IGIMS पटना का होगा कायाकल्प: स्वास्थ्य सचिव ने 3 माह में 500 बेड अस्पताल पूरा करने का दिया अल्टीमेटम

पटना । स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), पटना का दौरा कर परिसर में चल रहे पुनर्विकास एवं विस्तार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल, 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

स्थलीय निरीक्षण के उपरांत स्वास्थ्य सचिव ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। जिसमें संस्थान परिसर में निर्माणाधीन 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल, 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों सहित विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से स्वास्थ्य सचिव को अवगत कराया गया। समीक्षा के दौरान सचिव महोदय ने 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्माण एजेंसी को निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल का निर्माण कार्य अगले तीन माह के भीतर पूर्ण किया जाए। मीटिंग के दौरान श्री कुमार रवि ने कहा कि हर सप्ताह निर्माण कार्य प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।

उन्होंने अस्पताल के आंतरिक एवं बाहरी एचवीएसी (HVAC) कार्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्देश दिया। इसके लिए 31 अगस्त 2026 की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की गई है। स्वास्थ्य सचिव ने साइट पर चिलर प्लांट, कूलिंग टावर, पंप, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, पाइपिंग एवं डक्टिंग सहित सभी शेष कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया।

बैठक में निर्माणाधीन 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 59.24 प्रतिशत कार्य अब तक पूर्ण हो चुका है। स्वास्थ्य सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक के अंत में स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें, ताकि राज्य की जनता को शीघ्र आधुनिक एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

वित्तीय अनुशासन में झारखंड का डंका, नीति आयोग इंडेक्स में ओडिशा-गोवा के साथ ‘Achiever’*

रांची, नीति आयोग द्वारा वर्ष 2026 में जारी वित्तीय वर्ष 2023-24 के Fiscal Health Index में झारखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के टॉप 3 राज्यों में अपनी जगह बनाई है।

राज्य को ‘Achiever’ श्रेणी में शामिल किया गया है, जहां उसने ओडिशा और गोवा जैसे राज्यों के साथ मजबूती से स्थान हासिल किया है।

झारखंड की इस उपलब्धि के पीछे मजबूत वित्तीय अनुशासन, संसाधन जुटाने की क्षमता और संतुलित खर्च प्रबंधन प्रमुख कारण रहे हैं। राज्य ने अपने कुल राजस्व में टैक्स से होने वाली आय का हिस्सा 60 प्रतिशत से अधिक बनाए रखते हुए रेवेन्यू मोबिलाइजेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। साथ ही नॉन-टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने के प्रयास भी सफल रहे हैं

वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में भी झारखंड ने समझदारी का परिचय दिया है। राज्य ने अपने फिस्कल डेफिसिट को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के निर्धारित 3 प्रतिशत से नीचे बनाए रखा, जो वित्तीय अनुशासन का स्पष्ट संकेत है।

विकासोन्मुखी खर्च पर ध्यान देते हुए राज्य सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर को GSDP के लगभग 4 से 5 प्रतिशत के स्तर पर बनाए रखा है, जिससे आधारभूत संरचना और दीर्घकालिक विकास को मजबूती मिली है।

इसके अलावा, झारखंड ने कर्ज प्रबंधन में भी संतुलन बनाए रखा है। राज्य का कुल कर्ज GSDP के 25 प्रतिशत से कम है और ब्याज भुगतान का बोझ भी नियंत्रित रखा गया है, जो वित्तीय स्थिरता का प्रमाण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड का यह प्रदर्शन न केवल राज्य की वित्तीय सुदृढ़ता को दर्शाता है, बल्कि आने वाले वर्षों में विकास की मजबूत नींव भी तैयार करता है।

साइबर सुरक्षा एवं AI पर जागरूकता हेतु विधानसभा में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

आज पुराने झारखड विधान सभा परिसर में बाल कल्याण संघ , द एशिया फ़ाउंडेशन एवं साइबर पीस के संयुक्त तत्वाधान में डिजिटल युग के बढ़ते साइबर खतरों, डिजिटल धोखाधड़ी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI )आधारित जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रणनीतिक क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

जिसका उद्देश्य माननीय सदस्यों को साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सुरक्षित एव सकारात्मक उपयोग तथा डिजिटल युग में उभरते साइबर खतरों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यशाला में झारखंड विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री रबीन्द्रनाथ महतो बतौर मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

माननीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि आज के डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रशासन के संचालन, आर्थिक गतिविधि और नागरिकों की सुरक्षा और निजता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग विकास और सुशासन के लिए अत्यंत उपयोगी है, किंतु इसके सुरक्षित एवं नैतिक उपयोग के प्रति जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है ताकि हमारी निजता एवं सरकारी अभिलेखों तथा आर्थिक गतिविधियों की गोपनीयता सुरक्षित रह सके ।

माननीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को नई तकनीकों, साइबर अपराधों से बचाव तथा डिजिटल सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी होना समय की आवश्यकता है।

ऐसे कार्यशालाएँ जनप्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

माननीय राज्यसभा सदस्या श्रीमती महुआ माज़ी ,माननीय सदस्य श्री चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह , माननीय सदस्य श्री नवीन जयसवाल ने भी डिजिटल शासन के बढ़ते दायरे और उससे जुड़े साइबर सुरक्षा की चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला ।

कार्यशाला के दौरान साइबर सुरक्षा की बुनियादी समझ, वर्तमान साइबर खतरों एवं ए० आई० प्रेरित जोखिमों के प्रति जागरूकता, सरकारी प्रणालियों को सुरक्षित रखने के उपाय, साइबर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश, नागरिकों के डेटा के सुरक्षित प्रबंधन, डिजिटल सेवा वितरण के प्रोटोकॉल तथा त्वरित घटना पर प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दी गई ।

