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भूजल स्रोतों की जांच में यूपी ने देश में पहला स्थान हासिल किया, पंजाब-आंध्र प्रदेश को भी पीछे छोड़ा
* योगी सरकार प्रदेशवासियों को भूजल की स्वच्छता सुनिश्चित कर उपलब्ध करा रही शुद्ध पेयजल
* भूजल स्रोतों की जांच में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय औसत से करीब 44 प्रतिशत आगे
* 45 हजार से ज्यादा स्रोतों की जांच पूरी, यूपी जल निगम ग्रामीण ने जांच में चार राज्यों को पीछे छोड़ा

लखनऊ। योगी सरकार प्रदेशवासियों के लिए जल संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार और हर घर तक स्वच्छ व सुरक्षित जल पहुंचाने में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में भूजल स्रोतों की गुणवत्ता और स्थिति की निगरानी को लेकर किए जा रहे परीक्षण कार्य में प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। जांच के अंतर्गत राज्य व जिले स्तर की प्रयोगशालाओं से प्रदेशभर में भूजल स्रोत, भूमिगत व ओवरहेड टंकी समेत पानी के अन्य स्रोतों की पड़ताल की गई है।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 48,055 भूजल स्रोतों के परीक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले 45,361 स्रोतों की जांच पूरी कर ली गई है। यह कुल लक्ष्य का 94.39 प्रतिशत है। 15 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर उत्तर प्रदेश, देश के राज्यों की सूची में पहले स्थान पर है।
यूपी जल निगम ग्रामीण प्रबंध निदेशक योगेश कुमार ने कहा कि भूजल स्रोतों का नियमित परीक्षण पेयजल की गुणवत्ता और जल स्रोतों की स्थिति की निगरानी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के स्तर पर भी जल स्रोतों की गुणवत्ता, सोर्स सस्टेनेबिलिटी और गहन निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश ने सबसे बेहतर परिणाम हासिल किए हैं और भविष्य में भी प्रदेश में सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।
* पंजाब और आंध्र प्रदेश को पीछे छोड़ शीर्ष पर यूपी
भूजल स्रोतों के परीक्षण की राज्यवार रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के बाद पंजाब दूसरे और आंध्र प्रदेश तीसरे स्थान पर है। पंजाब ने निर्धारित लक्ष्य का 83.46 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश ने भी 83.46 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। वहीं उत्तराखंड 82.30 प्रतिशत उपलब्धि के साथ चौथे और केरल 81.13 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है।
* राष्ट्रीय औसत से करीब 44 प्रतिशत अधिक उपलब्धि
यूपी जल निगम ग्रामीण अधीक्षण अभियंता एवं राज्य प्रयोगशाला प्रमुख ज्ञानेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि भूजल स्रोतों के परीक्षण में उत्तर प्रदेश की 94.39 प्रतिशत उपलब्धि राष्ट्रीय औसत 50.46 प्रतिशत से काफी अधिक है। यानि यूपी ने राष्ट्रीय औसत की तुलना में करीब 44 प्रतिशत अधिक उपलब्धि दर्ज की है।
* 48 हजार से अधिक स्रोतों का निर्धारित लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश में कुल 48,055 भूजल स्रोतों के परीक्षण का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 45,361 स्रोतों का परीक्षण पूरा हो चुका है। अब निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2,694 स्रोतों का परीक्षण शेष है। इस तरह प्रदेश ने पहली छमाही में ही निर्धारित लक्ष्य का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है।
एनसीआर की हवा को शुद्ध बनाने के लिए यूपी में बड़ा प्लान
* मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी के साथ बैठक में शामिल हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री
* देश के 130 शहरों के स्वच्छता सर्वे में लखनऊ ने हासिल किया है पहला स्थान, अन्य शहरों का प्रदर्शन भी रहा अच्छा: भूपेंद्र यादव
* ईवी पॉलिसी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों, व्हीकल पॉल्यूशन पर हुई चर्चा, डस्ट पॉल्यूशन को लेकर बनी विस्तृत कार्ययोजना
* बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स और कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशिंग मैनेजमेंट रूल को लेकर की गई चर्चा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें उत्तर प्रदेश के एनसीआर से जुड़े नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर समेत आठ जिलों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपायों और कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि वाहन प्रदूषण के तहत पुराने वाहनों, नई ईवी नीति, इलेक्ट्रिक बसों, प्रदूषण प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और एग्रीगेटर वाहनों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा में करीब 80 प्रतिशत उद्योगों में ओसीईएमएस (ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली) और एयर पॉल्यूशन डिवाइस लगाए जाने की जानकारी दी गई। शेष उद्योगों में भी इन्हें लागू करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बैठक में धूल प्रदूषण पर मैकेनाइज्ड और डीप क्लीनिंग की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट तथा कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों और हितधारकों के साथ कंसल्टेशन कार्यक्रम चलाने पर भी सहमति बनी है। एनसीएपी के तहत देश के 130 शहरों के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने प्रथम स्थान हासिल किया है। आगरा समेत प्रदेश के अन्य शहरों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। केंद्रीय मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक हुई है। अब राजस्थान और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा। पराली प्रबंधन को लेकर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर भी समन्वय किया जा रहा है। एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। 63 छोटे शहरों के स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान को सफल बनाने में जनता के सहयोग और मीडिया की जागरूकता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागीय उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर यूपी में सेवा का महाअभियान, 354 शिविरों में 8,323 लोगों ने किया रक्तदान
* आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के तहत 75 जिलों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्जवलित
* लखनऊ में 21.23 लाख, गोरखपुर में 14.21 लाख, आगरा में 13.32 लाख और झांसी में 11.21 लाख दीये जले
* सभी 75 जिलों में सेवा दिवस पर रक्तदान, विश्वकर्मा श्रम सम्मान टूल किट और फल वितरण के कार्यक्रम
* प्रदेशभर में 73,959 मरीजों को वितरित किए गए फल, 12,271 लाभार्थियों को मिली टूल किट
* चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और एमएसएमई विभाग रहे विविध कार्यक्रमों के नोडल विभाग

