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सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

#policeandcentralforcesconductedsearchatresidenceabhishek_banerjee

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

टेबल टेनिस में यूपी पुलिस की धमाकेदार जीत, मणिपुर और मिजोरम को हराया
लखनऊ। All India Police Badminton Cluster Tournament 2025-26 के अंतर्गत केडी सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित टेबल टेनिस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत से पूरे प्रदेश और पुलिस बल का गौरव बढ़ गया है।

पुरुष टीम ने मिज़ोरम को पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया

महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में Uttar Pradesh Police की टीम ने मणिपुर को हराकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि पुरुष टीम ने मिज़ोरम को पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन, अनुशासन और टीम भावना की अधिकारियों ने जमकर सराहना की।

कठिन परिश्रम और संघर्ष का प्रतीक :डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार

इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार तथा पुलिस महानिरीक्षक मध्य जोन एवं सचिव उत्तर प्रदेश पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।अधिकारियों ने कहा कि खिलाड़ियों की यह उपलब्धि उनके समर्पण, कठिन परिश्रम और संघर्ष का प्रतीक है। प्रतियोगिता में यूपी पुलिस टीम के शानदार प्रदर्शन ने दर्शकों का भी दिल जीत लिया।
बरही बैंक लूट कांड का खुलासा: 3 आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार, 20 लाख नकद और सोना बरामद

Hazaribagh Police ने 24 अप्रैल 2026 को बरही थाना क्षेत्र स्थित Bank of Maharashtra शाखा में हुई लूट कांड का सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में 3 मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

घटना 24 अप्रैल को दोपहर करीब 3:15 बजे हुई थी, जब 4 हथियारबंद अपराधियों ने बैंक में घुसकर कर्मियों को बंधक बना लिया और उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में बंद कर दिया। इसके बाद अपराधी 4,22,492 रुपये नकद और 3.987 किलोग्राम सोना, जो 78 पैकेट में रखा था, लूटकर दो मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो (BR-01 HN-2024) की पहचान की गई, जिसका उपयोग अपराधियों द्वारा रेकी के लिए किया गया था।

पुलिस ने Uttar Pradesh Special Task Force के सहयोग से उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सारनाथ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह (गोरखपुर), मो० अफजल (नवादा, बिहार) और सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनू (मऊ, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो वाहन, घटना में प्रयुक्त 2 पल्सर मोटरसाइकिल और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अपराधियों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्हें जानकारी थी कि यहां गोल्ड लोन दिया जाता है। घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने करीब 2 महीने तक बैंक की रेकी की थी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार के कई लूट कांडों में शामिल रहे हैं।

फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पहुंची असम पुलिस, जानें क्या है पूरा मामला

#assampolicearriveatpawankheradelhi_home

असम में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बवाल शुरू हो गया है। इसकी आंच दिल्ली तक महसूस की जा रही है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली वाले घर पर असम पुलिस की एक टीम पहुंची। असम पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस की टीम भी मौजूद थी।बताया जा रहा है कि असम पुलिस पवन खेड़ा को अरेस्ट करने आई है। हालांकि, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा अभी घर पर मौजूद नहीं हैं।

असम की सियासी हलचल दिल्ली तक

असम विधानसभा चुनाव के प्रचार के आखिरी दौर में सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप जारी है। इस बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनके परिवार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया कि सरमा की पत्नी के पास एक नहीं बल्कि तीन देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या परिवार की विदेशों में संपत्ति और कंपनियां हैं। इन आरोपों के सामने आते ही राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। इसकी गूंज अब दिल्ली तक सुनाई दे रही है।

हिमंत बिस्‍वा ने दिए थे बड़ी कार्रवाई के संकेत

मुख्यमंत्री सरमा ने तुरंत इन दावों को खारिज कर दिया और उन्हें पूरी तरह झूठा बताया। इसके साथ ही उनकी पत्नी ने भी मोर्चा संभाला और पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद हिमंत बिस्‍वा सरमा की पत्‍नी पर 3 विदेशी पासपोर्ट रखने के आरोप लगाने वाले पवन खेड़ा से पूछताछ के लिए असम पुलिस की टीम पहुंची। मुख्‍यमंत्री हिमंत बिस्‍वा सरमा ने पवन खेड़ा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत सोमवार को ही दे दिये थे।

