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हिंदी के विकास में भोजपुरी, अवधी, ब्रज एवं बुंदेलखंडी के योगदान पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार 20 से

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय आगामी 20 एवं 21 मार्च 2025 को साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी के विकास में भोजपुरी, अवधी, ब्रज एवं बुंदेलखंडी भाषा के योगदान पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन कर रहा है। जिसमें देश के विभिन्न भाषा विशेषज्ञ विचार - मंथन करेंगे और स्थानीय भाषा एवं बोलियों के विकास को आगे बढ़ाने में साहित्य अकादमी के साथ मिलकर मुक्त विश्वविद्यालय एक नया मानक स्थापित करेगा।

हिंदी के जाने-माने विद्वान एवं उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत्यकाम ने बताया कि अवधी भाषा हिंदी के विकास में एक महत्वपूर्ण स्तंभ रही है। इसका योगदान अतुलनीय है। इसी प्रकार भोजपुरी की हिंदी भाषा को अन्तर्राष्ट्रीय लोकप्रियता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका है। विश्व के अनेक देशों फिजी, सूरीनाम, मॉरीशस, गुयाना आदि देशों में भोजपुरी अपना रंग बिखेर रही है । ब्रजभाषा हिंदी साहित्य की एक प्रमुख भाषा रही है। भाषाई योगदान के अंतर्गत ब्रजभाषा ने हिंदी को मधुरता और लालित्य प्रदान किया है। बुंदेलखंडी भाषा का भी हिंदी के विकास में अप्रतिम योगदान है। बुंदेलखंडी में रचित लोकगीत और लोक कथाएं हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण निधि हैं।

आचार्य सत्यकाम ने कहा कि इन सहभाषाओं द्वारा हिंदी भाषा को विविधता प्राप्त हुई है। अतः इन सह भाषाओं का सम्मान करते हुए उनके संरक्षण और विकास के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया किदो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन 20 मार्च को पूर्वाह्न 10:30 बजे मुख्य अतिथि जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ करेंगे। विषय प्रवर्तन प्रोफेसर बद्री नारायण, सदस्य, सामान्य परिषद, साहित्य अकादमी, नई दिल्ली तथा स्वागत भाषण के. श्रीनिवास राव, सचिव, साहित्य अकादमी, नई दिल्ली का होगा। अध्यक्षता उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत्यकाम करेंगे।

इसके साथ ही प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में अपराह्न 2:00 बजे से भोजपुरी का योगदान विषय पर विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर चंदन कुमार, प्रोफेसर प्रभाकर सिंह, अजीत सिंह तथा डॉ सत्य प्रकाश पाल विशिष्ट व्याख्यान देंगे। दूसरा सत्र अवधी के योगदान पर आधारित होगा। प्रथम दिवस को अपराह्न 4:00 बजे से आयोजित द्वितीय सत्र में विषय विशेषज्ञ रविनंदन सिंह, डॉ राजेश सिंह, प्रोफेसर राजेश गर्ग एवं डॉ सत्य प्रकाश त्रिपाठी विशिष्ट व्याख्यान देंगे। तृतीय सत्र 21 मार्च को पूर्वांचल 10:30 बजे से आयोजित होगा।

जिसमें ब्रजभाषा का योगदान पर विस्तृत विचार विमर्श होगा। जिसमें विशिष्ट वक्ता प्रोफेसर रामपाल गंगवार, प्रोफेसर हरि दत्त शर्मा तथा राजनाथ सिंह व्याख्यान देंगे। चतुर्थ सत्र द्वितीय दिवस को दोपहर 12:30 बजे से आयोजित होगा। जिसमें बुंदेलखंडी का योगदान पर विषय विशेषज्ञ प्रोफेसर मुन्ना तिवारी, प्रोफेसर पुनीत बिसारिया, तथा डॉ बहादुर सिंह परमार का व्याख्यान होगा। द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन सत्र 21 मार्च को अपराह्न 3:00 बजे से आयोजित किया जाएगा। समापन सत्र के मुख्य अतिथि राजेश लाल मेहरा, अध्यक्ष, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर होंगे तथा अध्यक्षता कुलपति आचार्य सत्यकाम करेंगे। कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर सत्यपाल तिवारी एवं प्रोफेसर एस कुमार ने बताया कि सरस्वती परिसर स्थित अटल प्रेक्षागृह में आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उक्त जानकारी जनसंपर्क अधिकारी डा. प्रभात चन्द्र मिश्र ने दी।