लखनऊ, 18 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर उत्तर प्रदेश में सेवा दिवस के तहत प्रदेशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूल किट और अस्पतालों में मरीजों को फल वितरित किए गए। इस मौके पर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 5.90 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए।
प्रदेशभर में आयोजित 354 रक्तदान शिविरों में कुल 8,323 लोगों ने रक्तदान किया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 12,271 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त विभिन्न जिलों के अस्पतालों में भर्ती 73,959 मरीजों को फल बांटे गए। कार्यक्रमों के संचालन में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग नोडल विभाग रहे।

* 75 जिलों में 5.90 करोड़ दीप प्रज्जवलित
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के तहत 5 करोड़ 90 लाख दीये जलाए गए। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं। प्रमुख जिलों में बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। लखनऊ में 21,23,900, सीतापुर में 21,43,140, वाराणसी में 3,28,204, रामपुर में 10,94,354, मथुरा में 5,59,277, प्रयागराज में 6,75,916, बरेली में 7,69,770, झांसी में 11,21,410, गौतमबुद्ध नगर में 2,32,529, गोरखपुर में 14,21,112, कानपुर देहात में 11,28,038, अयोध्या में 8,95,630, अमेठी में 1,91,490, आगरा में 13,32,200 और आजमगढ़ में 15,70,120 दीये जलाए गए।

* अंबेडकरनगर में 61 लोगों ने रक्तदान किया
अमरोहा में रक्तदान शिविर में 20 व्यक्तियों ने रक्तदान किया। यहां विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 200 लाभार्थियों को टूल किट वितरित किया गया। साथ ही 210 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह अमेठी में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 55 लाभार्थियों को टूल किट और 320 मरीजों को फल वितरित किए गए। अंबेडकरनगर में 2 रक्तदान शिविरों में 61 लोगों ने रक्तदान किया। 725 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए।

* अयोध्या में 1853 मरीजों को फल वितरण
अयोध्या में 2 रक्तदान शिविरों में 71 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,853 मरीजों को फल वितरित किए गए। अलीगढ़ में 12 रक्तदान शिविरों में 360 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 1,349 मरीजों को फल वितरित किए गए। ऐसे ही आगरा में 4 रक्तदान शिविरों में 84 लोगों ने रक्तदान किया। 15 लाभार्थियों को टूल किट और 3,198 मरीजों को फल वितरित किए गए। आजमगढ़ में 2 रक्तदान शिविरों में 225 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 1,516 मरीजों को फल वितरित किए गए।