कार्यशाला में बाल कल्याण संघ के संस्थापक, श्री संजय कुमार मिश्रा, द एशिया फाउडेशन की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव श्रीमती नंदिता बरुआ एवं साइबर पीस फ़ाउंडेशन के प्रतिनिधि कैप्टन श्री एस सी० जोशी एवं श्री नमन जोशी विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

अवर सचिव श्री महेश नारायण सिंह सेवानिवृत्त, विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो ने किया सम्मानित

आज झारखण्ड विधान सभा में श्री महेश नारायण सिंह, अवर सचिव झारखंड विधानसभा सचिवालय के

सेवानिवृत्ति होने पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। वे 30 जून 2026 को झारखंड विधानसभा सचिवालय से सेवानिवृत्त हुए ।उन्होंने अपनी सेवा बिहार विधानसभा से शुरू की थी कैडर विभाजन के बाद झारखंड विधानसभा सचिवालय में अपना योगदान दिए थे ।

इस अवसर पर झारखण्ड विधान सभा के माननीय अध्यक्ष,श्री रबीन्द्र नाथ महतो उपस्थित रहे।माननीय अध्यक्ष द्वारा श्री महेश सिंह नारायण सम्मानित किया गया।विधान सभा सचिवालय में कार्यनिष्ठा,अनुशासन के साथ कार्य करने की सराहना की तथा सक्रिय ,स्वस्थ और सुखद जीवन की उन्हें शुभकामनाएं दी।

विदाई समारोह कार्यक्रम में श्री महेश सिंह नारायण सिंह ने अपने विधान सभा सचिवालय में सेवा के दौरान महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण को याद करते हुए भावुक हो गए तथा माननीय अध्यक्ष महोदय , विधानसभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं सहकर्मियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया और कहा कि सचिवालय से प्राप्त सहयोग, स्नेह एवं सम्मान को वे सदैव याद करेंगे।

समारोह में झारखण्ड विधान सभा के प्रभारी सचिव श्री रंजीत कुमार एवं उप सचिव श्री एस. शिराज वजीह बंटी, श्री कुन्दन कुमार सिंह, श्री हरेन्द्र कुमार साह, श्री अनूप कुमार लाल एवं अन्य पदाधिकारियों, कर्मचारियों ने भी श्री नारायण के साथ अपने कार्य अनुभव साझा किए तथा उनके योगदान को

याद करते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रशाखा पदाधिकारी श्री प्रिय शंकर ने की।

एक पेड़ मां के नाम" मुहिम के अंतर्गत मुख्य अतिथि विधायक ने रोपित किये छायादार व फलदाई पौधे

रितेश मिश्रा

कछौना(हरदोई):* कछौना वन रेंज के अंतर्गत नगर वन कामीपुर में मुख्य अतिथि विधायक रामपाल वर्मा ने "एक पेड़ मां के नाम" मुहिम के अंतर्गत शुक्रवार को छायादार व फलदाई पौधे रोपित किये।

विधायक ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। हम सभी को जीवन में पौधे अवश्य लगाने चाहिए और उन्हें संरक्षित भी करना चाहिए। प्रकृति ने हमें कुदरत के रूप में शुद्ध हवा, धूप, पानी जीवन के लिए निशुल्क चीजें मुहैया कराई हैं। हमारा भी फर्ज बनता है जिससे हमारा जीवन है उनकी रक्षा करना है। इस महा अभियान में ज्यादा से ज्यादा लोग आगे जाकर जुड़ें। यह नगर वन कछौना क्षेत्र की शान है। पर्यावरण की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण भी है।

वन क्षेत्राधिकारी विनय कुमार सिंह ने कहा कि नगर वन के कायाकल्प के लिए वह सदैव प्रयासरत हैं, लेकिन बजट के अभाव में बेहतर सुधार नहीं हो पा रहा है। कुछ बुनियादी सुविधाएं वाटर कूलर, सोलर लाइट, बेंच, हाट, एक कैंटीन आदि सुविधाएं होने से घूमने आने वाले लोगों को सुगमता होगी।

इस अवसर पर डॉक्टर शिवराज सिंह पटेल, पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, जिला उपाध्यक्ष अरिजीत वर्मा, मंडल अध्यक्ष मयंक सिंह, युवा नेता अरिजीत वर्मा, प्रधान कप्तान, पूर्व प्रधान कृष्णकांत सिंह, सनोज राठौर, अमर बहादुर वर्मा, सौरभ सिंह, सनशाइन स्कूल प्रबंधक सुनील सोनी, शिवम मिश्रा सहित प्रधानगण, विभागीय अधिकारी वीरेंद्र कुमार, सचिन, प्रधान मुकेश सिंह व अनेक प्रबुद्धजनों ने प्रतिभाग किया

आदिवासी बालिका छात्रावास में पेयजल संकट पर प्रशासन हरकत में, ज्ञापन मिलते ही प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी ने किया निरीक्षण

