आप छोड़ बीजेपी में आते ही बढ़ी संदीप पाठक की मुसीबत, पंजाब में 2 FIR के बाद दिल्ली में दबिश

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आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व सदस्य और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन पर पंजाब में दो गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों ही मामले गैर जमानती धाराओं में दर्ज हैं, जिससे कानूनी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन मामलों में कार्रवाई तेज की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी संभव है।

सुबह-सुबह घर से निकलते दिखे संदीप पाठक

संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एफआईआर के बाद पंजाब पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। वहीं गिरफ्तारी की संभावनाओं के बीच राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को दिल्ली स्थित अपने घर से गाड़ी में बैठकर बाहर निकलते हुए देखा गया है।

एफआईआर में क्या लगे आरोप?

सूत्रों के अनुसार, डॉ संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज होने की बात कही जा रही है। एक मामला कथित करप्शन से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरा महिला शोषण से संबंधित बताया गया है। हालांकि संबंधित पुलिस थानों या एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कौन हैं संदीप पाठक?

संदीप पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने आप छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है। आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात- संदीप पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिन्दर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी आदर्शों से भटक गई है। इन सात सांसदों में से छह पंजाब से हैं।

बाबूलाल मरांडी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवार्ड, गरीबों-वंचितों को समर्पित किया सम्मान

नेता प्रतिपक्ष सह राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। अम्बेडकर स्कूल ऑफ मार्शल आर्ट्स के अध्यक्ष, दर्जनों लिम्का बुक रिकॉर्ड होल्डर एवं अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सह बहुजन साहित्य अकादमी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अनिल बांसफोर के द्वारा मजदूर दिवस के अवसर पर रांची स्थित आवास पर आकर यह अवॉर्ड नेता प्रतिपक्ष को प्रदान किया गया।

इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता अनिल बांसफोर ने बताया कि 15 मार्च, 2026 को जीएसकेआर भवन बैरागीपट्टेदा तिरुपति आंध्रप्रदेश में बहुजन साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित 18वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

यह अवॉर्ड दलित, गरीब, वंचित समाज के उत्थान हेतु काम करने वाले विशिष्ट जनों को प्रदान किया जाता है। उसी अवॉर्ड को मेरे द्वारा उनके आवास पर जाकर उन्हें ससम्मान सौंपा गया।

इधर बाबूलाल मरांडी ने इस सम्मान को गरीबों, दलितों और वंचितों को समर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन तमाम वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा कार्य में ही समर्पित रहा है।

क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट? सरकार बता रही रणनीतिक और आर्थिक लाभ, राहुल ने कह डाला ‘सबसे बड़ा घोटाला’

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देश में इन दिनों भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के ख़िलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक बताया है। वहीं, केंद्र इसे देश की सुरक्षा और विकास के लिए जरूरी मान रहा है।

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर बहस, उस वक्त शुरू हुई, जब राहुल गांधी ने सरकार के इस प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा करते हुए कहा कि वहां के पेड़ लोगों की "यादों से भी पुराने" है।

जंगलों की कटाई पर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ''सरकार इसे एक 'प्रोजेक्ट' कहती है। लेकिन मैंने जो देखा, वह प्रोजेक्ट नहीं है। यहां लाखों पेड़ों को काटने के लिए उन्हें चिह्नित किया गया है। यह 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षावन को ख़त्म करने का फ़ैसला है। यह उन समुदायों की अनदेखी है, जिनके घर उनसे छीन लिए गए हैं।"

द्वीप का हर व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, ''इस द्वीप पर रहने वाला हर एक व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ है, लेकिन उनसे इस परियोजना के बारे में पूछा ही नहीं गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी जमीन के बदले उन्हें क्या मुआवजा मिलेगा। और अब मुझे समझ में आ रहा है कि सरकार मुझे यहां आने क्यों नहीं देना चाहती थी और मुझे यहां पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने इतना बड़ा प्रयास क्यों किया।" राहुल गांधी ने इसे "खुलेआम लूट" बताया और कहा कि द्वीप के निवासियों ने उनसे इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा है।

क्या कह रही केन्द्र सरकार?

वहीं, केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री रणनीति और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद अहम मान रही है। यह परियोजना अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की मौजूदगी मजबूत करेगी। इससे हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता बढ़ेगी। सरकार इसे चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति के जवाब और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा बता रही। सरकार का ये भी कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग मलक्का स्ट्रेट के पास बन रही इस परियोजना से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना?

ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक और आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में देश की मौजूदगी को सशक्त करना है। इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पावर प्लांट और आधुनिक टाउनशिप विकसित किए जाने की योजना है। यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापारिक क्षमता और सामरिक महत्व तीनों को एक साथ मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य?

इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। अभी तक देश को ट्रांसशिपमेंट के लिए कोलंबो और सिंगापुर जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। ग्रेट निकोबार में विकसित होने वाला ट्रांसशिपमेंट हब इस निर्भरता को कम करेगा और भारत को क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में प्रमुख स्थान दिलाएगा। इसके साथ ही यह परियोजना व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, निर्यात क्षमता सुधारने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की आर्थिक व रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

पीवीयूएनएल, पतरातू में डीएवी पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन

पीवीयूएनएल टाउनशिप, पतरातू में डीएवी पब्लिक स्कूल का शुभारंभ माननीय श्री अशोक कुमार सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), पीवीयूएनएल के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस गरिमामय अवसर पर श्रीमती रेनू सहगल, अध्यक्ष, स्वर्णरेखा महिला समिति, श्री अनुपम मुखर्जी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना), श्री जे. सी. पात्रा, महाप्रबंधक (O&C), श्री मनीष खेतरपाल, महाप्रबंधक (O&M), श्री जियाउर रहमान, प्रमुख (मानव संसाधन) सहित झारखंड के पांचों जोन के एरिया रीजनल अधिकारी, NEAP, EWA, SC & ST एसोसिएशन एवं SMS के कार्यकारी सदस्यगण भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न डीएवी स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

नवस्थापित डीएवी पब्लिक स्कूल में प्रारंभिक चरण में नर्सरी से कक्षा पाँचवीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के महत्व पर बल दिया तथा डीएवी प्रबंधन को विद्यालय में उच्चतम स्तर की शिक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी।

पीवीयूएनएल द्वारा स्थापित यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा।

पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन का 10वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, ‘उत्कर्ष उत्सव 2026’ में 51 महिलाओं सहित कई संस्थाएं सम्मानित

रायपुर- पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन ने पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर ‘पारस दशाब्दी उत्कर्ष उत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया। यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि समाज में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं और संस्थाओं को सम्मानित करने का एक प्रेरणादायक मंच भी बना।

कार्यक्रम में 500 से अधिक महिलाओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी से माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर गया। यह आयोजन इस बात का प्रतीक रहा कि समाज में अच्छे कार्यों को पहचान और सम्मान देना कितना जरूरी है।

इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 51 महिलाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही 7 गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) को भी उनके सराहनीय योगदान के लिए मंच पर सम्मान मिला।

कार्यक्रम की एक विशेष पहल उन संयुक्त परिवारों को सम्मानित करना भी रही, जिनमें चार पीढ़ियां एक साथ रह रही हैं। इस पहल के जरिए परिवारिक एकता और भारतीय संस्कृति के महत्व को उजागर किया गया।

इस आयोजन में पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. कविता कुंभज, सचिव मूलचंद कश्यप, कोषाध्यक्ष राहुल कुंभज एवं उपाध्यक्ष ज्योति की उपस्थिति रही। उनके नेतृत्व में कार्यक्रम बेहद सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, छत्तीसगढ़ बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा एवं छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा , एसीपी सीमा अहिवारा जी, पार्षद कृतिका जैन जी उपस्थित रहे। इसके अलावा कई विशिष्ट अतिथि, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस आयोजन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करना था। सम्मान प्राप्त करते समय प्रतिभागियों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था, जो कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में कई सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनमें कमलेश जैन (श्रीमती चम्पा इंदिरा देवी जैन चैरिटेबल ट्रस्ट रायपुर), गीता वर्मा, रुद्रांश ज्वेलर्स, डी.पी. गोस्वामी, अनिकेता भारद्वाज (डीएसी एकेडमी), रूपेंद्र साहू एवं हर्षा साहू (छत्तीसगढ़ डिफेंस एकेडमी), जय करण (जेई एलीवेटर), राहुल गुप्ता (लवकुश सेल्स एंड फर्नीचर), विनोद (तिरुपति धार्मिक यात्रा), राम तिवारी (मौलश्री मसाले), अजय साहू (अवधेश एप्टेक कम्प्यूटैक), ललित एवं लक्ष्मण (डीबी ग्राफिक्स), भास्कर साहू (एमवीएल फिल्म फोटोग्राफी), संजय महतो (माहतो स्टूडियो) एवं दीपक्षा (जैनम एकेडमी) सहित अन्य सहयोगी शामिल रहे।

इसके अलावा पियूष जैन, देवेंद्र चतुर्वेदी, हरदीप कौर, रात्रि लहरी, लाहोटी, शेखर वर्मा, रघुनाथ भरद्वाज, डॉ. उदय भान सिंह, अजय श्रीवास्तव, ब्रज यादव, भूपेंद्र मानिकपुरी, कमल साहू एवं प्रिय गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन द्वारा सभी सहयोगी साथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। खासतौर पर नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत साउथ क्लासिकल डांस ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और खूब तालियां बटोरीं।

इस आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के स्टाफ की भी अहम भूमिका रही। रानी सिंह ठाकुर, काजल, अतुल, पियूष और राधिका ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभालने में सराहनीय योगदान दिया।

कार्यक्रम का संचालन रात्रि लहरी और काजल ने बहुत ही सहज और प्रभावशाली ढंग से किया, जिससे पूरा कार्यक्रम व्यवस्थित और रोचक बना रहा।

पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन की 10 साल की यह यात्रा संघर्ष, मेहनत और समर्पण की कहानी है। एक छोटे स्तर से शुरुआत कर आज यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