पवन खेड़ा के घर पर रेड को लेकर भड़की कांग्रेस

असम पुलिस की पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी को लेकर कांग्रेस का रिएक्शन सामने आया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जनहित में बुनियादी सवाल पूछने पर मेरे सहयोगी पवन खेड़ा को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधिकारियों की पूरी फौज तैनात करना यह साबित करता है कि असम के मुख्यमंत्री परेशान, हताश और डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह उचित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक तरह की बदले की कार्रवाई है, एक दबंग जो राज्य मशीनरी का इस्तेमाल करके विपक्ष की आवाज़ को दबा रहा है, जो उसके कई काले कारनामों को उजागर कर रहा है। जो लोग डराते-धमकाते हैं, वे असल में डरे हुए होते हैं और उनके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ होता है। यह इस बात का भी प्रमाण है कि मुख्यमंत्री को आसन्न हार का सामना करना पड़ रहा है।

पवन खेड़ा ने सीएम हिमंत की पत्‍नी पर लगाए बड़े आरोप

पवन खेड़ा ने कुछ दिन पहले दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। पवन खेड़ा के मुताबिक, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास UAE, मिस्र और एंटीगुआ और बारबुडा के पासपोर्ट हैं। दुबई में उनकी प्रॉपर्टी हैं और व्योमिंग (अमेरिका) में उनकी एक कंपनी है।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

यूपी पुलिस के दो बड़े नवाचारों को राष्ट्रीय सम्मान, ET GovTech Awards 2026 से नवाजा गया
लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर तकनीक आधारित जनसेवा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। पुलिस के दो प्रमुख डिजिटल इनिशिएटिव—‘UP Police Fact Check’ और ‘Meta Suicidal Alert’—को देश के प्रतिष्ठित The Economic Times GovTech Awards 2026 से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली के हयात रीजेंसी होटल में आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की ओर से गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने प्राप्त किया। यह सम्मान यूपी पुलिस को दो अलग-अलग श्रेणियों में मिला—‘UP Police Fact Check’ को ‘Digital Policing & Law Enforcement Excellence Award’ तथा ‘Meta Suicidal Alert’ को ‘Digital Citizen Engagement & Grievance Redressal Award’ के तहत पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर जनहितकारी पुलिसिंग को नई दिशा दे रही है।
फैक्ट चेक पहल बनी मिसाल
वर्ष 2017 में शुरू किया गया देश का पहला पुलिस-संचालित फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी खबरों का तत्काल खंडन करना है। 24×7 सक्रिय यह टीम OSINT टूल्स, रिवर्स इमेज सर्च और जियोलोकेशन तकनीक के माध्यम से वायरल कंटेंट की जांच करती है। अब तक हजारों भ्रामक पोस्ट का पर्दाफाश कर सैकड़ों मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
Meta Suicidal Alert: जीवन बचाने की अनूठी पहल
Meta कंपनी के सहयोग से शुरू की गई यह पहल सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े पोस्ट की पहचान कर पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजती है। 2023 से फरवरी 2026 तक इस सिस्टम के जरिए 2181 लोगों की जान बचाई जा चुकी है, जिसमें बड़ी संख्या युवाओं की है।
महाकुंभ 2025 में भी निभाई अहम भूमिका
महाकुंभ के दौरान फैलाई गई फर्जी खबरों और भ्रामक वीडियो पर यूपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सैकड़ों अकाउंट चिन्हित किए और कई आपराधिक मामले दर्ज किए, जिससे संभावित तनाव और अफवाहों को समय रहते रोका गया।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा, जागरूकता और जीवन रक्षा के लिए भी नई मिसाल कायम कर रही है।
यूपी में उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा आज से, 1090 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच होगी परीक्षा
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती–2025 की लिखित परीक्षा शनिवार से शुरू हो रही है। परीक्षा को निष्पक्ष और सकुशल संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस महानिदेशक Rajeev Krishna के आदेश पर प्रदेश के सभी कमिश्नरेट और जनपदों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
प्रदेश भर में बनाए गए 1090 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से संबंधित सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए 372 राजपत्रित अधिकारी, 2142 निरीक्षक, 7640 उपनिरीक्षक, 8479 मुख्य आरक्षी और 12,969 आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 749 होमगार्ड भी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पीएसी की 4 कंपनियां और 2 प्लाटून जनपदों में तथा 3 प्लाटून पीएसी जीआरपी को दी गई हैं। इसके अतिरिक्त सभी जिलों में एलआईयू और यातायात पुलिस बल भी पर्याप्त संख्या में लगाया गया है।
उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की यह लिखित परीक्षा शनिवार और रविवार को प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने, उपस्थिति पत्रक भरने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए निर्धारित परीक्षा समय के अतिरिक्त पांच मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board ने परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलों में प्रश्नपत्र पहुंचने के बाद उन्हें डबल लॉक में सुरक्षित रखा गया है और परीक्षा शुरू होने से पहले कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, शुक्रवार से ही परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सॉल्वर गैंग और पेपर लीक गिरोहों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए एसटीएफ समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है।
भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि महिला अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके गृह जनपद के मंडल के भीतर ही परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, ताकि उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो।
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों के कुल 4543 पदों को भरा जाएगा। इसके लिए कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जिनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
लखनऊ में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, ट्रक से 7.75 कुंतल गांजा बरामद; तस्करी गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

