झारखंड की सियासत गरमाई: विधायक से 'अहंकारी' बर्ताव पर बाबूलाल मरांडी का पलटवार

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार के व्यवहार पर तीखा हमला बोला है। मामला जमुआ से भाजपा विधायक मंजू कुमारी का है।

क्या हुआ था?

विधायक मंजू कुमारी क्षेत्र की सड़क समस्याओं को लेकर प्रधान सचिव सुनील कुमार से मिलने उनके कार्यालय गई थीं। आरोप है कि मुलाकात के दौरान अधिकारी का रवैया अमर्यादित और अहंकार भरा था।

बाबूलाल मरांडी ने X पर क्या कहा - 5 बड़े बिंदु:

1. 'सत्ता पोषित घमंड': मरांडी ने घटना की तस्वीर को 'व्यवस्था की सड़ांध का प्रमाण' बताया। कहा - विधायक के साथ फरियादी जैसा बर्ताव हुआ।

2. लोकतंत्र पर सवाल: "पीएम मोदी आम नागरिक को पास बैठाकर सम्मान देते हैं, तो राज्य के अधिकारी किस घमंड में हैं? जो विधायक की गरिमा नहीं समझता, वो जनता को क्या समझेगा।"

3. महिला विधायक का अपमान: इसे सिर्फ व्यक्ति नहीं, 'पूरे लोकतंत्र का अपमान' बताया। कहा कि पथ निर्माण विभाग पहले से भ्रष्टाचार के दागों से सना है, अब अधिकारी जनप्रतिनिधियों को 'दरबारी' समझ रहे।

4. सीएम हेमंत सोरेन से मांग: ऐसे 'कमाऊ, बेलगाम और मनबढू' अधिकारियों को औकात बताएं। चेताया कि कार्रवाई नहीं हुई तो संदेश जाएगा कि झारखंड में असली सत्ता विवादास्पद अधिकारी हैं, जनप्रतिनिधि सिर्फ नाम के।

5. कड़ी चेतावनी: "अहंकार और भ्रष्टाचार का अंत जेल, बेल और उम्रभर की बदनामी है।" सीएम को याद दिलाया कि सत्ता से बाहर होने पर यही अधिकारी उन्हें भी औकात बता देंगे।

कोर मुद्दा: नौकरशाही बनाम जनप्रतिनिधि। मरांडी का आरोप है कि झारखंड में कुछ अधिकारियों का रवैया 'तानाशाह' जैसा हो गया है और वे खुद को 'सेवक नहीं, शासक' समझने लगे हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में भ्रष्टाचार और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।

क्या आप इस मामले पर ताजा अपडेट या विधायक मंजू कुमारी का पक्ष जानना चाहते हैं?

पीवीयूएनएल द्वारा “नए श्रम संहिताओं की समझ” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

कर्मचारी विकास केंद्र, पीवीयूएनएल, पतरातु द्वारा 9 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक “नए श्रम संहिताओं की समझ” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. पी. के. पाधी, प्रोफेसर, एक्सएलआरआई जमशेदपुर द्वारा किया गया, जिन्होंने भारत में बदलते श्रम कानूनों के परिदृश्य पर महत्वपूर्ण जानकारी पूर्ण सत्र प्रस्तुत किए।

इस कार्यक्रम में पीवीयूएनएल एवं एनएमएल के विभिन्न विभागों से कुल 32 अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने पूरे सत्र के दौरान उत्साहपूर्वक सहभागिता और गहरी रुचि दिखाई।

कार्यक्रम का उद्घाटन श्री ए. के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), पीवीयूएनएल द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए निरंतर अपने ज्ञान को अद्यतन करने के लिए प्रेरित किया तथा वर्तमान बदलते औद्योगिक परिवेश में नियामकीय परिवर्तनों से अवगत रहने के महत्व पर बल दिया।

इस अवसर पर श्री अनुपम मुखर्जी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) एवं श्री जियाउर रहमान, मानव संसाधन प्रमुख भी उपस्थित थे। उन्होंने प्रतिभागियों को कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया, ताकि अधिकतम सीख सुनिश्चित की जा सके।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में नई श्रम संहिताओं के प्रति जागरूकता एवं समझ विकसित करना था, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी हैं।

सत्रों के दौरान प्रमुख प्रावधानों, अनुपालन आवश्यकताओं तथा उनके संगठनों और कर्मचारियों पर व्यावहारिक प्रभावों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

