आयोग की अध्यक्ष से शिकायत के बाद डाक्टर समेत दो पर मुकदमा
मारपीट, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग व धमकी का आरोप

शहर के मुकेरीगंज के आनन्द हास्पिटल से जुड़ा है मामला



उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हुआ, तो पीडि़त ने  राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान के दरबार में हाजिरी लगाई। आयोग में शिकायत के बाद पुलिस ने आनंद हास्पिटल के डाक्टर आनंद सिंह समेत दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में मोहल्ला दलसिंगार निवासी पीडि़त संतोष चौधरी पुत्र जमुना प्रसाद ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि आनंद अस्पताल में दवा का आर्डर करते थे और बिल के अनुसार पैसे का लेन-देन होता था। पैसे के लेन-देन को लेकर 22 जून दोपहर बारह बजे डा. आनंद सिंह व उनके कर्मचारी द्वारा गाली-गलौज, मारपीट व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। बचाने आई मां के साथ भी  मारपीट की गई, जिससे उसे भी चोटें आईं। उसके बाद दोनों ने कहा कि मेरे कहे अनुसार पेपर पर साइन करो वरना जान से मार दूंगा। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
उधर इसी मामले की शिकायत लेकर पीडि़त की मां मंजू चौधरी ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष से शिकायत की कि उनका पुत्र आनन्द हास्पिटल में पिछले लगभग तीन सालों से कार्यरत था। 21 जून को डा. आनन्द सिंह पुत्र से कुछ कहासुनी किये जिसके बाद दूसरे दिन पुत्र काम पर नहीं गया। तभी डाक्टर आनन्द सिंह पटेल अपने दो कर्मचारी संजय सिंह चन्दन व दो अन्य व्यक्तियों को घर भेज कर मेरे पुत्र को डरा-धमका कर जबरदस्ती हास्पिटल ले गये। इसके बाद हास्पिटल परिसर में अपने केबिन में बुलाकर सुबह 12 बजे से रात्री 12 बजे तक बंधक बनाकर मारपीट किये। हम परिवार वालों को अपने पुत्र से मिलने नहीं दिया जा रहा था। बोला जा रहा था कि अभी घर चला जायेगा।
निजी अस्पताल के डॉक्टर पर कर्मचारी को बंधक बनाकर पीटने का आरोप, बचाने आई मां लापता!

उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। जिले से एक बेहद हैरान और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां शहर के मुकेरीगंज स्थित नामचीन और प्राचीन निजी अस्पताल के संचालक डॉक्टर पर अपने ही कर्मचारी व उसकी मां को बेरहमी से पीटने का गंभीर आरोप लगा है। शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के दलसिंगार निवासी एक पीड़ित परिवार ने हॉस्पिटल' के संचालक डॉक्टर पर अपने भाई और मां को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने और गाड़ियां-मोबाइल हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद से पीड़ित की मां लापता है। डरे सहमे पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता नीतू चौधरी और सपना चौधरी के मुताबिक उसका भाई संतोष चौधरी आनन्द अस्पताल में कर्मचारी है। विवाद के कारण सोमवार को जब वह काम पर नहीं गया, तो डॉक्टर ने कर्मचारी भेजकर उसे जबरन बुलवा लिया और शराब के नशे में उसकी बेरहमी से पिटाई की। देर रात मां को भी अस्पताल बुलाकर अभद्रता की गई और उनका मंगलसूत्र व मोबाइल छीन लिया गया, जिसके बाद से मां मंजू चौधरी लापता हैं। वहीं, मौके पर पहुंचीं दोनों बहनों के साथ भी बदसलूकी के साथ वीडियो बनाने पर उनकी मोबाइल भी छिन ली गई। पीड़ित बहनों का आरोप है कि भाई को छोड़ने के एवज में डॉक्टर ने उनकी कार, स्कूटी और मोबाइल भी जबरन अपने कब्जे में ले लिए। हद तो तब हो गई जब मौके पर पहुंचे पहाड़पुर चौकी इंचार्ज ने भी डॉक्टर के रसूख के आगे घुटने टेक दिए और निष्पक्ष कार्रवाई करने की बजाय भाई संतोष को लात जूतों से पीटने लगे। पीड़ित बहनों ने एसपी से मिलकर डॉक्टर के कब्जे से अपना सामान छुड़ाने सहित भाई की रिहाई और लापता मां की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है।
विधवा महिला ने जेठ-जेठानी पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, पहुंची एसपी दरबार लगाई न्याय की गुहार


उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़::शहर कोतवाली क्षेत्र के दलसिंगार मोहल्ले की एक विधवा महिला रागिनी गौड़ ने अपने जेठ और जेठानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी को शिकायती पत्रक सौंपा है।

पीड़िता के अनुसार, अक्टूबर 2023 में उनके पति की मृत्यु के बाद से वह अपनी दो बेटियों के साथ रह रही हैं। आरोप है कि बीते 6 जून को उनके जेठ-जेठानी ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें घर से निकालने की कोशिश की। विरोध करने पर उनकी बेटी को उठाकर बाहर फेंक दिया गया और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों का कहना है कि पैतृक मकान में महिला का कोई हिस्सा नहीं है।

पीड़िता का आरोप है कि कोतवाली में शिकायत के बाद भी कोई बात नहीं बनी, जिसके कारण वह अपनी बेटियों के साथ घर के बाहर बरामदे में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित महिला ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आयोग की अध्यक्ष से शिकायत के बाद डाक्टर समेत दो पर मुकदमा
मारपीट, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग व धमकी का आरोप

