प्रयागराज जंक्शन के सिटी साइड पर पुनर्विकास कार्य प्रारंभ, पार्किंग व्यवस्था अस्थायी रूप से प्रतिबंधित

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, प्रयागराज जंक्शन स्टेशन पर चल रहे व्यापक पुनर्विकास कार्यों के क्रम में सिटी साइड पर भी निर्माण कार्य दिनांक 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है।

निर्माण कार्य प्रारंभ होने के साथ ही दिनांक 15 अप्रैल 2026 से अग्रिम आदेश तक सिटी साइड पर स्टेशन परिसर में वाहनों की पार्किंग सुविधा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा सिविल लाइंस साइड पर समुचित एवं सुव्यवस्थित वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था विकसित की गई है। जिन यात्रियों को अपने वाहन पार्क करने की आवश्यकता है, वे उक्त वैकल्पिक व्यवस्था का उपयोग कर सकते हैं।

रेल प्रशासन समस्त यात्रियों एवं आमजन से अनुरोध करता है कि वे इस अवधि के दौरान सहयोग प्रदान करें तथा सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने हेतु वैकल्पिक मार्ग एवं पार्किंग सुविधा का उपयोग करें।

इसके अतिरिक्त, सिटी साइड पर भी वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित किए जाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित होते ही सिटी साइड पर यातायात एवं पार्किंग सुविधा पुनः प्रारंभ कर दी जाएगी।

श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी का 405 साला प्रकाश उत्सव बड़ी आस्था श्रद्धा के साथ मनाया गया।

तपस्थान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरुद्वारा पक्की संगत प्रयागराज में भोर बेला से शबद- कीर्तन का दीवान सजा।

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी का 405 साला प्रकाश उत्सव मंगलवार को तपस्थान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरुद्वारा पक्की संगत प्रयागराज में बड़ी आस्था श्रद्धा के साथ मनाया गया।संगत ने भोर बेला मे तपस्थान से प्रभात फेरी निकली जो क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से होते हुए गुरु द्वारा प्रांगण में संपन्न हुई। तत्पश्चात रविवार से आरंभ श्री अखंड पाठ साहिब की पाठ की संपूर्णता के उपरांत शब्द कीर्तन,गुरु इतिहास,आरती,हुकमनामा उपरांत गुरु का लंगर संगतो ने छका।

संध्याकाल मे खुले दीवान हॉल में संत विंरेद्र सिंह,परमजीत सिंह,ज्ञानी निशांत सिंह,महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री,जसविंदर सिंह शास्त्री पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थो, कथावाचक,इतिहासकार द्वारा गुरवाणी विचार देर रात तक चलता रहा साथ ही गुरु का लंगर भी चलता रहा। संचालन मुख्य सेवादार महंत ज्ञान सिंह ने किया।

वहीं दूसरी और जगह-जगह चौपाल लगाकर सिख पंथ के नौवे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी के प्रकाश पर्व पर कोटि-कोटि नमन करते हुए सुविख्यात समाजसेवी व भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्याय सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि नवम गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी ने वैश्विक चिंतन में त्याग,सेवा और समरसता के सनातन मूल्यो के प्रति अडिंग इच्छा की अभिव्यक्ति की और भारतीय दार्शनिक चिंतन में योगदान किया गुरु जी का बलिदान यात्रा का मानवीय पक्ष भी संवेदन शील है गुरु जी की जिन कस्बो,नगरों और गांव से गुजरे,लोगों ने उन स्थानों पर तंबाकू की खेती बंद कर दी सैकड़ो गांव नशा मुक्त हो गए और नवम गुरु की वाणी का आंचल पकडकर मुक्ति के पथ पर चल पड़े आज विश्व को नशा मुक्त करने के लिए नवम गुरु के व्यक्तित्व से सबक लेना चाहिए।

सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन, मानवता की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता की सर्वोच्च मिसाल है उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध निर्भीक खड़े रहने और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है हम गुरु साहिब के दिखाएं मार्ग पर चलते हुए आपसी भाईचारे और मानवता के नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारें। चौपाल में दलजीत कौर,हरमनजी सिंह ने विचार रखें।

कौन कर रहा पाकिस्तान की गाड़ी ड्राइव, क्या अमेरिका लिख रहा शहबाज शरीफ की X पोस्ट क्या?

#whyispmshahbazbeingtrolledaftertheiran_war

सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भारी किरकिरी हो रही है। अमेरिका और ईरान में तनाव के बीच खुद को चौधरी दिखाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पोल खुल गई है। शहबाज शरीफ के मात्र एक पोस्ट से ईरान जंग के सीजफायर पर पाकिस्तान के रोल पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिसके बाद सवाल उठ रहे है कि क्या पाकिस्तान को अमेरिकी की तरफ से कंट्रोल किया जा रहा है?

कैसी है पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका?

दरअसल, पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की एक सोशल मीडिया पोस्ट की। शहबाज शरीफ ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई की समयसीमा बढ़ाने की अपील की थी। उन्होंने लिखा था कि कूटनीति को आगे बढ़ने का मौका देने के लिए समय सीमा को दो सप्ताह तक बढ़ाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का भी आग्रह किया था, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम है।

ऐसे शुरू हुआ विवाद

सारा विवाद तब शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया यूजर्स ने शहबाज शरीफ के पोस्ट की ‘एडिट हिस्ट्री’ पर ध्यान दिया। यूजर्स का ध्यान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की पोस्ट की ‘एडिट हिस्ट्री’ पर चला गया, जिससे पता लगता है कि उनकी इस पोस्ट को किसी दूसरे ने तैयार किया है। स्क्रीनशॉट के अनुसार, उस पोस्ट के शुरुआती संस्करण में सबसे ऊपर लिखा था: ‘Draft – Pakistan’s PM Message on X यानी ड्राफ्ट- एक्स पर पाकिस्तान के पीएम का संदेश।’

सिर्फ टेक्निकल गलती थी या कोई बड़ा संदेश

ऐसा होना यह केवल एक छोटी सी टेक्निकल गलती थी या कोई बड़ा इशारा? किसी देश के प्रधानमंत्री के ऑफिशियल कम्युनिकेशन में ड्राफ्ट शब्द लिखा होना बड़े सवाल पैदा करता है, लेकिन क्या ये पाकिस्तान के अधिकारियों की लापरवाही थी या फिर किसी बड़ी बात का संकेत। सवाल उठ रहें है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये ड्राफ्ट पाकिस्तान को भेजा था। या फिर किसी और ने भेजा था।

कौन कर रहा पाकिस्तान की गाड़ी ड्राइव?