यह कार्यक्रम प्रतिभागियों द्वारा सराहा गया तथा समकालीन श्रम कानूनों की उनकी समझ को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया

जनगणना 2027 के प्रथम चरण हेतु फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण, उपायुक्त ने दिए आवश्यक निर्देश

भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु प्रमंडलीय पंचायत प्रशिक्षण संस्थान, जबरा में फील्ड ट्रेनरों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी श्री शशि प्रकाश सिंह ने प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचकर प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सभी प्रतिभागी आत्मविश्वास के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें, क्योंकि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर प्रशिक्षण देना है। उन्होंने प्रशिक्षण सत्र को गहराई से समझने तथा प्रत्येक बिंदु एवं तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उपायुक्त ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता एवं जिला सांख्यिकी सह जनगणना पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों का समरी एवं परीक्षा सत्र आयोजित कर उनकी फीडबैक प्राप्त की जाए। साथ ही, प्रशिक्षण प्रक्रिया को सरल एवं स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्राप्त होने वाले प्रश्नों का विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। 10 अप्रैल तक चलने वाले इस प्रशिक्षण के प्रथम बैच में चौपारण, बरही, बरकट्ठा, चलकुशा, पदमा, इचाक एवं विष्णुगढ़ प्रखंडों के प्रतिभागी शामिल हैं। जनगणना निदेशालय रांची से आए मास्टर ट्रेनर श्री कौशल किशोर एवं श्री जयपाल महतो प्रखण्ड विकास पदाधिकारी बरही को भी आवश्यक निर्देश एवं फीडबैक लेने के बारे निर्देश दिया गया। इस अवसर पर उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल जनगणना पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सह अपर जनगणना पदाधिकारी, बरही बीडीओ सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

हजारीबाग में 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग यूथ विंग द्वारा 13 अप्रैल, दिन सोमवार को लक्ष्मी सिनेमा हॉल कैंपस में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस महाअभियान को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं और अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुबह 9:00 बजे से कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इस बार भी आयोजन की विशेषता यह रहेगी कि संस्था के सदस्य सफेद जर्सी में उपस्थित रहकर आने वाले रक्तदाताओं का अभिवादन करते नजर आएंगे, जिससे पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, एकरूपता और सेवा भावना का सजीव दृश्य देखने को मिलेगा।

रक्तदान शिविर में 20 बेड एवं 5 चेयर की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग सहज और सुरक्षित तरीके से रक्तदान कर सकें। संस्था ने इस वर्ष 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे लेकर सभी सदस्य पूरी निष्ठा के साथ जुटे हुए हैं। शिविर को सफल बनाने के लिए शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न समाज के प्रतिनिधिगण, विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों को निमंत्रण पत्र देकर इस पुनीत कार्य में शामिल होने का आग्रह किया गया है। इस अभियान को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं। रक्तदान शिविर को लेकर प्रसिद्ध अभिनेत्री स्टेफी पटेल ने भी आम जनता से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। वहीं कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, सांसद, विधायक, डीआईजी, डीसी, एसपी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लोगों से इस महाअभियान में भाग लेने का आग्रह किया है। कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, चिकित्सकीय सुविधा, रेस्टिंग एरिया, विजिटर एरिया एवं रजिस्ट्रेशन एरिया की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है, जिससे युवाओं को इस पुनीत कार्य के प्रति प्रेरित किया जा सके। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति रक्त के अभाव में अपनी जान न गंवाए। हजारीबाग यूथ विंग लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है और हमें विश्वास है कि इस बार भी समाज के सहयोग से हम अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।

संस्था अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि हमारी पूरी टीम इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है। वर्ष 2024 में 130 यूनिट एवं 2025 में 221 यूनिट रक्त संग्रह किया गया था। इस वर्ष 500 यूनिट का लक्ष्य रखा गया है और हमें पूरा भरोसा है कि युवाओं और आमजन के सहयोग से यह लक्ष्य भी आसानी से हासिल किया जाएगा। रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस वर्ष प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा तथा सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। संस्था ने हजारीबाग वासियों से अपील की है कि वे इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और रक्तदान कर जरूरतमंदों को जीवनदान देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

हजारीबाग के मुन्ना सिंह को पश्चिम बंगाल में बड़ी जिम्मेदारी, सोनामुखी सीट के बनाए गए पर्यवेक्षक