शुक्रवार को कृष्ण वल्लभ महिला महाविद्यालय परिसर में स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय संयोजक सह पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव को ज्ञापन सौंपकर छात्रावास में रह रही 200 से अधिक आदिवासी छात्राओं के लिए स्वच्छ एवं नियमित पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग किया। ज्ञापन में कहा गया है कि छात्रावास में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्राओं को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती है और कई बार छात्राओं को अपनी पढ़ाई छोड़कर बाहर से पानी लाना पड़ता है। इससे उनकी शिक्षा प्रभावित होने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे हैं। विक्की कुमार धान ने बताया कि छात्रावास परिसर स्थित चापाकल से कई बार लाल रंग का दूषित पानी निकलने की शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से छात्राओं के हित में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि आदिवासी छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा की अनदेखी उचित नहीं है। ज्ञापन के माध्यम से जलापूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच, शुद्ध पेयजल की नियमित उपलब्धता, आवश्यकता पड़ने पर नए बोरवेल, जलमीनार अथवा पाइपलाइन निर्माण, पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच तथा समयबद्ध कार्ययोजना के तहत स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की गई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव ने ज्ञापन प्राप्त होते ही आदिवासी बालिका छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा पेयजल, विद्युत आपूर्ति, बाउंड्री वॉल सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या की विस्तृत जांच कर आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे, ताकि छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गौरतलब है कि छात्रावास में पेयजल संकट लंबे समय से बना हुआ है। छात्राओं का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान में लगातार हो रही देरी का असर उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। ऐसे में अब जिला प्रशासन की पहल के बाद छात्राओं को शीघ्र राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने किया एसआईआर (SIR) कार्यक्रम का निरीक्षण

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने आज जिले में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत आज 3 जुलाई को विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित बीएलओ (Booth Level Officer) से गणना प्रपत्रों के वितरण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा बीएलओ द्वारा भरे जा रहे गणना प्रपत्रों की प्रविष्टियों का गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बीएलओ को निर्देश दिया कि यह कार्य निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है। इसलिए गणना प्रपत्रों के वितरण एवं उन्हें भरवाने का कार्य पूरी गंभीरता, शुद्धता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का सफल एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो सके।

उपायुक्त ने राजकीय मध्य विद्यालय, कूद एवं राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिरसी (कटकमदाग) स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए सभी प्रपत्रों का समय पर संकलन एवं सत्यापन किया जाए तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।

निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती वेदवंती कुमारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

Homeopathy in Hyderabad for Fertility: A Natural Path Toward Reproductive Wellness

Discover homeopathy in Hyderabad for fertility support. Spiritual Homeopathy provides personalized, holistic care to promote reproductive health and overall well-being.

Fertility plays a vital role in family planning, and challenges in conceiving can be emotionally and physically overwhelming for couples. Factors such as changing lifestyles, stress, hormonal disorders, and underlying medical conditions have contributed to the growing number of fertility-related concerns. As a result, many individuals are choosing homeopathy in Hyderabad as a holistic approach to support reproductive health while improving overall wellness.

Both men and women can experience fertility issues due to various reasons. Common contributing factors include hormonal imbalance, polycystic ovarian syndrome (PCOS), thyroid disorders, endometriosis, irregular ovulation, age-related changes, obesity, nutritional deficiencies, chronic stress, and male reproductive health concerns. Some people may notice symptoms such as irregular menstrual cycles, painful periods, difficulty conceiving, recurrent pregnancy loss, hormonal fluctuations, or reduced sperm quality. A detailed evaluation helps identify the underlying factors affecting fertility and guides personalized care.

One of the key advantages of homeopathy in Hyderabad is its individualized treatment philosophy. Rather than following a one-size-fits-all approach, homeopathic care considers each person's physical health, emotional well-being, lifestyle, medical history, and unique symptoms. This comprehensive assessment allows practitioners to develop customized treatment plans that aim to restore the body's natural balance and support long-term reproductive wellness. Many couples appreciate this holistic approach because it focuses on improving overall health instead of addressing fertility concerns alone.

Healthy lifestyle choices also play an important role in supporting fertility. A nutritious diet, regular physical activity, adequate sleep, stress management, maintaining a healthy weight, and avoiding smoking and excessive alcohol consumption can contribute to better reproductive health. When combined with homeopathy in Hyderabad, these positive lifestyle habits can enhance overall wellness and support the body's natural functioning.

At Spiritual Homeopathy, every patient receives compassionate, personalized attention throughout their fertility journey. Experienced homeopathic doctors conduct comprehensive consultations to understand each individual's health profile before designing customized treatment plans. With a commitment to holistic healthcare, continuous follow-up, and patient-centered guidance, Spiritual Homeopathy strives to support patients in achieving better reproductive health and improved overall well-being.

If you are looking for trusted homeopathy in Hyderabad for fertility support, Spiritual Homeopathy offers professional, individualized care designed to meet your unique health needs.

Call Spiritual Homeopathy Today: 9069176176

Buying a Plot in Bellari: Best Plot Projects in Bellari

Why Invest in a Plot in Bellari?

Bellari (Ballari) is rapidly emerging as one of Karnataka’s promising real estate destinations. With growing infrastructure, improved connectivity, industrial development, educational institutions, and increasing demand for residential properties, investing in a plot in Bellari offers excellent long-term appreciation potential.

Among the premium plotted development projects in Bellari, Bluejay Anandavana and Amruth Atharva stand out as popular choices for homebuyers and investors seeking secure, well-planned township living.

Bluejay Anandavana Township Project

Bluejay Anandavana is a thoughtfully planned township designed to provide a balanced lifestyle with modern amenities and green surroundings. The project focuses on community living, open spaces, and future-ready infrastructure.

Key Highlights

  • Clubhouse with snooker club, gym, meditation lawn & other
  • Wide internal roads
  • Landscaped gardens and parks
  • Gated community security
  • Football & Cricket Field With Galley
  • Underground utilities
  • Investment-friendly location
  • Peaceful residential environment
  • Banquet Hall

Suitable For

  • Families planning to build a dream home
  • Long-term investors
  • NRIs looking for property in Bellari
  • First-time plot buyers

Amruth Atharva Township Project

Amruth Atharva is another premium plotted development in Bellari offering modern infrastructure and a township lifestyle. The project is designed to provide convenience, connectivity, and future growth opportunities.