मुक्त शिक्षा के नए अवसर से शोध छात्र होंगे लाभान्वित- प्रोफेसर सत्यकाम

प्रयागराज।नेताजी सुभाष चंद्र बोस मुक्त विश्वविद्यालय, कोलकाता और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

इस समझौते के माध्यम से, दोनों विश्वविद्यालय एक दूसरे के साथ मिलकर शैक्षिक और अनुसंधान संबंधी गतिविधियों में सहयोग करेंगे और छात्रों और शिक्षकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे। इससे मुक्त शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने यह जानकारी दी।

इससे पूर्व गुरुवार को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम का कोलकाता मुक्त विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रोफेसर इन्द्रजीत लाहिरी ने स्वागत एवं अभिनंदन किया। विचार विमर्श के दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के बीच शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में एम ओ यू करने पर परस्पर सहमति बनी।दोनों विश्वविद्यालयों के बीच फैकल्टी एक्सचेंज एवं एस एल एम आदान-प्रदान करने पर सहमति बनी।

उपरोक्त सभी कार्यों के संबंध में औपचारिकताएं बाद में पूर्ण की जाएगी। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने सूचना प्रौद्योगिकी के नए स्वरूप को देखते हुए कोलकाता मुक्त विश्वविद्यालय की आईटी टीम से भी अत्याधुनिक तकनीक के बारे में विचार विमर्श किया। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने इस अवसर पर सभी को रंगपर्व होली की शुभकामनाएं प्रेषित की। उक्त जानकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र

जनसंपर्क अधिकारी ने दी।

एक दूजे के हुए 255 जोड़े

विश्वनाथ प्रताप सिंह

कोरांव प्रयागराज। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को कोराव बाजार स्थित अनसूया विवाह घर में आयोजित किया गया। जिसमें 255 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया, एक मुस्लिम जोड़े ने भी निकाह कबूल किया ।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं वर व कन्या पक्ष के लोग सुबह से ही आकर डटे रहे। 11 बजे तक सभी जोड़े कतारबद्ध हो गए थे। विधायक राजमणि कोल ने गणेश जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सामूहिक विवाह में कोराव से सर्वाधिक 168 जोड़े, मांडा 45, उरूवा 13,मेजा 29 का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह व निकाह संपन्न हुआ। इस मौके पर खण्ड विकास अधिकारी मनोज कुमार सिंह, एडीओ समाज कल्याण मोहम्मद आरिफ, एडीओ पंचायत विवेक कुमार मिश्रा, एडीओ आईएसबी रामेश्वर सिंह, सहित बर व कन्या पक्ष के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन बबलू सिंह बहियारी ने किया।