लखनऊ । राजधानी में एसटीएफ उत्तर प्रदेश को अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 7.75 कुंतल गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.93 करोड़ रुपये बताई जा रही है।एसटीएफ के अनुसार 11 मार्च 2026 को मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी कौशल कुमार पुत्र राम खिलावन निवासी मुरादपुर थाना बिंदकी जनपद Fatehpur को गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी थाना Nigohan Police Station क्षेत्र में रात करीब 10:30 बजे की गई।

स्क्रैप की बोरियों में रखकर ले जा रहे थे गांजा
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7.75 कुंतल गांजा, एक टाटा अल्ट्रा डीसीएम ट्रक (नंबर यूपी-71-एटी-3380) तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक में विशेष रूप से गुप्त कैविटी बनाई गई थी, जिसमें गांजे की खेप छिपाकर लाई जाती थी। ऊपर से स्क्रैप की बोरियां रख दी जाती थीं, ताकि किसी को शक न हो।एसटीएफ को पिछले कुछ समय से विभिन्न राज्यों से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एसटीएफ की टीम सूचना संकलन और निगरानी कर रही थी। टीम को सूचना मिली कि उड़ीसा से गांजे की बड़ी खेप लेकर एक ट्रक रायबरेली होते हुए लखनऊ आने वाला है और इसे नगराम मार्ग के पास कहीं उतारा जाएगा।

कई लोग मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी का चलाते हैं गिरोह

सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक की तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। इसके बाद चालक कौशल कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि समरजीत उर्फ सोनू गुप्ता, मयंक कुमार गुप्ता और सैय्यद दावर अलवी समेत कई लोग मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी का गिरोह चलाते हैं। वह समरजीत उर्फ सोनू के कहने पर उड़ीसा से गांजे की खेप लाकर गिरोह के बताए स्थान पर पहुंचाता था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह पहले भी 6 से 7 बार इस गिरोह के लिए गांजा ला चुका है और हर चक्कर के बदले उसे करीब 50 हजार रुपये मिलते थे।इस मामले में थाना निगोहां में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
ऑल इंडिया SDRF CSSR प्रतियोगिता: यूपी की टीम ने दिखाया दम, जीता दूसरा स्थान
लखनऊ । National Disaster Response Force की 8वीं बटालियन में 8 से 10 मार्च 2026 तक ऑल इंडिया एसडीआरएफ की CSSR (Collapsed Structure Search & Rescue) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लेकर आपदा राहत और खोज-बचाव से जुड़ी अपनी दक्षता और कौशल का प्रदर्शन किया।

कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा

प्रतियोगिता के दौरान टीमों को भूकंप या भवन ढहने जैसी आपदा की स्थिति में मलबे में फंसे लोगों को खोजने और सुरक्षित बाहर निकालने से संबंधित कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा। इसमें तकनीकी खोज, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल, टीम समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का मूल्यांकन किया गया।इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में Uttar Pradesh State Disaster Response Force की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार कमांडेंट Amit Kumar और उनकी टीम ने प्राप्त किया।

भारत सरकार के गृह सचिव मु़ख्य अतिथि के रूप में रहे मौजूद

प्रतियोगिता का समापन समारोह 11 मार्च 2026 को Delhi Police मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के गृह सचिव Govind Mohan मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह में Krishna S. Vatsa, Dinesh Kumar Aswal, Satish Golcha, Rajesh Gupta, Shatrujeet Singh Kapur, Praveer Ranjan, Sanjay Singhal, Rakesh Aggarwal, Ravi Joseph Lokku, Rajeev Verma, Robin Hibu और Govind Prasad Uniyal समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण

मुख्य अतिथि ने विजेता टीमों को सम्मानित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी एसडीआरएफ टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं आपदा से निपटने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं।राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि आपदा प्रबंधन व खोज-बचाव कार्यों में टीम की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