* उन्नाव में 400 लाभार्थियों को टूल किट
इटावा में 3 रक्तदान शिविरों में 45 लोगों ने रक्तदान किया। 6 लाभार्थियों को टूल किट और 1,548 मरीजों को फल वितरित किए गए। उन्नाव में 1 रक्तदान शिविर में 8 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,028 मरीजों को फल वितरित किए गए। एटा में 3 रक्तदान शिविरों में 38 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,603 मरीजों को फल वितरित किए गए। औरैया में 1 रक्तदान शिविर में 6 लोगों ने रक्तदान किया। 25 लाभार्थियों को टूल किट और 317 मरीजों को फल वितरित किए गए।
* कानपुर शहर में 2,286 मरीजों को फल वितरण
कन्नौज में 2 रक्तदान शिविरों में 42 लोगों ने रक्तदान किया। 12 लाभार्थियों को टूल किट और 632 मरीजों को फल वितरित किए गए। कानपुर देहात में 1 रक्तदान शिविर में 25 लोगों ने रक्तदान किया। 11 लाभार्थियों को टूल किट और 1,140 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह कानपुर शहर में 23 रक्तदान शिविरों में 452 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 2,286 मरीजों को फल वितरित किए गए। कासगंज में 1 रक्तदान शिविर में 12 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 120 मरीजों को फल वितरित किए गए।
* गाजियाबाद में 1572 लोगों ने रक्त दान किया
इसी क्रम में कुशीनगर में 3 रक्तदान शिविरों में 73 लोगों ने रक्तदान किया। 75 लाभार्थियों को टूल किट और 482 मरीजों को फल वितरित किए गए। कौशांबी में 3 रक्तदान शिविरों में 102 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 628 मरीजों को फल वितरित किए गए। लखीमपुर खीरी में 2 रक्तदान शिविरों में 67 लोगों ने रक्तदान किया। 105 लाभार्थियों को टूल किट और 1,455 मरीजों को फल वितरित किए गए। गाजियाबाद में 39 रक्तदान शिविरों में 1,572 लोगों ने रक्तदान किया। 450 लाभार्थियों को टूल किट और 2,215 मरीजों को फल वितरित किए गए।
* गोंडा में 2 हजार से ज्यादा मरीजों को फल वितरण
गाजीपुर में 1 रक्तदान शिविर में 30 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 450 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोंडा में 3 रक्तदान शिविरों में 72 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 2,163 मरीजों को फल वितरित किए गए। गोरखपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 86 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,186 मरीजों को फल वितरित किए गए। गौतमबुद्ध नगर में 21 रक्तदान शिविरों में 246 लोगों ने रक्तदान किया। 340 लाभार्थियों को टूल किट और 1,560 मरीजों को फल वितरित किए गए।
* जौनपुर में 13 रक्तदान शिविरों का आयोजन
चंदौली में 4 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 405 मरीजों को फल वितरित किए गए। चित्रकूट में 1 रक्तदान शिविर में 11 लोगों ने रक्तदान किया। 128 लाभार्थियों को टूल किट और 400 मरीजों को फल वितरित किए गए। जालौन में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 40 लाभार्थियों को टूल किट और 1,060 मरीजों को फल वितरित किए गए। जौनपुर में 13 रक्तदान शिविरों में 299 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 1,450 मरीजों को फल वितरित किए गए।
* देवरिया में भी रक्तदान शिविर का आयोजन
झांसी में 2 रक्तदान शिविरों में 57 लोगों ने रक्तदान किया। 20 लाभार्थियों को टूल किट और 840 मरीजों को फल वितरित किए गए। देवरिया में 2 रक्तदान शिविरों में 192 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,172 मरीजों को फल वितरित किए गए। इसी तरह पीलीभीत में 1 रक्तदान शिविर में 20 लोगों ने रक्तदान किया। 21 लाभार्थियों को टूल किट और 1,392 मरीजों को फल वितरित किए गए। प्रतापगढ़ में 1 रक्तदान शिविर में 16 लोगों ने रक्तदान किया। 41 लाभार्थियों को टूल किट और 795 मरीजों को फल वितरित किए गए। प्रयागराज में 3 रक्तदान शिविरों में 167 लोगों ने रक्तदान किया। 155 लाभार्थियों को टूल किट और 292 मरीजों को फल वितरित किए गए।
* फर्रुखाबाद में 100 लाभार्थियों को टूल किट वितरित
फतेहपुर में 5 रक्तदान शिविरों में 16 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 799 मरीजों को फल वितरित किए गए। फर्रुखाबाद में 2 रक्तदान शिविरों में 13 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 128 मरीजों को फल वितरित किए गए। फिरोजाबाद में 7 रक्तदान शिविरों में 80 लोगों ने रक्तदान किया। 525 लाभार्थियों को टूल किट और 2,706 मरीजों को फल वितरित किए गए। बदायूं में 3 रक्तदान शिविरों में 88 लोगों ने रक्तदान किया। 165 लाभार्थियों को टूल किट और 250 मरीजों को फल वितरित किए गए। बरेली में 1 रक्तदान शिविर में 66 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,386 मरीजों को फल वितरित किए गए।
* बस्ती में 200 लाभार्थियों को टूल किट
बलरामपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 53 लोगों ने रक्तदान किया। 41 लाभार्थियों को टूल किट और 1,084 मरीजों को फल वितरित किए गए। बलिया में 1 रक्तदान शिविर में 26 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 1,080 मरीजों को फल वितरित किए गए। बस्ती में 3 रक्तदान शिविरों में 55 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 3,681 मरीजों को फल वितरित किए गए। बहराइच में 1 रक्तदान शिविर में 85 लोगों ने रक्तदान किया। 37 लाभार्थियों को टूल किट और 4,740 मरीजों को फल वितरित किए गए। बांदा में 3 रक्तदान शिविरों में 22 लोगों ने रक्तदान किया। 77 लाभार्थियों को टूल किट और 473 मरीजों को फल वितरित किए गए।

