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सीजेपी के प्रदर्शन को नहीं मिला सोनम वांगचुक का साथ, बोले-और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा

#sonamwangchukisskippingcjpdelhiprotest_today

कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली की सड़कों पर है। सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन है। ये प्रोटेस्ट चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। इधर सोनम वांगचुक ने इस प्रोटेस्ट से खुद को अलग कर लिया है। पिछले सीजेपी प्रोटेस्ट का अहम चेहरा रहे सोनम वांगचुक आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। वांगुचक ने इसको लेकर पोस्ट शेयर की है और कारण बताया है।

आज के आंदलोन से क्यों नहीं जुड़ेंगे सोनम?

पर्यावरण और एजुकेशन पर काम करने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं। सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा-'मैं दिल्ली में आप सबके साथ क्यों नहीं जुड़ पाऊंगा...! सरकार की तरफ से हमारे काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद हम देश की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे...और आने वाली सर्दियों के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इसमें पानी की सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और GLOF (ग्लेशियर झील में बाढ़) से सुरक्षा के लिए प्रयोग करना शामिल है...ताकि ऊंचे हिमालय में मौजूद 200 से ज्यादा 'टिकिंग वॉटर बॉम्ब' (कभी भी फटने को तैयार पानी के खतरनाक भंडार) के खतरे को कम किया जा सके।'

फैज साहब के लिखे शब्दों का लिया सहारा

वांगचुक ने फैज साहब के लिखे शब्दों के माध्यम से कहा कि 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील करता हूं। मैं GenZ के सभी दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे हर हाल में पूरी तरह शांति बनाए रखें। यह बापू का दिया हुआ तोहफा था, जिसे मैं जून में जंतर-मंतर ले जाने की कोशिश कर रहा था। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।'

नीट पेपर लीक मामले में वांगचुक ने की भी भूख हड़ताल

बता दें कि इससे पहले वांगचुक सीजेपी के जुलाई वाले विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थे। इस आंदोलन में परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वे जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने 23 जुलाई को गुरुग्राम के एक अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म की। उन्होंने कहा कि कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपना अनशन तोड़ा।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का हल्लाबोल, प्रोटेस्ट से पहले ध्रुव राठी हिरासत में, 150 प्रदर्शनकारी डिटेन

#cjpjantarmantar_protest

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। अभिजीत दीपके सहित कई राजनीतिक नेता भी इसमें शामिल हो रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हो रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। वहीं, प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पर पाबंदियां लगाई गई हैं।

ध्रुव राठी हिरासत में

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीम सुबह करीब 7:48 बजे सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार में उनके आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि ध्रुव राठी की मां के दरवाजा खोलते ही पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हो गए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की करीब 50 सदस्यीय टीम देर रात से ही उनके घर के बाहर मौजूद थी। इसके बाद पुलिस ध्रुव राठी को अपने साथ ले गई। हालांकि, उन्हें किस मामले में हिरासत में लिया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। धरना स्थल की तरफ जा रहे कई प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग इलाके से डिटेन किया गया है। इसके अलावा कनॉट प्लेस से भी कई प्रदर्शनकारी पकड़े गए हैं। इन सबको बसों में बैठाया गया है। इससे पहले कल रात को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों को भी हिरासत में लिया गया था। सभी को तब से लेकर अब तक जामिया पुलिस स्टेशन में बैठाया गया है।

छावनी में तब्दील दिल्ली और आस-पास के इलाके

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों की तैनाती की गई है।

दिल्ली के कुछ इलाकों को छावनी में तब्दील किया गया है। नई दिल्ली में मंडी हाउस से जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा का तगड़ा पहरा है। दिल्ली पुलिस वाहनों को चेकिंग करने के बाद ही आगे जाने दे रही है। दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस की ओर जाने वाली फिरोज शाह रोड पर भी बैरिकेड्स लगा दिए हैं। वहीं, जनपथ गोल चक्कर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर, दिल्ली पुलिस ने राजधानी से सटे दूसरे राज्यों की सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ाई है।

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर खुफिया इनपुट, बढ़ाई गई चौकसी, 26 हजार से ज्यादा जवान तैनात

#intelligenceinputsregardingcjpprotestindelhi

भारतीय निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। जिसको लेकर सड़कों पर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन प्रस्तावित है। सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन रहेगा जारी

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने शनिवार को जंतर मंतर पर धरने का आह्वान किया है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कई अन्य विपक्षी दलों के शामिल होने की भी संभावना है।

