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CGMSC घोटाला : सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे गए पांचों आरोपी, EOW की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला…

रायपुर- छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन (CGMSC) में करोड़ों के रीएजेंट खरीदी घोटाले में ईओडब्लू की विशेष अदालत ने पांच आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. ईओडब्ल्यू ने आरोपियों की 15 दिन की रिमांड मांगी थी. 

ईओडब्ल्यू ने दो आईएएस समेत CGMSC और हेल्थ विभाग के दर्जन भर अधिकारियों को तलब कर लंबी पूछताछ करने के बाद की पांचों लोगों को देर रात गिरफ्तार किया था. इसके बाद आज सुबह ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया. ईओडब्ल्यू की ओर से मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों की 15 दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी. विशेष अदालत के न्यायधीश ने सुनवाई के बाद सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया.

मामले में CGMSC के तत्कालीन प्रभारी महाप्रबंधक उपकरण एवं उप प्रबंधक क्रय एवं संचालन बसंत कुमार कौशिक, तत्कालीन बायोमेडिकल इंजीनियर छिरोध रौतिया, तत्कालीन उप प्रबंधक उपकरण कमलकांत, तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर स्टोर डॉ. अनिल परसाई, तत्कालीन बायोमेडिकल इंजीनियर दीपक कुमार बाँधे विशेष अदालत के फैसले के बाद अब 28 मार्च तक रिमांड पर रहेंगे.

बता दें कि कांग्रेस शासनकाल में स्वास्थ्य विभाग के CGMSC ने मोक्षित कॉरपोरेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की राजकोष को किस तरह से खाली किया है इस पूरे मामले को लेकर 660 करोड़ रुपए के गोल-माल को लेकर भारतीय लेखा एंव लेखापरीक्षा विभाग के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) आईएएस यशवंत कुमार ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार पिंगआ को पत्र लिखा था।

दो साल के ऑडिट में खुली थी पोल

लेखा परीक्षा की टीम की ओर से CGMSC की सप्लाई दवा और उपकरण को लेकर वित्त वर्ष 2022-24 और 2023-24 के दस्तावेज को खंगाला गया तो कंपनी ने बिना बजट आवंटन के 660 करोड़ रुपये की खरीदी की थी, जिसे ऑडिट टीम ने पकड़ लिया था. ऑडिट में पाया गया है कि पिछले दो सालों में आवश्यकता से ज्यादा खरीदे केमिकल और उपकरण को खपाने के चक्कर में नियम कानून को भी दरकिनार किया गया.

बिना जरूरत की हॉस्पिटलों को सप्लाई

प्रदेश के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सप्लाई की गई, जिनमें से 350 से अधिक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऐसे हैं, जिसमें कोई तकनीकी, जनशक्ति और भंडारण सुविधा उपलब्ध ही नहीं थी. ऑडिट टीम के अनुसार DHS ने स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाओं में बेसलाइन सर्वेक्षण और अंतर विश्लेषण किए बिना ही उपकरणों और रीएजेंट मांग पत्र जारी किया था..

कोयला चोरी कर भाग रहे बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी को मारी टक्कर, बाल-बाल बचे पुलिसकर्मी, आरोपी गिरफ्तार

सूरजपुर- जिले में कोयला चोर बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. विश्रामपुर पुलिस ने एसईसीएल में कोयला चोरी मामले में कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से छोटा हाथी में लोड 70 बोरी कोयला बरामद किया गया है.

जानकारी के मुताबिक, एसईसीएल में दो व्यक्ति कोयला को गाड़ी में भरकर चोरी कर ले जा रहे थे. शुक्रवार देर रात पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया. इस बीच वाहन चालक ने रोकने की बजाय पुलिस वाहन को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की. हालांकि पुलिस टीम बाल-बाल बची और वाहन को रोकने में सफलता हासिल की.