* बिजनौर में 359 लोगों ने किया रक्तदान
बागपत में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 358 लाभार्थियों को टूल किट और 102 मरीजों को फल वितरित किए गए। बाराबंकी में 2 रक्तदान शिविरों में 145 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 435 मरीजों को फल वितरित किए गए। बिजनौर में 12 रक्तदान शिविरों में 359 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 365 मरीजों को फल वितरित किए गए। बुलंदशहर में 8 रक्तदान शिविरों में 78 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 852 मरीजों को फल वितरित किए गए। भदोही में 7 रक्तदान शिविरों में 38 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 543 मरीजों को फल वितरित किए गए।

* मथुरा में 290 लोगों ने रक्तदान किया
इसी तरह मऊ में 8 रक्तदान शिविरों में 76 लोगों ने रक्तदान किया। 17 लाभार्थियों को टूल किट और 406 मरीजों को फल वितरित किए गए। मथुरा में 7 रक्तदान शिविरों में 290 लोगों ने रक्तदान किया। 200 लाभार्थियों को टूल किट और 278 मरीजों को फल वितरित किए गए। महराजगंज में 2 रक्तदान शिविरों में 68 लोगों ने रक्तदान किया। 50 लाभार्थियों को टूल किट और 350 मरीजों को फल वितरित किए गए। महोबा में 3 रक्तदान शिविरों में 27 लोगों ने रक्तदान किया। 142 लाभार्थियों को टूल किट और 567 मरीजों को फल वितरित किए गए। मीरजापुर में 1 रक्तदान शिविर में 76 लोगों ने रक्तदान किया। 52 लाभार्थियों को टूल किट और 3,273 मरीजों को फल वितरित किए गए।

* मुरादाबाद में 1000 मरीजों को फल वितरित किए गए
मुजफ्फरनगर में 11 रक्तदान शिविरों में 152 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 325 मरीजों को फल वितरित किए गए। मुरादाबाद में 3 रक्तदान शिविरों में 63 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,000 मरीजों को फल वितरित किए गए। मेरठ में 3 रक्तदान शिविरों में 251 लोगों ने रक्तदान किया। 575 लाभार्थियों को टूल किट और 251 मरीजों को फल वितरित किए गए। मैनपुरी में 2 रक्तदान शिविरों में 27 लोगों ने रक्तदान किया। 550 लाभार्थियों को टूल किट और 554 मरीजों को फल वितरित किए गए। रामपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 24 लोगों ने रक्तदान किया। 35 लाभार्थियों को टूल किट और 248 मरीजों को फल वितरित किए गए।