प्रदर्शन की अनुमति नहीं

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस के खुफिया विभाग ने प्रदर्शन को लेकर इनपुट मिलने की बात कही है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। ऐसे में जंतर-मंतर तक किसी भी अनधिकृत जमावड़े को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति होने वाले किसी भी प्रदर्शन या जमावड़े में शामिल नहीं होने की अपील की है।

दिल्ली में 26,000 से ज्यादा जवान तैनात

सीजेपी दो महीने पहले, नीट-यूजी पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर थी। इस दौरान काफी बवाल देखने को मिला। अब सीजेपी के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर है। ऐसे में हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 26,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।

महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर

जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ कंपनियां आ रही हैं। ये अतिरिक्त बल प्रदर्शनों को संभालने, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा करने और केंद्रीय दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेंगे। महिलाओं की बड़ी संख्या में शामिल होने की आशंका को देखते हुए पांच महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर होंगी।

देश में अराजकता फैलाने वाले कचरे’ को बाहर निकालना जरूरी :  मंगलप्रभात लोढ़ा
मुंबई।  देशभर में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही समाज और देश में अराजकता फैलाने वाली प्रवृत्तियों की भी सफाई आवश्यक है। ऐसी प्रवृत्तियां देश के लिए कचरे के समान हैं और उन्हें बाहर निकालना लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी है, ऐसा वक्तव्य कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी, मलबार हिल विधानसभा क्षेत्र की ओर से महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर गांवदेवी स्थित मणि भवन परिसर में स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता करते हुए उपस्थित लोगों से संवाद किया। शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का उल्लेख करते हुए मंत्री लोढ़ा ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के आंदोलनों के माध्यम से देश में अराजकता पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड में पेपर लीक के मुद्दे पर आंदोलन हुआ, तब CJP के कार्यकर्ता वहां क्यों नहीं गए? उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के केंद्र में विद्यार्थियों का हित नहीं, बल्कि इसके माध्यम से विपक्ष अपना राजनीतिक हित साधने का प्रयास कर रहा है।मंत्री लोढ़ा ने कहा कि अपने आसपास के परिसर को स्वच्छ रखना किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी नागरिकों से अपने परिसर को स्वच्छ रखने की अपील की है। स्वच्छता को केवल एक दिन के अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है, उन्होंने कहा। इस दौरान मंत्री लोढ़ा ने मणि भवन में महात्मा गांधी से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों का अवलोकन किया। गांधीजी के चरखे, टेलीफोन तथा अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं के साथ खादी वस्त्रों की प्रदर्शनी भी देखी। इसके बाद उन्होंने मणि भवन के सामने स्थित सड़क पर आयोजित स्वच्छता अभियान में सहभागिता की।
मुंबई महानगरपालिका के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग की ओर से भी ‘स्वच्छ भारत अभियान, स्वच्छ मुंबई–सुंदर मुंबई’ के संदेश के माध्यम से नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा की गई। महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर उपस्थित लोगों ने गांधीजी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजाराम’ का सामूहिक गायन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वच्छता अभियान में मुंबई महानगरपालिका के डी विभाग के अधिकारी, सफाई कर्मचारी तथा मणि भवन के कर्मचारी भी सहभागी हुए।
लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार सभी को है और विपक्ष अपना विरोध जरूर दर्ज कराए, इस पर किसी को आपत्ति नहीं हो सकती। लेकिन विरोध के नाम पर देश में अराजकता पैदा करना उचित नहीं है। इससे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाले लोगों के सामने चुनौती खड़ी होती है। इसके पीछे विपक्षी दलों की साजिश है और ऐसी प्रवृत्तियों को विदेशों से भी बड़े पैमाने पर मदद मिल रही है,” ऐसा आरोप मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने लगाया।
గణేశ్ నిమజ్జనానికి ఎస్సారెస్పీ నుంచి నీటి విడుదల

కరీంనగర్/కొత్తపల్లి: గణేశ్ విగ్రహాల నిమజ్జనం కోసం ఎస్సారెస్పీ మెయిన్ కెనాల్‌కు సోమవారం నీటిని విడుదల చేశారు. నవరాత్రి ఉత్సవాలు ముగియనున్న నేపథ్యంలో కరీంనగర్ జిల్లాలోని కాకతీయ కాల్వలు, డిస్ట్రిబ్యూటరీ కాల్వల్లో నిమజ్జనానికి ఇబ్బందులు లేకుండా నీటిని విడుదల చేయాలని చొప్పదండి ఎమ్మెల్యే మేడిపల్లి సత్యం ప్రాజెక్టు చీఫ్ ఇంజినీర్‌ను కోరారు.

