उत्तर भारत का आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम 80% तैयार, इमर्सिव लर्निंग होगा मुख्य आकर्षण
* ब्रज क्षेत्र को मिलेगी नई वैश्विक पहचान, ‘वेदों की ओर लौटो’ का देगा संदेश: मंत्री जयवीर सिंह
लखनऊ/आगरा। उत्तर भारत का पहला आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूजियम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज में 24.45 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लगभग 80 प्रतिशत तैयार हो चुका है। नई तकनीकों से सुसज्जित यह संग्रहालय इतिहास को केवल प्रदर्शित नहीं करेगा, बल्कि इमर्सिव लर्निंग, विज़ुअल स्टोरीटेलिंग और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से उसे जीवंत अनुभव में बदलेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह म्यूज़ियम ब्रज क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।
* विज़ुअल स्टोरीटेलिंग में सजेगा आर्य इतिहास
मंत्री ने बताया कि म्यूज़ियम में स्थापना काल, संस्थापक व स्थानीय नेताओं का योगदान, स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका, सिद्धांत व विचारधारा, योग की प्रासंगिकता और वर्तमान समय में इसकी आवश्यकता जैसे विभिन्न थीम आधारित जोन विकसित किए गए हैं। यहां इतिहास को डिजिटल तकनीक के जरिए रोचक और सरल ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि हर आयु वर्ग का व्यक्ति इसे सहज रूप से समझ सके।
म्यूज़ियम परिसर में ऑडिटोरियम, मल्टीपर्पज हॉल, एम्फीथिएटर, हेलीपैड और फायर फाइटिंग सिस्टम का ढांचा तैयार हो चुका है। अधिकांश स्थानों पर फिनिशिंग कार्य जारी है। बाहरी विद्युतीकरण, ट्यूबवेल, अंडरग्राउंड सम्प का कार्य प्रगति पर है, जबकि सीसी रोड, हॉर्टिकल्चर, तालाब विकास, फ्लोटिंग मल्टीमीडिया और सीसीटीवी जैसी सुविधाओं का काम शीघ्र शुरू किया जाएगा।
* सत्य, धर्म और सेवा के पाँच पिलर
म्यूज़ियम में आगंतुकों को पांच मूल सिद्धांतों से परिचित कराया जाएगा—
1. ईश्वर ही सच्चे ज्ञान का स्रोत है।
2. वेद सही जीवन पथ का मार्गदर्शन करते हैं।
3. सत्य और धर्म का पालन जीवन का आधार है।
4. समस्त मानवता की उन्नति हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
5. सभी के प्रति प्रेम, सम्मान और न्याय का भाव रखना चाहिए।
ये सिद्धांत समाज में सेवा, समानता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देंगे।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अब केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि यह म्यूज़ियम भी आगरा और ब्रज क्षेत्र की पहचान को नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अतीत की विरासत और भविष्य की संभावनाओं के बीच एक सेतु का कार्य करेगी।
आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक विचारधारा का जीवंत प्रतीक होगा। आर्य समाज द्वारा दिए गए “वेदों की ओर लौटो” के संदेश को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का यह एक अभिनव प्रयास है। यह संग्रहालय शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभावना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
1 hour and 53 min ago
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