* वाराणसी में 510 लोगों ने किया रक्तदान
रायबरेली में 2 रक्तदान शिविरों में 15 लोगों ने रक्तदान किया। 150 लाभार्थियों को टूल किट और 892 मरीजों को फल वितरित किए गए। लखनऊ में 20 रक्तदान शिविरों में 263 लोगों ने रक्तदान किया। जबकि 507 मरीजों को फल वितरित किए गए। ललितपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 18 लोगों ने रक्तदान किया। 5 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए। वाराणसी में 20 रक्तदान शिविरों में 510 लोगों ने रक्तदान किया। 542 मरीजों को फल वितरित किए गए। शामली में 2 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 450 लाभार्थियों को टूल किट और 553 मरीजों को फल वितरित किए गए। शाहजहांपुर में 3 रक्तदान शिविरों में 30 लोगों ने रक्तदान किया। 525 लाभार्थियों को टूल किट और 30 मरीजों को फल वितरित किए गए।

* संतकबीरनगर में 725 लाभार्थियों को टूल किट
श्रावस्ती में 2 रक्तदान शिविरों में 25 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 200 मरीजों को फल वितरित किए गए। संतकबीरनगर में 2 रक्तदान शिविरों में 35 लोगों ने रक्तदान किया। 725 लाभार्थियों को टूल किट और 86 मरीजों को फल वितरित किए गए। संभल में 5 रक्तदान शिविरों में 72 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 1,003 मरीजों को फल वितरित किए गए। सहारनपुर में 1 रक्तदान शिविर में 20 लोगों ने रक्तदान किया। 11 लाभार्थियों को टूल किट और 50 मरीजों को फल वितरित किए गए। सिद्धार्थनगर में 3 रक्तदान शिविरों में 105 लोगों ने रक्तदान किया। 101 लाभार्थियों को टूल किट और 1,270 मरीजों को फल वितरित किए गए।

* हमीरपुर में 400 लाभार्थियों को टूल किट
सीतापुर में 3 रक्तदान शिविरों में 138 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 831 मरीजों को फल वितरित किए गए। सुल्तानपुर में 5 रक्तदान शिविरों में 91 लोगों ने रक्तदान किया। 250 लाभार्थियों को टूल किट और 2,593 मरीजों को फल वितरित किए गए। सोनभद्र में 4 रक्तदान शिविरों में 86 लोगों ने रक्तदान किया। 115 लाभार्थियों को टूल किट और 1,263 मरीजों को फल वितरित किए गए। हमीरपुर में 2 रक्तदान शिविरों में 21 लोगों ने रक्तदान किया। 400 लाभार्थियों को टूल किट और 1,390 मरीजों को फल वितरित किए गए। हरदोई में 2 रक्तदान शिविरों में 15 लोगों ने रक्तदान किया। 130 लाभार्थियों को टूल किट और 960 मरीजों को फल वितरित किए गए। हाथरस में 4 रक्तदान शिविरों में 64 लोगों ने रक्तदान किया। 100 लाभार्थियों को टूल किट और 201 मरीजों को फल वितरित किए गए। हापुड़ में 4 रक्तदान शिविरों में 31 लोगों ने रक्तदान किया। 110 लाभार्थियों को टूल किट और 247 मरीजों को फल वितरित किए गए।
योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी- 2025 में 74 अभ्यर्थी सफल
- तीन विभागीय कोचिंग केंद्रों के अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में लहराया पर परचम
- भागीदारी भवन के 35, अलीगंज के 18 और हापुड़ के 21 अभ्यर्थी हुए सफल
- 6 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले पात्र छात्रों को आवासीय कोचिंग के साथ कई सुविधाएं
- मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी के लिए भी समाज कल्याण विभाग कराएगा मॉक इंटरव्यू
- मंत्री असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं

लखनऊ। आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतिभाशाली युवाओं की राह में बाधा न बने, इसके लिए योगी सरकार की ओर से संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों और भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। मुख्य परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण साक्षात्कार में शामिल होंगे।

- मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी की जाती है संचालित
प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की ओर से 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को यहां आवासीय कोचिंग के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, नोट्स, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी संचालित की जाती है, ताकि वे साक्षात्कार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

- मंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभागीय केंद्रों से 74 अभ्यर्थियों की सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

- राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन स्थित कोचिंग के 35, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र के 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के 21 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। तीनों केंद्रों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सफलता को विभागीय निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था के प्रभावी परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।
योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी- 2025 में 74 अभ्यर्थी सफल
- तीन विभागीय कोचिंग केंद्रों के अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में लहराया पर परचम
- भागीदारी भवन के 35, अलीगंज के 18 और हापुड़ के 21 अभ्यर्थी हुए सफल
- 6 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले पात्र छात्रों को आवासीय कोचिंग के साथ कई सुविधाएं
- मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी के लिए भी समाज कल्याण विभाग कराएगा मॉक इंटरव्यू
- मंत्री असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं

लखनऊ। आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतिभाशाली युवाओं की राह में बाधा न बने, इसके लिए योगी सरकार की ओर से संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों और भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। मुख्य परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण साक्षात्कार में शामिल होंगे।

- मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी की जाती है संचालित
प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की ओर से 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को यहां आवासीय कोचिंग के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, नोट्स, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी संचालित की जाती है, ताकि वे साक्षात्कार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

- मंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभागीय केंद्रों से 74 अभ्यर्थियों की सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

- राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन स्थित कोचिंग के 35, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र के 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के 21 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। तीनों केंद्रों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सफलता को विभागीय निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था के प्रभावी परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।
योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

* दिव्यांगजनों को घर के नजदीक मिलेंगी सुविधाएं, 10 अक्टूबर तक शिविर पूरा करने का लक्ष्य
* सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को मिलेंगे कृत्रिम अंग और आवश्यक उपकरण
* एक ही स्थान पर पंजीकरण, पात्रता सत्यापन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की मिलेगी जानकारी
* जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को विभागों के बीच समन्वय के निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दिव्यांग कल्याण शिविर लगाए जाएंगे, जिन्हें 10 अक्टूबर 2026 तक पूरा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिव्यांगजनों तक उनके निकटतम क्षेत्र में पहुंचाना है, ताकि उन्हें आवश्यक सुविधाओं के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। शिविरों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन और लाभ उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी।
* एक ही स्थान पर मिलेंगी कई योजनाओं की सुविधाएं
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इन शिविरों में पात्र दिव्यांगजनों का चिन्हांकन और पंजीकरण किया जाएगा। सहायक उपकरणों के लिए आवेदन लेने के साथ आवश्यक अभिलेखों एवं पात्रता का सत्यापन भी होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों की दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी भी एक ही स्थान पर दी जाएगी। जरूरत के अनुसार लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ आवेदन प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।
* अधिकारियों को समन्वय के निर्देश
शासनादेश के अनुसार शिविरों के प्रभावी आयोजन के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक शिविरों की सूचना पहुंचाने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
योगी सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने में सहायक होगी। लाभार्थियों को उनके नजदीकी क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी। यह अभियान ‘सरकार की योजनाओं का लाभ लाभार्थी के द्वार तक’ पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाने के साथ दिव्यांगजनों के सम्मानजनक और सुगम जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदेश में प्रदेशव्यापी सेवा संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जायेगा
- सेवा संकल्प महोत्सव-2026 के अन्तर्गत प्रदेश की 403 विधान सभाओं में सांस्कृतिक कार्यकम आयोजित किये जायेंगे
- इस अभियान का उद्देश्य केन्द्र एवं राज्य सरकार के विकास कार्याें से जन-जीवन में आये सकरात्मक बदलाव को जन-जन तक पहुँचाना है : जयवीर सिंह

