/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1632639995521680.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1632639995521680.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1632639995521680.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png StreetBuzz s:mamata
ममता बनर्जी हाउस अरेस्ट…', बारुईपुर जाने से पहले सिक्यॉरिटी बढ़ाने पर टीएमसी का गंभीर आरोप

#mamatabanerjeesecuritytmcallegesobstructioninbaruipurvictim_case

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 साल वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर सूबे की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी इस घटना के बाद बारुईपुर का दौरा करने वाली हैं। हालांकि, इससे पहले उनके आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई। आवास के बाहर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।वहां बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं। इसका मकसद ममता बनर्जी को बारुईपुर जाने से रोकना है। टीएमसी ने इसे पूर्व मुख्यमंत्री को नजरबंद करने की साजिश बताया है।

ममता बनर्जी के घर के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगा

टीएमसी ने बताया कि ममता बनर्जी का घर कालीघाट में है। उनके घर के बाहर की संकरी गली में 10 से ज्यादा पुलिस की गाड़ियां खड़ी कर दी गई हैं। पास में ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का भी घर है। वहां भी पुलिस तैनात है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूर्व सीएम बारुईपुर जाने वाली थीं। लेकिन उन्हें घर से निकलने से रोकने के लिए बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगा दिए गए।

ममता ने पूछा- क्या वे मुझे नजरबंद करने की कोशिश कर रहे हैं?

बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद पीड़िता के परिवार से मिलने के उनके प्रस्तावित दौरे से पहले पूर्व सीएम ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर के बाहर केंद्रीय बल और पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इस पर ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने 11 साल की लड़की के परिवार से मिलने के लिए बारुईपुर जाने का प्लान बनाया था। ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है? मैं बारुईपुर जाकर परिवार से मिलना चाहती थी। उन्होंने मेरे घर के बाहर इतनी पुलिस क्यों लगा दी है? क्यों? क्या वे मुझे नजरबंद करने की कोशिश कर रहे हैं?’

टीएमसी ने कहा- सुपर इमरजेंसी

वहीं, टीएमसी सांसद डोला सेन ने इसे सुपर इमरजेंसी करार दिया। डोला सेन ने पत्रकारों से कहा कि बंगाल और कोलकाता में क्या हो रहा है? हर कोई जानता है कि बारुईपुर में क्या हुआ। दीदी (ममता बनर्जी) जन-नेता हैं। इतनी भयानक घटना के बाद वह वहां जाना चाहती थीं। लेकिन क्या उन्होंने उन्हें नजरबंद कर दिया है? ऐसा करके क्या वे दीदी को रोक पाएंगे? मुझे इसी वजह से यहां आना पड़ा। बिना किसी वजह के यहां इतनी पुलिस और प्रशासन तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन जो कर रहा है, वह सही नहीं है। यह सुपर इमरजेंसी है।

क्या है मामला?

यह सारा विवाद बच्ची का शव मिलने के कुछ घंटों बाद शुरू हुआ। यह बच्ची एक दिन पहले लापता हो गई थी। उसका शव कोलकाता से करीब 15 किलोमीटर दूर बारुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में मिला। बच्ची का शव एक बोरे में भरा हुआ था। इसके बाद स्थानीय लोग भड़क गए। लोगों ने सड़कें जाम कर दीं और टायर जलाए। गुस्साए लोगों ने पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। लोग दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में यह घटना और हिंसक हो गई। एक गुस्साई भीड़ ने अपराध में शामिल होने के आरोपी एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने बच्ची की मौत के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की जीत को दी चुनौती, खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

#mamata_banerjee_challenges_bhabanipur_election_result_calcutta_high_court

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा चुनाव में मिली हार को अभी तक पचा नहीं पाई हैं। यही वजह है कि उन्होंने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव रिजल्ट को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने अपनी याचिका में कोर्ट से रिजल्ट की वैधता पर विचार करने की मांग की है।

चुनावी परिणामों पर लगातार सवाल उठा रहीं ममता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के ऐलान के बाद से ही ममता बनर्जी इन परिणामों को लेकर लगातार सवाल उठा रही थीं। अब उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाकर इस पूरे मामले को कानूनी मोड़ दे दिया है। इसी को लेकर ममता बनर्जी मंगलवार दोपहर कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं। उनके साथ पार्टी के सीनियर नेता कुणाल घोष और डोला सेन भी मौजूद थे। उन्होंने वहां अपनी याचिका दायर की और कुछ ही देर में बाहर निकल आईं।

सबूतों को सहेजने की मांग

हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में ममता बनर्जी ने बेहद गंभीर मांगें रखी हैं। कानूनी याचिका के जरिए उन्होंने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के सभी चुनाव संबंधी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का आग्रह किया है। इसमें मतदान से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ईवीएम शामिल हैं। ममता बनर्जी का कहना है कि इन उपकरणों और दस्तावेजों को तुरंत सील किया जाए ताकि इनके साथ कोई छेड़छाड़ या इन्हें नष्ट न किया जा सके।

