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तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं*
फर्रुखाबाद । शासन के निर्देशानुसार माह के तृतीय शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस का आयोजन आज तहसील अमृतपुर के सभागार में जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर की अध्यक्षता में किया गया। जिलाधिकारी ने तहसील समाधान दिवस में उपस्थित फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि मौके पर जाकर शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच करते हुए गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को निस्तारण से संतुष्ट किया जाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने राजस्व संबंधी मामलों में संबंधित राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवाद, पैमाइश, नामांतरण, कब्जा एवं अन्य राजस्व प्रकरणों में नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का निस्तारण तत्काल संभव है, उनका मौके पर ही समाधान कराया जाए तथा जिन प्रकरणों में समय की आवश्यकता है, उनमें निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यवाही पूर्ण की जाए। तहसील समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, स्वास्थ्य, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।अमृतपुर तहसील में आयोजित तहसील दिवस में कुल 78 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिसमें राजस्व विभाग की 33, पुलिस विभाग की 12, विकास विभाग की 10, विद्युत विभाग की 04, खाद्य एवं रसद विभाग की 05 एवं 14 शिकायतें अन्य विभागों से संबंधित रहीं तथा मौके पर 05 शिकायतों का समाधान किया गया।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनन्द उपाध्याय, उप जिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर राजेश कुमार द्विवेदी, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला पंचायत राज, तहसीलदार अमृतपुर शशांक सिंह, अधिकारी अविनाश चंद्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें अखिलेश’: सपा पर बीजेपी प्रवक्ता का तीखा हमला
*‘जनता 2027 में ईवीएम पर जवाब देगी’... अखिलेश की सियासत पर दिनेश प्रताप सिंह का तीखा वार
* ‘सनातन को बदनाम करने के लिए AI वीडियो बनवा रही सपा’... अखिलेश पर बीजेपी प्रवक्ता का सख्त निशाना

लखनऊ। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने संत कबीर नगर में गणेशोत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन की घटना से लेकर रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज विवाद, किसान कल्याण और संवैधानिक संस्थाओं के मुद्दे पर सपा पर तीखा हमला बोला।
* संत कबीर नगर की घटना पर सपा सांसद को घेरा
संत कबीर नगर में गणेशोत्सव की मूर्ति विसर्जन की घटना को लेकर दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे लोगों के बीच सपा सांसद ने अपने सांसद होने का रुतबा दिखाते हुए समाजवादी पार्टी के चिर-परिचित गुंडई अंदाज में निषाद समाज और सनातन पर टिप्पणी की, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सपा सांसद के बयान को लेकर वहां के लोगों में काफी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज सनातन को मानता है, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और भगवान राम को मानता है। अगर कोई सनातन पर टिप्पणी करेगा तो निश्चित तौर पर समाज उसकी प्रतिक्रिया देने को तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण सपा सांसद को वहां से भागना पड़ा।
* ‘रस्सी जल गई, लेकिन अकड़ नहीं गई’
रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज में सपा-ABVP विवाद को लेकर भी दिनेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 2017 से लगातार हार का स्वाद चख रही है, लेकिन ‘रस्सी जल गई, फिर भी अकड़ नहीं गई।’
उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े माफिया मिट्टी में मिल गए, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की अकड़ अभी भी बरकरार है। इसका परिणाम रायबरेली में देखने को मिला, जहां सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की ओर से यह तक कहा गया कि नाम लिखकर रखेंगे और कहीं भी रहेंगे, देख लेंगे।
* ‘अखिलेश मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना बंद करें’
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता 2017 से उन्हें लगातार देख रही है और 2027 में जब ईवीएम उनके सामने होगी तो जनता बटन दबाकर अपना फैसला सुना देगी।
बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी ‘नील बटा सन्नाटा’ होकर रह जाएगी और हकीकत में उसका कहीं अस्तित्व नहीं रहेगा।
* किसान कल्याण को लेकर भी सपा पर हमला
किसान कल्याण के मुद्दे पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय से बिजली, सिंचाई की मुफ्त व्यवस्था, खाद और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसानों को समय से एमएसपी और गन्ना किसानों को समय से भुगतान किया जा रहा है। बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को सालों-साल भुगतान नहीं मिलता था, बल्कि गुंडई और वसूली होती थी।
उन्होंने कहा कि आज योगी आदित्यनाथ की सरकार में गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिन में हो रहा है। उनके मुताबिक केंद्र में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार ने यह करके दिखाया है और किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा किया गया है।
* ‘संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं’
संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्ष के दृष्टिकोण पर भी दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और ‘इंडी’ अलायंस लाल-काली किताबें लेकर घूमते हैं और संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन जब अवसर आता है तो संविधान को तार-तार करने का काम करते हैं। उन्होंने राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न भारत के संविधान पर भरोसा है, न राष्ट्रगीत पर और न ही किसी संवैधानिक संस्था पर। यहां तक कि उन्हें चुनाव आयोग पर भी भरोसा नहीं है।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब जनता का चुनावी फैसला इनके पक्ष में होता है तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन जब फैसला इनके खिलाफ आता है तो सब गड़बड़ बताया जाता है।
* ‘AI वीडियो बनाकर भी सनातन को बदनाम नहीं कर पाएंगे’
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया और AI वीडियो को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चाहे जितनी कोशिश कर लें, X पर जितनी पोस्ट कर लें, प्रेस बुलाकर कितनी भी बातें कर लें या अपने कार्यालय में बैठकर सनातन को बदनाम करने के लिए कितने भी AI वीडियो बनवा लें, जनता सब देख रही है।
उन्होंने कहा कि जब जनता को 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश और समाजवादी पार्टी का कुशासन याद आता है तो वह सिहर उठती है।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले को किया संबोधित, 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र
* लखनऊ में विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में चयनित 209 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए
* रोजगार केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का अवसर है: कीर्ति वर्धन सिंह