కొన్నేళ్లుగా గణేశ్ విగ్రహాలను కాకతీయ కాల్వలతో పాటు పలు డిస్ట్రిబ్యూటరీ కాల్వల్లో నిమజ్జనం చేస్తున్నారని, ప్రస్తుతం కాల్వల్లో నీరు లేక భక్తులు ఇబ్బందులు ఎదుర్కొంటున్నారని ఎమ్మెల్యే అధికారుల దృష్టికి తీసుకెళ్లారు. దీంతో ఎమ్మెల్యే సూచన మేరకు నీటిని విడుదల చేస్తామని ప్రాజెక్టు సీఈ తెలిపారు.

సోమవారం ఉదయం 11 గంటలకు తొలుత 500 క్యూసెక్కుల నీటిని విడుదల చేశారు. అనంతరం సాయంత్రం మరో 3 వేల క్యూసెక్కుల నీటిని వదిలారు. కరీంనగర్ నగరంలో పెద్ద సంఖ్యలో గణేశ్ విగ్రహాలను నిమజ్జనం చేసే చింతకుంట కెనాల్‌కు మంగళవారం రాత్రి వరకు నీరు చేరే అవకాశం ఉందని అధికారులు తెలిపారు.

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद नोएडा प्रशासन फिर निशाने पर, CJI सूर्यकांत ने लगाई फटकार

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*नई दिल्ली:* नोएडा जिला प्रशासन एक बार फिर अदालत के निशाने पर है। आकृति चौधरी केस के बाद अब अक्षत त्रिपाठी मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को जमकर फटकार लगाई है।

मामला गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सेकेंड ईयर के कानून के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। 20 साल के छात्र पर आरोप था कि उसने यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को CJP द्वारा बुलाए गए जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया था। साथ ही उस पर 'सरकार विरोधी और भ्रामक' बातें फैलाने और अशांति भड़काने का भी आरोप लगाया गया।

इसी आरोप के आधार पर 4 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने BNSS की धारा 130 के तहत उसे शोकॉज नोटिस जारी किया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में ग्रेटर नोएडा के एक छात्र को नोटिस देने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कैसे, किस हिम्मत से, कोई मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस जारी कर सकता है!'

बताया जा रहा है कि सिविल सुरक्षा कानून की धारा 130 के तहत छात्र के खिलाफ जारी किया गया नोटिस अब वापस ले लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद नोएडा प्रशासन फिर निशाने पर, CJI सूर्यकांत ने लगाई लताड़*

#NoidaNews

नई दिल्ली: नोएडा जिला प्रशासन एक बार फिर अदालत के निशाने पर है। आकृति चौधरी केस के बाद अब अक्षत त्रिपाठी मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को जमकर फटकार लगाई है।

मामला गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सेकेंड ईयर के कानून के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। 20 साल के छात्र पर आरोप था कि उसने यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को CJP द्वारा बुलाए गए जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया था। साथ ही उस पर 'सरकार विरोधी और भ्रामक' बातें फैलाने और अशांति भड़काने का भी आरोप लगाया गया।

इसी आरोप के आधार पर 4 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने BNSS की धारा 130 के तहत उसे शोकॉज नोटिस जारी किया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में ग्रेटर नोएडा के एक छात्र को नोटिस देने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कैसे, किस हिम्मत से, कोई मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस जारी कर सकता है!'

बताया जा रहा है कि सिविल सुरक्षा कानून की धारा 130 के तहत छात्र के खिलाफ जारी किया गया नोटिस अब वापस ले लिया गया है।

आईएमए फर्रुखाबाद की नई कार्यकारिणी ने संभाला कार्यभार

कौन है निशु आजाद जिसके पिता को न्याय दिलाने सड़क पर उतरी सीजेपी, संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन

#cjpprotestnishuazadfatherattackparliamentstreetpolice_station

कॉकरोच जनता पार्टी एक बार फिर सड़क पर उतरी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जून को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में घायल हुए निशु आजाद के पिता को न्याय दिलाने के लिए सीजेपी संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन कर रही है। सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में घायल हुए गाजियाबाद के संजय कुमार (38) की बेटी निशु ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर निशु का एक वीडियो आया है, जिसमें वह कह रही हैं कि अब दिल्ली पुलिस से उनकी आशा और उम्मीद टूटने लगी है।

