हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह में चमके विद्यार्थी

अम्बिकापुर- हम अपने विद्यार्थियों से हमेशा जुड़े रहते हैं और आपकी सफलता हमे गौरवान्वित करती है। यह बातें बुधवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आप अपनी सफलताओं से हमें अवगत कराइये जिस पर हम जश्न मनायें। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप उच्च शिक्षा में आयें। महाविद्यालय के स्नातक के कई पाठ्यक्रम संचालित हैं जो आपके कॅरिअर में सहायक होगा.


इससे पहले सभी प्राध्यापकों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी प्राध्यापकों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने कहा कि यह अवसर आपके श्रेष्ठता साबित करने का है। स्नातत की शिक्षा यहां पूरी होने वाली है अब आगे आपका कॅरिअर शुरू होगा। शिक्षा और कॅरिअर दोनों में आप सफल हों। इस दौरान विद्यार्थियों में अनुषा सिंह, शमा प्रार्थना, दयानन्द ने कॉलेज के अनुभव साझा किये।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, एनईपी प्रभारी डॉ. आरएन शर्मा, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

नगर निगम चुनाव 2026 : मतगणना की तैयारियां पूर्ण,कल होगी मतगणना

नगर निगम चुनाव 2026 के अंतर्गत कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर में संचालित मतगणना केंद्र का उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री शशि प्रकाश सिंह ने निरीक्षण कर मतगणना की अंतिम तैयारियों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश नियंत्रण, बैरिकेडिंग, मीडिया सेंटर,सीसीटीवी निगरानी, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैठने की व्यवस्था तथा मतगणना कर्मियों हेतु आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जाए।

ज्ञात हो कि हजारीबाग नगर निगम के 36 वार्डों में संपन्न निर्वाचन के उपरांत 27 फरवरी को मतगणना निर्धारित है। इसके लिए सभी प्रशासनिक एवं सुरक्षा तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

उपायुक्त ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी तथा अधिकृत व्यक्तियों को ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। मीडिया कर्मी बाजार समिति परिसर में बने मीडिया सेंटर तक ही मोबाइल फोन ले जा सकेंगे। मौके पर उन्होंने मतगणना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने का निर्देश दिया।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से मतगणना के दिन विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

उपायुक्त ने की राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के दिए निर्देश

हजारीबाग : समाहरणालय सभागार में गुरुवार को शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में राजस्व विभाग का समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पीजी पोर्टल, भू-मापी, म्यूटेशन, दाखिल-खारिज, सो-मोटो म्यूटेशन, ई-रिवेन्यू कोर्ट, आरसीएमएस ऑनलाइन रिपोर्ट, ऑनलाइन लगान, दाखिल खारिज, परिशोधन पोर्टल सहित अन्य संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने जनता दरबार में प्राप्त भू-अर्जन से संबंधित आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने तथा ई-रिवेन्यू कोर्ट में लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में आए मामलों की जांचोपरांत त्वरित निष्पादन तथा पीजी पोर्टल पर लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष बल दिया। भू-मापी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने 90 दिनों से अधिक लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का निर्देश दिया। साथ ही उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों के ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर भी बल दिया गया।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को जनता दरबार एवं सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में प्राप्त राजस्व एवं भू-अर्जन से जुड़ी शिकायतों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। म्यूटेशन मामलों में प्रगति बढ़ाने, परिशोधन मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने तथा ई-रिवेन्यू कोर्ट में दायर एवं निष्पादित वादों की गहन समीक्षा कर लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया गया।

उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया कि अंचल कार्यालय में आने वाले भूमि विवाद एवं सेटलमेंट संबंधित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। भूमि हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेजों की ऑनलाइन एंट्री कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया। सदर एवं बरही अनुमंडल पदाधिकारियों को सो-मोटो म्यूटेशन, परिशोधन पोर्टल, म्यूटेशन एवं रिजेक्टेड मामलों की साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उपायुक्त के अतिरिक्त सदर अनुमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, सदर एवं बरही डीसीएलआर, सभी अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

जिला प्रशासन की पहल पर रक्तदान शिविर का आयोजन, 28 यूनिट रक्त संग्रहित

पायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार गुरुवार को समाहरणालय परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया।

