/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png StreetBuzz छत्तीसगढ़ में बदला स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना का नाम, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश Raipur
छत्तीसगढ़ में बदला स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना का नाम, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार ने मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना का नाम बदल दिया है. इस योजना का नाम स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना था, इसे अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना नाम दिया गया है. इसका आदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव को जारी किया है. बता दें कि इस योजना से दसवीं एवं 12वीं के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित किया जाता है.

सरकार ने जारी की निगम, मंडल, बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष पद की सूची, देखें पूरी लिस्ट…

रायपुर- छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने निगम, मंडल, बोर्ड और आयोग में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की सूची जारी कर दी है. भूपेंद्र सवन्नी अध्यक्ष क्रेडा, लोकेश कावड़िया अध्यक्ष छत्तीसगढ़ निशक्तजन वित्त विकास निगम, सौरभ सिंह अध्यक्ष खनिज विकास निगम, शशांक शर्मा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद, राजीव अग्रवाल अध्यक्ष सीएसआईडीसी, संजय श्रीवास्तव अध्यक्ष नागरिक आपूर्ति निगम, दीपक महसके अध्यक्ष सीजीएमएससी बनाए गए हैं.

मोना सेन को छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष और गौरीशंकर श्रीवास को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं जितेंद्र कुमार साहू को राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष, अमरजीत सिंह छाबड़ा राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बनाए गए हैं. डॉ. वर्णिका शर्मा राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष, नीलू शर्मा छग पर्यटन मंडल अध्यक्ष, नंदकुमार (नंदे साहू) रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष, अनुराग सिंह देव गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष बनाए गए हैं.

शालिनी राजपूत अध्यक्ष राज्य समाज कल्याण बोर्ड, चंद्राकांति वर्मा उपाध्यक्ष, राकेश पांडेय अध्यक्ष छग खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, शंभूनाथ चक्रवर्ती अध्यक्ष छग माटीकला बोर्ड, सुरेंद्र कुमार बेसरा अध्यक्ष छग अंतव्यवसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम, प्रफुल्ल विश्वकर्मा अध्यक्ष छग लौह शिल्पकार विकास बोर्ड, प्रहलाद रजक अध्यक्ष छग रजककार विकास बोर्ड, ध्रुव कुमार मिर्धा अध्यक्ष छग चर्म शिल्पकार बोर्ड, भरत लाल मटियारा अध्यक्ष छग मछुआ कल्याण बोर्ड, लखनलाल धीवर उपाध्यक्ष, राजा पांडेय अध्यक्ष छग पाठ्यपुस्तक निगम की जिम्मेदारी दी गई है.

इसके अलावा सुरेश कुमार चंद्रवंशी अध्यक्ष छग राज्य कृषण कल्याण परिषद, चंद्रहास चंद्राकर अध्यक्ष छग राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम, संदीप शर्मा अध्यक्ष छग राज्य खाद्य आयोग, चंदूलाल साहू अध्यक्ष छग राज्य भंडार गृह निगम, केदारनाथ गुप्ता अध्यक्ष छग राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित रायपुर, रामप्रताप सिंह छग भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, योगेश दत्त मिश्रा अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल, श्रीनिवास राव मद्दी अध्यक्ष राज्य वित्त आयोग, रामसेवक पैकरा अध्यक्ष राज्य वन विकास निगम, विकास मरका अध्यक्ष छग आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादक बोर्ड बनाए गए हैं.

अब 30 अप्रैल तक जमा कर सकेंगे प्रॉपर्टी टैक्स

रायपुर-  साय सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में संपत्ति कर जमा करने की तारीख 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी है. यानी जो लोग 31 मार्च तक संपत्ति कर नहीं पटा सके हैं वे 30 अप्रैल तक बिना किसी सर चार्ज के संपत्ति कर जमा कर सकते हैं. इसका आदेश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव आनंद कुमार पटेल ने सभी कलेक्टर, आयुक्त और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को जारी किया है.