Key Highlights

  • Wide roads and drainage system
  • Green spaces and community areas
  • Excellent connectivity to major city locations
  • Water and electricity provisions
  • Secure gated environment
  • High appreciation potential

Suitable For

  • Residential construction
  • Future investment
  • Rental housing development
  • Retirement planning

Advantages of Buying a Township Plot in Bellari

1. Better Infrastructure

Township projects offer planned roads, drainage systems, street lighting, water supply, and electricity connections, making them superior to standalone plots.

2. Higher Appreciation Potential

Well-developed townships often experience faster property value appreciation due to organized development and increasing demand.

3. Secure Environment

Most township projects feature gated entry, security personnel, and controlled access, ensuring safety for residents.

4. Community Living

Parks, walking tracks, clubhouses, and recreational facilities promote a healthy and social lifestyle.

5. Clear Documentation

Reputed township developers generally provide legally compliant projects with transparent documentation and approvals.

6. Better Resale Value

Plots in branded township projects often command higher resale demand compared to isolated plots.

Disadvantages of Buying a Township Plot

1. Higher Initial Cost

Township plots may be priced higher than independent plots because of infrastructure and amenities.

2. Maintenance Charges

Residents may need to pay periodic maintenance fees for common facilities and security.

3. Construction Guidelines

Some township projects impose building regulations regarding design, setbacks, and construction timelines.

4. Limited Customization

Community standards may restrict certain modifications compared to independent land ownership.

Bluejay Anandavana vs Amruth Atharva: Which Should You Choose?

Both projects offer excellent opportunities for plot investment in Bellari. Your decision should depend on:

  • Budget
  • Preferred location
  • Infrastructure requirements
  • Future appreciation expectations
  • Residential or investment purpose
  • Available amenities

If your priority is a premium township lifestyle with modern infrastructure, both projects deserve serious consideration. Site visits, document verification, and future development assessment should be conducted before making a final investment decision.

Conclusion

Investing in a plot in Bellari is a smart decision for buyers seeking long-term growth and secure land ownership. Projects like Bluejay Anandavana and Amruth Atharva offer the advantages of organized township living, better infrastructure, and promising appreciation potential.

Whether you’re planning to build your dream home or looking for a high-growth real estate investment, a township plot in Bellari can provide both lifestyle benefits and financial returns.

For more details visit website: www.ycoordinate.com

For site visit : https://ycoordinate.com/landing/anandavana-meta-v1/

✆+918548858687

'मैं अब घर वापस नहीं आऊंगा...' बहन को मैसेज भेजकर लापता हुआ छात्र, बैग और लैपटॉप लेकर निकला था घर से

गया। गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र के रुकूनपुर गांव से एक छात्र के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। घर से दोस्त से किताब लेने की बात कहकर निकला युवक देर रात तक वापस नहीं लौटा। इस बीच उसके मोबाइल नंबर से बहन के पास एक ऐसा संदेश आया, जिसने पूरे परिवार को चिंता और सदमे में डाल दिया। मैसेज में लिखा था—"मैं अब घर वापस नहीं आऊंगा।" इसके बाद से युवक का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार, गुरारू थाना क्षेत्र के रुकूनपुर गांव निवासी संतोष कुमार का छोटा पुत्र शिवम कुमार उर्फ छोटू गुरुवार की सुबह करीब 9 बजे घर से निकला था। उसने अपने पिता से किताब खरीदने के लिए पैसे मांगे और बताया कि पटना से उसका एक दोस्त गया स्टेशन आ रहा है, जिससे उसे किताब लेनी है। यह कहकर वह घर से निकल गया।

परिजनों के अनुसार, घर से निकलने के करीब तीन घंटे बाद शिवम के मोबाइल नंबर से उसकी बहन के मोबाइल पर एक संदेश आया, जिसमें लिखा था, "मैं अब घर वापस नहीं आऊंगा।" यह संदेश पढ़ते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत शिवम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला।

इसके बाद रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी उसकी तलाश की गई, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। बताया जाता है कि शिवम कुमार (छोटू) करीब दो वर्ष पहले पटना में रहकर पढ़ाई करता था। बाद में वह अपने गांव लौट आया और वहीं रहकर आगे की पढ़ाई कर रहा था। घर से निकलते समय वह अपने साथ एक बैग और लैपटॉप भी लेकर गया था। इसी वजह से परिजन आशंका जता रहे हैं कि वह किसी योजना के तहत घर से निकला हो सकता है, हालांकि उसके द्वारा भेजे गए संदेश ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है।.

अपने बेटे की तलाश में पिता संतोष कुमार रात में ही मुगलसराय और वाराणसी तक पहुंचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन शिवम का कोई सुराग नहीं मिल सका। लगातार तलाश के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तब उन्होंने गुरारू थाना पहुंचकर लिखित आवेदन देते हुए अपने पुत्र की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई।

इस मामले में गुरारू थाना अध्यक्ष ने बताया कि युवक के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई है। जांच में उसकी अंतिम लोकेशन सासाराम मिली है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ अन्य सभी पहलुओं की जांच कर रही है। संभावित स्थानों पर पुलिस टीम को सक्रिय किया गया है और युवक की सकुशल बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पूरे गांव में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। परिजन बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही युवक का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। अगर किसी को नजर पड़ती है तो इस नंबर पर कॉल करें: 8521101910, 9304365306