क्षेत्र पंचायत सदस्य के साथ नहीं किया हूं सौतेला व्यवहार - मुकेश कोल

विश्वनाथ प्रताप सिंह

कोरांव प्रयागराज। अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी क्षेत्र पंचायत सदस्य के साथ सौतेला व्यवहार नहीं किया हूं, सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों के क्षेत्र में विकास कार्य भी कराए गए हैं। यह बातें ब्लॉक प्रमुख मुकेश कोल ने भागीरथी गार्डन में आयोजित क्षेत्र पंचायत कोरांव की बैठक को संबोधित करने के दौरान कही। बैठक की अध्यक्षता कर रहे ब्लॉक प्रमुख मुकेश कोल ने सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों से प्रस्ताव सुझाव व शिकायतें आमंत्रित किया। जिसके तहत क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने प्रस्ताव सुझाव भी दिए। उन्होंने विकास के नए प्रस्तावो को शामिल करने हेतु सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों को आश्वासन दिया। क्षेत्र पंचायत की बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य अरुण कुमार चतुर्वेदी उर्फ पिंटू चौबे ने क्षेत्रीय समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साधन सहकारी समितियां जिनको ब्लॉक एवं संबंधित सभी विभागीय स्तर से बिल्कुल बंद करने की कवायद होनी चाहिए। उन्होंने गर्मी के दिनों में पेयजल संकट से निपटने हेतु पहले से ही व्यवस्थाएं बना लेने की बात कही।

इसी तरह जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजेश पटेल ने विभागीय अनुदान योजनाओं की जानकारी न मिलने व क्षेत्र पंचायत सदस्यों तथा ग्राम प्रधानों को किसी भी विभाग में सृजित किए गए नए पदों के बारे में जानकारी न देने पर नाराजगी जाहिर करते हुए अफसरो खरी खोटी सुनाई और भविष्य में जनप्रतिनिधियों के सम्मान का ध्यान रखने की नसीहत दी। इसी तरह एमएलसी मानसिंह यादव के प्रतिनिधि यादवेंद्र अहीर ने कहा कि जो भी प्रस्ताव एमएलसी के आए हैं उन तक पहुंचाने का काम करूंगा। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि दीपक पटेल ने भी जन समस्याओं को उठाया। खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार सिंह विकास योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी सहायक विकास अधिकारी पंचायत में संबोधित कर ग्राम प्रधानों व अन्य कर्मचारियों के कार्य दायित्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिक्षा विभाग से एआरपी अवधेश मिश्रा, सिंचाई विभाग से जिलेदार महेश कुमार, बाल विकास से मधु गुप्ता, पशु चिकित्सक डॉ संजीव सिंह आदि ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम को क्षेत्र पंचायत सदस्य उमाशंकर सिंह, अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश मंत्री दिलीप सोनी, रमाकांत सिंह, देवराज सिंह, गणेश शंकर तिवारी आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन एडीओ आईएसबी रामेश्वर सिंह ने किया।

पवित्र ग्रंथ गीता ही मानव जीवन के कर्तव्यों को चरित्रार्थ करती है :जिला मंत्री राजेश तिवारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।पवित्र ग्रंथ गीता ही मानव जीवन के कर्तव्यों को चरित्रार्थ करती है यह अभिव्यक्ति एशोसिएशन बोरिंग टेक्नीशियन प्रयागराज के जिला मंत्री राजेश तिवारी ने श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर फूलपुर भईयां मेजा प्रयागराज के भण्डारी अमरेश चन्द्र दुबे से श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर फूलपुर भईयां मेजा प्रयागराज के प्रांगण में कही।गौरतलब हो जिला मंत्री एवं श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर फूलपुर भईयां मेजा के भण्डारी श्री दुबे के बीच बहुत ही घनिष्ठतम आध्यात्मिक सम्बन्ध हैं और दोनों ही सम्भ्रान्त जन कर्मक्षेत्र से एक दूसरे के गुरुभाई भी हैं।