आदेश में कहा गया है कि 2024- 25 में लोकसभा चुनाव के दौरान परिसीमन और मतदाता सूची के कार्य में नगर निगम और नगर पालिका के कर्मचारियों को ड्यूटी लगाई गई थी. इसके चलते निकायों में राजस्व वसूली के कार्य प्रभावित रहे, इसलिए इस वर्ष संपत्तिकर जमा करने की अंतिम तिथि में 30 दिवस की विशेष छूट दी जा रही है. अब संपत्तिकर 30 अप्रैल 2025 तक जमा कर सकते हैं. निकाय के कर्मचारी भी घर-घर जाकर संपत्तिकर संग्रहण करने एवं नागरिकों को ऑनलाइन (Online) भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.

वक्फ संशोधन बिल को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया ऐतहासिक, कहा- देश में पारदर्शिता और न्याय करेगा सुनिश्चित

रायपुर-  छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वक्फ संशोधन बिल को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह देश में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करेगा. उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से वक्फ संपत्तियों को कानून के दायरे में लाया गया है, जो पहले न्यायिक समीक्षा से परे थीं. यह एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिससे देश की न्यायिक प्रणाली को मजबूती मिलेगी.

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि भारत में वक्फ संपत्तियों की संख्या अत्यधिक है, लेकिन उनका समुचित उपयोग गरीब और जरूरतमंद मुस्लिम समुदाय तक नहीं पहुंच पा रहा था. उन्होंने जोर देकर कहा कि वक्फ संपत्तियों का लाभ मुस्लिम समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिलना चाहिए, न कि कुछ विशेष लोगों तक सीमित रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों में कई अनियमितताओं की पुष्टि हुई है, जिनका समाधान आवश्यक था. वक्फ संपत्तियों पर हुए अनधिकृत कब्जों को हटाने और इन संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कठोर प्रावधान किए हैं. इस संशोधन के माध्यम से वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णयों को अब न्यायालय में चुनौती दी जा सकेगी, जो एक बड़ा सुधार है. पहले यह संभव नहीं था, जिससे कई विवादों का समाधान नहीं हो पाता था. अब न्याय की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी.

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने विपक्ष द्वारा विधेयक के विरोध को अनुचित बताया और कहा कि यह किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ उठाया गया कदम है. उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में वक्फ संपत्तियों पर हुए अनधिकृत कब्जों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने इस निर्णय को राष्ट्रहित में बताते हुए कहा कि यह केवल वक्फ संपत्तियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी संपत्तियों की पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत रहेगी.

मंदिर को दान में दी गई जमीन को अवैध तरीके से बेचने का आरोप, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव

रायपुर- राजधानी रायपुर के चंगोराभाठा स्थित मंदिर को दान में दी गई जमीन को अवैध तरीके से बेचने का आरोप लगाया गया है. इसे लेकर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना आज कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंची. मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंची है. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर झूमाझटकी हुई. पुलिस प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों को बस में लेकर जा रही है.

क्या है आरोप ?

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि चंगोराभाठा में करीब 4 एकड़ 40 डिसमिल जमीन में मंदिर के जमीन को अवैध तरीके से बेचा जा रहा है. जमीन बिक्री को रोकने के लिए आज हम सभी स्थानीय लोग कलेक्टर ऑफिस आए थे. इसके बाद पुलिस आज हमें डांट फटकार कर पुलिस गाड़ी में भरकर जेल भेज रही है. मंदिर के जमीन को बचाने हम सभी कलेक्टर ऑफिस पहुंचे थे.