वीडियो आने के बाद बवाल बढ़ा

निशु का वीडियो आने के बाद इसे लेकर बवाल बढ़ गया है। निशु वीडियो में कह रही हैं कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह साफ कह रहा कि उस पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होना चाहिए था। निशु ने कहा कि जब मेरे पापा का सिर फोड़ा था। तब उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर रही है। निशु ने अपना वीडियो राहुल गांधी को भी टैग किया है। उनका कहना है कि अब पुलिस से उम्मीद नहीं है। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को कानून का डर नहीं है। अब मुझे बस राहुल गांधी से उम्मीद है।

सौरव दास का थाने के सामने धरना-प्रदर्शन

निशु दिल्ली पुलिस से एक्शन की मांग कर रही हैं। साथ ही वह स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रही हैं। इसे लेकर आज संसद थाने के बाहर काफी गहमागहमी है। निशु मामले में कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और कुछ लोग पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे हैं। थाने के सामने सड़क पर बैठ गए हैं।

सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जंतर मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान समर्थक के पिता पर हुए हमले में कार्रवाई न करने की बात कही। रांका के अनुसार, सौरभ और उनके पूरे दल ने दिल्ली पुलिस से हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। उन्होंने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की भी मांग की थी। हालांकि, पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। आज, घटना में शामिल लोग खुले तौर पर संजय पर हमला करने की बात स्वीकार कर रहे हैं। वे यह भी मान रहे हैं कि उन्होंने संजय को जान से मारने का प्रयास किया था। इसके बावजूद, दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर कोई कदम नहीं उठाया है। यह आरोप कपिल मिश्रा और भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रभाव में कार्रवाई न करने का है।

स्वतंत्र भारद्वाज के वीडियो में क्या?

इस बीच कथित हमलावर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह दावा कर रहा है कि उसने सीजेपी के एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, उसे 60 टांके लगे थे और उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि वह मौत के करीब पहुंच गया था। वह यह भी कहता है कि उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। वीडियो में उसने आगे कहा 'मैं अगले दिन ही पुलिस हिरासत से बाहर आ गया। मुझे जेल भी नहीं जाना पड़ा। मैंने पुलिस को यह कहते सुना कि कपिल मिश्रा का फोन आया था। वह मेरे बड़े भाई जैसे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर, अब सीजेपी दिल्ली में नहीं करेगी प्रोटेस्ट

#cjpwithdrawscallformarchonseptember_5

दिल्ली में 5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की तरफ से प्रस्तावित विरोध मार्च को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम जानकारी सामने आई। सीजेपी ने अदालत को बताया कि वह 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित अपने नए विरोध मार्च का आह्वान वापस ले रही है। यह फैसला केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर दिए गए आश्वासन के बाद लिया गया।

छात्रों के खिलाफ दर्ज 129 एफआईआर रद्द

कॉकरोच मूवमेंट के दौरान राजधानी दिल्ली और 4 राज्यों में प्रदर्शन को लेकर छात्रों के खिलाफ दर्ज 129 एफआईआर रद्द कर दी गई हैं। सरकार का कहना है प्रदर्शन खत्म होने के दौरान उसने छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का वादा किया था, जिसे अब पूरा कर लिया है। मंगलवार (1 सितंबर) को सरकार ने एफआईआर को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करने की अपील की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

सीजेपी ने किया प्रदर्शन न करने का ऐलान

जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेपी के सौरव दास ने कहा, मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के सकारात्मक आश्वासनों और आज उन्हें मिली न्यायिक मान्यता को देखते हुए, और इस कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए, कॉकरोच जनता पार्टी 5 सितंबर को होने वाले मार्च के आह्वान को वापस लेना उचित समझता है। उम्मीद है कि सरकार अपने वचन का पालन करेगी।

एफआईआर वापस क्यों ली गई?

केंद्र की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी से वादा किया था कि अगर आंदोलन वापस ले लिए जाते हैं, तो मामले वापस ले लिए जाएंगे। मैंने दिल्ली के लिए लिस्ट दे दी है। इसके बाद बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल ने भी केस वापिस की याचिका दाखिल की। इन राज्यों ने भी कहा कि हम केस वापस ले रहे हैं। इन सभी राज्यों में कुल 129 एफआईआर दर्ज थे। फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर किसी अन्य राज्यों में भी कोई मुकदमा दर्ज है तो हम चाहते हैं कि वे जांच को आगे न बढ़ाएं।

20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ था आंदोलन

बता दें कि नीट अनियमितताओं के खिलाफ सीजेपी के नेतृत्व में आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। यह आंदोलन 25 जुलाई को उस समय समाप्त किया गया, जब तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और सरकार ने संगठन की अन्य मांगों को भी स्वीकार किया।