हजारीबाग- पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर के द्वारा शुक्रवार को जारी पत्र के माध्यम से आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सोनामुखी (SC) विधानसभा सीट का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर मुन्ना सिंह ने गुलाम अहमद मीर के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन पर जताया गया विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ इस दायित्व का निर्वहन करेंगे तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए कार्य करेंगे।उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना होगा। उन्होंने पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिलकर पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा, यह जिम्मेदारी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे संगठन की है। हम सभी को मिलकर जनता के बीच कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों को पहुंचाना है तथा आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत स्थिति में लाना है।

जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, घर पर कैश मिलने के मामले में चल रही है जांच

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कैश कांड में फंसे इलाहबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दिया है। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट के जज रहते उनके घर से जले हुए नोट मिले थे, जिसके बाद वे विवादों से घिर गए थे।

जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली वाले घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के मामले में उनके खिलाफ आंतरिक जांच चल रही थी। साथ ही महाभियोग की भी चर्चा थी। उनके खिलाफ महाभियोग लाने के मामले में कमेटी का गठन किया गया है। कई सांसदों ने संसद में जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए नोटिस दिया था। फिलहाल जस्टिस वर्मा के खिलाफ आतंरित जांच कमेटी जांच कर रही है। इसी बीच उन्होंने पद से त्याग पत्र दे दिया है।

पिछले साल मार्च में घर से मिले थे जले हुए नोट

पिछले साल मार्च के महीने में जस्टिस वर्मा के दिल्ली वाले घर से जले हुए नोट मिले थे। इस समय वह दिल्ली हाईकोर्ट में पदस्थ थे। घर में जले हुए कैश मिलने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया था। पांच अप्रैल 2025 को उन्होंने शपथ ग्रहण किया था। न्यायिक कार्य से उनको फिलहाल अलग किया गया था।

एक साल से चल रही जस्टिस वर्मा को हटाने की प्रक्रिया

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ पिछले साल अगस्त में बहुदलीय नोटिस लोकसभा में लाया गया था। इस नोटिस में यशवंत वर्मा को न्यायाधीश के पद से हटाने की बात कही गई थी। मामले की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी, जिसमें भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बी.वी.आचार्य शामिल थे। इसी साल फरवरी में ओम बिरला ने न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव की जगह बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर को तीन सदस्यीय समिति में शामिल किया। समिति की जांच चल रही है और जल्द ही जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाया जा सकता है।

नीतीश कुमार की नई संसदीय पारी, राज्यसभा सदस्य की शपथ ली

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बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज राज्यसभा से अपनी नई सियासी पारी शुरू की। आज दोपहर 12:12 बजे उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। संसद भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के दौरान शपथ दिलाई गई। राज्यसभा के सभापति एवं देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण ने नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

चारों सदनों के सदस्य बने नीतीश

राज्यसभा की शपथ लेते ही नीतीश कुमार देश के चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जो विधायक, एमएलसी, लोकसभा सदस्य और राज्यसभा सांसद रहे हैं। नीतीश ने पहली बार 1985 में विधायक का चुनाव जीता, फिर 1989 में बाढ़ संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद बने उसके बाद 2006 में एमएलसी बने और अब राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है।

30 साल से ज्यादा समय से राजनीति में

नीतीश कुनार 30 साल से ज्यादा समय से राजनीति की मुख्य धारा में हैं। पहले बिहार की राजनीति की, फिर केंद्र की। बिहार में मंत्री कभी नहीं बने और मुख्यमंत्री बनने से पहले वह केंद्रीय मंत्री की ताकत हासिल कर चुके थे। 2005 से अब तक वह कुछ समय को छोड़ बाकी समय मुख्यमंत्री रहे। जिस समय सीएम नहीं थे, उस समय भी सारी शक्तियां उनके पास ही समाहित नजर आ रही थीं। सत्ता में कोई रहा, सीएम नीतीश कुमार ही रहे। अब वह सीएम की कुर्सी छोड़ने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

नीतीश कुमार आज लेंगे राज्यसभा सदस्य की शपथ, 2 दशक बाद दिल्ली की सियासत में वापसी

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लगभग दो दशकों तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तैयारी में हैं। नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। नीतीश कुमार को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन के कक्ष में उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही नीतीश कुमार के सियासी सफर का एक नया अध्याय शुरू हो जाएगा।