IGIMS पटना का होगा कायाकल्प: स्वास्थ्य सचिव ने 3 माह में 500 बेड अस्पताल पूरा करने का दिया अल्टीमेटम

पटना । स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), पटना का दौरा कर परिसर में चल रहे पुनर्विकास एवं विस्तार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल, 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

स्थलीय निरीक्षण के उपरांत स्वास्थ्य सचिव ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। जिसमें संस्थान परिसर में निर्माणाधीन 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल, 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों सहित विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से स्वास्थ्य सचिव को अवगत कराया गया। समीक्षा के दौरान सचिव महोदय ने 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्माण एजेंसी को निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल का निर्माण कार्य अगले तीन माह के भीतर पूर्ण किया जाए। मीटिंग के दौरान श्री कुमार रवि ने कहा कि हर सप्ताह निर्माण कार्य प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।

उन्होंने अस्पताल के आंतरिक एवं बाहरी एचवीएसी (HVAC) कार्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्देश दिया। इसके लिए 31 अगस्त 2026 की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की गई है। स्वास्थ्य सचिव ने साइट पर चिलर प्लांट, कूलिंग टावर, पंप, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, पाइपिंग एवं डक्टिंग सहित सभी शेष कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया।

बैठक में निर्माणाधीन 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 59.24 प्रतिशत कार्य अब तक पूर्ण हो चुका है। स्वास्थ्य सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक के अंत में स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें, ताकि राज्य की जनता को शीघ्र आधुनिक एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

वित्तीय अनुशासन में झारखंड का डंका, नीति आयोग इंडेक्स में ओडिशा-गोवा के साथ ‘Achiever’*

रांची, नीति आयोग द्वारा वर्ष 2026 में जारी वित्तीय वर्ष 2023-24 के Fiscal Health Index में झारखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के टॉप 3 राज्यों में अपनी जगह बनाई है।

राज्य को ‘Achiever’ श्रेणी में शामिल किया गया है, जहां उसने ओडिशा और गोवा जैसे राज्यों के साथ मजबूती से स्थान हासिल किया है।

झारखंड की इस उपलब्धि के पीछे मजबूत वित्तीय अनुशासन, संसाधन जुटाने की क्षमता और संतुलित खर्च प्रबंधन प्रमुख कारण रहे हैं। राज्य ने अपने कुल राजस्व में टैक्स से होने वाली आय का हिस्सा 60 प्रतिशत से अधिक बनाए रखते हुए रेवेन्यू मोबिलाइजेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। साथ ही नॉन-टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने के प्रयास भी सफल रहे हैं

वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में भी झारखंड ने समझदारी का परिचय दिया है। राज्य ने अपने फिस्कल डेफिसिट को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के निर्धारित 3 प्रतिशत से नीचे बनाए रखा, जो वित्तीय अनुशासन का स्पष्ट संकेत है।

विकासोन्मुखी खर्च पर ध्यान देते हुए राज्य सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर को GSDP के लगभग 4 से 5 प्रतिशत के स्तर पर बनाए रखा है, जिससे आधारभूत संरचना और दीर्घकालिक विकास को मजबूती मिली है।

इसके अलावा, झारखंड ने कर्ज प्रबंधन में भी संतुलन बनाए रखा है। राज्य का कुल कर्ज GSDP के 25 प्रतिशत से कम है और ब्याज भुगतान का बोझ भी नियंत्रित रखा गया है, जो वित्तीय स्थिरता का प्रमाण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड का यह प्रदर्शन न केवल राज्य की वित्तीय सुदृढ़ता को दर्शाता है, बल्कि आने वाले वर्षों में विकास की मजबूत नींव भी तैयार करता है।

साइबर सुरक्षा एवं AI पर जागरूकता हेतु विधानसभा में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

आज पुराने झारखड विधान सभा परिसर में बाल कल्याण संघ , द एशिया फ़ाउंडेशन एवं साइबर पीस के संयुक्त तत्वाधान में डिजिटल युग के बढ़ते साइबर खतरों, डिजिटल धोखाधड़ी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI )आधारित जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रणनीतिक क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

जिसका उद्देश्य माननीय सदस्यों को साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सुरक्षित एव सकारात्मक उपयोग तथा डिजिटल युग में उभरते साइबर खतरों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यशाला में झारखंड विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री रबीन्द्रनाथ महतो बतौर मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

माननीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि आज के डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रशासन के संचालन, आर्थिक गतिविधि और नागरिकों की सुरक्षा और निजता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग विकास और सुशासन के लिए अत्यंत उपयोगी है, किंतु इसके सुरक्षित एवं नैतिक उपयोग के प्रति जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है ताकि हमारी निजता एवं सरकारी अभिलेखों तथा आर्थिक गतिविधियों की गोपनीयता सुरक्षित रह सके ।

माननीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को नई तकनीकों, साइबर अपराधों से बचाव तथा डिजिटल सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी होना समय की आवश्यकता है।

ऐसे कार्यशालाएँ जनप्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

माननीय राज्यसभा सदस्या श्रीमती महुआ माज़ी ,माननीय सदस्य श्री चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह , माननीय सदस्य श्री नवीन जयसवाल ने भी डिजिटल शासन के बढ़ते दायरे और उससे जुड़े साइबर सुरक्षा की चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला ।

कार्यशाला के दौरान साइबर सुरक्षा की बुनियादी समझ, वर्तमान साइबर खतरों एवं ए० आई० प्रेरित जोखिमों के प्रति जागरूकता, सरकारी प्रणालियों को सुरक्षित रखने के उपाय, साइबर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश, नागरिकों के डेटा के सुरक्षित प्रबंधन, डिजिटल सेवा वितरण के प्रोटोकॉल तथा त्वरित घटना पर प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दी गई ।