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर में आयोजित 20वें रोजगार मेले को संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में नवनियुक्त 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। देशभर में 45 स्थानों पर आयोजित रोजगार मेले के तहत लखनऊ में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में चयनित कुल 209 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
लखनऊ में रोजगार मेले का आयोजन आयकर विभाग द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कीर्तिवर्धन सिंह ने नवनियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी को केवल जीविका का साधन न समझें, बल्कि इसे देश की सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर मानें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं को ‘प्रधानमंत्री’ के बजाय ‘प्रधान सेवक’ के रूप में देश की सेवा के लिए समर्पित बताया है। इसी सेवा भावना के साथ नवनियुक्त युवाओं को भी अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने युवा शक्ति को केंद्र में रखते हुए ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलें शुरू की हैं। इन पहलों ने देश में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार के नए द्वार खोले हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत वर्ष 2015 से अब तक 1 करोड़ 64 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर उनके कौशल विकास को सशक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से मार्च 2026 तक 39 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है। इस योजना के तहत छोटे उद्यमियों और व्यवसायों को बिना जमानत संस्थागत ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे देश में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है।
प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत कीर्तिवर्धन सिंह ने लखनऊ आयोजन स्थल पर विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में चयनित 40 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। लखनऊ में आयोजित रोजगार मेले के माध्यम से कुल 209 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। रोजगार मेले के तहत चयनित नवनियुक्त युवा आयकर विभाग, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
रोजगार मेला भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को सार्थक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए सशक्त बनाना है। इस पहल के अंतर्गत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में चयनित नवनियुक्त कार्मिकों को देशभर में आयोजित रोजगार मेला कार्यक्रमों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाते हैं। यह आयोजन केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के सामूहिक प्रयासों का भी प्रतीक है। इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, मानव पूंजी को सशक्त बनाने तथा नागरिकों को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण जनसेवाएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
‘पहले अपने गिरेबां में झांकें अखिलेश’; MSP और किसानों के मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही का सपा पर हमला
* ‘सपा राज में ₹700-800 में बिकता था धान, आज तीन गुना ज्यादा कीमत’: सूर्य प्रताप शाही
* ‘नौकरी की नीलामी बंद हुई, इसलिए अखिलेश बेचैन हैं’: सपा पर सूर्य प्रताप शाही का सख्त हमला

लखनऊ। कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने MSP, गन्ना भुगतान, किसानों की बिजली और रोजगार के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल की तुलना योगी सरकार से करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को सरकार पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के समय धान की MSP ₹1310 और गेहूं की MSP ₹1400 थी। इसके मुकाबले योगी सरकार में पिछले साल धान की MSP ₹2385 और गेहूं की ₹2450 दी गई।
उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव से पहले प्रचार के दौरान धान ₹700 से ₹800 में बिकता था। आज उत्तर प्रदेश में धान ₹2400, ₹2500, ₹2600 और ₹2700 तक में बिक रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार में गेहूं का भाव भी ₹2800 तक पहुंचा है।
शाही ने कहा कि MSP बढ़ने से बाजार का रेट भी उठा है और इसका फायदा किसान को मिला है।
* ‘सपा राज में साल-साल तक भुगतान नहीं होता था’
किसानों के भुगतान को लेकर भी सूर्य प्रताप शाही ने सपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय किसान MSP पर फसल बेचता था, लेकिन उसका भुगतान साल-साल और दो-दो साल तक नहीं होता था। उन्होंने बुंदेलखंड में किसान आत्महत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में वहां लगातार किसान आत्महत्या करते थे।
वहीं योगी सरकार की व्यवस्था का जिक्र करते हुए शाही ने कहा कि अब किसान के खाते में सीधे भुगतान होता है और तीन से चार दिन, अधिकतम सात दिन के भीतर पैसा पहुंच जाता है।
* गन्ने के भुगतान पर भी मंत्री ने अखिलेश को घेरा
गन्ना मूल्य और भुगतान को लेकर सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के समय गन्ने का दाम ₹280 तय किया गया था और इसका भुगतान तीन किस्तों में किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले 40 प्रतिशत, फिर 40 प्रतिशत और अंत में 20 प्रतिशत भुगतान होता था और यह 20 प्रतिशत राशि तीन-चार साल बाद तक अटकी रहती थी। शाही ने कहा कि योगी सरकार बनने के समय तीन पेराई सत्रों का करीब ₹10 हजार करोड़ बकाया छोड़ा गया था, जिसका भुगतान योगी सरकार ने किया।
उनके मुताबिक अब तक ₹3.5 लाख करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। इस साल गन्ना मूल्य में ₹25 की बढ़ोतरी की गई है और ₹400 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ₹36,500 करोड़ में से ₹34 हजार करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
* ‘किसान के ट्यूबवेल की बिजली माफ’
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों के ट्यूबवेल से चलने वाली बिजली को माफ कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार इसके लिए ₹2600 करोड़ का खर्च वहन कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी व्यवस्था के बावजूद अखिलेश यादव सरकार पर सवाल क्यों उठा रहे हैं। शाही ने कहा कि उन्हें अनावश्यक अफवाह और गलत बातें फैलाने के बजाय अपने ऊपर पुनर्विचार करना चाहिए।
* ‘सपा सरकार में गुंडाराज पूरे प्रदेश में था’
सूर्य प्रताप शाही ने सपा सरकार के कानून-व्यवस्था के रिकॉर्ड पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में लूट-खसोट, योजनाओं में भ्रष्टाचार और पुलिस के ऊपर गुंडों का प्रभाव था।
उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग कांड का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पुलिस के एडिशनल एसपी की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने अन्य घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय अपराधियों के हौसले बुलंद थे। शाही ने कहा कि आज गुंडों के वे हौसले पस्त हो चुके हैं और उत्तर प्रदेश की जनता अब गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेगी।
* ‘अपहरण, फिरौती और लूट का कारोबार खत्म’
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सपा सरकार के दौरान अपहरण, फिरौती, लूट और रैनसम वसूली का माहौल था। उन्होंने इसे उस दौर का ‘उद्योग’ बताते हुए आरोप लगाया कि लोगों का अपहरण किया जाता था, फिरौती मांगी जाती थी और भारी रकम लेकर छोड़ा जाता था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में यह सब खत्म हो चुका है।
* ‘9.5 लाख से ज्यादा लोगों को पारदर्शी तरीके से नौकरी’
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में 9.5 लाख से ज्यादा लोगों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में कार्यक्षमता बढ़ी है और पब्लिक सर्विस कमीशन की कार्यप्रणाली को बेहतर किया गया है। शाही ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान पब्लिक सर्विस कमीशन, सबऑर्डिनेट सर्विस कमीशन और शिक्षक भर्ती बोर्ड जैसी संस्थाएं ध्वस्त हो गई थीं और नौकरी की नीलामी होती थी। उन्होंने कहा कि अब यह व्यवस्था बंद हो गई है और इसी वजह से समाजवादी पार्टी के ‘पेट में दर्द’ है और अखिलेश यादव बेचैन हैं।
नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे, अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार
* किसान की बेटी बनी प्रोफेसर, बोलीं- निष्पक्ष और पारदर्शी चयन ने युवाओं में भरा नया भरोसा

