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धर्मांतरण का आरोप, दो घरों में प्रार्थना सभा की आड़ में चल रही गतिविथियों को पुलिस ने रोका, 4 लोग हिरासत में

बिलासपुर-  छत्तीसगढ़ में कथित धर्मांतरण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. अब बिलासपुर जिले के मोपका क्षेत्र में धर्मांतरण की शिकायत पर हिंदू संगठन और पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की है. पुलिस ने दो घरों में दबिश देकर वहां चल रही प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण के प्रयास को रोका. आरोप है कि एक विशेष धर्म के प्रचार के जरिए लोगों का ब्रेनवॉश किया जा रहा था. यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है.

कार्रवाई के दौरान धर्म विशेष से जुड़ी कई किताबें और साहित्य जब्त किए गए हैं. सरकंडा पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग गुप्त रूप से धर्मांतरण गतिविधियों में लिप्त हैं और प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म बदलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. इस दौरान पुलिस ने मौके से चार लोगों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच जारी है.

कल मस्तूरी से आया था धर्मांतरण का मामला

शनिवार को भी बिलासपुर के मस्तूरी में धर्मांतरण का मामला सामने आया था. यहां के लवार गांव में हिंदू संगठनों ने पुलिस के साथ मिलकर दबिश दी. इस दौरान रवि कैवर्त के घर में बड़ी संख्या में महिलाएं प्रार्थना सभा कर रही थीं. पुलिस ने रवि कैवर्त और उसके साथियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है. एडिशनल एसपी उदयन बेहार ने बताया कि मस्तूरी में बीमार और गरीबों को पैसे का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का गोरखधंधा चलाया जा रहा था. मस्तूरी पुलिस ने धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है.

केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने अपने विद्यालय को स्मार्ट क्लासरूम और फर्नीचर की दी सौगात, कहा-

लोरमी- केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने अपने स्कूली दिनों की यादों को संजोते हुए उसी विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम एवं अध्ययन के लिए आधुनिक फर्नीचर की सुविधा प्रदान की। इस पहल के तहत शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के मानकों के अनुरूप मुंगेली और बिलासपुर जिले के सरकारी विद्यालयों में 250 ड्यूल डेस्क (फर्नीचर) उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी कुल लागत लगभग ₹24 लाख है। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि सरकारी स्कूलों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के लिए आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग का आश्वासन दिया।

सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार की पहल

केंद्रीय राज्य मंत्री साहू ने यह कार्य हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO) के सीएसआर फंड के माध्यम से पूरा कराया। इस पहल से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेमरसल (मुंगेली) एवं शासकीय हाई स्कूल, बछालीखुर्द (बिलासपुर) के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा। इस अवसर पर तोखन साहू ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपने स्कूली दिनों की यादें साझा की और कहा, “सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। बेहतर शैक्षिक वातावरण से ही उनका समग्र विकास संभव है।”

उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान कोयलारी संकुल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। पोषण साहू (प्राचार्य, कोयलारी संकुल) को उत्कृष्ट प्राचार्य सम्मान से सम्मानित किया गया। शत्रुघ्न साहू एवं लक्ष्मण पात्रे को उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शांति देवचरण भास्कर, अनिता कोमल साहू, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डी.एस. राजपूत, भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष सुशील यादव, राजेन्द्र साहू, दिनेश कश्यप, लेखराज सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने जजों को नामित किया पोर्टफोलियो जज, देखिए आदेश सूची…

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने हाई कोर्ट के 14 जजों को पोर्टफोलियो जज के रूप में नामित किया है. इस संबंध में हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने अधिसूचना जारी की है. जारी अधिसूचना में पोर्टफोलियो जज को जिले का आवंटन कर दिया है. अपने प्रभार वाले जिले में न्यायिक व्यवस्थाओं के अलावा प्रशासकीय कामकाज की भी मानिटरिंग करेंगे. 

हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के विनोद कुजूर ने अधिसूचना जारी कर हाई कोर्ट के 14 जजों के नाम की सूची और उनके आगे प्रभार वाले जिले का नाम भी जारी किया है. जारी सूची में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस संजय के. अग्रवाल को रायगढ़ एवं धमतरी के अलावा कोरबा एवं जांजगीर-चांपा, न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू को बिलासपुर, न्यायमूर्ति रजनी दुबे को रायपुर एवं कबीरधाम (कवर्धा), न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास को दुर्ग एवं बालोद, न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी को बेमेतरा एवं महासमुंद, न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी को राजनांदगांव एवं कोरिया (बैकुंठपुर) सिविल डिस्ट्रिक्ट का प्रभार सौंपा है.