चारों सदनों के सदस्य होने का बनेगा अनोखा रिकॉर्ड

नीतीश कुमार के नाम अब एक दुर्लभ संसदीय रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। वह विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के बाद अब राज्यसभा के सदस्य बनकर भारतीय लोकतंत्र के चारों सदनों का हिस्सा बनने वाले नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो जाएंगे।

बिहार में जल्द होगा नेतृत्व परिवर्तन

इससे पहले गुरूवार को सीएम नीतीश कुमार ने नई दिल्ली पहुंचते ही साफ कर दिया कि बिहार में अब नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि 'मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहां रहना चाहिए, और मैं यही कर रहा हूं।' नीतीश कुमार ने आगे कहा, 'मैं वहां अपने पद से हट जाऊंगा और यहां काम करूंगा। मैं तीन या चार दिनों में इस्तीफा दे दूंगा। नए लोगों को मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया जाएगा।'

30 मार्च को विधान परिषद से दिया इस्तीफा

नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद की सदस्यता से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जनता दल (यूनाइटेड) सुप्रीमो 16 मार्च को संसद के ऊपरी सदन के लिए निर्वाचित हुए थे।

पाक रक्षा मंत्री पर भड़के नेतन्याहू, ऐसा लगाई लताड़ की डिलीट किया पोस्ट, इजरायल को बताया था 'कैंसर'

#israelrespondspakistandefenceministerkhawajaasif_remarks

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पाकिस्तान और इजरायल भिड़ते दिख रहे है। अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया जिसके बाद पूरा मामल और गर्म हो गया है।

लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या का आरोप

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इजरायल को ‘मानवता के लिए अभिशाप’ और ‘कैंसर’ बताया। साथ ही लेबनान में हो रही सैन्य कार्रवाई को ‘नरसंहार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जब इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी चल रही है, उसी समय लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या हो रही है। आसिफ ने आरोप लगाया कि पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान में खूनखराबा जारी है।

ख्वाजा आसिफ के जहरीले बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को अभिशाप बताते हुए कहा, "जिन लोगों ने कैंसर जैसा देश बनाया है, वे उम्मीद करते हैं कि वो नर्क की आग में जलें।' हालांकि, बाद में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने इजरायल के खिलाफ दिए गए कैंसर वाले बयान समेत उन्हें नर्क में जला देने वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया है।

ख्वाजा आसिफ के बयान पर क्या बोले नेतन्याहू ?

इस बयान के बाद इजरायल ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बयान ‘अत्यंत आपत्तिजनक’ है और किसी भी सरकार के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता, खासकर उस देश के लिए जो खुद को शांति का मध्यस्थ बता रहा है। इसमें कहा गया कि इजरायल के विनाश की मांग घोर आपत्तिजनक है।

इजरायली विदेश मंत्री का पलटवार

इजरायल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने भी पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने कहा, शांति की मध्यस्थता का दावा करने वाली सरकार की ओर से इन खुले तौर पर यहूदी-विरोधी और भड़काऊ आरोपों को बहुत गंभीरता से लेता है। यहूदी राष्ट्र को कैंसर कहना असल में उसे खत्म करने का ही आह्वान करना है। उन्होंने आगे कहा, इजरायल उन आतंकवादियों से अपनी रक्षा करेगा जिन्होंने उसे तबाह करने की कसम खाई है।

पीवीयूएनएल टाउनशिप में नर्सरी से कक्षा V तक के विद्यालय की स्थापना हेतु एमओए पर हस्ताक्षर

पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) एवं डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसायटी के मध्य दिनांक 09 अप्रैल 2026 को पीवीयूएनएल टाउनशिप में नर्सरी से कक्षा V तक के विद्यालय की स्थापना हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते पर पीवीयूएनएल की ओर से श्री जियाउर रहमान, प्रमुख (मानव संसाधन) तथा डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसायटी की ओर से श्री अजय सूरी, महासचिव द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए.के. सहगल, शीर्ष प्रबंधन के अधिकारीगण एवं कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में सीईओ श्री सहगल ने कहा कि यह विद्यालय टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस पहल से बच्चों को दूर स्थित विद्यालयों में जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे आवागमन से जुड़े जोखिमों में भी कमी आएगी।

यह पहल पीवीयूएनएल के सामाजिक एवं पारिवारिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा टाउनशिप में शैक्षणिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

झारखंड की सियासत गरमाई: विधायक से 'अहंकारी' बर्ताव पर बाबूलाल मरांडी का पलटवार

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार के व्यवहार पर तीखा हमला बोला है। मामला जमुआ से भाजपा विधायक मंजू कुमारी का है।

क्या हुआ था?