पुलिस ने छोटा हाथी में लोड 70 बोरी कोयला को जब्त किया. साथ ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

15,00,00,000 की ठगी का छत्तीसगढ़ पुलिस ने किया खुलासा, क्रिप्टोकरेंसी में होता था लेन-देन…

बिलासपुर- ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है. ऑनलाइन जॉब और वेबसाइट में इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर ठगी को अंजाम देने वाले तीन शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने 15 करोड़ से अधिक की राशि का USDT और क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन भी किया है. 

दरअसल, शहर के मोपका निवासी शिक्षक सौरभ साहू बीते दिनों साइबर फ्रॉड के शिकार हुए थे. ऑनलाइन जॉब और वेबसाइट में इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर ठगों ने शिक्षक से 48 लाख की ठगी की थी.

रेंज साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों के साथ पुलिस को इसमें बड़े गिरोह के शामिल होने और आरोपियों के ठाणे, महाराष्ट्र में होने की सूचना मिली. टीम ने थाणे में दबिश देकर आरोपी शाकिब अंसारी, अंसारी मेराज और अंसारी फ़ुजैल को गिरफ्तार किया.

जांच में पता चला कि तीनों आरोपी ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग, वर्क फ्राम होम, रेटिंग रिव्यू, बीमा पॉलिसी और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करते थे. इसके लिए फर्जी सिम और बैंक खातों का उपयोग किया जाता था.

आरोपियों ने इसके लिए 50 लाख रुपए में करीब 100 खाते खरीदे थे. जांच में यूएसडीटी और क्रिप्टोकरेंसी में 15 करोड़ से अधिक के लेनदेन की भी जानकारी सामने आई है. ठगी के रकम से आरोपियों ने जमीन भी खरीदा है. आरोपियों से 13 नग मोबाइल, फर्जी सिम कार्ड, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड जप्त किया गया है. आरोपियों के खिलाफ साइबर, आईटी एक्ट व धोखाधड़ी का केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

रायपुरियंस के लिए बड़ी खबर…

रायपुर-  भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए ‘जल ही जीवन’ कार्यक्रम के तहत रायपुर छत्तीसगढ़ का पहला शहर बन गया है, जिसे 4-स्टार श्रेणी की मान्यता प्राप्त हुई है. इस उपलब्धि के लिए नगर निगम रायपुर को सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है.

मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ में संचालित 11 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए कुल 11.38 करोड़ रुपये की पहली किस्त 20 मार्च 2025 को जारी की गई. इसमें से रायपुर नगर निगम द्वारा संचालित 4 एसटीपी को 8.75 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलनी थी, जिसकी प्रथम किश्त के रूप में 6.13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए.

रायपुर के प्रमुख एसटीपी और उनकी रेटिंग

नगर निगम रायपुर द्वारा संचालित चार एसटीपी में से

- ग्राम भाठागांव एसटीपी (6 एमएलडी क्षमता) को 3-स्टार रेटिंग मिली.

- ग्राम निमोरा (90 एमएलडी), ग्राम कारा (35 एमएलडी), और ग्राम चंदनीडीह (75 एमएलडी) एसटीपी को 4-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई.

इन एसटीपी के कुशल संचालन और जल पुनर्चक्रण की गुणवत्ता की जांच भारत सरकार द्वारा थर्ड-पार्टी ऑडिट के माध्यम से की गई, जिसके आधार पर इनको स्टार रेटिंग प्रदान की गई. नगर निगम रायपुर इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग सभी एसटीपी को ऊर्जा दक्ष बनाने और समय-समय पर तकनीकी उन्नयन के लिए करेगा. इससे जल पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और पर्यावरण हितैषी बनाया जाएगा.

भारत सरकार के ‘जल ही अमृत 2.0’ योजना के तहत जल पुनः उपयोग को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की गई है, जो शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण और सतत विकास के प्रयासों को मजबूत करेगी.

हेरोइन की तस्करी करने वाला युवक को रायपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायपुर- थाना आमानाका पुलिस ने विशेष अभियान के तहत टाटीबंध छठ तालाब के पास से एक आरोपी को प्रतिबंधित मादक पदार्थ हेरोइन (चिट्टा) के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के पास से 06.92 ग्राम हेरोइन, एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किया, जिसकी कुल कीमत लगभग 1.29 लाख रुपये आंकी गई है.