‘पारस दशाब्दी उत्कर्ष उत्सव 2026’ केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि समाज में सकारात्मक कार्य करने वालों को सम्मान देने और दूसरों को प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम भी बना।

यह आयोजन पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की सामाजिक प्रतिबद्धता और सेवा भावना को दर्शाता है, जो आने वाले समय में और भी बड़े कार्यों की प्रेरणा देता रहेगा।

महिला आरक्षण पर पकड़ी गई कांग्रेस की चोरी, इसलिए बहा रहे हैं घड़ियाली आंसू : नीरा यादव

भाजपा की कोडरमा विधायक नीरा यादव ने प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस सहित विपक्षियों के चाल और चरित्र पर करारा प्रहार किया है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण पर जो कारनामा किया है, उनकी कारगुजारियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की कोशिश है। भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण, संतुलित प्रतिनिधित्व और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को एक विशेष सत्र बुलाया गया था ताकि सभी की सहमति से इतिहास रचा जा सके। प्रधानमंत्री ने भी सभी दलों से दलगत भाषण से ऊपर उठकर इसमें सहयोग करने की अपील की थी। कोई भी कार्य दलगत भावना से ऊपर उठकर संपन्न होता है तो वह राजनीति नहीं राष्ट्रहित हो जाता है लेकिन इस विशेष सत्र में एक बार फिर कांग्रेस सहित विपक्षियों का राजनीतिक चरित्र दिख गया। इतना ही नहीं विधेयक पास नहीं होने पर विपक्षी उत्सव मनाने में जुटे रहे। इनके आका राहुल गांधी अपने 40 मिनट के भाषण में कार्टून कार्टून खेलते रहे, इस दौरान उन्होंने नारियों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा। कांग्रेस के जश्न का जब एनडीए और देश की महिलाओं ने जब देश भर में विरोध करना शुरू किया तब कांग्रेस और विपक्षियों को लगा कि उनकी चोरी तो पकड़ी गई इसलिए फिर से एक बार इन दलों ने रंगे सियार की भांति घड़ियाली आंसू बहाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस की महिला नेत्री धरना देने और पीएम को पोस्टकार्ड भेजने की बात कर केवल अपनी दलीय धर्म निभा रही हैं। कोडरमा विधायक ने कांग्रेस की महिला नेत्रियों से कहा कि अपने नेता को बचाने की उनकी अपनी दलीय मजबूरी हो सकती है लेकिन जब दिल गवाही नहीं दे रहा तो चुपचाप रहना बेहतर है।

उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस का चेहरा पूरी तरह देश के सामने आ चुका है। जनता कभी इन पर विश्वास करने वाली नहीं है। पोस्टकार्ड बांटिए या धरना दीजिए, अब कोई फायदा नहीं है। जनता विपक्षियों की चरित्र को समझ चुकी है। देश की माताएं बहनें आपको माफ करने वाली नहीं है। देश की एक एक महिलाओं को सचेत होने की जरूरत है। विपक्षियों के झांसे में नहीं आना है। 60 साल तक इन्होंने ठगा है। इनकी घड़ियाली आंसू और दिगभ्रमित करने की योजना कारगर होने वाली नहीं है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या सिर्फ एनडीए की महिलाओं के लिए यह अधिनियम था ? क्या इसका लाभ पूरे देश की महिलाओं को नहीं मिलता ? इस अधिनियम के विरोध के पीछे कांग्रेस ने परिसीमन का बहाना बनाया तो कांग्रेसियों को यह बतानी चाहिए कि क्या बिना परिसीमन आरक्षण संभव है ? कांग्रेस ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर को खो दिया। भाजपा आश्वस्त करती है जब तक पीएम मोदी हैं, एनडीए है, तब तक महिलाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

इस दौरान महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह और रांची की महापौर रौशनी खलखो भी प्रेस वार्ता में मौजूद थी।

पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संसद में गूँजेगी आवाज: मनीष जायसवाल

रामगढ़ हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के रामगढ़ की ऐतिहासिक धरती पर पतरातु के एलेक्सा रिसॉर्ट में आयोजित भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ की 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। पत्रकारों के इस महाकुंभ में भारत के विभिन्न राज्यों सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी कलम के सिपाहियों का समागम हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए उनकी मांगों को देश के सर्वोच्च सदन में उठाने का संकल्प लिया।

बैठक के दौरान आयोजित गोष्ठी में पत्रकारों की सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ी चुनौतियों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि पत्रकार साथी अपनी जान जोखिम में डालकर समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि अक्सर उनकी अपनी आवाज अनसुनी रह जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ तभी मजबूत होगा जब पत्रकार स्वयं को सुरक्षित और समर्थ महसूस करेंगे।

सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकार संघ द्वारा रखे गए मांग पत्र पर अपनी पूर्ण सहमति जताते हुए विश्वास दिलाया कि कोविड काल से बंद रेलवे कन्सेशन की बहाली, पत्रकार सुरक्षा कानून (प्रोटेक्शन एक्ट) लागू करने, केंद्रीय टोल टैक्स में छूट और राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सुनिश्चित करने जैसे विषयों को वे आगामी लोकसभा के मानसून सत्र में संसद के पटल पर पूरी मजबूती के साथ रखेंगे।