विधायक मंजू कुमारी क्षेत्र की सड़क समस्याओं को लेकर प्रधान सचिव सुनील कुमार से मिलने उनके कार्यालय गई थीं। आरोप है कि मुलाकात के दौरान अधिकारी का रवैया अमर्यादित और अहंकार भरा था।

बाबूलाल मरांडी ने X पर क्या कहा - 5 बड़े बिंदु:

1. 'सत्ता पोषित घमंड': मरांडी ने घटना की तस्वीर को 'व्यवस्था की सड़ांध का प्रमाण' बताया। कहा - विधायक के साथ फरियादी जैसा बर्ताव हुआ।

2. लोकतंत्र पर सवाल: "पीएम मोदी आम नागरिक को पास बैठाकर सम्मान देते हैं, तो राज्य के अधिकारी किस घमंड में हैं? जो विधायक की गरिमा नहीं समझता, वो जनता को क्या समझेगा।"

3. महिला विधायक का अपमान: इसे सिर्फ व्यक्ति नहीं, 'पूरे लोकतंत्र का अपमान' बताया। कहा कि पथ निर्माण विभाग पहले से भ्रष्टाचार के दागों से सना है, अब अधिकारी जनप्रतिनिधियों को 'दरबारी' समझ रहे।

4. सीएम हेमंत सोरेन से मांग: ऐसे 'कमाऊ, बेलगाम और मनबढू' अधिकारियों को औकात बताएं। चेताया कि कार्रवाई नहीं हुई तो संदेश जाएगा कि झारखंड में असली सत्ता विवादास्पद अधिकारी हैं, जनप्रतिनिधि सिर्फ नाम के।

5. कड़ी चेतावनी: "अहंकार और भ्रष्टाचार का अंत जेल, बेल और उम्रभर की बदनामी है।" सीएम को याद दिलाया कि सत्ता से बाहर होने पर यही अधिकारी उन्हें भी औकात बता देंगे।

कोर मुद्दा: नौकरशाही बनाम जनप्रतिनिधि। मरांडी का आरोप है कि झारखंड में कुछ अधिकारियों का रवैया 'तानाशाह' जैसा हो गया है और वे खुद को 'सेवक नहीं, शासक' समझने लगे हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में भ्रष्टाचार और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।

क्या आप इस मामले पर ताजा अपडेट या विधायक मंजू कुमारी का पक्ष जानना चाहते हैं?

पीवीयूएनएल द्वारा “नए श्रम संहिताओं की समझ” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

कर्मचारी विकास केंद्र, पीवीयूएनएल, पतरातु द्वारा 9 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक “नए श्रम संहिताओं की समझ” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. पी. के. पाधी, प्रोफेसर, एक्सएलआरआई जमशेदपुर द्वारा किया गया, जिन्होंने भारत में बदलते श्रम कानूनों के परिदृश्य पर महत्वपूर्ण जानकारी पूर्ण सत्र प्रस्तुत किए।

इस कार्यक्रम में पीवीयूएनएल एवं एनएमएल के विभिन्न विभागों से कुल 32 अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने पूरे सत्र के दौरान उत्साहपूर्वक सहभागिता और गहरी रुचि दिखाई।

कार्यक्रम का उद्घाटन श्री ए. के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), पीवीयूएनएल द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए निरंतर अपने ज्ञान को अद्यतन करने के लिए प्रेरित किया तथा वर्तमान बदलते औद्योगिक परिवेश में नियामकीय परिवर्तनों से अवगत रहने के महत्व पर बल दिया।

इस अवसर पर श्री अनुपम मुखर्जी, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) एवं श्री जियाउर रहमान, मानव संसाधन प्रमुख भी उपस्थित थे। उन्होंने प्रतिभागियों को कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया, ताकि अधिकतम सीख सुनिश्चित की जा सके।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में नई श्रम संहिताओं के प्रति जागरूकता एवं समझ विकसित करना था, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी हैं।

सत्रों के दौरान प्रमुख प्रावधानों, अनुपालन आवश्यकताओं तथा उनके संगठनों और कर्मचारियों पर व्यावहारिक प्रभावों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