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी उमेश यदु उर्फ गोलू (36 वर्ष), निवासी हीरापुर, थाना कबीर नगर, रायपुर, टाटीबंध हीरापुर छठ तालाब के पास मादक पदार्थ बेचने की फिराक में है. सूचना पर पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशानुसार थाना प्रभारी आमानाका के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया.

संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इलाके में दबिश देकर मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के व्यक्ति को चिन्हित किया और पकड़ लिया. पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम उमेश यदु उर्फ गोलू बताया. जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से 06.92 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई.

आरोपी युवक के पास से हेरोइन (चिट्टा) – 06.92 ग्राम (कीमत ₹69,200), हीरो होंडा पैशन मोटरसाइकिल (CG-04-PJ-3092), मोबाइल फोन, कुल जब्त संपत्ति: ₹1,29,200.

AAP के राष्ट्रीय संगठन महासचिव डॉ. संदीप पाठक को मिली छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी

दिल्ली/रायपुर- आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन महासचिव डॉ. संदीप पाठक को छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया है. संदीप पाठक जल्द ही छत्तीसगढ़ आकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर पार्टी की मजबूत करने को लेकर दिशानिर्देश जारी करेंगे.

आम आदमी पार्टी द्वारा शुक्रवार को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक आयोजित हुई. ये बैठक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर हुई. इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं. पार्टी ने दिल्ली, पंजाब, गोवा, जम्मू कश्मीर और गुजरात के साथ छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी नेताओं को सौंपी.

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ की जनता को एक मजबूत विकल्प देना चाहती है. हाल ही हुए निकाय और पंचायत में चुनाव में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए पार्टी ने छत्तीसगढ़ में संगठन को और मजबूत करने लिए संदीप पाठक को ये अहम जिम्मेदारी दी है.

छत्तीसगढ़ के मुंगेली के बटहा गांव के रहने वाले संदीप पाठक ने 2023 में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी. इसके अलावा पंजाब में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने की बात हो या गुजरात में संगठन मजबूत करने की संदीप पाठक ने अहम भूमिका निभाई है.

पार्टी ने छत्तीसगढ़ के अलावा दिल्ली, पंजाब, जम्मू कश्मीर, गोवा और गुजरात में भी कई बदलाव किए हैं. दिल्ली में सौरभ भारद्वाज ही आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं. मेहराज मलिक को जम्मू-कश्मीर में पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इसके अलावा मनीष सिसोदिया को पंजाब, गोपाल राय को गुजरात और पंकज गुप्ता को गोवा का प्रभारी बनाया गया है.

ग्राम पंचायत सचिवों की हड़ताल खत्म करने का अल्टीमेटम, संचालनालय ने CEO को लिखा पत्र…

रायपुर-  पंचायत संचालनालय संचालक ने प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने सभी हड़ताली ग्राम पंचायत सचिवों को हड़ताल खत्म करने का अल्टीमेटम दे दिया है. उन्होंने मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र में आदेश दिया है कि हड़ताली सचिवों को 24 घंटे के भीतर हड़ताल समाप्त कर कर्तव्यों पर लौटने के लिए निर्देश जारी करें. वहीं निर्देश के पालन न करने पर हड़ताली सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी चेतावनी दी है.

बता दें, प्रदेश के ग्राम पंचायतों में कार्यरत समस्त ग्राम पंचायत सचिव 17 मार्च 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके कारण ग्राम पंचायतों का कार्य प्रभावित हो रहा है. हड़ताल के कारण अनिवार्य सेवाओं और हितग्राहीमूलक शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में भी रुकावट आ रही है. इसे देखते हुए संचालक ने सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र लिखकर यह आदेश जारी किया है और पत्र में ग्राम पंचायतों के कार्यों के संपादन हेतु सचिवों की व्यवस्था और पंचायत निधि के आहरण से संबंधित निर्देश दिए गए हैं.