टेबल टेनिस में यूपी पुलिस की धमाकेदार जीत, मणिपुर और मिजोरम को हराया
लखनऊ। All India Police Badminton Cluster Tournament 2025-26 के अंतर्गत केडी सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित टेबल टेनिस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत से पूरे प्रदेश और पुलिस बल का गौरव बढ़ गया है।

पुरुष टीम ने मिज़ोरम को पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया

महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में Uttar Pradesh Police की टीम ने मणिपुर को हराकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि पुरुष टीम ने मिज़ोरम को पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन, अनुशासन और टीम भावना की अधिकारियों ने जमकर सराहना की।

कठिन परिश्रम और संघर्ष का प्रतीक :डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार

इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार तथा पुलिस महानिरीक्षक मध्य जोन एवं सचिव उत्तर प्रदेश पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।अधिकारियों ने कहा कि खिलाड़ियों की यह उपलब्धि उनके समर्पण, कठिन परिश्रम और संघर्ष का प्रतीक है। प्रतियोगिता में यूपी पुलिस टीम के शानदार प्रदर्शन ने दर्शकों का भी दिल जीत लिया।
बरही बैंक लूट कांड का खुलासा: 3 आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार, 20 लाख नकद और सोना बरामद

Hazaribagh Police ने 24 अप्रैल 2026 को बरही थाना क्षेत्र स्थित Bank of Maharashtra शाखा में हुई लूट कांड का सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में 3 मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

घटना 24 अप्रैल को दोपहर करीब 3:15 बजे हुई थी, जब 4 हथियारबंद अपराधियों ने बैंक में घुसकर कर्मियों को बंधक बना लिया और उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में बंद कर दिया। इसके बाद अपराधी 4,22,492 रुपये नकद और 3.987 किलोग्राम सोना, जो 78 पैकेट में रखा था, लूटकर दो मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो (BR-01 HN-2024) की पहचान की गई, जिसका उपयोग अपराधियों द्वारा रेकी के लिए किया गया था।

पुलिस ने Uttar Pradesh Special Task Force के सहयोग से उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सारनाथ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह (गोरखपुर), मो० अफजल (नवादा, बिहार) और सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनू (मऊ, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो वाहन, घटना में प्रयुक्त 2 पल्सर मोटरसाइकिल और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अपराधियों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्हें जानकारी थी कि यहां गोल्ड लोन दिया जाता है। घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने करीब 2 महीने तक बैंक की रेकी की थी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार के कई लूट कांडों में शामिल रहे हैं।

फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पहुंची असम पुलिस, जानें क्या है पूरा मामला

#assampolicearriveatpawankheradelhi_home

असम में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बवाल शुरू हो गया है। इसकी आंच दिल्ली तक महसूस की जा रही है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली वाले घर पर असम पुलिस की एक टीम पहुंची। असम पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस की टीम भी मौजूद थी।बताया जा रहा है कि असम पुलिस पवन खेड़ा को अरेस्ट करने आई है। हालांकि, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा अभी घर पर मौजूद नहीं हैं।

असम की सियासी हलचल दिल्ली तक

असम विधानसभा चुनाव के प्रचार के आखिरी दौर में सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप जारी है। इस बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनके परिवार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया कि सरमा की पत्नी के पास एक नहीं बल्कि तीन देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या परिवार की विदेशों में संपत्ति और कंपनियां हैं। इन आरोपों के सामने आते ही राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। इसकी गूंज अब दिल्ली तक सुनाई दे रही है।

हिमंत बिस्‍वा ने दिए थे बड़ी कार्रवाई के संकेत

मुख्यमंत्री सरमा ने तुरंत इन दावों को खारिज कर दिया और उन्हें पूरी तरह झूठा बताया। इसके साथ ही उनकी पत्नी ने भी मोर्चा संभाला और पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद हिमंत बिस्‍वा सरमा की पत्‍नी पर 3 विदेशी पासपोर्ट रखने के आरोप लगाने वाले पवन खेड़ा से पूछताछ के लिए असम पुलिस की टीम पहुंची। मुख्‍यमंत्री हिमंत बिस्‍वा सरमा ने पवन खेड़ा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत सोमवार को ही दे दिये थे।