सीजेपी के प्रदर्शन को नहीं मिला सोनम वांगचुक का साथ, बोले-और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा

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कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली की सड़कों पर है। सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन है। ये प्रोटेस्ट चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। इधर सोनम वांगचुक ने इस प्रोटेस्ट से खुद को अलग कर लिया है। पिछले सीजेपी प्रोटेस्ट का अहम चेहरा रहे सोनम वांगचुक आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। वांगुचक ने इसको लेकर पोस्ट शेयर की है और कारण बताया है।

आज के आंदलोन से क्यों नहीं जुड़ेंगे सोनम?

पर्यावरण और एजुकेशन पर काम करने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं। सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा-'मैं दिल्ली में आप सबके साथ क्यों नहीं जुड़ पाऊंगा...! सरकार की तरफ से हमारे काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद हम देश की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे...और आने वाली सर्दियों के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इसमें पानी की सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और GLOF (ग्लेशियर झील में बाढ़) से सुरक्षा के लिए प्रयोग करना शामिल है...ताकि ऊंचे हिमालय में मौजूद 200 से ज्यादा 'टिकिंग वॉटर बॉम्ब' (कभी भी फटने को तैयार पानी के खतरनाक भंडार) के खतरे को कम किया जा सके।'

फैज साहब के लिखे शब्दों का लिया सहारा

वांगचुक ने फैज साहब के लिखे शब्दों के माध्यम से कहा कि 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील करता हूं। मैं GenZ के सभी दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे हर हाल में पूरी तरह शांति बनाए रखें। यह बापू का दिया हुआ तोहफा था, जिसे मैं जून में जंतर-मंतर ले जाने की कोशिश कर रहा था। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।'

नीट पेपर लीक मामले में वांगचुक ने की भी भूख हड़ताल

बता दें कि इससे पहले वांगचुक सीजेपी के जुलाई वाले विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थे। इस आंदोलन में परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वे जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने 23 जुलाई को गुरुग्राम के एक अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म की। उन्होंने कहा कि कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपना अनशन तोड़ा।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का हल्लाबोल, प्रोटेस्ट से पहले ध्रुव राठी हिरासत में, 150 प्रदर्शनकारी डिटेन

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। अभिजीत दीपके सहित कई राजनीतिक नेता भी इसमें शामिल हो रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हो रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। वहीं, प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पर पाबंदियां लगाई गई हैं।

ध्रुव राठी हिरासत में

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीम सुबह करीब 7:48 बजे सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार में उनके आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि ध्रुव राठी की मां के दरवाजा खोलते ही पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हो गए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की करीब 50 सदस्यीय टीम देर रात से ही उनके घर के बाहर मौजूद थी। इसके बाद पुलिस ध्रुव राठी को अपने साथ ले गई। हालांकि, उन्हें किस मामले में हिरासत में लिया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। धरना स्थल की तरफ जा रहे कई प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग इलाके से डिटेन किया गया है। इसके अलावा कनॉट प्लेस से भी कई प्रदर्शनकारी पकड़े गए हैं। इन सबको बसों में बैठाया गया है। इससे पहले कल रात को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों को भी हिरासत में लिया गया था। सभी को तब से लेकर अब तक जामिया पुलिस स्टेशन में बैठाया गया है।

छावनी में तब्दील दिल्ली और आस-पास के इलाके

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों की तैनाती की गई है।

दिल्ली के कुछ इलाकों को छावनी में तब्दील किया गया है। नई दिल्ली में मंडी हाउस से जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा का तगड़ा पहरा है। दिल्ली पुलिस वाहनों को चेकिंग करने के बाद ही आगे जाने दे रही है। दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस की ओर जाने वाली फिरोज शाह रोड पर भी बैरिकेड्स लगा दिए हैं। वहीं, जनपथ गोल चक्कर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर, दिल्ली पुलिस ने राजधानी से सटे दूसरे राज्यों की सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ाई है।

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर खुफिया इनपुट, बढ़ाई गई चौकसी, 26 हजार से ज्यादा जवान तैनात

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भारतीय निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। जिसको लेकर सड़कों पर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन प्रस्तावित है। सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन रहेगा जारी

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने शनिवार को जंतर मंतर पर धरने का आह्वान किया है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कई अन्य विपक्षी दलों के शामिल होने की भी संभावना है।

