आज से संसद का विशेष सत्र, महिला आरक्षण-परिसीमन विधेयक पर विपक्ष से टकराव के आसार
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आज से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है।स्पेशल सेशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर विधेयक पेश किया जाएगा। इसके साथ ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है। इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में लामबंदी तेज हो गई है।
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सत्र से पहले क्या बोले पीएम मोदी?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पेश करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। उन्होंने कहा, माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
ऋग्वेद का एक श्लोक पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऋग्वेद का एक श्लोक भी पोस्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने करीब एक मिनट का एक वीडियो क्लिप भी शेयर किया है। जिसमें श्लोक और उसके सार को बताया गया है, "व्युच्छन्ति हि रश्मिभिविश्वमाभासि रोचनम्। ता त्वामुषर्वसूयवो गीभिः कण्वा अहूषत॥" अर्थात नारी अपने ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को दूर कर पूरे विश्व को आलोकित करती है। इसलिए समृद्धि और सगुणों की कामना करने वाले मनुष्य सदैव नारी का सम्मान करते हैं।" इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के लिए लिखा, "आप, जो अपनी तेज किरणों से दुनिया को रोशन करते हैं, चमकते हुए। कण्वों ने भजनों के साथ आपका जश्न मनाया है, हे उदार, सभी के पालनहार।"
सदन में कौन-कौन से विधेयक पेश करेगी सरकार?
1. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक लोकसभा सदस्यों की क्षमता को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव करता है, जिसमें से 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे। इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा, ताकि 2026 के बाद की जनगणना का इंतजार किए बिना नवीनतम उपलब्ध जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य 2029 के चुनावों से पहले लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करना है।
2. परिसीमन विधेयक, 2026: यह विधेयक पुराने परिसीमन अधिनियम, 2002 को निरस्त करके उसकी जगह लेगा। इस विधेयक के तहत एक नए परिसीमन आयोग के गठन का प्रावधान है। यह आयोग नवीनतम जनगणना (2011) के आंकड़ों के आधार पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों के आवंटन और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करेगा।
3. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026: यह एक सक्षम विधेयक (Enabling Bill) है, जो राज्यों के अलावा दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुदुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ करेगा। ये तीनों विधेयक मुख्य रूप से महिला आरक्षण को जल्द लागू करने और देश के चुनावी ढांचे में व्यापक बदलाव (परिसीमन) करने के लिए लाए जा रहे हैं।





5 hours ago
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