लगा, जहां बड़ी संख्या में अमेरिकी नेता और पत्रकार मौजूद थे। जैसे ही संदिग्ध व्यक्ति ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तुरंत तैनात सीक्रेट सर्विस के जवानों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसे काबू में ले लिया और हिरासत में ले लिया। सुरक्षा बलों की तत्परता की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।

भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा', पहलगाम हमले की बरसी पर पीएम मोदी का सख्त संदेश

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आज पहलगाम हमले की पहली बरसी है। पिछले साल 2025 में इसी दिन पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोषों लोगों की जान ले ली थी। पीएम मोदी ने इस दिन को याद करते हुए मृतकों के प्रति अपनी संवेदना जताई है। साथ ही आतंकवाद को लेकर एक बार फिर बड़ा और सख्त संदेश दिया है।

आतंकियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को हम याद कर रहे हैं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। मेरी संवेदनाएं उन शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं, जो इस अपार क्षति का सामना कर रहे हैं। एक राष्ट्र के रूप में, हम इस दुख और संकल्प की घड़ी में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।'

देश की प्रतिक्रिया मजबूत, स्पष्ट और निर्णायक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पहलगाम में हुए आतंकी हमले की बरसी पर जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को हुए इस कायरतापूर्ण हमले में जिन निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई, उन्हें देश कभी नहीं भूल सकता। राजनाथ सिंह ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दर्द को पूरा देश साझा करता है। उन्होंने कहा कि यह घाव भारत की स्मृतियों में हमेशा ताजा रहेगा।रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारत ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है, लेकिन आज देश की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक मजबूत, स्पष्ट और निर्णायक है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत की एकता और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का जवाब पूरी शक्ति और दृढ़ता के साथ दिया जाएगा।

धर्म पूछ-पूछकर लोगों को मारी गई थी गोली

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल बड़ा आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाया था। यहां धर्म पूछ-पूछकर लोगों को गोली मार दी गई थी। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पाकिस्तान स्थित आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया था।

पीएम मोदी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग को 700 नागरिकों ने लिखा पत्र

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महिला आरक्षण बिल को लेकर 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को संबोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहराया। अब 700 से अधिक नागरिकों ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। लेटर लिखने वालों में पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, एक्टिविस्ट और पत्रकार शामिल हैं।

चुनाव आयोग से जांच की मांग

700 से ज्यादा लोगों ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर शिकायत की है। उनका कहना है कि यह भाषण चुनावी आचार संहिता के दौरान दिया गया और इस भाषण से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। इस वजह से इसका असर निष्पक्ष चुनाव के नियमों पर पड़ सकता है। इनका मानना है कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग को तुरंत जांच करनी चाहिए।

शिकायतकर्ताओं ने कहा-पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर 33% महिला आरक्षण को लेकर हमला बोला, जो चुनावी माहौल में पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी में आता है। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र और सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया गया, जिससे निष्पक्ष चुनाव की मूल भावना प्रभावित होती है

कंटेंट और प्रसारण के तरीकों की जांच की मांग

शिकायत में कहा गया कि भाषण का कंटेंट और उसके प्रसारण के तरीके दोनों पर जांच होनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की कि अगर प्रसारण के लिए अनुमति दी गई थी, तो विपक्षी दलों को भी उतना ही एयरटाइम दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर भाषण में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया हो तो उसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से हटाने की भी मांग की गई है।

शिकायत पत्र पर किन-किन लोगों ने किए हस्ताक्षर

शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व आईएएस एम. जी. देवसहायम, शिक्षाविद जोया हसन, संगीतकार टी. एम. कृष्णा और राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबोधन दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी माध्यमों पर लाइव प्रसारित किया गया जो पूरी तरह सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं।

पीएम के संबोधन में किस बात पर विवाद?