आलोचकों का कहना है कि यह किसी लीडर के अपनी आवाज में बोलने जैसा कम और उसके लिए तैयार किए गए टेम्पलेट जैसा अधिक लगता है। इस घटना ने जियोपॉलिटिकल सर्कल में एक लंबे समय से चली आ रही सोच को और बढ़ा दिया है कि पाकिस्तान के स्ट्रेटेजिक और डिप्लोमैटिक फैसले अक्सर बाहरी ताकतों से प्रभावित होते हैं।

जनता की आवाज को मिला मंच: एसीपी यशपाल सिंह ने थाना शंकरगढ़ में की जनसुनवाई, समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एसीपी यशपाल सिंह ने थाना शंकरगढ़ परिसर में मंगलवार को सुबह 10:00 बजे से 2:00 बजे तक जनसुनवाई किया। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर अफसर के सामने पहुंचे, जिनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्होंने संबंधित को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, मारपीट, पारिवारिक कलह, राजस्व से जुड़े मामले और अन्य स्थानीय समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। एसीपी यशपाल सिंह ने स्पष्ट कहा कि किसी भी फरियादी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और हर शिकायत का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि शिकायतों में लापरवाही या देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही जनता से अपील की कि वे अपनी समस्याएं निडर होकर पुलिस के सामने रखें, ताकि समय रहते समाधान हो सके।इस मौके पर थाना शंकरगढ़ की पुलिस टीम भी मौजूद रही और जनसुनवाई को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। कार्यक्रम के अंत में कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जिससे फरियादियों के चेहरे पर संतोष दिखाई दिया।जनसुनवाई के दौरान यशपाल सिंह ने लोगों की समस्याएं सुनी और उनका समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अपराध के खिलाफ लड़ने में पुलिस का सहयोग करें।आगे उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों की खैर नहीं और सभी को न्याय मिलेगा। यशपाल सिंह की इस पहल से लोगों में उम्मीद जगी है कि उन्हें न्याय मिलेगा।जनसुनवाई से यह संदेश स्पष्ट गया कि शंकरगढ़ पुलिस प्रशासन जनता के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बता दें कि हाल ही में शंकरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह को एसीपी के पद पर पदोन्नति प्राप्त होने पर पुलिस आयुक्त प्रयागराज जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त प्रयागराज कानून व्यवस्था डॉक्टर अजय पाल शर्मा एवं पुलिस उपायुक्त नगर मनीष कुमार शांडिल्य द्वारा स्टार लगाकर सम्मानित किया गया है। उनकी कार्यशैली से शंकरगढ़ थाने में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है जिससे क्षेत्र में अपराध पर नियंत्रण हुआ। इनकी उपलब्धियों पर बात की जाए तो शंकरगढ़ थाने में दलालों की सक्रियता को कम किया, शासन के मंशानुरूप कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई, महिलाओं और बेटियों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जागरूक किया,अपराध पर नियंत्रण और जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की भूमिका अहम रही है। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण मामलों का सफल निस्तारण भी हुआ है जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा। विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी हुई पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएगी। बहरहाल यशपाल सिंह की पदोन्नति से शंकरगढ़ क्षेत्र में कानून व्यवस्था और मजबूत हुई है और अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही में तेजी आई है।

Alan Vikranth on behalf of his movie ‘Gloora’ is the first person in the world to direct and cinematograph a film while sitting in a wheelchair.

By directing and shooting the film Gloora, Alan Vikranth has achieved a unique record of becoming the first person in the world to direct and cinematograph a film while moving on a wheelchair. Alan completed the script and story of the film GLOORA after a long four-month effort and hard work in 2022. Later, the filming of GLOORA was completed in three schedules of 100 days of tireless shooting in the years 2022-23. Alan was very often taken, carried in the hands by friends to the various forest and mountain locations where even a vehicle finds hard to reach.Despite many times, the weather and physical condition being so bad and challenging, Alan completed the direction and cinematography of his dream project GLOORA while sitting in a wheelchair in 2023. The reason for the prolonged post-production was the introduction of graphics scenes and a making style that have never been seen in Indian cinema until now.

Although Alan had to encounter many challenges and adverse situations during post-production, Alan is overcoming them all with extra commitment and dedication and nearing the completion of GLOORA. Alan says that even when he feels down in any bad situation, the support of his parents, producer, co-producer, legal advisor, and close friends keeps him going.

Alan was in a wheelchair after suffering a spinal cord injury in a car accident in 2018. Alan completed his cinematography studies from the Ernakulam Film Institute between 2015-2016. He then worked in films and short films. Then, while he was planning to make his own films, the unexpected accident happened. He lost all his hopes and spent most of the next 3 years in the hospital. Even when the doctors had predicted that he would have to spend the rest of his life in a wheelchair, Alan held on to his dreams and wrote the script for his first film, Gloora, while lying down. Along with the completion of the film Gloora, Alan continues to fight his fate and get up from his wheelchair and walk. The life of Gloora film director Alan Vikrant is a role model and inspiration for today's society, which is overwhelmed by even the smallest difficulties.

Director, Script Writer, DOP : Alan vikranth. Producer : Clint Sebastian. Co-producer : Sreejith Sasidharan. Legel Advisor : Adv. Omar Salim. Camera : Bibin Joy, Richmon Joseph, Harikrishnan B. Editor : Daniel Pakalomattam. VFX Supervisor : Ferdinant Joy. Creative Director : Ashwath R Nath. Sound Design : Sanoj Joy. Art : Ragesh Vs Keezhillam, Vishnu M Mani. Make-up : Manoj M St Parappanangadi. Helicam : Tony Jhon. Actors : Sandy Zero, Albi Agustin, Jithin T George, Sreenath T K, George T V, Alan Vikranth. Production Controllers : Jibin T George, Jestin T J.