* फार्मासिस्ट और एक्स-रे टेक्नीशियन ने कहा- योग्यता के आधार पर मिली नौकरी, पूरी निष्ठा से निभाएंगे जिम्मेदारी

लखनऊ। लोकभवन सभागार में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर नवचयनित अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए उनका आभार जताया। किसी ने किसान परिवार से निकलकर प्रोफेसर बनने की अपनी यात्रा साझा की तो किसी ने बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार का अवसर मिलने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि योग्यता के आधार पर हुए चयन से युवाओं में मेहनत के बल पर सरकारी सेवा में आने का भरोसा बढ़ा है।

- किसान की बेटी बोलीं- निष्पक्ष चयन से युवाओं में नई ऊर्जा
हाथरस की डॉ. रेखा पलावत का लोक सेवा आयोग से प्रोफेसर शल्य तंत्र के पद पर चयन हुआ है। मुख्यमंत्री से संवाद में उन्होंने कहा कि उनके पिता किसान हैं और वह मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। माता-पिता के कठिन परिश्रम से वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। उन्होंने आवेदन से चयन और नियुक्ति तक की प्रक्रिया कम समय में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी और आयुष मंत्री का आभार जताया।
डॉ. रेखा ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में योग्यता के आधार पर परिणाम आने से अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह आया है। अब युवाओं में यह विश्वास है कि सच्चे मन से मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि मिली जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगी।

- अंशु ने मुख्यमंत्री को दिया पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय
लखनऊ की अंशु गुप्ता का चयन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के पद पर हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी खुशी साझा करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय उन्हें दिया। अंशु ने कहा कि वर्ष 2022 से 2026 तक 800 से अधिक होम्योपैथिक फार्मासिस्टों का चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पालन करेंगी।
- बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के लिए जताया आभार
एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयनित सरिता सोनी ने मुख्यमंत्री योगी और प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेटियों को न केवल सुरक्षा और सम्मान से जीने का अवसर मिला है, बल्कि आगे बढ़ने के लिए रोजगार का अवसर भी मिला है। उन्होंने अपने दायित्व का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने की बात कही।
लखनऊ के अनुराग गौतम का भी एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को दिल से धन्यवाद देते हुए पूरी निष्ठा से सेवा करने का भरोसा दिलाया।
- निष्पक्ष चयन पर सचिन ने मुख्यमंत्री को कहा धन्यवाद
भदोही के सचिन कुमार सिंह का उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से वायरमैन अनुदेशक के पद पर चयन हुआ है। उन्हें आलापुर, अंबेडकरनगर में तैनाती मिली है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और मिली जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाने की बात कही। प्रयागराज के महेश कुमार यादव का चयन प्लंबर अनुदेशक के पद पर हुआ है। उन्हें गोंडा में तैनाती मिली है। उन्होंने भी नियुक्ति मिलने पर आभार जताते हुए अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का भरोसा दिया।
- पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया को दिया सफलता का श्रेय
उद्योग विभाग में सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित दिलीप कुमार पांडे ने कहा कि उनकी सफलता केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है। इसमें माता-पिता, शिक्षकों और उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया का भी योगदान है। उन्होंने इस दिन को अपने लिए ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री का हृदय से आभार जताया। सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित यशवंत सिंह ने भी नियुक्ति मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
-  इन्हें मुख्यमंत्री के हाथों मिले नियुक्ति पत्र
आयुष विभाग में डॉ. सुधीर चौहान को प्रोफेसर होम्योपैथ, आराधना चौधरी, रोशनी, प्रिंसी गुप्ता, साक्षी सिंह, पल्लवी देवी और आकाश शुक्ला को फार्मासिस्ट होम्योपैथ, डॉ. हिमानी और डॉ. रोमा आनंद को रीडर आयुर्वेद तथा डॉ. सफिया बानो और डॉ. मोहम्मद कासिफ को प्रवक्ता यूनानी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में प्रिंस सिंह, पंकज कुमार वर्मा, शिवानंद शुक्ल, मोहम्मद अफरोज, ट्विंकल पटेल, सरिता सोनी, सविता देवी और अनुराग गौतम को एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति पत्र मिले। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में तृप्ति श्रीवास्तव और ललित कुमार वर्मा को सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
जो नहीं कर पाए वे गिनते जाएं, हम नौकरियां देते जाएंगे: मुख्यमंत्री योगी