आयोजित शिविर में कुल 28 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

इस अवसर पर उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि रक्तदान एक पुनीत एवं मानवीय कार्य है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रक्त की कमी न हो।

उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। अतः सभी नागरिक इस मानवीय अभियान का हिस्सा बनें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

शिविर के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

छात्रों के लिए मेरा बंगला नीलाम कर दो": विधानसभा में मंत्री चमरा लिंडा पर बरसे टाइगर जयराम महतो

राँची: झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान गुरुवार को टाइगर जयराम महतो अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में नजर आए। राज्य के ओबीसी (OBC) छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति न मिलने के मुद्दे पर उन्होंने सरकार और विभागीय मंत्री चमरा लिंडा की जमकर क्लास लगाई। सदन के अंदर और बाहर, दोनों ही जगह जयराम महतो के बयानों ने गर्मी पैदा कर दी।

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बंगला नीलामी की पेशकश: बहस के दौरान जयराम महतो इतने भावुक और आक्रामक हो गए कि उन्होंने सीधे मंत्री से कहा, "अगर सरकार के पास फंड की कमी है, तो मेरा बंगला नीलाम कर दीजिए, लेकिन छात्रों के हक का पैसा मत रोकिए।" उन्होंने आगे सुझाव दिया कि विधायकों को मिलने वाली विधायक निधि (MLA Fund) का पैसा छात्रों की छात्रवृत्ति में लगा दिया जाना चाहिए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे।

मंत्री का पलटवार और केंद्र पर दोष: जवाब में विभागीय मंत्री चमरा लिंडा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि राज्य सरकार छात्रों को लाभ देने के लिए सजग है। उन्होंने देरी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ते हुए कहा कि केंद्र से राशि का आवंटन नहीं होने के कारण वितरण में बाधा आ रही है।

इस पर जयराम महतो ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अगर मंत्री छात्रों के लिए कुछ नहीं कर सकते, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।


रसायन–उर्वरक स्थायी समिति में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए जनहित के अहम मुद्दे

नई दिल्ली/रायपुर- गुरुवार को नई दिल्ली संसद भवन में आयोजित रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी हस्तक्षेप किया।

बैठक में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत औषध विभाग तथा रसायन और पेट्रोरसायन विभाग की वर्ष 2026-27 की ‘अनुदानों की मांगों’ पर मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में दवाओं की उपलब्धता, जनऔषधि योजनाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन, फार्मास्यूटिकल उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा, तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की समयबद्ध आपूर्ति जैसे मुद्दों को गंभीरता से उठाया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ समेत देश के विकास की आधारशिला सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था और सुदृढ़ कृषि तंत्र है। औषध निर्माण में आत्मनिर्भरता, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा, तथा उर्वरक क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना समय की मांग है।

श्री अग्रवाल ने मंत्रालय के अधिकारियों से छत्तीसगढ़ सहित देश के दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में दवाओं और उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में अपने व्यापक अनुभव और दूरदर्शी सोच का परिचय देते हुए यह रेखांकित किया कि बजटीय प्रावधान केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रत्यक्ष लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने जनकल्याण को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि संसद की समितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था की सशक्त कड़ी हैं, जहां गंभीर विमर्श के माध्यम से नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाता है।

उनकी सक्रियता और सजग नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे न केवल अपने संसदीय क्षेत्र, बल्कि पूरे राष्ट्र के हितों के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं। जनहित, पारदर्शिता और विकास के प्रति उनका समर्पण एक बार फिर इस महत्वपूर्ण बैठक में परिलक्षित हुआ।

दु:ख की घड़ी में साथ: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पहुँचे जिलिंगोड़ा, चंपई सोरेन के पोते 'वीर सोरेन' को दी श्रद्धांजलि

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सरायकेला-खरसावां (जिलिंगोड़ा): मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन गुरुवार को सरायकेला-खरसावां जिले के जिलिंगोड़ा गाँव पहुँचे। यहाँ उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन के पोते, वीर सोरेन (सुपुत्र श्री बाबूलाल सोरेन) के असामयिक और दुखद निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत वीर सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अत्यंत कठिन समय में मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन, श्री बाबूलाल सोरेन एवं उनके परिवार के अन्य सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की और उन्हें ढाँढस बँधाया।

