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जंतर मंतर पर अब नहीं होगा धरना-प्रदर्शन, सरकार ने प्रोटेस्ट के लिए तय किए तीन नए स्थल

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दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन नहीं होगा। इसके बजाय तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है। सरकार का यह फैसला तब सामने आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर मंतर जाने की कॉकरोच जनता पार्टी मांग कर रही है।

धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान

आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के तौर पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के वास्ते एक समिति गठित की थी। आदेश में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों के तौर पर तय किया गया है।

प्रदर्शन के लिए अलग से जारी होगी प्रक्रिया

दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। यानी प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी बाद में दी जाएगी। फिलहाल आदेश में नए नियमों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए प्रदर्शन से जुड़ी शर्तों, अनुमति लेने की प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में अलग आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिलेगी।

विपक्ष के प्रदर्शन के बीच फैसला

दिल्ली पुलिस का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय राजधानी में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी इंडिया गठबंधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को कहा कि वह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए दिल्ली पुलिस को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय देगी क्योंकि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखे हुए है।

इंडिया गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट मार्च आज, छह मेट्रो स्टेशन बंद

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चुनाव आयोग में कथित अनियमितता को लेकर विपक्ष लामबंद दिख रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली में आंदोलन हो रहा है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन अपनी मांग को लेकर लगातार सड़कों पर है। आज फिर दिल्ली में इंडिया ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च प्रस्तावित है।

राहुल गांधी की युवाओं से प्रोटेस्ट में भाग लेने की अपील

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बड़ी संख्या में देश के लोगों और युवाओं से इस प्रोटेस्ट में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा, तमाम विपक्षी दल, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोग इस मार्च में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि संविधान के साथ खड़े सभी लोग इस पहल का हिस्सा बनेंगे।

राहुल गांधी ने डरो मत का नारा भी दिया

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये लोग भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि विपक्ष डरने वाला नहीं है और सरकार को पीछे हटना होगा। राहुल गांधी ने लिखा कि सभी लोग मोहब्बत, भाईचारे और देशभक्ति की भावना के साथ एक साथ मार्च करेंगे। राहुल गांधी ने अपने संदेश में 'डरो मत' का नारा भी दिया और कहा कि सोमवार को पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा।

इंडिया ब्लॉक के मार्च में कौन-कौन से नेता होंगे शामिल?

प्रस्तावित मार्च में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हो सकते हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में यह मार्च सुप्रीम कोर्ट तक निकाला जाना है। इसमें तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वाम दलों, आरजेडी, एनसीपी (एसपी), नेशनल कॉन्फ्रेंस, वीसीके और आईयूएमएल के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। केरल के कुछ क्षेत्रीय दल भी मार्च में हिस्सा ले सकते हैं। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है।

मार्च से पहले सुरक्षाबल मुस्तैद

दिल्ली में आज सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के पास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। यहां दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी भी तैनात हैं। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए इन इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। हालांकि, विरोध मार्च में शामिल होने वाले नेताओं की संख्या, मार्च के निर्धारित मार्ग और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

दिल्ली के 6 मेट्रो स्टेशन आज रहेंगे बंद

विपक्षी दलों के मार्च को देखते हुए आज सुबह 6 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन, मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन, बाराखंभा रोड मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे।

CJP का आज फिर जंतर-मंतर मार्च, अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई

#cjpprotestjantar_mantar

कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है और अपना विरोध दर्ज करा रही है। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी। अलग-अलग जगहों पर हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया। अब सीजेपी ने एक बार फिर जंतर-मंतर पर जुटने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

आज फिर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली पुलिस ने कल यानी शनिवार को तो किसी भी प्रदर्शनकारी को जंतर-मंतर नहीं पहुंचने दिया, लेकिन सीजेपी ने आज रविवार को फिर से प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि वो इस मामले से पीछे हटने वाले नहीं है।

दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था सख्त

सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के ऐलान और बीते कल पुलिस की कार्रवाई के बाद आज भी जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों की तैनाती है। यहां बड़ी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षा बल मौजूद हैं। ऐसे में दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई है। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। रविवार को भी पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती जारी रहेगी।

अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट रविवार को एक अवमानना याचिका पर विशेष सुनवाई करेगा। यह याचिका जंतर-मंतर पर आज होने वाले सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से पहले सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बंद करने के कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश की जानबूझकर अनदेखी करने के आरोप में दायर की गई है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच 11 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी। अवमानना याचिका में केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और डीएमआरसी चेयरमैन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि घोषणा के अनुसार 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखे गए थे।

सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर 3000 लोगों पर कार्रवाई, ममता और केजरीवाल भी हिरासत में

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में काफी बवाल देका गया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं टीएमसी सुप्रीम ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान 3000 से ज्यादा लोग हिरासत में

सीजेपी के बुलाए गए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 3,000 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के अलग-अलग इलाकों में यह कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जताने के लिए जुटे थे। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की।

6 पुलिसकर्मी घायल

3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें पिंक फोर्स की एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आकाशवाणी भवन और कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के पास पथराव की घटनाएं हुईं। महिला पुलिसकर्मी सुमन ने बताया कि हनुमान मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते समय कुछ महिलाओं ने उनकी उंगली मोड़ दी, जिससे फ्रैक्चर हो गया। वहीं, आकाशवाणी भवन के पास इम्तियाज अली मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग गिराकर पुलिस पर पत्थर फेंके। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बाद हुई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया था और ड्रोन से निगरानी की गई।

अब कल इंडिया गठबंधन का हल्ला बोल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन का सोमवार को बड़े प्रोटेस्ट मार्च का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार शाम एक्स पर पोस्ट करके कहा, ‘हम उन सभी भारतीयों से अपील करते हैं जो भारतीय लोकतंत्र को बचाने को लेकर चिंतित हैं कि वे सोमवार को दिल्ली में होने वाले बड़े विरोध मार्च में हमारे साथ शामिल हों – यह मार्च मोदी-शाह सरकार द्वारा देश भर में किए गए ‘वोट चोरी’ के खिलाफ है।’

सोनम वांगचुक ने और क्या चेतवानी दी?

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर भारत को ‘अघोषित आपातकाल’ की स्थिति में बताया। वांगचुक ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन से पहले एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसे हालात देखने को मिलेंगे। वांगचुक ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कई नेता आंदोलन का नेतृत्व करेंगे, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा करने पर विचार करने को मजबूर होंगे।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का हल्लाबोल, प्रोटेस्ट से पहले ध्रुव राठी हिरासत में, 150 प्रदर्शनकारी डिटेन

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। अभिजीत दीपके सहित कई राजनीतिक नेता भी इसमें शामिल हो रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हो रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। वहीं, प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पर पाबंदियां लगाई गई हैं।

ध्रुव राठी हिरासत में

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीम सुबह करीब 7:48 बजे सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार में उनके आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि ध्रुव राठी की मां के दरवाजा खोलते ही पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हो गए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की करीब 50 सदस्यीय टीम देर रात से ही उनके घर के बाहर मौजूद थी। इसके बाद पुलिस ध्रुव राठी को अपने साथ ले गई। हालांकि, उन्हें किस मामले में हिरासत में लिया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। धरना स्थल की तरफ जा रहे कई प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग इलाके से डिटेन किया गया है। इसके अलावा कनॉट प्लेस से भी कई प्रदर्शनकारी पकड़े गए हैं। इन सबको बसों में बैठाया गया है। इससे पहले कल रात को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों को भी हिरासत में लिया गया था। सभी को तब से लेकर अब तक जामिया पुलिस स्टेशन में बैठाया गया है।

छावनी में तब्दील दिल्ली और आस-पास के इलाके

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों की तैनाती की गई है।

दिल्ली के कुछ इलाकों को छावनी में तब्दील किया गया है। नई दिल्ली में मंडी हाउस से जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा का तगड़ा पहरा है। दिल्ली पुलिस वाहनों को चेकिंग करने के बाद ही आगे जाने दे रही है। दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस की ओर जाने वाली फिरोज शाह रोड पर भी बैरिकेड्स लगा दिए हैं। वहीं, जनपथ गोल चक्कर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर, दिल्ली पुलिस ने राजधानी से सटे दूसरे राज्यों की सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ाई है।

आज जंतर मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, 11 मेट्रो स्टेशन बंद, बढ़ाई गई सुरक्षा