शुभेंदु ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया

भवानीपुर सीट पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया था। यह सीट पहले ममता बनर्जी के पास थी। उन्होंने इस सीट पर काउंटिंग के दौरान अनियमितताओं और अपने साथ मारपीट के आरोप भी लगाए थे।

ममता बनर्जी बनर्जी के खिलाफ FIR, जानें क्या है पूरा मामला

#firfiledagainstmamatabanerjee_ 

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। उन पर विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में धरना मंच से कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप है। ममता बनर्जी के खिलाफ यह एफआईआर ऐसे वक्त पर हुई है जब उनके भतीजे बंगाल में चुनावों में हिंसा के साथ-साथ विधायकों के फर्जी दस्तखत करने के आरोपों को लेकर सीआईडी जांच का सामना कर रहे हैं।

विशेष समुदाय को लेकर विवादित टिप्पणी का आरोप

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक कथित बयान को लेकर सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान एक विशेष समुदाय को लेकर ऐसी विवादित टिप्पणी की, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है और समाज में नफरत फैल सकती है।

चुनावी हार के बाद यह दूसरी एफआईआर

बता दें कि एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह की शिकायत पर सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ममता बनर्जी के खिलाफ मई महीने में भी एक एफआईआर दर्ज की गई थी। एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया गया था कि टीएमसी प्रमुख ने सनातन धर्म को न सिर्फ गंदा धर्म कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि यह भी कहा कि एक खास समुदाय दूसरों को पांच मिनट में खत्म कर सकता है। बंगाल की लगातार तीन बार सीएम रही ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में भवानीपुर से हार गई थीं। वर्तमान में ममता बनर्जी किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं।

बंगाल में होगा महाराष्ट्र जैसा ‘खेला’! उद्धव ठाकरे और शरद पवार जैसा ना हो जाए ममता बनर्जी का हाल

#mamatabanerjeetmccrisis50mlasmayquitparty

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार और सत्ता हाथ से जाने के बाद ममता बनर्जी के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। पार्टी के अंदर काफी उथल-पुथल मची हुई है। कुछ नेता खुले तौर पर बगावत पर उतर आए हैं। हालात ऐसे बनते नजर आ रहे हैं, जैसे तृणमूल कांग्रेस दो गुटों में बंट जाएगी।

बागी नेताओं की सीक्रेट मीटिंग

विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष, बागी नेताओं की सक्रियता और कुछ विधायकों की सीक्रेट बैठकों ने ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी से निष्कासित और असंतुष्ट नेताओं ने हाल के दिनों में कोलकाता के विधायक हॉस्टल में कई बैठकें की हैं। इन बैठकों में टीएमसी के भविष्य, संगठनात्मक बदलाव और कथित तौर पर एक नए राजनीतिक विकल्प पर चर्चा होने की बात कही जा रही है।

50 से ज़्यादा विधायकों की बैठक

टीएमसी 80 विधायकों में से 50 से ज़्यादा विधायकों ने होटल गेटवे में बागी और पार्टी से निकाले गए नेताओं ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा से मुलाकात की। ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा दोनों वे विधायक हैं जिन पर ममता बनर्जी ने कार्रवाई की है और उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है।

टीएमसी की मीटिंग में पहुंचे सिर्फ 20 विधायक

वहीं, दूसरी तरफ रविवार को ममता बनर्जी की ओर से बुलाई गई बैठक में करीब 60 विधायक नदारद रहे। रविवार को, पीशी-भाईपो की बुलाई गई एक बैठक में केवल 20 विधायक ही शामिल हुए। विभिन्न नगर निकायों के लगभग 100 TMC पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। कई नेता BJP के साथ बातचीत कर रहे हैं।

अभिषेक बनर्जी को लेकर नाराजगी

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में हार के बाद से TMC के अंदर नाराजगी और फूट दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि नेताओं का गुस्सा पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर है। चुनाव के बाद हुई समीक्षा बैठक में कम से कम तीन चुने हुए विधायकों ने खुलकर पार्टी नेतृत्व का विरोध किया। उन्होंने चुनाव में मिली करारी हार के लिए अभिषेक बनर्जी की पसंद को जबरदस्ती थोपे जाने को जिम्मेदार ठहराया।

खुलकर उठे विरोध के स्वर

कुछ नेता खुले तौर पर पार्टी पर आरोप लगा रहे हैं कि 15 साल सत्ता में रहने के बाद पार्टी जमीनी हकीकत से कट गई है। सिंडिकेट और 'कट-मनी' (कमीशन) की आदी हो गई है, और हिंसक रूप से अहंकारी हो गई है। वे जवाबदेही और आत्म-मंथन की मांग कर रहे हैं, जिसका ममता बनर्जी ने जिद के साथ विरोध किया है।

ऋतब्रत और संदीपन ने ममता के खिलाफ खोला मोर्चा

दावा किया जा रहा है कि ऋतब्रत और संदीपन के नेतृत्व में एक नई तृणमूल बन सकती है। पार्टी से निकाले जाने के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि वह टीएमसी में कथित भ्रष्टाचार के बारे में सरकार को पत्र लिखेंगे। ऋतब्रत ने कहा कि उनके पास कई ऐसी जानकारियां हैं जिन्हें वह सार्वजनिक कर सकते हैं।

ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, नतीजों के बाद चुनावी प्रक्रिया पर खड़े किए सवाल

#mamatabanerjeepress_conference

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव हारने के बाद प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही ममता ने कहा कि मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी।

चुनाव आयोग को बताया 'खलनायक'

ममता ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि इस चुनाव में चुनाव आयोग लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने और ईवीएम में हेराफेरी करने के मामले में 'खलनायक' बन गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद भी ईवीएम 80-90 प्रतिशत चार्ज कैसे हो सकता है? यह कैसे संभव है?

आईपीएस और आईएएस के तबादले का आरोप

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि चुनाव से दो दिन पहले ही उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी शुरू कर दी। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया। उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी।'

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर साधा निशाना

टीएमसी अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, इसमें प्रधानमंत्री और होम मिनिस्टर भी शामिल थे। यह सीधे तौर पर उनका हस्तक्षेप था। उन्होंने एसआईआर से 90 लाख नाम हटा दिए थे। जब हम कोर्ट गए, तो 32 लाख नाम फिर से शामिल किए गए। उन्होंने बहुत ही गंदे, घटिया और शरारती खेल खेले। मैंने अपनी जिंदगी में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा।

टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप

ममता बनर्जी ने कहा कि कोलकाता से जगह जंगल महल तक एक जैसा माहौल है। टीएमसी कार्यकर्ताओं के ऊपर हमले हो रहे हैं। हमारे कार्यकर्ताओं को टॉर्चर किया जा रहा है। बीजेपी जिस तरह अत्याचार कर रही है, गुंडों को सामने रखकर तांडव मचा रखा है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके साथ काउंटिंग सेंटर पर धक्का मुक्की की गई। उन्होंने कहा कि जब एक महिला कैंडिडेट के साथ ऐसा हो सकता है तो अन्य टीएमसी उम्मीदवारों के साथ क्या हुआ होगा?

मणिशंकर अय्यर ने राहुल के नेतृत्व पर उठाया सवाल, ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का नेता बनाने की सलाह

#manishankaraiyaradvicetorahulgandhimakemamatabanerjeechiefofindia_alliance

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पिछले कुछ समय से कांग्रेस विरोधी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। मणिसंकर अय्यर ने एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इंडी गठबंधन की अगुवाई क्षेत्रीय दलों के नेताओं को करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि राहुल गांधी को गठबंधन की ड्राइविंग सीट छोड़ देनी चाहिए।

ममता बनर्जी के बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा- अय्यर

पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है, इससे पहले ही मणिशंकर अय्यर ने नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। रविवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में अय्यर ने कहा, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की नेता हैं। उनके बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा।

स्टालिन और अखिलेश यादव का भी लिया नाम

इसके अलावा अय्यर ने कई अन्य बड़े क्षेत्रियों नेताओं का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में ऐसे कई क्षेत्रीय नेता हैं जो नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव जैसे नेताओं का भी उल्लेख किया।

राहुल को इंडिया ब्लॉक की बागडोर छोड़ने की सलाह

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि उनको इंडिया ब्लॉक की बागडोर को छोड़ देना चाहिए और इसे किसी क्षेत्रीय दल को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस जिम्मेदारी को साझा करें।

"উন্নয়নের পাঁচালি" খতিয়ান তুলে দেওয়া হল নাট্যকার ও সংগীতশিল্পীকে

নিজস্ব প্রতিনিধি: সুভাষপুরের প্রখ্যাত নাট্যকার ও সংগীতশিল্পী মলয় সাহার হাতে মুখ্যমন্ত্রী Mamata Banerjee এর পক্ষ থেকে রাজ্য সরকারের গত ১৫ বছরের উন্নয়নের খতিয়ান ‘উন্নয়নের পাঁচালি’ তুলে দেওয়া হল। তার কাছে এই উপহার তুলে দিলেন জগদ্দলের বিধায়ক সোমনাথ শ্যাম।এই উপলক্ষ্যে শিল্প সংস্কৃতির সঙ্গে যুক্ত এক গুণী মানুষের প্রতি রাজ্য সরকারের সম্মান ও স্বীকৃতি আরও একবার প্রতিফলিত হল।

अजित पवार की मौत पर ममता बनर्जी ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

#ajitpawardeathmamatabanerjeedemandssupremecourtmonitored_probe 

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए दुखद निधन से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना पर शोक संवेदनाओं के बीच अब सियासी बयानबाजी और जांच की मांग भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर सवाल उठाए हैं। 

ममता बनर्जी ने एक्स पर शोक संदेश में अजीत पवार के असामयिक निधन पर शोक जताते हुए प्लेन क्रैश में साजिश की आशंका जाहिर की। उन्होंने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस हादसे की जांच की मांग की।