दरअसल, राष्ट्र के नाम अपने संबोधन की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने कहा, देश की करोड़ों महिलाओं की नज़र संसद पर थी। मुझे भी देखकर दुख हुआ कि नारी शक्ति का ये प्रस्ताव जब गिरा तो कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियां ख़ुशियां मना रही थीं। ऐसे लोगों को इस देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। करीब 30 मिनट के इस संबोधन में पीएम मोदी ने कई बार कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत तमाम विपक्षी दलों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

भारत और UAE के बीच रक्षा, ऊर्जा और गैस सप्लाई पर अहम समझौते, पीएम मोदी के अबूधाबी दौरे पर बड़ी डील

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धानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने पांच देशों के विदेशी दौरे के पहले चरण में यूएई की राजधानी अबू धाबी पहुंचे। अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र समेत अहम समझौतों पर मुहर

पीएम मोदी के शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी पहुंचने पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसें रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र समेत अहम समझौतों पर मुहर लगी है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक फ्रेमवर्क पर समझौता हुआ है।

कौन-कौन से समझौते हुए?

भारत और यूएई के बीच स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप पर समझौता हुआ। इससे रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग और मजबूत होगा। इसके अलावा, पेट्रोलियम रिजर्व को लेकर भी एमओयू साइन किया गया। दोनों देशों के बीच एलपीजी यानी रसोई गैस सप्लाई को लेकर भी समझौता हुआ है, जिससे भारत को ऊर्जा सुरक्षा में फायदा मिलेगा। सबसे बड़ा एलान निवेश को लेकर हुआ। यूएई ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में कुल पांच अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है।

पीएम मोदी बोले, मैं अपने दूसरे घर में आया हूं

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा, 'मैं आपसे फोन पर बात करता रहता था, लेकिन आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए मैं बहुत उत्सुक था।' उन्होंने राष्ट्रपति के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और कहा, 'जैसा कि आपने कहा - मैं अपने दूसरे घर में आया हूं। यह भावना मेरे लिए बहुत मायने रखती है।' मोदी ने हाल ही में भारत में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति यूएई की संवेदना के लिए भी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया।

पांच देशों की यात्रा पर रवाना हुए पीएम मोदी, आज यूएई के राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पांच देशों के दौरे पर रहेंगे। मोदी 5 देशों की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। पीएम मोदी अगले 6 दिनों में यूएई, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी कई विश्व नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरे का मकसद भारत की वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करना है। उनका पहला पड़ाव यूएई होगा, जहां वे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे।

क्या होगा यूएई यात्रा का मुख्य फोकस?

पीएम मोदी सबसे पहले यूएई जाएंगे। पीएम मोदी के संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे सहयोग के खास क्षेत्र पर बातचीत करेंगे।

यूएई भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्रोत

बता दें कि यूएई भारत की ऊर्जा सुरक्षा में एक अहम साझीदार रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल यूएई कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा स्रोत था, जिसने भारत की जरूरत का लगभग 11% हिस्सा पूरा किया। यूएई भारत के लिए एलपीजी का सबसे बड़ा स्रोत है, जो भारत की जरूरत का लगभग 40% हिस्सा पूरा करता है। लंबे समय के लिए सप्लाई के समझौते होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत हुई है। ऊर्जा सहयोग को बढ़ाना इस दौरे का एक अहम एजेंडा होगा।

दो अहम समझौते की उम्मीद

विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह दौरा अहम व्यापार और निवेश जुड़ाव को बढ़ावा देगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा खास फोकस क्षेत्र में से एक होगा और एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के क्षेत्र में दो अहम एमओयू होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यूएई पिछले 25 सालों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और कुल मिलाकर निवेश का सातवां सबसे बड़ा सोर्स रहा है। यूएई में 4.5 मिलियन से ज्यादा भारतीय रहते हैं, इसलिए यह दौरा उनके कल्याण के बारे में बात करने का भी एक मौका होगा।

यूएई के बाद नीदरलैंड का दौरा

अपनी यात्रा के दूसरे चरण में, प्रधानमंत्री नीदरलैंड का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे नीदरलैंड के किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे, साथ ही प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ भी बातचीत करेंगे। वार्ता में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, इनोवेशन, रक्षा और जल प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।

स्वीडन के साथ व्यापार बढ़ाने पर फोकस

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन जाएंगे। वहां वे अपने स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देश व्यापार और सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री यूरोपीय उद्योग जगत के बड़े मंच 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद रहेंगी।

नॉर्वे और फिर इटली की यात्रा

स्वीडन के बाद पीएम मोदी नॉर्वे पहुंचेंगे। यहां, 19 मई को ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भी शामिल होंगे। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 19 से 20 मई तक इटली जाएंगे, जहां वह प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से मुलाकात करेंगे। भारत और इटली के बीच हाल के वर्षों में रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है।