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने गांधी जयंती के मौके पर जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। प्रदर्शन से पहले ही जंतर-मंतर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जंतर मंतर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड लगाए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज जंतर मंतर पर प्रदर्शन होना है। सीजेपी के साथ ही AISA, SFI और DYFI से जुड़े छात्र संगठनों ने चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन बुलाया है। पुलिस सूत्रों ने अनुमान जताया है कि प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोग जुट सकते हैं। इस प्रदर्शन का सीधा फोकस एसआईआर और चुनावी मतदाता सूचियों को लेकर उठ रहे सवालों पर है। आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी लोगों से सुबह 10 बजे जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है।

छात्र संगठन निकालेंगे मार्च

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर तक मार्च निकालेंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे। संगठन के एक सदस्य ने बताया कि प्रस्तावित मार्च के लिए दोनों संगठनों को अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद वे बड़ी संख्या में जंतर-मंतर की ओर बढ़ेंगे। मार्च में करीब 1,500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

पुलिस के साथ सीएपीएफ भी तैनात

इस दौरान किसी भी संभावित भीड़ से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है। जंतर मंतर को चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई है। आसपास के मेट्रो स्टेशन पर भी जवानों को तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से भी पूरे नई दिल्ली इलाके में नजर रखी जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे से भी लगातार निगरानी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की कोशिश होगी कि प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर आने से पहले ही रोक लिया जाए।

11 मेट्रो स्टेशन बंद

जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को 11 स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। डीएमारसी के मुताबिक, अगले आदेश तक जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर एंट्री-एग्जिट बंद रहेगी. हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद नोएडा प्रशासन फिर निशाने पर, CJI सूर्यकांत ने लगाई फटकार

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*नई दिल्ली:* नोएडा जिला प्रशासन एक बार फिर अदालत के निशाने पर है। आकृति चौधरी केस के बाद अब अक्षत त्रिपाठी मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को जमकर फटकार लगाई है।

मामला गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सेकेंड ईयर के कानून के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। 20 साल के छात्र पर आरोप था कि उसने यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को CJP द्वारा बुलाए गए जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया था। साथ ही उस पर 'सरकार विरोधी और भ्रामक' बातें फैलाने और अशांति भड़काने का भी आरोप लगाया गया।

इसी आरोप के आधार पर 4 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने BNSS की धारा 130 के तहत उसे शोकॉज नोटिस जारी किया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में ग्रेटर नोएडा के एक छात्र को नोटिस देने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कैसे, किस हिम्मत से, कोई मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस जारी कर सकता है!'

बताया जा रहा है कि सिविल सुरक्षा कानून की धारा 130 के तहत छात्र के खिलाफ जारी किया गया नोटिस अब वापस ले लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद नोएडा प्रशासन फिर निशाने पर, CJI सूर्यकांत ने लगाई लताड़*

#NoidaNews

नई दिल्ली: नोएडा जिला प्रशासन एक बार फिर अदालत के निशाने पर है। आकृति चौधरी केस के बाद अब अक्षत त्रिपाठी मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को जमकर फटकार लगाई है।

मामला गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सेकेंड ईयर के कानून के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। 20 साल के छात्र पर आरोप था कि उसने यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को CJP द्वारा बुलाए गए जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया था। साथ ही उस पर 'सरकार विरोधी और भ्रामक' बातें फैलाने और अशांति भड़काने का भी आरोप लगाया गया।

इसी आरोप के आधार पर 4 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने BNSS की धारा 130 के तहत उसे शोकॉज नोटिस जारी किया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में ग्रेटर नोएडा के एक छात्र को नोटिस देने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कैसे, किस हिम्मत से, कोई मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस जारी कर सकता है!'