ममता बनर्जी ने जताया दुख

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एक्स पर ट्वीट किया कि अजीत पवार के अचानक निधन से बहुत सदमे में और हैरान हूं! महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और उनके साथ यात्रा कर रहे लोग आज सुबह बारामती में एक भयानक विमान दुर्घटना में मारे गए और मुझे बहुत दुख हो रहा है। उनके परिवार, जिसमें उनके चाचा शरद पवार जी भी शामिल हैं, और दिवंगत अजीत जी के सभी दोस्तों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। 

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

ममता बनर्जी ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं हो सकती। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कहा, हमें किसी भी केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा नहीं है। एक सिटिंग डिप्टी सीएम का विमान इस तरह क्रैश हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सच सामने आना चाहिए।

ममता बनर्जी का बड़ा दावा

बंगाल की सीएम ने अजीत पवार को लेकर बड़ा दावा भी किया। उन्होंने कहा, अजीत पवार महायुति गठबंधन (NDA) में खुश नहीं थे, भाजपा छोड़ने वाले थे और बहुत जल्द एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेने वाले थे।

ईडी की रेड पर बिफरीं ममता, बीजेपी ने पूछा-इतनी घबराहट क्यों?

#bjpslamswestbengalcmmamatabanerjee

कोलकाता में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और दफ्तरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 9 जनवरी यानी शुक्रवार को राज्य की राजधानी कोलकाता में विरोध मार्च निकाला। इस बीच बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा।

ममता बनर्जी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार किया

केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि गुरुवार को बंगाल में जो हुआ, वह आजाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ। सीएम ममता बनर्जी का पूरा काम न सिर्फ अनैतिक, गैर-जिम्मेदार और असंवैधानिक है, बल्कि उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है।

रविशंकर ने पूछा- ममता क्यों घबरा गई हैं

बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, रेड निजी कंपनी के दफ्तर पर थी। हमें नहीं समझ आता कि इसमें ममता क्यों घबरा गई हैं। उन्हें डर है कि उनके घोटालों के राज खुल जाएंगे। जांच को रोकना कानून का उल्लंघन है। ममता का हिसाब जनता करेगी।'

ED के अधिकारियों को धमकाने का आरोप

रविशंकर ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगाल में कोई जांच नहीं होने देती हैं। उन्होंने ED के अधिकारियों को भी धमकाया है। रविशंकर ने कहा कि मैं आपको बता दूं कि ये रेड न तो ममता बनर्जी के घर पर थी, न उनके दफ्तर में, न ही टीएमसी के दफ्तर में और न ही टीएमसी के किसी नेता या मंत्री के घर पर थी। ये रेड एक निजी कंसल्टेंसी फर्म पर थी, जिसके यहां करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत आई थी। ऐसे में ममता बनर्जी अपने पुलिस अधिकारियों के साथ जाती हैं और ईडी के लोगों को धमकाया जाता है। ममता बनर्जी उनसे बहस करती हैं और पेपर छीन कर चली जाती हैं। उनका आचरण न केवल अमर्यादित और शर्मनाक है, बल्कि उन्होंने इससे संवैधानिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया है।

बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट

बीजेपी सांसद ने आगे कहा, ममता बनर्जी के राज में पश्चिम बंगाल का हाल बेहाल हो गया है। आपको मालूम है कि बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट है, जिसमें सत्ताधारी दल के लोग भी शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल में IPAC कार्यालय पर ईडी का छापा, रेड वाली जगह पहुंचीं ममता बनर्जी

#edraidinwestbengalkolkataipacprateekjainofficemamatabanerjeevisit

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला घोटाले को लेकर कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म I-PAC के दफ्तर में छापेमारी की। I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर भी छापेमारी की गई है। रेड के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी छापे की जगह पर पहुंच गईं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी को लेकर नाराजगी जताई।

ममता बोलीं- मैं भी भाजपा के कार्यालय में छापा मारूं तो

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह और ईडी पर उनकी पार्टी के कागजात और डेटा शीट पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। बंगाल की सीएम ने कहा कि अगर मैं भी बीजेपी की पार्टी ऑफिस में रेड मारूं तो क्या होगा?

छापेमारी बदले की भावना से प्रेरित-ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारी आईपीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी अभियान के दौरान टीएमसी की हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संवेदनशील संगठनात्मक डेटा जब्त करने का कोशिश कर रहे थे। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर पर ईडी की छापेमारी राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित और असंवैधानिक है, यह गृह मंत्री का सबसे घिनौना काम है।

अमित शाह कहा- नॉटी और नेस्टी गृह मंत्री

ममता बनर्जी ने कहा कि क्या पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवारों की सूची इकट्ठा करना ईडी और अमित शाह का काम है? उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री शाह को बुरा बताते हुए कहा, "ये नॉटी और नेस्टी गृह मंत्री, जो देश की रक्षा नहीं कर सकते, मेरी पार्टी के सारे दस्तावेज ले जा रहे हैं। अगर मैं भाजपा के पार्टी कार्यालय पर छापा मारूं तो क्या होगा?"