इस मामले पर ASP लखन पटले ने बताया कि यहां पर कुछ संगठन के लोग पहुंचे थे. अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मुलाकात करना चाहते थे. प्रदर्शन करते हुए वह जाकर रोड में बैठ गए थे, उन्हें काफी समझाइए दी गई लेकिन ने जब नहीं माने तो कुछ लोगों को बस में बैठाकर ले जाया गया है. उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की एक और उपलब्धि: छत्तीसगढ़ बना देश में जीएसटी राजस्व वृद्धि दर में अग्रणी राज्य

रायपुर-  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने कुल ₹16,390 करोड़ का जीएसटी राजस्व संग्रह कर देशभर में सबसे अधिक 18 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को जीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर स्थापित करती है। इस क्रम में महाराष्ट्र 16% और तमिलनाडु 15% की वृद्धि दर के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

मार्च 2025 में पहली बार ₹2000 करोड़ से अधिक का मासिक संग्रह

मार्च 2025 में छत्तीसगढ़ को SGST मद में ₹1,301.09 करोड़ की प्राप्ति हुई, जो कि मार्च 2024 की तुलना में 72 प्रतिशत अधिक है। यह पहली बार है जब राज्य ने SGST संग्रह में ₹1000 करोड़ का आंकड़ा पार किया है।

मार्च 2025 में ही IGST मद में ₹756.73 करोड़ प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार मार्च 2025 में कुल जीएसटी संग्रह ₹2,057.82 करोड़ रहा, जो मार्च 2024 के ₹1,443.66 करोड़ की तुलना में 43 प्रतिशत की प्रभावशाली मासिक वृद्धि दर्शाता है। जीएसटी आने के बाद छत्तीसगढ़ ने पहली बार एक माह में कुल जीएसटी राजस्व में 2000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया है।

बेहतर प्रशासन, तकनीक का समावेश और सतत निगरानी से मिली ऐतिहासिक सफलता

यह उल्लेखनीय प्रगति राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर वाणिज्यिक कर विभाग में किए गए व्यापक सुधार, नवाचार और नई कार्यसंस्कृति का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वाणिज्यिक कर मंत्री ओ. पी. चौधरी के मार्गदर्शन में विभाग ने जीएसटी प्रशासन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने हेतु निर्णायक कदम उठाए हैं।

नॉन-फाइलर्स पर नियंत्रण

रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों की निरंतर निगरानी एवं संवाद के माध्यम से अनुपालना दर में बड़ा सुधार हुआ है। नॉन-फाइलर्स की संख्या 15 प्रतिशत से घटकर मात्र 6 प्रतिशत रह गई है।

फर्जी पंजीकरण की जांच

28,000 से अधिक व्यवसायों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिनमें से 4, 252 फर्मों, जो कुल फर्मों का लगभग 15% है, को फर्जी पाया गया। इससे कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगा और कर अनुपालना में वृद्धि हुई।

डेटा एनालिटिक्स आधारित कार्रवाई

वर्षभर में डेटा एनालिटिक्स के आधार पर 313 मामलों में लेखा पुस्तकों की जांच कर ₹45.13 करोड़ की वसूली की गई।

वहीं, 77 प्रतिष्ठानों की तलाशी/निरीक्षण से ₹47.35 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई।

सेक्टर विश्लेषण और इंटर-डिपार्टमेंटल समन्वय

जीएसटी विभाग द्वारा सेक्टर आधारित विश्लेषण और इंटर डिपार्टमेंटल डेटा का उपयोग करते हुए 49 संभावित कर अपवंचन क्षेत्रों की पहचान की गई जिससे ₹101 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया।

सरकारी विभागों से बेहतर अनुपालन

मार्च 2025 में किए गए विशेष प्रयासों के तहत शासकीय विभागों द्वारा जीएसटीआर-7 रिटर्न दाखिल करवाकर इनके सप्लायर्स से ₹37 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व एकत्रित किया गया।