देखें पत्र की कॉपी:

संचालक ने पत्र के माध्यम से निज सचिव, प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर को इसकी सूचना दी है. इसके साथ ही सभी कलेक्टरों को भी आवश्यक कार्यवाही के लिए सूचनार्थ के भेजा गया है.

गौ रक्षण, गौ संरक्षण एवं जागरूकता के लिए तीन दिवसीयदंडवत यात्रा का शुभारंभ

रायपुर-   छत्तीसगढ़ अंचल में बढ़ती गौ तस्करी और गौ हत्या को रोकने तथा गौ रक्षण एवं संरक्षण के प्रति जन जागरूकता लाने हेतु त्रिदिवसीय दंडवत यात्रा का शुभारंभ किया गया। इस यात्रा का नेतृत्व गौ पुत्र ओमेश बिसेन जी, नितिन लॉरेंस ने किया, जिसमें विभिन्न समाजों और संगठनों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस अवसर पर समाजसेवी नितिन लॉरेन्स (सचिव, डायसिस ऑफ छत्तीसगढ़) ने गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गौधन हमारी संस्कृति, कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण आधार है और इसे संपूर्ण राष्ट्र का संरक्षण मिलना चाहिए।

यात्रा के दौरान पादरी शमशेर ने गौधन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए लोगों को जागरूक किया। वहीं, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने गौ रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

इस यात्रा में प्रमुख रूप से सम्मिलित हुए:

हिंदू समाज से: गौ पुत्र ओमेश बिसेन जी,गौ पुत्री मेघा चौहान, बजरंग दल जिला संयोजक रवि वर्मा, जिला गौ सेवा प्रमुख राधे यदु, नारायण यादव, दुबेश चक्रधारी, पंकज अंसारी, देवानंद सिन्हा आदि।

मसीही समाज से:नितिन लॉरेंस जयदीप रॉबिंसन, पास्टर सुबोध कुमार, पास्टर असीम प्रकाश विक्रम, पास्टर आशीष वाणी, पास्टर पवन कुमार, पास्टर अब्राहम दास, डीकन मनशीश केजू, डीकन जीवन मसीह, राज जैकब, संजीव शांतैया, गजेन्द्र दान, समीर मार्डीकल, प्रतीक जॉन, साइमन मसीह, पूर्व सरपंच अमित दास, समीर, अनिल मसीह, शैलेश मसीह, प्रमोद मसीह आदि।

इस ऐतिहासिक यात्रा की सभी समाज के लोगों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की और गौ माता के संरक्षण हेतु जागरूकता बढ़ाने के इस प्रयास की सराहना की।

छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: पूर्व IAS रानू साहू की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट की सिंगल बेंच का फैसला

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में पूर्व आईएएस रानू साहू की मुश्किलें बढ़ गई हैं. हाईकोर्ट ने उनकी 2 अग्रिम जमानत याचिका का सुरक्षित फैसला शुक्रवार को सुनाया. जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई में रानू साहू की जमानत याचिका खारिज कर दी है.

 

बता दें, रानू साहू कोल लेवी घोटाले मामले में रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं. उनपर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(बी) और आईपीसी की धारा 120बी और 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत दो अलग- अलग मामले दर्ज हैं. इनमें संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए उनके वकील द्वारा 2 जमानत याचिकाएं लगाई गई थीं, जिन पर 31 जनवरी 2025 को फैसला सुरक्षित रखा गया था. फिलहाल कोर्ट ने उन्हे राहत देने से इंकार कर दिया है.

पूर्व आईएएस रानू साहू के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज शिकायत के अनुसार, उनपर आरोप है कि उनके और उसके परिवार के पास आय से अधिक संपत्ति है. साथ ही, उसने सूर्यकांत तिवारी के कोयला लेवी सिंडिकेट की मदद की. यह सिंडिकेट कोयला डिलीवरी ऑर्डर पर परमिट जारी करने के लिए प्रति टन 25 रुपए की अवैध वसूली करता था. शिकायत में कहा गया कि 2015 से अक्टूबर 2022 तक आवेदक और उसके परिवार ने 24 अचल संपत्तियां खरीदीं. 2011 से 2022 तक उसे वेतन के रूप में 92 लाख रुपए मिले, जबकि उसने 3.93 करोड़ रुपए की संपत्तियां खरीदीं. इस आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई. इसके अलावा एक अन्य मामला भी दर्ज कराया गया है.