* लोकभवन में 818 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी बोले- भर्ती का सिलसिला लगातार रहेगा
* मिशन रोजगार के तहत UPPSC और UPSSSC से विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
* पुलिस में 36 हजार और होमगार्ड में 41 से 42 हजार नियुक्तियों की प्रक्रिया का किया जिक्र
* बोले- अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी
* पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना, कहा- भर्ती बोर्ड और आयोगों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को किया था बदनाम
* कहा- बीमार उत्तर प्रदेश नहीं था, सरकारों की मानसिकता बीमार थी, कार्यप्रणाली भ्रष्ट और भेदभावपूर्ण थी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग रोजगार नहीं दे पाए, वे आज सवाल खड़े कर रहे हैं। वे गिनते जाएं, हम नौकरियां देते जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख से कम नहीं, बल्कि एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली युवा जब उत्तर प्रदेश की ताकत बनेंगे तो प्रदेश देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था के रूप में खुद को स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को लोकभवन सभागार में मिशन रोजगार के तहत आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से आयुष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम समेत विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री योगी ने नवचयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उनके परिश्रम का प्रतिफल मिला है और अब वे उत्तर प्रदेश सरकार के अलग-अलग विभागों का हिस्सा बन रहे हैं।
* साढ़े नौ लाख युवाओं को मिल चुकी सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब तक प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दी गई है। नियुक्तियों का क्रम आगे भी जारी रहेगा। शनिवार को भी करीब एक हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। जो लोग यह काम नहीं कर पाए, वे आज प्रश्न खड़े कर रहे हैं। वे गिनते जाएं, हम देते जाएंगे। एक लाख से कम युवाओं को नौकरी देने पर नहीं, उससे ज्यादा पर ही चर्चा होगी।
* पुलिस में 36 हजार, होमगार्ड में 41 से 42 हजार नियुक्तियां
मुख्यमंत्री योगी ने आगामी नियुक्तियों का ब्योरा देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में 36 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं। उनकी परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और फिजिकल व मेडिकल की प्रक्रिया चल रही है। होमगार्ड में भी 41 से 42 हजार नियुक्तियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से अगले छह महीने में आने वाले परिणामों के माध्यम से 25 से 30 हजार नए युवाओं को अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से करीब 20 से 25 हजार नौजवानों को अवसर मिलने वाला है। कुछ के परिणाम आने शुरू हो गए हैं और कुछ की परीक्षाएं चल रही हैं। अगले तीन से चार महीने में इनके परिणाम भी सामने आ जाएंगे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से भी अलग-अलग विभागों में 15 से 16 हजार युवाओं को अवसर मिलेगा।
* भर्ती बोर्ड राजनीति का शिकार न हों तो ऐसे मिलते हैं परिणाम
मुख्यमंत्री योगी ने भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और शुचितापूर्ण तरीके से पूरी करने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्षों एवं सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोग शासन की राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षाएं पारदर्शी व शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न होती हैं तो उसके परिणाम ऐसे ही देखने को मिलते हैं।
* भाई-भतीजों को बैठाकर भर्ती प्रक्रिया को किया बदनाम
मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले आयोग और भर्ती बोर्डों में तत्कालीन सरकारों ने अपने भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर रखा था। एक भी भर्ती ईमानदारीपूर्वक नहीं होती थी। युवा पलायन करता था और प्रदेश के बाहर उसके सामने पहचान का संकट खड़ा था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का चेयरमैन ऐसे व्यक्ति को बनाया गया था, जो स्वयं उस पद के लिए योग्य नहीं था। इसके बाद वहां जो स्थिति बनी, उसके खिलाफ न्यायालय को कहना पड़ा और प्रदेश के युवाओं को सड़कों पर उतरना पड़ा।
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में ऐसी भर्तियां भी हुईं, जिनमें आवेदन नहीं करने वालों को नियुक्ति पत्र मिल गया और आवेदन करने वाले देखते रह गए। विज्ञापन जारी होते ही वसूली के लिए अलग-अलग गिरोह और सिंडिकेट सक्रिय हो जाते थे। सरकार ने समूह ग और घ की भर्तियों से साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त कर दी।