पीएम मोदी ने 50 फीसदी कम किया अपना काफिला, दूसरे मंत्रियों और विभागों को बड़ा संदेश

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष थमता नहीं दिख रहा है। ऐसे में पूरी दुनिया में ईंधन संकट की आहट है। इस हालात से निपटने के लिए भारत में भी तैयारी शुरू हो चुकी। इसी क्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों देश से ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी। इस बीच पीएम मोदी ने बड़ा कदम उठाते हुए ना केवल दूसरे मंत्रियों और सरकारी विभागों को बल्कि आम जनता को भी बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

एसपीजी को 50 प्रतिशत गाड़ियों को कम करने का निर्देश

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा के लिए तैनात विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) को अपने काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने एसपीजी को यह भी कहा है कि जहां तक हो सके, बिना नई गाड़ियां खरीदे, उनके काफिले में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को शामिल किया जाए।

मंत्रालय और अन्य विभाग भी खर्च में करने जा रहे कटौती

संकेत मिल रहे हैं कि मंत्रालय और विभाग आने वाले दिनों में खर्च में कटौती के उपाय अपनाने की तैयारी कर रहे हैं, जिनमें कर्मचारियों को मेट्रो का अधिक उपयोग करने, कार पूलिंग को अपनाने और बड़े आयोजनों से बचने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है।

सीएम योगी के काफिले में भी 50 फीसदी की कटौती

सीएम योगी ने भी पीएम की अपील पर अमल किया हैं। उन्होंने मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव की बैठक में ये निर्देश दिया कि उनकी और अन्य मंत्रियों की फ्लीट में 50 फीसदी की कमी तत्काल प्रभाव से की जाए। उन्होंने काफिले से गैरजरूरी वाहनों को हटाए जाने के निर्देश दिए हैं।

हैदराबाद से पीएम मोदी ने की थी अपील

पीएम मोदी ने हाल ही में हैदराबाद दौरे के दौरान देशवासियों से ईंधन की खरीद कम करने और सोने की खरीद एक साल तक नहीं करने की अपील की थी। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने काफिले को घटना ये इशारा है कि सरकार के अन्य विभाग इस दिशा में कदम उठाएं और जल्द से जल्द इस दिशा में काम करें।

सोमनाथ अमृत महोत्सव में पीएम नरेंद्र मोदी हुए शामिल, बोले-दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती

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गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस मौके पर पीएम मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव को संबोधित किया।

सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अभी कुछ ही महीने पहले मैं यहां आया था, तब हम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे थे। प्रथम विध्वंस के 1,000 वर्ष बाद भी सोमनाथ के अविनाशी होने का गर्व और आज इस आधुनिक स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष, हम केवल दो आयोजनों का हिस्सा भर नहीं बनें, हमें हजार वर्षों की अमृत यात्रा को अनुभव करने का शिवजी ने मौका दिया है।

सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना कोई साधारण अवसर नहीं-पीएम मोदी

मोदी ने कहा, 75 साल पहले आज के ही दिन सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना... ये कोई साधारण अवसर नहीं था। अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था तो, 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत सिर्फ आजाद ही नहीं हुआ, बल्कि अपने प्राचीन गौरव को फिर से हासिल करने की राह पर भी आगे बढ़ चुका है।

आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, आज का दिन एक और वजह से भी विशेष है। 11 मई, 1998 यानी आज के ही दिन देश ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। देश ने 11 मई को पहले 3 परमाणु परीक्षण किए। हमारे वैज्ञानिकों ने भारत के सामर्थ्य को, भारत की क्षमता को दुनिया के सामने रखा। दुनिया में तूफान आ गया कि भारत कौन होता है, उसकी ये हैसियत, जो परमाणु परीक्षण करें।

हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, इतिहास के लंबे कालखंड में इस मंदिर ने अनेक आक्रमण झेले। महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी जैसे अनेक आक्रांता आए। लुटेरों ने सोमनाथ मंदिर का वैभव मिटाने का प्रयास किया। वो सोमनाथ को एक भौतिक ढांचा मानकर उससे टकराते रहे। बार-बार इस मंदिर को तोड़ा गया। ये बार-बार बनता रहा। हर बार उठ खड़ा होता रहा! क्योंकि तोड़ने वालों को मालूम नहीं था कि हमारे राष्ट्र का वैचारिक सामर्थ्य क्या है। हम भौतिक शरीर को नश्वर मानने वाले लोग हैं। उसके भीतर बैठी आत्मा अविनाशी है। और शिव तो सर्वात्मा हैं।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी नसीहत तो भड़के राहुल, बोले- ये नाकामी के सबूत हैं, अखिलेश यादव ने भी घेरा