ममता बनर्जी हाउस अरेस्ट…', बारुईपुर जाने से पहले सिक्यॉरिटी बढ़ाने पर टीएमसी का गंभीर आरोप

#mamatabanerjeesecuritytmcallegesobstructioninbaruipurvictim_case

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 साल वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर सूबे की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी इस घटना के बाद बारुईपुर का दौरा करने वाली हैं। हालांकि, इससे पहले उनके आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई। आवास के बाहर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।वहां बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं। इसका मकसद ममता बनर्जी को बारुईपुर जाने से रोकना है। टीएमसी ने इसे पूर्व मुख्यमंत्री को नजरबंद करने की साजिश बताया है।

ममता बनर्जी के घर के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगा

टीएमसी ने बताया कि ममता बनर्जी का घर कालीघाट में है। उनके घर के बाहर की संकरी गली में 10 से ज्यादा पुलिस की गाड़ियां खड़ी कर दी गई हैं। पास में ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का भी घर है। वहां भी पुलिस तैनात है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूर्व सीएम बारुईपुर जाने वाली थीं। लेकिन उन्हें घर से निकलने से रोकने के लिए बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगा दिए गए।

ममता ने पूछा- क्या वे मुझे नजरबंद करने की कोशिश कर रहे हैं?

बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद पीड़िता के परिवार से मिलने के उनके प्रस्तावित दौरे से पहले पूर्व सीएम ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर के बाहर केंद्रीय बल और पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इस पर ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने 11 साल की लड़की के परिवार से मिलने के लिए बारुईपुर जाने का प्लान बनाया था। ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है? मैं बारुईपुर जाकर परिवार से मिलना चाहती थी। उन्होंने मेरे घर के बाहर इतनी पुलिस क्यों लगा दी है? क्यों? क्या वे मुझे नजरबंद करने की कोशिश कर रहे हैं?’

टीएमसी ने कहा- सुपर इमरजेंसी

वहीं, टीएमसी सांसद डोला सेन ने इसे सुपर इमरजेंसी करार दिया। डोला सेन ने पत्रकारों से कहा कि बंगाल और कोलकाता में क्या हो रहा है? हर कोई जानता है कि बारुईपुर में क्या हुआ। दीदी (ममता बनर्जी) जन-नेता हैं। इतनी भयानक घटना के बाद वह वहां जाना चाहती थीं। लेकिन क्या उन्होंने उन्हें नजरबंद कर दिया है? ऐसा करके क्या वे दीदी को रोक पाएंगे? मुझे इसी वजह से यहां आना पड़ा। बिना किसी वजह के यहां इतनी पुलिस और प्रशासन तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन जो कर रहा है, वह सही नहीं है। यह सुपर इमरजेंसी है।

क्या है मामला?

यह सारा विवाद बच्ची का शव मिलने के कुछ घंटों बाद शुरू हुआ। यह बच्ची एक दिन पहले लापता हो गई थी। उसका शव कोलकाता से करीब 15 किलोमीटर दूर बारुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में मिला। बच्ची का शव एक बोरे में भरा हुआ था। इसके बाद स्थानीय लोग भड़क गए। लोगों ने सड़कें जाम कर दीं और टायर जलाए। गुस्साए लोगों ने पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। लोग दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में यह घटना और हिंसक हो गई। एक गुस्साई भीड़ ने अपराध में शामिल होने के आरोपी एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने बच्ची की मौत के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की जीत को दी चुनौती, खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

#mamata_banerjee_challenges_bhabanipur_election_result_calcutta_high_court

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा चुनाव में मिली हार को अभी तक पचा नहीं पाई हैं। यही वजह है कि उन्होंने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव रिजल्ट को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने अपनी याचिका में कोर्ट से रिजल्ट की वैधता पर विचार करने की मांग की है।

चुनावी परिणामों पर लगातार सवाल उठा रहीं ममता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के ऐलान के बाद से ही ममता बनर्जी इन परिणामों को लेकर लगातार सवाल उठा रही थीं। अब उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाकर इस पूरे मामले को कानूनी मोड़ दे दिया है। इसी को लेकर ममता बनर्जी मंगलवार दोपहर कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं। उनके साथ पार्टी के सीनियर नेता कुणाल घोष और डोला सेन भी मौजूद थे। उन्होंने वहां अपनी याचिका दायर की और कुछ ही देर में बाहर निकल आईं।

सबूतों को सहेजने की मांग

हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में ममता बनर्जी ने बेहद गंभीर मांगें रखी हैं। कानूनी याचिका के जरिए उन्होंने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के सभी चुनाव संबंधी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का आग्रह किया है। इसमें मतदान से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ईवीएम शामिल हैं। ममता बनर्जी का कहना है कि इन उपकरणों और दस्तावेजों को तुरंत सील किया जाए ताकि इनके साथ कोई छेड़छाड़ या इन्हें नष्ट न किया जा सके।