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पाकिस्तान बना मुखौटा, चीन सीजफायर का सूत्रधार, ईरान को बातचीत के लिए किया तैयार

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अमेरिका और ईरान के बीच 5 हफ्तों से ज्यादा तक चली जंग के बाद बुधवार 8 अप्रैल की सुबह राहत भरी खबर आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्तों तक हमले रोकने की घोषणा की। ट्रंप ने इसे दो तरफा युद्धविराम बताया और कहा कि यह इस शर्त पर होगा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलेगी।

चीन ने पर्दे के पीछे रहकर किया काम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया। अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के सीजफायर के पीछे चीन की अहम भूमिका सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि चीन ने पर्दे के पीछे रहकर ईरान को बातचीत के लिए तैयार करने में मदद की। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह डील पाकिस्तान की मध्यस्थता और आखिरी समय में चीन के दखल के बाद संभव हो पाई।

आखिरी समय में चीन के दखल आई काम

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने युद्धविराम में अहम भूमिका निभाई है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में दो हफ्ते के सीजफायर के फैसले के पीछे पाकिस्तान के अलावा चीन की बड़ी भूमिका सामने आई है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के जोरदार प्रयास के साथ-साथ चीन ने आखिरी मिनट में दखल देकर ईरान को समझाया और तनाव कम किया। रिपोर्ट की मानें तो चीन ने ईरान को साफ चेतावनी दी कि अगर ट्रंप अपनी धमकी के मुताबिक ईरान के एनर्जी साइट्स और बुनियादी ढांचे पर हमला करते हैं तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी।

ट्रंप बोले- चीन ने ईरान को किया तैयार

सीजफायर को लेकर ट्रंप ने कहा है कि चीन ने ईरान को बातचीत के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। एक टेलीफोनिक बातचीत में उनसे पूछा गया कि क्या चीन ने ईरान को सीजफायर के लिए प्रेरित किया। इस पर ट्रंप ने कहा, “हां, मैंने सुना है”। हालांकि, इस मुद्दे पर चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।

संघर्ष के बाद से ही चीन सीजफायर के लिए था प्रयासरत

वहीं, वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंगयू ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ही चीन सीजफायर और युद्ध खत्म कराने के लिए काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि चीन हर उस प्रयास का स्वागत करता है जो शांति की दिशा में हो और सभी पक्षों को बातचीत के जरिए मतभेद खत्म करने चाहिए। चीन ने उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्ष इस मौके का फायदा उठाकर जल्द से जल्द संघर्ष खत्म करेंगे। गौरतलब है कि चीन इससे पहले 2023 में ईरान और सऊदी अरब के बीच समझौता कराने में भी अहम भूमिका निभा चुका है।

अमेरिका-ईरान में 2 हफ्ते का सीजफायर, 40वें दिन रुकी जंग

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मिडिल ईस्ट के लिए आज की सुबह एक बड़ी राहत लेकर आई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण जंग पर 40 दिनों के बाद सीजफायर हो गया है। दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर दो हफ्तों के सीजफायर यानी युद्धविराम की घोषणा कर दी है।

ट्रंप ने ईरानी सभ्यता ही खत्म करने की दी थी धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि वे दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी रोकने पर सहमत हो गए हैं। यह सहमति उनकी डेडलाइन की रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 5.30 बजे) की समय सीमा से दो घंटे से भी कम समय पहले बनी। ट्रंप ने डेडलाइन पूरी होने पर पूरी सभ्यता को तबाह करने की धमकी दी थी।

अमेरिका-ईरान के बीच पुराने विवादों पर सहमति

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया पर दो हफ्तों के युद्धविराम समझौते की जानकारी दी और कहा कि यह समझौता इस शर्त पर किया गया है कि ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने पर सहमत हो। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिका पहले ही अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के आधार के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पुराने विवादों के अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ सीजफायर?

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ हुई बातचीत के आधार पर- जिसमें उन्होंने मुझसे अनुरोध किया था कि मैं आज रात ईरान भेजे जा रहे विनाशकाली बल को रोक लूं- और इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो, मैं दो हफ्ते की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को रोकने पर सहमत हूं। यह एक दो-तरफा युद्धविराम होगा।'

ईरान ने क्या कहा?

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान पोस्ट करके युद्ध-विराम स्वीकार करने की बात कहीय़ उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री शरीफ की ट्वीट में की गई भाईचारे वाली अपील के जवाब में, और अमेरिका द्वारा उसके 15 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के आधार पर बातचीत की मांग को देखते हुए, साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को बातचीत का आधार मानने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए, मैं ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से यह घोषणा करता हूं: अगर ईरान पर हमले रुक जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “दो हफ्तों की अवधि के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी, लेकिन इसके लिए ईरान की सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय (कॉर्डिनेट) करना होगा और कुछ तकनीकी सीमाओं का भी ध्यान रखना होगा।”

ट्रंप ने दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम

बता दें कि, ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया चुके था, लेकिन बाद में इस समय-सीमा को कई बार बढ़ाया गया। फिर इसे बढ़ाकर 8 अप्रैल की रात तक कर दिया गया था। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि समझौते की संभावना अभी भी है, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो वे 'सब कुछ खत्म कर देंगे।' उन्होंने यह भी दावा किया था कि ईरान के आम लोग अपनी सरकार से खुश नहीं हैं और वे अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन कर सकते हैं।

मंडल डैम विस्थापन विवाद: बाबूलाल मरांडी से मिले ग्रामीण, बोले- "शहीद नीलांबर-पीतांबर की विरासत मिटाने की साजिश"

रांची गढ़वा :- गढ़वा विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के रंका प्रखंड के बिश्रामपुर और रमकंडा प्रखंड के बलीगढ़ पंचायत के दर्जनों लागों के साथ साथ मंडल डैम के विस्थापित परिवारों ने विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी जी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया एवं न्याय दिलाने की माँग की है।

वहीं ग्रामीणों ने बताया कि मंडल डैम के विस्थापित परिवारों को रंका और रमकंडा प्रखंड के जिस स्थान पर बसाया जा रहा है उस जंगल से अगल बगल बीस गाँव के लोगों का जीवन यापन होता है ।