मनीष जायसवाल ने पत्रकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि लोकतंत्र के सजग प्रहरियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मैं संसद से लेकर सड़क तक आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूँ। पत्रकार समाज का दर्पण हैं और उनके हितों की रक्षा करना शासन व प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर देश-विदेश से आए पत्रकार प्रतिनिधियों ने सांसद मनीष जायसवाल के इस आश्वासन का स्वागत किया और अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद जताई ।

उपायुक्त एवं नगर आयुक्त ने नगर निगम क्षेत्र का किया निरीक्षण, योजनाओं की प्रगति का किया अवलोकन

उपायुक्त हेमन्त सती एवं नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता द्वारा आज नगर निगम क्षेत्र का भ्रमण कर नगर निगम द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने हजारीबाग झील क्षेत्र में प्रस्तावित वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, झील पाथ-वे, झील परिसर में अवस्थित महात्मा गांधी जी की प्रतिमा स्थल के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण, स्थानीय सब्जी विक्रेताओं के लिए वेंडर मार्केट निर्माण कार्यों एवं निर्मल महतो पार्क आदि का मुआयना किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उपायुक्त ने कहा कि हजारीबाग झील शहर की पहचान है, इसके संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने, स्वच्छता बनाए रखने एवं पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

नगर आयुक्त ने भी निरीक्षण के दौरान चल रही योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

श्रमिक कल्याण की दिशा में PVUNL का बड़ा कदम: CEO ने किया आधुनिक श्रमिक विश्रामालय का उद्घाटन

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्री ए. के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल द्वारा संयंत्र परिसर में निर्मित श्रमिक विश्रामालय का उद्घाटन किया गया।

इस सुविधा के अंतर्गत पुरुष एवं महिला श्रमिकों हेतु पृथक विश्राम कक्ष, शौचालय सुविधाओं सहित उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे श्रमिकों के कल्याण एवं कार्यस्थल सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर श्रमिकों को संबोधित करते हुए श्री सहगल ने सभी कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों को मजदूर दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा भविष्य में भी श्रमिकों की सुविधा, स्वास्थ्य एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु और अधिक कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

श्री ए. के. सहगल द्वारा “श्रम पथ” पर नव निर्मित पेयजल सुविधा का भी उद्घाटन किया गया, जिससे श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

इस कार्यक्रम में श्री मनीष खेतरपाल, महाप्रबंधक (ओ एंड एम); श्री जे. सी. पात्रा, महाप्रबंधक (ऑपरेशन); श्री बी. डी. दास, महाप्रबंधक (परियोजना) एवं श्री जियाउर रहमान, विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रमिक उपस्थित थे।

यह पहल पीवीयूएनएल की श्रमिक कल्याण, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल सुरक्षा के प्रति सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पंजाब के सीएम भगवंत मान पर गंभीर आरोप, कांग्रेस और अकाली दल ने कहा-नशे में सदन चला रहे हैं मुख्यमंत्री

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पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों की बगावत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर राज्य में सियासत गर्मा गई है। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सीएम भगवंत मान नशे में लग रहे थे।

कांग्रेस का सदन से वॉकआउट

पंजाब के नेता विपक्ष और कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा के आरोपों के बाद कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं पार्टी ने सभी विधायकों के डोप परीक्षण और पीजीआईएमईआर द्वारा स्वतंत्र चिकित्सा जांच की भी मांग की।

प्रताप सिंह बाजवा ने की सभी का परीक्षण कराने की मांग

विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मान की कथित तौर पर नशे में होने के लिए आलोचना की और तत्काल डोप टेस्ट की मांग की। उन्होंने कहा कि हमें विधानसभा में आकर क्या करना चाहिए जहां मुख्यमंत्री नशे की हालत में हैं? जब राज्य का मुखिया पूरी तरह से नशे में है तो सत्र आयोजित करने का क्या उद्देश्य है? हम मांग करते हैं कि सभी का परीक्षण किया जाए। 

 

शिरोमणि अकाली दल ने भी लगाए आरोप

शिरोमणि अकाली दल ने भी इसी तरह के आरोप लगाए, इसे शर्मनाक बताया और मुख्यमंत्री के डोप परीक्षण की मांग की। अकाली दल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर विधानसभा सत्र में नशे की स्थिति में उपस्थित हुए थे। पार्टी ने इस आचरण को सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बहुत शर्म की बात है कि मुख्यमंत्री पवित्र विधानसभा में इस हालत में पहुंचे।

विधानसभा का यह विशेष सत्र पहले ही ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर बुलाया गया था। आम आदमी पार्टी (AAP) जहां भाजपा पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगा रही थी, वहीं इस नए विवाद ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक विस्फोटक बना दिया।

आप छोड़ बीजेपी में आते ही बढ़ी संदीप पाठक की मुसीबत, पंजाब में 2 FIR के बाद दिल्ली में दबिश

#sandeeppathakisintroubleafterjoining_bjp 

आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व सदस्य और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन पर पंजाब में दो गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों ही मामले गैर जमानती धाराओं में दर्ज हैं, जिससे कानूनी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन मामलों में कार्रवाई तेज की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी संभव है।

सुबह-सुबह घर से निकलते दिखे संदीप पाठक

संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एफआईआर के बाद पंजाब पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। वहीं गिरफ्तारी की संभावनाओं के बीच राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को दिल्ली स्थित अपने घर से गाड़ी में बैठकर बाहर निकलते हुए देखा गया है।

एफआईआर में क्या लगे आरोप?