* बीमार यूपी नहीं, सरकारों की मानसिकता बीमार थी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के नौजवानों की प्रतिभा को सम्मान नहीं मिला। उस समय की सरकारों की बीमारू मानसिकता के कारण उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य बन गया था। उन्होंने कहा कि बीमार उत्तर प्रदेश नहीं था, सरकारों की मानसिकता बीमार थी। उनकी कार्यप्रणाली भ्रष्ट और भेदभावपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रदेश की युवा शक्ति को समस्या मानती थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे उत्तर प्रदेश की आर्थिक ताकत और अवसर के रूप में देखा। प्रदेश की संभावनाओं को प्रतिभाशाली युवाओं के माध्यम से आगे बढ़ाने का काम किया गया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो उत्तर प्रदेश 2017 से पहले सबसे गरीब राज्यों में माना जाता था और पहचान के संकट से गुजर रहा था, वही प्रदेश पिछले छह वर्षों से लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। आज उत्तर प्रदेश भारत के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि नौ वर्षों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था तीन गुना हुई है। महिला कार्यबल की उपलब्धता तीन गुना और प्रदेश का बजट भी तीन गुना से अधिक हुआ है।
* युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को जवाब देने की ताकत
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले कोई बेटी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती थी, व्यापारी व्यापार करने को तैयार नहीं था और नौजवान पलायन के लिए मजबूर था। डबल इंजन की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की गई। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने युवाओं को ऐसे लोगों को जवाब देने की ताकत दी है और इस ताकत का इस्तेमाल करने की आवश्यकता है।
* आयुष को मिली नई पहचान, चिकित्सा क्षेत्र में भी बढ़े अवसर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले आयुष की कोई पहचान नहीं थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग मंत्रालय बनाकर पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई पहचान दी। आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, होम्योपैथी और सिद्धा को एक प्लेटफार्म मिला। अब आयुष विश्वविद्यालय और नए कॉलेज बन रहे हैं तथा नियुक्तियों की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी विभिन्न कार्यक्रम चल रहे हैं और नए मेडिकल कॉलेजों की श्रृंखला खड़ी हो रही है। भर्ती में विज्ञापन जारी होने से नियुक्ति पत्र वितरण तक प्रत्येक प्रक्रिया की समयबद्धता और मेरिट की समीक्षा की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने नवचयनित युवाओं से कहा कि अब वे सीधे उत्तर प्रदेश शासन का हिस्सा बनकर अपनी प्रतिभा और सेवा का लाभ प्रदेश की 25 करोड़ जनता को दे सकेंगे। उन्होंने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए पूरी ईमानदारी और तन्मयता के साथ दायित्व निभाने का आह्वान किया।
* नियुक्ति पत्र केवल कागज नहीं, मेहनत और प्रतिज्ञा का परिणाम: हंसराज विश्वकर्मा
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल कागज नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों की मेहनत और प्रतिज्ञा का परिणाम है। आज युवाओं को रोजगार के साथ जिम्मेदारी भी मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारदर्शिता के साथ काम हो रहा है। सरदार पटेल के नाम से एक विभाग खोला जा रहा है और उनके नाम से इंडस्ट्री जोन भी खोला जा रहा है, जिसका उद्घाटन अक्टूबर या नवंबर में मुख्यमंत्री योगी कर सकते हैं।
* चिकित्सा क्षेत्र में हुआ बड़ा बदलाव: मयंकेश्वर शरण सिंह
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में चिकित्सा क्षेत्र में बहुत बदलाव हुआ है। प्रदेश में इंसेफेलाइटिस को खत्म करने का काम किया गया है।
* देश का ग्रोथ इंजन बन रहा उत्तर प्रदेश: दयाशंकर मिश्र दयालु
आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में ग्रोथ का इंजन बन रहा है। साढ़े नौ लाख नियुक्तियां कल्पना से परे हैं। यह वही उत्तर प्रदेश है, जहां नौकरियां पैसे से बिकती थीं। आज यह उत्तर प्रदेश के गौरव का अवसर है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 361 फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं।
* मुख्यमंत्री योगी को भेंट की भगवान धन्वंतरि और श्रीराम की प्रतिमा
कार्यक्रम की शुरुआत में आयुष राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा भेंट की। वहीं, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने मुख्यमंत्री योगी को रुद्राक्ष का पौधा और भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा और प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने मुख्यमंत्री योगी को पौधा और भगवान श्रीराम दरबार की प्रतिमा भेंट की।
* कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत समेत विभागीय अधिकारी और नवचयनित अभ्यर्थी मौजूद रहे।
निवेश से निर्यात तक, एक मंच पर दिखेगा उत्तर प्रदेश का औद्योगिक सामर्थ्य
*निवेश प्रोत्साहन से लेकर एमएसएमई, ओडीओपी, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा तक की ताकत का होगा प्रदर्शन*
*योगी सरकार के औद्योगिक विजन को वैश्विक मंच देगा चौथा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026*
*25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में होगा भव्य आयोजन*