स्थानीय लोग उस जंगल से महुआ चुनकर, जड़ी बूटी लाकर, पत्तल दोना बनाकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। लेकिन सरकार के निर्देश पर गढ़वा जिला प्रशासन बलपूर्वक उस जंगल में बिस्थापितों को बसा रही है, जिससे हजारों आदिवासी परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है । बिश्रामपुर-बालीगढ़ के लोगों ने बिस्थापितों को अन्यत्र बसाने की मांग बाबूलाल मरांडी जी से की ।

साथ ही साथ मंडल डैम के विस्थापितों ने बाबूलाल मरांडी जी को ज्ञापन सौंप कर कहा कि हम सभी शहीद नीलांबर पीतांबर के वंसज हैं । जिस भूमि पर मंडल डैम का निर्माण किया जा रहा है, ओ भूमि नीलांबर पीताम्बर की भूमि है । शहीद नीलांबर पीताम्बर के नाम को मिटाने के लिए आजादी से पहले अंग्रेजों ने उस भूमि पर डैम बनाने का निर्णय लिया था ताकि अमर शहीद का नामोनिशान मिट जाए।

आज हमलोगों को जबरदस्ती विस्थापित कर के गढ़वा के बिश्रामपुर बालीगढ़ में जिस जमीन पर बसाया जा रहा है, वहाँ हम लोग जाना नहीं चाहते हैं । चुकी वर्तमान में हम जिस जगह पर रहते हैं, वो जगह पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है, अभी हमलोग पेसा कानून के तहत आते हैं लेकिन हमलोगों को जहाँ विस्थापित किया जा रहा है, वह सामान्य पंचायत है ।

वहाँ बसाए जाने से हमारा हक और अधिकार का हनन होगा । विस्थापित परिवार के लोगों ने भी विस्थापन का विरोध करते हुए बाबूलाल जी से न्याय की मांग की है।

रांची में वैशाखी की धूम: पंजाबी हिंदू बिरादरी 12 अप्रैल को बिखेरेगी सांस्कृतिक छटा

पंजाबी हिंदू बिरादरी,झारखंड इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम से वैशाखी पर्व को मनाने जा रही है.कार्यक्रम 12 अप्रैल,रविवार को सेलिब्रेशन हॉल,रांची क्लब में आयोजित किया गया है.जिसमें कोलकाता के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भांगड़ा-गिद्दा के झूमने/नाचने को मजबूर करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जायेंगे.संध्या 6 बजे से प्रारंभ कार्यक्रम के पश्चात लज़ीज़ भोजन की भी व्यवस्था है.

ये जानकारी देते हुए बिरादरी अध्यक्ष सुधीर उग्गल,राजेश मेहरा एवं चेयरमैन राकेश गिरधर ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम में बिरादरी के सदस्यों की सहभागिता और भी सक्रिय करने हेतु सदस्यों को निशुल्क स्टॉल दिए जायेंगे.ताकि वे उत्पादों का निशुल्क प्रचार-प्रसार कर सकें.बिरादरी के सदस्य इसकी विस्तृत जानकारी राहुल माकन और हैप्पी किंगर से प्राप्त कर सकते हैं.

*कार्यक्रम में मीडिया के तमाम अज़ीज़ मित्र भी सादर आमंत्रित हैं.आपके मान-सम्मान और हरसंभव आवभगत हेतु मैं इस बार भी व्यक्तिगत तौर पर पूरा ध्यान रखूंगा.रांची क्लब में ही लोहड़ी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में शरीक हुए प्रभात ख़बर की मेरी छोटी बहन आदरणीय श्रीमती पूजा सिंह जी और भैया जी न्यूज़ के मेरे अज़ीज़ मित्र श्री रुद्रनाथ ओझा जी ने बेहद ही बढ़िया ख़बर प्रकाशित/दिखायी थी.

परंतु भोजन में थोड़ा-सा विलंब की वज़ह से व्यस्तता के कारण आप दोनों ही बिना कुछ खाए चले गए थे.जिसका मलाल मुझे आज़ भी है.अतः आप सभी से बिरादरी का विनम्र एवं सादर आग्रह है कि इस बार कृपया हमारे साथ स्वादिष्ट भोजन का लुत्फ़ आप भी अवश्य ही उठाएं.

रांची में प्रशासन आपके द्वार: 18 अंचलों में लगा 'जनता दरबार', उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मौके पर ही निपटाए गए सैकड़ों मामले


रांची: आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए रांची जिला प्रशासन ने आज एक बड़ी पहल की। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर जिले के सभी 18 अंचलों में अंचल स्तरीय 'जनता दरबार' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूमि सुधार, प्रमाण-पत्र निर्गत करने और दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में हो रही देरी को समाप्त कर जनता को सीधी राहत पहुँचाना था।

मौके पर हुआ समाधान: अनगड़ा से अरगोड़ा तक शिकायतों की झड़ी

जनता दरबार में हजारों की संख्या में ग्रामीण और शहरवासी अपनी समस्याएं लेकर पहुँचे। उपायुक्त के सख्त निर्देश थे कि मामलों का निष्पादन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर पारदर्शी तरीके से हो।

प्रमुख अंचलों का रिपोर्ट कार्ड:

रातु अंचल: यहाँ सबसे अधिक 178 आवेदनों का निष्पादन हुआ, जिसमें पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और दाखिल-खारिज शामिल रहे।

राहे और अनगड़ा: राहे में 128 और अनगड़ा में 125 मामले सुलझाए गए। अनगड़ा में ऑनलाइन पंजी-II सुधार और रसीद निर्गत करने जैसे जटिल मामलों का भी तुरंत निपटारा किया गया।

चान्हो और मांडर: चान्हो में 78 और मांडर में 58 लोगों की समस्याओं को दूर किया गया।

अरगोड़ा और सिल्ली: अरगोड़ा में 37 और सिल्ली में 54 आवेदनों का निपटारा हुआ।

इन सेवाओं पर रहा विशेष जोर

जनता दरबार में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज (Mutation), पंजी-II में सुधार, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण-पत्र, और सर्वजन पेंशन योजना से जुड़े आवेदनों पर विशेष ध्यान दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की जन-केंद्रित नीति को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन नियमित रूप से जारी रहेंगे।