पवन खेड़ा के घर पर रेड को लेकर भड़की कांग्रेस

असम पुलिस की पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी को लेकर कांग्रेस का रिएक्शन सामने आया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जनहित में बुनियादी सवाल पूछने पर मेरे सहयोगी पवन खेड़ा को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधिकारियों की पूरी फौज तैनात करना यह साबित करता है कि असम के मुख्यमंत्री परेशान, हताश और डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह उचित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक तरह की बदले की कार्रवाई है, एक दबंग जो राज्य मशीनरी का इस्तेमाल करके विपक्ष की आवाज़ को दबा रहा है, जो उसके कई काले कारनामों को उजागर कर रहा है। जो लोग डराते-धमकाते हैं, वे असल में डरे हुए होते हैं और उनके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ होता है। यह इस बात का भी प्रमाण है कि मुख्यमंत्री को आसन्न हार का सामना करना पड़ रहा है।

पवन खेड़ा ने सीएम हिमंत की पत्‍नी पर लगाए बड़े आरोप

पवन खेड़ा ने कुछ दिन पहले दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। पवन खेड़ा के मुताबिक, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास UAE, मिस्र और एंटीगुआ और बारबुडा के पासपोर्ट हैं। दुबई में उनकी प्रॉपर्टी हैं और व्योमिंग (अमेरिका) में उनकी एक कंपनी है।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

यूपी पुलिस के दो बड़े नवाचारों को राष्ट्रीय सम्मान, ET GovTech Awards 2026 से नवाजा गया
लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर तकनीक आधारित जनसेवा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। पुलिस के दो प्रमुख डिजिटल इनिशिएटिव—‘UP Police Fact Check’ और ‘Meta Suicidal Alert’—को देश के प्रतिष्ठित The Economic Times GovTech Awards 2026 से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली के हयात रीजेंसी होटल में आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की ओर से गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने प्राप्त किया। यह सम्मान यूपी पुलिस को दो अलग-अलग श्रेणियों में मिला—‘UP Police Fact Check’ को ‘Digital Policing & Law Enforcement Excellence Award’ तथा ‘Meta Suicidal Alert’ को ‘Digital Citizen Engagement & Grievance Redressal Award’ के तहत पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर जनहितकारी पुलिसिंग को नई दिशा दे रही है।
फैक्ट चेक पहल बनी मिसाल
वर्ष 2017 में शुरू किया गया देश का पहला पुलिस-संचालित फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी खबरों का तत्काल खंडन करना है। 24×7 सक्रिय यह टीम OSINT टूल्स, रिवर्स इमेज सर्च और जियोलोकेशन तकनीक के माध्यम से वायरल कंटेंट की जांच करती है। अब तक हजारों भ्रामक पोस्ट का पर्दाफाश कर सैकड़ों मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
Meta Suicidal Alert: जीवन बचाने की अनूठी पहल
Meta कंपनी के सहयोग से शुरू की गई यह पहल सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े पोस्ट की पहचान कर पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजती है। 2023 से फरवरी 2026 तक इस सिस्टम के जरिए 2181 लोगों की जान बचाई जा चुकी है, जिसमें बड़ी संख्या युवाओं की है।
महाकुंभ 2025 में भी निभाई अहम भूमिका
महाकुंभ के दौरान फैलाई गई फर्जी खबरों और भ्रामक वीडियो पर यूपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सैकड़ों अकाउंट चिन्हित किए और कई आपराधिक मामले दर्ज किए, जिससे संभावित तनाव और अफवाहों को समय रहते रोका गया।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा, जागरूकता और जीवन रक्षा के लिए भी नई मिसाल कायम कर रही है।
यूपी में उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा आज से, 1090 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच होगी परीक्षा
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती–2025 की लिखित परीक्षा शनिवार से शुरू हो रही है। परीक्षा को निष्पक्ष और सकुशल संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस महानिदेशक Rajeev Krishna के आदेश पर प्रदेश के सभी कमिश्नरेट और जनपदों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
प्रदेश भर में बनाए गए 1090 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से संबंधित सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए 372 राजपत्रित अधिकारी, 2142 निरीक्षक, 7640 उपनिरीक्षक, 8479 मुख्य आरक्षी और 12,969 आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 749 होमगार्ड भी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पीएसी की 4 कंपनियां और 2 प्लाटून जनपदों में तथा 3 प्लाटून पीएसी जीआरपी को दी गई हैं। इसके अतिरिक्त सभी जिलों में एलआईयू और यातायात पुलिस बल भी पर्याप्त संख्या में लगाया गया है।
उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की यह लिखित परीक्षा शनिवार और रविवार को प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने, उपस्थिति पत्रक भरने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए निर्धारित परीक्षा समय के अतिरिक्त पांच मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board ने परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलों में प्रश्नपत्र पहुंचने के बाद उन्हें डबल लॉक में सुरक्षित रखा गया है और परीक्षा शुरू होने से पहले कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, शुक्रवार से ही परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सॉल्वर गैंग और पेपर लीक गिरोहों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए एसटीएफ समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है।
भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि महिला अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके गृह जनपद के मंडल के भीतर ही परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, ताकि उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो।
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों के कुल 4543 पदों को भरा जाएगा। इसके लिए कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जिनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
लखनऊ में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, ट्रक से 7.75 कुंतल गांजा बरामद; तस्करी गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