मुख्यमंत्री ने अपनी शोक-संवेदना में कहा कि एक युवा जीवन का इस प्रकार असमय चले जाना पूरे परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने मरांग बुरु (ईश्वर) से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय कष्ट को सहने की शक्ति प्रदान करें।

लौहनगरी में भक्ति का नया अध्याय: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रखी 100 करोड़ के श्री जगन्नाथ केंद्र की आधारशिला

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जमशेदपुर (कदमा): जमशेदपुर के मरीन ड्राइव (कदमा) में आज एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक समागम देखने को मिला। माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी। इस गरिमामयी अवसर पर राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान विशेष रूप से उपस्थित रहे।

100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य धाम:

ओडिशा के पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनने वाले इस केंद्र का निर्माण श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत वाली यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री का संबोधन:

भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, "देश और दुनिया में ऐसी कई संस्थाएं हैं जो मानव जीवन को तराशने का काम करती हैं। आज जिस केंद्र की नींव रखी जा रही है, वह सामाजिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समन्वय का एक जीवंत उदाहरण बनेगा।" मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट के उद्देश्यों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह केंद्र आने वाले समय में एक भव्य मूर्त रूप लेगा।

गणमान्य जनों की उपस्थिति:

समारोह में जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरन महतो, विधायक सरयू राय, विधायक पूर्णिमा साहू, टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी.वी. नरेंद्रन, ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी एस.के. बेहरा सहित कई हस्तियां और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

पुरी की तर्ज पर जमशेदपुर में बनेगा ₹100 करोड़ का जगन्नाथ मंदिर; राष्ट्रपति ने किया भूमि पूजन

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जमशेदपुर: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर जमशेदपुर पहुँचीं। सोनारी एयरपोर्ट पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात राष्ट्रपति सड़क मार्ग से कदमा स्थित मरीन ड्राइव पहुँचीं, जहाँ उन्होंने 'श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केन्द्र ट्रस्ट' के भव्य मंदिर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया।

पुरी की तर्ज पर बनेगा भव्य धाम:

ट्रस्ट के अध्यक्ष एस.के. बेहरा ने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर ढाई एकड़ भूमि पर विकसित होगा। मुख्य मंदिर की संरचना ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर होगी।

परियोजना: मुख्य मंदिर 1.5 एकड़ में और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र 1 एकड़ में बनेगा।

समय सीमा: आध्यात्मिक केंद्र 2 वर्षों में और मुख्य मंदिर 4 वर्षों में बनकर तैयार होगा।

युवाओं के लिए बनेगा 'संस्कार केंद्र':

इस केंद्र का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यहाँ गीता और भागवत जैसे ग्रंथों के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, नैतिकता और आत्मबल की शिक्षा दी जाएगी। जमशेदपुर के 200-250 किमी के दायरे के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहाँ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाएगा।

आगे का कार्यक्रम:

जगन्नाथ मंदिर के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। यहाँ वे एक नए भवन का शिलान्यास करने के साथ ही मेडिकल छात्रों से सीधा संवाद करेंगी।

सुरक्षा व्यवस्था:

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जमशेदपुर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नो-एंट्री लागू की गई है ताकि सुरक्षा और आमजन की सुविधा के बीच तालमेल बना रहे।

NCERT विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान की सफाई, बोले-न्यायपालिका का अपमान करने की मंशा नहीं थी

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एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े आपत्तिजनक बातों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने इसे न्यायपालिका को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश करार दिया और बाजार से किताब को वापस लेने का निर्देश दिया।

एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका से जुड़े कथित विवादित अध्याय पर अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जो कुछ हुआ उससे उन्हें गहरा दुख है और सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से न्यायपालिका का अपमान करने की कोई मंशा नहीं थी।

धर्मेद्र प्रधान ने कहा, 'हम ज्यूडिशियरी का पूरा सम्मान करते हैं। ज्यूडिशियरी ने जो भी कहा है, हम उसका पूरा पालन करेंगे। जो हुआ है, उससे मैं बहुत दुखी हूं, और मैं अफसोस जाहिर करता हूं। जैसे ही यह मामला मेरे ध्यान में आया, मैंने तुरंत NCERT को संबंधित किताबें वापस लेने का निर्देश दिया ताकि वे आगे सर्कुलेट न हों। उन्हें वापस बुलाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।'

सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की जा रही-प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार न्यायपालिका का सर्वोच्च सम्मान करती है और किसी भी शैक्षणिक सामग्री के जरिए संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ी सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की जा रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अध्याय तैयार करने में शामिल लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य जागरूकता फैलाना है, संस्थाओं को बदनाम करना नहीं।

सीजेआई की अहम टिप्पणी

इससे पहले गुरूवार सुबह मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचौली की बेंच ने मामले पर सुनवाई की। सीजेआई सूर्यकांत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कुछ अहम टिप्पणियां की। सीजेआई ने आदेश में कहा कि व्यवस्था के 3 अंग - विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका लोकतंत्र के सुचारू रूप से काम करने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा, 'हमें एक अखबार से NCERT की किताब में लिखे गए अंश का पता चला। इसे जानकर हमें आघात पहुंचा।'

न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश

सीजेआई ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह सोच समझकर न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। सीजेआई ने कहा कि न्यायपालिका के बारे में इस तरह की बातें करना और उसके प्रति असम्मान फैलाना निश्चित रूप से आपराधिक अवमानना का मामला हो सकता है। अगर ऐसा जान-बूझकर किया गया है तो।

हम सिर्फ माफी पर जाने नहीं दे सकते-सीजेआई

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यह सोचा-समझा योजनाबद्ध कदम है। बच्चों के अलावा शिक्षक और अभिभावक भी इसे पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम अधिकारियों को सिर्फ माफी पर जाने नहीं दे सकते। यह कहना कि इसे हटाया जा रहा है, काफी नहीं। किताब मार्केट में गई। मैंने भी इसकी एक कॉपी देखी है। उन्होंने शिक्षा विभाग को आदेश दिया कि मार्केट और स्कूलों में भेजी गई किताबें वापस ली जाएं और किताब का ऑनलाइन मटीरियल भी हटाया जाए।

हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह में चमके विद्यार्थी

अम्बिकापुर- हम अपने विद्यार्थियों से हमेशा जुड़े रहते हैं और आपकी सफलता हमे गौरवान्वित करती है। यह बातें बुधवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आप अपनी सफलताओं से हमें अवगत कराइये जिस पर हम जश्न मनायें। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप उच्च शिक्षा में आयें। महाविद्यालय के स्नातक के कई पाठ्यक्रम संचालित हैं जो आपके कॅरिअर में सहायक होगा.


इससे पहले सभी प्राध्यापकों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी प्राध्यापकों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने कहा कि यह अवसर आपके श्रेष्ठता साबित करने का है। स्नातत की शिक्षा यहां पूरी होने वाली है अब आगे आपका कॅरिअर शुरू होगा। शिक्षा और कॅरिअर दोनों में आप सफल हों। इस दौरान विद्यार्थियों में अनुषा सिंह, शमा प्रार्थना, दयानन्द ने कॉलेज के अनुभव साझा किये।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, एनईपी प्रभारी डॉ. आरएन शर्मा, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

नगर निगम चुनाव 2026 : मतगणना की तैयारियां पूर्ण,कल होगी मतगणना

नगर निगम चुनाव 2026 के अंतर्गत कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर में संचालित मतगणना केंद्र का उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री शशि प्रकाश सिंह ने निरीक्षण कर मतगणना की अंतिम तैयारियों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश नियंत्रण, बैरिकेडिंग, मीडिया सेंटर,सीसीटीवी निगरानी, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैठने की व्यवस्था तथा मतगणना कर्मियों हेतु आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराई जाए।

ज्ञात हो कि हजारीबाग नगर निगम के 36 वार्डों में संपन्न निर्वाचन के उपरांत 27 फरवरी को मतगणना निर्धारित है। इसके लिए सभी प्रशासनिक एवं सुरक्षा तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

उपायुक्त ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी तथा अधिकृत व्यक्तियों को ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी। मीडिया कर्मी बाजार समिति परिसर में बने मीडिया सेंटर तक ही मोबाइल फोन ले जा सकेंगे। मौके पर उन्होंने मतगणना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने का निर्देश दिया।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से मतगणना के दिन विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