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपक्ष्य में प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक प्रभावी आयोजन किया जायेगा। इस प्रदेशव्यापी सेवा संकल्प अभियान का मूल भाव केन्द्र सरकार  के गत 12 वर्षों एवं राज्य सरकार के 9.5 वर्षों के विकास कार्यों से जन-जीवन में आये सकरात्मक बदलाव को जन-जन तक पहुँचाना तथा प्रत्येक नगरीक को विकसित भारत-2047 के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश  जारी किये गये है।
सेवा संकल्प अभियान के क्रम में नमो सेवा-अनकही कहानिया के माध्यम से प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं एवं देश-प्रदेश में हुए सकरात्मक बदलाव की कहानी को सरल भावनात्मक एवं संगीतपूर्ण नाटक के माध्यम से गाँव-गाँव एवं शहर-शहर तक पहुचानें के लिए सम्पूर्ण प्रदेश में सेवा संकल्प महोत्सव-2026 आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में विकसित भारत-2047 के विजन के अन्तर्गत युवा, महिला, किसान और वंचित वर्ग को आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण के सामुहिक संकल्प से जोड़ते हुए 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश की 403 विधान सभाओं में नुक्कड़ नाटक एवं नाट्य मंचन का आयोजन किया जायेगा।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रत्येक विधान सभा में कम से कम 30 स्थानों पर नुक्कड़ नाटक कराये जाने का प्रस्ताव है। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा उपलब्ध कराये गये दलों में से एक दल द्वारा प्रत्येक विधान सभा में अधिकतम 10 नुक्कड़ नाटक एवं 01 नाट्य पंचन किया जायेगा। प्रत्येक विधान सभा में अन्य 19 नुक्कड़ नाटकों हेतु टोलियों का चयन स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा विद्यालयों/विश्वविद्यालयों, गैर सरकारी संघटनों, संास्कृतिक संगठनों आदि को आंमत्रित कर निर्धारित स्क्रिप्ट के अनुसार किया जायेगा। 
पर्यटन मंत्री ने बताया कि सेवा संकल्प महोत्सव के अन्तर्गत प्रधानमंत्री की 25 वर्षों की सेवा काल को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में विभिन्न स्थलों पर रंगोली का आयोजन किया जायेगा। जिसमें 10 विशिष्ट स्थलों, 98 जनपद स्तरीय स्थलों एवं 826 ब्लॉक स्तरीय स्थलों पर थीम पर आधारित रंगोली बनायी जायेगी। रंगोली बनाने हेतु स्थान का चयन स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा किया जायेगा। 826 ब्लॉक स्तरीय रंगोली एवं 98 जिला स्तरीय रंगोली का कार्य जनपद स्तर पर जिला पंचायत राज्य अधिकारी, उपायुक्त, ग्रामीण आजीविका मिशन, परियोजना निदेशक, जिला विद्यालय निर्क्षक तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से पर्यवेक्षण कराया जायेगा।
इस आयोजन पर होने वाली व्यय धनराशि रूपये 1,80,60,000/- संबंधित जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद को उपलब्ध कराई जायेगी। नुक्कड़ नाटाकों एवं नाट्य पंचन के आयोजन हेतु जिलाधिकारी द्वारा जिला एवं विधानसभावार नोडल अधिकारी नामित कर कार्यक्रम सम्पन्न कराएं जायेंगे। जनपद स्तर पर निर्धारित की गयी 19 नुक्कड़ नाटक की टोलियों के जल-पान एवं अन्य व्यय हेतु रूपये 2,29,71,000/- व्यय की जायेगी। इन समस्त कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन हेतु अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य द्वारा समस्त जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये है।
सपा नेत्री काजल निषाद समेत पांच दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
*विनोद साहनी का शव रखकर किया था प्रदर्शन व सड़क जाम

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव में विनोद साहनी हत्याकांड के विरोध में हुए प्रदर्शन को लेकर सपा नेत्री काजल निषाद व राजा निषाद समेत लगभग पांच दर्जन अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।मामले में पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने शव को मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगाया और सरकारी काम में व्यवधान उत्पन्न किया।उपनिरीक्षक आकाश दीप की तहरीर पर 12 सितंबर की रात 9.25 बजे मुकदमा दर्ज किया गया।पुलिस के मुताबिक विनोद साहनी की 10 सितंबर को लखनऊ स्थित किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में इलाज के दौरान मौत हो गई थी और पोस्टमार्टम के बाद शव उसी रात विनोद साहनी के गांव रेक्सड़िया पहुँच गया था।11 सितंबर को अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान काजल निषाद, राजा निषाद और उनके साथ आए 50 - 60 लोगों के रेक्सड़िया पहुंचने का आरोप है।पुलिस का कहना है कि इसके बाद शव को उठाकर चचरी भौरीगंज मुख्य मार्ग पर दोपहर लगभग 12 बजे रख दिया गया और प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।एफ आई आर के मुताबिक सड़क पर शव रखे जाने से दोनों तरफ का यातायात प्रभावित हुआ।पुलिस ने आरोप लगाया है कि एंबुलेंस समेत अन्य वाहन भी फंसे रहे और आम लोगों को परेशानी हुई।पुलिस के अनुसार प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए समझाने का भी प्रयास किया गया,परन्तु प्रदर्शनकारी नहीं माने।तहरीर में परसपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण गोपाल राय से कथित तौर पर अभद्रता व धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।पुलिस के मुताबिक, राजा निषाद ने प्रभारी निरीक्षक से आपत्तिजनक टिप्पणी किया।इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात भी पुलिस ने कही है।पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उपजिलाधिकारी से भी तीखी बहस हुई थी।तहरीर में उपजिलाधिकारी को लेकर की गई कथित टिप्पणी का जिक्र किया गया है।पुलिस के अनुसार, इससे जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए थे।प्रदर्शन के वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।उपन आकाशदीप की तहरीर पर काजल निषाद, राजा निषाद समेत 50 - 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा,सड़क जाम करने और यातायात प्रभावित करने से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दिया है।परसपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण गोपाल राय ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।उन्होंने यह भी कहा कि एफ आई आर की प्रति नियमानुसार वादी को दिया जाता है और मामले में पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर भंडारे का भव्य आयोजन
दीदारगंज आजमगढ़: दीदारगंज विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम

मोहम्मद खालिद खान की रिपोर्ट

पल्थी रोड, हुब्बीगंज के बगल में पैंदापुर स्थित स्थान पर विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत क्षेत्र राजापुर वार्ड नम्बर 33 से वेद प्रकाश उर्फ गोरख यादव, श्री शोभनाथ यादव व  हिमांशु यादव, डिम्पल उर्फ विवेक,राजापुर के नेतृत्व में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ हुआ।
इस अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
भंडारे में उपस्थित श्री कमलाकांत विधायक पूर्व विधायक आदिल सेख, मृगांक उर्फ टाइगर यादव ,राजकुमार गौतम, कासिफ अब्बास सलीम खान फरमान हैदर भावी प्रत्याशी पल्थी से रफीउद्दीन उर्फ लाडले , विधान सभा प्रभारी राष्ट्रीय महा सचिव दीदारगंज शैलेन्द्र सिंह गुडडू सुभाष्पा विधान सभा अध्यक्ष रमेश राजभर शैलेश प्रधान बीबीगंज शेखवलिया मटियार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों ने पहुंचकर क्षेत्र के लोगों प्रसाद व और भोजन ग्रहण किया।

आयोजन में लोगों ने आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया और दीदारगंज थाना प्रभारी जय प्रकाश के देख रेख और बड़ी पुलिस बल मौजूद रही
वेद प्रकाश उर्फ गोरख यादव और बड़े भाई सत्य प्रकाश यादव ओम प्रकाश जय प्रकाश ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं।
पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, सेवा और उत्साह का सुंदर वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
नरेंद्र मोदी के जन्मदिन व विश्वकर्मा जयंती पर वेदांता में गूंजे भगवान के जयकारे


उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ाने वाले, राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित एवं देश को प्रगति की नई दिशा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा जयंती का पावन अवसर एक साथ बड़े ही धूमधाम से भाजपा नेता रित्विक जायसवाल की अगुवाई में वेदांता के प्रांगण में मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत हवन-पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। रित्विक जायसवाल ने भगवान विश्वकर्मा का नमन कर देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की और पीएम मोदी के दीर्घायु व स्वस्थ जीवन के लिए विशेष आहुतियां दीं।

हवन-पूजन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र के समक्ष रित्विक जायसवाल और कार्यकर्ताओं ने केक काटा। इस खुशी के अवसर पर सभी का मुंह कमल पेड़ा खिलाकर मीठा कराया गया और पीएम मोदी के नेतृत्व में देश के निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया। संध्या काल में कार्यक्रम को और भी भव्य रूप देते हुए रित्विक जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम समर्पित 21 आशीर्वाद दीप प्रज्वलित किए।

इस अवसर पर रित्विक जायसवाल ने कहा, आज का दिन बेहद शुभ है जब सृजन के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती और आधुनिक भारत के शिल्पकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन एक साथ पड़ा है। हम भगवान विश्वकर्मा से यही प्रार्थना करते हैं कि पीएम मोदी को दीर्घायु प्रदान करें ताकि वे इसी तरह राष्ट्र सेवा में समर्पित रहकर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाते रहें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।