इनके अलावा न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत को कोंडागांव एवं मुंगेली, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडे को बलौदाबाजार एवं बस्तर (जगदलपुर), न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल को बलरामपुर एवं रामानुजगंज, न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल को सरगुजा (अंबिकापुर), न्यायमूर्ति रवीन्द्र कुमार अग्रवाल को जशपुर, न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार वर्मा को सूरजपुर, न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु को दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) और न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद को उत्तर बस्तर (कांकेर) सिविल डिस्ट्रिक्ट का प्रभार सौंपा है.

जारी अधिसूचना में चीफ जस्टिस के इस आदेश को एक अप्रैल से प्रभावशील बताया गया है. पोर्टफोलिया जज अपने प्रभार वाले जिले के जिला एवं सत्र न्यायालय का समय-समय पर निरीक्षण करेंगे. इस दौरान न्यायालयीन अधिकारियों के साथ ही अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे. न्यायदान की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के साथ ही किसी तरह की व्यवहारिक व तकनीकी दिक्कतों को दूर करने की कोशिश भी करेंगे.


समस्याओं का करते हैं निराकरण

प्रभार वाले जिले में बार और बेंच के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ ही वकीलों की समस्याओं का निराकरण करने के अलावा बार की तरफ से आने वाले सुझाव पर अमल करते हैं. न्यायालयीन कामकाज पर लगातार नजर भी रखते हैं. इसके अलावा कोर्ट परिसर में नए भवन या अन्य निर्माण कार्य को लेकर इनकी सहमति जरूरी रहती है. साथ ही जजों को जिलों से संबंधित अन्य कई दिए गए हैं. समय-समय पर इन जिला न्यायालयों की मानिटरिंग भी की जाती है.

1.34 लाख की मांगी रिश्वत, BEO हटाए गए और बाबू निलंबित

बिलासपुर-  कोटा ब्लॉक के शिक्षक की मृत्यु होने के बाद उसके रूके वेतन को निकालने के एवज में बीईओ एवं क्लर्क 1 लाख 34 हजार रुपए की मांग कर रहे थे. इसकी लिखित शिकायत शिक्षक की शिक्षिका पत्नी ने कलेक्टर से जनदर्शन में की. इसकी गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए. प्रारंभिक जांच में भ्रष्ट्राचार का आरोप सही पाए जाने पर कोटा बीईओ विजय पांडे सहित एक क्लर्क के विरूद्ध कार्रवाई की गई है. बीईओ को जहां पद से हटाकर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. वहीं क्लर्क को निलंबित कर दिया गया है. जिले के कोटा विकासखण्ड की शिक्षिका नीलम भारद्वाज ने पखवाड़े भर पहले कलेक्टर द्वारा आयोजित कर्मचारी जनदर्शन में एक शिकायत पत्र सौंपा था. जिसमें उन्होंने बताया कि उनके शिक्षक पति के देहावसान उपरांत उनके स्वत्वों के भुगतान के लिए 1.24 लाख रुपए का रिश्वत मांगा जा रहा है. बीईओ को जानकारी देने के बाद भी उनके द्वारा भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है.

कलेक्टर अवनीश शरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके शिकायत को टीएल पंजी में दर्ज किया और जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए. जांच में महिला द्वारा लगाया गया आरोप सही पाया गया. कोटा बीईओ विजय पांडे एवं लिपिक एकादशी पोर्ते ने मिलकर महिला शिक्षिक को परेशान किया गया. बिना रिश्वत लिए उनके वास्तविक स्वत्वों को भुगतान नहीं किया जा रहा था. जान बूझकर विलंबित एवं परेशान किया जा रहा था. जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टन अवनीश शरण ने एक आदेश जारी कर बीईओ विजय पाण्डेय को हटा दिया है. उनके विरूद्ध विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं. तब तक के लिए उन्हें खुरदुर कोटा में प्राचार्य पद पर कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया हैं. वहीं डीईओ अनिल तिवारी द्वारा सहायक वर्ग 2 एकादशी पोर्ते को निलंबित किया गया है. निलंबन काल में श्री पोर्ते को रतनपुर हायर सेकेण्डरी स्कूल में मुख्यालय नियत किया गया है. नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दी जाएगी.