बताया जा रहा है कि सिविल सुरक्षा कानून की धारा 130 के तहत छात्र के खिलाफ जारी किया गया नोटिस अब वापस ले लिया गया है।

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज, एक दिन की पुलिस कस्टडी में, निशु आजाद के पिता से मारपीट मामले में एक्शन

#jantarmantarassaultcaseswatantrabhardwajpolice_custody

इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक स्वतंत्र भारद्वाज नाम खूब चर्चा में है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता संजय कुमार को चोट लगने के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आया है। सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान निशु आजाद के पिता से मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन पहले पुलिस ने पकड़ा था अब उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

शुक्रवार को पुलिस ने लिया था हिरासत में

कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में संबंधित जज के आवास पर शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज की पेशी हुई। जिसके बाद उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में जज ने भेजा है। शुक्रवार को पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई एक पॉडकास्ट की वायरल क्लिप के सामने आने के बाद हुई थी, जिसमें आरोपी ने एक छात्रा के पिता पर हमला करने की बात कबूली थी।

स्वतंत्र भारद्वाज पर क्या है आरोप

स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 14 वर्षीय छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। मामले में पुलिस की कार्रवाई उस समय तेज हुई, जब एक पॉडकास्ट इंटरव्यू की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें भारद्वाज ने कथित हमले का जिक्र करते हुए निशु के पिता की “खोपड़ी फोड़ने” का दावा किया था। जिसमें उन्हें 60 टांके लगे थे।

सीजेपी के धरना-प्रदर्शन के बाद एक्शन

वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज यह कहते भी सुना जा सकता है कि घटना के बाद संजय को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया गया और उनकी बेटी पुलिस थाने के बाहर खड़ी होकर न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की बात कह रही थी। उसका दावा था कि इस सबके बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में सीजेपी नेता और कार्यकर्ता पर्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे और आरोपी की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। सांसद चंद्रशेखर आजाद भी इसमें शामिल हुए थे। इसी मांग और प्रोटेस्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से पकड़ा था। अब उसे दिल्ली में जज के सामने पेशी के बाद पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

भारद्वाज की हिरासत पर क्यों भड़के हिंदू संगठन?

स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली में उनके समर्थन में प्रदर्शन शुरू हो गया। शनिवार को हिंदू रक्षा दल समेत कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र की रिहाई की मांग की और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि केस में कुछ गंभीर धाराएं दबाव में जोड़ी गई हैं और इन्हें हटाया जाना चाहिए।

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज बिहार के दरभंगा के रहने वाले बताए जाते हैं। वह यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली आए और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। विभिन्न पॉडकास्ट में वह खुद को दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़ा बताते रहे हैं और हिंदूवादी संगठनों से अपने संबंधों की बात करते रहे हैं। उनसे जुड़े पुराने वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। एक तस्वीर में वह कथित तौर पर पुलिस के जूते पहने दिखाई दे रहे हैं। उनके कुछ पुराने पॉडकास्ट में जेल, आपराधिक धाराओं और हिंसा से जुड़े विषयों पर बातचीत भी सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन फिर शुरू, जानें अभिजीत दीपके ने समर्थकों से क्यों मांगी माफी

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कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। सीजेपी का संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम 5 बजे जंतर-मंतर खाली करा दिया था। प्रदर्शनकारी और अभिजीत दीपके 6 घंटे बाद फिर लौट आए। सोमवार रात 11 बजे तक भारी तादाद में लोग जमा हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

अभिजीत दीपके ने समर्थकों से मांगी माफी

मंगलवार सुबह अभिजीत दिपके ने कहा, मैं अपने सभी समर्थकों से माफी मांगता हूं, खासकर उन लड़कियों से जिन्हें पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा। हम और बेहतर कर सकते थे। दिल्ली पुलिस की अमानवीय हरकतों से आपको बचाने के लिए मैं और बेहतर कर सकता था। उन्होंने आगे कहा, सिर्फ एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए - जो 20 से ज्यादा छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं - सरकार और भी कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार थी। अगर आप घायल हुए थे और यह संदेश देख रहे हैं, तो कृपया मुझे मैसेज करें। मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से बात करना और माफी मांगना चाहता हूं। हम आप सभी के लिए लड़ते रहेंगे।

पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

जंतर-मंतर पर एक तरफ प्रदर्शकारियों ने फिर से मंच बना लिया है तो वहीं पुलिस ने भी सुरक्षा को बढ़ा दिया है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते खुले हैं लेकिन संसद भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच पुलिस को आशंका है कि आज प्रदर्शनकारी फिर से संसद की तरफ कूच कर सकते हैं। इसके साथ ही आज विपक्ष के कई नेता जंतर मंतर पर पहुंच सकते हैं। कुल मिलाकर आज पुलिस बेहद सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है।