व्यापक व्यापारी संपर्क अभियान

राज्य भर में ऐसे 36,847 व्यापारियों से संपर्क किया गया, जिन्होंने या तो शून्य रिटर्न दाखिल किया था या व्यवसाय में नकारात्मक वृद्धि दर्शाई थी, जिससे कर अनुपालन में बढ़ोतरी सुनिश्चित हुई। इन सभी ठोस और तकनीक आधारित उपायों का प्रत्यक्ष परिणाम है कि छत्तीसगढ़ आज देश में जीएसटी वृद्धि में शीर्ष स्थान पर है।

भविष्य के लिए डिजिटल और एआई-आधारित रणनीति तैयार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के मार्गदर्शन में जीएसटी विभाग अब डिजिटल ट्रैकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली और उन्नत अनुपालन तंत्र को लागू कर, आने वाले वर्षों में भी छत्तीसगढ़ को देश में अग्रणी स्थिति में बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

"छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर आधारित सुशासन की पहचान है। हमारी सरकार ने टैक्स प्रशासन को जनकेंद्रित और टेक्नोलॉजी-संचालित बनाकर यह सिद्ध किया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो राजस्व भी बढ़ता है और विश्वास भी। हम इसी गति को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का मॉडल बनाएंगे।"

विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की कमी, बढ़ सकते हैं इन रोगों के मरीज, डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लिखा

रायपुर-  हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कमी है. इस समस्या को दूर करने एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (एएचपीआई) छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य सचिव, संचालक एवं मुख्य औषधि नियंत्रक को पत्र लिखा है. डॉ. गुप्ता ने कहा, हेपेटाइटिस बी के संक्रमण को रोकने का वैक्सीन ही एकमात्र विकल्प है. वैक्सीन की कमी से छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में क्रोनिक लिवर रोग और लिवर कैंसर के मरीजों में वृद्धि हो सकती है. उन्होंने इस गंभीर विषय को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में भी लाया है.

एएचपीआई छत्तीसगढ़ चैप्टर के महासचिव अतुल सिंघानिया ने बताया कि इस विषय पर डॉ. राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य सचिव आईएसएस अमित कटारिया, स्वास्थ्य संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ल और मुख्य औषधि नियंत्रक को पत्र लिखा है. उन्होंने हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की भारी कमी की वजह से सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए उत्पन्न हो रहे बड़े जोखिम से अवगत कराया है और इसका तत्काल समाधान निकालने की मांग की है.

पत्र में डॉ. गुप्ता ने लिखा है कि यह वैक्सीन हेपेटाइटिस बी के संक्रमण को रोकने का एकमात्र विकल्प है, विशेषकर नवजात शिशुओं, स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों जैसे उच्च जोखिम वाले समूहों में. संक्रमित माताओं से नवजात शिशुओं में हेपेटाइटिस बी के संक्रमण को रोकने के लिए टीका महत्वपूर्ण है. नवजात बच्चों को जीवन में क्रोनिक लिवर रोग विकसित होने का खतरा होता है. संक्रमित रक्त और शारीरिक तरल पदार्थों के लगातार संपर्क में रहने के कारण स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को हेपेटाइटिस बी होने का जोखिम अधिक होता है. हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन उनकी पहुंच में न होने से न केवल उनका स्वास्थ्य जोखिम में पड़ता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का समग्र कार्य भी प्रभावित होता है.

उच्च जोखिम वाले व्यक्ति डायलिसिस कराने वाले, किडनी की बीमारी वाले व्यक्तियों और अक्सर रक्त या शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने वाले लोगों को भी हेपेटाइटिस बी होने का जोखिम अधिक होता है. इस कारण इन उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों में व्यापक संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है. डॉ. गुप्ता के अनुसार यदि हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की कमी जारी रहती है तो छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में क्रोनिक लिवर रोग और लिवर कैंसर के मरीजों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है. ये दोनों ही बीमारियां उच्च मृत्यु दर के साथ प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियां है, जिनका समाधान एक प्रमुख हेपेटाइटिस बी है. स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बढ़ते बोझ के कारण उपचार लागत, अस्पताल में भर्ती होने और अधिक उन्नत चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता हो सकती है. इसके अतिरिक्त संक्रमण में वृद्धि होने की वजह से पहले से ही मरीजों का अत्यधिक दबाव झेल रही स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर और अधिक दबाव डाल सकती है.