मुख्यमंत्री श्री साय ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीद दिवस पर किया नमन

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीद दिवस पर नमन किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए हंसते-हंसते फाँसी का फंदा चूमने वाले ये वीर सपूत न केवल हमारी आज़ादी की नींव हैं, बल्कि वे हर भारतीय युवा के लिए प्रेरणा-पुंज भी हैं। उनकी शहादत ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और पूरे देश में क्रांति की चेतना जागृत की। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान आज भी हम सभी में राष्ट्रप्रेम की ज्योति को प्रज्वलित करती है। उनका जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत मिसाल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमर शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहेंगे, देशहित को सर्वोपरि मानेंगे और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।

रेलवे क्षेत्र में चर्च निर्माण रोका तो तोड़फोड़ का आरोप लगाकर घेराव

रायपुर- रेलवे क्षेत्र में चर्च निर्माण को लेकर शिकायतें हुईं और जांच करने पहुंची टीम को पता चला कि वहां तो पूरा भवन बनकर तैयार हो गया है. इससे रेल अमले में ही हड़कंप मच गया. उच्च स्तरीय शिकायतें होने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मौजूदगी में अवैध निर्माण रोकते हुए कुछ हिस्से में तोड़‌फोड़ भी की गई. इससे नाराज लोगों ने तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए आरपीएफ दफ्तर के सामने प्रदर्शन करते हुए पोस्ट को घेर दिया. हालांकि अधिकारियों की समझाइश के बाद लोग लौटे. संरक्षण का आरोप लगा तब अफसर हुए सक्रिय शनिवार को पूरे दिन डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में रेल अधिकारियों की सक्रियता चर्चा में रही.

दरअसल शनिवार को रेलवे अधिकारियों पर ही अवैध निर्माण को संरक्षण देने का आरोप लगाया जाने लगा. शिकायकर्ताओं ने सवाल किया कि आखिर रेलवे क्षेत्र में इतना विशाल अवैध निर्माण रेलवे की जानकारी के बगैर कैसे हो गया. आरोप लगने के बाद अधिकारी सक्रिय हुए. आरपीएफ टीम को लेकर पहुंचे अधिकारियों ने निर्माण करने वालों से दस्तावेज दिखाने की मांग की. उन्हें बताया गया कि जिस जमीन पर भवन बनाया जा रहा है वह रेलवे की है, जिस पर किसी भी तरह का निर्माण करना अनाधिकृत है. दूसरी तरफ निर्माण कराने वाले पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि रेलवे ने भवन में तोड़फोड़ की है. इसके बाद लोगों की भीड़ बढ़ने लगी. आरपीएफ पोस्ट के पास जमा हुए लोगों ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की. हालांकि समझाइश के बाद लोग लौट भी गए।

सीनियर डीसीएम ने किया तोड़फोड़ से इनकार

रेलवे की ओर से वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रायपुर अवधेश कुमार त्रिवेदी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया है कि डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में चर्च के रूप में चल रहे अनाधिकृत निर्माण कार्य को रेल प्रशासन द्वारा रोका गया है. उन्हें समझाइए दी गई कि बिना अनुमति के रेलवे भूमि पर निर्माण अनाधिकृत है. यदि आपके पास अनुमति है तो संबंधित दस्तावेज दिखाएं. उक्त कार्रवाई में चर्च के भवन को तोड़ा नहीं गया है. कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है. इसको लेकर कुछ लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया एवं रेलवे सुरक्षा बल का घेराव भी किया.

थाने से एक पेट्रोलिंग वाहन भेजा गया

खमतराई थाने में भी चर्च निर्माण की जानकारी देकर कार्य पर रोक लगाने के दौरान सुरक्षा हेतु पुलिस बल की मांग की गई. चूंकि इस दौरान राष्ट्रपति प्रवास की तैयारियों को लेकर पूर्वाभ्यास चल रहा था. लिहाजा थाने से एक पेट्रोलिंग वाहन व दो कर्मियों को भेजा गया. यह टीम एक घंटे बाद डब्ल्यूआरएस कॉलोनी से लौट आई.

समायोजन की मांग कर रहे बीएड सहायक शिक्षक, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की वेशभूषा में निकाली रैली…

रायपुर- BEd सहायक शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. रविवार को भटगांव बस स्टैंड से भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की वेशभूषा के साथ रैली निकालकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं.

लंबे समय से समायोजन की मांग कर रहे BEd सहायक शिक्षकों ने कुछ ही दिन पहले खून से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा था. सहायक शिक्षक पुलिस प्रशासन से भगत सिंह चौक तक जाने देने की मांग कर रहे हैं.

बता दें कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 10 दिसंबर, 2024 को दो सप्ताह के अंदर डीएड डिग्रीधारक को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति का आदेश दिया था. जिसमें बीएड डिग्रीधारक सहायक शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द करने की बात कही थी.

इसके साथ ही शुरू हुई साय सरकार की कार्रवाई के बाद से BEd सहायक शिक्षक सरकार से नौकरी वापस देने की मांग के अलावा सरकार से समायोजन की मांग कर रहे हैं.

जशपुर के गांजा तस्कर की 15,00,00,000 की संपत्ति फ्रीज, रायपुर पुलिस भी हुई एक्टिव

रायपुर-  पुलिस ने सफेमा (एसएएफईएमए) कोर्ट मुंबई के माध्यम से जशपुर के एक चर्चित गांजा तस्कर हीराधर यादव के मकान और पांच वाहन समेत डेढ़ करोड़ की संपत्ति को फ्रीज कराया है. जशपुर पुलिस को मिली इस सफलता की पुलिस महकमे में काफी चर्चा है.