यह कार्यक्रम प्रतिभागियों द्वारा सराहा गया तथा समकालीन श्रम कानूनों की उनकी समझ को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया

जनगणना 2027 के प्रथम चरण हेतु फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण, उपायुक्त ने दिए आवश्यक निर्देश

भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु प्रमंडलीय पंचायत प्रशिक्षण संस्थान, जबरा में फील्ड ट्रेनरों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी श्री शशि प्रकाश सिंह ने प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचकर प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सभी प्रतिभागी आत्मविश्वास के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें, क्योंकि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर प्रशिक्षण देना है। उन्होंने प्रशिक्षण सत्र को गहराई से समझने तथा प्रत्येक बिंदु एवं तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उपायुक्त ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता एवं जिला सांख्यिकी सह जनगणना पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों का समरी एवं परीक्षा सत्र आयोजित कर उनकी फीडबैक प्राप्त की जाए। साथ ही, प्रशिक्षण प्रक्रिया को सरल एवं स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्राप्त होने वाले प्रश्नों का विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। 10 अप्रैल तक चलने वाले इस प्रशिक्षण के प्रथम बैच में चौपारण, बरही, बरकट्ठा, चलकुशा, पदमा, इचाक एवं विष्णुगढ़ प्रखंडों के प्रतिभागी शामिल हैं। जनगणना निदेशालय रांची से आए मास्टर ट्रेनर श्री कौशल किशोर एवं श्री जयपाल महतो प्रखण्ड विकास पदाधिकारी बरही को भी आवश्यक निर्देश एवं फीडबैक लेने के बारे निर्देश दिया गया। इस अवसर पर उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल जनगणना पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सह अपर जनगणना पदाधिकारी, बरही बीडीओ सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

हजारीबाग में 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग यूथ विंग द्वारा 13 अप्रैल, दिन सोमवार को लक्ष्मी सिनेमा हॉल कैंपस में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस महाअभियान को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं और अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुबह 9:00 बजे से कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इस बार भी आयोजन की विशेषता यह रहेगी कि संस्था के सदस्य सफेद जर्सी में उपस्थित रहकर आने वाले रक्तदाताओं का अभिवादन करते नजर आएंगे, जिससे पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, एकरूपता और सेवा भावना का सजीव दृश्य देखने को मिलेगा।

रक्तदान शिविर में 20 बेड एवं 5 चेयर की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग सहज और सुरक्षित तरीके से रक्तदान कर सकें। संस्था ने इस वर्ष 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे लेकर सभी सदस्य पूरी निष्ठा के साथ जुटे हुए हैं। शिविर को सफल बनाने के लिए शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न समाज के प्रतिनिधिगण, विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों को निमंत्रण पत्र देकर इस पुनीत कार्य में शामिल होने का आग्रह किया गया है। इस अभियान को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं। रक्तदान शिविर को लेकर प्रसिद्ध अभिनेत्री स्टेफी पटेल ने भी आम जनता से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। वहीं कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, सांसद, विधायक, डीआईजी, डीसी, एसपी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लोगों से इस महाअभियान में भाग लेने का आग्रह किया है। कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, चिकित्सकीय सुविधा, रेस्टिंग एरिया, विजिटर एरिया एवं रजिस्ट्रेशन एरिया की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है, जिससे युवाओं को इस पुनीत कार्य के प्रति प्रेरित किया जा सके। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति रक्त के अभाव में अपनी जान न गंवाए। हजारीबाग यूथ विंग लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है और हमें विश्वास है कि इस बार भी समाज के सहयोग से हम अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।

संस्था अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि हमारी पूरी टीम इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है। वर्ष 2024 में 130 यूनिट एवं 2025 में 221 यूनिट रक्त संग्रह किया गया था। इस वर्ष 500 यूनिट का लक्ष्य रखा गया है और हमें पूरा भरोसा है कि युवाओं और आमजन के सहयोग से यह लक्ष्य भी आसानी से हासिल किया जाएगा। रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस वर्ष प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा तथा सभी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। संस्था ने हजारीबाग वासियों से अपील की है कि वे इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और रक्तदान कर जरूरतमंदों को जीवनदान देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

हजारीबाग के मुन्ना सिंह को पश्चिम बंगाल में बड़ी जिम्मेदारी, सोनामुखी सीट के बनाए गए पर्यवेक्षक