जंतर मंतर पर अब नहीं होगा धरना-प्रदर्शन, सरकार ने प्रोटेस्ट के लिए तय किए तीन नए स्थल

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दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन नहीं होगा। इसके बजाय तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है। सरकार का यह फैसला तब सामने आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर मंतर जाने की कॉकरोच जनता पार्टी मांग कर रही है।

धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान

आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के तौर पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के वास्ते एक समिति गठित की थी। आदेश में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों के तौर पर तय किया गया है।

प्रदर्शन के लिए अलग से जारी होगी प्रक्रिया

दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। यानी प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी बाद में दी जाएगी। फिलहाल आदेश में नए नियमों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए प्रदर्शन से जुड़ी शर्तों, अनुमति लेने की प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में अलग आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिलेगी।

विपक्ष के प्रदर्शन के बीच फैसला

दिल्ली पुलिस का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय राजधानी में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी इंडिया गठबंधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को कहा कि वह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए दिल्ली पुलिस को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय देगी क्योंकि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखे हुए है।

इंडिया गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट मार्च आज, छह मेट्रो स्टेशन बंद

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चुनाव आयोग में कथित अनियमितता को लेकर विपक्ष लामबंद दिख रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली में आंदोलन हो रहा है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन अपनी मांग को लेकर लगातार सड़कों पर है। आज फिर दिल्ली में इंडिया ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च प्रस्तावित है।

राहुल गांधी की युवाओं से प्रोटेस्ट में भाग लेने की अपील

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बड़ी संख्या में देश के लोगों और युवाओं से इस प्रोटेस्ट में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा, तमाम विपक्षी दल, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोग इस मार्च में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि संविधान के साथ खड़े सभी लोग इस पहल का हिस्सा बनेंगे।

राहुल गांधी ने डरो मत का नारा भी दिया

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये लोग भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि विपक्ष डरने वाला नहीं है और सरकार को पीछे हटना होगा। राहुल गांधी ने लिखा कि सभी लोग मोहब्बत, भाईचारे और देशभक्ति की भावना के साथ एक साथ मार्च करेंगे। राहुल गांधी ने अपने संदेश में 'डरो मत' का नारा भी दिया और कहा कि सोमवार को पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा।

इंडिया ब्लॉक के मार्च में कौन-कौन से नेता होंगे शामिल?

प्रस्तावित मार्च में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हो सकते हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में यह मार्च सुप्रीम कोर्ट तक निकाला जाना है। इसमें तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वाम दलों, आरजेडी, एनसीपी (एसपी), नेशनल कॉन्फ्रेंस, वीसीके और आईयूएमएल के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। केरल के कुछ क्षेत्रीय दल भी मार्च में हिस्सा ले सकते हैं। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है।

मार्च से पहले सुरक्षाबल मुस्तैद

दिल्ली में आज सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के पास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। यहां दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी भी तैनात हैं। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए इन इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। हालांकि, विरोध मार्च में शामिल होने वाले नेताओं की संख्या, मार्च के निर्धारित मार्ग और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

दिल्ली के 6 मेट्रो स्टेशन आज रहेंगे बंद

विपक्षी दलों के मार्च को देखते हुए आज सुबह 6 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन, मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन, बाराखंभा रोड मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे।

CJP का आज फिर जंतर-मंतर मार्च, अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई

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कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है और अपना विरोध दर्ज करा रही है। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी। अलग-अलग जगहों पर हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया। अब सीजेपी ने एक बार फिर जंतर-मंतर पर जुटने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

आज फिर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली पुलिस ने कल यानी शनिवार को तो किसी भी प्रदर्शनकारी को जंतर-मंतर नहीं पहुंचने दिया, लेकिन सीजेपी ने आज रविवार को फिर से प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि वो इस मामले से पीछे हटने वाले नहीं है।

दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था सख्त

सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के ऐलान और बीते कल पुलिस की कार्रवाई के बाद आज भी जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों की तैनाती है। यहां बड़ी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षा बल मौजूद हैं। ऐसे में दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई है। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। रविवार को भी पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती जारी रहेगी।

अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट रविवार को एक अवमानना याचिका पर विशेष सुनवाई करेगा। यह याचिका जंतर-मंतर पर आज होने वाले सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से पहले सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बंद करने के कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश की जानबूझकर अनदेखी करने के आरोप में दायर की गई है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच 11 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी। अवमानना याचिका में केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और डीएमआरसी चेयरमैन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि घोषणा के अनुसार 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखे गए थे।

सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर 3000 लोगों पर कार्रवाई, ममता और केजरीवाल भी हिरासत में

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में काफी बवाल देका गया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं टीएमसी सुप्रीम ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान 3000 से ज्यादा लोग हिरासत में

सीजेपी के बुलाए गए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 3,000 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के अलग-अलग इलाकों में यह कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जताने के लिए जुटे थे। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की।

6 पुलिसकर्मी घायल

3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें पिंक फोर्स की एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आकाशवाणी भवन और कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के पास पथराव की घटनाएं हुईं। महिला पुलिसकर्मी सुमन ने बताया कि हनुमान मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते समय कुछ महिलाओं ने उनकी उंगली मोड़ दी, जिससे फ्रैक्चर हो गया। वहीं, आकाशवाणी भवन के पास इम्तियाज अली मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग गिराकर पुलिस पर पत्थर फेंके। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बाद हुई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया था और ड्रोन से निगरानी की गई।

अब कल इंडिया गठबंधन का हल्ला बोल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन का सोमवार को बड़े प्रोटेस्ट मार्च का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार शाम एक्स पर पोस्ट करके कहा, ‘हम उन सभी भारतीयों से अपील करते हैं जो भारतीय लोकतंत्र को बचाने को लेकर चिंतित हैं कि वे सोमवार को दिल्ली में होने वाले बड़े विरोध मार्च में हमारे साथ शामिल हों – यह मार्च मोदी-शाह सरकार द्वारा देश भर में किए गए ‘वोट चोरी’ के खिलाफ है।’

सोनम वांगचुक ने और क्या चेतवानी दी?

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर भारत को ‘अघोषित आपातकाल’ की स्थिति में बताया। वांगचुक ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन से पहले एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसे हालात देखने को मिलेंगे। वांगचुक ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कई नेता आंदोलन का नेतृत्व करेंगे, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा करने पर विचार करने को मजबूर होंगे।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का हल्लाबोल, प्रोटेस्ट से पहले ध्रुव राठी हिरासत में, 150 प्रदर्शनकारी डिटेन

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। अभिजीत दीपके सहित कई राजनीतिक नेता भी इसमें शामिल हो रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हो रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। वहीं, प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पर पाबंदियां लगाई गई हैं।

ध्रुव राठी हिरासत में

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीम सुबह करीब 7:48 बजे सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार में उनके आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि ध्रुव राठी की मां के दरवाजा खोलते ही पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हो गए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की करीब 50 सदस्यीय टीम देर रात से ही उनके घर के बाहर मौजूद थी। इसके बाद पुलिस ध्रुव राठी को अपने साथ ले गई। हालांकि, उन्हें किस मामले में हिरासत में लिया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। धरना स्थल की तरफ जा रहे कई प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग इलाके से डिटेन किया गया है। इसके अलावा कनॉट प्लेस से भी कई प्रदर्शनकारी पकड़े गए हैं। इन सबको बसों में बैठाया गया है। इससे पहले कल रात को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों को भी हिरासत में लिया गया था। सभी को तब से लेकर अब तक जामिया पुलिस स्टेशन में बैठाया गया है।

छावनी में तब्दील दिल्ली और आस-पास के इलाके

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों की तैनाती की गई है।

दिल्ली के कुछ इलाकों को छावनी में तब्दील किया गया है। नई दिल्ली में मंडी हाउस से जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा का तगड़ा पहरा है। दिल्ली पुलिस वाहनों को चेकिंग करने के बाद ही आगे जाने दे रही है। दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस की ओर जाने वाली फिरोज शाह रोड पर भी बैरिकेड्स लगा दिए हैं। वहीं, जनपथ गोल चक्कर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर, दिल्ली पुलिस ने राजधानी से सटे दूसरे राज्यों की सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ाई है।

आज जंतर मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, 11 मेट्रो स्टेशन बंद, बढ़ाई गई सुरक्षा