जानिए क्या है कोयला घोटाला मामला:

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी में 570 करोड़ रुपये की अवैध कोल लेवी वसूली का खुलासा हुआ था. ईडी का दावा है कि खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर बिश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को आदेश जारी कर कोल परिवहन में ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन कर दिया था, जिससे व्यापारियों से वसूली की जा सके. वहीं इस घोटाले का मास्टरमाइंड कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया है, जिसपर ED के अनुसार निलंबित उपसचिव सौम्या चौरसिया का हाथ था.

ईडी के मुताबिक सूर्यकांत तिवारी ने 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से अवैध रकम वसूलने के लिए एक सिंडिकेट बनाया था. व्यापारियों से अवैध रकम वसूलने के बाद ही उन्हें खनिज विभाग से पीट पास और परिवहन पास जारी किए जाते थे. इस मामले की जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों एवं व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

CGMSC घोटाला : EOW ने पांच अधिकारियों को किया गिरफ्तार, दो जीएम के अलावा हेल्थ विभाग के डिप्टी डायरेक्टर शामिल…

रायपुर- छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन (CGMSC) में करोड़ों के रीएजेंट खरीदी घोटाले में देर रात ईओडब्लू ने पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. इनमें सीजीएमएससी के दो जीएम के अलावा हेल्थ विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अनिल परसाई को भी गिरफ्तार किया है. मामले में रीएजेंट सप्लायर मोक्षित कार्पोरेशन के डायरेक्टर शाशांक चोपड़ा को ईओडब्लू पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. 

ईओडब्लू ने कल रात वसंत कौशिक, डॉ. अनिल परसाई, शिरौंद्र रावटिया, कमलकांत पाटनवार और दीपक बांधे को गिरफ्तार कर लिया. ईओडब्ल्यू ने यह कार्रवाई दो आईएएस समेत सीजीएमएससी और हेल्थ विभाग के दर्जन भर अधिकारियों को तलब कर लंबी पूछताछ करने के बाद की है. कुछ ही देर में इन्हें ईओडब्लू कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है.

बता दें कि कांग्रेस शासनकाल में स्वास्थ्य विभाग के CGMSC ने मोक्षित कॉरपोरेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की राजकोष को किस तरह से खाली किया है इस पूरे मामले को लेकर 660 करोड़ रुपए के गोल-माल को लेकर भारतीय लेखा एंव लेखापरीक्षा विभाग के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) आईएएस यशवंत कुमार ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार पिंगआ को पत्र लिखा था।

दो साल के ऑडिट में खुली थी पोल

लेखा परीक्षा की टीम की ओर से CGMSC की सप्लाई दवा और उपकरण को लेकर वित्त वर्ष 2022-24 और 2023-24 के दस्तावेज को खंगाला गया तो कंपनी ने बिना बजट आवंटन के 660 करोड़ रुपये की खरीदी की थी, जिसे ऑडिट टीम ने पकड़ लिया था. ऑडिट में पाया गया है कि पिछले दो सालों में आवश्यकता से ज्यादा खरीदे केमिकल और उपकरण को खपाने के चक्कर में नियम कानून को भी दरकिनार किया गया.

बिना जरूरत की हॉस्पिटलों को सप्लाई

प्रदेश के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सप्लाई की गई, जिनमें से 350 से अधिक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऐसे हैं, जिसमें कोई तकनीकी, जनशक्ति और भंडारण सुविधा उपलब्ध ही नहीं थी. ऑडिट टीम के अनुसार DHS ने स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाओं में बेसलाइन सर्वेक्षण और अंतर विश्लेषण किए बिना ही उपकरणों और रीएजेंट मांग पत्र जारी किया था.