लखनऊ, 18 सितंबर। उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक मंच देने की तैयारी तेज हो गई है। निवेश से निर्यात तक प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य को एक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में किया जाएगा। ट्रेड शो में प्रदेश के विभिन्न विभागों, विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक क्षेत्रों, एमएसएमई, ओडीओपी उद्यमियों, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है।
योगी सरकार के औद्योगिक विजन के अनुरूप आयोजित होने वाला यह ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश संभावनाओं, स्थानीय उत्पादों की विविधता और निर्यात क्षमता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। आयोजन में निवेश प्रोत्साहन, आधारभूत ढांचे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सेवा क्षेत्रों को अलग-अलग हॉल में प्रदर्शित किया जाएगा। इससे निवेशकों, खरीदारों और उद्यमियों के बीच संवाद तथा कारोबारी साझेदारी के अवसर उपलब्ध होंगे।

*निवेश प्रोत्साहन से औद्योगिक विस्तार तक, एक मंच पर आएंगे प्रमुख संस्थान*
चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 1 में इन्वेस्ट यूपी और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को स्थान दिया गया है। हॉल 3 में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की भागीदारी रहेगी।
हॉल 4 में ‘यूपी एट अ ग्लांस’ के माध्यम से प्रदेश की समग्र औद्योगिक एवं विकास क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा। हॉल 5 में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की गतिविधियां प्रस्तुत की जाएंगी। हॉल 6 में सिंचाई, समाज कल्याण, नगर विकास, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग शामिल होंगे।
हॉल 7 में नोएडा विकास प्राधिकरण, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, आईटी एवं आईटीईएस तथा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 8 में श्रम विभाग, स्वास्थ्य एवं अस्पताल, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा तथा बैंकिंग एवं वित्त से जुड़े क्षेत्र प्रदर्शित होंगे। इन संस्थानों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, मानव संसाधन और कारोबारी सुविधाओं की जानकारी निवेशकों एवं उद्यमियों तक पहुंचाने का मंच मिलेगा।

*ओडीओपी और एमएसएमई की ताकत से वैश्विक बाजार तक पहुंच*
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा स्थानीय उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए ट्रेड शो में एमएसएमई और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को विशेष स्थान दिया गया है। हॉल 9 में ओडीओपी के उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि हॉल 10 में नए उद्यमियों एवं एमएसएमई को स्थान दिया गया है। हॉल 11 में पशुपालन, मत्स्य, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जीआई उत्पाद, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा आयुष से जुड़े क्षेत्र शामिल होंगे। हॉल 12 में कृषि विभाग, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यान, डेयरी विकास और चीनी उद्योग की भागीदारी प्रस्तावित है।
यह व्यवस्था प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, ग्रामीण उद्यमिता और आधुनिक औद्योगिक गतिविधियों को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ओडीओपी एवं एमएसएमई उत्पादों की प्रदर्शनी से उद्यमियों को अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, संभावित खरीदारों से संपर्क और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर मिलेंगे।

*निर्यातकों, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक उद्योगों को मिलेगा मंच*
ट्रेड शो में निर्यात विस्तार से जुड़े क्षेत्रों को भी प्रमुखता दी गई है। हॉल 14, 15 और 16 में टाउन ऑफ एक्सीलेंस, निर्यातकों, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, वस्त्र एवं हथकरघा, खेल तथा मुख्यमंत्री युवा से जुड़े क्षेत्रों की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 17 में ओडीओपी ओपन स्पेस, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के हितधारक, क्रेडाई और परिवहन क्षेत्र को शामिल किया गया है। निर्यातकों एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने से जुड़े कारोबारी अवसरों को प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। वहीं वस्त्र, हथकरघा, खेल, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य क्षेत्रों के उद्यमी अपने उत्पादों तथा कारोबारी क्षमताओं को संभावित खरीदारों के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे।

*विकास प्राधिकरणों की भागीदारी से दिखेगा क्षेत्रीय औद्योगिक सामर्थ्य*
ट्रेड शो के फोयर एरिया में प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। इनमें कानपुर विकास प्राधिकरण, वाराणसी विकास प्राधिकरण, आगरा विकास प्राधिकरण, लखनऊ विकास प्राधिकरण, मेरठ विकास प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण समेत अन्य प्राधिकरण शामिल हैं। विकास प्राधिकरणों की भागीदारी से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास, औद्योगिक विस्तार और निवेश से जुड़े अवसरों को प्रदर्शित किया जा सकेगा। इससे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की कारोबारी संभावनाओं तथा विकास परियोजनाओं की जानकारी निवेशकों और उद्यमियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

*उद्योग जगत, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भेजे जा रहे आमंत्रण*
ट्रेड शो में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों, उद्योग संगठनों, चैंबरों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों एवं विभागों को पत्र तथा आमंत्रण कार्ड भेजे जा चुके हैं। उद्योग संगठनों एवं चैंबरों को डिजिटल माध्यम से आमंत्रण भेजे गए हैं तथा डाक से आमंत्रण की प्रक्रिया जारी है। संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भी डिजिटल आमंत्रण भेजे जा चुके हैं। बी2बी एवं बी2सी खरीदार पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड तैयार कर प्रसारित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय पोषण माह पर विशेष : योगी सरकार के प्रयासों से यूपी के नौनिहालों की बढ़ रही कद-काठी
*प्रदेश के पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 8.2 प्रतिशत घटा*
*एनएफएचएस- 5 में ऐसे बच्चों का प्रतिशत 39.7 था, जो घटकर 31.5 प्रतिशत हो गया*


लखनऊ, 18 सितंबर। योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश के नौनिहालों की सेहत और पोषण की तस्वीर में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है। प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन यानी उम्र के अनुपात में कम लंबाई की समस्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (एनएफएचएस-5) में जहां प्रदेश में ऐसे बच्चों का प्रतिशत 39.7 था, वहीं एनएफएचस-6 में यह घटकर 31.5 प्रतिशत रह गया है। यानी करीब चार वर्षों में नाटेपन के मामलों में 8.2 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई है।