#rahulgandhiattackspmmodisseven_appeals

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीयों से खर्च में कटौती के उपाय अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने लोगों को सोने की खरीद से बचने, विदेश यात्रा टालने और घर से काम करने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने तेल, खाद और पेट्रोल डीजल के उपयोग में कटौती करने की अपील की। अब पीएम मोदी की इस अपील पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुरी तरह भड़क गए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के वश की बात नहीं है।

देश चलाना कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं-राहुल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्‍ट कर कहा, ‘मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं, ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब कंप्रोमाइज्ड पीएम के बस की बात नहीं’।

पीएम मोदी की अपील पर बिफरे अखिलेश

वहीं, दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर पलटवार किया है। अखिलेश ने एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए कहा कि ‘देश का सबसे बड़ा संकट खुद भाजपा सरकार बन चुकी है। पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग, सोने की खरीद से बचने और अन्य प्रतिबंधात्मक अपीलों को सरकार की आर्थिक विफलता का संकेत बताया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा नेताओं ने हजारों चार्टर फ्लाइट्स और आलीशान सुविधाओं का उपयोग किया, लेकिन अब आम जनता से संयम बरतने की अपील की जा रही है’। बयान में कहा गया कि ‘सरकार की नीतियों के कारण महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी बढ़ी है। साथ ही भाजपा की विदेश नीति और आर्थिक प्रबंधन को भी निशाने पर लेते हुए कहा गया कि सरकार ने देश की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति से भटककर जनता पर आर्थिक बोझ डाला है’। 

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कह कि खाने के तेल की खपत कम करने से लोगों की सेहत भी बेहतर होगी और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा, खाने के तेल के आयात पर देश को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। अगर हर परिवार खाने के तेल का इस्तेमाल कम कर दे, तो यह देशभक्ति में बड़ा योगदान होगा। इससे देश के खजाने की सेहत भी सुधरेगी और परिवार के हर सदस्य की सेहत भी बेहतर होगी। उन्होंने रासायनिक खाद के आयात पर पड़ने वाले दबाव का भी जिक्र किया। प्रधानमत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में विदेश से रासायनिक खाद खरीदता है। उन्होंने किसानों से इसके उपयोग को कम करने की अपील की। उन्होंने कहा, कृषि क्षेत्र में भी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। हम विदेश से रासायनिक खाद आयात करते हैं। हमें इसका उपयोग आधा करना चाहिए और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और हमारी जमीन व धरती माता भी सुरक्षित रहेंगी।

पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक, बेंगलुरु में काफिले के रूट पर मिला विस्फोटक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के दौरे पर हैं। पीएम मोदी के बेंगलुरु दौरे से पहले रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उनके संभावित रूट के पास विस्फोटक सामग्री मिली। पीएम मोदी के संभावित रूट पर जिलेटिन की छड़ें बरामद की गई हैं।

सड़क पर मिली जिलेटिन स्टिक

पुलिस को कग्गलीपुरा इलाके के थाथागुनी क्षेत्र में, आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग के निकट कुछ जिलेटिन स्टिक बरामद हुईं। बताया जा रहा है कि सुबह एक व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में फोन कर चेतावनी दी कि एचएएल क्षेत्र और आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर के आसपास विस्फोट हो सकते हैं।

बड़ा संभावित खतरा टला

इस कॉल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं और दोनों स्थानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, एचएएल हवाई अड्डे के पास कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन कनकपुरा रोड पर जिलेटिन स्टिक्स बरामद हुई। जिलेटिन स्टिक्स एक पुल के पास कंपाउंड वॉल के किनारे फेंकी गई थीं। जैसे ही विस्फोटक मिलने की सूचना मिली, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विस्फोटक सामग्री प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने से पहले ही बरामद कर ली गई थी, जिससे एक बड़ा संभावित खतरा टल गया।

एक संदिग्ध हिरासत में

पुलिस ने इस मामले में तुरंत एक्‍शन लेते हुए फोन करने वाले संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्ध को कोरामंगला इलाके के एक घर से दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

पहले भी कर चुका है धमकी भरे कॉल

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस व्यक्ति ने पहले भी बेंगलुरु में वीआईपी दौरों के दौरान इसी तरह के धमकी भरे कॉल किए थे। पिछले मामलों में, पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। हालांकि, इस बार मामला अधिक गंभीर है क्योंकि केवल धमकी नहीं दी गई थी, बल्कि वास्तविक विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।

चुनावी सरगर्मियों के बीच पीएम मोदी का दिखा नया अंदाज़, गंगटोक में युवाओं के साथ फुटबॉल खेलते दिखे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर सिक्किम में हैं। पीएम मोदी सोमवार शाम ही सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंचे थे। आज मंगलवार को पीएम मोदी सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस के समापन समारोह में शामिल होंगे। इससे पहले उन्होंने सुबह-सुबह राजधानी गंगटोक में युवाओं के साथ फुटबॉल खेला।

“नन्हे दोस्तों” के साथ फुटबॉल खेलते पीएम मोदी

युवाओं के साथ फुटबॉल खेलने की पीएम मोदी ने कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। पीएम मोदी ने एक पोस्ट में लिखा, 'गंगटोक की एक प्यारी सुबह, सिक्किम में अपने नन्हे दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने का मजा ही कुछ और है! उन्होंने कहा, स्पष्ट है कि इन युवाओं के साथ फुटबॉल का सत्र बेहद ऊर्जावान रहा!'

रोड शो की तस्वीरें भी साझा की

इससे पहले सोमवार शाम को सिक्किम की राजधानी गंगटोक पहुंचे पीएम मोदी ने एक रोड शो भी किया था। पीएम मोदी ने हेलीपैड से लोकभवन तक रोड शो किया था। प्रधानमंत्री मोदी की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी थी। पीएम मोदी को देखने के लिए रोड शो के दौरान लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। लोगों के आशीर्वाद और स्नेह के लिए पीएम मोदी ने उनका आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने इस रोड शो की फोटोज़ और वीडियोज़ सोशल मीडिया पर शेयर किए।

4 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का करेंगे अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दूसरे दिन आज मंगलवार को राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन समारोह में भाग लेंगे और 4,000 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री मंगलवार को गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे, जिसे राज्य की समृद्ध पारिस्थितिक और पुष्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए विश्व स्तरीय ऑर्किड अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसके बाद, सुबह लगभग 10 बजे, पीएम मोदी पालजोर स्टेडियम में स्वर्ण जयंती समारोह के समापन समारोह में शामिल होंगे, जहां वे बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में फैली परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ और आधारशिला रखेंगे। वे सभा को संबोधित भी करेंगे।

यह जानकर राहत मिली कि ट्रंप सुरक्षित, डिनर पार्टी में फायरिंग पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

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व्हाइट हाउस के डिनर प्रोग्राम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग पर भारत की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को टैग कर आगे कहा कि यह जानकर राहत मिली कि वो और उनकी पत्नी ठीक हैं।

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'यह जानकर राहत मिली कि वाशिंगटन डीसी के एक होटल में हुई हालिया सुरक्षा घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सुरक्षित और स्वस्थ हैं। मैं उनकी निरंतर सुरक्षा और कुशल मंगल की कामना करता हूं। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।'

ट्रंप ने भी दी हमले की जानकारी

वहीं, इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक अपडेट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कन्फर्म किया कि स्थिति कंट्रोल में आ गई है और सिक्योरिटी एजेंसियों के तुरंत प्रतिक्रिया की तारीफ की। उन्होंने बताया कि संदिग्ध को पकड़ लिया गया है और कहा कि इवेंट को जारी रखने के बारे में कोई भी फैसला लॉ एनफोर्समेंट अथॉरिटीज करेंगी।