जिला मंत्री महान ईश्वरभक्तों में से एक हैं एवं जिला मंत्री ईश्वर भक्ति में लीन व्यक्तियों का बहुत ही सम्मान करते हैं।जिला मंत्री एक विशेष कार्य से भईयां मेजा प्रयागराज की ओर पधारे हुए थे इसी दरमियान दोनों ही सम्भ्रान्त जनों की आपसी सौहार्दपूर्ण भेंटवार्ता हुई।आपसी सौहार्दपूर्ण साहित्यिक परिचर्चा के दौरान जिला मंत्री ने अपने उद्बोधन कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता ही मानव जीवन के कर्तव्यों को चरित्रार्थ करती है क्योंकि पवित्र ग्रंथ गीता मानव जीवन के लिए अमृत के समान है जो व्यक्ति गीता में दिखलाए गए मार्गों का अनुशरण कर अपना जीवन व्यतीत करता है तो निश्चित ही वह मनुष्य मोक्ष को प्राप्त होता है इसमें कोई संशय नही है। भगवान श्रीकृष्ण सम्पूर्ण जगत के जीव जन्तुओं का पालन पोषण करते है एवं उनकी हर समय रक्षा करते रहते हैं उन्हें भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है।

ईश्वर को केवल सत्य एवं न्याय ही अत्यन्त प्रिय है।ईश्वर को प्रसन्न करने का मात्र एक ही उपाय है कि सत्य एवं न्याय के पथ पर चलकर सच्ची श्रद्धा,प्रेम एवं समर्पण के भाव से ईश्वर के प्रति समर्पित रहे एवं प्रभू श्रीकृष्ण द्वारा उपदेशित पवित्र ग्रंथ गीता के मार्गों का अनुशरण करते रहे तो ईश्वर आपके ऊपर हर समय प्रसन्न रहेंगे।मानव जीवन का मूल अर्थ यह है कि सदैव सत्य एवं न्याय पथगामी हो दया,प्रेम,परोपकार एवं सहानुभूति को अपने हृदय में अभिसिंचित कर अपने प्राप्त मानव जीवन को परिपूर्ण करते हुए मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करना है और इस भाव से जो मनुष्य अपना जीवन जीता है तो उसके ऊपर प्रभू श्रीकृष्ण की कृपा निरन्तर बनी रहती है।

जिला मंत्री ने आगे अपने व्यक्तव्य में यह भी कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता ही मानव जीवन के उद्धार की जननी है,जिस मनुष्य के कर्तव्य पवित्र ग्रंथ गीता पथ पर हैं उसी का जीवन बननी है।इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी पं० शेषमणि शुक्ला ने कहा कि जिला मंत्री द्वारा पवित्र ग्रंथ गीता की महिमा का वर्णन बहुत ही सुन्दर एवं सार्वभौमिक सत्यता में वर्णन किया गया है।वास्तव में पवित्र ग्रंथ गीता में उपदेशित तथ्यों का परिपालन कर मनुष्य मोक्ष के द्वार पर पहुँच सकता है।इस साहित्यिक एवं आध्यात्मिक परिचर्चा के दौरान जिला मंत्री के साथ वरिष्ठ समाजसेवी पं० शेषमणि शुक्ला,श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर फूलपुर भईयां के भण्डारी अमरेश चन्द्र दुबे,समाजसेवी हरिश्चन्द्र तिवारी,हिन्दू महासभा महामंत्री राकेश तिवारी,शिक्षाविद कमलेश पाण्डेय एवं शिक्षाविद राम प्रसाद पटेल सहित आस पास बहुत से लोग मौजूद रहे।

एनएसएस के शिविर में साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

विश्वनाथ प्रताप सिंह

कोरांव प्रयागराज।बलराम महाविद्याल सिरहिर, मेजा, प्रयागराज के राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के चतुर्थ दिवस में साइबर अपराध के रोकधाम हेतु ग्रामीणों को जागरूक किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में शिविर में चयनित ग्राम मोजर, पटेहरा, मेजा में स्वयंसेवकों के साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की तथा महाकुम्भप्रयागराज 2025 के आध्यमिक महत्व की जानकारी दी गयी। महाविद्यालय प्राचार्य ने अपने उ‌द्बोधन में बताया कि स्नान पर्व भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के साक्षी है। सोशल मीडिया की उपयोगिता एवं इसके दुरपयोग से बचने हेतु ग्रामीणों को जागरुक किया गया एवं साइबर अपराध को रोकने हेतु विभिन्न उपायों को भी बताया।इस मौके पर डॉ वीरेन्द्र प्रताप सिंह, बृजेश कुमार, आशीष पाण्डेय व अन्य शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

एनएसएस के शिविर में साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

विश्वनाथ प्रताप सिंह

कोरांव प्रयागराज।बलराम महाविद्याल सिरहिर, मेजा, प्रयागराज के राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के चतुर्थ दिवस में साइबर अपराध के रोकधाम हेतु ग्रामीणों को जागरूक किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में शिविर में चयनित ग्राम मोजर, पटेहरा, मेजा में स्वयंसेवकों के साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की तथा महाकुम्भप्रयागराज 2025 के आध्यमिक महत्व की जानकारी दी गयी। महाविद्यालय प्राचार्य ने अपने उ‌द्बोधन में बताया कि स्नान पर्व भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के साक्षी है। सोशल मीडिया की उपयोगिता एवं इसके दुरपयोग से बचने हेतु ग्रामीणों को जागरुक किया गया एवं साइबर अपराध को रोकने हेतु विभिन्न उपायों को भी बताया।इस मौके पर डॉ वीरेन्द्र प्रताप सिंह, बृजेश कुमार, आशीष पाण्डेय व अन्य शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

उप्र : प्रयागराज में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई पहल: वर्षभर पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना

संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के संगम नगरी प्रयागराज, जो विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन महाकुंभ का आयोजन करती है, अब पर्यटकों को वर्षभर आकर्षित करने के लिए तैयार है। यहां यमुना नदी के किनारे वाटर लेजर शो और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर फसाड लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। यह योजनाएं 5 वर्षों तक जारी रहेंगी ताकि पर्यटकों को इस ऐतिहासिक नगर की विशिष्टता और सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव मिल सके।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में तीव्र विकास कर रहा है और राज्य घरेलू पर्यटन के मामले में सबसे अधिक पर्यटकों को आकर्षित करता है। अब, विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

महाकुंभ के दौरान यमुना नदी के किनारे काली घाट पर शुरू किया गया वाटर लेजर शो पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। इस शो में पानी की स्क्रीन पर प्रयागराज और महाकुंभ की ऐतिहासिक गाथाओं को जीवंत तरीके से प्रदर्शित किया गया। शो के दृश्य और ध्वनि ने श्रद्धालुओं को महाकुंभ के गौरवमयी अतीत में खो जाने का अवसर प्रदान किया।

अब, पर्यटकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए यह शो 5 वर्षों तक जारी रहेगा, और हर शाम 7:00 बजे से 7:45 बजे तक दो शो आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रयागराज के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे कि अलोपी मंदिर और नागवासुकी मंदिर पर लगाए गए फसाड लाइटिंग को भी 5 वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

जयवीर सिंह ने यह भी बताया कि विभाग का उद्देश्य सिर्फ कुंभ मेले के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्षभर प्रयागराज को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। पर्यटकों को यहां के पौराणिक और आध्यात्मिक स्थलों का दौरा करने के लिए आकर्षित किया जाएगा, और इसके लिए पर्यटन सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है।

पवित्र ग्रंथ गीता ही मानव जीवन के कर्तव्यों को चरित्रार्थ करती है जिला मंत्री राजेश तिवारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह,पवित्र ग्रंथ गीता ही मानव जीवन के कर्तव्यों को चरित्रार्थ करती है यह अभिव्यक्ति एशोसिएशन बोरिंग टेक्नीशियन प्रयागराज के जिला मंत्री राजेश तिवारी ने श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर फूलपुर भईयां मेजा प्रयागराज के भण्डारी अमरेश चन्द्र दुबे से श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर फूलपुर भईयां मेजा प्रयागराज के प्रांगण में कही।गौरतलब हो जिला मंत्री एवं श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर फूलपुर भईयां मेजा के भण्डारी श्री दुबे के बीच बहुत ही घनिष्ठतम आध्यात्मिक सम्बन्ध हैं और दोनों ही सम्भ्रान्त जन कर्मक्षेत्र से एक दूसरे के गुरुभाई भी हैं।

जिला मंत्री महान ईश्वरभक्तों में से एक हैं एवं जिला मंत्री ईश्वर भक्ति में लीन व्यक्तियों का बहुत ही सम्मान करते हैं।जिला मंत्री एक विशेष कार्य से भईयां मेजा प्रयागराज की ओर पधारे हुए थे इसी दरमियान दोनों ही सम्भ्रान्त जनों की आपसी सौहार्दपूर्ण भेंटवार्ता हुई।आपसी सौहार्दपूर्ण साहित्यिक परिचर्चा के दौरान जिला मंत्री ने अपने उद्बोधन कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता ही मानव जीवन के कर्तव्यों को चरित्रार्थ करती है क्योंकि पवित्र ग्रंथ गीता मानव जीवन के लिए अमृत के समान है जो व्यक्ति गीता में दिखलाए गए मार्गों का अनुशरण कर अपना जीवन व्यतीत करता है तो निश्चित ही वह मनुष्य मोक्ष को प्राप्त होता है इसमें कोई संशय नही है। भगवान श्रीकृष्ण सम्पूर्ण जगत के जीव जन्तुओं का पालन पोषण करते है एवं उनकी हर समय रक्षा करते रहते हैं उन्हें भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है।ईश्वर को केवल सत्य एवं न्याय ही अत्यन्त प्रिय है।

ईश्वर को प्रसन्न करने का मात्र एक ही उपाय है कि सत्य एवं न्याय के पथ पर चलकर सच्ची श्रद्धा,प्रेम एवं समर्पण के भाव से ईश्वर के प्रति समर्पित रहे एवं प्रभू श्रीकृष्ण द्वारा उपदेशित पवित्र ग्रंथ गीता के मार्गों का अनुशरण करते रहे तो ईश्वर आपके ऊपर हर समय प्रसन्न रहेंगे।मानव जीवन का मूल अर्थ यह है कि सदैव सत्य एवं न्याय पथगामी हो दया,प्रेम,परोपकार एवं सहानुभूति को अपने हृदय में अभिसिंचित कर अपने प्राप्त मानव जीवन को परिपूर्ण करते हुए मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करना है और इस भाव से जो मनुष्य अपना जीवन जीता है तो उसके ऊपर प्रभू श्रीकृष्ण की कृपा निरन्तर बनी रहती है।जिला मंत्री ने आगे अपने व्यक्तव्य में यह भी कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता ही मानव जीवन के उद्धार की जननी है,जिस मनुष्य के कर्तव्य पवित्र ग्रंथ गीता पथ पर हैं उसी का जीवन बननी है।

इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी पं० शेषमणि शुक्ला ने कहा कि जिला मंत्री द्वारा पवित्र ग्रंथ गीता की महिमा का वर्णन बहुत ही सुन्दर एवं सार्वभौमिक सत्यता में वर्णन किया गया है।वास्तव में पवित्र ग्रंथ गीता में उपदेशित तथ्यों का परिपालन कर मनुष्य मोक्ष के द्वार पर पहुँच सकता है।इस साहित्यिक एवं आध्यात्मिक परिचर्चा के दौरान जिला मंत्री के साथ वरिष्ठ समाजसेवी पं० शेषमणि शुक्ला,श्रीकृष्ण प्रणामी मन्दिर फूलपुर भईयां के भण्डारी अमरेश चन्द्र दुबे,समाजसेवी हरिश्चन्द्र तिवारी,हिन्दू महासभा महामंत्री राकेश तिवारी,शिक्षाविद कमलेश पाण्डेय एवं शिक्षाविद राम प्रसाद पटेल सहित आस पास बहुत से लोग मौजूद रहे।

महाकुंभ में ग्रहणियों का प्रबंध सर्वोत्तम रहा : डॉ रश्मि शुक्ला

विश्वनाथ प्रताप सिंह, प्रयागराज सामाजिक सेवा एवं शोध संस्थान ने महाकुंभ पर्व पर ग्रहणियों द्वारा किए गए श्रम से धन से और समय की आहुति करने वाली ग्रहणियों को सम्मानित किया।इस अवसर पर सामाजिक सेवा एवं संस्थान की अध्यक्ष डॉ रश्मि ने कहा को कहि सकइ प्रयाग प्रभाऊ।गंगा यमुना एवं सरस्वती के संगम पर विराजित प्रयाग सभ्यता के उषाकाल से ही भारतीय संस्कृति का अमर वाहक और आधार स्तंभ रहा है। यह हमारे राष्ट्र और संस्कृति की पहचान, प्रतीक व पुरातन परंपरा का निर्वाहक रहा है।

बेंगलुरु से आई श्रीमती स्निग्धा जी जो की सूर्य आसन के द्वारा अपको गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स नाम दर्ज किया गया है और अनेक सम्मान से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज को शास्त्रों में तीर्थराज की उपाधि से अलंकृत किया गया है।यह हमारी संस्कृति अस्मिता वह मूल्य का संरक्षक संवर्धन व पोषक रहा है। इसीलिए यहाँ की प्रत्येक ग्रहणियां बहुत ही पूजनीय हैं। यहाँ धर्म एवं संस्कृति का अनूठा इतिहास छिपा है सनातन गर्व,पर्व राज महाकुंभ में ग्रहणियों ने विशेष योगदान दिया।अतिथियों का स्वागत करने में वह पीछे नहीं हटी इनका यह सहयोग हमेशा याद किया जाएगा।बड़े ही भक्ति भाव से सभी अतिथियों का ग्रहणियों ने स्वागत किया कहा भी गया है जो भक्तिमान व्यक्ति प्रयागराज में स्नान करता है वह सभी पूर्ण को प्राप्त करता है और,नर श्रेष्ठ उत्तम पुरुष वह प्रयागराज का फल प्राप्त करता है।

यह महाकुंभ जनसमुद्र सनातन के ध्वजवाहक अखाड़े की संस्कृतियों का संगम,एकता का महाकुंभं दिव्यता- भव्यता से युक्त कुंभ था।सबको निहाल करने वाला कुंभ था। यह सुरक्षित कुंभ,स्वस्थ्य महाकुंभ, स्वच्छ महाकुंभ,सुगम्य महाकुंम्भ,सर्व सुविधा से युक्त महाकुंभ,डिजिटल महाकुंभ,तकनीकी का महाकुंभ और पहली बार अस्थाई नगर के लिए गूगल नेविगेशन का महाकुंभ रहा। महाकुंभ 2025,45 दिन तक चलने वाला महाकुंभ के शुभ पवित्र अवसर पर प्रयागराज की ग्रहणियों ने सभी स्नार्थियों को भोजन कराया स्वागत किया स्नान कराया हर प्रकार का सहयोग दिया।इस सहयोग की चर्चा कहीं भी नहीं हुई परंतु सामाजिक सेवा एवं शोध संस्थान ने ग्रहणियों द्वारा किए गए सेवा भाव श्रम को समझा और सम्मानित किया।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ रश्मि शुक्ला ने कहा कि कोई घर प्रयागराज में ऐसा नहीं था जहाँ पर अतिथि का आना-जाना ना रहा हो।किसी-किसी घर में तो एक दिन में 50से 60 स्नान करने भक्त आए सभी को भोजन और ग्रहणियों ने स्नान करवाया 45 दिन बहुत व्यस्त रहीं उन्होंने अपनी सब सुख सुविधाओं को त्याग दिया। आज हम सब जब मिले तो सभी के चेहरे पर उत्साह है सब ने कहा हमारे तो भाग्य खुल गए प्रयागराज में महाकुंभ हुआ।यह सनातन गर्व का महाकुंभ पर्व है सबने अपने-अपने अनुभव बताएं। प्रमुख स्नान पर्व पर बहुत घर में अतिथि रहें। हमारे घर में बहुत ही चहल पहल रही वह लोग भी आए जिनको देखे बरसों हो गए थे। एकता ने कहा जब अतिथि घर से जाते तो बहुत ही भावुक हो आशीर्वाद देते।सोनम ने कहा जैसे ग्रह में सूर्य तथा नक्षत्र में चंद्रमा है वैसे ही तीर्थ में प्रयाग सर्वोत्तम है और यह मेरा सौभाग्य है हम प्रयागवासी हैं। इस शुभ अवसर पर हम लोगों ने सनातन परंपरा का निर्वाह किया संगम पर सबको डुबकी लगवाई एक अद्भुत अनुभव हुआ।अर्चना ने कहा जब अतिथि घर पर आते थे तो उन्हीं के बहाने हमने भी अनेक को बार संगम में डुबकी लगा लेते।