प्रयागराज जंक्शन के सिटी साइड पर पुनर्विकास कार्य प्रारंभ, पार्किंग व्यवस्था अस्थायी रूप से प्रतिबंधित

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, प्रयागराज जंक्शन स्टेशन पर चल रहे व्यापक पुनर्विकास कार्यों के क्रम में सिटी साइड पर भी निर्माण कार्य दिनांक 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है।

निर्माण कार्य प्रारंभ होने के साथ ही दिनांक 15 अप्रैल 2026 से अग्रिम आदेश तक सिटी साइड पर स्टेशन परिसर में वाहनों की पार्किंग सुविधा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा सिविल लाइंस साइड पर समुचित एवं सुव्यवस्थित वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था विकसित की गई है। जिन यात्रियों को अपने वाहन पार्क करने की आवश्यकता है, वे उक्त वैकल्पिक व्यवस्था का उपयोग कर सकते हैं।

रेल प्रशासन समस्त यात्रियों एवं आमजन से अनुरोध करता है कि वे इस अवधि के दौरान सहयोग प्रदान करें तथा सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने हेतु वैकल्पिक मार्ग एवं पार्किंग सुविधा का उपयोग करें।

इसके अतिरिक्त, सिटी साइड पर भी वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित किए जाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित होते ही सिटी साइड पर यातायात एवं पार्किंग सुविधा पुनः प्रारंभ कर दी जाएगी।

श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी का 405 साला प्रकाश उत्सव बड़ी आस्था श्रद्धा के साथ मनाया गया।

तपस्थान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरुद्वारा पक्की संगत प्रयागराज में भोर बेला से शबद- कीर्तन का दीवान सजा।

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी का 405 साला प्रकाश उत्सव मंगलवार को तपस्थान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब गुरुद्वारा पक्की संगत प्रयागराज में बड़ी आस्था श्रद्धा के साथ मनाया गया।संगत ने भोर बेला मे तपस्थान से प्रभात फेरी निकली जो क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से होते हुए गुरु द्वारा प्रांगण में संपन्न हुई। तत्पश्चात रविवार से आरंभ श्री अखंड पाठ साहिब की पाठ की संपूर्णता के उपरांत शब्द कीर्तन,गुरु इतिहास,आरती,हुकमनामा उपरांत गुरु का लंगर संगतो ने छका।

संध्याकाल मे खुले दीवान हॉल में संत विंरेद्र सिंह,परमजीत सिंह,ज्ञानी निशांत सिंह,महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री,जसविंदर सिंह शास्त्री पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थो, कथावाचक,इतिहासकार द्वारा गुरवाणी विचार देर रात तक चलता रहा साथ ही गुरु का लंगर भी चलता रहा। संचालन मुख्य सेवादार महंत ज्ञान सिंह ने किया।

वहीं दूसरी और जगह-जगह चौपाल लगाकर सिख पंथ के नौवे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी के प्रकाश पर्व पर कोटि-कोटि नमन करते हुए सुविख्यात समाजसेवी व भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्याय सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि नवम गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी ने वैश्विक चिंतन में त्याग,सेवा और समरसता के सनातन मूल्यो के प्रति अडिंग इच्छा की अभिव्यक्ति की और भारतीय दार्शनिक चिंतन में योगदान किया गुरु जी का बलिदान यात्रा का मानवीय पक्ष भी संवेदन शील है गुरु जी की जिन कस्बो,नगरों और गांव से गुजरे,लोगों ने उन स्थानों पर तंबाकू की खेती बंद कर दी सैकड़ो गांव नशा मुक्त हो गए और नवम गुरु की वाणी का आंचल पकडकर मुक्ति के पथ पर चल पड़े आज विश्व को नशा मुक्त करने के लिए नवम गुरु के व्यक्तित्व से सबक लेना चाहिए।

सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन, मानवता की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता की सर्वोच्च मिसाल है उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध निर्भीक खड़े रहने और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है हम गुरु साहिब के दिखाएं मार्ग पर चलते हुए आपसी भाईचारे और मानवता के नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारें। चौपाल में दलजीत कौर,हरमनजी सिंह ने विचार रखें।

कौन कर रहा पाकिस्तान की गाड़ी ड्राइव, क्या अमेरिका लिख रहा शहबाज शरीफ की X पोस्ट क्या?

#whyispmshahbazbeingtrolledaftertheiran_war

सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भारी किरकिरी हो रही है। अमेरिका और ईरान में तनाव के बीच खुद को चौधरी दिखाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पोल खुल गई है। शहबाज शरीफ के मात्र एक पोस्ट से ईरान जंग के सीजफायर पर पाकिस्तान के रोल पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिसके बाद सवाल उठ रहे है कि क्या पाकिस्तान को अमेरिकी की तरफ से कंट्रोल किया जा रहा है?

कैसी है पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका?

दरअसल, पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की एक सोशल मीडिया पोस्ट की। शहबाज शरीफ ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई की समयसीमा बढ़ाने की अपील की थी। उन्होंने लिखा था कि कूटनीति को आगे बढ़ने का मौका देने के लिए समय सीमा को दो सप्ताह तक बढ़ाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का भी आग्रह किया था, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम है।

ऐसे शुरू हुआ विवाद

सारा विवाद तब शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया यूजर्स ने शहबाज शरीफ के पोस्ट की ‘एडिट हिस्ट्री’ पर ध्यान दिया। यूजर्स का ध्यान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की पोस्ट की ‘एडिट हिस्ट्री’ पर चला गया, जिससे पता लगता है कि उनकी इस पोस्ट को किसी दूसरे ने तैयार किया है। स्क्रीनशॉट के अनुसार, उस पोस्ट के शुरुआती संस्करण में सबसे ऊपर लिखा था: ‘Draft – Pakistan’s PM Message on X यानी ड्राफ्ट- एक्स पर पाकिस्तान के पीएम का संदेश।’

सिर्फ टेक्निकल गलती थी या कोई बड़ा संदेश

ऐसा होना यह केवल एक छोटी सी टेक्निकल गलती थी या कोई बड़ा इशारा? किसी देश के प्रधानमंत्री के ऑफिशियल कम्युनिकेशन में ड्राफ्ट शब्द लिखा होना बड़े सवाल पैदा करता है, लेकिन क्या ये पाकिस्तान के अधिकारियों की लापरवाही थी या फिर किसी बड़ी बात का संकेत। सवाल उठ रहें है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये ड्राफ्ट पाकिस्तान को भेजा था। या फिर किसी और ने भेजा था।

कौन कर रहा पाकिस्तान की गाड़ी ड्राइव?