* बच्चे की लंबाई में होने वाला सुधार एक दिन में नहीं आता : डॉ. पिंकी जोवल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और विविध आबादी वाले राज्य में नाटेपन में कमी का उल्लेखनीय है क्योंकि बच्चे की लंबाई में होने वाला सुधार एक दिन में नहीं आता। यह लंबे समय तक बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवार की देखभाल का परिणाम होता है। एनएफएचएस-5 से एनएफएचएस-6 के बीच नाटेपन के आंकड़ों में आई गिरावट इसलिए प्रदेश के बच्चों के स्वास्थ्य की बदलती तस्वीर का महत्वपूर्ण संकेत है। अब चुनौती इस सुधार को और गति देने तथा यह सुनिश्चित करने की है कि हर बच्चे को जीवन के शुरुआती वर्षों में पर्याप्त पोषण और स्वस्थ विकास का अवसर मिले। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं को जागरुक करने के साथ उन्हे पोषण पोटली वितरित की जा रही है। सर्वेक्षण रिपोर्ट में 31.5 प्रतिशत का आंकड़ा यह भी बताता है कि अभी बड़ी संख्या में बच्चे इस समस्या से प्रभावित हैं इसलिए शुरुआती वर्षों में पोषण की निगरानी, गर्भवती महिलाओं के पोषण, छह माह तक केवल स्तनपान, समय पर पूरक आहार, संक्रमण की रोकथाम तथा बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी पर लगातार जोर देने की जरूरत है और इस पर फोकस काम किया जा रहा है।

* बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन शारीरिक, मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. शालिनी त्रिपाठी के अनुसार बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की उम्र तक पर्याप्त पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर टीकाकरण, स्तनपान और उचित पूरक आहार पर ध्यान देने से कुपोषण की स्थिति को कम किया जा सकता है। इसी दिशा में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के स्तर पर चलाए जा रहे पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सीएम योगी के निर्देश पर सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण-2.0 की गाइडलाइन के तहत संचालित हॉट कुक्ड मील योजना के जरिए 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से ताजा, गर्म और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यूपी में करीब 1.45 लाख को-लोकेटेड और 0.44 लाख नॉन को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले लगभग 32.88 लाख बच्चे नियमित लाभान्वित हो रहे हैं।

* शुरुआती वर्षों में मिलने वाले पोषण की अहम भूमिका
प्रोफेसर ने बताया कि नाटेपन को बच्चों में लंबे समय तक रहने वाले कुपोषण का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। यह केवल बच्चे की लंबाई तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे गर्भावस्था के दौरान मां का पोषण, जन्म के समय बच्चे की स्थिति, स्तनपान, छह माह बाद पूरक आहार, बार-बार होने वाले संक्रमण और शुरुआती वर्षों में मिलने वाले पोषण की अहम भूमिका होती है। ऐसे में आंकड़ों में आई गिरावट को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जा सकता है। एनएफएचएस-5 में उत्तर प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 39.7 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इसी सर्वे में 17.3 प्रतिशत बच्चे दुबलापन (वेस्टिंग) और 32.1 प्रतिशत बच्चे कम वजन की श्रेणी में थे। एनएफएचएस-6 के आंकड़े बताते हैं कि बच्चों के पोषण से जुड़े संकेतकों में देशभर में भी सुधार हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 35.5 प्रतिशत से घटकर 29.3 प्रतिशत हुआ है जबकि उत्तर प्रदेश में नाटापन 39.7 प्रतिशत से घटकर 31.5 प्रतिशत हुआ है।
करघे की खनक और शहद की मिठास लेकर दुनिया के बाजार में उतरेगा बागपत

यूपीआईटीएस में 20 से अधिक स्टॉलों पर दिखेगी जिले की कारोबारी ताकत

जीआई टैग वाले होम फर्निशिंग उत्पादों के साथ नवीन निर्यातक और उद्यमी भी होंगे विदेशी खरीदारों से रूबरू

बागपत, 18 सितंबर। खेकड़ा की पीढ़ियों पुरानी हथकरघा बुनाई और बागपत के शहद की मिठास अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने को तैयार है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में जिले के 20 से अधिक नवीन निर्यातक, ओडीओपी उत्पादक, एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमी अपनी कारोबारी ताकत दिखाएंगे। खास आकर्षण जून 2023 में जीआई टैग प्राप्त बागपत होम फर्निशिंग उत्पाद रहेंगे। खेकड़ा स्थित मास्टर वीवर्स के माध्यम से इस पारंपरिक उत्पाद की पहचान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचेगी। इसके साथ ही अम्ब्रोसिया नेचुरल्स शहद और होम प्रोडक्ट भी प्रदर्शित करेगा।

जीआई टैग वाली बुनाई बनेगी बागपत की पहचान

बागपत होम फर्निशिंग को जून 2023 में जीआई टैग मिला था। यह पहचान खेकड़ा क्षेत्र में पीढ़ियों से हथकरघा बुनाई कर रहे कारीगरों के कौशल को मिली है। जीआई टैग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग निदेशालय और ’’मास्टर वीवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, आदर्श नगर, खेकड़ा’’ ने संयुक्त रूप से आवेदन किया था। मास्टर वीवर्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सूती धागे से बेडशीट, पर्दे, मेजपोश और रनिंग फैब्रिक तैयार किए जाते हैं। ये संस्थान बुनकर फ्रेम लूम से मजबूत और आकर्षक बुनाई के लिए अपनी पहचान बनाए हुए है।

