विश्व मौसम विज्ञान दिवस आज! जानिए इस दिवस का इतिहास, महत्व और थीम
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हर साल 23 मार्च को विश्व मौसम विज्ञान दिवस मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में मौसम, जलवायु और वातावरण के महत्व को उजागर करने के लिए समर्पित है। इस खास मौके पर मौसम विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति और पर्यावरण संरक्षण की जरूरतों पर चर्चा की जाती है। आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व और 2025 की थीम।
विश्व मौसम विज्ञान दिवस का इतिहास
विश्व मौसम विज्ञान दिवस की शुरुआत 1950 में हुई, जब विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की स्थापना हुई थी। यह संगठन संयुक्त राष्ट्र की एक अहम एजेंसी है, जो वैश्विक स्तर पर मौसम, जलवायु और जल संसाधनों पर नजर रखता है।
WMO का मुख्य उद्देश्य देशों के बीच मौसम से जुड़ी जानकारी का आदान-प्रदान करना और मौसम आपदाओं से निपटने में सहयोग बढ़ाना है। 1961 से हर साल 23 मार्च को इस दिवस को आधिकारिक रूप से मनाया जाने लगा।
इस दिन का महत्व
मौसम और जलवायु पर जागरूकता:
विश्व मौसम विज्ञान दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को मौसम और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के बारे में जागरूक करना है।
आपदा प्रबंधन में मदद:
सटीक मौसम पूर्वानुमान बाढ़, चक्रवात, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में मदद करता है। इससे जान-माल की हानि को कम किया जा सकता है।
कृषि और जल संसाधनों पर प्रभाव:
मौसम का सीधा असर खेती और जल संसाधनों पर पड़ता है। सही मौसम जानकारी से किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद मिलती है।
पर्यावरण संरक्षण:
मौसम विज्ञान हमें वायु प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और समुद्र स्तर में बढ़ोतरी जैसी समस्याओं को समझने में मदद करता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के लिए सही कदम उठाए जा सकते हैं।
विश्व मौसम विज्ञान दिवस 2025 की थीम
हर साल WMO एक नई थीम जारी करता है, जो जलवायु और मौसम से जुड़ी चुनौतियों पर केंद्रित होती है। 2025 की थीम अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन पिछले सालों की थीम को देखते हुए यह पर्यावरणीय बदलावों, आपदा प्रबंधन या जलवायु संरक्षण पर आधारित हो सकती है।
2024 की थीम थी "पृथ्वी की जलवायु का भविष्य (The Future of Weather, Climate, and Water across Generations)", जो आने वाली पीढ़ियों के लिए जलवायु संरक्षण पर केंद्रित थी।
विश्व मौसम विज्ञान दिवस हमें याद दिलाता है कि मौसम और जलवायु का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव है। बदलते मौसम के साथ हम सभी को सतर्क और जागरूक रहना जरूरी है। इस दिन का उद्देश्य न सिर्फ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों तक सीमित है, बल्कि आम नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण और मौसम से जुड़ी जानकारी का महत्व समझाने का है।
Mar 23 2025, 14:17