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने गांधी जयंती के मौके पर जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। प्रदर्शन से पहले ही जंतर-मंतर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जंतर मंतर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड लगाए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज जंतर मंतर पर प्रदर्शन होना है। सीजेपी के साथ ही AISA, SFI और DYFI से जुड़े छात्र संगठनों ने चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन बुलाया है। पुलिस सूत्रों ने अनुमान जताया है कि प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोग जुट सकते हैं। इस प्रदर्शन का सीधा फोकस एसआईआर और चुनावी मतदाता सूचियों को लेकर उठ रहे सवालों पर है। आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी लोगों से सुबह 10 बजे जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है।

छात्र संगठन निकालेंगे मार्च

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर तक मार्च निकालेंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे। संगठन के एक सदस्य ने बताया कि प्रस्तावित मार्च के लिए दोनों संगठनों को अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद वे बड़ी संख्या में जंतर-मंतर की ओर बढ़ेंगे। मार्च में करीब 1,500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

पुलिस के साथ सीएपीएफ भी तैनात

इस दौरान किसी भी संभावित भीड़ से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है। जंतर मंतर को चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई है। आसपास के मेट्रो स्टेशन पर भी जवानों को तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से भी पूरे नई दिल्ली इलाके में नजर रखी जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे से भी लगातार निगरानी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की कोशिश होगी कि प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर आने से पहले ही रोक लिया जाए।

11 मेट्रो स्टेशन बंद

जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को 11 स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। डीएमारसी के मुताबिक, अगले आदेश तक जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर एंट्री-एग्जिट बंद रहेगी. हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद नोएडा प्रशासन फिर निशाने पर, CJI सूर्यकांत ने लगाई फटकार

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*नई दिल्ली:* नोएडा जिला प्रशासन एक बार फिर अदालत के निशाने पर है। आकृति चौधरी केस के बाद अब अक्षत त्रिपाठी मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को जमकर फटकार लगाई है।

मामला गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सेकेंड ईयर के कानून के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। 20 साल के छात्र पर आरोप था कि उसने यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को CJP द्वारा बुलाए गए जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया था। साथ ही उस पर 'सरकार विरोधी और भ्रामक' बातें फैलाने और अशांति भड़काने का भी आरोप लगाया गया।

इसी आरोप के आधार पर 4 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने BNSS की धारा 130 के तहत उसे शोकॉज नोटिस जारी किया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में ग्रेटर नोएडा के एक छात्र को नोटिस देने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कैसे, किस हिम्मत से, कोई मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस जारी कर सकता है!'

बताया जा रहा है कि सिविल सुरक्षा कानून की धारा 130 के तहत छात्र के खिलाफ जारी किया गया नोटिस अब वापस ले लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद नोएडा प्रशासन फिर निशाने पर, CJI सूर्यकांत ने लगाई लताड़*

#NoidaNews

नई दिल्ली: नोएडा जिला प्रशासन एक बार फिर अदालत के निशाने पर है। आकृति चौधरी केस के बाद अब अक्षत त्रिपाठी मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को जमकर फटकार लगाई है।

मामला गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सेकेंड ईयर के कानून के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। 20 साल के छात्र पर आरोप था कि उसने यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को CJP द्वारा बुलाए गए जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया था। साथ ही उस पर 'सरकार विरोधी और भ्रामक' बातें फैलाने और अशांति भड़काने का भी आरोप लगाया गया।

इसी आरोप के आधार पर 4 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने BNSS की धारा 130 के तहत उसे शोकॉज नोटिस जारी किया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में ग्रेटर नोएडा के एक छात्र को नोटिस देने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कैसे, किस हिम्मत से, कोई मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस जारी कर सकता है!'