डॉ. गुप्ता ने कहा कि वैक्सीन उत्पादन और वितरण में तेजी लाने, कमजोर और उच्च जोखिम वाले समूहों तक वैक्सीन की पहुंच को प्राथमिकता देने जैसे कदम उठाने से इस समस्या का समाधान हो सकता है. डॉ. गुप्ता ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और राष्ट्र के समग्र कल्याण के सर्वोत्तम हित में हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की इस कमी को सर्वोच्च प्राथमिकता में हल करने का अनुरोध उच्चाधिकारियों से किया है. बता दें कि एएचपीआई के राष्ट्रीय डायरेक्टर जनरल डॉ. गिरिधर ज्ञानी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को को पत्र के माध्यम से इस संबंध में अवगत कराया है, जिससे विषय की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

रायपुर: ट्रेन पटरी से उतरी… हावड़ा-मुंबई मेन लाईन बाधित

रायपुर-  रायपुर के उरकुरा में मालगाड़ी के पटरी से की खबर है. हादसे के बाद रायपुर रेल मंडल के अधिकारी मौके पर पहुंच रहे है. रेलवे के सूत्रों के मुताबिक हादसा हावड़ा-मुंबई मेन लाईन 823/25 (किलोमीटर क्रमांक) के पास होना बताया जा रहा है. रायपुर रेल मंडल के अधिकारियों ने इस डिरेलमेंट की पुष्टि की है. हालांकि इस कारण से कौन-कौन से ट्रेनें प्रभावित होगी ये अधिकारी अभी स्पष्ट नहीं कर रहे है.

रायपुर रेल मंडल से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उरकुरा आरएसडी मेन लाइन पर मालगाड़ी के दो खाली वैगन बीएटीपी पटरी से उतरे. रायपुर रेल मंडल ने तत्परता से रेल लाइन चालू कर दी गई. अधिकारियों के मुताबिक ये डिरेलमेंट 15 .23 बजे हुई. आंशिक समय के लिए अपलाइन की गाड़ियों को बिलासपुर में नियंत्रित किया गया.

16.30 बजे मिडिल लाइन से ट्रेनों का परिचालन चालू कर दिया गया, रेलवे ने दावा किया है कि यात्री गाड़ियों की सुविधा प्रभावित नहीं हुई है यात्री गाड़ियों का आवागमन जारी है. वहीं तत्काल मौके पर अपर मंडल रेल प्रबंधक बजरंग अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधन अवधेश कुमार त्रिवेदी ने घटनास्थल का जायजा लिया.

वक्फ बोर्ड कानून पर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती का बयान, कहा- मोदी सूझबूझ वाले नेता हैं, सोच-समझकर फैसले लेते हैं

रायपुर- पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती बीते दो दिनों से रायपुर प्रवास पर हैं. यहां पर आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल और धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूझबूझ वाले नेता हैं और सोच-समझकर फैसले लेते हैं. मुस्लिम समुदाय को धन और संपत्ति की कमी न हो, इसके लिए उन्हें वक्फ बोर्ड के माध्यम से सुविधाएं दी गई हैं, लेकिन वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को सबके लिए बराबर देखा जाए.

वहीं धर्मांतरण पर सख्त रुख अपनाते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म को सही से समझ लिया जाता, तो धर्मांतरण जैसी समस्या कभी उत्पन्न नहीं होती. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण का सीधा अर्थ हिंदू धर्म को समाप्त करना है और यह हिंदुओं की दुर्बलता का परिणाम है.