लखनऊ । राजधानी में एसटीएफ उत्तर प्रदेश को अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 7.75 कुंतल गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.93 करोड़ रुपये बताई जा रही है।एसटीएफ के अनुसार 11 मार्च 2026 को मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी कौशल कुमार पुत्र राम खिलावन निवासी मुरादपुर थाना बिंदकी जनपद Fatehpur को गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी थाना Nigohan Police Station क्षेत्र में रात करीब 10:30 बजे की गई।

स्क्रैप की बोरियों में रखकर ले जा रहे थे गांजा
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7.75 कुंतल गांजा, एक टाटा अल्ट्रा डीसीएम ट्रक (नंबर यूपी-71-एटी-3380) तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक में विशेष रूप से गुप्त कैविटी बनाई गई थी, जिसमें गांजे की खेप छिपाकर लाई जाती थी। ऊपर से स्क्रैप की बोरियां रख दी जाती थीं, ताकि किसी को शक न हो।एसटीएफ को पिछले कुछ समय से विभिन्न राज्यों से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एसटीएफ की टीम सूचना संकलन और निगरानी कर रही थी। टीम को सूचना मिली कि उड़ीसा से गांजे की बड़ी खेप लेकर एक ट्रक रायबरेली होते हुए लखनऊ आने वाला है और इसे नगराम मार्ग के पास कहीं उतारा जाएगा।

कई लोग मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी का चलाते हैं गिरोह

सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक की तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। इसके बाद चालक कौशल कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि समरजीत उर्फ सोनू गुप्ता, मयंक कुमार गुप्ता और सैय्यद दावर अलवी समेत कई लोग मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी का गिरोह चलाते हैं। वह समरजीत उर्फ सोनू के कहने पर उड़ीसा से गांजे की खेप लाकर गिरोह के बताए स्थान पर पहुंचाता था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह पहले भी 6 से 7 बार इस गिरोह के लिए गांजा ला चुका है और हर चक्कर के बदले उसे करीब 50 हजार रुपये मिलते थे।इस मामले में थाना निगोहां में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
ऑल इंडिया SDRF CSSR प्रतियोगिता: यूपी की टीम ने दिखाया दम, जीता दूसरा स्थान
लखनऊ । National Disaster Response Force की 8वीं बटालियन में 8 से 10 मार्च 2026 तक ऑल इंडिया एसडीआरएफ की CSSR (Collapsed Structure Search & Rescue) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लेकर आपदा राहत और खोज-बचाव से जुड़ी अपनी दक्षता और कौशल का प्रदर्शन किया।

कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा

प्रतियोगिता के दौरान टीमों को भूकंप या भवन ढहने जैसी आपदा की स्थिति में मलबे में फंसे लोगों को खोजने और सुरक्षित बाहर निकालने से संबंधित कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा। इसमें तकनीकी खोज, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल, टीम समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का मूल्यांकन किया गया।इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में Uttar Pradesh State Disaster Response Force की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार कमांडेंट Amit Kumar और उनकी टीम ने प्राप्त किया।

भारत सरकार के गृह सचिव मु़ख्य अतिथि के रूप में रहे मौजूद

प्रतियोगिता का समापन समारोह 11 मार्च 2026 को Delhi Police मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के गृह सचिव Govind Mohan मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह में Krishna S. Vatsa, Dinesh Kumar Aswal, Satish Golcha, Rajesh Gupta, Shatrujeet Singh Kapur, Praveer Ranjan, Sanjay Singhal, Rakesh Aggarwal, Ravi Joseph Lokku, Rajeev Verma, Robin Hibu और Govind Prasad Uniyal समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण

मुख्य अतिथि ने विजेता टीमों को सम्मानित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी एसडीआरएफ टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं आपदा से निपटने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं।राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि आपदा प्रबंधन व खोज-बचाव कार्यों में टीम की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।