आज है वर्ल्ड टीबी डे:इलाज मुफ्त, फिर भी भारत में हर 3 मिनट में टीबी से दो मौतें,जानिए टीबी के लक्षण,बचाव और इलाज के बारे में
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नयी दिल्ली : आज दुनियाभर में वर्ल्ड ट्यूबरकुलोसिस डे यानी विश्व क्षयरोग दिवस मनाया जा रहा है। भारत दुनिया में सबसे अधिक ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) प्रभावित देशों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, भारत में हर तीन मिनट में दो लोगों की मौत टीबी के कारण होती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है, जो वैश्विक लक्ष्य (2030) से पांच साल पहले का है। इसे लेकर भारत सरकार द्वारा कई अभियान चलाए जा रहे हैं। हालांकि उचित देखभाल और समय पर इलाज के साथ, टीबी के खिलाफ लड़ाई जीती जा सकती है।
WHO की 'ग्लोबल ट्यूबरकुलोसिस रिपोर्ट 2024' के अनुसार, 2015 से 2023 के बीच भारत में टीबी मामलों में 17.7% की गिरावट दर्ज की गई है, जो वैश्विक औसत 8.3% की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। जानते है कि टीबी क्या है? इसके लक्षण क्या है? और बचाव के बारे में....
टीबी (ट्यूबरक्लोसिस) क्या है?
आज भी ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) विश्व के सबसे संक्रामक रोगों में से एक है। डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार, रोजाना लगभग 3,500 लोगों की मौत टीबी के कारण होती है और लगभग 3,000 लोग इस बीमारी से पीड़ित होते हैं। टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है, जो विश्वभर में दूसरा मौत का सबसे बड़ा कारण है। यह व्यावहारिक रूप से शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है, जिसमें सबसे सामान्य फेफड़े, आँतों, लिम्फ नोड्स, रीढ़ और मस्तिष्क इत्यादि हैं।
टीबी रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हवा के माध्यम से फैल सकता है। यह बैक्टीरिया टीबी से ग्रसित व्यक्ति से फैलते हैं। इस बैक्टीरिया का विकास धीमी गती से शरीर के उन भागों में होता है, जहां खून और ऑक्सीजन दोनों मौजूद होते हैं। इसलिए यह ज्यादातर फेफड़ों में पाया जाता है। टीबी को उपचार के द्वारा ठीक किया जा सकता है, जिसकी अवधी 6 से 9 महिने होती है और कुछ स्थितियों में इसे ठीक होने में 2 साल भी लग सकते हैं।
टीबी(क्षय रोग) के लक्षण क्या है?
टीबी आपके शरीर के जिस हिस्से को प्रभावित करती है, उसी के अनुसार लक्षण बढ़ते हैं। टीबी के सामान्य लक्षण निम्नलिखित है:-
लगातार खांसी होना, जो 3 या ज्यादा सप्ताह तक बनी रहती है।
वजन घटना
खांसी के साथ बलगम में खून
सीने में दर्द होना
बुखार आना
मांसपेशियों को नुकसान पहुंचना
भूख में कमी
रात में पसीना होना
थकान और कमजोरी महसूस होना
टीबी के कारण क्या है?
टीबी या क्षय रोग या तपेदिक रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है। ट्यूबरक्लोसिस के बैक्टीरिया का प्रसार हवा माध्यम से होता हैं। जब कोई व्यक्ति हवा में सांस लेता है तो वह मौजूद बैक्टीरिया को अपने अंदर खींच सकता है। टीबी किसी भी टीबी ग्रसित व्यक्ति के छींकनें, खांसने, बोलने, इत्यादि से फैल सकता है। टीबी बढ़ने के कई जोखिम कारक हैं, जिसमें अनहेल्दी डाइट, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, किडनी रोग वाले व्यक्ति, इत्यादि।
टीबी उपचार क्या है?
क्या आप जानते हैं, टीबी का इलाज कैसे किया जाता है? टीबी का इलाज करने के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाओं के द्वारा बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और इसका इलाज करते हैं। यह एंटीबायोटिक दवाएं टीबी के सभी मरीजों के लिए होती हैं, जिसमें गर्भवती महिलाएं, बच्चे, शिशु और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग शामिल हैं। टीबी का इलाज करने के लिए दवाओं का एक कोर्स होता हैं, जिसे पूरा करना बहुत जरूरी होता है। यदि आप एक्टिव टीबी रोग के लक्षण को खुद महसूस करें तो तत्काल अपने पल्मोनोलॉजी डॉक्टर से परामर्श करें और उपचार कराएं। इसके इलाज की अवधी 6 महिने से लेकर 2 साल तक भी हो सकती है।
Mar 24 2025, 11:07