आलोचकों का कहना है कि यह किसी लीडर के अपनी आवाज में बोलने जैसा कम और उसके लिए तैयार किए गए टेम्पलेट जैसा अधिक लगता है। इस घटना ने जियोपॉलिटिकल सर्कल में एक लंबे समय से चली आ रही सोच को और बढ़ा दिया है कि पाकिस्तान के स्ट्रेटेजिक और डिप्लोमैटिक फैसले अक्सर बाहरी ताकतों से प्रभावित होते हैं।

जनता की आवाज को मिला मंच: एसीपी यशपाल सिंह ने थाना शंकरगढ़ में की जनसुनवाई, समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एसीपी यशपाल सिंह ने थाना शंकरगढ़ परिसर में मंगलवार को सुबह 10:00 बजे से 2:00 बजे तक जनसुनवाई किया। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर अफसर के सामने पहुंचे, जिनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्होंने संबंधित को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, मारपीट, पारिवारिक कलह, राजस्व से जुड़े मामले और अन्य स्थानीय समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। एसीपी यशपाल सिंह ने स्पष्ट कहा कि किसी भी फरियादी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और हर शिकायत का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि शिकायतों में लापरवाही या देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही जनता से अपील की कि वे अपनी समस्याएं निडर होकर पुलिस के सामने रखें, ताकि समय रहते समाधान हो सके।इस मौके पर थाना शंकरगढ़ की पुलिस टीम भी मौजूद रही और जनसुनवाई को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। कार्यक्रम के अंत में कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जिससे फरियादियों के चेहरे पर संतोष दिखाई दिया।जनसुनवाई के दौरान यशपाल सिंह ने लोगों की समस्याएं सुनी और उनका समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अपराध के खिलाफ लड़ने में पुलिस का सहयोग करें।आगे उन्होंने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों की खैर नहीं और सभी को न्याय मिलेगा। यशपाल सिंह की इस पहल से लोगों में उम्मीद जगी है कि उन्हें न्याय मिलेगा।जनसुनवाई से यह संदेश स्पष्ट गया कि शंकरगढ़ पुलिस प्रशासन जनता के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बता दें कि हाल ही में शंकरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह को एसीपी के पद पर पदोन्नति प्राप्त होने पर पुलिस आयुक्त प्रयागराज जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त प्रयागराज कानून व्यवस्था डॉक्टर अजय पाल शर्मा एवं पुलिस उपायुक्त नगर मनीष कुमार शांडिल्य द्वारा स्टार लगाकर सम्मानित किया गया है। उनकी कार्यशैली से शंकरगढ़ थाने में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है जिससे क्षेत्र में अपराध पर नियंत्रण हुआ। इनकी उपलब्धियों पर बात की जाए तो शंकरगढ़ थाने में दलालों की सक्रियता को कम किया, शासन के मंशानुरूप कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई, महिलाओं और बेटियों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जागरूक किया,अपराध पर नियंत्रण और जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की भूमिका अहम रही है। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण मामलों का सफल निस्तारण भी हुआ है जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा। विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी हुई पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएगी। बहरहाल यशपाल सिंह की पदोन्नति से शंकरगढ़ क्षेत्र में कानून व्यवस्था और मजबूत हुई है और अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही में तेजी आई है।

Alan Vikranth on behalf of his movie ‘Gloora’ is the first person in the world to direct and cinematograph a film while sitting in a wheelchair.

By directing and shooting the film Gloora, Alan Vikranth has achieved a unique record of becoming the first person in the world to direct and cinematograph a film while moving on a wheelchair. Alan completed the script and story of the film GLOORA after a long four-month effort and hard work in 2022. Later, the filming of GLOORA was completed in three schedules of 100 days of tireless shooting in the years 2022-23. Alan was very often taken, carried in the hands by friends to the various forest and mountain locations where even a vehicle finds hard to reach.Despite many times, the weather and physical condition being so bad and challenging, Alan completed the direction and cinematography of his dream project GLOORA while sitting in a wheelchair in 2023. The reason for the prolonged post-production was the introduction of graphics scenes and a making style that have never been seen in Indian cinema until now.

Although Alan had to encounter many challenges and adverse situations during post-production, Alan is overcoming them all with extra commitment and dedication and nearing the completion of GLOORA. Alan says that even when he feels down in any bad situation, the support of his parents, producer, co-producer, legal advisor, and close friends keeps him going.

Alan was in a wheelchair after suffering a spinal cord injury in a car accident in 2018. Alan completed his cinematography studies from the Ernakulam Film Institute between 2015-2016. He then worked in films and short films. Then, while he was planning to make his own films, the unexpected accident happened. He lost all his hopes and spent most of the next 3 years in the hospital. Even when the doctors had predicted that he would have to spend the rest of his life in a wheelchair, Alan held on to his dreams and wrote the script for his first film, Gloora, while lying down. Along with the completion of the film Gloora, Alan continues to fight his fate and get up from his wheelchair and walk. The life of Gloora film director Alan Vikrant is a role model and inspiration for today's society, which is overwhelmed by even the smallest difficulties.

Director, Script Writer, DOP : Alan vikranth. Producer : Clint Sebastian. Co-producer : Sreejith Sasidharan. Legel Advisor : Adv. Omar Salim. Camera : Bibin Joy, Richmon Joseph, Harikrishnan B. Editor : Daniel Pakalomattam. VFX Supervisor : Ferdinant Joy. Creative Director : Ashwath R Nath. Sound Design : Sanoj Joy. Art : Ragesh Vs Keezhillam, Vishnu M Mani. Make-up : Manoj M St Parappanangadi. Helicam : Tony Jhon. Actors : Sandy Zero, Albi Agustin, Jithin T George, Sreenath T K, George T V, Alan Vikranth. Production Controllers : Jibin T George, Jestin T J.

For more information you can visit Instagram.