शहर के मुकेरीगंज के आनन्द हास्पिटल से जुड़ा है मामला



उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हुआ, तो पीडि़त ने  राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान के दरबार में हाजिरी लगाई। आयोग में शिकायत के बाद पुलिस ने आनंद हास्पिटल के डाक्टर आनंद सिंह समेत दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में मोहल्ला दलसिंगार निवासी पीडि़त संतोष चौधरी पुत्र जमुना प्रसाद ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि आनंद अस्पताल में दवा का आर्डर करते थे और बिल के अनुसार पैसे का लेन-देन होता था। पैसे के लेन-देन को लेकर 22 जून दोपहर बारह बजे डा. आनंद सिंह व उनके कर्मचारी द्वारा गाली-गलौज, मारपीट व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। बचाने आई मां के साथ भी  मारपीट की गई, जिससे उसे भी चोटें आईं। उसके बाद दोनों ने कहा कि मेरे कहे अनुसार पेपर पर साइन करो वरना जान से मार दूंगा। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
उधर इसी मामले की शिकायत लेकर पीडि़त की मां मंजू चौधरी ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष से शिकायत की कि उनका पुत्र आनन्द हास्पिटल में पिछले लगभग तीन सालों से कार्यरत था। 21 जून को डा. आनन्द सिंह पुत्र से कुछ कहासुनी किये जिसके बाद दूसरे दिन पुत्र काम पर नहीं गया। तभी डाक्टर आनन्द सिंह पटेल अपने दो कर्मचारी संजय सिंह चन्दन व दो अन्य व्यक्तियों को घर भेज कर मेरे पुत्र को डरा-धमका कर जबरदस्ती हास्पिटल ले गये। इसके बाद हास्पिटल परिसर में अपने केबिन में बुलाकर सुबह 12 बजे से रात्री 12 बजे तक बंधक बनाकर मारपीट किये। हम परिवार वालों को अपने पुत्र से मिलने नहीं दिया जा रहा था। बोला जा रहा था कि अभी घर चला जायेगा।
निजी अस्पताल के डॉक्टर पर कर्मचारी को बंधक बनाकर पीटने का आरोप, बचाने आई मां लापता!

उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। जिले से एक बेहद हैरान और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां शहर के मुकेरीगंज स्थित नामचीन और प्राचीन निजी अस्पताल के संचालक डॉक्टर पर अपने ही कर्मचारी व उसकी मां को बेरहमी से पीटने का गंभीर आरोप लगा है। शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के दलसिंगार निवासी एक पीड़ित परिवार ने हॉस्पिटल' के संचालक डॉक्टर पर अपने भाई और मां को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने और गाड़ियां-मोबाइल हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद से पीड़ित की मां लापता है। डरे सहमे पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता नीतू चौधरी और सपना चौधरी के मुताबिक उसका भाई संतोष चौधरी आनन्द अस्पताल में कर्मचारी है। विवाद के कारण सोमवार को जब वह काम पर नहीं गया, तो डॉक्टर ने कर्मचारी भेजकर उसे जबरन बुलवा लिया और शराब के नशे में उसकी बेरहमी से पिटाई की। देर रात मां को भी अस्पताल बुलाकर अभद्रता की गई और उनका मंगलसूत्र व मोबाइल छीन लिया गया, जिसके बाद से मां मंजू चौधरी लापता हैं। वहीं, मौके पर पहुंचीं दोनों बहनों के साथ भी बदसलूकी के साथ वीडियो बनाने पर उनकी मोबाइल भी छिन ली गई। पीड़ित बहनों का आरोप है कि भाई को छोड़ने के एवज में डॉक्टर ने उनकी कार, स्कूटी और मोबाइल भी जबरन अपने कब्जे में ले लिए। हद तो तब हो गई जब मौके पर पहुंचे पहाड़पुर चौकी इंचार्ज ने भी डॉक्टर के रसूख के आगे घुटने टेक दिए और निष्पक्ष कार्रवाई करने की बजाय भाई संतोष को लात जूतों से पीटने लगे। पीड़ित बहनों ने एसपी से मिलकर डॉक्टर के कब्जे से अपना सामान छुड़ाने सहित भाई की रिहाई और लापता मां की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है।
विधवा महिला ने जेठ-जेठानी पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, पहुंची एसपी दरबार लगाई न्याय की गुहार


उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़::शहर कोतवाली क्षेत्र के दलसिंगार मोहल्ले की एक विधवा महिला रागिनी गौड़ ने अपने जेठ और जेठानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी को शिकायती पत्रक सौंपा है।

पीड़िता के अनुसार, अक्टूबर 2023 में उनके पति की मृत्यु के बाद से वह अपनी दो बेटियों के साथ रह रही हैं। आरोप है कि बीते 6 जून को उनके जेठ-जेठानी ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें घर से निकालने की कोशिश की। विरोध करने पर उनकी बेटी को उठाकर बाहर फेंक दिया गया और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों का कहना है कि पैतृक मकान में महिला का कोई हिस्सा नहीं है।

पीड़िता का आरोप है कि कोतवाली में शिकायत के बाद भी कोई बात नहीं बनी, जिसके कारण वह अपनी बेटियों के साथ घर के बाहर बरामदे में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित महिला ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।