बताया जा रहा है कि सिविल सुरक्षा कानून की धारा 130 के तहत छात्र के खिलाफ जारी किया गया नोटिस अब वापस ले लिया गया है।

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज, एक दिन की पुलिस कस्टडी में, निशु आजाद के पिता से मारपीट मामले में एक्शन

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इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक स्वतंत्र भारद्वाज नाम खूब चर्चा में है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता संजय कुमार को चोट लगने के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आया है। सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान निशु आजाद के पिता से मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन पहले पुलिस ने पकड़ा था अब उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

शुक्रवार को पुलिस ने लिया था हिरासत में

कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में संबंधित जज के आवास पर शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज की पेशी हुई। जिसके बाद उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में जज ने भेजा है। शुक्रवार को पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई एक पॉडकास्ट की वायरल क्लिप के सामने आने के बाद हुई थी, जिसमें आरोपी ने एक छात्रा के पिता पर हमला करने की बात कबूली थी।

स्वतंत्र भारद्वाज पर क्या है आरोप

स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 14 वर्षीय छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। मामले में पुलिस की कार्रवाई उस समय तेज हुई, जब एक पॉडकास्ट इंटरव्यू की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें भारद्वाज ने कथित हमले का जिक्र करते हुए निशु के पिता की “खोपड़ी फोड़ने” का दावा किया था। जिसमें उन्हें 60 टांके लगे थे।

सीजेपी के धरना-प्रदर्शन के बाद एक्शन

वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज यह कहते भी सुना जा सकता है कि घटना के बाद संजय को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया गया और उनकी बेटी पुलिस थाने के बाहर खड़ी होकर न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की बात कह रही थी। उसका दावा था कि इस सबके बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में सीजेपी नेता और कार्यकर्ता पर्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे और आरोपी की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। सांसद चंद्रशेखर आजाद भी इसमें शामिल हुए थे। इसी मांग और प्रोटेस्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से पकड़ा था। अब उसे दिल्ली में जज के सामने पेशी के बाद पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

भारद्वाज की हिरासत पर क्यों भड़के हिंदू संगठन?

स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली में उनके समर्थन में प्रदर्शन शुरू हो गया। शनिवार को हिंदू रक्षा दल समेत कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र की रिहाई की मांग की और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि केस में कुछ गंभीर धाराएं दबाव में जोड़ी गई हैं और इन्हें हटाया जाना चाहिए।

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज बिहार के दरभंगा के रहने वाले बताए जाते हैं। वह यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली आए और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। विभिन्न पॉडकास्ट में वह खुद को दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़ा बताते रहे हैं और हिंदूवादी संगठनों से अपने संबंधों की बात करते रहे हैं। उनसे जुड़े पुराने वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। एक तस्वीर में वह कथित तौर पर पुलिस के जूते पहने दिखाई दे रहे हैं। उनके कुछ पुराने पॉडकास्ट में जेल, आपराधिक धाराओं और हिंसा से जुड़े विषयों पर बातचीत भी सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन फिर शुरू, जानें अभिजीत दीपके ने समर्थकों से क्यों मांगी माफी

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कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। सीजेपी का संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम 5 बजे जंतर-मंतर खाली करा दिया था। प्रदर्शनकारी और अभिजीत दीपके 6 घंटे बाद फिर लौट आए। सोमवार रात 11 बजे तक भारी तादाद में लोग जमा हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

अभिजीत दीपके ने समर्थकों से मांगी माफी

मंगलवार सुबह अभिजीत दिपके ने कहा, मैं अपने सभी समर्थकों से माफी मांगता हूं, खासकर उन लड़कियों से जिन्हें पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा। हम और बेहतर कर सकते थे। दिल्ली पुलिस की अमानवीय हरकतों से आपको बचाने के लिए मैं और बेहतर कर सकता था। उन्होंने आगे कहा, सिर्फ एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए - जो 20 से ज्यादा छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं - सरकार और भी कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार थी। अगर आप घायल हुए थे और यह संदेश देख रहे हैं, तो कृपया मुझे मैसेज करें। मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से बात करना और माफी मांगना चाहता हूं। हम आप सभी के लिए लड़ते रहेंगे।

पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

जंतर-मंतर पर एक तरफ प्रदर्शकारियों ने फिर से मंच बना लिया है तो वहीं पुलिस ने भी सुरक्षा को बढ़ा दिया है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते खुले हैं लेकिन संसद भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच पुलिस को आशंका है कि आज प्रदर्शनकारी फिर से संसद की तरफ कूच कर सकते हैं। इसके साथ ही आज विपक्ष के कई नेता जंतर मंतर पर पहुंच सकते हैं। कुल मिलाकर आज पुलिस बेहद सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है।