Bihar

Mar 14 2019, 10:15

मसूद के सपोर्ट पर चीन के खिलाफ गुस्सा, लोग बोले- BoycottChina

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अज़हर को लेकर एक बार फिर चीन ने अपना दोगला चेहरा दिखाया है. ऐसा चौथी बार हुआ है जब चीन मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में रोड़ा बन गया है. चीन ने ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया. जिसके बाद ये प्रस्ताव रद्द हो गया है. चीन के इस कदम से भारत के लोगों में आक्रोश है. 

लोगों ने तो  और  नाम से ट्विटर और फेसबुक पर चीनी सामानों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है. 
लोगों का कहना है कि चीन से भारत में जितना भी सामान आ रहा है उसे खरीदना बंद कर देना चाहिए. क्योंकि चीन आतंकियों को संरक्षण दे रहा है.
यहां तक कि लोग चीन के Oppo, VIVO, Huawei, Redmi, one plus, Gionee कंपनी के मोबाइल फोन तक बैन करने की मांग कर रहे हैं. 
यहीं नहीं, लोगों ने ट्विटर पर चीन के ऐप की लिस्ट डाली है जिन्हें Uninstall करने की मांग उठ रही है. इस लिस्ट में Tiktok, like, helo, Shareit, UC Browser, PUBG Mobile game आदि को बैन करने की मांग उठ रही है. 
लोगों ने तो IPL तक को ना देखने की मांग की है क्योंकि IPL में चीन की कई कंपनियां प्रायोजक हैं. लोगों का कहना है कि BCCI को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए. 
सूत्रों का कहना है कि चीन इस बात पर अड़ा है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर का आपस में कोई रिश्ता नहीं है और मसूद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं.

Bihar

Mar 14 2019, 10:09

मसूद की ढाल बने चीन को US ने चेताया- आतंक को सबक सिखाने के हमारे पास और भी रास्ते हैं

पड़ोसी देश चीन एक बार फिर आतंकी मौलाना मसूद अजहर के साथ हो गया है. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति की बैठक में चीन ने अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर भारत की कोशिशों को धूमिल कर दिया. जिसके बाद भारत ने कठोर आपत्ति दर्ज कराई है. भारत के साथ अमेरिका भी आ गया है. अमेरिका की ओर से यूएनएससी में कड़ा बयान दिया गया कि अगर चीन लगातार इस तरह की अड़चन बनता रहा, तो जिम्मेदार देशों को कोई और कदम उठाना पड़ेगा.

अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान चीन की मदद से कई बार जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाता रहा है. ये चौथी बार है जब चीन ने इस तरह से मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाया है.

सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका ने कहा कि अगर इसी तरह चीन मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाता रहा तो सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्यों को सख्त रुख अपनाना पड़ेगा. लेकिन हालात यहां तक नहीं आने चाहिए.
गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले के गुनाहगार मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए भारत की कोशिशों को दुनिया के कई बड़े देशों का साथ मिला. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के ही सदस्य अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था. लेकिन एक बार फिर चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इसपर रोक लगा दी.
चीन की इस हरकत के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने भी बयान दिया. भारत की ओर से कहा गया है कि चीन के इस मूव से हम बहुत निराश हैं, लेकिन जिन सदस्य देशों ने भारत के समर्थन में प्रस्ताव दिया और उसका साथ दिया उन सभी को धन्यवाद.

आपको बता दें कि चीन के द्वारा मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से रोक लगाने पर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा है. भारत में लोग  ट्रेंड कर रहे हैं और चीन के सामानों का विरोध कर रहे हैं.

India

Mar 14 2019, 09:49

मसूद की ढाल बने चीन को US ने चेताया- आतंक को सबक सिखाने के हमारे पास और भी रास्ते हैं

पड़ोसी देश चीन एक बार फिर आतंकी मौलाना मसूद अजहर के साथ हो गया है. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति की बैठक में चीन ने अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर भारत की कोशिशों को धूमिल कर दिया. जिसके बाद भारत ने कठोर आपत्ति दर्ज कराई है. भारत के साथ अमेरिका भी आ गया है. अमेरिका की ओर से यूएनएससी में कड़ा बयान दिया गया कि अगर चीन लगातार इस तरह की अड़चन बनता रहा, तो जिम्मेदार देशों को कोई और कदम उठाना पड़ेगा.

अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान चीन की मदद से कई बार जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाता रहा है. ये चौथी बार है जब चीन ने इस तरह से मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाया है.

सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका ने कहा कि अगर इसी तरह चीन मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाता रहा तो सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्यों को सख्त रुख अपनाना पड़ेगा. लेकिन हालात यहां तक नहीं आने चाहिए.
गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले के गुनाहगार मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए भारत की कोशिशों को दुनिया के कई बड़े देशों का साथ मिला. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के ही सदस्य अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था. लेकिन एक बार फिर चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इसपर रोक लगा दी.
चीन की इस हरकत के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने भी बयान दिया. भारत की ओर से कहा गया है कि चीन के इस मूव से हम बहुत निराश हैं, लेकिन जिन सदस्य देशों ने भारत के समर्थन में प्रस्ताव दिया और उसका साथ दिया उन सभी को धन्यवाद.

आपको बता दें कि चीन के द्वारा मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से रोक लगाने पर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा है. भारत में लोग  ट्रेंड कर रहे हैं और चीन के सामानों का विरोध कर रहे हैं.

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Mar 14 2019, 09:48

मसूद के सपोर्ट पर चीन के खिलाफ गुस्सा, लोग बोले- BoycottChina

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अज़हर को लेकर एक बार फिर चीन ने अपना दोगला चेहरा दिखाया है. ऐसा चौथी बार हुआ है जब चीन मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में रोड़ा बन गया है. चीन ने ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया. जिसके बाद ये प्रस्ताव रद्द हो गया है. चीन के इस कदम से भारत के लोगों में आक्रोश है. 

लोगों ने तो  और  नाम से ट्विटर और फेसबुक पर चीनी सामानों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है. 
लोगों का कहना है कि चीन से भारत में जितना भी सामान आ रहा है उसे खरीदना बंद कर देना चाहिए. क्योंकि चीन आतंकियों को संरक्षण दे रहा है.
यहां तक कि लोग चीन के Oppo, VIVO, Huawei, Redmi, one plus, Gionee कंपनी के मोबाइल फोन तक बैन करने की मांग कर रहे हैं. 
यहीं नहीं, लोगों ने ट्विटर पर चीन के ऐप की लिस्ट डाली है जिन्हें Uninstall करने की मांग उठ रही है. इस लिस्ट में Tiktok, like, helo, Shareit, UC Browser, PUBG Mobile game आदि को बैन करने की मांग उठ रही है. 
लोगों ने तो IPL तक को ना देखने की मांग की है क्योंकि IPL में चीन की कई कंपनियां प्रायोजक हैं. लोगों का कहना है कि BCCI को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए. 
सूत्रों का कहना है कि चीन इस बात पर अड़ा है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर का आपस में कोई रिश्ता नहीं है और मसूद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं.

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Mar 14 2019, 10:15

मसूद के सपोर्ट पर चीन के खिलाफ गुस्सा, लोग बोले- BoycottChina

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अज़हर को लेकर एक बार फिर चीन ने अपना दोगला चेहरा दिखाया है. ऐसा चौथी बार हुआ है जब चीन मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में रोड़ा बन गया है. चीन ने ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया. जिसके बाद ये प्रस्ताव रद्द हो गया है. चीन के इस कदम से भारत के लोगों में आक्रोश है. 

लोगों ने तो  और  नाम से ट्विटर और फेसबुक पर चीनी सामानों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है. 
लोगों का कहना है कि चीन से भारत में जितना भी सामान आ रहा है उसे खरीदना बंद कर देना चाहिए. क्योंकि चीन आतंकियों को संरक्षण दे रहा है.
यहां तक कि लोग चीन के Oppo, VIVO, Huawei, Redmi, one plus, Gionee कंपनी के मोबाइल फोन तक बैन करने की मांग कर रहे हैं. 
यहीं नहीं, लोगों ने ट्विटर पर चीन के ऐप की लिस्ट डाली है जिन्हें Uninstall करने की मांग उठ रही है. इस लिस्ट में Tiktok, like, helo, Shareit, UC Browser, PUBG Mobile game आदि को बैन करने की मांग उठ रही है. 
लोगों ने तो IPL तक को ना देखने की मांग की है क्योंकि IPL में चीन की कई कंपनियां प्रायोजक हैं. लोगों का कहना है कि BCCI को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए. 
सूत्रों का कहना है कि चीन इस बात पर अड़ा है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर का आपस में कोई रिश्ता नहीं है और मसूद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं.

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Mar 14 2019, 10:09

मसूद की ढाल बने चीन को US ने चेताया- आतंक को सबक सिखाने के हमारे पास और भी रास्ते हैं

पड़ोसी देश चीन एक बार फिर आतंकी मौलाना मसूद अजहर के साथ हो गया है. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति की बैठक में चीन ने अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर भारत की कोशिशों को धूमिल कर दिया. जिसके बाद भारत ने कठोर आपत्ति दर्ज कराई है. भारत के साथ अमेरिका भी आ गया है. अमेरिका की ओर से यूएनएससी में कड़ा बयान दिया गया कि अगर चीन लगातार इस तरह की अड़चन बनता रहा, तो जिम्मेदार देशों को कोई और कदम उठाना पड़ेगा.

अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान चीन की मदद से कई बार जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाता रहा है. ये चौथी बार है जब चीन ने इस तरह से मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाया है.

सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका ने कहा कि अगर इसी तरह चीन मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाता रहा तो सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्यों को सख्त रुख अपनाना पड़ेगा. लेकिन हालात यहां तक नहीं आने चाहिए.
गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले के गुनाहगार मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए भारत की कोशिशों को दुनिया के कई बड़े देशों का साथ मिला. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के ही सदस्य अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था. लेकिन एक बार फिर चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इसपर रोक लगा दी.
चीन की इस हरकत के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने भी बयान दिया. भारत की ओर से कहा गया है कि चीन के इस मूव से हम बहुत निराश हैं, लेकिन जिन सदस्य देशों ने भारत के समर्थन में प्रस्ताव दिया और उसका साथ दिया उन सभी को धन्यवाद.

आपको बता दें कि चीन के द्वारा मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से रोक लगाने पर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा है. भारत में लोग  ट्रेंड कर रहे हैं और चीन के सामानों का विरोध कर रहे हैं.

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Mar 14 2019, 09:49

मसूद की ढाल बने चीन को US ने चेताया- आतंक को सबक सिखाने के हमारे पास और भी रास्ते हैं

पड़ोसी देश चीन एक बार फिर आतंकी मौलाना मसूद अजहर के साथ हो गया है. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति की बैठक में चीन ने अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर भारत की कोशिशों को धूमिल कर दिया. जिसके बाद भारत ने कठोर आपत्ति दर्ज कराई है. भारत के साथ अमेरिका भी आ गया है. अमेरिका की ओर से यूएनएससी में कड़ा बयान दिया गया कि अगर चीन लगातार इस तरह की अड़चन बनता रहा, तो जिम्मेदार देशों को कोई और कदम उठाना पड़ेगा.

अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान चीन की मदद से कई बार जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाता रहा है. ये चौथी बार है जब चीन ने इस तरह से मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाया है.

सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका ने कहा कि अगर इसी तरह चीन मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचाता रहा तो सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्यों को सख्त रुख अपनाना पड़ेगा. लेकिन हालात यहां तक नहीं आने चाहिए.
गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले के गुनाहगार मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए भारत की कोशिशों को दुनिया के कई बड़े देशों का साथ मिला. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के ही सदस्य अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था. लेकिन एक बार फिर चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इसपर रोक लगा दी.
चीन की इस हरकत के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने भी बयान दिया. भारत की ओर से कहा गया है कि चीन के इस मूव से हम बहुत निराश हैं, लेकिन जिन सदस्य देशों ने भारत के समर्थन में प्रस्ताव दिया और उसका साथ दिया उन सभी को धन्यवाद.

आपको बता दें कि चीन के द्वारा मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से रोक लगाने पर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा है. भारत में लोग  ट्रेंड कर रहे हैं और चीन के सामानों का विरोध कर रहे हैं.

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Mar 14 2019, 09:48

मसूद के सपोर्ट पर चीन के खिलाफ गुस्सा, लोग बोले- BoycottChina

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अज़हर को लेकर एक बार फिर चीन ने अपना दोगला चेहरा दिखाया है. ऐसा चौथी बार हुआ है जब चीन मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में रोड़ा बन गया है. चीन ने ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया. जिसके बाद ये प्रस्ताव रद्द हो गया है. चीन के इस कदम से भारत के लोगों में आक्रोश है. 

लोगों ने तो  और  नाम से ट्विटर और फेसबुक पर चीनी सामानों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है. 
लोगों का कहना है कि चीन से भारत में जितना भी सामान आ रहा है उसे खरीदना बंद कर देना चाहिए. क्योंकि चीन आतंकियों को संरक्षण दे रहा है.
यहां तक कि लोग चीन के Oppo, VIVO, Huawei, Redmi, one plus, Gionee कंपनी के मोबाइल फोन तक बैन करने की मांग कर रहे हैं. 
यहीं नहीं, लोगों ने ट्विटर पर चीन के ऐप की लिस्ट डाली है जिन्हें Uninstall करने की मांग उठ रही है. इस लिस्ट में Tiktok, like, helo, Shareit, UC Browser, PUBG Mobile game आदि को बैन करने की मांग उठ रही है. 
लोगों ने तो IPL तक को ना देखने की मांग की है क्योंकि IPL में चीन की कई कंपनियां प्रायोजक हैं. लोगों का कहना है कि BCCI को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए. 
सूत्रों का कहना है कि चीन इस बात पर अड़ा है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर का आपस में कोई रिश्ता नहीं है और मसूद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं.