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NCP के दोनों गुटों का होने वाला था विलय, डेट भी था फाइनल? अजीत पवार के निधन के बाद बड़ा खुलासा

#mergeroftwoncpfactionswasscheduled

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राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी NCP के दोनों धड़े एक होने वाले था। शरद पवार और अजित पवार ने इसके लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। मर्जर का डेट भी तय कर लिया गया था। एक भव्‍य कार्यक्रम में NCP शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के एक होने की जानी बाकी थी। अजित पवार के निधन के बाद ये चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।

किरण गुजर का बड़ा दावा

अजित पवार के निधन के बाद से ही उनके राजनीतिक विरासत को लेकर अलग-अलग तरह से कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच अब उनके एक करीबी ने ये बड़ा खुलासा किया है। दिवंगत अजित पवार के करीबी किरण गुजर ने दावा किया कि "वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय के लिए उत्सुक थे, और यह जल्द ही होने वाला था।" दिग्गज नेता के निधन के दो दिन बाद किरण गुजर ने बताया कि उनसे यह बात खुद अजित पवार ने साझा की थी।

विलय पर बातचीत उन्नत चरण में

एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शशिकांत शिंदे ने भी इस बात की पुष्टि कि दोनों गुटों के विलय को लेकर जारी बातचीत उन्नत चरण में है। यह बातचीत इस बिंदु तक पहुंच गई है कि संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने पर अनौपचारिक रूप से विचार किया जा रहा है।

शरद पवार के घर हुई थी बैठक

जयंत पाटिल ने कहा, "हाल के दिनों में हम (दोनों गुट) अक्सर मिलते रहे थे। 16 जनवरी को मेरे आवास पर मिले थे ताकि साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सके। 17 जनवरी को शरद पवार के घर पर एक बैठक हुई थी। दोनों गुटों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी।”

क्या महाराष्ट्र में होने वाला है बड़ा “खेला”? एनसीपी शरद गुट का कांग्रेस में विलय की अटकलें

#Sharad_Pawar_NCP_Congress_Merger

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महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर करवट लेती नजर आ रही है।लोकसभा चुनाव से पहले शरद पवार की एनसीपी की कांग्रेस में विलय को लेकर अटकलें लगाई जा रही है। इसको लेकर महाराष्ट्र राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।हालांकि इन चर्चाओं के बीच शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यह गलत खबर है।

महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में शरद पवार गुट की एनसीपी के कांग्रेस में विलय की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, दावा किया जा रहा है कि शरद पवार ने अपने विधायकों और सांसदों की पुणे में तत्काल बैठक बुलाई है। इस बैठक में बड़ा निर्णय लेने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि, अभी तक कांग्रेस या शरद पवार के गुट की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

बैठक में शामिल सांसद अमोल कोल्हे ने कहा कि एनसीपी शरद पवार समूह के कांग्रेस पार्टी में विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। एनसीपी नेता प्रशांत जगताप और अनिल देशमुख ने भी इस बैठक के बाद कहा की एनसीपी विलय की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। हम अलग चुनाव चिन्ह के साथ लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, हम महाविकास अघाड़ी से एनसीपी के तौर पर लड़ेंगे। एनसीपी शरद गुट ने कहा है कि हमारा चुनाव चिन्ह अभी तय नहीं हुआ है लेकिन हमारा कांग्रेस के साथ कोई विलय नहीं होने जा रहा है।

सूत्रों के हवाले से ये जानकारी आई है कि एनसीपी शरद गुट का विलय राज्यसभा चुनाव के बाद होगा। दरअसल, अजित पवार ने एनसीपी में बगावत करने के बाद पूरी पार्टी पर ही कब्जा कर लिया है। यहां तक कि चुनाव चिन्ह भी उन्हें ही मिल गया है। ऐसे में शरद पवार एक तरह से खाली हाथ रह गए हैं। जिसके बाद से कांग्रेस में शरद गुट के विलय को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

अगर शरद पवार गुट का विलय कांग्रेस में होता है तो लोकसभा चुनाव से पहले यह कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी राहत की बात होगी, क्योंकि हाल के समय में पार्टी को तीन बड़े झटके लग चुके हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पूर्व मंत्री बाबा जियाउद्दीन सिद्दीकी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा कांग्रेस का साथ छोड़ चुके हैं। अशोक चव्हाण बीजेपी में शामिल हुए हैं, जबकि बाबा सिद्दीकी ने एनसीपी (अजीप पवार गुट) और मिलिंद देवड़ा ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है।

बता दें कि शरद पवार ने कांग्रेस से निष्कासन के बाद 1999 में पूर्व लोकसभा स्पीकर दिवंगत पी. संगमा और तारिक अनवर के साथ एनसीपी का गठन किया था।

NCP के दोनों गुटों का होने वाला था विलय, डेट भी था फाइनल? अजीत पवार के निधन के बाद बड़ा खुलासा

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राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी NCP के दोनों धड़े एक होने वाले था। शरद पवार और अजित पवार ने इसके लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। मर्जर का डेट भी तय कर लिया गया था। एक भव्‍य कार्यक्रम में NCP शरद पवार गुट और अजित पवार गुट के एक होने की जानी बाकी थी। अजित पवार के निधन के बाद ये चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।

किरण गुजर का बड़ा दावा

अजित पवार के निधन के बाद से ही उनके राजनीतिक विरासत को लेकर अलग-अलग तरह से कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच अब उनके एक करीबी ने ये बड़ा खुलासा किया है। दिवंगत अजित पवार के करीबी किरण गुजर ने दावा किया कि "वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय के लिए उत्सुक थे, और यह जल्द ही होने वाला था।" दिग्गज नेता के निधन के दो दिन बाद किरण गुजर ने बताया कि उनसे यह बात खुद अजित पवार ने साझा की थी।

विलय पर बातचीत उन्नत चरण में

एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शशिकांत शिंदे ने भी इस बात की पुष्टि कि दोनों गुटों के विलय को लेकर जारी बातचीत उन्नत चरण में है। यह बातचीत इस बिंदु तक पहुंच गई है कि संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने पर अनौपचारिक रूप से विचार किया जा रहा है।

शरद पवार के घर हुई थी बैठक

जयंत पाटिल ने कहा, "हाल के दिनों में हम (दोनों गुट) अक्सर मिलते रहे थे। 16 जनवरी को मेरे आवास पर मिले थे ताकि साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सके। 17 जनवरी को शरद पवार के घर पर एक बैठक हुई थी। दोनों गुटों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी।”

क्या महाराष्ट्र में होने वाला है बड़ा “खेला”? एनसीपी शरद गुट का कांग्रेस में विलय की अटकलें

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महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर करवट लेती नजर आ रही है।लोकसभा चुनाव से पहले शरद पवार की एनसीपी की कांग्रेस में विलय को लेकर अटकलें लगाई जा रही है। इसको लेकर महाराष्ट्र राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।हालांकि इन चर्चाओं के बीच शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यह गलत खबर है।

महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में शरद पवार गुट की एनसीपी के कांग्रेस में विलय की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, दावा किया जा रहा है कि शरद पवार ने अपने विधायकों और सांसदों की पुणे में तत्काल बैठक बुलाई है। इस बैठक में बड़ा निर्णय लेने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि, अभी तक कांग्रेस या शरद पवार के गुट की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

बैठक में शामिल सांसद अमोल कोल्हे ने कहा कि एनसीपी शरद पवार समूह के कांग्रेस पार्टी में विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। एनसीपी नेता प्रशांत जगताप और अनिल देशमुख ने भी इस बैठक के बाद कहा की एनसीपी विलय की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। हम अलग चुनाव चिन्ह के साथ लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, हम महाविकास अघाड़ी से एनसीपी के तौर पर लड़ेंगे। एनसीपी शरद गुट ने कहा है कि हमारा चुनाव चिन्ह अभी तय नहीं हुआ है लेकिन हमारा कांग्रेस के साथ कोई विलय नहीं होने जा रहा है।

सूत्रों के हवाले से ये जानकारी आई है कि एनसीपी शरद गुट का विलय राज्यसभा चुनाव के बाद होगा। दरअसल, अजित पवार ने एनसीपी में बगावत करने के बाद पूरी पार्टी पर ही कब्जा कर लिया है। यहां तक कि चुनाव चिन्ह भी उन्हें ही मिल गया है। ऐसे में शरद पवार एक तरह से खाली हाथ रह गए हैं। जिसके बाद से कांग्रेस में शरद गुट के विलय को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

अगर शरद पवार गुट का विलय कांग्रेस में होता है तो लोकसभा चुनाव से पहले यह कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी राहत की बात होगी, क्योंकि हाल के समय में पार्टी को तीन बड़े झटके लग चुके हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पूर्व मंत्री बाबा जियाउद्दीन सिद्दीकी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा कांग्रेस का साथ छोड़ चुके हैं। अशोक चव्हाण बीजेपी में शामिल हुए हैं, जबकि बाबा सिद्दीकी ने एनसीपी (अजीप पवार गुट) और मिलिंद देवड़ा ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है।

बता दें कि शरद पवार ने कांग्रेस से निष्कासन के बाद 1999 में पूर्व लोकसभा स्पीकर दिवंगत पी. संगमा और तारिक अनवर के साथ एनसीपी का गठन किया था।