उपायुक्त ने की राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के दिए निर्देश

हजारीबाग : समाहरणालय सभागार में गुरुवार को शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में राजस्व विभाग का समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पीजी पोर्टल, भू-मापी, म्यूटेशन, दाखिल-खारिज, सो-मोटो म्यूटेशन, ई-रिवेन्यू कोर्ट, आरसीएमएस ऑनलाइन रिपोर्ट, ऑनलाइन लगान, दाखिल खारिज, परिशोधन पोर्टल सहित अन्य संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने जनता दरबार में प्राप्त भू-अर्जन से संबंधित आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने तथा ई-रिवेन्यू कोर्ट में लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में आए मामलों की जांचोपरांत त्वरित निष्पादन तथा पीजी पोर्टल पर लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष बल दिया। भू-मापी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने 90 दिनों से अधिक लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का निर्देश दिया। साथ ही उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों के ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर भी बल दिया गया।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को जनता दरबार एवं सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में प्राप्त राजस्व एवं भू-अर्जन से जुड़ी शिकायतों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। म्यूटेशन मामलों में प्रगति बढ़ाने, परिशोधन मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने तथा ई-रिवेन्यू कोर्ट में दायर एवं निष्पादित वादों की गहन समीक्षा कर लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया गया।

उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया कि अंचल कार्यालय में आने वाले भूमि विवाद एवं सेटलमेंट संबंधित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। भूमि हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेजों की ऑनलाइन एंट्री कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया। सदर एवं बरही अनुमंडल पदाधिकारियों को सो-मोटो म्यूटेशन, परिशोधन पोर्टल, म्यूटेशन एवं रिजेक्टेड मामलों की साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उपायुक्त के अतिरिक्त सदर अनुमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, सदर एवं बरही डीसीएलआर, सभी अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

जिला प्रशासन की पहल पर रक्तदान शिविर का आयोजन, 28 यूनिट रक्त संग्रहित

पायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार गुरुवार को समाहरणालय परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया।

आयोजित शिविर में कुल 28 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

इस अवसर पर उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि रक्तदान एक पुनीत एवं मानवीय कार्य है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रक्त की कमी न हो।

उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। अतः सभी नागरिक इस मानवीय अभियान का हिस्सा बनें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

शिविर के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

छात्रों के लिए मेरा बंगला नीलाम कर दो": विधानसभा में मंत्री चमरा लिंडा पर बरसे टाइगर जयराम महतो

राँची: झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान गुरुवार को टाइगर जयराम महतो अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में नजर आए। राज्य के ओबीसी (OBC) छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति न मिलने के मुद्दे पर उन्होंने सरकार और विभागीय मंत्री चमरा लिंडा की जमकर क्लास लगाई। सदन के अंदर और बाहर, दोनों ही जगह जयराम महतो के बयानों ने गर्मी पैदा कर दी।

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बंगला नीलामी की पेशकश: बहस के दौरान जयराम महतो इतने भावुक और आक्रामक हो गए कि उन्होंने सीधे मंत्री से कहा, "अगर सरकार के पास फंड की कमी है, तो मेरा बंगला नीलाम कर दीजिए, लेकिन छात्रों के हक का पैसा मत रोकिए।" उन्होंने आगे सुझाव दिया कि विधायकों को मिलने वाली विधायक निधि (MLA Fund) का पैसा छात्रों की छात्रवृत्ति में लगा दिया जाना चाहिए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे।

मंत्री का पलटवार और केंद्र पर दोष: जवाब में विभागीय मंत्री चमरा लिंडा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि राज्य सरकार छात्रों को लाभ देने के लिए सजग है। उन्होंने देरी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ते हुए कहा कि केंद्र से राशि का आवंटन नहीं होने के कारण वितरण में बाधा आ रही है।

इस पर जयराम महतो ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अगर मंत्री छात्रों के लिए कुछ नहीं कर सकते, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।


रसायन–उर्वरक स्थायी समिति में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए जनहित के अहम मुद्दे