पाकिस्तान बना मुखौटा, चीन सीजफायर का सूत्रधार, ईरान को बातचीत के लिए किया तैयार

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अमेरिका और ईरान के बीच 5 हफ्तों से ज्यादा तक चली जंग के बाद बुधवार 8 अप्रैल की सुबह राहत भरी खबर आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्तों तक हमले रोकने की घोषणा की। ट्रंप ने इसे दो तरफा युद्धविराम बताया और कहा कि यह इस शर्त पर होगा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलेगी।

चीन ने पर्दे के पीछे रहकर किया काम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया। अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के सीजफायर के पीछे चीन की अहम भूमिका सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि चीन ने पर्दे के पीछे रहकर ईरान को बातचीत के लिए तैयार करने में मदद की। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह डील पाकिस्तान की मध्यस्थता और आखिरी समय में चीन के दखल के बाद संभव हो पाई।

आखिरी समय में चीन के दखल आई काम

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने युद्धविराम में अहम भूमिका निभाई है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में दो हफ्ते के सीजफायर के फैसले के पीछे पाकिस्तान के अलावा चीन की बड़ी भूमिका सामने आई है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के जोरदार प्रयास के साथ-साथ चीन ने आखिरी मिनट में दखल देकर ईरान को समझाया और तनाव कम किया। रिपोर्ट की मानें तो चीन ने ईरान को साफ चेतावनी दी कि अगर ट्रंप अपनी धमकी के मुताबिक ईरान के एनर्जी साइट्स और बुनियादी ढांचे पर हमला करते हैं तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी।

ट्रंप बोले- चीन ने ईरान को किया तैयार

सीजफायर को लेकर ट्रंप ने कहा है कि चीन ने ईरान को बातचीत के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। एक टेलीफोनिक बातचीत में उनसे पूछा गया कि क्या चीन ने ईरान को सीजफायर के लिए प्रेरित किया। इस पर ट्रंप ने कहा, “हां, मैंने सुना है”। हालांकि, इस मुद्दे पर चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।

संघर्ष के बाद से ही चीन सीजफायर के लिए था प्रयासरत

वहीं, वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंगयू ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ही चीन सीजफायर और युद्ध खत्म कराने के लिए काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि चीन हर उस प्रयास का स्वागत करता है जो शांति की दिशा में हो और सभी पक्षों को बातचीत के जरिए मतभेद खत्म करने चाहिए। चीन ने उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्ष इस मौके का फायदा उठाकर जल्द से जल्द संघर्ष खत्म करेंगे। गौरतलब है कि चीन इससे पहले 2023 में ईरान और सऊदी अरब के बीच समझौता कराने में भी अहम भूमिका निभा चुका है।

अमेरिका-ईरान में 2 हफ्ते का सीजफायर, 40वें दिन रुकी जंग

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मिडिल ईस्ट के लिए आज की सुबह एक बड़ी राहत लेकर आई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण जंग पर 40 दिनों के बाद सीजफायर हो गया है। दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर दो हफ्तों के सीजफायर यानी युद्धविराम की घोषणा कर दी है।

ट्रंप ने ईरानी सभ्यता ही खत्म करने की दी थी धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि वे दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी रोकने पर सहमत हो गए हैं। यह सहमति उनकी डेडलाइन की रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 5.30 बजे) की समय सीमा से दो घंटे से भी कम समय पहले बनी। ट्रंप ने डेडलाइन पूरी होने पर पूरी सभ्यता को तबाह करने की धमकी दी थी।

अमेरिका-ईरान के बीच पुराने विवादों पर सहमति

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया पर दो हफ्तों के युद्धविराम समझौते की जानकारी दी और कहा कि यह समझौता इस शर्त पर किया गया है कि ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने पर सहमत हो। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिका पहले ही अपने कई सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के आधार के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच पुराने विवादों के अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ सीजफायर?

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ हुई बातचीत के आधार पर- जिसमें उन्होंने मुझसे अनुरोध किया था कि मैं आज रात ईरान भेजे जा रहे विनाशकाली बल को रोक लूं- और इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो, मैं दो हफ्ते की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को रोकने पर सहमत हूं। यह एक दो-तरफा युद्धविराम होगा।'

ईरान ने क्या कहा?

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान पोस्ट करके युद्ध-विराम स्वीकार करने की बात कहीय़ उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री शरीफ की ट्वीट में की गई भाईचारे वाली अपील के जवाब में, और अमेरिका द्वारा उसके 15 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के आधार पर बातचीत की मांग को देखते हुए, साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को बातचीत का आधार मानने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए, मैं ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से यह घोषणा करता हूं: अगर ईरान पर हमले रुक जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “दो हफ्तों की अवधि के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी, लेकिन इसके लिए ईरान की सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय (कॉर्डिनेट) करना होगा और कुछ तकनीकी सीमाओं का भी ध्यान रखना होगा।”

ट्रंप ने दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम

बता दें कि, ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया चुके था, लेकिन बाद में इस समय-सीमा को कई बार बढ़ाया गया। फिर इसे बढ़ाकर 8 अप्रैल की रात तक कर दिया गया था। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि समझौते की संभावना अभी भी है, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो वे 'सब कुछ खत्म कर देंगे।' उन्होंने यह भी दावा किया था कि ईरान के आम लोग अपनी सरकार से खुश नहीं हैं और वे अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन कर सकते हैं।

मंडल डैम विस्थापन विवाद: बाबूलाल मरांडी से मिले ग्रामीण, बोले- "शहीद नीलांबर-पीतांबर की विरासत मिटाने की साजिश"

रांची गढ़वा :- गढ़वा विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के रंका प्रखंड के बिश्रामपुर और रमकंडा प्रखंड के बलीगढ़ पंचायत के दर्जनों लागों के साथ साथ मंडल डैम के विस्थापित परिवारों ने विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी जी से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया एवं न्याय दिलाने की माँग की है।

वहीं ग्रामीणों ने बताया कि मंडल डैम के विस्थापित परिवारों को रंका और रमकंडा प्रखंड के जिस स्थान पर बसाया जा रहा है उस जंगल से अगल बगल बीस गाँव के लोगों का जीवन यापन होता है ।