प्रदर्शन की अनुमति नहीं

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस के खुफिया विभाग ने प्रदर्शन को लेकर इनपुट मिलने की बात कही है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। ऐसे में जंतर-मंतर तक किसी भी अनधिकृत जमावड़े को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति होने वाले किसी भी प्रदर्शन या जमावड़े में शामिल नहीं होने की अपील की है।

दिल्ली में 26,000 से ज्यादा जवान तैनात

सीजेपी दो महीने पहले, नीट-यूजी पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर थी। इस दौरान काफी बवाल देखने को मिला। अब सीजेपी के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर है। ऐसे में हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 26,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।

महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर

जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ कंपनियां आ रही हैं। ये अतिरिक्त बल प्रदर्शनों को संभालने, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा करने और केंद्रीय दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेंगे। महिलाओं की बड़ी संख्या में शामिल होने की आशंका को देखते हुए पांच महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर होंगी।

देश में अराजकता फैलाने वाले कचरे’ को बाहर निकालना जरूरी :  मंगलप्रभात लोढ़ा
मुंबई।  देशभर में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही समाज और देश में अराजकता फैलाने वाली प्रवृत्तियों की भी सफाई आवश्यक है। ऐसी प्रवृत्तियां देश के लिए कचरे के समान हैं और उन्हें बाहर निकालना लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी है, ऐसा वक्तव्य कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी, मलबार हिल विधानसभा क्षेत्र की ओर से महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर गांवदेवी स्थित मणि भवन परिसर में स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता करते हुए उपस्थित लोगों से संवाद किया। शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का उल्लेख करते हुए मंत्री लोढ़ा ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के आंदोलनों के माध्यम से देश में अराजकता पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड में पेपर लीक के मुद्दे पर आंदोलन हुआ, तब CJP के कार्यकर्ता वहां क्यों नहीं गए? उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के केंद्र में विद्यार्थियों का हित नहीं, बल्कि इसके माध्यम से विपक्ष अपना राजनीतिक हित साधने का प्रयास कर रहा है।मंत्री लोढ़ा ने कहा कि अपने आसपास के परिसर को स्वच्छ रखना किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी नागरिकों से अपने परिसर को स्वच्छ रखने की अपील की है। स्वच्छता को केवल एक दिन के अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है, उन्होंने कहा। इस दौरान मंत्री लोढ़ा ने मणि भवन में महात्मा गांधी से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों का अवलोकन किया। गांधीजी के चरखे, टेलीफोन तथा अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं के साथ खादी वस्त्रों की प्रदर्शनी भी देखी। इसके बाद उन्होंने मणि भवन के सामने स्थित सड़क पर आयोजित स्वच्छता अभियान में सहभागिता की।
मुंबई महानगरपालिका के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग की ओर से भी ‘स्वच्छ भारत अभियान, स्वच्छ मुंबई–सुंदर मुंबई’ के संदेश के माध्यम से नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा की गई। महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर उपस्थित लोगों ने गांधीजी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजाराम’ का सामूहिक गायन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वच्छता अभियान में मुंबई महानगरपालिका के डी विभाग के अधिकारी, सफाई कर्मचारी तथा मणि भवन के कर्मचारी भी सहभागी हुए।
लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार सभी को है और विपक्ष अपना विरोध जरूर दर्ज कराए, इस पर किसी को आपत्ति नहीं हो सकती। लेकिन विरोध के नाम पर देश में अराजकता पैदा करना उचित नहीं है। इससे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाले लोगों के सामने चुनौती खड़ी होती है। इसके पीछे विपक्षी दलों की साजिश है और ऐसी प्रवृत्तियों को विदेशों से भी बड़े पैमाने पर मदद मिल रही है,” ऐसा आरोप मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने लगाया।
గణేశ్ నిమజ్జనానికి ఎస్సారెస్పీ నుంచి నీటి విడుదల

కరీంనగర్/కొత్తపల్లి: గణేశ్ విగ్రహాల నిమజ్జనం కోసం ఎస్సారెస్పీ మెయిన్ కెనాల్‌కు సోమవారం నీటిని విడుదల చేశారు. నవరాత్రి ఉత్సవాలు ముగియనున్న నేపథ్యంలో కరీంనగర్ జిల్లాలోని కాకతీయ కాల్వలు, డిస్ట్రిబ్యూటరీ కాల్వల్లో నిమజ్జనానికి ఇబ్బందులు లేకుండా నీటిని విడుదల చేయాలని చొప్పదండి ఎమ్మెల్యే మేడిపల్లి సత్యం ప్రాజెక్టు చీఫ్ ఇంజినీర్‌ను కోరారు.