कार्यशाला में बाल कल्याण संघ के संस्थापक, श्री संजय कुमार मिश्रा, द एशिया फाउडेशन की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव श्रीमती नंदिता बरुआ एवं साइबर पीस फ़ाउंडेशन के प्रतिनिधि कैप्टन श्री एस सी० जोशी एवं श्री नमन जोशी विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

अवर सचिव श्री महेश नारायण सिंह सेवानिवृत्त, विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो ने किया सम्मानित

आज झारखण्ड विधान सभा में श्री महेश नारायण सिंह, अवर सचिव झारखंड विधानसभा सचिवालय के

सेवानिवृत्ति होने पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। वे 30 जून 2026 को झारखंड विधानसभा सचिवालय से सेवानिवृत्त हुए ।उन्होंने अपनी सेवा बिहार विधानसभा से शुरू की थी कैडर विभाजन के बाद झारखंड विधानसभा सचिवालय में अपना योगदान दिए थे ।

इस अवसर पर झारखण्ड विधान सभा के माननीय अध्यक्ष,श्री रबीन्द्र नाथ महतो उपस्थित रहे।माननीय अध्यक्ष द्वारा श्री महेश सिंह नारायण सम्मानित किया गया।विधान सभा सचिवालय में कार्यनिष्ठा,अनुशासन के साथ कार्य करने की सराहना की तथा सक्रिय ,स्वस्थ और सुखद जीवन की उन्हें शुभकामनाएं दी।

विदाई समारोह कार्यक्रम में श्री महेश सिंह नारायण सिंह ने अपने विधान सभा सचिवालय में सेवा के दौरान महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण को याद करते हुए भावुक हो गए तथा माननीय अध्यक्ष महोदय , विधानसभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं सहकर्मियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया और कहा कि सचिवालय से प्राप्त सहयोग, स्नेह एवं सम्मान को वे सदैव याद करेंगे।

समारोह में झारखण्ड विधान सभा के प्रभारी सचिव श्री रंजीत कुमार एवं उप सचिव श्री एस. शिराज वजीह बंटी, श्री कुन्दन कुमार सिंह, श्री हरेन्द्र कुमार साह, श्री अनूप कुमार लाल एवं अन्य पदाधिकारियों, कर्मचारियों ने भी श्री नारायण के साथ अपने कार्य अनुभव साझा किए तथा उनके योगदान को

याद करते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रशाखा पदाधिकारी श्री प्रिय शंकर ने की।

एक पेड़ मां के नाम" मुहिम के अंतर्गत मुख्य अतिथि विधायक ने रोपित किये छायादार व फलदाई पौधे

रितेश मिश्रा

कछौना(हरदोई):* कछौना वन रेंज के अंतर्गत नगर वन कामीपुर में मुख्य अतिथि विधायक रामपाल वर्मा ने "एक पेड़ मां के नाम" मुहिम के अंतर्गत शुक्रवार को छायादार व फलदाई पौधे रोपित किये।

विधायक ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। हम सभी को जीवन में पौधे अवश्य लगाने चाहिए और उन्हें संरक्षित भी करना चाहिए। प्रकृति ने हमें कुदरत के रूप में शुद्ध हवा, धूप, पानी जीवन के लिए निशुल्क चीजें मुहैया कराई हैं। हमारा भी फर्ज बनता है जिससे हमारा जीवन है उनकी रक्षा करना है। इस महा अभियान में ज्यादा से ज्यादा लोग आगे जाकर जुड़ें। यह नगर वन कछौना क्षेत्र की शान है। पर्यावरण की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण भी है।

वन क्षेत्राधिकारी विनय कुमार सिंह ने कहा कि नगर वन के कायाकल्प के लिए वह सदैव प्रयासरत हैं, लेकिन बजट के अभाव में बेहतर सुधार नहीं हो पा रहा है। कुछ बुनियादी सुविधाएं वाटर कूलर, सोलर लाइट, बेंच, हाट, एक कैंटीन आदि सुविधाएं होने से घूमने आने वाले लोगों को सुगमता होगी।

इस अवसर पर डॉक्टर शिवराज सिंह पटेल, पूर्व मंडल अध्यक्ष नवीन पटेल, जिला उपाध्यक्ष अरिजीत वर्मा, मंडल अध्यक्ष मयंक सिंह, युवा नेता अरिजीत वर्मा, प्रधान कप्तान, पूर्व प्रधान कृष्णकांत सिंह, सनोज राठौर, अमर बहादुर वर्मा, सौरभ सिंह, सनशाइन स्कूल प्रबंधक सुनील सोनी, शिवम मिश्रा सहित प्रधानगण, विभागीय अधिकारी वीरेंद्र कुमार, सचिन, प्रधान मुकेश सिंह व अनेक प्रबुद्धजनों ने प्रतिभाग किया

आदिवासी बालिका छात्रावास में पेयजल संकट पर प्रशासन हरकत में, ज्ञापन मिलते ही प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी ने किया निरीक्षण