स्थानीय लोग उस जंगल से महुआ चुनकर, जड़ी बूटी लाकर, पत्तल दोना बनाकर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। लेकिन सरकार के निर्देश पर गढ़वा जिला प्रशासन बलपूर्वक उस जंगल में बिस्थापितों को बसा रही है, जिससे हजारों आदिवासी परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है । बिश्रामपुर-बालीगढ़ के लोगों ने बिस्थापितों को अन्यत्र बसाने की मांग बाबूलाल मरांडी जी से की ।

साथ ही साथ मंडल डैम के विस्थापितों ने बाबूलाल मरांडी जी को ज्ञापन सौंप कर कहा कि हम सभी शहीद नीलांबर पीतांबर के वंसज हैं । जिस भूमि पर मंडल डैम का निर्माण किया जा रहा है, ओ भूमि नीलांबर पीताम्बर की भूमि है । शहीद नीलांबर पीताम्बर के नाम को मिटाने के लिए आजादी से पहले अंग्रेजों ने उस भूमि पर डैम बनाने का निर्णय लिया था ताकि अमर शहीद का नामोनिशान मिट जाए।

आज हमलोगों को जबरदस्ती विस्थापित कर के गढ़वा के बिश्रामपुर बालीगढ़ में जिस जमीन पर बसाया जा रहा है, वहाँ हम लोग जाना नहीं चाहते हैं । चुकी वर्तमान में हम जिस जगह पर रहते हैं, वो जगह पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है, अभी हमलोग पेसा कानून के तहत आते हैं लेकिन हमलोगों को जहाँ विस्थापित किया जा रहा है, वह सामान्य पंचायत है ।

वहाँ बसाए जाने से हमारा हक और अधिकार का हनन होगा । विस्थापित परिवार के लोगों ने भी विस्थापन का विरोध करते हुए बाबूलाल जी से न्याय की मांग की है।

रांची में वैशाखी की धूम: पंजाबी हिंदू बिरादरी 12 अप्रैल को बिखेरेगी सांस्कृतिक छटा

पंजाबी हिंदू बिरादरी,झारखंड इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम से वैशाखी पर्व को मनाने जा रही है.कार्यक्रम 12 अप्रैल,रविवार को सेलिब्रेशन हॉल,रांची क्लब में आयोजित किया गया है.जिसमें कोलकाता के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भांगड़ा-गिद्दा के झूमने/नाचने को मजबूर करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जायेंगे.संध्या 6 बजे से प्रारंभ कार्यक्रम के पश्चात लज़ीज़ भोजन की भी व्यवस्था है.

ये जानकारी देते हुए बिरादरी अध्यक्ष सुधीर उग्गल,राजेश मेहरा एवं चेयरमैन राकेश गिरधर ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम में बिरादरी के सदस्यों की सहभागिता और भी सक्रिय करने हेतु सदस्यों को निशुल्क स्टॉल दिए जायेंगे.ताकि वे उत्पादों का निशुल्क प्रचार-प्रसार कर सकें.बिरादरी के सदस्य इसकी विस्तृत जानकारी राहुल माकन और हैप्पी किंगर से प्राप्त कर सकते हैं.

*कार्यक्रम में मीडिया के तमाम अज़ीज़ मित्र भी सादर आमंत्रित हैं.आपके मान-सम्मान और हरसंभव आवभगत हेतु मैं इस बार भी व्यक्तिगत तौर पर पूरा ध्यान रखूंगा.रांची क्लब में ही लोहड़ी पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में शरीक हुए प्रभात ख़बर की मेरी छोटी बहन आदरणीय श्रीमती पूजा सिंह जी और भैया जी न्यूज़ के मेरे अज़ीज़ मित्र श्री रुद्रनाथ ओझा जी ने बेहद ही बढ़िया ख़बर प्रकाशित/दिखायी थी.

परंतु भोजन में थोड़ा-सा विलंब की वज़ह से व्यस्तता के कारण आप दोनों ही बिना कुछ खाए चले गए थे.जिसका मलाल मुझे आज़ भी है.अतः आप सभी से बिरादरी का विनम्र एवं सादर आग्रह है कि इस बार कृपया हमारे साथ स्वादिष्ट भोजन का लुत्फ़ आप भी अवश्य ही उठाएं.

रांची में प्रशासन आपके द्वार: 18 अंचलों में लगा 'जनता दरबार', उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मौके पर ही निपटाए गए सैकड़ों मामले


रांची: आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए रांची जिला प्रशासन ने आज एक बड़ी पहल की। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर जिले के सभी 18 अंचलों में अंचल स्तरीय 'जनता दरबार' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूमि सुधार, प्रमाण-पत्र निर्गत करने और दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में हो रही देरी को समाप्त कर जनता को सीधी राहत पहुँचाना था।

मौके पर हुआ समाधान: अनगड़ा से अरगोड़ा तक शिकायतों की झड़ी

जनता दरबार में हजारों की संख्या में ग्रामीण और शहरवासी अपनी समस्याएं लेकर पहुँचे। उपायुक्त के सख्त निर्देश थे कि मामलों का निष्पादन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर पारदर्शी तरीके से हो।

प्रमुख अंचलों का रिपोर्ट कार्ड:

रातु अंचल: यहाँ सबसे अधिक 178 आवेदनों का निष्पादन हुआ, जिसमें पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और दाखिल-खारिज शामिल रहे।

राहे और अनगड़ा: राहे में 128 और अनगड़ा में 125 मामले सुलझाए गए। अनगड़ा में ऑनलाइन पंजी-II सुधार और रसीद निर्गत करने जैसे जटिल मामलों का भी तुरंत निपटारा किया गया।

चान्हो और मांडर: चान्हो में 78 और मांडर में 58 लोगों की समस्याओं को दूर किया गया।

अरगोड़ा और सिल्ली: अरगोड़ा में 37 और सिल्ली में 54 आवेदनों का निपटारा हुआ।

इन सेवाओं पर रहा विशेष जोर

जनता दरबार में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज (Mutation), पंजी-II में सुधार, जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण-पत्र, और सर्वजन पेंशन योजना से जुड़े आवेदनों पर विशेष ध्यान दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की जन-केंद्रित नीति को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन नियमित रूप से जारी रहेंगे।