सूत्रों के अनुसार, डॉ संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज होने की बात कही जा रही है। एक मामला कथित करप्शन से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरा महिला शोषण से संबंधित बताया गया है। हालांकि संबंधित पुलिस थानों या एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कौन हैं संदीप पाठक?

संदीप पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने आप छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है। आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात- संदीप पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिन्दर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी आदर्शों से भटक गई है। इन सात सांसदों में से छह पंजाब से हैं।

बाबूलाल मरांडी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवार्ड, गरीबों-वंचितों को समर्पित किया सम्मान

नेता प्रतिपक्ष सह राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। अम्बेडकर स्कूल ऑफ मार्शल आर्ट्स के अध्यक्ष, दर्जनों लिम्का बुक रिकॉर्ड होल्डर एवं अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सह बहुजन साहित्य अकादमी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अनिल बांसफोर के द्वारा मजदूर दिवस के अवसर पर रांची स्थित आवास पर आकर यह अवॉर्ड नेता प्रतिपक्ष को प्रदान किया गया।

इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता अनिल बांसफोर ने बताया कि 15 मार्च, 2026 को जीएसकेआर भवन बैरागीपट्टेदा तिरुपति आंध्रप्रदेश में बहुजन साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित 18वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मराण्डी को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

यह अवॉर्ड दलित, गरीब, वंचित समाज के उत्थान हेतु काम करने वाले विशिष्ट जनों को प्रदान किया जाता है। उसी अवॉर्ड को मेरे द्वारा उनके आवास पर जाकर उन्हें ससम्मान सौंपा गया।

इधर बाबूलाल मरांडी ने इस सम्मान को गरीबों, दलितों और वंचितों को समर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन तमाम वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा कार्य में ही समर्पित रहा है।

क्या है ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट? सरकार बता रही रणनीतिक और आर्थिक लाभ, राहुल ने कह डाला ‘सबसे बड़ा घोटाला’

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देश में इन दिनों भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय बहस के केंद्र में है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को प्राकृतिक और जनजातीय विरासत के ख़िलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक बताया है। वहीं, केंद्र इसे देश की सुरक्षा और विकास के लिए जरूरी मान रहा है।

राहुल गांधी का ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर बहस, उस वक्त शुरू हुई, जब राहुल गांधी ने सरकार के इस प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया। उन्होंने ग्रेट निकोबार आईलैंड के जंगलों का दौरा करते हुए कहा कि वहां के पेड़ लोगों की "यादों से भी पुराने" है।

जंगलों की कटाई पर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता ने अपने वीडियो संदेश में कहा, ''सरकार इसे एक 'प्रोजेक्ट' कहती है। लेकिन मैंने जो देखा, वह प्रोजेक्ट नहीं है। यहां लाखों पेड़ों को काटने के लिए उन्हें चिह्नित किया गया है। यह 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षावन को ख़त्म करने का फ़ैसला है। यह उन समुदायों की अनदेखी है, जिनके घर उनसे छीन लिए गए हैं।"

द्वीप का हर व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, ''इस द्वीप पर रहने वाला हर एक व्यक्ति इस परियोजना के ख़िलाफ है, लेकिन उनसे इस परियोजना के बारे में पूछा ही नहीं गया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी जमीन के बदले उन्हें क्या मुआवजा मिलेगा। और अब मुझे समझ में आ रहा है कि सरकार मुझे यहां आने क्यों नहीं देना चाहती थी और मुझे यहां पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने इतना बड़ा प्रयास क्यों किया।" राहुल गांधी ने इसे "खुलेआम लूट" बताया और कहा कि द्वीप के निवासियों ने उनसे इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा है।

क्या कह रही केन्द्र सरकार?

वहीं, केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय सुरक्षा, समुद्री रणनीति और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद अहम मान रही है। यह परियोजना अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की मौजूदगी मजबूत करेगी। इससे हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और रक्षा क्षमता बढ़ेगी। सरकार इसे चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति के जवाब और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा बता रही। सरकार का ये भी कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग मलक्का स्ट्रेट के पास बन रही इस परियोजना से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना?

ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक और आर्थिक पहल है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में देश की मौजूदगी को सशक्त करना है। इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, पावर प्लांट और आधुनिक टाउनशिप विकसित किए जाने की योजना है। यह सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, व्यापारिक क्षमता और सामरिक महत्व तीनों को एक साथ मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या है इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य?

इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। अभी तक देश को ट्रांसशिपमेंट के लिए कोलंबो और सिंगापुर जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। ग्रेट निकोबार में विकसित होने वाला ट्रांसशिपमेंट हब इस निर्भरता को कम करेगा और भारत को क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में प्रमुख स्थान दिलाएगा। इसके साथ ही यह परियोजना व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, निर्यात क्षमता सुधारने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की आर्थिक व रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

पीवीयूएनएल, पतरातू में डीएवी पब्लिक स्कूल का भव्य उद्घाटन

पीवीयूएनएल टाउनशिप, पतरातू में डीएवी पब्लिक स्कूल का शुभारंभ माननीय श्री अशोक कुमार सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), पीवीयूएनएल के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस गरिमामय अवसर पर श्रीमती रेनू सहगल, अध्यक्ष, स्वर्णरेखा महिला समिति, श्री अनुपम मुखर्जी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना), श्री जे. सी. पात्रा, महाप्रबंधक (O&C), श्री मनीष खेतरपाल, महाप्रबंधक (O&M), श्री जियाउर रहमान, प्रमुख (मानव संसाधन) सहित झारखंड के पांचों जोन के एरिया रीजनल अधिकारी, NEAP, EWA, SC & ST एसोसिएशन एवं SMS के कार्यकारी सदस्यगण भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न डीएवी स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

नवस्थापित डीएवी पब्लिक स्कूल में प्रारंभिक चरण में नर्सरी से कक्षा पाँचवीं तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के महत्व पर बल दिया तथा डीएवी प्रबंधन को विद्यालय में उच्चतम स्तर की शिक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी।

पीवीयूएनएल द्वारा स्थापित यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा।

पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन का 10वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, ‘उत्कर्ष उत्सव 2026’ में 51 महिलाओं सहित कई संस्थाएं सम्मानित

रायपुर- पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन ने पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर ‘पारस दशाब्दी उत्कर्ष उत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया। यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि समाज में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं और संस्थाओं को सम्मानित करने का एक प्रेरणादायक मंच भी बना।

कार्यक्रम में 500 से अधिक महिलाओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी से माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर गया। यह आयोजन इस बात का प्रतीक रहा कि समाज में अच्छे कार्यों को पहचान और सम्मान देना कितना जरूरी है।

इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 51 महिलाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही 7 गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) को भी उनके सराहनीय योगदान के लिए मंच पर सम्मान मिला।

कार्यक्रम की एक विशेष पहल उन संयुक्त परिवारों को सम्मानित करना भी रही, जिनमें चार पीढ़ियां एक साथ रह रही हैं। इस पहल के जरिए परिवारिक एकता और भारतीय संस्कृति के महत्व को उजागर किया गया।

इस आयोजन में पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. कविता कुंभज, सचिव मूलचंद कश्यप, कोषाध्यक्ष राहुल कुंभज एवं उपाध्यक्ष ज्योति की उपस्थिति रही। उनके नेतृत्व में कार्यक्रम बेहद सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, छत्तीसगढ़ बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा एवं छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा , एसीपी सीमा अहिवारा जी, पार्षद कृतिका जैन जी उपस्थित रहे। इसके अलावा कई विशिष्ट अतिथि, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस आयोजन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करना था। सम्मान प्राप्त करते समय प्रतिभागियों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था, जो कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में कई सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनमें कमलेश जैन (श्रीमती चम्पा इंदिरा देवी जैन चैरिटेबल ट्रस्ट रायपुर), गीता वर्मा, रुद्रांश ज्वेलर्स, डी.पी. गोस्वामी, अनिकेता भारद्वाज (डीएसी एकेडमी), रूपेंद्र साहू एवं हर्षा साहू (छत्तीसगढ़ डिफेंस एकेडमी), जय करण (जेई एलीवेटर), राहुल गुप्ता (लवकुश सेल्स एंड फर्नीचर), विनोद (तिरुपति धार्मिक यात्रा), राम तिवारी (मौलश्री मसाले), अजय साहू (अवधेश एप्टेक कम्प्यूटैक), ललित एवं लक्ष्मण (डीबी ग्राफिक्स), भास्कर साहू (एमवीएल फिल्म फोटोग्राफी), संजय महतो (माहतो स्टूडियो) एवं दीपक्षा (जैनम एकेडमी) सहित अन्य सहयोगी शामिल रहे।

इसके अलावा पियूष जैन, देवेंद्र चतुर्वेदी, हरदीप कौर, रात्रि लहरी, लाहोटी, शेखर वर्मा, रघुनाथ भरद्वाज, डॉ. उदय भान सिंह, अजय श्रीवास्तव, ब्रज यादव, भूपेंद्र मानिकपुरी, कमल साहू एवं प्रिय गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन द्वारा सभी सहयोगी साथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। खासतौर पर नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत साउथ क्लासिकल डांस ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और खूब तालियां बटोरीं।

इस आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के स्टाफ की भी अहम भूमिका रही। रानी सिंह ठाकुर, काजल, अतुल, पियूष और राधिका ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभालने में सराहनीय योगदान दिया।

कार्यक्रम का संचालन रात्रि लहरी और काजल ने बहुत ही सहज और प्रभावशाली ढंग से किया, जिससे पूरा कार्यक्रम व्यवस्थित और रोचक बना रहा।

पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन की 10 साल की यह यात्रा संघर्ष, मेहनत और समर्पण की कहानी है। एक छोटे स्तर से शुरुआत कर आज यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

‘पारस दशाब्दी उत्कर्ष उत्सव 2026’ केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि समाज में सकारात्मक कार्य करने वालों को सम्मान देने और दूसरों को प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम भी बना।

यह आयोजन पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की सामाजिक प्रतिबद्धता और सेवा भावना को दर्शाता है, जो आने वाले समय में और भी बड़े कार्यों की प्रेरणा देता रहेगा।

महिला आरक्षण पर पकड़ी गई कांग्रेस की चोरी, इसलिए बहा रहे हैं घड़ियाली आंसू : नीरा यादव

भाजपा की कोडरमा विधायक नीरा यादव ने प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस सहित विपक्षियों के चाल और चरित्र पर करारा प्रहार किया है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण पर जो कारनामा किया है, उनकी कारगुजारियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की कोशिश है। भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण, संतुलित प्रतिनिधित्व और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को एक विशेष सत्र बुलाया गया था ताकि सभी की सहमति से इतिहास रचा जा सके। प्रधानमंत्री ने भी सभी दलों से दलगत भाषण से ऊपर उठकर इसमें सहयोग करने की अपील की थी। कोई भी कार्य दलगत भावना से ऊपर उठकर संपन्न होता है तो वह राजनीति नहीं राष्ट्रहित हो जाता है लेकिन इस विशेष सत्र में एक बार फिर कांग्रेस सहित विपक्षियों का राजनीतिक चरित्र दिख गया। इतना ही नहीं विधेयक पास नहीं होने पर विपक्षी उत्सव मनाने में जुटे रहे। इनके आका राहुल गांधी अपने 40 मिनट के भाषण में कार्टून कार्टून खेलते रहे, इस दौरान उन्होंने नारियों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा। कांग्रेस के जश्न का जब एनडीए और देश की महिलाओं ने जब देश भर में विरोध करना शुरू किया तब कांग्रेस और विपक्षियों को लगा कि उनकी चोरी तो पकड़ी गई इसलिए फिर से एक बार इन दलों ने रंगे सियार की भांति घड़ियाली आंसू बहाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस की महिला नेत्री धरना देने और पीएम को पोस्टकार्ड भेजने की बात कर केवल अपनी दलीय धर्म निभा रही हैं। कोडरमा विधायक ने कांग्रेस की महिला नेत्रियों से कहा कि अपने नेता को बचाने की उनकी अपनी दलीय मजबूरी हो सकती है लेकिन जब दिल गवाही नहीं दे रहा तो चुपचाप रहना बेहतर है।

उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस का चेहरा पूरी तरह देश के सामने आ चुका है। जनता कभी इन पर विश्वास करने वाली नहीं है। पोस्टकार्ड बांटिए या धरना दीजिए, अब कोई फायदा नहीं है। जनता विपक्षियों की चरित्र को समझ चुकी है। देश की माताएं बहनें आपको माफ करने वाली नहीं है। देश की एक एक महिलाओं को सचेत होने की जरूरत है। विपक्षियों के झांसे में नहीं आना है। 60 साल तक इन्होंने ठगा है। इनकी घड़ियाली आंसू और दिगभ्रमित करने की योजना कारगर होने वाली नहीं है।

उन्होंने सवाल किया कि क्या सिर्फ एनडीए की महिलाओं के लिए यह अधिनियम था ? क्या इसका लाभ पूरे देश की महिलाओं को नहीं मिलता ? इस अधिनियम के विरोध के पीछे कांग्रेस ने परिसीमन का बहाना बनाया तो कांग्रेसियों को यह बतानी चाहिए कि क्या बिना परिसीमन आरक्षण संभव है ? कांग्रेस ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर को खो दिया। भाजपा आश्वस्त करती है जब तक पीएम मोदी हैं, एनडीए है, तब तक महिलाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

इस दौरान महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह और रांची की महापौर रौशनी खलखो भी प्रेस वार्ता में मौजूद थी।

पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए संसद में गूँजेगी आवाज: मनीष जायसवाल

रामगढ़ हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के रामगढ़ की ऐतिहासिक धरती पर पतरातु के एलेक्सा रिसॉर्ट में आयोजित भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ की 12वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। पत्रकारों के इस महाकुंभ में भारत के विभिन्न राज्यों सहित पड़ोसी देश नेपाल से भी कलम के सिपाहियों का समागम हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए उनकी मांगों को देश के सर्वोच्च सदन में उठाने का संकल्प लिया।

बैठक के दौरान आयोजित गोष्ठी में पत्रकारों की सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ी चुनौतियों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि पत्रकार साथी अपनी जान जोखिम में डालकर समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि अक्सर उनकी अपनी आवाज अनसुनी रह जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ तभी मजबूत होगा जब पत्रकार स्वयं को सुरक्षित और समर्थ महसूस करेंगे।