नई दिल्ली/रायपुर- गुरुवार को नई दिल्ली संसद भवन में आयोजित रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी हस्तक्षेप किया।

बैठक में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत औषध विभाग तथा रसायन और पेट्रोरसायन विभाग की वर्ष 2026-27 की ‘अनुदानों की मांगों’ पर मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में दवाओं की उपलब्धता, जनऔषधि योजनाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन, फार्मास्यूटिकल उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा, तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की समयबद्ध आपूर्ति जैसे मुद्दों को गंभीरता से उठाया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ समेत देश के विकास की आधारशिला सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था और सुदृढ़ कृषि तंत्र है। औषध निर्माण में आत्मनिर्भरता, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा, तथा उर्वरक क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना समय की मांग है।

श्री अग्रवाल ने मंत्रालय के अधिकारियों से छत्तीसगढ़ सहित देश के दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में दवाओं और उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में अपने व्यापक अनुभव और दूरदर्शी सोच का परिचय देते हुए यह रेखांकित किया कि बजटीय प्रावधान केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रत्यक्ष लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने जनकल्याण को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि संसद की समितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था की सशक्त कड़ी हैं, जहां गंभीर विमर्श के माध्यम से नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाता है।

उनकी सक्रियता और सजग नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे न केवल अपने संसदीय क्षेत्र, बल्कि पूरे राष्ट्र के हितों के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं। जनहित, पारदर्शिता और विकास के प्रति उनका समर्पण एक बार फिर इस महत्वपूर्ण बैठक में परिलक्षित हुआ।

दु:ख की घड़ी में साथ: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पहुँचे जिलिंगोड़ा, चंपई सोरेन के पोते 'वीर सोरेन' को दी श्रद्धांजलि

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सरायकेला-खरसावां (जिलिंगोड़ा): मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन गुरुवार को सरायकेला-खरसावां जिले के जिलिंगोड़ा गाँव पहुँचे। यहाँ उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन के पोते, वीर सोरेन (सुपुत्र श्री बाबूलाल सोरेन) के असामयिक और दुखद निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत वीर सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अत्यंत कठिन समय में मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन, श्री बाबूलाल सोरेन एवं उनके परिवार के अन्य सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की और उन्हें ढाँढस बँधाया।

मुख्यमंत्री ने अपनी शोक-संवेदना में कहा कि एक युवा जीवन का इस प्रकार असमय चले जाना पूरे परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने मरांग बुरु (ईश्वर) से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय कष्ट को सहने की शक्ति प्रदान करें।

लौहनगरी में भक्ति का नया अध्याय: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रखी 100 करोड़ के श्री जगन्नाथ केंद्र की आधारशिला

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जमशेदपुर (कदमा): जमशेदपुर के मरीन ड्राइव (कदमा) में आज एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक समागम देखने को मिला। माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी। इस गरिमामयी अवसर पर राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान विशेष रूप से उपस्थित रहे।

100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य धाम:

ओडिशा के पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनने वाले इस केंद्र का निर्माण श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत वाली यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री का संबोधन:

भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, "देश और दुनिया में ऐसी कई संस्थाएं हैं जो मानव जीवन को तराशने का काम करती हैं। आज जिस केंद्र की नींव रखी जा रही है, वह सामाजिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समन्वय का एक जीवंत उदाहरण बनेगा।" मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट के उद्देश्यों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह केंद्र आने वाले समय में एक भव्य मूर्त रूप लेगा।

गणमान्य जनों की उपस्थिति:

समारोह में जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरन महतो, विधायक सरयू राय, विधायक पूर्णिमा साहू, टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी.वी. नरेंद्रन, ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी एस.के. बेहरा सहित कई हस्तियां और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

पुरी की तर्ज पर जमशेदपुर में बनेगा ₹100 करोड़ का जगन्नाथ मंदिर; राष्ट्रपति ने किया भूमि पूजन

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जमशेदपुर: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर जमशेदपुर पहुँचीं। सोनारी एयरपोर्ट पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात राष्ट्रपति सड़क मार्ग से कदमा स्थित मरीन ड्राइव पहुँचीं, जहाँ उन्होंने 'श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केन्द्र ट्रस्ट' के भव्य मंदिर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया।