संतो को देखा अनेक अखाड़े के संत पुरुषों का दर्शन किया।नीलू ने कहा कि जब हम अतिथि को स्नान करने ले जाते थे गंगा मैया की जय जयकार करते चले जाते थे रास्ता का पता ही नहीं चलता था।नीरजा ने कहा मैं अस्वस्थ थी फिर भी मुझे बहुत स्नान करने में अच्छा लगा हमने कल्पवासियों का ध्यान रखा। रेत को अपने आंचल में रखकर गठिया लिया नागा साधुओं के दर्शन किए।मेघा ने कहा दुनिया भर के संस्कृति प्रेमी एक तट पर इस दुर्लभ घड़ी का साक्षी बनने के लिए मैं अपने घर में आए अतिथियों की बहुत ही आभारी हूँ। विनीता ने कहा संगम किनारे मैंने दान पुण्य किया रेती पर बैठकर पूजाअर्चना किया दान दक्षिणा देकर अपने और ईस्ट जनों के साथ मनोरथ पूरे होने की कामना की।जूही ने कहा हमने अपने परिवार और संबंधियों के साथ एक साथ संगम में अमृत स्नान किया वहाँ हमने कई देशों के श्रद्धालु और भारतीय जनमानस के साथ घुल मिलकर रहना देखा।महाकुंभ नगर में एकता का महाकुंभ नजर आया।यहां भारत की सनातन संस्कृति से अद्भुत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ पहुँच कर गंगा स्नान किया।श्रुति ने कहा कोई भी दिन शायद ऐसा बीता हो जब मैं मेले में ना गई हूं वहाँ पर लोग बम बम भोले गंगा मैया की जय के जयकारा लगाते हुए उत्साह में झूमते नजर आते थे ।

कई देशों के नागरिक भारतीय संस्कृति को अनुभव कर रहे थे विदेशी श्रद्धालु भारत की स्नातक संस्कृति से गहरे प्रभावित हुए और परिवार के साथ गंगा में स्नान किया विनीता ने कहा मेरे एक अतिथि ने कहा मुझे यहां की ऊर्जा बहुत शांत और सुकून देने वाली लगती है और हर कोई बहुत दोस्ताना सा लगता है यहाँ आकर बहुत अच्छा लग रहा है यह एक बड़े मंदिर जैसा लगता है मैं यहां की व्यवस्था और स्वच्छता देखकर चकित हो गयी। हाथ पकड़ कर आंचल पड़कर चलना मैं सीख लिया। सभी ने भजन खुशी-खुशी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की कामना करते हुए एक दूसरे को गले मिलकर शुभकामना दी। धन्यवाद ज्ञापन जया ने दिया।