शुभेंदु ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया

भवानीपुर सीट पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया था। यह सीट पहले ममता बनर्जी के पास थी। उन्होंने इस सीट पर काउंटिंग के दौरान अनियमितताओं और अपने साथ मारपीट के आरोप भी लगाए थे।

ममता बनर्जी बनर्जी के खिलाफ FIR, जानें क्या है पूरा मामला

#firfiledagainstmamatabanerjee_ 

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। उन पर विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में धरना मंच से कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप है। ममता बनर्जी के खिलाफ यह एफआईआर ऐसे वक्त पर हुई है जब उनके भतीजे बंगाल में चुनावों में हिंसा के साथ-साथ विधायकों के फर्जी दस्तखत करने के आरोपों को लेकर सीआईडी जांच का सामना कर रहे हैं।

विशेष समुदाय को लेकर विवादित टिप्पणी का आरोप

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक कथित बयान को लेकर सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान एक विशेष समुदाय को लेकर ऐसी विवादित टिप्पणी की, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है और समाज में नफरत फैल सकती है।

चुनावी हार के बाद यह दूसरी एफआईआर

बता दें कि एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह की शिकायत पर सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ममता बनर्जी के खिलाफ मई महीने में भी एक एफआईआर दर्ज की गई थी। एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया गया था कि टीएमसी प्रमुख ने सनातन धर्म को न सिर्फ गंदा धर्म कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि यह भी कहा कि एक खास समुदाय दूसरों को पांच मिनट में खत्म कर सकता है। बंगाल की लगातार तीन बार सीएम रही ममता बनर्जी विधानसभा चुनाव में भवानीपुर से हार गई थीं। वर्तमान में ममता बनर्जी किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं।

बंगाल में होगा महाराष्ट्र जैसा ‘खेला’! उद्धव ठाकरे और शरद पवार जैसा ना हो जाए ममता बनर्जी का हाल

#mamatabanerjeetmccrisis50mlasmayquitparty

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार और सत्ता हाथ से जाने के बाद ममता बनर्जी के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। पार्टी के अंदर काफी उथल-पुथल मची हुई है। कुछ नेता खुले तौर पर बगावत पर उतर आए हैं। हालात ऐसे बनते नजर आ रहे हैं, जैसे तृणमूल कांग्रेस दो गुटों में बंट जाएगी।

बागी नेताओं की सीक्रेट मीटिंग

विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष, बागी नेताओं की सक्रियता और कुछ विधायकों की सीक्रेट बैठकों ने ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी से निष्कासित और असंतुष्ट नेताओं ने हाल के दिनों में कोलकाता के विधायक हॉस्टल में कई बैठकें की हैं। इन बैठकों में टीएमसी के भविष्य, संगठनात्मक बदलाव और कथित तौर पर एक नए राजनीतिक विकल्प पर चर्चा होने की बात कही जा रही है।

50 से ज़्यादा विधायकों की बैठक

टीएमसी 80 विधायकों में से 50 से ज़्यादा विधायकों ने होटल गेटवे में बागी और पार्टी से निकाले गए नेताओं ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा से मुलाकात की। ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा दोनों वे विधायक हैं जिन पर ममता बनर्जी ने कार्रवाई की है और उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है।

टीएमसी की मीटिंग में पहुंचे सिर्फ 20 विधायक

वहीं, दूसरी तरफ रविवार को ममता बनर्जी की ओर से बुलाई गई बैठक में करीब 60 विधायक नदारद रहे। रविवार को, पीशी-भाईपो की बुलाई गई एक बैठक में केवल 20 विधायक ही शामिल हुए। विभिन्न नगर निकायों के लगभग 100 TMC पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। कई नेता BJP के साथ बातचीत कर रहे हैं।

अभिषेक बनर्जी को लेकर नाराजगी

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में हार के बाद से TMC के अंदर नाराजगी और फूट दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि नेताओं का गुस्सा पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर है। चुनाव के बाद हुई समीक्षा बैठक में कम से कम तीन चुने हुए विधायकों ने खुलकर पार्टी नेतृत्व का विरोध किया। उन्होंने चुनाव में मिली करारी हार के लिए अभिषेक बनर्जी की पसंद को जबरदस्ती थोपे जाने को जिम्मेदार ठहराया।

खुलकर उठे विरोध के स्वर

कुछ नेता खुले तौर पर पार्टी पर आरोप लगा रहे हैं कि 15 साल सत्ता में रहने के बाद पार्टी जमीनी हकीकत से कट गई है। सिंडिकेट और 'कट-मनी' (कमीशन) की आदी हो गई है, और हिंसक रूप से अहंकारी हो गई है। वे जवाबदेही और आत्म-मंथन की मांग कर रहे हैं, जिसका ममता बनर्जी ने जिद के साथ विरोध किया है।

ऋतब्रत और संदीपन ने ममता के खिलाफ खोला मोर्चा

दावा किया जा रहा है कि ऋतब्रत और संदीपन के नेतृत्व में एक नई तृणमूल बन सकती है। पार्टी से निकाले जाने के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि वह टीएमसी में कथित भ्रष्टाचार के बारे में सरकार को पत्र लिखेंगे। ऋतब्रत ने कहा कि उनके पास कई ऐसी जानकारियां हैं जिन्हें वह सार्वजनिक कर सकते हैं।

ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार, नतीजों के बाद चुनावी प्रक्रिया पर खड़े किए सवाल

#mamatabanerjeepress_conference

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव हारने के बाद प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही ममता ने कहा कि मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी।

चुनाव आयोग को बताया 'खलनायक'

ममता ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि इस चुनाव में चुनाव आयोग लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने और ईवीएम में हेराफेरी करने के मामले में 'खलनायक' बन गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद भी ईवीएम 80-90 प्रतिशत चार्ज कैसे हो सकता है? यह कैसे संभव है?

आईपीएस और आईएएस के तबादले का आरोप

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि चुनाव से दो दिन पहले ही उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी शुरू कर दी। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया। उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी।'

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर साधा निशाना

टीएमसी अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, इसमें प्रधानमंत्री और होम मिनिस्टर भी शामिल थे। यह सीधे तौर पर उनका हस्तक्षेप था। उन्होंने एसआईआर से 90 लाख नाम हटा दिए थे। जब हम कोर्ट गए, तो 32 लाख नाम फिर से शामिल किए गए। उन्होंने बहुत ही गंदे, घटिया और शरारती खेल खेले। मैंने अपनी जिंदगी में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा।

टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप

ममता बनर्जी ने कहा कि कोलकाता से जगह जंगल महल तक एक जैसा माहौल है। टीएमसी कार्यकर्ताओं के ऊपर हमले हो रहे हैं। हमारे कार्यकर्ताओं को टॉर्चर किया जा रहा है। बीजेपी जिस तरह अत्याचार कर रही है, गुंडों को सामने रखकर तांडव मचा रखा है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके साथ काउंटिंग सेंटर पर धक्का मुक्की की गई। उन्होंने कहा कि जब एक महिला कैंडिडेट के साथ ऐसा हो सकता है तो अन्य टीएमसी उम्मीदवारों के साथ क्या हुआ होगा?

मणिशंकर अय्यर ने राहुल के नेतृत्व पर उठाया सवाल, ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का नेता बनाने की सलाह

#manishankaraiyaradvicetorahulgandhimakemamatabanerjeechiefofindia_alliance

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पिछले कुछ समय से कांग्रेस विरोधी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। मणिसंकर अय्यर ने एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इंडी गठबंधन की अगुवाई क्षेत्रीय दलों के नेताओं को करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि राहुल गांधी को गठबंधन की ड्राइविंग सीट छोड़ देनी चाहिए।

ममता बनर्जी के बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा- अय्यर

पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है, इससे पहले ही मणिशंकर अय्यर ने नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। रविवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में अय्यर ने कहा, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की नेता हैं। उनके बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा।

स्टालिन और अखिलेश यादव का भी लिया नाम

इसके अलावा अय्यर ने कई अन्य बड़े क्षेत्रियों नेताओं का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में ऐसे कई क्षेत्रीय नेता हैं जो नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव जैसे नेताओं का भी उल्लेख किया।

राहुल को इंडिया ब्लॉक की बागडोर छोड़ने की सलाह

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि उनको इंडिया ब्लॉक की बागडोर को छोड़ देना चाहिए और इसे किसी क्षेत्रीय दल को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस जिम्मेदारी को साझा करें।

"উন্নয়নের পাঁচালি" খতিয়ান তুলে দেওয়া হল নাট্যকার ও সংগীতশিল্পীকে

নিজস্ব প্রতিনিধি: সুভাষপুরের প্রখ্যাত নাট্যকার ও সংগীতশিল্পী মলয় সাহার হাতে মুখ্যমন্ত্রী Mamata Banerjee এর পক্ষ থেকে রাজ্য সরকারের গত ১৫ বছরের উন্নয়নের খতিয়ান ‘উন্নয়নের পাঁচালি’ তুলে দেওয়া হল। তার কাছে এই উপহার তুলে দিলেন জগদ্দলের বিধায়ক সোমনাথ শ্যাম।এই উপলক্ষ্যে শিল্প সংস্কৃতির সঙ্গে যুক্ত এক গুণী মানুষের প্রতি রাজ্য সরকারের সম্মান ও স্বীকৃতি আরও একবার প্রতিফলিত হল।

अजित पवार की मौत पर ममता बनर्जी ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

#ajitpawardeathmamatabanerjeedemandssupremecourtmonitored_probe 

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए दुखद निधन से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना पर शोक संवेदनाओं के बीच अब सियासी बयानबाजी और जांच की मांग भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर सवाल उठाए हैं। 

ममता बनर्जी ने एक्स पर शोक संदेश में अजीत पवार के असामयिक निधन पर शोक जताते हुए प्लेन क्रैश में साजिश की आशंका जाहिर की। उन्होंने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस हादसे की जांच की मांग की।