కొన్నేళ్లుగా గణేశ్ విగ్రహాలను కాకతీయ కాల్వలతో పాటు పలు డిస్ట్రిబ్యూటరీ కాల్వల్లో నిమజ్జనం చేస్తున్నారని, ప్రస్తుతం కాల్వల్లో నీరు లేక భక్తులు ఇబ్బందులు ఎదుర్కొంటున్నారని ఎమ్మెల్యే అధికారుల దృష్టికి తీసుకెళ్లారు. దీంతో ఎమ్మెల్యే సూచన మేరకు నీటిని విడుదల చేస్తామని ప్రాజెక్టు సీఈ తెలిపారు.

సోమవారం ఉదయం 11 గంటలకు తొలుత 500 క్యూసెక్కుల నీటిని విడుదల చేశారు. అనంతరం సాయంత్రం మరో 3 వేల క్యూసెక్కుల నీటిని వదిలారు. కరీంనగర్ నగరంలో పెద్ద సంఖ్యలో గణేశ్ విగ్రహాలను నిమజ్జనం చేసే చింతకుంట కెనాల్‌కు మంగళవారం రాత్రి వరకు నీరు చేరే అవకాశం ఉందని అధికారులు తెలిపారు.

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद नोएडा प्रशासन फिर निशाने पर, CJI सूर्यकांत ने लगाई फटकार

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*नई दिल्ली:* नोएडा जिला प्रशासन एक बार फिर अदालत के निशाने पर है। आकृति चौधरी केस के बाद अब अक्षत त्रिपाठी मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को जमकर फटकार लगाई है।

मामला गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सेकेंड ईयर के कानून के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। 20 साल के छात्र पर आरोप था कि उसने यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को CJP द्वारा बुलाए गए जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया था। साथ ही उस पर 'सरकार विरोधी और भ्रामक' बातें फैलाने और अशांति भड़काने का भी आरोप लगाया गया।

इसी आरोप के आधार पर 4 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने BNSS की धारा 130 के तहत उसे शोकॉज नोटिस जारी किया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में ग्रेटर नोएडा के एक छात्र को नोटिस देने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कैसे, किस हिम्मत से, कोई मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस जारी कर सकता है!'

बताया जा रहा है कि सिविल सुरक्षा कानून की धारा 130 के तहत छात्र के खिलाफ जारी किया गया नोटिस अब वापस ले लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद नोएडा प्रशासन फिर निशाने पर, CJI सूर्यकांत ने लगाई लताड़*

#NoidaNews

नई दिल्ली: नोएडा जिला प्रशासन एक बार फिर अदालत के निशाने पर है। आकृति चौधरी केस के बाद अब अक्षत त्रिपाठी मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को जमकर फटकार लगाई है।

मामला गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के सेकेंड ईयर के कानून के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। 20 साल के छात्र पर आरोप था कि उसने यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को CJP द्वारा बुलाए गए जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाया था। साथ ही उस पर 'सरकार विरोधी और भ्रामक' बातें फैलाने और अशांति भड़काने का भी आरोप लगाया गया।

इसी आरोप के आधार पर 4 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने BNSS की धारा 130 के तहत उसे शोकॉज नोटिस जारी किया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में ग्रेटर नोएडा के एक छात्र को नोटिस देने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कैसे, किस हिम्मत से, कोई मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस जारी कर सकता है!'

बताया जा रहा है कि सिविल सुरक्षा कानून की धारा 130 के तहत छात्र के खिलाफ जारी किया गया नोटिस अब वापस ले लिया गया है।

आईएमए फर्रुखाबाद की नई कार्यकारिणी ने संभाला कार्यभार

कौन है निशु आजाद जिसके पिता को न्याय दिलाने सड़क पर उतरी सीजेपी, संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन

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कॉकरोच जनता पार्टी एक बार फिर सड़क पर उतरी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जून को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में घायल हुए निशु आजाद के पिता को न्याय दिलाने के लिए सीजेपी संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन कर रही है। सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में घायल हुए गाजियाबाद के संजय कुमार (38) की बेटी निशु ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर निशु का एक वीडियो आया है, जिसमें वह कह रही हैं कि अब दिल्ली पुलिस से उनकी आशा और उम्मीद टूटने लगी है।