शुक्रवार को कृष्ण वल्लभ महिला महाविद्यालय परिसर में स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय संयोजक सह पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव को ज्ञापन सौंपकर छात्रावास में रह रही 200 से अधिक आदिवासी छात्राओं के लिए स्वच्छ एवं नियमित पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग किया। ज्ञापन में कहा गया है कि छात्रावास में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्राओं को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती है और कई बार छात्राओं को अपनी पढ़ाई छोड़कर बाहर से पानी लाना पड़ता है। इससे उनकी शिक्षा प्रभावित होने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे हैं। विक्की कुमार धान ने बताया कि छात्रावास परिसर स्थित चापाकल से कई बार लाल रंग का दूषित पानी निकलने की शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से छात्राओं के हित में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि आदिवासी छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा की अनदेखी उचित नहीं है। ज्ञापन के माध्यम से जलापूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच, शुद्ध पेयजल की नियमित उपलब्धता, आवश्यकता पड़ने पर नए बोरवेल, जलमीनार अथवा पाइपलाइन निर्माण, पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच तथा समयबद्ध कार्ययोजना के तहत स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की गई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव ने ज्ञापन प्राप्त होते ही आदिवासी बालिका छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा पेयजल, विद्युत आपूर्ति, बाउंड्री वॉल सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या की विस्तृत जांच कर आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे, ताकि छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गौरतलब है कि छात्रावास में पेयजल संकट लंबे समय से बना हुआ है। छात्राओं का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान में लगातार हो रही देरी का असर उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। ऐसे में अब जिला प्रशासन की पहल के बाद छात्राओं को शीघ्र राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने किया एसआईआर (SIR) कार्यक्रम का निरीक्षण

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने आज जिले में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत आज 3 जुलाई को विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित बीएलओ (Booth Level Officer) से गणना प्रपत्रों के वितरण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा बीएलओ द्वारा भरे जा रहे गणना प्रपत्रों की प्रविष्टियों का गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बीएलओ को निर्देश दिया कि यह कार्य निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है। इसलिए गणना प्रपत्रों के वितरण एवं उन्हें भरवाने का कार्य पूरी गंभीरता, शुद्धता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का सफल एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो सके।

उपायुक्त ने राजकीय मध्य विद्यालय, कूद एवं राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिरसी (कटकमदाग) स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए सभी प्रपत्रों का समय पर संकलन एवं सत्यापन किया जाए तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।

निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती वेदवंती कुमारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

Homeopathy in Hyderabad for Fertility: A Natural Path Toward Reproductive Wellness

Discover homeopathy in Hyderabad for fertility support. Spiritual Homeopathy provides personalized, holistic care to promote reproductive health and overall well-being.

Fertility plays a vital role in family planning, and challenges in conceiving can be emotionally and physically overwhelming for couples. Factors such as changing lifestyles, stress, hormonal disorders, and underlying medical conditions have contributed to the growing number of fertility-related concerns. As a result, many individuals are choosing homeopathy in Hyderabad as a holistic approach to support reproductive health while improving overall wellness.

Both men and women can experience fertility issues due to various reasons. Common contributing factors include hormonal imbalance, polycystic ovarian syndrome (PCOS), thyroid disorders, endometriosis, irregular ovulation, age-related changes, obesity, nutritional deficiencies, chronic stress, and male reproductive health concerns. Some people may notice symptoms such as irregular menstrual cycles, painful periods, difficulty conceiving, recurrent pregnancy loss, hormonal fluctuations, or reduced sperm quality. A detailed evaluation helps identify the underlying factors affecting fertility and guides personalized care.

One of the key advantages of homeopathy in Hyderabad is its individualized treatment philosophy. Rather than following a one-size-fits-all approach, homeopathic care considers each person's physical health, emotional well-being, lifestyle, medical history, and unique symptoms. This comprehensive assessment allows practitioners to develop customized treatment plans that aim to restore the body's natural balance and support long-term reproductive wellness. Many couples appreciate this holistic approach because it focuses on improving overall health instead of addressing fertility concerns alone.

Healthy lifestyle choices also play an important role in supporting fertility. A nutritious diet, regular physical activity, adequate sleep, stress management, maintaining a healthy weight, and avoiding smoking and excessive alcohol consumption can contribute to better reproductive health. When combined with homeopathy in Hyderabad, these positive lifestyle habits can enhance overall wellness and support the body's natural functioning.

At Spiritual Homeopathy, every patient receives compassionate, personalized attention throughout their fertility journey. Experienced homeopathic doctors conduct comprehensive consultations to understand each individual's health profile before designing customized treatment plans. With a commitment to holistic healthcare, continuous follow-up, and patient-centered guidance, Spiritual Homeopathy strives to support patients in achieving better reproductive health and improved overall well-being.

If you are looking for trusted homeopathy in Hyderabad for fertility support, Spiritual Homeopathy offers professional, individualized care designed to meet your unique health needs.

Call Spiritual Homeopathy Today: 9069176176

Buying a Plot in Bellari: Best Plot Projects in Bellari

Why Invest in a Plot in Bellari?

Bellari (Ballari) is rapidly emerging as one of Karnataka’s promising real estate destinations. With growing infrastructure, improved connectivity, industrial development, educational institutions, and increasing demand for residential properties, investing in a plot in Bellari offers excellent long-term appreciation potential.

Among the premium plotted development projects in Bellari, Bluejay Anandavana and Amruth Atharva stand out as popular choices for homebuyers and investors seeking secure, well-planned township living.

Bluejay Anandavana Township Project

Bluejay Anandavana is a thoughtfully planned township designed to provide a balanced lifestyle with modern amenities and green surroundings. The project focuses on community living, open spaces, and future-ready infrastructure.

Key Highlights

  • Clubhouse with snooker club, gym, meditation lawn & other
  • Wide internal roads
  • Landscaped gardens and parks
  • Gated community security
  • Football & Cricket Field With Galley
  • Underground utilities
  • Investment-friendly location
  • Peaceful residential environment
  • Banquet Hall

Suitable For

  • Families planning to build a dream home
  • Long-term investors
  • NRIs looking for property in Bellari
  • First-time plot buyers

Amruth Atharva Township Project

Amruth Atharva is another premium plotted development in Bellari offering modern infrastructure and a township lifestyle. The project is designed to provide convenience, connectivity, and future growth opportunities.