ममता बनर्जी ने जताया दुख

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एक्स पर ट्वीट किया कि अजीत पवार के अचानक निधन से बहुत सदमे में और हैरान हूं! महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और उनके साथ यात्रा कर रहे लोग आज सुबह बारामती में एक भयानक विमान दुर्घटना में मारे गए और मुझे बहुत दुख हो रहा है। उनके परिवार, जिसमें उनके चाचा शरद पवार जी भी शामिल हैं, और दिवंगत अजीत जी के सभी दोस्तों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। 

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

ममता बनर्जी ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं हो सकती। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कहा, हमें किसी भी केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा नहीं है। एक सिटिंग डिप्टी सीएम का विमान इस तरह क्रैश हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सच सामने आना चाहिए।

ममता बनर्जी का बड़ा दावा

बंगाल की सीएम ने अजीत पवार को लेकर बड़ा दावा भी किया। उन्होंने कहा, अजीत पवार महायुति गठबंधन (NDA) में खुश नहीं थे, भाजपा छोड़ने वाले थे और बहुत जल्द एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेने वाले थे।

ईडी की रेड पर बिफरीं ममता, बीजेपी ने पूछा-इतनी घबराहट क्यों?

#bjpslamswestbengalcmmamatabanerjee

कोलकाता में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और दफ्तरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 9 जनवरी यानी शुक्रवार को राज्य की राजधानी कोलकाता में विरोध मार्च निकाला। इस बीच बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा।

ममता बनर्जी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार किया

केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि गुरुवार को बंगाल में जो हुआ, वह आजाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ। सीएम ममता बनर्जी का पूरा काम न सिर्फ अनैतिक, गैर-जिम्मेदार और असंवैधानिक है, बल्कि उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है।

रविशंकर ने पूछा- ममता क्यों घबरा गई हैं

बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, रेड निजी कंपनी के दफ्तर पर थी। हमें नहीं समझ आता कि इसमें ममता क्यों घबरा गई हैं। उन्हें डर है कि उनके घोटालों के राज खुल जाएंगे। जांच को रोकना कानून का उल्लंघन है। ममता का हिसाब जनता करेगी।'

ED के अधिकारियों को धमकाने का आरोप

रविशंकर ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगाल में कोई जांच नहीं होने देती हैं। उन्होंने ED के अधिकारियों को भी धमकाया है। रविशंकर ने कहा कि मैं आपको बता दूं कि ये रेड न तो ममता बनर्जी के घर पर थी, न उनके दफ्तर में, न ही टीएमसी के दफ्तर में और न ही टीएमसी के किसी नेता या मंत्री के घर पर थी। ये रेड एक निजी कंसल्टेंसी फर्म पर थी, जिसके यहां करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत आई थी। ऐसे में ममता बनर्जी अपने पुलिस अधिकारियों के साथ जाती हैं और ईडी के लोगों को धमकाया जाता है। ममता बनर्जी उनसे बहस करती हैं और पेपर छीन कर चली जाती हैं। उनका आचरण न केवल अमर्यादित और शर्मनाक है, बल्कि उन्होंने इससे संवैधानिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया है।

बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट

बीजेपी सांसद ने आगे कहा, ममता बनर्जी के राज में पश्चिम बंगाल का हाल बेहाल हो गया है। आपको मालूम है कि बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट है, जिसमें सत्ताधारी दल के लोग भी शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल में IPAC कार्यालय पर ईडी का छापा, रेड वाली जगह पहुंचीं ममता बनर्जी

#edraidinwestbengalkolkataipacprateekjainofficemamatabanerjeevisit

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला घोटाले को लेकर कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म I-PAC के दफ्तर में छापेमारी की। I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर भी छापेमारी की गई है। रेड के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी छापे की जगह पर पहुंच गईं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी को लेकर नाराजगी जताई।

ममता बोलीं- मैं भी भाजपा के कार्यालय में छापा मारूं तो

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह और ईडी पर उनकी पार्टी के कागजात और डेटा शीट पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। बंगाल की सीएम ने कहा कि अगर मैं भी बीजेपी की पार्टी ऑफिस में रेड मारूं तो क्या होगा?

छापेमारी बदले की भावना से प्रेरित-ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारी आईपीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी अभियान के दौरान टीएमसी की हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संवेदनशील संगठनात्मक डेटा जब्त करने का कोशिश कर रहे थे। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर पर ईडी की छापेमारी राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित और असंवैधानिक है, यह गृह मंत्री का सबसे घिनौना काम है।

अमित शाह कहा- नॉटी और नेस्टी गृह मंत्री

ममता बनर्जी ने कहा कि क्या पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवारों की सूची इकट्ठा करना ईडी और अमित शाह का काम है? उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री शाह को बुरा बताते हुए कहा, "ये नॉटी और नेस्टी गृह मंत्री, जो देश की रक्षा नहीं कर सकते, मेरी पार्टी के सारे दस्तावेज ले जा रहे हैं। अगर मैं भाजपा के पार्टी कार्यालय पर छापा मारूं तो क्या होगा?"