शंकराचार्य ने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में ऐसे मुख्यमंत्री भी हुए हैं, जिन्होंने हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाने की भावना से अन्य क्षेत्रों के मुसलमानों को बसाने का कार्य किया. उन्होंने राजनीति को सत्ता का लोभ बताते हुए कहा कि आज के कई राजनेताओं को राजनीति की सही परिभाषा तक नहीं मालूम. उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को दूषित करार दिया और इसे सुधारने की आवश्यकता जताई.

रायपुर नगर निगम के 9 जोन में अध्यक्षों का चुनाव कल, दोपहर 12 बजे से शुरू होगी प्रक्रिया

रायपुर- नगर निगम रायपुर के 9 जोन में अध्यक्षों का कल यानी 3 अप्रैल को चुनाव होगा. निगम मुख्यालय के सामान्य सभा सभागार में दोपहर 12 बजे से इसके लिए कार्रवाई शुरू होगी. निगम आयुक्त विश्वदीप ने निर्वाचन के लिए निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी को नियुक्त किया है. निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने के बाद संविक्षा की जाएगी. संविक्षा सही पाए जाने पर अभ्यर्थियों के नाम का प्रकाशन किया जाएगा. इसके बाद अभ्यर्थियों के पास 12:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे. 1 बजे से 1: 30 बजे तक मतदान होगा. तत्काल बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा की जाएगी.

छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 48 (क) के अंतर्गत्त नगर पालिक निगम रायपुर की 10 वार्ड समितियों में से जोन क्रमांक 2 को छोड़कर वार्ड समिति (जोन) अध्यक्ष का निर्वाचन 3 अप्रेल 2025 की समस्त कार्यवाही के लिए नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी अपर आयुक्त द्वय पंकज के. शर्मा और विनोद पांडेय के निर्देशन पर्यवेक्षण में निर्वाचन की कार्यवाही संपन्न करवाने का आदेश जारी किया है. आदेश के अनुसार वार्ड समिति जोन क्रमांक 01 के लिए जोन 01 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 03 के लिए जोन 03 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 04 के लिए जोन 04 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक के लिए जोन 05 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 06 के लिए जोन 06 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 07 के लिए जोन 07 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 08 के लिए जोन 08 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 09 के लिए जोन 09 आयुक्त एवं वार्ड समिति जोन क्रमांक 10 के लिए जोन 10 आयुक्त को निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है.

वार्ड समिति के अध्यक्ष के निर्वाचन की कार्यवाही नगर पालिक निगम रायपुर महात्मा गांधी सदन मुख्यालय के चतुर्थ तल स्थित सामान्य सभा सभागार में कराया जाना है. आदेशित किया गया है कि निर्वाचन की तारीख समय एवं स्थान की सूचना जोन अंतर्गत आने वाले वार्डो के निर्वाचित पार्षदों को दी जाए. साथ ही सर्वसाधारण की जानकारी के लिए सूचना पटल पर चस्पा किया जाए.

छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 48 (क) के अंतर्गत वार्ड समिति के जोन अध्यक्ष के विहित रीति से निर्वाचन के लिए अनुसूची अनुसार निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 3 अप्रैल 2025 को दोपहर 12 बजे निगम मुख्यालय के सामान्य सभा सभागार में वार्ड समिति के जोन अध्यक्ष के लिए निर्वाचन की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी. दोपहर 12 बजे से 12: 15 बजे तक नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किया जाएगा. दोपहर 12:15 बजे से 12:45 बजे तक प्रस्तुत नाम निर्देशन पत्रों की संविक्षा और सही पाए गए नाम निर्देशन अभ्यर्थियों के नाम प्रकाशन होगा. दोपहर 12:45 बजे से 1:00 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ले सकेंगे. इसके बाद दोपहर 1 बजे से 1: 30 बजे तक मतदान (यदि आवश्यक हो) तत्काल बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा होगी. साथ ही कार्रवाई वृत्त का लेखन किया जाएगा.