सुरक्षा बलों की तत्परता से टली बड़ी घटना

बता दें कि यह घटना उस समय हुई जब वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस संवाददाता डिनर चल रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति हथियारों और चाकू के साथ होटल की लॉबी में घुस गया और बॉलरूम की ओर बढ़ने लगा, जहां बड़ी संख्या में अमेरिकी नेता और पत्रकार मौजूद थे। जैसे ही संदिग्ध व्यक्ति ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तुरंत तैनात सीक्रेट सर्विस के जवानों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसे काबू में ले लिया और हिरासत में ले लिया। सुरक्षा बलों की तत्परता की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।

भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा', पहलगाम हमले की बरसी पर पीएम मोदी का सख्त संदेश

#pahalgam

आज पहलगाम हमले की पहली बरसी है। पिछले साल 2025 में इसी दिन पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोषों लोगों की जान ले ली थी। पीएम मोदी ने इस दिन को याद करते हुए मृतकों के प्रति अपनी संवेदना जताई है। साथ ही आतंकवाद को लेकर एक बार फिर बड़ा और सख्त संदेश दिया है।

आतंकियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को हम याद कर रहे हैं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। मेरी संवेदनाएं उन शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं, जो इस अपार क्षति का सामना कर रहे हैं। एक राष्ट्र के रूप में, हम इस दुख और संकल्प की घड़ी में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।'

देश की प्रतिक्रिया मजबूत, स्पष्ट और निर्णायक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पहलगाम में हुए आतंकी हमले की बरसी पर जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को हुए इस कायरतापूर्ण हमले में जिन निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई, उन्हें देश कभी नहीं भूल सकता। राजनाथ सिंह ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दर्द को पूरा देश साझा करता है। उन्होंने कहा कि यह घाव भारत की स्मृतियों में हमेशा ताजा रहेगा।रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारत ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है, लेकिन आज देश की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक मजबूत, स्पष्ट और निर्णायक है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत की एकता और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का जवाब पूरी शक्ति और दृढ़ता के साथ दिया जाएगा।

धर्म पूछ-पूछकर लोगों को मारी गई थी गोली

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल बड़ा आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाया था। यहां धर्म पूछ-पूछकर लोगों को गोली मार दी गई थी। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पाकिस्तान स्थित आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया था।

पीएम मोदी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग को 700 नागरिकों ने लिखा पत्र

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महिला आरक्षण बिल को लेकर 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को संबोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहराया। अब 700 से अधिक नागरिकों ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। लेटर लिखने वालों में पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, एक्टिविस्ट और पत्रकार शामिल हैं।

चुनाव आयोग से जांच की मांग

700 से ज्यादा लोगों ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर शिकायत की है। उनका कहना है कि यह भाषण चुनावी आचार संहिता के दौरान दिया गया और इस भाषण से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। इस वजह से इसका असर निष्पक्ष चुनाव के नियमों पर पड़ सकता है। इनका मानना है कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग को तुरंत जांच करनी चाहिए।

शिकायतकर्ताओं ने कहा-पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर 33% महिला आरक्षण को लेकर हमला बोला, जो चुनावी माहौल में पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी में आता है। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र और सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया गया, जिससे निष्पक्ष चुनाव की मूल भावना प्रभावित होती है

कंटेंट और प्रसारण के तरीकों की जांच की मांग

शिकायत में कहा गया कि भाषण का कंटेंट और उसके प्रसारण के तरीके दोनों पर जांच होनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की कि अगर प्रसारण के लिए अनुमति दी गई थी, तो विपक्षी दलों को भी उतना ही एयरटाइम दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर भाषण में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया हो तो उसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से हटाने की भी मांग की गई है।

शिकायत पत्र पर किन-किन लोगों ने किए हस्ताक्षर

शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व आईएएस एम. जी. देवसहायम, शिक्षाविद जोया हसन, संगीतकार टी. एम. कृष्णा और राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबोधन दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी माध्यमों पर लाइव प्रसारित किया गया जो पूरी तरह सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं।

पीएम के संबोधन में किस बात पर विवाद?

दरअसल, राष्ट्र के नाम अपने संबोधन की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने कहा, देश की करोड़ों महिलाओं की नज़र संसद पर थी। मुझे भी देखकर दुख हुआ कि नारी शक्ति का ये प्रस्ताव जब गिरा तो कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियां ख़ुशियां मना रही थीं। ऐसे लोगों को इस देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। करीब 30 मिनट के इस संबोधन में पीएम मोदी ने कई बार कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत तमाम विपक्षी दलों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।