सांसद मनीष जायसवाल ने पत्रकार संघ द्वारा रखे गए मांग पत्र पर अपनी पूर्ण सहमति जताते हुए विश्वास दिलाया कि कोविड काल से बंद रेलवे कन्सेशन की बहाली, पत्रकार सुरक्षा कानून (प्रोटेक्शन एक्ट) लागू करने, केंद्रीय टोल टैक्स में छूट और राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सुनिश्चित करने जैसे विषयों को वे आगामी लोकसभा के मानसून सत्र में संसद के पटल पर पूरी मजबूती के साथ रखेंगे।

मनीष जायसवाल ने पत्रकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि लोकतंत्र के सजग प्रहरियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मैं संसद से लेकर सड़क तक आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूँ। पत्रकार समाज का दर्पण हैं और उनके हितों की रक्षा करना शासन व प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर देश-विदेश से आए पत्रकार प्रतिनिधियों ने सांसद मनीष जायसवाल के इस आश्वासन का स्वागत किया और अपनी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद जताई ।

उपायुक्त एवं नगर आयुक्त ने नगर निगम क्षेत्र का किया निरीक्षण, योजनाओं की प्रगति का किया अवलोकन

उपायुक्त हेमन्त सती एवं नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता द्वारा आज नगर निगम क्षेत्र का भ्रमण कर नगर निगम द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने हजारीबाग झील क्षेत्र में प्रस्तावित वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, झील पाथ-वे, झील परिसर में अवस्थित महात्मा गांधी जी की प्रतिमा स्थल के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण, स्थानीय सब्जी विक्रेताओं के लिए वेंडर मार्केट निर्माण कार्यों एवं निर्मल महतो पार्क आदि का मुआयना किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उपायुक्त ने कहा कि हजारीबाग झील शहर की पहचान है, इसके संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने, स्वच्छता बनाए रखने एवं पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

नगर आयुक्त ने भी निरीक्षण के दौरान चल रही योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

श्रमिक कल्याण की दिशा में PVUNL का बड़ा कदम: CEO ने किया आधुनिक श्रमिक विश्रामालय का उद्घाटन

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्री ए. के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल द्वारा संयंत्र परिसर में निर्मित श्रमिक विश्रामालय का उद्घाटन किया गया।

इस सुविधा के अंतर्गत पुरुष एवं महिला श्रमिकों हेतु पृथक विश्राम कक्ष, शौचालय सुविधाओं सहित उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे श्रमिकों के कल्याण एवं कार्यस्थल सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर श्रमिकों को संबोधित करते हुए श्री सहगल ने सभी कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों को मजदूर दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा भविष्य में भी श्रमिकों की सुविधा, स्वास्थ्य एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु और अधिक कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

श्री ए. के. सहगल द्वारा “श्रम पथ” पर नव निर्मित पेयजल सुविधा का भी उद्घाटन किया गया, जिससे श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

इस कार्यक्रम में श्री मनीष खेतरपाल, महाप्रबंधक (ओ एंड एम); श्री जे. सी. पात्रा, महाप्रबंधक (ऑपरेशन); श्री बी. डी. दास, महाप्रबंधक (परियोजना) एवं श्री जियाउर रहमान, विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रमिक उपस्थित थे।

यह पहल पीवीयूएनएल की श्रमिक कल्याण, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल सुरक्षा के प्रति सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पंजाब के सीएम भगवंत मान पर गंभीर आरोप, कांग्रेस और अकाली दल ने कहा-नशे में सदन चला रहे हैं मुख्यमंत्री

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पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों की बगावत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर राज्य में सियासत गर्मा गई है। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सीएम भगवंत मान नशे में लग रहे थे।

कांग्रेस का सदन से वॉकआउट

पंजाब के नेता विपक्ष और कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा के आरोपों के बाद कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं पार्टी ने सभी विधायकों के डोप परीक्षण और पीजीआईएमईआर द्वारा स्वतंत्र चिकित्सा जांच की भी मांग की।

प्रताप सिंह बाजवा ने की सभी का परीक्षण कराने की मांग

विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मान की कथित तौर पर नशे में होने के लिए आलोचना की और तत्काल डोप टेस्ट की मांग की। उन्होंने कहा कि हमें विधानसभा में आकर क्या करना चाहिए जहां मुख्यमंत्री नशे की हालत में हैं? जब राज्य का मुखिया पूरी तरह से नशे में है तो सत्र आयोजित करने का क्या उद्देश्य है? हम मांग करते हैं कि सभी का परीक्षण किया जाए। 

 

शिरोमणि अकाली दल ने भी लगाए आरोप

शिरोमणि अकाली दल ने भी इसी तरह के आरोप लगाए, इसे शर्मनाक बताया और मुख्यमंत्री के डोप परीक्षण की मांग की। अकाली दल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर विधानसभा सत्र में नशे की स्थिति में उपस्थित हुए थे। पार्टी ने इस आचरण को सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बहुत शर्म की बात है कि मुख्यमंत्री पवित्र विधानसभा में इस हालत में पहुंचे।

विधानसभा का यह विशेष सत्र पहले ही ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर बुलाया गया था। आम आदमी पार्टी (AAP) जहां भाजपा पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगा रही थी, वहीं इस नए विवाद ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक विस्फोटक बना दिया।