पुरी की तर्ज पर बनेगा भव्य धाम:

ट्रस्ट के अध्यक्ष एस.के. बेहरा ने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर ढाई एकड़ भूमि पर विकसित होगा। मुख्य मंदिर की संरचना ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर होगी।

परियोजना: मुख्य मंदिर 1.5 एकड़ में और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र 1 एकड़ में बनेगा।

समय सीमा: आध्यात्मिक केंद्र 2 वर्षों में और मुख्य मंदिर 4 वर्षों में बनकर तैयार होगा।

युवाओं के लिए बनेगा 'संस्कार केंद्र':

इस केंद्र का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यहाँ गीता और भागवत जैसे ग्रंथों के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, नैतिकता और आत्मबल की शिक्षा दी जाएगी। जमशेदपुर के 200-250 किमी के दायरे के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहाँ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाएगा।

आगे का कार्यक्रम:

जगन्नाथ मंदिर के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। यहाँ वे एक नए भवन का शिलान्यास करने के साथ ही मेडिकल छात्रों से सीधा संवाद करेंगी।

सुरक्षा व्यवस्था:

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जमशेदपुर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नो-एंट्री लागू की गई है ताकि सुरक्षा और आमजन की सुविधा के बीच तालमेल बना रहे।

NCERT विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान की सफाई, बोले-न्यायपालिका का अपमान करने की मंशा नहीं थी

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एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े आपत्तिजनक बातों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने इसे न्यायपालिका को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश करार दिया और बाजार से किताब को वापस लेने का निर्देश दिया।

एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका से जुड़े कथित विवादित अध्याय पर अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जो कुछ हुआ उससे उन्हें गहरा दुख है और सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से न्यायपालिका का अपमान करने की कोई मंशा नहीं थी।

धर्मेद्र प्रधान ने कहा, 'हम ज्यूडिशियरी का पूरा सम्मान करते हैं। ज्यूडिशियरी ने जो भी कहा है, हम उसका पूरा पालन करेंगे। जो हुआ है, उससे मैं बहुत दुखी हूं, और मैं अफसोस जाहिर करता हूं। जैसे ही यह मामला मेरे ध्यान में आया, मैंने तुरंत NCERT को संबंधित किताबें वापस लेने का निर्देश दिया ताकि वे आगे सर्कुलेट न हों। उन्हें वापस बुलाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।'

सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की जा रही-प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार न्यायपालिका का सर्वोच्च सम्मान करती है और किसी भी शैक्षणिक सामग्री के जरिए संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ी सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की जा रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अध्याय तैयार करने में शामिल लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य जागरूकता फैलाना है, संस्थाओं को बदनाम करना नहीं।

सीजेआई की अहम टिप्पणी

इससे पहले गुरूवार सुबह मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचौली की बेंच ने मामले पर सुनवाई की। सीजेआई सूर्यकांत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कुछ अहम टिप्पणियां की। सीजेआई ने आदेश में कहा कि व्यवस्था के 3 अंग - विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका लोकतंत्र के सुचारू रूप से काम करने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा, 'हमें एक अखबार से NCERT की किताब में लिखे गए अंश का पता चला। इसे जानकर हमें आघात पहुंचा।'

न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश

सीजेआई ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह सोच समझकर न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। सीजेआई ने कहा कि न्यायपालिका के बारे में इस तरह की बातें करना और उसके प्रति असम्मान फैलाना निश्चित रूप से आपराधिक अवमानना का मामला हो सकता है। अगर ऐसा जान-बूझकर किया गया है तो।

हम सिर्फ माफी पर जाने नहीं दे सकते-सीजेआई

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यह सोचा-समझा योजनाबद्ध कदम है। बच्चों के अलावा शिक्षक और अभिभावक भी इसे पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम अधिकारियों को सिर्फ माफी पर जाने नहीं दे सकते। यह कहना कि इसे हटाया जा रहा है, काफी नहीं। किताब मार्केट में गई। मैंने भी इसकी एक कॉपी देखी है। उन्होंने शिक्षा विभाग को आदेश दिया कि मार्केट और स्कूलों में भेजी गई किताबें वापस ली जाएं और किताब का ऑनलाइन मटीरियल भी हटाया जाए।