इधर रायपुर पुलिस द्वारा गांजा एवं ड्रग्स की तस्करी के पुराने व सक्रिय आरोपियों के खिलाफ पिट एनडीपीएस के तहत जेल भेजने के लिए विधिवत कार्रवाई जारी है. वहीं आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों ने संपत्ति की जांच की पुष्टि करते हुए कहा कि कई आरोपियों के खिलाफ पिट एनडीपीएस के तहत कार्रवाई हेतु केस तैयार करके सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं. जबकि आधा दर्जन आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं. इधर जशपुर के कुख्यात गांजा तस्कर हीराधर यादव की संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सीएम विष्णुदेव साय का गृह जिला है.

भोरमदेव महोत्सव की तैयारियां जोरों पर, प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं का होगा भव्य प्रदर्शन

कवर्धा- भोरमदेव महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. 26 और 27 मार्च को आयोजित महोत्सव में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा. 

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भोरमदेव महोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया. इस दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र छवाई, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे. भोरमदेव महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे.

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि भोरमदेव महोत्सव के शुभारंभ और समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना प्रस्तावित है. महोत्सव के दोनों दिनों में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति भी रहेगी. इस लिहाज से महोत्सव स्थल पर सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्था की जा रही है.

जेल में शिक्षा की अलख जगा रहे कैदी : तिहाड़ के बाद रायपुर सेंट्रल जेल में सबसे ज्यादा बंदी कर रहे पढ़ाई

रायपुर- राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में सैकड़ों कैदी शिक्षा की अलख जगा रहे. तिहाड़ जेल के बाद रायपुर में सबसे ज्यादा बंदी पढाई कर रहे. शिक्षा सत्र 2024-25 में पहली कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर तक 291 कैदी पढ़ाई कर रहे हैं. इन सभी कक्षाओं की परीक्षा के लिए संबंधित शिक्षा संस्थानों, बोर्ड और विश्वविद्यालय ने रायपुर सेंट्रल जेल में परीक्षा केंद्र भी बनाया है. इस तरह से शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल ने यह उपलब्धि हासिल की है. उम्मीद है कि यहां शिक्षा प्राप्त करने के बाद कैदियों में शायद ही अपराध करने की प्रवृत्ति दोबारा आएगी.

रायपुर सेंट्रल जेल में सैकड़ों बंदियों की जिंदगी को शिक्षा के माध्यम से बदलने का प्रयास किया जा रहा है. यहां भारत साक्षरता मिशन अंतर्गत (उल्लास) 39 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं. प्राथमिक व माध्यमिक कक्षा में 72 से ज्यादा कैदी पढ़ाई कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ ओपन हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा में 68 बंदी परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं. बीए और एमए में 100 से ज्यादा कैदी हैं. समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, हिंदी साहित्य अंग्रेजी साहित्य, लोकप्रशासन सहित अनेक विषयों पर कैदी पीजी कर रहे।


कॉलेजों के प्राध्यापक और विषय विशेषज्ञों का मिल रहा मार्गदर्शन


68 कैदी संस्कृत के अनेक विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं. इसी तरह इग्नू के अनेक पाठ्यक्रमों में सैकड़ों कैदी अध्ययनरत हैं. यहां इन कक्षाओं से संबंधित 11 हजार 663 पुस्तकें भी पुस्तकालय में रखी गई है. जेल शिक्षकों के अलावा विभिन्न महाविद्यालय के प्राध्यापक व समय-समय पर विषय विशेषज्ञ पाठ्यक्रम अनुसार कैदियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं. साथ ही प्रत्येक बैरक में कैदियों को शिक्षा देने के लिए दो-दो कैदियों को सांकेतिक साक्षरता सेना (देखरेख) के रूप में नियुक्त किया गया है।

रायपुर जेल में ही बनाया गया स्थायी परीक्षा केंद्र

जेल अधीक्षक अमित शांडिल्य ने बताया कि जेल में कैदियों को शिक्षित करने के लिए अनेक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर सेंट्रल जेल सतत् काम कर रही है. शिक्षा सुविधा के मामले में तिहाड़ के बाद रायपुर सेंट्रल जेल है, जहां सैकड़ों कैदी पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं. जेल में अध्ययनरत कैदियों को परीक्षा देने बाहर नहीं जाना पड़े इसलिए चार शैक्षिक संस्थाओं ने रायपुर सेंट्रल को स्थायी परीक्षा केंद्र बनाया है. छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल एनआईओएस, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम्, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से मान्यता मिली है..

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