Key Highlights

  • Wide roads and drainage system
  • Green spaces and community areas
  • Excellent connectivity to major city locations
  • Water and electricity provisions
  • Secure gated environment
  • High appreciation potential

Suitable For

  • Residential construction
  • Future investment
  • Rental housing development
  • Retirement planning

Advantages of Buying a Township Plot in Bellari

1. Better Infrastructure

Township projects offer planned roads, drainage systems, street lighting, water supply, and electricity connections, making them superior to standalone plots.

2. Higher Appreciation Potential

Well-developed townships often experience faster property value appreciation due to organized development and increasing demand.

3. Secure Environment

Most township projects feature gated entry, security personnel, and controlled access, ensuring safety for residents.

4. Community Living

Parks, walking tracks, clubhouses, and recreational facilities promote a healthy and social lifestyle.

5. Clear Documentation

Reputed township developers generally provide legally compliant projects with transparent documentation and approvals.

6. Better Resale Value

Plots in branded township projects often command higher resale demand compared to isolated plots.

Disadvantages of Buying a Township Plot

1. Higher Initial Cost

Township plots may be priced higher than independent plots because of infrastructure and amenities.

2. Maintenance Charges

Residents may need to pay periodic maintenance fees for common facilities and security.

3. Construction Guidelines

Some township projects impose building regulations regarding design, setbacks, and construction timelines.

4. Limited Customization

Community standards may restrict certain modifications compared to independent land ownership.

Bluejay Anandavana vs Amruth Atharva: Which Should You Choose?

Both projects offer excellent opportunities for plot investment in Bellari. Your decision should depend on:

  • Budget
  • Preferred location
  • Infrastructure requirements
  • Future appreciation expectations
  • Residential or investment purpose
  • Available amenities

If your priority is a premium township lifestyle with modern infrastructure, both projects deserve serious consideration. Site visits, document verification, and future development assessment should be conducted before making a final investment decision.

Conclusion

Investing in a plot in Bellari is a smart decision for buyers seeking long-term growth and secure land ownership. Projects like Bluejay Anandavana and Amruth Atharva offer the advantages of organized township living, better infrastructure, and promising appreciation potential.

Whether you’re planning to build your dream home or looking for a high-growth real estate investment, a township plot in Bellari can provide both lifestyle benefits and financial returns.

For more details visit website: www.ycoordinate.com

For site visit : https://ycoordinate.com/landing/anandavana-meta-v1/

✆+918548858687

'मैं अब घर वापस नहीं आऊंगा...' बहन को मैसेज भेजकर लापता हुआ छात्र, बैग और लैपटॉप लेकर निकला था घर से

गया। गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र के रुकूनपुर गांव से एक छात्र के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। घर से दोस्त से किताब लेने की बात कहकर निकला युवक देर रात तक वापस नहीं लौटा। इस बीच उसके मोबाइल नंबर से बहन के पास एक ऐसा संदेश आया, जिसने पूरे परिवार को चिंता और सदमे में डाल दिया। मैसेज में लिखा था—"मैं अब घर वापस नहीं आऊंगा।" इसके बाद से युवक का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार, गुरारू थाना क्षेत्र के रुकूनपुर गांव निवासी संतोष कुमार का छोटा पुत्र शिवम कुमार उर्फ छोटू गुरुवार की सुबह करीब 9 बजे घर से निकला था। उसने अपने पिता से किताब खरीदने के लिए पैसे मांगे और बताया कि पटना से उसका एक दोस्त गया स्टेशन आ रहा है, जिससे उसे किताब लेनी है। यह कहकर वह घर से निकल गया।

परिजनों के अनुसार, घर से निकलने के करीब तीन घंटे बाद शिवम के मोबाइल नंबर से उसकी बहन के मोबाइल पर एक संदेश आया, जिसमें लिखा था, "मैं अब घर वापस नहीं आऊंगा।" यह संदेश पढ़ते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत शिवम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला।

इसके बाद रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी उसकी तलाश की गई, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। बताया जाता है कि शिवम कुमार (छोटू) करीब दो वर्ष पहले पटना में रहकर पढ़ाई करता था। बाद में वह अपने गांव लौट आया और वहीं रहकर आगे की पढ़ाई कर रहा था। घर से निकलते समय वह अपने साथ एक बैग और लैपटॉप भी लेकर गया था। इसी वजह से परिजन आशंका जता रहे हैं कि वह किसी योजना के तहत घर से निकला हो सकता है, हालांकि उसके द्वारा भेजे गए संदेश ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है।.

अपने बेटे की तलाश में पिता संतोष कुमार रात में ही मुगलसराय और वाराणसी तक पहुंचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन शिवम का कोई सुराग नहीं मिल सका। लगातार तलाश के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तब उन्होंने गुरारू थाना पहुंचकर लिखित आवेदन देते हुए अपने पुत्र की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई।

इस मामले में गुरारू थाना अध्यक्ष ने बताया कि युवक के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई है। जांच में उसकी अंतिम लोकेशन सासाराम मिली है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ अन्य सभी पहलुओं की जांच कर रही है। संभावित स्थानों पर पुलिस टीम को सक्रिय किया गया है और युवक की सकुशल बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पूरे गांव में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। परिजन बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही युवक का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। अगर किसी को नजर पड़ती है तो इस नंबर पर कॉल करें: 8521101910, 9304365306