हजारीबाग- पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर के द्वारा शुक्रवार को जारी पत्र के माध्यम से आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सोनामुखी (SC) विधानसभा सीट का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर मुन्ना सिंह ने गुलाम अहमद मीर के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन पर जताया गया विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ इस दायित्व का निर्वहन करेंगे तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए कार्य करेंगे।उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना होगा। उन्होंने पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिलकर पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा, यह जिम्मेदारी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे संगठन की है। हम सभी को मिलकर जनता के बीच कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों को पहुंचाना है तथा आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत स्थिति में लाना है।

जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, घर पर कैश मिलने के मामले में चल रही है जांच

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कैश कांड में फंसे इलाहबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दिया है। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट के जज रहते उनके घर से जले हुए नोट मिले थे, जिसके बाद वे विवादों से घिर गए थे।

जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली वाले घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के मामले में उनके खिलाफ आंतरिक जांच चल रही थी। साथ ही महाभियोग की भी चर्चा थी। उनके खिलाफ महाभियोग लाने के मामले में कमेटी का गठन किया गया है। कई सांसदों ने संसद में जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए नोटिस दिया था। फिलहाल जस्टिस वर्मा के खिलाफ आतंरित जांच कमेटी जांच कर रही है। इसी बीच उन्होंने पद से त्याग पत्र दे दिया है।

पिछले साल मार्च में घर से मिले थे जले हुए नोट

पिछले साल मार्च के महीने में जस्टिस वर्मा के दिल्ली वाले घर से जले हुए नोट मिले थे। इस समय वह दिल्ली हाईकोर्ट में पदस्थ थे। घर में जले हुए कैश मिलने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया था। पांच अप्रैल 2025 को उन्होंने शपथ ग्रहण किया था। न्यायिक कार्य से उनको फिलहाल अलग किया गया था।

एक साल से चल रही जस्टिस वर्मा को हटाने की प्रक्रिया

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ पिछले साल अगस्त में बहुदलीय नोटिस लोकसभा में लाया गया था। इस नोटिस में यशवंत वर्मा को न्यायाधीश के पद से हटाने की बात कही गई थी। मामले की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी, जिसमें भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बी.वी.आचार्य शामिल थे। इसी साल फरवरी में ओम बिरला ने न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव की जगह बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर को तीन सदस्यीय समिति में शामिल किया। समिति की जांच चल रही है और जल्द ही जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाया जा सकता है।

नीतीश कुमार की नई संसदीय पारी, राज्यसभा सदस्य की शपथ ली

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बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज राज्यसभा से अपनी नई सियासी पारी शुरू की। आज दोपहर 12:12 बजे उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। संसद भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह के दौरान शपथ दिलाई गई। राज्यसभा के सभापति एवं देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण ने नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

चारों सदनों के सदस्य बने नीतीश

राज्यसभा की शपथ लेते ही नीतीश कुमार देश के चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जो विधायक, एमएलसी, लोकसभा सदस्य और राज्यसभा सांसद रहे हैं। नीतीश ने पहली बार 1985 में विधायक का चुनाव जीता, फिर 1989 में बाढ़ संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद बने उसके बाद 2006 में एमएलसी बने और अब राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है।

30 साल से ज्यादा समय से राजनीति में

नीतीश कुनार 30 साल से ज्यादा समय से राजनीति की मुख्य धारा में हैं। पहले बिहार की राजनीति की, फिर केंद्र की। बिहार में मंत्री कभी नहीं बने और मुख्यमंत्री बनने से पहले वह केंद्रीय मंत्री की ताकत हासिल कर चुके थे। 2005 से अब तक वह कुछ समय को छोड़ बाकी समय मुख्यमंत्री रहे। जिस समय सीएम नहीं थे, उस समय भी सारी शक्तियां उनके पास ही समाहित नजर आ रही थीं। सत्ता में कोई रहा, सीएम नीतीश कुमार ही रहे। अब वह सीएम की कुर्सी छोड़ने वाले हैं। इसके लिए उन्होंने विधान परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

नीतीश कुमार आज लेंगे राज्यसभा सदस्य की शपथ, 2 दशक बाद दिल्ली की सियासत में वापसी

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लगभग दो दशकों तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तैयारी में हैं। नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। नीतीश कुमार को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन के कक्ष में उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही नीतीश कुमार के सियासी सफर का एक नया अध्याय शुरू हो जाएगा।