पांच नवीन निर्यातक, ओडीओपी में पांच स्टॉल

यूपीआईटीएस के हॉल 14 में बागपत के चार नवीन निर्यातकों को पांच स्टॉल मिले हैं। इनमें वीवर्स प्वाइंट व शाहिद टेक्स इंडिया, बड़ागांव, वाया होम्स, खेकड़ा के दो और विनय एक्सपोर्ट, बागपत शामिल हैं। ओडीओपी श्रेणी के हॉल नौ में शमशाद टेक्सटाइल, बड़ागांव को दो स्टॉल तथा द राइजिंग सन के नितिन जैन, बंसल टेक्सटाइल्स के राजकुमार बंसल और त्रिसव टेक्सटाइल के रविस कुमार को एक-एक स्टॉल मिला है। एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमियों की श्रेणी में सिधांनम इंटरनेशनल, खेकड़ा के मनोज जैन को दो स्टॉल तथा नसरीन टेक्सटाइल्स की नसरीन, चारवेदा ऑर्गेनिक्स, प्रिंस हैंडलूम के राजकुमार जैन, बागपत ब्लूम प्रोड्यूसर कंपनी के कपिल आर्या और अंबेडकर महिला केंद्र के जगदीप कुमार को एक-एक स्टॉल मिला है। उपायुक्त उद्योग राजेंद्र सिंह का कहना है कि यूपीआईटीएस से जिले के उद्यमियों को वैश्विक पहचान मिलेगी। जिले के उद्यमियों में इस आयोजन को लेकर उत्साह बना हुआ है। इसके अतिरिक्त जिले के खेती उत्पाद भी यहां दिखाई देंगे। अम्ब्रोसिया नेचुरल्स शहद तो बागपत ब्लूम मिलेट्स के जरिए जिले की आयुर्वेदिक पहचान कराएगा। 

ओडीओसी पैवेलियन में घुलेगी घेवर और बालूशाही की मिठास

इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार योगी सरकार की एक जिला एक व्यंजन के तहत पहली बार ओडीओसी पैवेलियन का निर्माण किया गया है। इस पैवेलियन में भी जिले के व्यंजनों की सुगंध अपना अहसास कराएगी। अमीनगर सराय से विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाला घेवर और बागपत की बालूशाही यहां विदेशियों के मुंह में मिठास घोलेंगे। इस ट्रेड शो में सिंगापुर, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, जापान, रूस, थाईलैंड और ऑस्ट्रिया देशों की मौजूदगी रहेगी। 

 विश्व मंच पर बागपत : 

यूपीआईटीएस 25 से 29 सितंबर

स्थान- इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा

नवीन निर्यातक - पांच स्टॉल

ओडीओपी - पांच स्टॉल

जीआई उत्पाद- बागपत होम फर्निशिंग

* प्रमुख आकर्षण - खेकड़ा की हथकरघा बुनाई और अम्ब्रोसिया नेचुरल्स का शहद

भूजल स्रोतों की जांच में यूपी ने देश में पहला स्थान हासिल किया, पंजाब-आंध्र प्रदेश को भी पीछे छोड़ा
* योगी सरकार प्रदेशवासियों को भूजल की स्वच्छता सुनिश्चित कर उपलब्ध करा रही शुद्ध पेयजल
* भूजल स्रोतों की जांच में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय औसत से करीब 44 प्रतिशत आगे
* 45 हजार से ज्यादा स्रोतों की जांच पूरी, यूपी जल निगम ग्रामीण ने जांच में चार राज्यों को पीछे छोड़ा

लखनऊ। योगी सरकार प्रदेशवासियों के लिए जल संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार और हर घर तक स्वच्छ व सुरक्षित जल पहुंचाने में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में भूजल स्रोतों की गुणवत्ता और स्थिति की निगरानी को लेकर किए जा रहे परीक्षण कार्य में प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। जांच के अंतर्गत राज्य व जिले स्तर की प्रयोगशालाओं से प्रदेशभर में भूजल स्रोत, भूमिगत व ओवरहेड टंकी समेत पानी के अन्य स्रोतों की पड़ताल की गई है।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 48,055 भूजल स्रोतों के परीक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले 45,361 स्रोतों की जांच पूरी कर ली गई है। यह कुल लक्ष्य का 94.39 प्रतिशत है। 15 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर उत्तर प्रदेश, देश के राज्यों की सूची में पहले स्थान पर है।
यूपी जल निगम ग्रामीण प्रबंध निदेशक योगेश कुमार ने कहा कि भूजल स्रोतों का नियमित परीक्षण पेयजल की गुणवत्ता और जल स्रोतों की स्थिति की निगरानी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के स्तर पर भी जल स्रोतों की गुणवत्ता, सोर्स सस्टेनेबिलिटी और गहन निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश ने सबसे बेहतर परिणाम हासिल किए हैं और भविष्य में भी प्रदेश में सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।
* पंजाब और आंध्र प्रदेश को पीछे छोड़ शीर्ष पर यूपी
भूजल स्रोतों के परीक्षण की राज्यवार रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के बाद पंजाब दूसरे और आंध्र प्रदेश तीसरे स्थान पर है। पंजाब ने निर्धारित लक्ष्य का 83.46 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश ने भी 83.46 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। वहीं उत्तराखंड 82.30 प्रतिशत उपलब्धि के साथ चौथे और केरल 81.13 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है।
* राष्ट्रीय औसत से करीब 44 प्रतिशत अधिक उपलब्धि
यूपी जल निगम ग्रामीण अधीक्षण अभियंता एवं राज्य प्रयोगशाला प्रमुख ज्ञानेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि भूजल स्रोतों के परीक्षण में उत्तर प्रदेश की 94.39 प्रतिशत उपलब्धि राष्ट्रीय औसत 50.46 प्रतिशत से काफी अधिक है। यानि यूपी ने राष्ट्रीय औसत की तुलना में करीब 44 प्रतिशत अधिक उपलब्धि दर्ज की है।
* 48 हजार से अधिक स्रोतों का निर्धारित लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश में कुल 48,055 भूजल स्रोतों के परीक्षण का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 45,361 स्रोतों का परीक्षण पूरा हो चुका है। अब निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2,694 स्रोतों का परीक्षण शेष है। इस तरह प्रदेश ने पहली छमाही में ही निर्धारित लक्ष्य का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है।