वीडियो आने के बाद बवाल बढ़ा

निशु का वीडियो आने के बाद इसे लेकर बवाल बढ़ गया है। निशु वीडियो में कह रही हैं कि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह साफ कह रहा कि उस पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होना चाहिए था। निशु ने कहा कि जब मेरे पापा का सिर फोड़ा था। तब उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर रही है। निशु ने अपना वीडियो राहुल गांधी को भी टैग किया है। उनका कहना है कि अब पुलिस से उम्मीद नहीं है। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को कानून का डर नहीं है। अब मुझे बस राहुल गांधी से उम्मीद है।

सौरव दास का थाने के सामने धरना-प्रदर्शन

निशु दिल्ली पुलिस से एक्शन की मांग कर रही हैं। साथ ही वह स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रही हैं। इसे लेकर आज संसद थाने के बाहर काफी गहमागहमी है। निशु मामले में कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और कुछ लोग पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे हैं। थाने के सामने सड़क पर बैठ गए हैं।

सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जंतर मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान समर्थक के पिता पर हुए हमले में कार्रवाई न करने की बात कही। रांका के अनुसार, सौरभ और उनके पूरे दल ने दिल्ली पुलिस से हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। उन्होंने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की भी मांग की थी। हालांकि, पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। आज, घटना में शामिल लोग खुले तौर पर संजय पर हमला करने की बात स्वीकार कर रहे हैं। वे यह भी मान रहे हैं कि उन्होंने संजय को जान से मारने का प्रयास किया था। इसके बावजूद, दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर कोई कदम नहीं उठाया है। यह आरोप कपिल मिश्रा और भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रभाव में कार्रवाई न करने का है।

स्वतंत्र भारद्वाज के वीडियो में क्या?

इस बीच कथित हमलावर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह दावा कर रहा है कि उसने सीजेपी के एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, उसे 60 टांके लगे थे और उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि वह मौत के करीब पहुंच गया था। वह यह भी कहता है कि उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। वीडियो में उसने आगे कहा 'मैं अगले दिन ही पुलिस हिरासत से बाहर आ गया। मुझे जेल भी नहीं जाना पड़ा। मैंने पुलिस को यह कहते सुना कि कपिल मिश्रा का फोन आया था। वह मेरे बड़े भाई जैसे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर, अब सीजेपी दिल्ली में नहीं करेगी प्रोटेस्ट

#cjpwithdrawscallformarchonseptember_5

दिल्ली में 5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की तरफ से प्रस्तावित विरोध मार्च को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम जानकारी सामने आई। सीजेपी ने अदालत को बताया कि वह 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित अपने नए विरोध मार्च का आह्वान वापस ले रही है। यह फैसला केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर दिए गए आश्वासन के बाद लिया गया।

छात्रों के खिलाफ दर्ज 129 एफआईआर रद्द

कॉकरोच मूवमेंट के दौरान राजधानी दिल्ली और 4 राज्यों में प्रदर्शन को लेकर छात्रों के खिलाफ दर्ज 129 एफआईआर रद्द कर दी गई हैं। सरकार का कहना है प्रदर्शन खत्म होने के दौरान उसने छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का वादा किया था, जिसे अब पूरा कर लिया है। मंगलवार (1 सितंबर) को सरकार ने एफआईआर को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करने की अपील की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

सीजेपी ने किया प्रदर्शन न करने का ऐलान

जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेपी के सौरव दास ने कहा, मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के सकारात्मक आश्वासनों और आज उन्हें मिली न्यायिक मान्यता को देखते हुए, और इस कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए, कॉकरोच जनता पार्टी 5 सितंबर को होने वाले मार्च के आह्वान को वापस लेना उचित समझता है। उम्मीद है कि सरकार अपने वचन का पालन करेगी।

एफआईआर वापस क्यों ली गई?

केंद्र की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी से वादा किया था कि अगर आंदोलन वापस ले लिए जाते हैं, तो मामले वापस ले लिए जाएंगे। मैंने दिल्ली के लिए लिस्ट दे दी है। इसके बाद बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल ने भी केस वापिस की याचिका दाखिल की। इन राज्यों ने भी कहा कि हम केस वापस ले रहे हैं। इन सभी राज्यों में कुल 129 एफआईआर दर्ज थे। फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर किसी अन्य राज्यों में भी कोई मुकदमा दर्ज है तो हम चाहते हैं कि वे जांच को आगे न बढ़ाएं।

20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ था आंदोलन

बता दें कि नीट अनियमितताओं के खिलाफ सीजेपी के नेतृत्व में आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। यह आंदोलन 25 जुलाई को उस समय समाप्त किया गया, जब तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और सरकार ने संगठन की अन्य मांगों को भी स्वीकार किया।