चारों सदनों के सदस्य होने का बनेगा अनोखा रिकॉर्ड

नीतीश कुमार के नाम अब एक दुर्लभ संसदीय रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। वह विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के बाद अब राज्यसभा के सदस्य बनकर भारतीय लोकतंत्र के चारों सदनों का हिस्सा बनने वाले नेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो जाएंगे।

बिहार में जल्द होगा नेतृत्व परिवर्तन

इससे पहले गुरूवार को सीएम नीतीश कुमार ने नई दिल्ली पहुंचते ही साफ कर दिया कि बिहार में अब नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि 'मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहां रहना चाहिए, और मैं यही कर रहा हूं।' नीतीश कुमार ने आगे कहा, 'मैं वहां अपने पद से हट जाऊंगा और यहां काम करूंगा। मैं तीन या चार दिनों में इस्तीफा दे दूंगा। नए लोगों को मुख्यमंत्री और मंत्री बनाया जाएगा।'

30 मार्च को विधान परिषद से दिया इस्तीफा

नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद की सदस्यता से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जनता दल (यूनाइटेड) सुप्रीमो 16 मार्च को संसद के ऊपरी सदन के लिए निर्वाचित हुए थे।

पाक रक्षा मंत्री पर भड़के नेतन्याहू, ऐसा लगाई लताड़ की डिलीट किया पोस्ट, इजरायल को बताया था 'कैंसर'

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मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पाकिस्तान और इजरायल भिड़ते दिख रहे है। अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया जिसके बाद पूरा मामल और गर्म हो गया है।

लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या का आरोप

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इजरायल को ‘मानवता के लिए अभिशाप’ और ‘कैंसर’ बताया। साथ ही लेबनान में हो रही सैन्य कार्रवाई को ‘नरसंहार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जब इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी चल रही है, उसी समय लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या हो रही है। आसिफ ने आरोप लगाया कि पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान में खूनखराबा जारी है।

ख्वाजा आसिफ के जहरीले बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को अभिशाप बताते हुए कहा, "जिन लोगों ने कैंसर जैसा देश बनाया है, वे उम्मीद करते हैं कि वो नर्क की आग में जलें।' हालांकि, बाद में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने इजरायल के खिलाफ दिए गए कैंसर वाले बयान समेत उन्हें नर्क में जला देने वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया है।

ख्वाजा आसिफ के बयान पर क्या बोले नेतन्याहू ?

इस बयान के बाद इजरायल ने तुरंत कड़ी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बयान ‘अत्यंत आपत्तिजनक’ है और किसी भी सरकार के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता, खासकर उस देश के लिए जो खुद को शांति का मध्यस्थ बता रहा है। इसमें कहा गया कि इजरायल के विनाश की मांग घोर आपत्तिजनक है।

इजरायली विदेश मंत्री का पलटवार

इजरायल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने भी पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने कहा, शांति की मध्यस्थता का दावा करने वाली सरकार की ओर से इन खुले तौर पर यहूदी-विरोधी और भड़काऊ आरोपों को बहुत गंभीरता से लेता है। यहूदी राष्ट्र को कैंसर कहना असल में उसे खत्म करने का ही आह्वान करना है। उन्होंने आगे कहा, इजरायल उन आतंकवादियों से अपनी रक्षा करेगा जिन्होंने उसे तबाह करने की कसम खाई है।

पीवीयूएनएल टाउनशिप में नर्सरी से कक्षा V तक के विद्यालय की स्थापना हेतु एमओए पर हस्ताक्षर

पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) एवं डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसायटी के मध्य दिनांक 09 अप्रैल 2026 को पीवीयूएनएल टाउनशिप में नर्सरी से कक्षा V तक के विद्यालय की स्थापना हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते पर पीवीयूएनएल की ओर से श्री जियाउर रहमान, प्रमुख (मानव संसाधन) तथा डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसायटी की ओर से श्री अजय सूरी, महासचिव द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए.के. सहगल, शीर्ष प्रबंधन के अधिकारीगण एवं कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में सीईओ श्री सहगल ने कहा कि यह विद्यालय टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस पहल से बच्चों को दूर स्थित विद्यालयों में जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे आवागमन से जुड़े जोखिमों में भी कमी आएगी।

यह पहल पीवीयूएनएल के सामाजिक एवं पारिवारिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा टाउनशिप में शैक्षणिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।